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ग्वालियर से RSS का मिशन समरसता, 150 दलित छात्रों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

ग्वालियर  अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रकल्प विचार प्रवाह एक बड़ी पहल करने जा रहा है। ग्वालियर अंचल में लंबे समय से सामाजिक समरसता और शैक्षणिक जागरूकता को लेकर कार्य कर रहा यह संगठन अब 19 जुलाई से 24 घंटे का आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा। यह शिविर शहर के श्याम वाटिका परिसर में होगा जिसमें अजा वर्ग के 150 छात्रों को शामिल किया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर में देशभर के विषय विशेषज्ञ छात्रों को तथ्यात्मक इतिहास, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्राप्त करने की प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी के गुर सिखाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को समाज में व्याप्त भ्रामक विमर्शों से अवगत कराना और उन्हें सनातन मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। शिविर के संयोजक मनीष राजौरिया और संघ की सामाजिक समरसता गतिविधियों के संयोजक सुधीर शर्मा ने बताया कि कुल आठ सत्रों में शिक्षण, सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों पर विशेषज्ञ बातचीत करेंगे। इसमें प्रोफेसर, डॉक्टर्स, वकील और इंजीनियर जैसे बुद्धिजीवी भाग लेंगे। विचार प्रवाह पिछले तीन वर्षों से ग्वालियर जिले में सक्रिय है और 500 से अधिक अनुसूचित जाति वर्ग के बुद्धिजीवियों को जोड़ चुका है। संगठन तीन मुख्य कार्यों पर केंद्रित है – सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, अनुसूचित वर्ग से जुड़ी घटनाओं का विश्लेषण करना और उनकी प्रगति के लिए शोध कार्यों को आगे बढ़ाना। ग्वालियर अंचल में जातिगत संगठनों की गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण समाज में राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित विभाजनकारी विमर्श फैलाए जा रहे हैं। ऐसे में विचार प्रवाह का यह प्रयास अजा वर्ग को सनातन विरोधी विचारधाराओं से सचेत करने और सामाजिक एकता को पुनः स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि ग्वालियर में यह प्रयोग सफल रहता है तो संघ इसे गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भी आयोजित करेगा। आगे चलकर यह नवाचार राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।

रिवाज़ या विवाद? हिमाचल में दो सगे भाइयों ने रचाई एक ही लड़की से शादी, लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

सिरमौर  हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव में हाल ही में एक अनोखी शादी ने सबका ध्यान खींचा, जहां एक दुल्हन ने दो भाइयों से विवाह रचाया। शिलाई गांव के प्रदीप नेगी और कपिल नेगी ने नजदीकी कुनहाट गांव की सुनीता चौहान से एक साथ विवाह किया। यह विवाह समारोह पूरी सहमति और सामुदायिक भागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन हाटी समुदाय की बहुपति (पॉलीएंड्री) परंपरा पर आधारित था, जिसमें एक ही पत्नी को दो या अधिक भाई साझा रूप से अपनाते हैं। परिवार और परंपरा का मेल  रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप नेगी जल शक्ति विभाग में कार्यरत हैं और उनके छोटे भाई कपिल विदेश में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कार्यरत हैं। हालांकि दोनों की दिनचर्या और देश अलग हैं। फिर भी दोनों भाइयों ने मिलकर इस परंपरा को निभाने का निर्णय लिया। प्रदीप ने कहा कि यह हमारा संयुक्त निर्णय था। यह विश्वास, देखभाल और साझी जिम्मेदारी का रिश्ता है। हमने इस परंपरा को खुले तौर पर अपनाया क्योंकि हमें अपनी जड़ों पर गर्व है। वहीं कपिल ने कहा कि मैं भले ही विदेश में हूं, लेकिन इस विवाह के माध्यम से हम अपनी पत्नी को स्थिरता, समर्थन और प्रेम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दुल्हन ने क्या कहा दुल्हन सुनीता का कहना है कि यह मेरा स्वयं का निर्णय था। मुझ पर कोई दबाव नहीं था। मैं इस परंपरा को जानती हूं और इसे अपनी इच्छा से अपनाया है। बता दें कि इस अनूठी शादी में सैकड़ों गांववाले और रिश्तेदार शामिल हुए। तीन दिन तक चले समारोह में पारंपरिक ट्रांस-गिरी व्यंजन परोसे गए और पहाड़ी लोकगीतों पर नृत्य करते ग्रामीणों ने शादी को उत्सव का रूप दे दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हमारे गांव में ही तीन दर्जन से अधिक परिवारों में दो या तीन भाइयों की एक पत्नी होती है। लेकिन ऐसी शादियां आमतौर पर चुपचाप होती हैं। यह शादी ईमानदारी और गरिमा के साथ सार्वजनिक रूप से मनाई गई, जो इसे खास बनाती है। व्यावहारिक कारणों से जन्मी परंपरा ट्रांस-गिरी क्षेत्र में पॉलीएंड्री की परंपरा के पीछे कई व्यावहारिक कारण रहे हैं। जैसे पुश्तैनी जमीन का विभाजन रोकना, महिलाओं को विधवा होने से बचाना और परिवार में एकता बनाए रखना। खासकर तब जब भाइयों को काम के लिए दूर जाना पड़ता था। अब जबकि हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा मिल चुका है।

मौसम विभाग का अलर्ट: MP के 14 जिलों में अगले 24 घंटे में मूसलधार बारिश की आशंका

भोपाल   मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।  आज इन जिलों बाढ़ का खतरा शनिवार को सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन ग्वालियर समेत 16 जिलों में बाढ़ का खतरा है। शिवपुरी में आज भी स्कूलों की छुट्टी रहेगी। जिन जिलों में बाढ़ का खतरा है, उनमें ग्वालियर, छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना, टीकमगढ़, अशोकनगर, दतिया, गुना, मुरैना, राजगढ़, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा जिले शामिल हैं। यहां शुक्रवार को भारी बारिश का दौर चला। 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश प्रदेश में शुक्रवार को तेज बारिश का दौर जारी रहा। 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश हो गई। वहीं, गुना-ग्वालियर में सवा इंच पानी गिरा। रतलाम में 1.2 इंच, छतरपुर के नौगांव में 1 इंच और दतिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, मऊगंज, रीवा, सतना, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर समेत कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी में बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी शिवपुरी में बारिश के चलते आज नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। छतरपुर में रनगुवां डैम के 12, कुटनी के 7 और लहचूरा डैम के 13 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा अटल सागर बांध के 2 गेट खोले गए। टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर रहा। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बहा। इस वजह से झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया। छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी रही। सिस्टम के कमजोर होने की संभावना मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, एक डिप्रेशन भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में अति भारी और भारी बारिश का दौर रहा। शनिवार को कई जिलों में भारी बारिश होगी, लेकिन इसके बाद सिस्टम के कमजोर होने की संभावना है। बता दें कि इस सीजन में प्रदेश में औसत 20.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 11.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। अबकी बार पूर्वी हिस्से में मानसून मेहरबान रहा है। 

‘अभी बहुत कुछ बाकी है’ — 63 की उम्र में भी चुनावी राजनीति में सक्रिय रहने का संकेत- उमा भारती

 भोपाल  मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेत्री उमा भारती ने शुक्रवार को वह अभी 63 वर्ष ही हुई हैं, इसलिए आगे चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा से मुझे कोई अलग नहीं कर सकता। मेरे भाजपा से अलग होने की बातें बेबुनियाद हैं। राजनीति की मुख्य धारा में लंबे समय से अनुपस्थित दिख रहीं उमा भारती ने यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत द्वारा 75 वर्ष की उम्र में रिटायर हो जाने संबंधित बयान पर पत्रकारों द्वारा मांगी गई प्रतिक्रिया में कही। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह संघ प्रमुख के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती, लेकिन मेरा मानना है कि शिक्षक, अधिवक्ता, चिकित्सक, कलाकार, कवि, पत्रकार कभी रिटायर नहीं होते। उसी तरह नेता भी कभी रिटायर नहीं हो सकते, उन्हें तब तक जन सेवा करनी होती है जब तक इसकी आवश्यकता होती है। अभी 15-20 साल तक और राजनीति करना है उमा भारती भोपाल में अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अटल जी, आडवाणी जी के आंदोलन में मेरा नाम चला, इसलिए लोग मुझे 75 का समझते हैं पर ऐसा नहीं है, मैं उनसे बहुत छोटी हूं। अभी मुझे 15-20 साल तक और राजनीति करना है, हो सकता है आगे चुनाव भी लड़ूं। उमा ने यह भी कहा कि यह दुष्प्रचार किया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुझसे खफा रहते हैं। अमित शाह और मेरी बात हो गई है, कोई भी अब भ्रम न फैलाए। मैं और मेरे परिवार को सभी सरकारों ने प्रताड़ित किया उमा भारती ने कहा कि मैं किसी भी नेता का नाम नहीं लूंगी, लेकिन मुझे और मेरे परिवार को मध्य प्रदेश की सभी सरकारों में 1990 से 1992 और 2005 से 2013 तक प्रताड़ित किया गया। मेरे भाइयों पर लूट, डकैती के केस बने, जो डकैती हुई ही नहीं, उसका भी मुकदमा किया गया। दिग्विजय सिंह के समय में हत्या तक का केस दर्ज हुआ। आज तक मुझे यह पता नहीं चला कि व्यापम में मेरा नाम क्यों आया। कम से कम सीबीआइ यह जांच तो कर ले। ह्रदय में पीड़ा रहती ही है, मुझे कष्ट देने वालों को मैंने अपने सामने रोते देखा है। गंगा, गोमाता और शराबबंदी पर संघर्ष जारी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते हुए उमा भारती ने कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। निवेश और रोजगार ला रहे हैं। भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा है। राजनीति में शुचिता आ गई है, अब ब्यूरोक्रेसी में लानी जरूरी है। केंद्र सरकार गंगा शुद्धिकरण के लिए काम कर रही है। मप्र सरकार भी गो-संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है लेकिन इन दोनों क्षेत्रों में सुधार आवश्यक है। प्रदेश में सही तरीके से शराब बंदी लागू की जानी चाहिए। गंगा, गोमाता और शराबबंदी के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा।

टीम वर्क का कमाल! इन 11 खिलाड़ियों ने इटली को दिलाई T20 वर्ल्ड कप जगह

नई दिल्ली इटली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले साल होने वाले मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की कर ली थी. इटली की टीम ने पहली पार किसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया, ऐसे में ये उसके लिए ऐतिहासिक पल रहा. इटली ने टी20 वर्ल्ड कप यूरोप क्वालिफायर 2025 में दूसरा स्थान हासिल करके ये उपलब्धि हासिल की. अब इतालवी खिलाड़ी भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना जलवा बिखेरेंगे. इटली में फुटबॉल काफी लोकप्रिय है, हालांकि पिछले दो FIFA वर्ल्ड कप के लिए इटली की फुटबॉल टीम क्वालिफाई नहीं कर पाई. वहीं 2026 के वर्ल्ड कप में भी इटली की फुटबॉल टीम का भाग लेना तय नहीं है. फुटबॉल टीम क्वालिफाई करे या ना करे. लेकिन क्रिकेट टीम ने जरूर टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया है. इटली की टीम में किस देश के कितने प्लेयर? इटली को टी20 वर्ल्ड कप टिकट दिलाने में बाहरी खिलाड़ियों का अहम रोल रहा है. नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में जिन 11 खिलाड़ियों ने भाग लिया, उसमें से 5 का ताल्लुक ऑस्ट्रेलिया से था. वहीं दो खिलाड़ी एशियाई मूल थे. जबकि दो खिलाड़ियों का संबंध ब्रिटेन से भी है. जबकि 2 प्लेयर इतालवी मूल के थे. 1. थॉमस ड्रेका: सिडनी में जन्मे थॉमस ड्रेका ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के मेगा ऑक्शन के लिए अपना नाम रजिस्टर कराया था, जिसके चलते वो सुर्खियों में आए थे. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज डेनिस लिली इस खिलाड़ी के 'अंकल' माने जाते हैं. ड्रेका की मां इतालवी मूल की हैं और उनका ताल्लुक नेपल्स के पास के एक गांव से है. इसी कारण ड्रेका को इटली के लिए खेलने का मौका मिला. 2. जो बर्न्स: इस खिलाड़ी के नाम से तो फैन्स अच्छी तरह वाकिफ होंगे. बर्न्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 23 टेस्ट और 6 वनडे मुकाबले खेले. साल 2024 में अपने बड़े भाई डोमिनिक के निधन के बाद उन्होंने इटली के लिए खेलने का निर्णय लिया. बर्न्स के नाना-नानी कैलाब्रिया से थे, जिसके चलते उन्हें इटली के लिए खेल पाने में आसानी हुई. 3. हैरी जॉन मैनेंटी: बिग बैश लीग (BBL) में हैरी मैनेंटी एडिलेड स्ट्राइकर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं. हैरी इटली के ऐसे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने किसी टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 5 विकेट झटके. ऑस्ट्रेलिया में जन्मे हैरी की क्रिकेट जर्नी ग्रासरूट लेवल से शुरू हुई थी. ऑलराउंड प्रदर्शन के चलते हैरी टी20 वर्ल्ड कप यूरोप क्वालिफायर में 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे. 4. बेन मैनेंटी: हैरी मैनेंटी के बड़े भाई बेन भी इटली के लिए खेलते हैं. ऑफ स्पिन गेंदबाज बेन ऑस्ट्रेलिया में सिडनी सिक्सर्स और तस्मानिया के लिए खेल चुके हैं. हैरी और बेन की दादी इतालवी मूल की थी. इसी चलते दोनों भाइयों को इटली के लिए खेलने का अवसर मिल गया. 5. ग्रांट स्टीवर्ट: ऑस्ट्रेलिया में जन्मे ग्रांट स्टीवर्ट की मां इटालियन हैं, जिसके कारण वो इटली की टीम में शामिल हुए. स्टीवर्ट ने साल 2017 में केंट के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया. स्टीवर्ट फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 2000 से ज्यादा रन बना चुके हैं, साथ ही उन्होंने 100 से ज्यादा विकेट भी चटकाए हैं. 6. एमिलियो गे: 25 साल के एमिलियो का जन्म इंग्लैंड के ब्रेडफोर्ड में हुआ था. बाएं हाथ के बल्लेबाज एमिलियो की मां इतालवी हैं, जिसके चलते उन्हें इटली के लिए खेलने में आसानी हुई है. एमिलियो ने हाल ही में इंग्लैंड लॉयन्स की ओर से भारत-ए के खिलाफ दो फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले थे. उसके कुछ दिनों बाद ही उनकी इतालवी टीम में एंट्री हुई. 7. मार्कस कैंपोपियानो: विकेटकीपर बल्लेबाज मार्कस कैंपोपियानो का जन्म टावर हैमलेट्स (इंग्लैंड) में हुआ था. 30 साल के मार्कस ने इटली के लिए 22 टी20 इंटरनेशनल और 19 लिस्ट-ए मुकाबलों में भाग लिया है. 8. जस्टिन मोस्का: जस्टिन मोस्का का जन्म इटली में हुआ था. जस्टिन को कम उम्र में ही क्रिकेट का शौक हो गया था, जिसके चलते उन्होंने इस खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया. बाएं हाथ के बल्लेबाज जस्टिन ने इटली के लिए 17 टी20 इंटरनेशनल और 9 लिस्ट-ए मुकाबले खेले हैं.   9. एंथोनी जोसेफ मोस्का: दाएं हाथ के बल्लेबाज एंथोनी मोस्का का जन्म अगस्त 1991 में हुआ था. एंथोनी ने इटली टीम के लिए खेलने से पहले यहां काफी क्लब क्रिकेट खेला. एंथोनी मोस्का ने अब तक इटली के 15 टी20 इंटरनेशनल और 19 लिस्ट-ए मैचों में भाग लिया है. 10. जसप्रीत सिंह: पंजाब के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह मध्यम गति के तेज गेंदबाज हैं. 32 साल के जसप्रीत ने अब तक इटली के लिए 24 टी20 इंटरनेशनल और 21 लिस्ट A मैच खेले हैं. 11. क्रिशन कालूगामागे: श्रीलंकाई मूल के क्रिशन कालूगामागे दाएं हाथ के ऑफ ब्रेक गेंदबाज हैं. 34 वर्षीय कालूगामागे ने इटली के लिए 15 टी20 इंटरनेशनल और 13 लिस्ट-ए मुकाबलों में शिरकत किया है.  

तेज रफ्तार ने ली जान: यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में 6 की मौत

मथुरा यूपी के यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। मथुरा जिले में थाना बलदेव के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित ईको कार पीछे से ट्रक से टकरा गई। इस घटना में कार सवार छह लोगों की मौत हो गई और दो महिला घायल हैं। मृतकों में पिता और दो पुत्र भी शामिल हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज घायल अस्पताल में भर्ती कराए हैं। वहीं यमुना एक्‍सप्रेसवे पर एक और सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रही एक बस माइलस्टोन 131 पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में 30 यात्री घायल हो गए है। घायल हुए आठ लोग जिला अस्पताल में हैं और नौ लोग एसएन आगरा में भर्ती कराए हैं। बाकी लोगों के ज्यादा चोट नहीं है। ईको कार चालक नोएडा से सात सवारियां लेकर एक्सप्रेस वे से आगरा की ओर जा रहा था। बलदेव क्षेत्र में एक्सप्रेस वे पर माइल स्टोन 141 के समीप अनियंत्रित कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और टोल टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार से लोगों को निकाला। इनमें छह की मौत हो गई जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि आशंका है कि कार चालक को नींद की झपकी आने से अनियंत्रित होकर कार ट्रक के पीछे जा भिड़ी। मृतकों में तीन आगरा जिले के हैं, दो मध्य प्रदेश के हैं और एक की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। इस घटना में धर्मवीर पुत्र जवर सिंह, निवासी ग्राम हरलालपुरा, थाना बासोनी, तहसील बाह, जिला आगरा, उनके दो पुत्र रोहित और आर्यन, दलवीर उर्फ छुल्ले और पारस सिंह तोमर पुत्रगण विश्वनाथ सिंह, निवासीगण ग्राम बढ़पुरा हुसैद, थाना महोबा, जिला मुरैना मध्य प्रदेश तथा रोहित के दोस्त (नाम पता अज्ञात) की मौत हो गई। इस घटना में सोनी पत्नी धर्मवीर और पायल पुत्री धर्मवीर निवासीगण हलालपुर थाना बासोनी जिला आगरा घायल हो गए हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर बस पलटी, 30 सवारी घायल वहीं दूसरे हादसे में मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 131 के निकट शनिवार तड़के नोएडा से आगरा की ओर जा रही बस पलटने से करीब 30 सवारियां घायल हो गई। यह बस दिल्ली से मध्य प्रदेश के भिंड के लिए जा रही थी। बस में गरीब 60-65 यात्री बैठे हुए थे। तड़के बस पलटने से चीख पुकार मच गईं। सूचना पर पुलिस और टोल टीम मौके पर पहुंच गई। इस घटना में ग्राम सुंदरपुर, थाना सिविल लाइन, मुरैना निवासी देवी पत्नी अहिवरन सिंह दुर्गेश पुत्र अहिवरन, त्रिलोकपुरी ओल्ड थाना मयूर विहार फेस वन नई दिल्ली निवासी चेतना पुत्री राम लक्ष्मण, पूजा पुत्री राम लक्ष्मण, राजाराम पुत्र बद्री प्रसाद, पीहू पुत्री बंटी ग्राम एरोली थाना अटेरनिवासी अक्षय बघेल पुत्र रूप सिंह बघेल सिपोई मध्य प्रदेश निवासी आकाश पुत्र मोहनश्याम, छतरपुर निवासी, सुनील पुत्र चगेंश, श्रीचन्द्र पुत्र रामदयाल, भिंड निवासी आकाश पुत्र नरेन्द्र, छतरपुर निवासी धर्मेन्द्र पुत्र जयकिशन, रूबी पुत्र बिल्लियां, मुरैना निवासी धनपत पुत्र रामजीलाल, दिल्ली निवासी दयाराम पुत्र सेवाराम, मानसिह पुत्र दयाराम, जुगलकिशोर पुत्र दयाराम, मुरैना निवासी लक्ष्मीनरायन पुत्र रामविलास, संजय शर्मा पुत्र रमेश निवासी वामोर कला, सुशील पुत्र महावीर, दीपक शर्मा पुत्र मोहनश्याम निवासी सिपोई, झांसी निवासी चन्द्रशेखर पुत्र दीनदयाल, छतरपुर निवासी मनीष चौवे पुत्र रामनरायन चौवे, रायपुर निवासी प्रीतमलाल पुत्र रामप्रकाश, राजा नगर निवासी पुष्पेन्द्र पुत्र प्रेमनरायण घायल हो गए। जिनमें से दीपक शर्मा, प्रीतमलाल, चन्द्रशेखर, पुष्पेन्द्र,रूव, श्रीचन्द्रअनुरागी, संजय शर्मा पुत्र रमेश , मनीष चौवे को जिला अस्पताल मथुरा रेफर किया गया। शेष सभी घायल अवस्था मे हैं, जिनका उपचार सीएचसी छौली मे हो रहा है। अन्य लोगों के मामूली चोट आई, जिन्हें अन्य साधनों से गंतव्य को रवाना कर दिया।

चीन ने TRF को आतंकी माना, PAK को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगा झटका, पहलगाम पर जताई चिंता

बीजिंग पहलगाम आतंकी हमला करने वाले लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को अमेरिका ने विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया है। इस पर चीन ने प्रतिक्रिया देते हुए अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान को झटका दिया है। चीन ने शुक्रवार को क्षेत्रीय देशों से क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने शुक्रवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा, "चीन सभी प्रकार के आतंकवाद का दृढ़ता से विरोध करता है और 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है।" उन्होंने कहा, "चीन क्षेत्रीय देशों से आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से बनाए रखने का आह्वान करता है।" चीन का यह बयान उसके दोस्त पाकिस्तान के नजरिए से झटका माना जा रहा है, क्योंकि पहलगाम हमले के बाद यूएनएससी में टीआरएफ और लश्कर जैसे शब्दों को चीन की आपत्ति के बाद हटा दिया गया था। ऐसे में पाकिस्तान को उम्मीद रही होगी कि इस बार भी चीन टीआरएफ के सवाल पर या तो पल्ला झाड़ लेगा या फिर पहलगाम हमले में किसी पाकिस्तानी आतंकी संगठन की संलिप्तता से इनकार कर देगा, लेकिन उसने आतंकवाद के खिलाफ बयान देकर पाकिस्तान के मन-मुताबिक बात नहीं की। वहीं, बार-बार पहलगाम हमले की निंदा करना भी पाकिस्तान को रास नहीं आया होगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पहले एक बयान में कहा था कि विदेश विभाग टीआरएफ को एक विदेशी आतंकवादी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) घोषित कर रहा है। टीआरएफ को अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किए जाने की बात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति, जो आतंकवादियों और उनके संगठनों को प्रतिबंधित करने वाली एक महत्वपूर्ण आतंकवाद-रोधी व्यवस्था है, में गूंजने की उम्मीद थी। कई पाकिस्तानी आतंकवादी समूह और व्यक्ति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं, जिसके अंतर्गत संपत्ति जब्त, यात्रा प्रतिबंध और हथियार प्रतिबंध लगाए जाते हैं। इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और जमात-उद-दावा (जेयूडी) के साथ-साथ हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे प्रमुख आतंकवादी शामिल हैं। पहलगाम हमले के बाद, सयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 25 अप्रैल को हमले की निंदा करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया, लेकिन पाकिस्तान और चीन की आपत्तियों के बाद कथित तौर पर बयान से टीआरएफ और लश्कर-ए-तैयबा का उल्लेख हटा दिया गया। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे। टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में सात मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। US से TRF को कैसे घोषित कराया आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को 26 लोगों की नृशंस हत्या के एक महीने के भीतर भारत ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के खिलाफ तैयार डोजियर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (UN) को सौंप दिया था। इसी का परिणाम है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने TRF को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, भारत को यह जानकारी चार दिन पहले ही दे दी गई थी कि TRF को अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया जा रहा है। यह घोषणा पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि 'आतंकवाद पर जोरो टॉलरेंस' की नीति में भारत और अमेरिका कोई रियायत नहीं देगा। आपको बता दें कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद यह फैसला हुआ है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 27-29 मई के वॉशिंगटन दौरे के दौरान यह डोजियर अमेरिकी विदेश विभाग को सौंपा। इसी प्रकार की जानकारी संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को भी न्यूयॉर्क में दी गई। लश्कर का मुखौटा है टीआरएफ टीआरएफ की कमान शेख सज्जाद गुल उर्फ सज्जाद अहमद शेख के हाथ में है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का 'कश्मीरी चेहरा' बनाकर तैयार किया गया है। TRF ने 2020 से 2024 तक कश्मीर घाटी में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया। इसने पहलगाम नरसंहार के अलावा, मध्य कश्मीर (2023) में ग्रेनेड हमले, 2023 में अनंतनाग के बिजबेहरा इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस पर घात लगाकर हमला, गगनगीर, जेड-मोड़ सुरंग हमला और 2024 में गंदेरबल हमला किया है। कौन है सज्जाद गुल? सज्जाद गुल वर्तमान में रावलपिंडी में रहता है और जम्मू-कश्मीर में कट्टरपंथीकरण, भर्ती, आतंकवादी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल है। उसका भाई परवेज अहमद शेख 1990 के दशक में कश्मीर घाटी में एक आतंकवादी था। परवेज अपने परिवार के साथ सऊदी अरब गया और फिर पाकिस्तान चला गया। वह खाड़ी देशों में स्थित भारतीय भगोड़ों के साथ आतंकी फंडिंग और हवाला गतिविधियों में शामिल है। दिल्ली में हुआ था गिरफ्तार सज्जाद गुल को 2022 में यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया गया था। वह श्रीनगर के एचएमटी इलाके का रहने वाला है। उसने अपनी बुनियादी शिक्षा श्रीनगर में पूरी की और फिर बेंगलुरु से एमबीए किया। इसके बाद उसने केरल में लैब टेक्नीशियन का कोर्स किया और श्रीनगर लौटकर एक डायग्नोस्टिक लैब स्थापित की और साथ ही लश्कर-ए-तैयबा को सहायता प्रदान करना शुरू कर दिया। उसे दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया और उसके पास से पांच किलोग्राम आरडीएक्स बरामद किया गया। वह दिल्ली में बम विस्फोटों की साजिश रचने और ठिकानों की टोह लेने में शामिल था। गुल और उसके दो साथियों को 7 अगस्त, 2003 को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। अपनी सजा पूरी होने और जेल से रिहा होने के बाद, सज्जाद 2017 में अपने परिवार के साथ पाकिस्तान भाग गया। आईएसआई ने ही 2019 में सज्जाद को लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख बनाने और यह दिखाने के लिए टीआरएफ का प्रमुख चुना था कि आतंकवाद जम्मू-कश्मीर में ही पनप रहा है। आईएसआई ने फरवरी 2019 में पुलवामा बम विस्फोट के बाद इस कदम की रणनीति बनाई थी। इसी समय पाकिस्तान आतंकवादियों और आतंकी समूहों को प्रायोजित करने और पनाह देने के लिए दुनिया की नजरों में आया था। … Read more

कोतबा स्वास्थ्य केंद्र को मिलेगा सामुदायिक स्तर का दर्जा, 4.37 करोड़ स्वीकृत

कोतबा के स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन के लिए 4.37 करोड़ रूपए की स्वीकृति कोतबा स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बढ़ावा, CHC अपग्रेड के लिए 4.37 करोड़ मंजूर कोतबा स्वास्थ्य केंद्र को मिलेगा सामुदायिक स्तर का दर्जा, 4.37 करोड़ स्वीकृत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल से जशपुर जिले के कोतबा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अब 50 बिस्तरीय  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन और वहाँ आवश्यक अधोसंरचना निर्माण के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इस राशि से भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। कोतबा क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी सौगात है। इससे पूर्व जशपुर जिले को 220 बिस्तर वाले आधुनिक अस्पताल की स्वीकृति मिल चुकी है, जो जिले की स्वास्थ्य सुविधा को एक नई मजबूती देगा। वहीं कुनकुरी विकास खंड के ग्राम गिना बहार में 8 करोड़ की लागत से 50 बिस्तरीय मातृत्व और शिशु अस्पताल बनाने की भी स्वीकृत दी जा चुकी है। जिससे मां और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कोतबा समेत आस-पास के ग्रामीण अंचलों के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की इससे कोतबा  क्षेत्र के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सौगातें मिल रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बार्सिलोना मेले में सीएम यादव ने जाना स्मार्ट सिटी का ग्लोबल विजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘फीरा दे, बार्सिलोना मेले में देखा स्पेन के स्मार्ट नगर का माडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘फीरा दे बार्सिलोना’ में देखा स्पेन के स्मार्ट सिटी का मॉडल बार्सिलोना मेले में सीएम यादव ने जाना स्मार्ट सिटी का ग्लोबल विजन फीरा दे बार्सिलोना में स्पेन के स्मार्ट नगर मॉडल से प्रभावित हुए सीएम यादव मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना पर हुआ विचार-विमर्श भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन प्रवास के तीसरे दिन बार्सिलोना स्थित ‘फीरा दे बार्सिलोना – मोंटजुइक’ मेला परिसर का भ्रमण किया। यह मेला यूरोप के प्रमुख प्रदर्शनी एवं व्यापार मेलों में से एक है। वर्ष 1932 में स्थापित यह केंद्र बार्सिलोना के ऐतिहासिक मोंटजुइक क्षेत्र में स्थित है, जो सांस्कृतिक और स्थापत्य कला की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य स्पेन के स्मार्ट नगर मॉडल, पर्यावरणीय प्रबंधन, शहरी गतिशीलता एवं नवाचार प्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था, जिससे मध्यप्रदेश में भी इन क्षेत्रों में विकास को गति दी जा सके। ‘फीरा दे बार्सिलोना’ जैसे संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेश सम्मेलनों तथा स्थायी प्रदर्शनी केंद्र की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मेला भ्रमण के दौरान मेले के प्रतिनिधि एवं मध्यप्रदेश के अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही। फीरा दे बार्सिलोना परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है तथा प्रति वर्ष 150 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों की मेज़बानी करता है, जिनमें औद्योगिक, तकनीकी, नवाचार, पर्यटन तथा शहरी विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। लगभग एक लाख 65 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला यह प्रदर्शनी परिसर ‘स्मार्ट नगर प्रदर्शनी विश्व अधिवेशन’, ‘चलित दूरसंचार विश्व अधिवेशन’, ‘एलिमेंटेरिया खाद्य एवं पेय व्यापार मेला’ तथा ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स समाधान विश्व अधिवेशन’ जैसे वैश्विक आयोजनों का सफल संचालन करता है।  

नेशनल एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड के 4 सदस्य राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़

रायपुर : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में नेशनल एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड की बैठक संपन्न छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हुए शामिल नेशनल एआरटी एवं सरोगेसी बोर्ड के 4 सदस्य राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़ रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा जी की अध्यक्षता में नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी एक्ट 2021 के तहत छठवें नेशनल एआरटी ऐंड सेरोगेसी बोर्ड की बैठक हाइब्रिड मोड में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बोर्ड के सदस्य के रूप में छत्तीसगढ़ , चंडीगढ़, तमिलनाडु एवं तेलगांना राज्य शामिल हैं।  छत्तीसगढ़ राज्य की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया तथा आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ प्रियंका शुक्ला बैठक में उपस्थित रहे।  बोर्ड की बैठक में तीन अहम मुद्दों को सर्व सहमति से पारित किया गया। इसके तहत देश के अंदर या बाहर भ्रूण/युग्मक के अंतरण के अनुमति हेतु 884 मामलों के प्रकरणों को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही भारतीय मूल के दंपत्ति (ओसीआई) के 14 मामलों में अधिनियम के तहत सरोगसी हेतु स्वीकृति दी गई। एक अन्य मामले में एक केंद्र से दूसरे केंद्र में क्रायोप्रिजर्व के सामूहिक हस्तांतरण (केंद्र के बंद होने के कारण) के तीन प्रकरणों में स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में एक अहम सुझाव देते सरोगेसी के लिए अधिनियम में निर्धारित उम्र सीमा पर पुर्नविचार कर एक्ट में संशोधन किये जाने की बात कही, इसके लिये केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की सराहना की गई।  बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एआरटी एवं सेरोगेसी एक्ट को मानवता के विकास के कदम में एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने बैठक में कहा कि आज जो एजेंडा पारित हुए हैं उससे समाज को लाभ मिलेगा।