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16वें ओवर तक मुकाबला हमारे हाथ में था, लेकिन हमने इसका पूरा फायदा नहीं उठाया: हरमनप्रीत कौर

लंदन भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि उनकी टीम ने कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे मैच पर पूरा नियंत्रण नहीं बना सकी। भारतीय टीम को किंग्स्टन ओवल में पांच रन से हार का सामना करना पड़ा है। अब पांच मुकाबलों की इस सीरीज में भारत के पास 2-1 की बढ़त है। भारतीय टीम के पास दौरे के शुरुआती दो मैच जीतकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमाने का सुनहरा मौका था, लेकिन 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को इंग्लैंड की गेंदबाजों ने परेशानी में रखा। मैच गंवाने के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, “16वें ओवर तक मुकाबला हमारे हाथ में था, लेकिन हमने इसका पूरा फायदा नहीं उठाया। ओस भी आई। हमने कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। गेंदबाज बेहतरीन थे और हमने सच में अच्छी गेंदबाजी की और फील्डर्स ने हमारा साथ दिया।” टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को सलामी बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत दिलाई। सोफिया डंकले और डेनियल व्हाइट-हॉज (66) के बीच 15.2 ओवरों में 137 रन की साझेदारी हुई, जिसने टीम को 171/9 के स्कोर तक पहुंचाया। इसके जवाब में भारतीय टीम 20 ओवरों में पांच विकेट खोकर 166 रन ही बना सकी। सोफिया डंकले को 53 गेंदों में 75 रनों की शानदार पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। भारतीय कप्तान ने कहा, “हमने इंग्लैंड की शुरुआती साझेदारी के बाद जोरदार वापसी की। उन्होंने अपनी योजना को बहुत अच्छे से अंजाम दिया, लेकिन अंत में हम सिर्फ एक बाउंड्री से चूक गए।” भारतीय टीम सीरीज का पहला मैच 97 रन से अपने नाम कर चुकी है, जबकि दूसरे मैच में उसने मेजबान टीम को 24 रन से हराया था। भारत-इंग्लैंड के बीच सीरीज का चौथा टी20 मैच 9 जुलाई को ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाएगा। अंतिम मुकाबला 12 जुलाई को बर्मिंघम में आयोजित होगा।  

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के लिए क्यों अहम हो गया है अर्जेंटीना, तेल, गैस और लिथियम

ब्यूनस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  देर शाम अपनी दो दिवसीय दौरे के तहत अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स पहुंचे, जहां उनका भव्य पारंपरिक स्वागत किया गया. एजीजा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें  गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद जब वह होटल पहुंचे तो भारतीय समुदाय के सदस्यों ने "मोदी-मोदी" और "भारत माता की जय" के नारों से उनका जोरदार स्वागत किया. सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया गया. यह यात्रा कई मायनों में अहम है क्योंकि 57 वर्षों बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री द्विपक्षीय यात्रा पर अर्जेंटीना पहुंचा है. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 में G20 शिखर सम्मेलन के लिए अर्जेंटीना की यात्रा की थी लेकिन यह उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा है.  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X (ट्विटर) पर लिखा,“हमारे देशों के बीच स्थायी मित्रता का जश्न मनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर अर्जेंटीना के जीवंत शहर ब्यूनस आयर्स पहुंचे हैं. हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया. यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जो भारत-अर्जेंटीना संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत है.” राष्ट्रपति जेवियर मिलेई संग होगी बैठक प्रधानमंत्री मोदी की अर्जेंटीना यात्रा के दौरान राष्ट्रपति जेवियर मिलेई से मुलाकात होगी, जिसमें रक्षा, कृषि, खनिज, तेल-गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी. अर्जेंटीना रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा,“अर्जेंटीना लैटिन अमेरिका में भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है और G20 में हमारा करीबी सहयोगी भी. राष्ट्रपति मिलेई से बातचीत के दौरान हम द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती देंगे.” इसके बाद ब्राजील और नामीबिया रवाना होंगे पीएम यह यात्रा प्रधानमंत्री के पांच देशों की यात्रा का तीसरा पड़ाव है. इससे पहले वे त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे थे, जहां उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' प्रदान किया गया. अपनी यात्रा के चौथे चरण में मोदी 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील जाएंगे, उसके बाद राजकीय यात्रा करेंगे. अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मोदी नामीबिया जाएंगे. भारत के लिए क्यों अहम हो गया है अर्जेंटीना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अर्जेंटीना की दो दिवसीय यात्रा पर ब्यूनस ऑयर्स पहुंच चुके हैं। यहां पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। प्रधानमंत्री के रूप में यह मोदी की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह 2018 में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए अर्जेंटीना आए थे। पीएम मोदी की अर्जेंटीना यात्रा बेहद खास है। इस दौरान वह अर्जेंटीनी राष्ट्रपति के साथ रक्षा, कृषि, खनन, तेल और गैस, रिन्यूवेबल एनर्जी, व्यापार और निवेश के मामलों पर बातचीत करेंगे। हालांकि माना जा रहा है मुख्य जोर तेल, गैस और लिथियम को लेकर रहेगा। इसलिए अर्जेंटीना है अहम अर्जेंटीना के पास शेल गैस और शेल ऑयल का सबसे बड़ा भंडार है। वह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा शेल गैस भंडारण वाला देख है। वहीं, शेल ऑयल के मामले में उसका स्थान चौथा है। इसके अलावा पारंपरिक तेल और गैस भंडारण भी उसके पास अच्छा-खासा है। ऐसे में लांग टर्म में भारत के लिए वह अहम एनर्जी पार्टनर साबित हो सकता है। ऐसे वक्त में जबकि मिडिल ईस्ट में हालात ठीक नहीं हैं, भारत के लिए ऊर्जा सप्लाई के लिए दूसरे देशों की तरफ देखना जरूरी हो गया है। अर्जेंटीना के पास इन चीजों का भंडार अर्जेंटीना के पास लिथियम, कॉपर और रेयर अर्थ एलीमेंट का भी भंडार है। भारत के लिए क्लीन एनर्जी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिहाज से यह काफी अहम है। बोलीविया और चिली के साथ अर्जेंटीना लिथियम ट्रायंगल का हिस्सा है। इन क्षेत्रों में दुनिया का सबसे ज्यादा लिथियम भंडार है। बता दें कि रीचार्जेबल बैट्रीज के लिए लिथियम काफी अहम है। यह इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन, लैपटॉप आदि की बैट्री के लिए काफी अहम होता है। भारतीय समुदाय ने किया स्वागत उधर अर्जेंटीना में भारतीय समुदाय के लोगों ने होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ‘मोदी, मोदी’ के नारों और ‘‘भारत माता की जय’’ के उद्घोष के साथ किया। प्रधानमंत्री ने समुदाय के लोगों के साथ कुछ देर बातचीत भी की। उनके स्वागत में एक सांस्कृतिक नृत्य भी पेश किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहाकि हमारे देशों के बीच स्थायी मित्रता का जश्न मनाते हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर अर्जेंटीना के ब्यूनस ऑयर्स पहुंचे।

ओलंपिक 2036: मेजबानी के लिए भारत ने बढ़ाया कदम, दुनिया की नजरें टिकीं

नई दिल्ली भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश की है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड के लूजान में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अधिकारियों से मुलाकात कर आधिकारिक तौर पर ओलंपिक मेजबानी का दावा किया। भारतीय ओलंपिक संघ ने पिछले काफी समय से कहा है कि वह ओलंपिक का आयोजन करना चाहता है और उसके लिए प्रयास कर रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा के अलावा केंद्रीय खेल मंत्रालय और गुजरात सरकार के प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने औपचारिक तौर पर मेजबान शहर के तौर पर अहमदाबाद के नाम की दावेदारी की। ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत ने आईओसी के सामने आधिकारिक तौर पर मेजबान सिटी के तौर पर अपने किसी शहर का नाम दिया है। साल 2032 का ओलंपिक खेल ब्रिसबेन में होना है इसलिए भारत ने 2036 ओलंपिक के लिए दावेदारी की है। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष ऊषा ने कहा है, भारत में ओलंपिक खेल का होना न सिर्फ एक भव्य आयोजन होगा बल्कि उसका सभी भारतीयों पर ऐसा प्रभाव पड़ेगा जो पीढ़ियों में कभी कभार पड़ता है। उषा ने लूजान में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अधिकारियों के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक की तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा भी किया है। उन्होंने कहा कि बातचीत काफी अच्छी रही है।  

इजराइल के वैज्ञानिक पांढुर्णा और छिंदवाड़ा के किसानों को संतरे की खेती करने के तरीके बताएंगे

पांढुर्णा पांढुर्णा और छिंदवाड़ा के किसानों को इजरायली तकनीक से खेती करने के तरीके सिखाए जाएंगे ताकि किसान मालामाल हो सके. सौंसर के शासकीय संजय निकुंज कुडड्म में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सिट्रस यानी नींबू वर्गीय पौधों का उत्कृष्ट केन्द्र बन रहा है. यहां इजराइल के वैज्ञानिक किसानों को संतरे की खेती करने के तरीके बताएंगे. इजराइली एम्बेसी के विशेषज्ञ उरी रूबीस्टेन ने यहां का जायजा लिया. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से की चर्चा निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सिट्रस में इजराइली एम्बेसी विशेषज्ञ उरी रूबीस्टेन ने निर्देश दिए कि सेन्टर पर रोपित होने वाले सभी पौधों का रोपण रिज बेड पद्धति से किया जाए. साथ ही पौधारोपण के पहले बेड पर वीड मैट बिछाने के बाद डबल ड्रिप लाइन स्थापित की जाए. जिन किसानों ने रिज बेड पद्धति से संतरा/मौसम्बी पौधों का रोपण किया है, उनकी जानकारी एकत्रित कर डाटाबेस तैयार करने की बात कही. किसानों को टिप्स देने के लिए मौजूद रहेगा टेक्निकल अमला, इजराइल से आएंगे वैज्ञानिक कृषि उपसंचालक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया "सेंटर शुरू होने से पहले सेंटर एक्सपर्ट अमले की नियुक्ति स्थाई रूप से की जाएगी. जिसमें नर्सरी एक्सपर्ट, फार्म मैनेजर, प्लांट प्रोटेक्शन एक्सपर्ट, अर्चड मैनेजर, वॉटर एक्सपर्ट, तकनीकी प्रशिक्षण विशेषज्ञ व प्रोटेक्टेड फार्मिंग एक्सपर्ट होंगे. साथ ही समय-समय पर इजरायल के कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेती करने के लिए यहां आकर टिप्स भी देंगे." क्या होती है रिड्जबेड पद्धति उपसंचालक कृषि जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया "खेतों में पर्याप्त नमी रखने के लिए रिज बेड विधि का उपयोग किया जाता है. इस तकनीक में बुवाई फैरो इरीगेटेड रिज बेड प्लांटर से की जाती है. इसमें प्रत्येक दो कतारों के बाद 25 से 30 सेमी चौड़ी और 15 से 20 सेमी गहरी नाली या कूड़ बनाई जाती है. जिससे फसल की कतारें उभरे हुए बेड पर आ जाती हैं. रबी के मौसम में यह नाली सिंचाई के काम आती है, जिससे नमी अधिक समय तक बनी रहती है. साथ ही मेढ़ से मेढ़ की पर्याप्त दूरी होने के कारण पौधों को सूर्य की किरणें अधिक मात्रा में मिलती हैं." डेमो प्लांट किया जाएगा विकसित वैज्ञानिक ने यहाँ पर एक डेमो प्लांट लगाने की सलाह दी है जिसमें सभी नए किस्मों के पौधों का रोपण रिज बेड पद्धति से किया जाएगा. पौधे तैयार करने के लिए लगने वाली रोपण सामग्री के रूप में कोकोपिट एवं परलाइट, गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट खाद का प्रयोग ना करके पौधारोपण के पहले पौधारोपण स्थल की मिट्टी का उपचार किया जाएगा. पौधों को मिट्टी जनित रोगों से बचाया जा सकेगा. रोपण से पहले प्राप्त होने वाले मातृ पौधों की किस्म की जाँच एवं पौधों पर किसी भी प्रकार के वायरस/ रोग न हो इस बात की पुष्टि करने के बाद किसानों को दिए जाएंगे. रूट स्टॉक से तैयार होते हैं संतरे के पौधे संतरे के पौधे तैयार करने की एक अलग तकनीक होती है जिसमें ज्यादा सहनशीलता वाले नींबू के तने को लिया जाता है. उसमें अच्छी उपज और वैरायटी वाले संतरे की स्वस्थ टहनी को काटकर ग्राफ्टिंग कर दी जाती है. करीब 60 दिनों तक ग्राफ्टिंग के बाद टहनी उसमें लग जाती है और ज्यादा उपज देने वाला संतरे का पौधा तैयार हो जाता है. फिर खेत में गहरे गड्ढे खोदकर इसे रोपित किया जाता है. इसे रूट स्टॉक से तैयार पौधा कहा जाता है. साढ़े 4 लाख टन उत्पादन विदेश में खपत कृषि उपसंचालक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया "छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सौसर, बिछुआ और दूसरे ब्लॉक में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में उगाए जाते हैं. इस क्षेत्र में लगभग 4.5 लाख टन संतरे का उत्पादन होता है. देश के दूसरे राज्यों के अलावा नेपाल और बांग्लादेश में संतरे की सप्लाई की जाती है." इंडो इजराईल प्रोजेक्ट के तहत बन रहा है सेंटर 2022 में इजराइल एवं भारत के द्विपक्षीय संबंध को 30 साल पूरे होने पर दोनों देशों ने कृषि सहयोग एवं जल प्रबंधन को लेकर कई नवाचार किया था. इसी के तहत मार्च 2022 मे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और इजराइल के काउंसिल जनरल के बीच हुई भेंट के बाद इजराइली कृषि व बागवानी विशेषज्ञ यायर ऐशेल ने पहली प्रदेश यात्रा की थी. जिसके चलते इजराईली दल के सामने 50 एकड़ में इंडो-इजराइल प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी. 

प्रदेश के सभी विद्यालयों में 10 जुलाई गुरूवार को गुरू पूर्णिमा के मौके पर 2 दिवसीय उत्सव का आयोजन किया जायेगा

भोपाल  प्रदेश के सभी विद्यालयों में 10 जुलाई गुरूवार को गुरू पूर्णिमा के मौके पर 2 दिवसीय उत्सव का आयोजन किया जायेगा। यह आयोजन 9 और 10 जुलाई को होगा। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि पहले दिन 9 जुलाई को विद्यालय में प्रार्थना सभा के बाद शिक्षकों द्वारा गुरू पूर्णिमा के महत्व और पारंपरिक गुरू-शिष्य संस्कृति के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जायेगी। विद्यालय में प्राचीन काल में प्रचलित गुरूकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति में प्रभाव विषय पर बच्चों के बीच में निबंध लेखन प्रतियोगिता की जायेगी। विद्यालयों के प्राचार्यों से कहा गया है कि आयोजन के दौरान साधु-संतों, गुरूजनों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, विद्यार्थियों और नागरिकों को आमंत्रित किया जाये। इन आयोजन में विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया जा सकता है। पूर्व विद्यार्थी अपने शाला जीवन के अनुभव को विद्यार्थियों के बीच साझा करेंगे। उत्सव के दूसरे दिन 10 जुलाई को गुरू पूर्णिमा के दिन प्रदेश की शिक्षण संस्थाओं में वीणा वादिनी माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर गुरू वंदना की जायेगी। विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा गुरू की महिमा पर केन्द्रित व्याख्यान होंगे। इसी के साथ इस दिन गुरूजनों एवं शिक्षकों का सम्मान भी किया जायेगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों में भारतीय मूल्यों संस्कृति आधारित शिक्षा के लिये कई उललेखनीय कदम उठाये गये हैं। उनमें से एक विद्यालयों में गुरू पूर्णिमा का आयोजन किया जाना भी एक है।  

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जीसीएफ को नौ साल बाद एलएफजी के बड़े उत्पादन का यह लक्ष्य मिला

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित तोपगाड़ी निर्माणी (जीसीएफ) 18 लाइट फील्ड गन (एलएफजी) का निर्माण कर रही है, जिसे अब बढ़ाकर 36 करने का निर्णय लिया गया है। यह वृद्धि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ती मांग के कारण हुई है। कुछ महीनों में पहली खेप में शामिल 18 एलएफजी का उत्पादन पूरा हो जाएगा। बड़े उत्पादन का लक्ष्य मिला जीसीएफ को नौ साल बाद एलएफजी के बड़े उत्पादन का यह लक्ष्य मिला है। इसके साथ ही, जीसीएफ बोफोर्स के अपग्रेड वर्जन धनुष तोप की मारक क्षमता को 45 से बढ़ाकर 52 कैलिबर बैरल करने की योजना बना रही है। धनुष तोप सेना की ताकत को और बढ़ाएगी बता दें कि धनुष तोप की 52 कैलिबर बैरल की मारक क्षमता के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण पोखरण और बालासोर में किया गया है। परीक्षण में तोप ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भविष्य में 52 कैलिबर बैरल के साथ धनुष तोप सेना की ताकत को और बढ़ाएगी। जीसीएफ के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण के परिणामों के आधार पर तोप का उत्पादन शुरू होगा। लाइट फील्ड गन की विशेषताएं यह 105 मिमी की एक उन्नत फील्ड आर्टिलरी हथियार प्रणाली है, जो हल्केपन और ताकत का संयोजन करती है। इसे दो क्रू सदस्य, एक गनर और एक लोडर, संचालित करते हैं। इसकी पोर्टेबिलिटी इसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में अत्यधिक उपयोगी बनाती है। यह छह राउंड प्रति मिनट की तीव्रता से लक्ष्य भेदने में सक्षम है।  

BCCI का बड़ा बयान: सुरक्षा कारणों से रद्द हो सकता है आगामी विदेशी दौरा

नई दिल्ली भारतीय टीम का बांग्लादेश का आगामी दौरा स्थगित होने की संभावना है, क्योंकि बीसीसीआई देश में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित है। पिछले साल राजनीतिक अस्थिरता के बाद बांग्लादेश के हालात तनावपूर्ण हैं जिसके कारण शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार को हटा दिया गया था। भारत को 17 से 31 अगस्त तक चटगांव और ढाका में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय और तीन वनडे मैच खेलने थे। बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि बीसीसीआई जाहिर तौर पर राजनीतिक अस्थिरता और प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश में सुरक्षा स्थिति को लेकर सतर्क है। हालांकि, यह सीरीज रद्द नहीं हुई है, लेकिन यह बाद की तारीख में 2026 में आयोजित की जाएगी क्योंकि विश्व कप क्वालीफिकेशन के लिए वनडे चैंपियनशिप अंक इससे जुड़े हैं।   बीसीसीआई है गंभीर समझा जाता है कि बीसीसीआई चाहता है कि बांग्लादेश में आम चुनाव होने के बाद ही दौरा आगे बढ़े तथा कानून-व्यवस्था का ख्याल रखने के लिए वहां एक स्थिर सरकार हो। बांग्लादेश में चुनाव अगले साल के शुरुआत से पहले होने की उम्मीद नहीं है। अंतरिम सरकार है बांग्लादेश में बता दें कि अभी बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार है। पिछले साल अगस्त में नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बाद हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था जिसके बाद यूनुस ने सत्ता संभाली थी।  

संघर्ष से सफलता तक : भोपाल के बालिका गृह की कुछ खास बच्चियाँ गौरव की प्रतीक बनी

भोपाल भोपाल के बालिका गृह की कुछ खास बच्चियाँ गौरव की प्रतीक बन गई हैं। इन बच्चियों ने ‘फर्स्ट एशियन चेस फॉर फ्रीडम चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया और यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे भी हों, हौसले अगर बुलंद हों तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। शुक्रवार को इन चैम्पियन बच्चियों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया से मुलाकात की, तो माहौल भावनाओं से भर गया। आँखों में चमक, चेहरे पर आत्मविश्वास और मन में कुछ कर दिखाने की आग, हर बच्ची की मुस्कान एक नई कहानी कह रही थी। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बच्चियों को बधाई दी और कहा कि ये सिर्फ एक जीत नहीं, ये समाज के लिए एक संदेश है कि हर बच्ची, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में जन्मी हो, अगर उसे अवसर मिले तो वह सितारों को छू सकती है।उन्होंने बच्चियों का न केवल हौसला बढ़ाया बल्कि यह भी भरोसा दिलाया कि उनके सपनों को साकार करने के लिए सरकार हरसंभव मदद करेगी। सुश्री भूरिया ने कहा कि ये बेटियाँ अब सिर्फ बालिका गृह की बच्चियाँ नहीं रहीं। अब वे प्रेरणा बन चुकी हैं, उन लाखों बच्चों के लिए, जो अपने जीवन को एक नई दिशा देना चाहते हैं। आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारुकी वली ने कहा कि इन बच्चों को प्रोत्साहन देना, इनका सबसे बड़ा सम्मान है। मिशन वात्सल्य की टीम के मोटिवेशन के साथ इन बच्चियों ने लगन और मेहनत से ये अपार सफलता प्राप्त की है। उन्होंने बच्चियों को बधाई देते हुए कहा कि आपने जीवन की निराशा को आशा में बदलकर अपने भविष्य को गढ़ा है। उल्लेखनीय है कि 1st एशियन चेस फॉर फ्रीडम चैंपियनशिप ऑनलाइन चैंपियनशिप है। इसमें चार महाद्वीपों के 15 देशों ने भाग लिया। इंडियन ऑयल की परिवर्तन प्रिजन टू प्राइम के तहत इन बच्चियों को चेस खेल का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक श्री अभिजीत कुंटे ने बताया कि पहली बार जब मैं इन बच्चियों को प्रशिक्षण देने गया तो सब डरी सहमी थी, पर इनके जज्बे को सलाम है। इनकी लगातार 3-6 महीने की मेहनत ने इन्हें चैंपियन बना दिया है। श्री कुंटे ने कहा कि अब बालिकाएं अक्टूबर में वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेंगी। इस मुलाक़ात में बच्चियों ने बताया कि कैसे शतरंज ने उन्हें धैर्य, रणनीति और आत्मविश्वास सिखाया। वे चाहती हैं कि आने वाले समय में वे और भी बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लें और देश के लिए खेलें। उनकी देखभाल में जुटे प्रशिक्षकों और बाल संरक्षण अधिकारियों की आँखों में भी गर्व और संतोष था, मानो उनके प्रयासों को आज असली मुकाम मिला हो।  

शाजापुर में प्रभारी मंत्री कुशवाह द्वारा बाढ़ राहत तैयारियों की समीक्षा

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण एवं शाजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित है। मंत्री श्री कुशवाह प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत शुक्रवार को शाजापुर में लैपटॉप वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जिले के 1558 विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान की। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोपाल से राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के 94 हजार 234 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गयी है। मंत्री श्री कुशवाह ने सांकेतिक रूप से शाजापुर जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए चैक वितरित किये। मंत्री श्री कुशवाह ने शाजापुर जिले के प्रवास के दौरान वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये सभी विभागों को सजग रहना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ की स्थिति की सतत निगरानी करें।प्रयास ऐसा हो कि जान-माल का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में समुचित व्यवस्थाएं, राहत एवं बचाव कार्य, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता तथा समन्वयकारी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्थानीय विधायकगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

इंदौर घोटाले में ED का वार, 34 करोड़ की संपत्ति अटैच, 15+ ठेकेदारों पर गिरी गाज

इंदौर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंदौर नगर निगम (Indore Nagar Nigam Scam) के चर्चित फर्जी फाइल घोटाले में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की संपत्ति अटैच कर दी है। घोटाले के 22 आरोपित ईडी के निशाने पर हैं। इनमें निगम का इंजीनियर अभय राठौर व अन्य ठेकेदारों के नाम शामिल हैं। निगम में 107 करोड़ रुपये की फर्जी फाइलें पकड़ी गई थीं। इनमें बिना काम किए 92 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। भुगतान के लिए सिर्फ कागजों पर काम बताया गया था। बिल बनाने और पास करवाने के लिए फर्जी कंपनियां भी खड़ी कर ली गई थीं।   आरोपियों की 43 अचल संपत्तियों को किया अटैच ईडी के इंदौर उपक्षेत्रीय कार्यालय ने ताजा कार्रवाई करते हुए आरोपियों की 43 अचल संपत्तियों को अटैच किया है। इनमें मकान के साथ कृषि भूमि भी है। अटैच की गई संपत्तियां मप्र के साथ उत्तर प्रदेश में भी हैं। खरीद मूल्य के लिहाज से इनकी कीमत करीब 34 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत ईडी ने कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद घोटाले से अर्जित इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री नहीं हो सकेगी। बिना जमीनी काम किए बिल पास कर भुगतान लिया करीब डेढ़ साल पहले घोटाला उजागर होने के बाद सबसे पहले निगम ने ठेकेदारों व निगम इंजीनियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इन एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच आगे बढ़ाई। जांच में पाया गया कि ठेकेदारों ने बिना जमीनी काम किए बिल पास कर भुगतान लिया। इसके लिए ना केवल फर्जी कंपनियां बनाई गई बल्कि श्रमिकों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर भी घोटाले का पैसा निकाला गया। ईडी ने बीते साल पांच व छह अगस्त को इंदौर में ठेकेदारों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी। 20 जगह की गई कार्रवाई में कुल 22 करोड़ रुपये नकद भी जब्त किए थे। इनकी संपत्ति हुई अटैच ईडी ने प्रशासन से जिन आरोपितों की संपत्ति की जानकारी मांगी थी उनमें निगम का इंजीनियर व घोटाले का प्रमुख आरोपित अभय राठौर है। साथ ही राठौर की बहन मीरा राठौर, पिता प्रकाश सिंह राठौर, मां सरला राठौर के नाम की संपत्तियां शामिल हैं। साथ में ठेकेदारों में मोहम्मद एहतेशाम खान उर्फ काकू, मोहम्मद असलम खान, रहेल खान व बिल्किस खान के नाम की संपत्तियां हैं। इसके अलावा फर्जी फर्म बनाकर बिल लगाने वाले राहुल वढेरा, रेणु वढेरा, मोहम्मद जाकिर, मोहम्मद साजिद, मीरा शर्मा, राजेंद्र शर्मा, किरण सिरोजिया, राजकुमार साल्वी, शीला वढेरा की संपत्ति भी अटैच की गई है।