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परिवहन व्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, MP के 6 शहरों में जल्द चलेंगी 582 नई बसें

भोपाल   मध्यप्रदेश में ईवी को को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 तैयार की गई है। इसमें सरकार के द्वारा छूट देने की व्यवस्था की गई है। बड़े शहरों में परिवहन सेवा के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी। अभी इंदौर में 80 रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। सड़कों पर दौड़ेंगी 582 बसें ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 6 शहरों में 582 इलेक्ट्रिक बसों का संचानल तैयार करके प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें केंद्रीय शहरी मंत्रालय दिल्ली से स्वीकृति मिल गई है। इंदौर में 150, भोपाल में 100, ग्वालियर में 100, जबलपुर में 100, सागर में 32 और उज्जैन में 100 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का प्रस्ताव है। बसों के संचालन के लिए निविदा जारी राज्य के 6 शहरों में बस संचालन के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के द्वारा निविदा जारी कर दी करके बस ऑपरेटरों का चयन कर लिया गया है। पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत बस डिपो के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा और शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग सेंटर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा पूरी राशि दी जाएगी। इन शहरों में बनाएं गए चार्जिंग स्टेशन शहरों में लाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल के संचालन को बढ़ावा देने के लिए भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर शहर में 34 चार्जिंग स्टेशन पर 190 चार्जिंग पाइंट लगाएं गए हैं। 

अब जरूरी काम के लिए शहर तक आने की आवश्यकता नहीं, मल्हारगंज तहसील के नए भवन में कामकाज शुरू

इंदौर सुपर कॉरिडोर पर बनाए गए मल्हारगंज तहसील के नए भवन में कामकाज शुरू कर दिया गया है। इससे 20 गांवों के किसानों को फायदा होगा और जरूरी काम के लिए शहर तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। लंबे समय से किसान नए भवन में कार्यालय शुरू करने की मांग कर रहे थे, जो अब जाकर शुरू हुआ है। यहां पहले दिन ही सर्वर और बिजली की समस्याएं सामने आई। इसके लिए अब ईंवर्टर और नेटवर्क के लिए नए कनेक्शन की व्यवस्था की जा रही है।   दस्तावेज बस्तों में बांधकर नए भवन पहुंचाए मल्हारगंज तहसील का नया भवन करीब एक वर्ष पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन यहां प्रशासनिक संकुल स्थित तहसील कार्यालय को स्थानांतरित नहीं किया जा रहा था। विगत दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा भवन का लोकार्पण करने के बाद यहां पर तहसील कार्यालय का सामान स्थानांतरित कर कामकाज शुरू कर दिया गया। तहसील कार्यालय के दस्तावेज बस्तों में बांधकर नए भवन में पहुंचा दिए गए है। किसानों का समय बचेगा वहीं, जिन दस्तावेज की आवश्यकता नहीं थी, उनको रिकॉर्ड रूम में रखवाया गया है। दो मंजिला भवन में तहसील और एसडीएम कार्यालय बनाए गए है। इससे किसानों का समय बचेगा और काम जल्द हो सकेगा। किसान कमल सिंह डाबी का कहना है कि किसानों को नामांतरण, खसरा नकल जैसे कार्यो के लिए मोती तबेला स्थित कलेक्टर कार्यालय जाना पड़ता था। इससे पूरा दिन खराब हो जाता था। अब यहां कुछ घंटों में काम हो जाएगा।

MP में फ्री लैपटॉप योजना को लेकर बड़ी अपडेट, छात्र-छात्राओं को अब इस दिन मिलेगा लाभ

भोपाल स्कूली छात्र-छात्राओं को अच्छे नंबर लाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मध्य प्रदेश सरकार 'प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना' चलाती है, जिसके अंतर्गत 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को सरकार की तरफ से लैपटॉप दिए जाते हैं या फिर इसे खरीदने के लिए राशि दी जाती है। इस साल इस योजना के तहत छात्रों को लैपटॉप देने की तारीख सामने आ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार 4 जुलाई को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में इस योजना के तहत बच्चों को लैपटॉप वितरित करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस बारे में राज्य सरकार की तरफ से जारी प्रेसनोट के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग की इस प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत सालाना कार्यक्रम इस हफ्ते आयोजित होगा। जिसमें राज्य सरकार मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा उससे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को 25 हजार रुपए की राशि लैपटॉप खरीदने के लिए उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी। इस वर्ष इस योजना के अंतर्गत 94 हजार 234 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाने हैं, और इसके लिए सरकार कुल 235 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपए खर्च करेगी और यह रकम उनके खाते में ट्रांसफर करेगी। कार्यक्रम में प्रदेश के 500 से ज्यादा विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहेंगे। प्रदेश में पिछले साल 2023-24 में 89 हजार 710 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में 224 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। बता दें कि मध्य प्रदेश में यह योजना वर्ष 2009-10 से संचालित हो रही है। पिछले 15 वर्षों में इस योजना में 4 लाख 32 हजार 16 विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक हजार 80 करोड़ 4 लाख रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप के लिए ट्रांसफर की जा चुकी है।

बदायूं में अब महिला पर इस्लाम कबूलने का दबाव, अतीक-अशरफ गैंग का नया कारनामा

बदायूं.  बदायूं में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक प्रसिद्ध दरगाह के पीर पर आरोप है कि वह अतीक अरशद गैंग का सदस्य है और उसने पीड़िता के सास-ससुर और पति का धर्म परिवर्तन करवा दिया है. अब वह पीड़िता और उसकी 5 साल की बेटी पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा है. पीड़िता का कहना है कि उसका पति पिछले डेढ़ साल से उससे मिलने नहीं आया है. जब वह पीर के घर गई तो उसे धमकियां दी गईं. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक भाजपा विधायक आरोपी पीर की पैरवी कर रहा है. दरअसल, बदायूं में अतीक और अशरफ गैंग के नाम पर एक विश्व प्रसिद्ध दरगाह के पीर पप्पन पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उसका आरोप है कि पीर के संबंध अशरफ के साले सद्दाम से है. सद्दाम की मदद से अशरफ की जेल में मुलाकात और उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. इसमें सद्दाम को भी नामजद किया गया था और वह बदायूं जेल में भी कई बार बंद रहा था. पप्पन पीर के सद्दाम से संबंध होने के चलते एक हिंदू महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. इस चौंकाने वाले मामले के सामने आने के बाद पीड़िता ने राष्ट्रपति, भारत सरकार, यूपी के मुख्यमंत्री और एसएसपी तक को शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. महिला के मोबाइल फोन पर अतीक अशरफ के कथित लेटर डालकर भी धमकियां दी गई है। महिला का कहना है कि दरगाह का पप्पन पीर अपने आपको अशरफ के साले सद्दाम से संबंध होने की बात कहकर हड़का रहा है। वह धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा है। आरोपी पीर ने महिला से ये भी कहा कि हिंदू धर्म में बहुत भगवान हैं। मुसलमान केवल एक को ही पूजते हैं। मुसलमानों में कई बच्चे पैदा करने में कोई दिक्कत नहीं है। पीर पर लगाया आरोप महिला का दावा है कि पीर अतीक अशरफ गैंग का भी सदस्य है। उसके सास-ससुर समेत पति का भी वो कथित रूप से धर्म परिवर्तन करा चुका है। इतने पर भी पीर का दिल नहीं भरा तो वो पीर पीड़िता और उसकी 5 साल की बिटिया का भी धर्म परिवर्तन कराने की जिद्द पर अड़ कर उसे डरा-धमका रहा है। उसका राह चलते निकलना दुश्वार कर दिया है, जबकि पीड़िता का पति पिछले लगभग डेढ़ साल से उससे मिलने नहीं आया है। बताया ये खौफनाक मामला दरअसल, ये हैरतअंगेज मामला बदायूं शहर की एक प्रसिद्ध दरगाह का बताया जाता है। वहां आरोपी पीर रहता है। पीड़ित महिला का आरोप है कि वो पीर अतीक अरशद गैंग का भी सदस्य है। उस पीर ने उसके सास-ससुर समेत उसके पति का भी धर्म परिवर्तन करवा दिया है। इतने पर भी जब दिल नही भरा तो वो पीर अब खुद पीड़िता और उसकी 5 साल की बेटी का भी धर्म परिवर्तन का दबाब बना रहा है। साथ ही, पीड़िता का आरोप है कि उसका पति लगभग पिछले डेढ़ बर्ष से उससे मिलने नही आया है। जब उसकी खोज में पीड़िता उस पीर के घर गई तो उसे धमकी दी जाने लगी। पीड़िता ने आरोपी पीर की पैरवी एक भाजपा विधायक पर किए जाने का भी आरोप लगाया है। महिला का बड़ा दावा महिला का दावा है कि अतीक और अशरफ गैंग के नाम पर एक विश्व प्रसिद्ध दरगाह के पीर पप्पन का संबंध अशरफ के साले सद्दाम से हो गया था। सद्दाम की मदद से अशरफ की जेल में मिलाई और उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। इसमें सद्दाम को भी नामजद किया गया था। सद्दाम बदायूं जेल में भी बंद रहा था। पप्पन पीर के सद्दाम के संबंध होने के चलते इस हिन्दू महिला पर धर्म-परिवर्तन करने का दबाब बनाया गया। यह चौंकाने वाला मामला सामने आने के बाद पीड़ित महिला ने देश के राष्ट्रपति, भारत सरकार, यूपी के मुख्यमंत्री और एसएसपी तक को शिकायत की है। बदायूं के मंदिर में युवक ने पढ़ी नमाज, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने किया गिरफ्तार पूरे मामले पर पीड़िता ने कहा कि मेरे परिवार में पप्पन पीर जी का काफी सालों से आना जाना है। मेरे पति भी उनके मुरीद हैं। हमारे बीच की पर्सनल बातें भी उन्हें बताते हैं। मेरे सास-ससुर, मेरे पति और पीर जी चाहते हैं कि मैं भी मुसलमान बन जाऊं। उनके लिए हिंदू धर्म कोई मायने नहीं रखता है। पिछले डेढ़ साल से ये पीर मुझे अपने सास-ससुर और पति से मिलने भी नहीं दे रहा है। इनका दबाव है कि मैं भी मुसलमान बन जाऊं। महिला ने आरोप लगाया कि पीर और उनके लोगों की ओर से लगातार धमकी दी जाती है। मेरी 5 साल की एक बेटी है। मुझे इन लोगों से डर लगता है। मामले की शिकायत के बाद भी एक्शन नहीं हुआ। अब जल्द कार्रवाई हो। पुलिस ने मामला दर्ज कर अब इसकी जांच शुरू कर दी है।

एयर इंडिया AI 171 विमान हादसा: ब्रिटेन में रह रहे पीड़ितों के परिजन एयर इंडिया और बोइंग पर मुआवज़े को लेकर कर सकते हैं मुकदमा

अहमदाबाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों के परिजन एयर इंडिया और विमान निर्माता कंपनी बोइंग के खिलाफ ब्रिटेन की अदालतों में मुकदमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। वे इस हादसे में हुए अपूरणीय नुकसान के लिए अधिक मुआवज़े की मांग कर सकते हैं। इस त्रासदी में 242 यात्रियों और क्रू में से 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर भी कम से कम 34 लोग मारे गए थे। हादसे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजगी और कानूनी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकदमा बहुराष्ट्रीय विमानन कंपनियों की जिम्मेदारियों को लेकर एक मिसाल कायम कर सकता है। अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया AI 171 विमान हादसे में मारे गए लोगों के यूके स्थित परिवार एयर इंडिया और विमान निर्माता कंपनी बोइंग के खिलाफ ब्रिटेन की अदालतों में मुआवज़े को लेकर कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है। लंदन जा रहे इस बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से सिर्फ एक व्यक्ति ही बचा था। इसके अलावा ज़मीन पर मौजूद 34 अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। हादसा टेक-ऑफ के कुछ सेकंड के भीतर ही एक मेडिकल कॉलेज परिसर में विमान गिर जाने से हुआ था। मृतकों में 181 भारतीय नागरिक थे, जबकि 52 लोग यूके के निवासी थे। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीड़ितों के परिवार यूके की लॉ फर्म कीस्टोन लॉ से सलाह-मशविरा कर रहे हैं, ताकि एयर इंडिया और बोइंग के खिलाफ संभावित मुकदमे दायर किए जा सकें। माना जा रहा है कि यह मुकदमे मुआवज़े की राशि बढ़वाने को लेकर दायर किए जा सकते हैं। एयर इंडिया के मालिकाना हक वाली टाटा समूह ने पहले प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े की घोषणा की थी। बाद में तत्काल वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 25 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवज़ा देने की घोषणा भी की गई। कीस्टोन लॉ ने भी यह स्वीकार किया है कि वह इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले कई परिवारों से बातचीत कर रहा है। यह हादसा भारत के विमानन इतिहास की सबसे भयावह दुर्घटनाओं में गिना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हफ्ते यूके में रह रहे पीड़ितों के परिजनों और कीस्टोन लॉ के बीच कई बैठकें निर्धारित की गई हैं, जिनमें कानूनी रणनीति तैयार की जाएगी। कीस्टोन लॉ ने कहा, “हम एयर इंडिया के प्रमुख विमानन बीमाकर्ता टाटा AIG द्वारा हाल ही में की गई शुरुआती वित्तीय सेटलमेंट पेशकशों और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एयर इंडिया के अग्रिम भुगतान की ज़िम्मेदारी की समीक्षा कर रहे हैं।” मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत, विमान हादसे के पीड़ितों के परिवार उन न्यायिक क्षेत्रों में भी दावा कर सकते हैं जहां एयरलाइन का संचालन होता है या जहां पीड़ितों के व्यक्तिगत संबंध होते हैं। इस हफ्ते की बैठकों के बाद ही कानूनी कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाने की संभावना है।

अपात्र एवं अस्तित्वहीन हितग्राहियों का मौके पर सत्यापन, नाम हटाने के लिये 1 से 15 जुलाई तक विशेष अभियान

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित कर वास्तविक हितग्राहियों को राशन वितरण करने के लिये हितग्राहियों की ई-केवायसी करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया है कि शेष हितग्राहियों की ई-केवायसी कराने तथा मृत तथा अपात्र एवं अस्तित्वहीन हितग्राहियों का मौके पर सत्यापन के बाद उनका नाम हटाने के लिये 1 से 15 जुलाई तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये हैं। गौरतलब है कि अभी तक कुल पात्र हितग्राही 5 करोड़ 32 लाख 42 हजार में से 4 करोड़ 75 लाख 66 हजार हितग्राहियों के ई-केवायसी किये जा चुके हैं। इनमें 2 लाख 36 हजार हिताग्राहियों के नाम विलोपित किये गये हैं। इनमें से 54 लाख 40 हजार की ई-केवायसी किया जाना शेष है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा में ई-केवायसी कराने के लिये जून माह में ई-केवायसी से शेष परिवारों को ई-केवायसी के बाद राशन वितरण की व्यवस्था की गई है। ई-केवायसी से शेष हितग्राहियों का घर-घर जाकर सत्यापन करने के लिये वार्ड प्रभारी/पंचायत सचिव/रोजगार सहायक की ड्यूटी लगाने के निर्देश कलेक्टर्स को दिये गये हैं। ई-केवायसी से शेष हितग्राहियों की सूची उचित मूल्य दुकान/ग्राम पंचायत/वार्ड कार्यालय पर चस्पा की जाएगी। मौके पर उपलब्ध एवं पात्र हितग्राहियों को उचित मूल्य दुकान पर जाकर अथवा “मेरा राशन” एप पर फेस एथेंटिकेशन के माध्यम से ई-केवायसी करने के लिये अवगत कराने और हितग्राही के आधार नंबर में दर्ज नाम, मोबाइल नंबर त्रुटिपूर्ण होने एवं बायोमेट्रिक डाटा अपडेट न होने पर आधार केम्प में जाकर डाटा अपडेट कराने के निर्देश दिये गये हैं। पात्र हितग्राही द्वारा उचित मूल्य दुकान पर ई-केवायसी कराने पर आगामी दिवस में पात्रतानुसार राशन प्राप्त किया जा सकेगा। कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं कि ग्राम/वार्ड में सत्यापन के लिये नियत दिनांक की सूचना एक दिन पूर्व हितग्राहियों को विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध कराई जाए। ई-केवायसी की मॉनीटरिंग के लिये अनुभाग एवं जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए, जिसमें सत्यापन दल द्वारा प्रतिदिन की कार्यवाही की जानकारी ली जाए। साथ ही पात्र ई-केवायसी करने में आने वाली समस्याओं का निराकरण किया जाए। शेष हितग्राहियों के ई-केवायसी करने एवं अपात्र/मृत/स्थाई पलायन/दोहरे हितग्राहियों का विलोपन घर-घर जाकर सत्यापन अभियान के संबंध में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जाए। शेष हितग्राहियों के ई-केवायसी कराने का अभियान समाप्त होने तक भी ई-केवायसी नहीं होती है, तो यह समझा जाएगा कि या तो व्यक्ति अस्तित्व में नहीं है या फिर उसे राशन की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में उनके नाम को सूची से विलोपन की कार्यवाही पर विचार किया जा सकेगा।  

UNSC की कुर्सी पर पाकिस्तान! क्या भारत के खिलाफ उठेगा अंतरराष्ट्रीय मोर्चा?

इस्लामाबाद  भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान ने मंगलवार से जुलाई 2025 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता संभालनी शुरू कर दी है। सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में पाकिस्तान के दो साल के कार्यकाल का हिस्सा है। पाकिस्तान जनवरी 2025 में दो साल के कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया था। पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में भारी समर्थन के साथ सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया और उसे 193 में से 182 वोट मिले थे। सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता का पद मासिक आधार पर 15 सदस्यों के बीच वर्णानुक्रम में बदलता रहता है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने सरकारी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) के संवाददाता से कहा, ''पाकिस्तान की अध्यक्षता पारदर्शी, समावेशी और उत्तरदायी होगी।'' राजदूत इफ्तिखार जुलाई में प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर सुरक्षा परिषद की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि वह जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य, दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरों, बढ़ते संघर्षों और गहराते मानवीय संकटों से पूरी तरह अवगत हैं। जुलाई में अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान, पाकिस्तान बहुपक्षवाद और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, तथा संयुक्त राष्ट्र-इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) सहयोग पर दो उच्चस्तरीय कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि ये विषय बहुपक्षवाद, निवारक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने में क्षेत्रीय संगठनों के साथ सहयोग जैसी साझा प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करते हैं। साथ ही, पश्चिम एशिया की स्थिति तथा अफ्रीका, यूरोप, एशिया और लैटिन अमेरिका के घटनाक्रमों सहित प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राजदूत इफ्तिखार पहले ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस से मिल चुके हैं और उन्हें जुलाई में सुरक्षा परिषद की कार्य योजना के बारे में जानकारी दे चुके हैं। पाकिस्तानी राजदूत ने एक साक्षात्कार में कहा, ''एक ऐसे देश के रूप में जिसने लगातार बातचीत और कूटनीति की वकालत की है, पाकिस्तान सुरक्षा परिषद के काम में सैद्धांतिक और संतुलित दृष्टिकोण लाता है। यह संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों में पाकिस्तान के योगदान पर आधारित होगा।'' इससे पहले, पाकिस्तान 2012-13, 2003-04, 1993-94, 1983-84, 1976-77, 1968-69 और 1952-53 के दौरान सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य था। हिंदुस्तान के लिए कैसे खतरा? पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को गहरे जख्म दिए हैं। इसका बदला अब वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बनकर कर ले सकता है। आशंका जताई जा रही है कि इस महीनेभर के दौरान पाकिस्तान भारत के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश कर सकता है। भारत ने पिछले दिनों सिंधु जल संधि को रोककर पाकिस्तान को बूंद-बूंद के लिए तरसा दिया है, जिसके बाद से ही वह भारत के सामने पत्र लिखकर गिड़गिड़ा रहा है। ऐसे में यूएनएससी की अध्यक्षता मिलने के बाद वह इस स्टेज से भारत के खिलाफ झूठी बातें बोलकर फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, भारत भी मुंहतोड़ जवाब देना जानता है और समय-समय पर उसे बेनकाब भी करता आया है।  

2 साल में करोड़ों रोजगार का वादा, नई खेल नीति भी शामिल – मोदी सरकार ने तीन अहम फैसलों को दी मंजूरी

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार (01 जुलाई, 2025) को बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना, खेल से जुड़ी खेलो भारत नीति, रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के अलावा तमिलनाडु में परमकुडी-रामनाथपुरम नेशनल हाईवे को चार लेन का बनाने के लिए मंजूरी दी। कैबिनेट प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, रोजगार क्षमता और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ईएलआई) योजना को मंजूरी दी। योजना का लक्ष्य 2 वर्षों में देश में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करना है। इसका कुल बजट: 99,446 करोड़ रुपये है। खेलो भारत नीति को दी मंजूरी केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज राष्ट्रीय खेल नीति (एनएसपी) 2025 को मंजूरी दे दी। यह एक ऐतिहासिक पहल है जिसका उद्देश्य देश के खेल परिदृश्य को नया आकार देना और खेलों के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाना है। नई नीति मौजूदा राष्ट्रीय खेल नीति, 2001 की जगह लेती है, साथ ही भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने और 2036 ओलंपिक खेलों सहित अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्टता के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने के लिए एक दूरदर्शी और रणनीतिक रोडमैप पेश करती है। रिसर्च एंड डेवलेपमेंट भारत के रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक परिवर्तनकारी कदम के रूप में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक लाख करोड़ रुपये की निधि के साथ अनुसंधान विकास और नवाचार (आरडीआई) योजना को मंजूरी दे दी है। आरडीआई योजना का उद्देश्य आरडीआई में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने के लिए कम या शून्य ब्याज दरों पर लंबी अवधि के साथ दीर्घकालिक वित्तपोषण या पुनर्वित्त प्रदान करना है। यह योजना निजी क्षेत्र के वित्तपोषण में बाधाओं और चुनौतियों को दूर करने के लिए डिज़ाइन की गई है और नवाचार को सुविधाजनक बनाने, प्रौद्योगिकी को अपनाने को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों को विकास और जोखिम पूंजी प्रदान करने का प्रयास करती है। तमिलनाडु को मोदी सरकार का तोहफा मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु में परमाकुडी-रामनाथपुरम खंड के 4-लेन निर्माण को मंजू़री दी। खंड की कुल लंबाई 46.7 किमी है और परियोजना लागत 1,853 करोड़ रुपये है। दक्षिणी तमिलनाडु के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स नोड्स को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। मौजूदा समय में, मदुरै, परमकुडी, रामनाथपुरम, मंडपम, रामेश्वरम और धनुषकोडी के बीच संपर्क मौजूदा 2-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग 87 (एनएच-87) और संबंधित राज्य राजमार्गों पर निर्भर है, जिस वजह से इस राजमार्ग पर भीड़भाड़ रहती है और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

झमाझम बारिश की वापसी! दिल्ली-बिहार सहित इन राज्यों में अगले 7 दिन रेड अलर्ट

नई दिल्ली मानसून ने समय से नौ दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। आम तौर पर मानसून पूरे देश को 8 जुलाई के करीब कवर करता है, हालांकि, इस साल 29 जून को ही मानसून पहुंच गया। मानसून के दस्तक के साथ कई राज्यों में भारी तो कुछ राज्यों में अति भारी बारिश हो रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी की है। आईएमडी के अनुसार, अगले छह से सात दिनों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आने वाले पांच से छह दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। विभाग ने बताया कि मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में भी भारी बारिश की संभावना है। अनुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में कुछ दिनों में भारी बारिश हो सकती है। अगले सात दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के ताजा अपडेट में बताया गया है कि कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में भी अगले सात दिनों में भारी बारिश हो सकती है। अगले सात दिनों तक पूर्वोत्तर के भी कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से भारी बारिश की संभावना है। विभाग के मुताबिक, टीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और कर्नाटक में सप्ताह के कुछ दिनों में भारी बारिश हो सकती है। जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गत सोमवार को बताया कि जुलाई में देश में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। लगातार और अधिक बारिश के कारण कई हिस्सों में बाढ़ की भी संभावना है। इस कारण विभाग ने मध्य भारत, उत्तराखंड और हरियाणा के अधिकारियों और लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

‘जनता चाहती है नया नाम’ – पुरानी दिल्ली स्टेशन को लेकर सीएम रेखा गुप्ता ने दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग की है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कहा है कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम 'महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन' किया जाए। डॉक्टर्स डे के अवसर पर दिल्ली मेडिकल फोरम के डॉक्टर्स ने मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दिल्ली सचिवालय में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग पर बयान दिया। दिल्ली के सीएम ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "समाज के लोगों ने गुजारिश की थी, जिसके बाद हमने उनकी मांग के मद्देनजर पत्र रेल मंत्री को भेजा है, बाकी ये निर्णय उनका होगा।" साथ ही, रेखा गुप्ता ने डॉक्टर्स डे की बधाई दी। उन्होंने कहा, "मैं डॉक्टर्स डे पर देश और दुनिया भर के सभी डॉक्टरों को तहे दिल से बधाई देती हूं। सभी को मिलकर उत्कृष्ट चिकित्सा बुनियादी ढांचा और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं विकसित करनी चाहिए और दिल्ली को मेडिकल हब बनाना चाहिए।" बता दें कि सीएम रेखा गुप्ता ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग को लेकर ये पत्र बीते महीने जून में लिखा था। उन्होंने रेल मंत्री को लिखे इस पत्र में कहा था, "मैं आपसे विनम्र अनुरोध करती हूं कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम महाराजा अग्रसेन के सम्मान में बदलने पर विचार करें। महाराजा अग्रसेन सामाजिक न्याय, आर्थिक दूरदर्शिता और सामुदायिक कल्याण के प्रतीक हैं। उनके अनुयायी और वंशज दिल्ली के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन करने से उनके अमर योगदानों को सम्मान मिलेगा और यह दिल्ली के लाखों निवासियों की भावनाओं को गहराई से छुएगा। इस प्रस्ताव पर अपने मंत्रालय द्वारा शीघ्र और सकारात्मक विचार के लिए आपका व्यक्तिगत हस्तक्षेप अत्यंत सराहनीय होगा।"