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मौसम का कहर: यूपी में तीन दिन तक बरसेंगे बादल, पड़ोसी राज्यों का हाल भी जानें

नई दिल्ली  देशभर में मॉनसून का दूसरा फेज चल रहा है। आने वाले दिनों में मॉनसून की वापसी होने लगेगी, इससे पहले जमकर बारिश हो रही है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत तक भारी बरसात हो रही है। उत्तर प्रदेश में 11-13 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण पश्चिम राजस्थान पर दबाव की वजह से आठ सितंबर तक राजस्थान और गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। सात सितंबर को उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र व कच्छ में असाधारण रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो सात सितंबर को जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ, सात, 8 और 13 सितंबर को उत्तराखंड, 12 और 13 सितंबर को उत्तर प्रदेश, 11-13 तारीख के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो 7, 8, 10 और 13 सितंबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी बारिश, 11-12 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बरसात की संभावना है। सात तारीख को पश्चिमी मध्य प्रदेश, 7, 8, 13 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश, 11 और 12 सितंबर को विदर्भ, सात और 10-13 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़, 7-13 सितंबर के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, 9-11 सितंबर के दौरान बिहार में अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो 7, 10, 11 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सात और 10 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में भारी बारिश की संभावना है। 11-13 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, अरुााचल प्रदेश, 12, 13 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।  

प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर पर चोरी का प्रयास, चोरों ने जाली पर किया हाथ साफ

जबलपुर  प्रदेश के सबसे लंबे वीरागंना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर को चोर-नशेड़ियों की भी नजर लग गई हैं। नशे के लिए नशेड़ी फ्लाईओवर की सामग्री भी चुराने लगे है। दरअसल फ्लाईओवर पर बरसाती पानी की निकासी के लिए जगह-जगह नालीनुमा चेंबर बनाएं जिसे लोहे की रॉड व जालियां से ढंका गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे मजबूती से नटबोल्ट से टाइट भी किया गया था बावजूद इसके नशेड़ियों ने औजारों का उपयोग कर नट-बोल्ट काट दिया और लोहे की जालियां चुरा ले गए। जिससे फ्लाईओवर पर अब वाहनों के साथ दुर्घटना का अंदेशा बढ़ गया है। क्योंकि रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों का टायर खुले चेंबर में घुस सकता है जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना है। ये चेंबर इतने बड़े है कि वाहन का अगला टायर घुसने से वाहन अनियंत्रित होकर पलट भी सकता है। छोड़े सबूत, नशे के इंजेक्शन मिले ये करतूत नशेड़ियों द्वारा की गई है इसके सबूत भी यहां मिले है। चेंबर में नशे के इंजेक्शन इस बात की गवाही दे रहे है कि नशे के लिए नशेड़ियों ने चेंबर की जाली चुराई और बेच दी। ऐसे करीब चार से पांच चेंबर में लोहे की जाली व रॉड काटी गई है। कुछ जगह तो सड़क को भी नुकसान पहुंचाया गया हैं। सीसीटीवी लगाएं जाने चाहिए प्रदेश के सबसे बड़े करीब सात किमी लंबे फ्लाईओवर पर जिस तरह से अनैतिक गतिविधियां बढ़ रही है उससे फ्लाईओवर पर सीसीटीवी लगाने की मांग भी उठने लगी है। ताकि फ्लाईओवर से छेड़छाड़ करने वालों की पहचान हो सके और उन्हें दंडित किया जा सके। वहीं फ्लाईओवर से गुजरने वालों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। मोटरसाइकिल दो युवक कर थे स्टंट, FIR दर्ज दशमेश द्वार-दमोहनाका वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाइओवर पर दो युवक झंडा लेकर स्टंट कर रहे थे। दोनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार थे। रील के लिए स्टंट करते हुए वीडियो बना रहे थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवक हाथ में बड़ा झंडा लेकर लापरवाही पूर्वक वाहन चला रहे है। सफेद रंग के झंडे में उर्दू में कुछ लिखा हुआ है। मदन महल पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को संज्ञान में लिया है। दोनों युवकों पर एफआईआर पंजीबद्ध की है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। यह फ्लाइओवर जब से लोकार्पित हुआ है, उस पर स्टंड करने वाले और रील बनाने के लिए लोग लगातार पहुंच रहे है। उनके कृत्य से यातायात बाधित होने के साथ ही राहगीरों के घायल होने की आशंका बन रही है। एक मोटरसाइकिल चला रहा था, दूसरा वीडियो बना रहा था सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक फ्लाइओवर पर तेज गति से मोटरसाइकिल चला रहा है। वाहन चलाते हुए उसने एक बड़ा झंडा थाम रखा है। जिसे वह वाहन चलाने के साथ ही लहरा रहा है। जिसका वीडियो उसका साथी एक दूसरा युवक बना रहा है। उसके इस कृत्य से सड़क पर दुर्घटना और अन्य वाहन सवार के दुर्घटना के शिकार होने का खतरा बना हुआ है। वाहन नंबर के आधार पर तलाश जारी वायरल वीडियो में मोटरसाइकिल का नंबर एमपी 20 एमटी 8574 दिख रहा है। झंडा फहराते हुए वीडियो बनाने वाले दोनों युवक का चेहरा भी नजर आ रहा है। इस वीडियो की जानकारी पुलिस को गुरुवार की रात को लगी। उसके बाद अज्ञात आरोपितों पर मामला दर्ज किया है। मोटरसाइकिल के नंबर के आधार पर आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।

बारिश/बाढ़ के हालात पर बड़ा फैसला, पंजाब के इस जिले में स्कूल रहेंगे बंद

अमृतसर  अमृतसर जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल कल 8 सितंबर को बंद रहेंगे। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधक कमेटियों को निर्देश दिया है कि वे स्वयं इमारतों का निरीक्षण करें और जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित रिपोर्ट भेजें। इमारतें सुरक्षित पाई जाने पर 9 सितंबर से स्कूल खोल दिए जाएंगे। हालांकि, बाढ़ प्रभावित इलाकों रमदास, अजनाला और लोपोके के स्कूल अगली सूचना तक बंद रहेंगे। इन इलाकों की इमारतों के साथ-साथ स्कूलों तक जाने वाली सड़क का भी निरीक्षण करना होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के जो बच्चे अस्थायी रूप से दूसरे इलाकों में रह रहे हैं, वे पास के स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। इस संबंध में स्कूलों को आदेश भेज दिए गए हैं ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि ज्यादातर स्कूल सुरक्षित हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर इन्हें पूरी तरह से सफाई, सैनिटाइजेशन और सुरक्षा निरीक्षण के बाद ही खोला जाएगा। जिले के और स्कूल 9 सितंबर से खुलेंगे, लेकिन अजनाला-1, अजनाला-2, चोगावां-1 और चोगावां-2 ब्लॉक के स्कूल अभी बंद रहेंगे। स्कूलों को यह प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा कि इमारत सुरक्षित है और परिसर में कोई खतरा नहीं है। माध्यमिक, उच्च और मिडल स्कूलों को यह प्रमाण पत्र ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को और प्राथमिक स्कूलों द्वारा ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी को भेजना होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना प्रमाण पत्र के किसी भी स्कूल को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और अगर कोई समस्या आती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रशासक की होगी। प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।  

यात्री राहत के लिए वैष्णो देवी ट्रेन बहाल, पर रिजर्वेशन सिस्टम ने बढ़ाई परेशानी

जबलपुर रेलवे ने निरस्त की गई जबलपुर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा साप्ताहिक एक्सप्रेस (11449-50) को बहाल कर राहत देने की घोषणा की है। लेकिन यात्रियों को झटका तब लग रहा है जब इस ट्रेन में वापसी की टिकट बुक नहीं हो रही है। एक छोर से सीटों की बुकिंग होने और दूसरे छोर से रेल आरक्षण खिड़की पर ट्रेन निरस्त बताने से यात्री असमंजस में है। पश्चिम मध्य रेल की यह ट्रेन जबलपुर-कटरा के मध्य सीधी एकमात्र रेलसेवा है। यह ट्रेन कटरा के साथ ही जम्मू, पंजाब एवं हरियाणा के कुछ प्रमुख शहरों को भी सीधा जोड़ती है। रेलवे के अचानक ट्रेन को दो सितंबर से एक अक्टूबर के बीच निरस्त किए जाने से कई यात्री संकट में फंस गए थे। जिन्होंने ट्रेन के 10 सितंबर से पुन: बहाल किए जाने पर राहत की सांस ली। लेकिन अब कटरा से जबलपुर के लिए टिकट बुक नहीं होने से यात्री भ्रमित हैं। पांच फेरे निरस्त, किए एक फेरे के बाद ही बदला आदेश जबलपुर-एसवीडीके-जबलपुर एक्सप्रेस (11449-50) पंजाब में वर्षा से जम्मू रेल मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेलखंड की डाउन लाइन पर यातायात प्रभावित था। जिसके कारण जबलपुर-एसवीडीके एक्सप्रेस के पांच फेरे निरस्त कर दिए गए थे। लेकिन एक फेरा निरस्त करने के बाद ही अगले फेरे से ट्रेन को बहाल करने का निर्णय किया गया। जिसके बाद गुरुवार को पश्चिम मध्य रेलवे ने जबलपुर-एसवीडीके ट्रेन को नौ सितंबर एवं एसवीडीके-जबलपुर ट्रेन को 10 सितंबर से पुन: नियमित संचालित करने का निर्देश जारी किया। तुरंत आरंभ कर दी सीटों की बुकिंग पश्चिम मध्य रेल ने चार सितंबर को ट्रेन बहाली का आदेश दिया जारी किया। जिसके बाद पूर्व में निरस्त की गई नौ, 23 एवं 30 सितंबर की जबलपुर-एसवीडीके ट्रेन के लिए सीटों का आरक्षण शुरू हो गया। इस ट्रेन की मांग इतनी अधिक है कि ट्रेन बहाली के साथ ही संबंधित तिथियों पर दो दिन में ही ट्रेन की स्लीपर श्रेणी की सीटें फुल हो गई। पश्चिम मध्य रेल प्रशासन के अनुसार उत्तर रेलवे को ट्रेन बहाली की सूचना दे दी गई है। उत्तर रेलवे ने अपडेट नहीं किया सिस्टम रेलवे बोर्ड से प्राप्त निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेल ने जबलपुर-एसवीडीके के मध्य संचालित ट्रेन क्रमांक 11449-50 को बहाल किया। जिसकी सूचना से तुरंत उत्तर प्रदेश को भी अवगत करा दिया गया। इस ट्रेन के मार्ग पर स्थित पंजाब एवं जम्मू के स्टेशन उत्तर रेलवे के अंतर्गत आते है। लेकिन उत्तर रेलवे ने अभी तक अपने रिजर्वेशन सिस्टम को अपडेट नहीं किया है। जिसके कारण कटरा-जबलपुर के बीच सीटों का आरक्षण शुरू नहीं हो सकता है।

सिवान को नीतीश सरकार का तोहफ़ा, 558 करोड़ से 9 विकास परियोजनाओं की हुई शुरुआत

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने आज सिवान जिला के नारायणपुर मोड़, पचरुखी में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 558 करोड़ 35 लाख रुपये लागत की 9 विकासात्मक योजनाओं का शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया। इसके अंतर्गत 222 करोड़ 1 लाख रुपये की लागत से 220/132/33 केवी ग्रिड, उपकेन्द्र मैरवा एवं सम्बद्ध लाईन 'बे' का निर्माण, 120 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से पचरुखी बाईपास मोहम्मदपुर मोड़ (एन० एच०-531) से छपिया-टेढ़ी घाट-गोपालपुर (एनएच-227) पथ का चौड़ीकरण, 92 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से राज्य उच्च पथ स० 89 (बबुनिया सिसवन रोड) पर सिवान यार्ड (सिवान रेलवे स्टेशन से पचरुखी रेलवे स्टेशन के बीच अवस्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या-91 एसपीएल पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शामिल है। CM नीतीश ने जीविका दीदियों एवं अन्य लाभुकों के साथ किया संवाद साथ ही मुख्यमंत्री ने 67 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से सिवान आंदर पथ का चौड़ीकरण, 18 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से भण्टापोखर जीरादेई पथ का भाया जामापुर बाजार तक चौड़ीकरण, 10 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से सोनकारा, आन्दर में 33/11 के०वी० विद्युत शक्ति उपकेंद्र का निर्माण, 9 करोड़ 83 लाख की लागत से माधोपुर, महाराजगंज में 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र के निर्माण, 9 करोड़ 43 लाख रुपये की लागत से मशरख-महाराजगंज 132 के०वी० संचरण लाइन का द्वितीय सर्किट स्ट्रिगिंग एवं सम्बद्ध लाईन 'बे' के निर्माण, 8 करोड़ 49 लाख की लागत से सिवान ग्रिड उपकेन्द्र में 80 एमवीए ट्रांसफार्मर के अधिष्ठापन कार्य का शिलान्यास/कार्यारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिवान के नारायणपुर मोड़, पचरूखी स्थित कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित पेंशनधारी लाभुकों, जीविका दीदियों एवं अन्य लाभुकों के साथ संवाद किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। वहां उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि वृद्धजनो, दिव्यांगजनों एवं विधवा महिलाओं की पेंशन राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है। इससे सभी लोग खुश हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली फ्री करने से लोगों को बहुत फायदा हो रहा है। वे लोग बचत राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों में कर रहे हैं। जीविका दीदियों ने महिलाओं के उत्थान की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। इस दौरान ममता बहनों ने प्रोत्साहन राशि में दो गुना बढ़ोतरी किये जाने पर तथा आशा कार्यकर्ताओं ने प्रोत्साहन राशि तीन गुना वृद्धि किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मिड डे मील रसोइया, गृह रक्षा वाहिनी के लोगों ने भी मानदेय में वृद्धि को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। आप सभी बुलंदी के साथ रहिए और आगे बढ़िए- CM Nitish लाभार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी बुलंदी के साथ रहिए और आगे बढ़िए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी आप सभी जीविका दीदियां बहुत अच्छा काम कर रही हैं। आप लोग मन लगाकर काम करें, सरकार आप लोगों की हर संभव मदद कर रही है। अपने परिवार की तरक्की कीजिए और बिहार के विकास में अपना अहम योगदान दीजिए।

अब जेब ढीली करेगी ऑनलाइन फूड डिलीवरी: Zomato और Swiggy ने लगाया नया चार्ज

नई दिल्ली  अगर आप अक्सर Zomato, Swiggy या Magicpin से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। फेस्टिव सीजन से ठीक पहले, इन प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनियों ने अपनी 'प्लेटफॉर्म फीस' बढ़ा दी है, जिससे अब ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना पहले से महंगा हो जाएगा। इसके अलावा, 22 सितंबर से डिलीवरी चार्ज पर लगने वाले 18% जीएसटी के बाद यह बोझ और भी बढ़ जाएगा। किस कंपनी ने कितना बढ़ाया चार्ज? Swiggy: स्विगी ने चुनिंदा शहरों में अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 15 रुपये प्रति ऑर्डर कर दी है, जिसमें जीएसटी भी शामिल है। Zomato: ज़ोमैटो ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की है, जो अब 12.50 रुपये (जीएसटी को छोड़कर) हो गई है। Magicpin: मैजिकपिन, जो इन कंपनियों के बाद सबसे बड़ा फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म है, ने भी अपना शुल्क बढ़ाकर 10 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि यह इंडस्ट्री के रुझान के अनुरूप है और उनका शुल्क अभी भी सबसे कम है। जीएसटी के बाद बढ़ेगा और बोझ 22 सितंबर से लागू होने वाले डिलीवरी चार्ज पर 18% जीएसटी के कारण ग्राहकों पर और भी बोझ बढ़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए नियम के बाद ज़ोमैटो पर हर ऑर्डर पर करीब 2 रुपये और स्विगी पर करीब 2.6 रुपये का अतिरिक्त चार्ज लग सकता है। हालांकि, कंपनियों की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फूड डिलीवरी कंपनियों के लिए यह प्लेटफॉर्म फीस अब कमाई का एक नया जरिया बन गई है। 

यूपी में ऐतिहासिक फैसला: बेटियों को पिता की संपत्ति में बराबर का अधिकार, जानें कैसे होगा लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब तक शादीशुदा बेटियों को पिता की कृषि भूमि में हिस्सा नहीं मिलता था, लेकिन जल्द ही यह स्थिति बदल सकती है. राजस्व परिषद ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसी माह इसे शासन को भेजा जाएगा. फिलहाल उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 108 (2) के तहत किसी पुरुष भूमिधर के निधन के बाद जमीन का नामांतरण केवल उसकी विधवा, पुत्र और अविवाहित पुत्री के नाम किया जाता है. शादीशुदा बेटियों को इस अधिकार से बाहर रखा गया है. यही कारण है कि लंबे समय से इस प्रावधान को भेदभावपूर्ण मानते हुए संशोधन की मांग उठ रही थी. कया बदलेगा नियम सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित संशोधन में धारा-108 से विवाहित और अविवाहित जैसे शब्द हटा दिए जाएंगे. इसके बाद शादीशुदा बेटियों को भी उतना ही अधिकार मिलेगा जितना बेटों या अविवाहित बेटियों को मिलता है. यानी विरासत दर्ज करते समय विवाह के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा. इतना ही नहीं, मृतक भूमिधर की बहनों के अधिकार में भी यह फर्क खत्म कर दिया जाएगा.   अन्य राज्यों में पहले से लागू मध्य प्रदेश और राजस्थान में यह व्यवस्था पहले से लागू है. वहां विवाहित बेटियों को पिता की कृषि भूमि में पुत्रों के बराबर अधिकार मिलता है. यूपी सरकार का यह कदम भी उसी दिशा में माना जा रहा है. आगे की प्रक्रिया प्रस्ताव शासन स्तर पर परीक्षण के बाद कैबिनेट में जाएगा. इसके बाद विधानसभा और विधान परिषद की मंजूरी मिलने पर यह कानून का रूप ले लेगा. इसे महिलाओं को बराबरी का हक़ दिलाने और महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है.

जब पीएम मोदी ने निर्मला सीतारमण को फोन कर जीएसटी पर सलाह दी, पढ़िए क्या हुआ आगे

नई दिल्ली  जीएसटी में व्यापक सुधार रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि इसकी शुरुआत माल एवं सेवा कर परिषद की पिछले साल दिसंबर में जैसलमेर में हुई बैठक से पहले ही हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को फोन कर जीएसटी को व्यवसायों के लिए सुविधाजनक बनाने और दरों को युक्तिसंगत बनाने को कहा था, जिसके बाद इस पर काम तेजी से आगे बढ़ा। यह बात स्वयं सीतारमण ने बताई है। इसके चलते बेहद सरल जीएसटी प्रणाली का रास्ता साफ हुआ जिसमें कर की दरें कम हैं। इससे एक तरफ जहां कंपनियों के लिए पालन का बोझ कम हुआ है, वहीं रोजमर्रा के इस्तेमाल के समेत लगभग 400 वस्तुओं पर कर दरें कम हुई हैं। निर्मला सीतारमण ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘वास्तव में जीएसटी में व्यापक सुधारों का काम पहले ही शुरू हो चुका था। राजस्थान के जैसलमेर में हुई पिछली जीएसटी परिषद की बैठक से पहले ही प्रधानमंत्री ने मुझे फोन किया था। उन्होंने कहा, ‘एक बार आप जीएसटी को देख लो, व्यवसायों के लिए सुविधाजनक बनाओ और दरों पर इतने सारे भ्रम की स्थिति क्यों है? मुझे लगता है कि 9 महीने पहले हुई जैसलमेर बैठक से पहले की बात है।’ उन्होंने कहा, ‘फिर बजट के दौरान जब हम आयकर उपायों पर चर्चा कर रहे थे, तो उन्होंने मुझे याद दिलाया कि आप जीएसटी के ऊपर काम कर रही हैं न। यह एक चीज थी।’ पीएम ने फोन पर क्या कहा सीतारमण ने कहा, ‘दूसरा, मंत्री समूह डेढ़ साल से काम कर रहे थे। मैं उनमें से प्रत्येक की सराहना करती हूं कि उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने के लिए बहुत मेहनत की और उनके सुझाव सामने आए।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बात सुनने के बाद मैंने यह फैसला लिया कि अब समय आ गया कि हम GST के सभी पहलुओं की गहन समीक्षा करें। न केवल दरों की, न केवल स्लैब की संख्या की, बल्कि इस दृष्टिकोण से भी देखें कि एक व्यवसाय, लघु या मझोले व्यवसाय के लिए यह कितना और बेहतर होगा।’ वित्त मंत्री ने कहा कि हमने इन सब बातों पर गौर किया। वस्तुओं के वर्गीकरण को देखा जिससे काफी भ्रम पैदा हो रहा था। स्वभाविक रूप से दर पर भी गौर किया। 1 फरवरी, 2025 से लेकर लगभग 15 मई तक हम इसकी अध्ययन समीक्षा आदि का काम करते रहे।’ वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘मई के मध्य में मैं प्रधानमंत्री के पास गई। उन्हें जानकारी दी और बताया कि हम कदम उठाने के करीब हैं। यह एक प्रस्ताव का रूप ले सकता है और उनसे समय देने का अनुरोध किया। उसके बाद उन्होंने कहा कि आप देखिए इसे कैसे जीएसटी परिषद में ले जा सकती हैं। फिर मैं टीम के साथ बैठी और तय किया कि यह केंद्र का प्रस्ताव होगा, जो जीओएम को भेजा जाएगा क्योंकि जीओएम में राज्यों के मंत्री हैं। मैं वहां नहीं हूं। वास्तव में हम चाहते थे कि यह स्पष्ट हो जाए कि हम जीओएम की ओर से किए गए सभी कार्यों का सम्मान करते हैं। लेकिन यहां एक प्रस्ताव विशेष रूप से केंद्र की ओर से आ रहा है, जो परिषद में एक-तिहाई भागीदार है।’ GST को लेकर किस तरह की चर्चा सीतारमण ने कहा, ‘हमने मंत्री समूहों को प्रस्ताव दिया और मंत्री समूहों ने उस पर विचार करना शुरू कर दिया। इस बीच और उससे भी पहले जैसलमेर में वित्त राज्यमंत्री को क्षतिपूर्ति उपकर पर गठित मंत्री समूह का चेयरमैन बनाया गया था। वह उस पर विचार कर रहे थे। लेकिन वहां भी क्षतिपूर्ति उपकर के बाद, अगर वह उसे समाप्त करने का फैसला लेते हैं, तो उन मदों का क्या होगा जो क्षतिपूर्ति उपकर के अंतर्गत आती हैं? अब वे कहां जाएंगी? यह दरों को युक्तिसंगत बनाने का मामला है। इसलिए मंत्रिसमूह ने यह निर्णय लिया कि उपकर और उसे समाप्त करने के संबंध में, उन्हें हर नियम व शर्तों पर काम करना होगा। इसके अलावा, दरें तय करने के लिए गठित मंत्रियों का समूह दरों को युक्तिसंगत बनाने पर विचार कर रहा था। इसलिए मंत्रिसमूह के सदस्यों की सहमति से यह तय किया गया कि उपकर पर काम कर रहे सदस्य भी दरों को युक्तिसंगत बनाने वाली समूह समिति में भाग लेंगे।’ इसके बाद दरों को युक्तिसंगत बनाने वाली समिति (जिसकी शुरुआत वास्तव में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बासवराज सोमप्पा बोम्मई से हुई थी और जिसका नेतृत्व बाद में बिहार के उपमुख्यमंत्री ने किया) ने मंत्रिसमूह के कार्यों के अलावा, केंद्र की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर भी विचार किया। निर्मला सीतारमण के अनुसार, वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि बेहतर होगा कि यह पूरा मामला परिषद में ही रखा जाए, बजाय इसके कि वे इस प्रस्ताव पर आगे विचार करें। फिर यह सब परिषद के पास आया और परिषद ने इसे स्वीकार कर लिया। जीएसटी परिषद ने पिछले सप्ताह बुधवार को माल एवं सेवा कर के 4 स्लैब की जगह 2 स्लैब करने का फैसला किया। अब कर की दरें पांच और 18 प्रतिशत होंगी। विलासिता और सिगरेट जैसी अहितकर वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लागू होगी। सिगरेट, तंबाकू और अन्य संबंधित वस्तुओं को छोड़कर नई कर दरें 22 सितंबर से प्रभावी हो जाएंगी। दरों को युक्तिसंगत बनाए जाने के तहत टेलीविजन व एयर कंडीशनर जैसे उपभोक्ता उत्पादों के अलावा खानपान और रोजमर्रा के कई सामान समेत करीब 400 वस्तुओं पर दरें कम की गई हैं। सीतारमण ने कहा कि ऐतिहासिक जीएसटी सुधार लोगों के लिए सुधार है।  

CM सैनी का संदेश: आपदा में राजनीति नहीं, सेवा में दिखे पक्ष-विपक्ष और जनता की एकजुटता

हरियाणा  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जलभराव की आपदा में पक्ष, विपक्ष और आमजन को मिलकर धैर्य के साथ सेवा करने की जरूरत है, ताकि सभी मिलकर इस आपदा से निजात पा सकें। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है और समस्याओं भी कम हो रही हैं। पहाड़ों से आए ज्यादा पानी से प्रदेश के करीब 3000 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में फसल और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला हुआ है, जहां पर अब तक 1,69,738 किसानों ने 9,96,701 एकड़ फसल के खराबे का आवेदन किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को शाहाबाद रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जलभराव से प्रभावित गांवों के जन प्रतिनिधियों से बातचीत की और एक एक गांव की स्थिति, नुकसान के बारे में बारीकी से पूछा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मार्कण्डेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की और साथ ही जलभराव प्रभावित क्षेत्र से शिफ्ट किए हुए नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार नागरिकों के साथ हर स्थिति में मदद के लिए तैयार है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र से ज्यादा पानी आने की वजह से प्रदेश के गांवों जलभराव से प्रभावित हुए हैं। पानी ज्यादा बह रहा है। जिन लोगों के घर तक पानी पहुंचा है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। उनके लिए रहने, खाने-पीने और अन्य सुविधाएं पहुंचाई गई है। इसके अलावा पशुओं के चारे का भी प्रबंध किया जा रहा है। वर्ष 2023 में भी प्रदेश के अंदर ऐसी स्थिति पैदा हुई थी। प्रदेश में अधिकारी व्यवस्था बनाने के लिए लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आमजन के खराबी की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर आमजन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। पानी धीरे-धीरे कम होगा और प्रदेश की स्थिति नॉर्मल होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सभी नहर, नदी, नालों और बाढ़ राहत के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की साफ सफाई की जाती है। पहाड़ों से पानी आने के कारण इस बार स्थिति गड़बड़ा गई है। ऐसी आपदा की स्थिति में विपक्ष का राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस स्थिति में विपक्ष ने सरकार को सुझाव और सहयोग देना चाहिए। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि प्रदेश के नागरिकों को जलभराव आपदा में सहयोग करे।   मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मारकंडा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मारकंडा में 25000 क्यूसिक पानी की क्षमता है। इस बार लगभग 40,000 क्यूसिक पानी पहुंचा है, जो ओवरफ्लो होकर खेतों और आसपास के क्षेत्र में जल भराव की स्थिति को पैदा कर रहा है।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा स्वयं उत्तरी भारत में जल प्रभावित प्रदेशों की निगरानी रखे हुए हैं। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर को लेकर केंद्र से विशेष निर्देश दिए गए हैं। पंजाब प्रदेश में हरियाणा से ज्यादा जल का प्रभाव हुआ है। केंद्र की तरफ से हरियाणा को पंजाब की मदद करने में के लिए आदेश प्राप्त हुए हैं। इस पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पंजाब की अलग-अलग जगहों पर सहयोग पहुंचा जा रहा है। हरियाणा की तरफ से पंजाब में खाने, पीने और पशुओं के लिए चारा भेजा जा रहा है।

चोरों का शिकार बने Jitu Patwari, CCTV तार काटकर की चोरी की कोशिश

इंदौर  इंदौर शहर के राजेंद्र नगर इलाके में रहने वाले मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के घर देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर में घुसने के बाद सीसीटीवी कैमरे बंद करने के लिए बिजली के तार तक काट दिए। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह लगी, तो थाने पर सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने पूरे मामले को काफी देर तक दबा कर रखा। कांग्रेस के एमपी चीफ जीतू पटवारी के परिवार से जब जानकारी ली गई, तो उनका कहना था कि बदमाश शनिवार तड़के 3:00 से 4:00 बजे के बीच घर में घुसे थे। सभी बदमाशों ने चेहरे को ढक रखा था और उनके पास अमूमन हथियार भी हो सकते थे क्योंकि कुछ ही दिन पहले इंदौर में कनाडिया थाना क्षेत्र में एक जज के घर इसी तरह से बदमाश बैकअप के साथ गए थे। सभी बाग टांडा के बताए जा रहे हैं। लगातार बाग टांडा से आए आरोपी शहर में कई सुनसान इलाकों में घूम कर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन उसके बाद देर रात तक हो रही पुलिस चेकिंग पर सीधे तौर पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पुलिस के हाथ अब तक खाली है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जीतू पटवारी के घर बेखौफ होकर पांच बदमाश घुस गए और राजेंद्र नगर थाना वहां से कुछ ही दूरी पर था पर पुलिस को भनक भी न लगी। 12 घंटे से अधिक का समय होने के बाद भी पुलिस के पास इस पूरे मामले को लेकर कोई पुख्ता जवाब नहीं है।