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मौसम अपडेट: MP के कई जिलों में बारिश का अनुमान, बादलों का सफाया शुरू, श्योपुर में दोगुनी बारिश

भोपाल  वर्तमान में मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अब बादल धीरे-धीरे छंटने लगेंगे। इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग के जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। रविवार को सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक मलाजखंड में पांच, जबलपुर में तीन, रतलाम में दो, पचमढ़ी, टीकमगढ़ एवं उमरिया में एक मिलीमीटर बारिश हुई। मध्य प्रदेश के 17 जिलों जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में आज बारिश हो सकती है। सूखा बीत रहा, अगस्त जाते-जाते जमकर बरसा। वहीं, सितंबर का पहला सप्ताह पूरा मध्यप्रदेश तरबतर हो गया। इससे न सिर्फ प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो गया, बल्कि इंदौर बेहतर स्थिति में पहुंचा। 7 दिन में इंदौर में 10 इंच पानी गिर गया। ऐसा है मौसम का हाल मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में उत्तरी गुजरात और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर अवदाब का क्षेत्र मौजूद है। दो दिन में इसके पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र से श्योपुर, गुना, दमोह, माना, गोपालपुर से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। दूसरी ओर, बुरहानपुर में 26 इंच भी पानी नहीं गिरा है। धार, बड़वानी, खंडवा, शाजापुर और खरगोन में अब तक 30 इंच पानी भी नहीं गिरा। हालांकि, औसत बारिश के हिसाब से बड़वानी का कोटा भी पूरा हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में अभी करीब 22 दिन बारिश होगी। ऐसे में इन जिलों में भी मानसून की तस्वीर बेहतर हो सकती है। एमपी में कोटे से 4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 41.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 33.1 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। 4.2 इंच पानी ज्यादा गिर गया है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जिले-भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। इंदौर-उज्जैन संभाग की तस्वीर बेहतर नहीं इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम बारिश एक अन्य द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र पर बने चक्रवात से लेकर मध्य प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक जा रही है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अवदाब का क्षेत्र काफी दूर रहने के कारण फिलहाल मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि वातावरण में नमी रहने के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 30 में से भोपाल संभाग के चार, इंदौर संभाग के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर-उज्जैन संभाग के 4-4, रीवा संभाग के 3 और शहडोल संभाग का एक जिला शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ। गुना में 65 इंच बारिश, मंडला-श्योपुर में 56 इंच पानी गिरा सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर-1 पर है। यहां 65 इंच, मंडला-श्योपुर में 56 इंच, अशोकनगर में 54 इंच और शिवपुरी में 54.2 इंच पानी गिर चुका है। कई डैम के गेट खुले जुलाई में तेज बारिश की वजह से प्रदेश के कई डैम और तालाब ओवरफ्लो हो गए थे। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया। कई बड़े डैम के गेट भी खुले, लेकिन अगस्त में उतनी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में डैम के गेट नहीं खुल सके, लेकिन अगस्त के आखिरी और सितंबर के पहले सप्ताह में तेज बारिश का दौर रहा। इस वजह से भोपाल के भदभदा डैम का गेट भी खुल गया। इस बार जौहिला, बरगी, इंदिरासागर, बारना, अटल सागर, सुजारा, सतपुड़ा, तवा समेत कई डैम के गेट खुल चुके हैं। कुल 54 बड़े डैमों में अच्छा पानी आ चुका है। ऐसे समझें बारिश का गणित… 50 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     राजगढ़, रायसेन, नरसिंहपुर, मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और श्योपुर। 40 से 50 इंच बारिश वाले जिले     विदिशा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, ग्वालियर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, रतलाम, नीचम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, हरदा और उमरिया। 30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, मंदसौर, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर। इन जिलों में 30 इंच से कम बारिश     उज्जैन, शाजापुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन।

साजिश का पर्दाफाश: NIA ने जम्मू-कश्मीर समेत पांच राज्यों में छापेमारी की

श्रीनगर  एनआईए ने आतंकी साजिश मामले में जम्मू-कश्मीर और पांच राज्यों में ताबड़तोड़ ऐक्शन शुरू किया है। सोमवार को कम से कम 22 ठिकानों पर छापेमारी हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक आतंकी साजिश से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में बारामूला, कुलगाम, अनंतनाग और पुलवामा जिलों में तलाशी जारी है। जानकारी के मुताबिक मामला आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। एनआईए की टीम सोमवार सुबह ही बारामूला के जंगम गांव पहुंच गई। यहां रशीद लोन के घर पर छापेमारी की गई। इस मामले पर एनआईए ने अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले हैं। अधिकारियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा और बारामुला में तलाशी जारी है। कई जगहों से मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इससे पहले जून में एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में ही 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। बिहार में एनआईए को बड़ी सफलता बिहार में एनआईए को बड़ी सफलता मिली है। एनआईए की टीम ने खालिस्तानी आतंकी शरणजीत को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को छापेमारी के दौरान गोपालपुर से गिरप्तार किया गया। स्वर्ण मंदिर में ग्रेनेड अटैक मामले में शरणजीत कुमार उर्फ शनी आरोपी है। वह पंजाब के गुरदासपुर के बटाला का रहने वाला है।

मोदी का संदेश: पार्टी के साथियों से सीखना जरूरी; GST स्लैब बदलाव पर जताया धन्यवाद

 नई दिल्ली भाजपा सांसदों की दो दिवसीय कार्यशाला रविवार को संसद परिसर में शुरू हुई। उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले इस कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, जिसमें पीएम मोदी सहित भाजपा के सभी सांसद शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी का अनोखा अंदाज एक बार फिर देखने को मिला। वह बैठक में एक साधारण सांसद की तरह सबसे पीछे बैठे नजर आए। अब उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। साधारण सांसद की तरह दिखे पीएम मोदी  सुबह शुरू हुई इस कार्यशाला में भाजपा सांसदों ने पीएम मोदी को जीएसटी सुधारों के लिए बधाई दी। इसके बाद सभी सांसदों को उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी जानकारी दी गई। इस दौरान पीएम मोदी सबसे पीछे की पंक्ति में एक आम सांसद की तरह बैठे दिखे। गोरखपुर सांसद रवि किशन ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की और लिखा कि सांसदों की कार्यशाला में आखिरी पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। यही है भाजपा की ताकत। यहां हर कोई कार्यकर्ता है। इससे पहले, जीएसटी में ऐतिहासिक सुधारों के लिए भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन और सम्मान किया। इस मौके पर जगदंबिका पाल ने जीएसटी सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जीएसटी को लेकर एक बड़ा फैसला लिया, जो अंतरराष्ट्रीय टैरिफ के दबाव का विकल्प है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले विपक्ष जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहता था, और अब वे इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। पूरा देश उनकी सच्चाई जानता है। दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य बता दें कि इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य विधायी कौशल, शासन रणनीतियों और राजनीतिक संचार पर ध्यान देना है। नेताओं ने केंद्र सरकार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने और विपक्ष का मुकाबला करने के तरीकों पर चर्चा की। रविवार को सांसद पूरे दिन की कार्यशाला में शामिल हुए। सोमवार को भी तीन घंटे का एक और सत्र निर्धारित है। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। पीएम मोदी उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले, सोमवार को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी कर रहे हैं। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, संख्या बल के आधार पर राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

दतिया के होटल में विवादित सेलिब्रेशन, ASI और कॉन्स्टेबल पर एसपी ने लगाई सस्पेंशन

दतिया  दतिया के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एक एएसआई का बार डांसर्स के साथ अश्लील डांस वीडियो सामने आया है। वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ दो महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सूरज वर्मा ने ASI और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया।  दरअसल, 2 सितंबर को सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक राहुल बौद्ध की बर्थडे पार्टी एक होटल में रखी गई थी। इस दौरान 2 बार डांसर्स को भी बुलाया गया था। सामने आए वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ और कुछ अन्य युवक दोनों महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर डांस करते हुए अश्लील हरकतें करते दिखे। ASI समेत बर्थडे बॉय कॉन्स्टेबल राहुल बौद्ध पर एक्शन वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। दतिया एसपी ने फौरन कार्रवाई करते हुए एएसआई संजीव गौड़ और आरक्षक राहुल बौद्ध को सस्पेंड कर दिया है। एसपी सूरज वर्मा ने कहा- पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भयंकर संकट में गाजा, यूएन ने किया अलर्ट, इजरायल की सुप्रीम कोर्ट भी हुई नाराज

गाजा  गाजा में इजरायली हमलों में अब तक 64 हजार लोगों की जान गई है। वहीं भुखमरी से मरने वालों को कोई आंकड़ा ही सामने नहीं आया है। अंतरराष्ट्रीय संगठन गाजा में अकाल को लेकर बेहद चिंतित हैं। यूएन की एजेंसी का भी कहना है कि अगर इजरायल चाहे तो गाजा अकाल से बच सकता है। ग्लोबल हंगर मॉनीटर के मुताबिक हजारों फिलिस्तीनी अब भी भुखमरी का शिकार हैं। वहीं गाजा सिटी में इजरायली हमला तेज होने के बाद यहां स्थिति काफी खराब हो गई है। इजरायल ने मार्च से मई तक 11 महीने के लिए गाजा में मानवीय सहायता पर भी रोक लगा दी थी। वहीं अब इजरायल का दावा है कि वह आम लोगों तक राशन पहुंचा रहा है। वहीं यूएन की एजेंसी के मुताबिक यह सहायता पर्याप्त नहीं है। यूएन ऐड के चीफ टॉम फ्लेचर ने कहा कि समय तेजी से गुजर रहा है। अगर गाजा को अकाल से बचाना है तो इसके लिए बहुत कम समय बचा है। इजरायल की रक्षा एजेंसी COGAT कहना है कि पिछले सप्ताह गाजा में 1900 ट्रंक भेजे गए हैं। धीरे-धीरे सप्लाई बढ़ाई जा रही है। एजेंसी ने कहा, यह सहायता केवल आम लोगों के लिए है ना कि हमास के लिए। इजरायल का कहना है कि गाजा सिटी की बहुमंजिला इमारतों पर हमास का कब्जा है इसलिए आम लोग इसे खाली कर दें। बीते दिनों इजरायल ने गाजा सिटी की कई हाई राइज को निशाना बनाया है। इन हमलों में कम से कम 14 लोग मारे गए। गाजा के लोगों का कहना है कि गाजा सिटी राफाह बन जाए, इससे पहले हमास को इजरायल के साथ बात करके युद्ध खत्म करना चाहिए। इजरायल में भी आम जनता गाजा के इस युद्ध का समर्थन नहीं करती है। शनिवार को भी हजारों लोगों ने युद्ध खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। माना जा रहा है कि गाजा में अब भी 48 इजरायली बंधक जिंदा हैं। इजरायली सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को लताड़ा इजराइल के सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को कहा कि सरकार फलस्तीनी कैदियों को पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध नहीं करा रही। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कैदियों को पर्याप्त भोजन मुहैया कराएं। यह लगभग ढाई साल में ऐसा दुर्लभ मामला है, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने सरकार के खिलाफ कोई फैसला सुनाया है। युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल ने गाजा में हमास से जुड़े होने के संदेह में हजारों लोगों को कैद किया है। हजारों लोगों को महीनों हिरासत में रखने के बाद छोड़ा भी गया है। अधिकार समूहों ने जेलों और हिरासत केंद्रों में कैदियों के साथ बड़े पैमाने पर दुर्व्यवहार होने की जानकारी दी है, जिनमें पर्याप्त मात्रा में भोजन व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध न कराना और अस्वच्छता जैसी समस्याएं शामिल हैं। मार्च में इजराइली जेल में 17 वर्षीय फलस्तीनी लड़के की मौत हो गई थी, जिसके बाद चिकित्सकों ने कहा था कि मौत का मुख्य कारण भूख हो सकती है।

पंजाब में PM मोदी की यात्रा से पहले सख्त पाबंदियां, प्रशासन ने जारी किए निर्देश

गुरदासपुर  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितम्बर, 2025 को गुरदासपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने आ रहे हैं। डॉ. हरजिंदर सिंह बेदी, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, गुरदासपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 9 सितम्बर 2025 तक गुरदासपुर जिले की सीमा के भीतर सभी प्रकार के ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश एकतरफा पारित किया गया।

रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दिए निर्देश, प्रयास आवासीय विद्यालय को बनाया जाएगा मॉडल स्कूल

प्रयास आवासीय विद्यालय को मिलेगा मॉडल स्कूल का दर्जा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की पहल विद्यार्थियों से संवाद कर सुविधाओं का लिया जायजा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने का दिया संदेश रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी आज रायगढ़ स्थित शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय पहुंचे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को इसे मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। मंत्री चैधरी ने विद्यार्थियों से विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, भोजन, सुरक्षा और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएँ समय पर मिल रही हैं और अध्ययन भी सुचारु रूप से चल रहा है। वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ का प्रयास विद्यालय प्रदेश का आदर्श विद्यालय बने और यहां से बच्चे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित हों, यही हमारी प्राथमिकता है। चैधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय में नियमित साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, खेलकूद और योग गतिविधियाँ, खेल सामग्री और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। साथ ही विद्यालय का समय-समय पर निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाए। प्रयास विद्यालय: मेधावी छात्रों के लिए विशेष पहल प्रयास आवासीय विद्यालय, छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इन विद्यालयों की स्थापना आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को  उत्कृष्ट शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए की गई है। यहाँ छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन और कोचिंग दी जाती है, ताकि वे आईआईटी, एनआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता पाकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी मंत्री राजपूत बोले- विपरीत परिस्थितियों में धर्म और सच्चाई से समझौता नहीं करना चाहिए 50 लाख रुपए से निर्मित लव कुश भवन का किया लोकार्पण भोपाल सागर के जैसीनगर में कुशवाहा समाज द्वारा भगवान लव-कुश जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए। उन्होंने हिमांचल टौरी पर 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित भगवान लव कुश भवन का लोकार्पण किया। मंत्री सिंह राजपूत ने भगवान लव-कुश की मनमोहक झांकी का पूजन-अर्चना किया। कुशवाहा समाज के लोगों ने मंत्री राजपूत का फलों से तुलादान कर स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने समाज को भगवान लव-कुश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान लव कुश और भगवान राम की महिमा से कोई अपरिचित नहीं है। प्रत्येक घर में रामचरितमानस का पाठ होता है और भगवान राम, लव और कुश की मर्यादा, शौर्य और पराक्रम की गाथाएं सभी के मन में बसी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान लव और कुश ने वनवास के कठिन समय में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का पालन किया। उनकी वीरता का प्रमाण अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को रोकने की कथा से मिलता है। उन्होंने समाजजनों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी हमें अपने धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जनता के आशीर्वाद से हो रहा सुरखी में विकास मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का श्रेय क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद को जाता है। उन्होंने कहा, मैं केवल माध्यम हूं, विकास कार्य भगवान और आप सभी की प्रेरणा से संभव हुए हैं। काम करने वाला मैं हूं और कराने वाले आप सभी। उन्होंने बताया कि राहतगढ़, सिहोरा, जैसीनगर, बिलहरा और सुरखी में पेयजल आपूर्ति के लिए 40 किलोमीटर दूर मडिया डेम से पानी लाया गया है, जिसके लिए जनता का आशीर्वाद और सहयोग महत्वपूर्ण रहा।  

दिवाली पर किसानों की झोली होगी भारी! GST कटौती और PM KISAN 21वीं किस्त की तैयारी

नई दिल्ली केंद्र की मोदी सरकार ने GST Rate Cut करके किसानों को ही नहीं पूरे देशवासियों को दिवाली का गिफ्ट नवरात्रि में ही दे दिया। 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू होंगी। रोजमर्रा की जरूरतों का लगभग हर सामान सस्ता हो गया। कुछ वस्तुओं पर तो 0 जीएसटी लगेगा। ये गिफ्ट देश के हर वर्ग के लोग किसानों से लेकर मिडिल क्लास तक सभी के लिए हैं। लेकिन किसानों को दिवाली पर मोदी सरकार एक और तोहफा दे सकती है। ये तोहफा PM KISAN YOJANA की 21वीं किस्त का हो सकता है। पीएम किसान योजना केंद्र सरकार की एक योजना है जिसे किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे पहले 2 अगस्त को PM Modi ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से 20वीं किस्त जारी की थी। अब किसानों को अगली किस्त का इंतजार है। GST Rate Cut के बाद अब दिवाली पर PM Kisan Yojana की 21वीं किस्त? कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि किसानों को दिवाली या दिवाली से पहले 21वीं किस्त का तोहफा मिल सकता है। पिछले साल की बात करें तो अक्टूबर 2024 में मोदी सरकार ने 18वीं किस्त जारी की थी। इस बार दिवाली 20 और 21 अक्टूबर को पड़ रही है।  ऐसे में संभावना यही है कि इस बार भी अक्टूबर में मोदी सरकार PM Kisan Yojana की 21वीं किस्त जारी कर सकती है। हालांकि, अभी सरकार द्वारा आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बैंक खाते में आएंगे 2-2 हजार? अगर दिवाली से पहले किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये आते हैं तो यह डबल धमाके जैसे होगा। क्योंकि सरकार ने पहले ही जीएसटी की दरों में कटौती कर दी है। 22 सितंबर यानी नवरात्रि के पहले दिन से New GST Rates लागू हो रहे हैं। सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त (21st installment of the PM Kisan Samman Nidhi Yojana) जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। इस योजना के तहत, पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, जो 2,000 रुपये की तीन किस्तों में विभाजित होते हैं, सीधे उनके बैंक खातों में।  

नीतीश राज में उठी नई चुनौती: निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती लोकप्रियता

पटना इसे राजनीतिक दलों का बढ़ता प्रभुत्व कहें या लोकतंत्र का बदला चेहरा, बिहार विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की पूछ लगातार घट रही है। वर्ष 2000 में झारखंड बंटवारे के बाद हुए पिछले पांच विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो निर्दलीय उम्मीवारों के सीट जीतने की क्षमता में तेजी से गिरावट हुई है। वोट शेयर भी लगभग आधा हो गया है। फरवरी, 2005 के विधानसभा चुनाव में 17 निर्दलीय विधायक जीते थे, जिसमें चुनाव दर चुनाव कमी आती गई। वर्ष 2020 के पिछले चुनाव में महज एक निर्दलीय प्रत्याशी सुमित कुमार सिंह ही जीत दर्ज कर सके। उन्होंने भी महज 551 मतों से चकाई से निर्दलीय जीत दर्ज की थी। बाद में वह जदयू के पाले में चले गए और वर्तमान में मंत्री भी हैं। इसके पहले वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। इनमें बोचहां से बेबी कुमारी, कांटी से अशोक कुमार चौधरी, मोकामा से अनंत सिंह और वाल्मीकिनगर से धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह शामिल थे।  वर्ष 2010 में छह विधायक निर्दलीय जीते। इनमें बलरामपुर से दुलाल चंद्र गोस्वामी, डेहरी से ज्योति रश्मि, ढाका से पवन कुमार जायसवाल, लौरिया से विनय बिहारी, ओबरा से सोमप्रकाश सिंह और सिकटा से दिलीप वर्मा शामिल रहे। 2005 में दो विधानसभा चुनाव, जीते 27 निर्दलीय विधायक वर्ष 2005 में छह माह के अंतराल पर दो विधानसभा चुनाव हुए जिनमें कुल 27 निर्दलीय विधायकों ने जीत दर्ज की थी। फरवरी, 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में 17 विधायकों ने निर्दलीय जीत दर्ज की थी। इनमें बछवाड़ा से रामदेव राय, बहादुरगंज से मो तौसिफ आलम, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर, गरखा से रघुनंदन मांझी, गया मुफिस्सल से अवधेश कुमार सिंह, घोसी से जगदीश शर्मा, गोबिंदपुर से कौशल यादव, मधेपुरा से रूप नारायण झा, महिषी से सुरेन्द्र यादव, मढ़ौरा से लालबाबू राय, मशरख से तारकेश्वर सिंह, मटिहानी से नरेन्द्र कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर से विजेन्द्र चौधरी, नवादा से पूर्णिमा यादव, रघुनाथपुर से जगमातो देवी, सिकटी से मुरलीधर मंडल और सोनबरसा से किशोर कुमार निर्दलीय जीते। राष्ट्रपति शासन लगने के कारण जब अक्टूबर, 2005 में फिर से विधानसभा चुनाव हुए तो दस निर्दलीय विधायक जीतकर सदन पहुंचे। इनमें बाइसी से सैयर रुकनुदीन, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर, डेहरी से प्रदीप कुमार जोशी, गोबिंदपुर से कौशल यादव, मढ़ौरा से लालबाबू राय, मटिहानी से नरेन्द्र कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर से विजेन्द्र चौधरी, नवादा से पूर्णिमा यादव, सोनबरसा से किशोर कुमार और वारसलिगंज से प्रदीप कुमार ने निर्दलीय जीत दर्ज की। जीत के बाद दलों के हो जाते हैं निर्दलीय बिहार के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की अपनी पहचान रही है। उनका अपना गढ़ रहा है। जिसे भेदने में बड़े-बड़े दिग्गज हार गए। डुमरांव से ददन पहलवान, मोकामा से अनंत सिंह, मुजफ्फरपुर से विजेन्द्र चौधरी, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर, सोनबरसा से किशोर कुमार, रूपौली से बीमा भारती समेत ऐसे कई नाम रहे। बाद में इनमें से कई निर्दलीय राजनीतिक दलों में शामिल हो गए और फिर पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने लगे। दरअसल, राजनीतिक दलों को भी ऐसे उम्मीदवारों की तलाश होती है, जिनका अपना वोट बैंक हो। ऐसे में निर्दलीय जीतकर आए उम्मीदवार, उनकी पहली पसंद होते हैं। अमूमन देखा जाता है कि बड़े राजनीतिक दल ऐसे निर्दलीय उम्मीवारों को अगली बार उसी सीट से अपना उम्मीदवार बना लेते हैं। चुनाव दर चुनाव निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या घटने का यह भी एक बड़ा कारण है। कभी मुख्यमंत्री को हराकर निर्दलीय बने थे सीएम बात 1967 के विधानसभा चुनाव की है। तब पटना पश्चिम (वर्तमान बांकीपुर सीट) से चुनाव लड़ रहे तत्कालीन मुख्यमंत्री केबी सहाय चुनाव को निर्दलीय प्रत्याशी महामाया प्रसाद सिन्हा ने हरा दिया था। इस चुनाव में किसी गठबंधन को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। इसके बाद संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, जनसंघ, सीपीआइ, जन क्रांति दल और प्रजा सोशलिस्ट जैसी पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई। महामाया प्रसाद जनक्रांति दल में शामिल हो गए और खुद मुख्यमंत्री बने।