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यात्रियों की सुरक्षा पर जोर: शताब्दी एक्सप्रेस में लागू हुआ वंदे भारत जैसा डोर सिस्टम

ग्वालियर नई दिल्ली से रानी कमलापति के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस अब हाईटेक हो गई है। इस ट्रेन में मेट्रो, वंदे भारत और तेजस एक्सप्रेस की तर्ज पर अब ऑटोमेटिक डोर लगा दिए गए हैं। इसका ट्रायल भी हो चुका है और अब वंदे भारत की तरह इसके गेट खुलने भी लगे हैं। कोच के दरवाजों पर इंडिकेटर और अलार्म भी लगाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और आपराधिक घटनाओं को रोकने में यह ऑटोमेटिक डोर कारगर साबित होंगे। शताब्दी के चलने से 10 सेकंड पहले इसके सभी दरवाजे अपने आप बंद होने लगे हैं। इस ट्रेन में अभी हाल ही में इस व्यवस्था को शुरू किया गया है। चेन पुलिंग पर भी नहीं खुलेंगे गेट शताब्दी एक्सप्रेस के डोर लॉकिंग सिस्टम को वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर विकसित किया गया है। वंदे भारत एक्सप्रेस में अगला स्टेशन आने की सूचना के साथ यह भी बताया जाता है कि दरवाजे किस ओर खुलेंगे। इसी तरह की व्यवस्था शताब्दी एक्सप्रेस में की गई है। कई बार लोग परिजनों के छूट जाने या अन्य किसी कारण से ट्रेन में चेन पुलिंग कर देते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अब चेन पुलिंग करने पर भी दरवाजे नहीं खुलेंगे। चोटिल होने से भी बचेंगे अभी तक देखने में आ रहा है कि ट्रेनों के चलते समय प्लेटफॉर्म पर यात्री चढऩे और उतरने के प्रयास में चोटिल हो जाते हैं। कभी- कभी तो यात्रियों की मौत तक हो जाती है, लेकिन अब इस नई व्यवस्था से शताब्दी में इस तरह की घटनाएं नहीं हो सकेंगी। क्योंकि दरवाजे अपने आप ही बंद हो जाएंगे। चोरी, छीना-झपटी की घटनाओं से मिलेगी राहत शताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान यात्रियों को चोरी छीना-झपटी की घटनाओं से भी इस व्यवस्था के शुरू होने से राहत मिल जाएगी। इसके पहले शताब्दी एक्सप्रेस के दरवाजों को मैन्युअल तरीके से बंद किया जाता था। ट्रेन के चलने के दौरान रास्ते में आमतौर पर दोनों तरफ के दरवाजे खुले रहते थे और इसका फायदा शरारती तत्व उठा लेते थे, जिस नई प्रणाली से ट्रेन को लैस किया गया है। वह इसके स्टेशन पहुंचने और चलने के समय ही कार्य करेंगे। शताब्दी एक्सप्रेस में ऑटोमेटिक डोर लगाए गए हैं। यह ट्रेन उत्तर रेलवे मंडल की है। उन्हीं के द्वारा इसे नया रूप दिया है।– शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ उत्तर मध्य रेलवे

क्राइम कंट्रोल का नया तरीका: हरियाणा की जेलों में हाई-टेक सिस्टम से अपराधियों पर नजर

चंडीगढ़  अब अपराधियों की पहचान को और अधिक सटीक व आधुनिक बनाने के लिए हरियाणा की 20 जेलों में मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट (एमसीयू) और फिंगर एनरोल्ड डिवाइस (एफईडी) लगाए जाएंगे। इससे अपराधियों की यूनिक पहचान तैयार होगी जिसमें उंगलियों के निशान, चेहरे की विशेषताएं, डीएनए नमूने और रेटिना स्कैन शामिल होंगे।  महानिदेशक कारागार आलोक कुमार राय ने बताया कि अपराधियों के पुराने परंपरागत पहचान के तरीकों से आगे बढ़ते हुए ये तकनीक अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने, उनकी ट्रैकिंग और गतिविधियों का पता लगाने में मददगार साबित होगी। एमसीयू से जुटाए गए आंकड़े स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) के पास सुरक्षित रहेंगे और इन्हें राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के साथ भी साझा किया जाएगा। यह जानकारी 75 साल तक संग्रहित रखी जा सकेगी। आसानी से ट्रैक होंगे अपराधियों के नेटवर्क इन यूनिट्स से मिलने वाले अपराधियों के फिंगर प्रिंट्स और रेटिना स्कैन सीधे नेशनल ऑटोमेटिक फिंगर प्रिंट्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) में अपलोड होंगे। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नैफिस) में देशभर के अपराधियों, बंदियों और संदिग्धों का डेटा दर्ज होता है, जिससे अपराधियों का नेटवर्क ट्रैक करना और आसान होगा।  पंचकूला सेक्टर-14 स्थित दफ्तर में महानिदेशक कारागार ने कहा कि ये पहल आपराधिक न्याय प्रणाली को और मजबूत करेगी। अपराधियों का विस्तृत यूनिक डेटा उपलब्ध होने से न केवल उनकी पहचान पुख्ता होगी बल्कि लंबे समय तक उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। यह कदम प्रदेश में अपराध पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।  

अब विंध्याचल नहीं, ‘विंध्याचल धाम’ रेलवे स्टेशन… योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

लखनऊ  यूपी की योगी सरकार ने विंध्याचल रेलवे स्टेशन के नाम को बदल दिया है। अब ये रेलवे स्टेशन विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाएगा। सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रदेश सरकार के अनुरोध पर नाम बदलने को मंजूरी दे दी। प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि डीएम पवन कुमार गंगवार को इस आशय का पत्र भेजा है। विंध्याचल स्टेशन का नाम परिवर्तित कर दिए जाने से विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों के साथ ही जिले के अन्य लोगों ने भी प्रदेश सरकार व राज्यपाल के प्रति आभार जताया है। विंध्याचल स्टेशन का नाम बदल कर विंध्यधाम रेलवे स्टेशन किए जाने की लंबे अर्से से विंध्याचल और जिले के लोग कर रहे थे। विधायक रत्नाकर मिश्र ने स्थानीय लोगों की इन मांगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय निवासियों और जिले के लोगों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से बात की। जिसके बाद राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने बीते 29 अगस्त को विंध्याचल रेलवे स्टेशन का नाम विंध्यधाम रेलवे स्टेशन करने की अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सोमवार को इस आशय का पत्र डीएम पवन कुमार गंगवार को भेजा है। साथ ही रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित किए जाने के संबंध में केंद्र सरकार व रेलवे बोर्ड को भी पत्र भेज दिया गया है। जलालाबाद का नाम बदलकर पशुरामपुरी हुआ इससे पहले योगी सरकार ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी कर दिया था। सालों से इस स्थान के बदलने की मांग हो रही थी। जानकारी के मुताबिक भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की जन्म स्थली जलालाबाद है।

वॉलीबॉल कोर्ट से लेकर ग्लैमर वर्ल्ड तक… Kayla Simmons के जलवे पर फिदा हुए फैन्स

लन्दन  खेल की दुनिया में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी राज करते हैं. अमेरिकी वॉलीबॉल स्टार कायला सिमंस (Kayla Simmons) उन्हीं में से एक हैं. कोर्ट पर उनके स्मैश जितने धारदार होते हैं, सोशल मीडिया पर उनकी अदाएं उतनी ही कातिलाना. हाल ही में Kayla ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर शेयर की. गुलाबी और सफेद रंग की टाइनी बिकिनी पहनकर बीच पर फोल्डिंग चेयर पर बैठी उनकी तस्वीर ने इंटरनेट पर आग लगा दी. लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने ब्लैक न्यूयॉर्क यांकीज कैप पहनी और कैमरे के सामने उनका मुस्कुराता चेहरा मानो धूप में चमकते मोती की तरह लग रहा था. फैन का रिएक्शन देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि Kayla ने फिर से दिलों पर तीर चला दिया. किसी ने उन्हें 'Dreamy girl in a dreamy world' कहा… तो किसी ने लिखा- 'Such a goddess'. मार्शल यूनिवर्सिटी की यह पूर्व स्टार खिलाड़ी अब खेल से ज्यादा अपने ग्लैमरस अंदाज के लिए पहचानी जाती हैं. इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जो हर नई पोस्ट का बेसब्री से इंतजार करते हैं. जून में उन्होंने बीच पर बिताए लम्हों का एक फोटो डंप शेयर किया था. उसमें बिकिनी में उनकी कई तस्वीरें और दो दिलकश सेल्फी थीं.  पोस्ट का कैप्शन छोटा था- 'Recent favs', लेकिन उस पर आए रिएक्शंस की गिनती लाखों में थी. चाहत और दीवानगी Kayla की हर तस्वीर सिर्फ खूबसूरती की झलक नहीं होती, बल्कि फैन्स के लिए एक इमोशनल कनेक्शन भी बन जाती है. शायद यही वजह है कि लोग उन्हें सिर्फ एथलीट या मॉडल नहीं, बल्कि ग्लैमर की आइकॉन कहते हैं. उनकी अदाओं में एक मासूमियत है, लेकिन साथ ही एक ऐसा आकर्षण भी है, जो नजरें हटाने नहीं देती. यही ग्लैमर और इमोशन का मेल उन्हें बाकियों से अलग बनाता है. ग्लैमर से आगे की सोच कई लोग उन्हें सिर्फ बोल्ड तस्वीरों के लिए जानते हैं, लेकिन Kayla का एक और चेहरा भी है. वह अपने OnlyFans अकाउंट पर एक्सक्लूसिव कंटेंट शेयर करती हैं और वहीं से फैन्स से जुड़ाव भी बनाती हैं. साथ ही, वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए भी करती हैं. यानी Kayla सिर्फ एक ग्लैमरस स्टार नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं, जो चाहती हैं कि उनका प्रभाव सिर्फ लाइक्स और कमेंट्स तक सीमित न रहे. हुस्न और जुनून की कहानी Kayla Simmons आज एक ग्लोबल आइकॉन हैं. खेल, फैशन, ग्लैमर और इंसानियत- इन सबका संगम उनके व्यक्तित्व में दिखता है. उनकी हर तस्वीर में जैसे कोई कहानी छिपी होती है- समुद्र की लहरों की तरह, जिसमें फैन्स बार-बार डूबना चाहते हैं.  

टाटा पंच की कीमत में बड़ी कटौती, देश की नंबर-1 SUV अब और भी किफायती

 नई दिल्ली भारत में GST 2.0 लागू होने के बाद से गाड़ियों के दाम लगातार नीचे आ रहे हैं। इसी कड़ी में टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपनी पॉपुलर माइक्रो-SUV टाटा पंच (Tata Punch) की कीमतें भी घटा दी हैं। अब 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाली नई GST दरों का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। नई GST दरों के मुताबिक टाटा पंच के लगभग सभी वैरिएंट्स पर 8.5% तक का प्राइस कट देखने को मिल रहा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। सबसे बड़ा फायदा क्रिएटिव प्लस S Camo (Creative Plus S Camo) पेट्रोल-ऑटोमैटिक वैरिएंट पर मिल रहा है, जिसकी कीमत में लगभग 88,000 तक की कमी आई है। बेस वैरिएंट से लेकर टॉप वैरिएंट तक सभी ग्राहकों को यह लाभ मिलेगा। हालांकि, कटौती की रकम वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। GST कटौती के बाद टाटा पंच की संभावित कीमतें पुरानी और नई कीमत की तुलना 1.2L पेट्रोल-मैनुअल वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Pure Rs. 6,19,990 -Rs. 71,190 Rs. 5,48,800 -11.48% Pure (O) Rs. 6,81,990 -Rs. 58,090 Rs. 6,23,900 -8.52% Adventure Rs. 7,16,990 -Rs. 61,090 Rs. 6,55,900 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 7,51,990 -Rs. 64,090 Rs. 6,87,900 -8.52% Adventure S Rs. 7,71,990 -Rs. 65,790 Rs. 7,06,200 -8.52% Adventure Plus S Rs. 8,21,990 -Rs. 70,090 Rs. 7,51,900 -8.53% Accomplished Plus Rs. 8,41,990 -Rs. 71,790 Rs. 7,70,200 -8.53% Accomplished Plus Camo Rs. 8,56,990 -Rs. 72,990 Rs. 7,84,000 -8.52% Accomplished Plus S Rs. 8,89,990 -Rs. 75,890 Rs. 8,14,100 -8.53% Accomplished Plus S Camo Rs. 9,06,990 -Rs. 77,290 Rs. 8,29,700 -8.52% Creative Plus Rs. 9,11,990 -Rs. 77,690 Rs. 8,34,300 -8.52% Creative Plus Camo Rs. 9,26,990 -Rs. 78,990 Rs. 8,48,000 -8.52% Creative Plus S Rs. 9,56,990 -Rs. 81,590 Rs. 8,75,400 -8.53% Creative Plus S Camo Rs. 9,71,990 -Rs. 82,790 Rs. 8,89,200 -8.52% Sportz (O) Rs. 8,29,100 -Rs. 70,700 Rs. 7,58,400 -8.53% Asta Rs. 8,62,300 -Rs. 70,600 Rs. 7,91,700 -8.19% 1.2L पेट्रोल-ऑटो (AMT) वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Adventure Rs. 7,76,990 -Rs. 66,190 Rs. 7,10,800 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 8,11,990 -Rs. 69,190 Rs. 7,42,800 -8.52% Adventure S Rs. 8,31,990 -Rs. 70,890 Rs. 7,61,100 -8.52% Adventure Plus S Rs. 8,81,990 -Rs. 75,190 Rs. 8,06,800 -8.53% Accomplished Plus Rs. 9,01,990 -Rs. 76,890 Rs. 8,25,100 -8.52% Accomplished Plus Camo Rs. 9,16,990 -Rs. 78,190 Rs. 8,38,800 -8.53% Accomplished Plus S Rs. 9,49,990 -Rs. 80,990 Rs. 8,69,000 -8.53% Accomplished Plus S Camo Rs. 9,66,990 -Rs. 82,390 Rs. 8,84,600 -8.52% Creative Plus Rs. 9,71,990 -Rs. 82,790 Rs. 8,89,200 -8.52% Creative Plus Camo Rs. 9,86,990 -Rs. 84,090 Rs. 9,02,900 -8.52% Creative Plus S Rs. 10,16,990 -Rs. 86,690 Rs. 9,30,300 -8.52% Creative Plus S Camo Rs. 10,31,990 -Rs. 87,990 Rs. 9,44,000 -8.53% 1.2L CNG-मैनुअल वैरिएंट मौजूदा कीमत अंतर नई कीमत % में अंतर Pure Rs. 7,29,990 -Rs. 62,190 Rs. 6,67,800 -8.52% Adventure Rs. 8,11,990 -Rs. 69,190 Rs. 7,42,800 -8.52% Adventure Rhythm Rs. 8,46,990 -Rs. 72,190 Rs. 7,74,800 -8.52% Adventure S Rs. 8,66,990 -Rs. 73,890 Rs. 7,93,100 -8.52% Adventure Plus S Rs. 9,16,990 -Rs. 78,190 Rs. 8,38,800 -8.53% Accomplished Plus Rs. 9,51,990 -Rs. 81,090 Rs. 8,70,900 -8.52% Accomplished Plus Camo Rs. 9,66,990 -Rs. 82,390 Rs. 8,84,600 -8.52% Accomplished Plus S Rs. 9,99,990 -Rs. 85,190 Rs. 9,14,800 -8.52% Accomplished Plus S Camo Rs. 10,16,990 -Rs. 86,690 Rs. 9,30,300 -8.52% GST 2.0 में सरकार ने छोटी गाड़ियों (1,200cc तक इंजन और 4 मीटर से कम लंबाई) पर टैक्स स्लैब को घटाकर 28% से 18% कर दिया है। यही वजह है कि टाटा पंच जैसी कॉम्पैक्ट और माइक्रो SUVs की कीमतों में यह बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। ग्राहकों के लिए क्या मतलब? अब टाटा पंच (Tata Punch) खरीदना पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो गया है। जो लोग फेस्टिव सीजन में नई SUV लेने का सोच रहे थे, उनके लिए यह बेस्ट टाइमिंग है। कंपनी उम्मीद कर रही है कि इन प्राइस कट्स से बुकिंग्स और सेल्स में बड़ा उछाल आएगा। ये दमदार SUV स्टाइलिश डिजाइन के साथ आती है। इसे सेफ्टी में Bharat NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल है। सेफ होने के साथ ही ये एसयूवी CNG और पेट्रोल दोनों ऑप्शन के साथ मौजूद है। इसमें बेहतरीन ग्राउंड क्लियरेंस और सिटी+हाईवे फ्रेंडली परफॉर्मेंस देखने को मिलता है। कुल मिलाकर नई GST दरों के साथ टाटा पंच (Tata Punch) अब और भी वैल्यू फॉर मनी SUV बन चुकी है।

अनाया बांगर की दास्तां: जेंडर बदलने के बाद अब बिना शादी मां बनने का सपना

मुंबई  पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया की सनसनी बनी हुईं हैं। जेंडर ट्रांसफॉर्मेशन के बाद से वो लगातार अपनी हर अपडेट फैंस से शेयर करती हैं। लड़का से लड़की बनीं अनाया बांगर ने इंस्टाग्राम पर एक मजेदार वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो अपने दोस्त के साथ हैं और कुछ दिलचस्प सवालों का हां और ना में जवाब दे रही हैं।    वीडियो में सबसे दिलचस्प मोमेंट तब आया जब सवाल था कि क्या आप शादी के बाद बच्चा चाहेंगी या सिर्फ शादी करेंगी और बच्चे नहीं? अनाया ने बिना एक सेकेंड लगाए अपने दिल की बात बयां कर दी।    पिछले साल लड़का से लड़की बनीं अनाया बांगर बिना शादी किए बच्चे की इच्छा रखती हैं। इसके अलावा ये भी सवाल था कि क्या आप अपने से छोटे उम्र के लड़के को डेट करेंगी? इसपर भी अनाया ने हां में जवाब दिया। जब ये सवाल आया कि क्या अपने पार्टनर का फोन चेक करेंगी तो अनाया बांगर ने समझाते हुए कहा कि ऐसा होना तो नहीं चाहिए, लेकिन आज के जमाने में ऐसा करना बहुत जरूरी है।  संजय बांगर की बेटी अनाया ने 2024 में जेंडर चेंज कराने का बड़ा फैसला लिया था। वो 'आर्यन' से 'अनाया' बन गईं। हाल ही में उन्होंने बताया कि उन्हें कई तरह की सर्जरी से गुजरना पड़ा है।  

नेपाल में बवाल, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में झड़प; PM ओली ने बुलाई आपात बैठक

 काठमांडू  पड़ोसी मुल्क नेपाल में फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाए जाने को लेकर युवक सड़कों पर उतर आए. काठमांडू समेत कई शहरों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी हुई है. हालात पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगाया गया और सेना की तैनाती की गई है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार बैन हटाए और पारदर्शिता लाए. काठमांडू में तो प्रदर्शन हिंसक हो गया और युवाओं ने संसद भवन में घुस कर जमकर तोड़फोड़ औेर आगजनी की. पुलिस ने फिर आंसू गैस, पानी की बौछार और यहां तक की रबर बुलेट का इस्तेमाल किया.हालात पर काबू पाने के लिए नेपाल की सरकार ने काठमांडू, पोखरा समेत कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया और सड़कों पर सेना की तैनाती कर दी है.  इस प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत भी हुई है और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. सोशल मीडिया बैन, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आवास पर सुरक्षा बढ़ाई गई नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार को लेकर ओली सरकार के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन हिंसक हो गया है. अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. युवा प्रदर्शनकारी पीएम ओली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.  काठमांडू में कर्फ्यू का दायरा बढ़ाया गया काठमांडू में कर्फ्यू का दायरा बढ़ाया गया है. अब पाबंदियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के आवासों के साथ-साथ सिंहदरबार क्षेत्र तक लागू होंगी. शुरुआत में कर्फ्यू केवल बनेश्वर के कुछ हिस्सों में लगाया गया था, जब प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुस आए थे. लेकिन स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इसे बढ़ाकर राष्ट्रपति भवन (शीतल निवास क्षेत्र), महाराजगंज, उपराष्ट्रपति का निवास (लैनचौर), सिंहदरबार के चारों ओर, प्रधानमंत्री का निवास (बालुवाटार) और आसपास के इलाकों तक कर दिया है.    मरने वालों का आंकड़ा 20 पहुंचा, 25 की हालत नाज़ुक नेपाल में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प में मौत का आंकड़ा 20 पहुंच गया है. इनमें से 18 की मौत काठमांडू और दो की इटाहारी में हुई. संसद भवन के पास अभी माहौल तनावपूर्ण है.  दूसरी ओर 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. इनमें से 25 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हुई है.   काठमांडू में प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश  रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के सचिव प्रदीप पौडेल ने निर्देश दिया है कि राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए.  तीन और शहरों में लगा कर्फ्यू युवाओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए सरकार कर्फ्यू का दायरा लगातार बढ़ाते जा रही है. रुपन्देही, बुटवल और भैरहवा में अब कर्फ्यू लगा दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, इसके अलावा स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए नेपाल की सेना की ओर से सड़कों पर सैनिकों की संख्या में वृद्धि की गई है. भैरहवा भारत से लगने वाली सीमा पर ही स्थित शहर है. नेपाल मानवाधिकार आयोग ने युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई की निंदा की नेपाल मानवाधिकार आयोग ने युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई की निंदा की है. आयोग ने कहा कि पुलिस और सरकार प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए अत्याधिक बल का प्रयोग किया. कभी आंसू गैस के गोले, रबर की गोलियां, कभी बैटन तो कभी पानी की तोप का इस्तेमाल किया गया.  नेपाल के पत्रकार ने प्रदर्शन के स्तर बढ़ने के बीच बताई तीन मुख्य वजह आजतक से नेपाल के पत्रकार साबिन धामला ने युवाओं के प्रदर्शन से बातचीत की है. उन्होंने कहा- काठमांडू के अलावा अन्य शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं और स्थिती और बिगड़ते जा रही है. Gen-Z के आंदोलन को सरकार ने पहले कम आंका गया. सरकार सोच रही थी कि इस प्रदर्शन का कोई लीडर नहीं तो ये लोग क्या ही कर लेंगे. नाखुश-नाराज और जो बेचैन युवा थे, उसको ये सोशल मीडिया पर पाबंदी ट्रिगर कर गई. ये बड़े कारण हैं जो प्रदर्शन को और व्यापक कर दिया.  नेपाल में हो रहे इन प्रदर्शनों के पीछे वजह मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध है. नेपाल की सड़कों पर हजारों की संख्या में युवाओं की भीड़ देखी जा रही है. ये लोग भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगे बैन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. आपको बता दें कि नेपाल में फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, यूट्यूब और स्नैपचैट पर पाबंदी लगा दी गई है, जिससे युवा काफी नाराज हैं.  बुटवल, भैरहवा और ईटहरी में सख्‍ती नेपाल में Gen Z प्रोटेस्ट के तेज होते ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है. बुटवल, भैरहवा और ईटहरी में धारा 144 जैसी पाबंदियाँ लागू कर दी गईं, जिसके तहत किसी भी तरह की सभा, रैली या धरना-प्रदर्शन पर रोक रहेगी. रूपनदेही और सुनसरी ज‍िला प्रशासन ने ऐलान किया कि हालात को काबू में रखने और शांति बहाल करने के लिए यह कदम उठाया गया है.  नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के घर पथराव नेपाल के झापा ज‍िले के दमक में हालात गरमा गए जब लोगों ने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के घर पर पत्थर बरसा दिए. गुस्से में आए प्रदर्शनकारियों ने ईस्ट-वेस्ट हाइवे पर टायर जलाकर रोड जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की. फिलहाल इलाके में भारी सुरक्षा तैनात है. लोगों का कहना है कि यह विरोध स्थानीय मुद्दों और ओली के कामकाज को लेकर बढ़ती नाराज़गी की वजह से भड़का. पुलिस का दावा है कि अब स्थिति काबू में है, लेकिन नजर लगातार रखी जा रही है. नेपाल में सेना ने संभाला सड़कों पर मोर्चा नेपाल में प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सड़कों पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन पुलिस की फायरिंग के बाद चीज़ें बिगड़ गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन पर गोलियां चला रही है.

सीमा सुरक्षा में बड़ी सफलता, घुसपैठिया ने अवनीत कौर से मिलने की वजह बताई

ऑक्ट्रोई सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आरएस पुरा सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया गया. घुसपैठिए की पहचान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी सिराज खान के रूप में हुई है. BSF की शुरुआती जांच और पूछताछ में पता चला है कि सिराज खान पंजाबी एक्ट्रेस अवनीत कौर से मिलने आया था. हालांकि अभी भी BSF सहित दूसरी एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं. सिराज को  रात 9.20 बजे ऑक्ट्रोई चौकी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने देखा. जिसके बाद उसे सीमा बाड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारी ने बताया कि सिराज के पास से कुछ पाकिस्तानी करेंसी नोट बरामद हुए हैं. फिलहाल भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की उसकी कोशिश के पीछे के असली मकसद का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है. पाकिस्तान के सरगोधा का रहने वाला है आरोपी  घुसपैठिए की गिरफ्तारी के संबंध में बीएसएफ की तरफ से एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है. जिसमें कहा गया है कि 7 सितंबर 2025 को लगभग 21:10 बजे बीएसएफ के जवानों ने एक संदिग्ध गतिविधि देखी. जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जम्मू के सुचेतगढ़ तहसील में सीमा बाड़ की ओर आक्रामक रूप से बढ़ रहा था. सतर्क जवानों ने उसे चेतावनी दी, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया. ऐसे में खतरा भांपकर बीएसएफ के जवानों ने उस पर गोलीबारी की. फिर उसे बीएसएफ की हिरासत में ले लिया गया. बाद में पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान सिराज खान, पुत्र जाहिद खान, गांव 27 चक, तहसील भलवाल, जिला सरगोधा, पंजाब, पाकिस्तान के रूप में बताई. साथ ही उसने यह भी बताया है कि वह पंजाबी एक्ट्रेस अवनीत कौर से मिलने आया था.

प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी ने दिए आदेश

प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की होगी सघन जांच प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी ने दिए आदेश  हर मंडल में होगा विशेष जांच टीम का गठन, शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच करेगी टीम 15 दिन में शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट, अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई शैक्षणिक संस्थानों की जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त रखेंगे प्रत्यक्ष निगरानी  सीएम योगी की अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच के आदेश दिए हैं।  हर मंडल में विशेष जांच टीम का होगा गठन मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब प्रत्येक मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डल के तहत आने वाले सभी जनपदों में विशेष जांच टीम गठित करेंगे। इन टीमों में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक पुलिस विभाग का अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल होगा। यह टीम जमीनी स्तर पर जांच कर संस्थानों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की हकीकत सामने लाएगी। शैक्षणिक संस्थाओं के शपथपत्र और मान्यता-पत्र होंगे अनिवार्य जांच के दौरान प्रत्येक शैक्षणिक संस्था से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि संस्थान केवल उन्हीं कोर्सों का संचालन कर रहा है, जिन्हें नियामक निकाय, विश्वविद्यालय या बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही, संचालित सभी कोर्स की सूची और उनके मान्यता-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र का दाखिला बिना मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में नहीं होना चाहिए। अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई अगर जांच में किसी संस्थान में अवैध प्रवेश या बिना मान्यता के कोर्स संचालित पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे संस्थानों को छात्रों से लिया गया संपूर्ण शुल्क ब्याज सहित वापस करना होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों का भविष्य किसी भी हाल में दांव पर नहीं लगाया जाएगा। 15 दिन में शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट जांच प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। प्रत्येक जनपद स्तर पर जांच पूरी कर 15 दिनों के भीतर शासन को समेकित रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यवाही सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त प्रत्यक्ष निगरानी रखेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

शिक्षा संकट: हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में PG सीटों पर एडमिशन नहीं, पद रिक्त

हिसार  हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में इस साल दाखिले में भारी गिरावट आई है। यह स्थिति न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि पूरे राज्य के लिए चिंता का विषय बन गई है। पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की 61% और अंडर ग्रेजुएट (UG) की 49% सीटें खाली रह गईं। यह चौंकाने वाला आंकड़ा दिखाता है कि जहां एक तरफ सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ छात्र सरकारी कॉलेजों से दूरी बना रहे हैं। यह एक गंभीर समस्या है जिसके मूल कारणों पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है। सरकार ने शुरू किए नए कोर्स इस सत्र में सरकार ने कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। सरकारी कॉलेजों की आवश्यकता और मांग को देखते हुए नए कोर्स और विषय शुरू किए गए। करीब 101 नए कोर्स और 33 नए विषयों की शुरुआत की गई है। इसके लिए उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) की ओर से सभी कॉलेज प्राचार्यों को पत्र भी जारी किया गया था। निर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि यदि किसी विषय या कोर्स में छात्र संख्या 20 से कम रहती है, तो संबद्ध विश्वविद्यालय की स्वीकृति लेकर उस स्ट्रीम को बंद किया जा सकता है। दाखिले घटने का कारण गुणवत्ता की कमी : छात्रों और अभिभावकों का सरकारी कॉलेजों के प्रति विश्वास कम हुआ है। उन्हें लगता है कि यहां की पढ़ाई का स्तर, निजी संस्थानों की तुलना में कम है। खाली पदों की समस्या : सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं, 7986 स्वीकृत पदों में से 2758 पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी सीधे तौर पर पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर डालती है। जब पढ़ाने वाले ही नहीं होंगे, तो छात्र कहां से आएंगे? कमजोर प्रचार-प्रसार : सरकार ने नए कोर्स शुरू किए, लेकिन उनका सही तरीके से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। छात्रों और उनके अभिभावकों को इन नए अवसरों के बारे में शायद पता ही नहीं चला। बढ़ती प्रतिस्पर्धा : आज के समय में छात्र उन कोर्स और संस्थानों को चुनना पसंद करते हैं जो उन्हें बेहतर करियर के अवसर प्रदान करें। निजी विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थान अक्सर अपनी प्लेसमेंट दर और सुविधाओं को बेहतर तरीके से पेश करते हैं, जिससे वे छात्रों को आकर्षित करने में सफल होते हैं। सरकार के प्रयास और चुनौतियां सरकार ने दाखिले बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन वे नाकाफी साबित हुए हैं। सरकारी कॉलेजों में 101 नए कोर्स और 33 नए विषय शुरू किए गए, ताकि छात्र अधिक विकल्प चुन सकें। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को दाखिलों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इन प्रयासों के बावजूद, परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। इसका एक बड़ा कारण यह है कि सरकार ने सिर्फ कागज़ी निर्देश जारी किए, जबकि जमीनी स्तर पर इनकी कमी दिखाई दी। जब तक कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती नहीं होती और सुविधाओं में सुधार नहीं होता, तब तक सिर्फ नए कोर्स शुरू करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। खाली पदों का असर शिक्षकों के खाली पद सिर्फ एक संख्या नहीं हैं, बल्कि यह शिक्षा की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करते हैं। सरकारी कॉलेजों में 2758 पद खाली हैं, जिससे मौजूदा शिक्षकों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। इससे वे छात्रों पर व्यक्तिगत ध्यान नहीं दे पाते, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। एडेड कॉलेजों में भी 800 से अधिक पद खाली हैं। इन कॉलेजों में भर्ती पर लगे प्रतिबंध को अब हटा दिया गया है, लेकिन जब तक इन पदों पर योग्य शिक्षकों की भर्ती नहीं होती, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। सरकार और शिक्षा विभाग को कठोर कदम उठाने होंगे तुरंत भर्ती : शिक्षकों के खाली पदों को तुरंत भरा जाना चाहिए। एचपीएससी को भेजी गई भर्तियों पर तेज़ी से काम किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को योग्य शिक्षक मिल सकें। गुणवत्ता सुधार : कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं, जैसे अच्छी लाइब्रेरी, लैब और तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए। शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए शिक्षकों को भी नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। सटीक प्रचार रणनीति : केवल पत्र लिखने से काम नहीं चलेगा। सरकार को सोशल मीडिया, स्थानीय अखबारों और रेडियो के माध्यम से नए कोर्स और सरकारी कॉलेजों की सुविधाओं का सक्रियता से प्रचार करना चाहिए। प्लेसमेंट सेल का गठन : छात्रों को आकर्षित करने के लिए हर कॉलेज में एक सक्रिय प्लेसमेंट सेल होना चाहिए जो उन्हें रोज़गार के अवसर प्रदान करने में मदद करें।  प्रवेश पोर्टल के प्रचार प्रसार के निर्देश शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कॉलेजों में पहले से चल रहे किसी भी पाठ्‌यक्रम, विषय को बंद नहीं किया जाएगा। बाकायदा सरकारी कॉलेजों में अधिक से अधिक संख्या में दाखिले हों, इसे लेकर महानिदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपायुक्तों, सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार, सभी जिलों के डीएचईओ सहित सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल को पत्र भी लिखा था। पत्र के जरिए डीजी ने ग्रेजुएशन प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए प्रवेश पोर्टल खुलने के बाद व्यापक प्रचार-प्रसार की बात कही थी। सरकार अधिकतम नामांकन सुनिश्चित करने के लिए उत्सुक है इसलिए इसे लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। कॉलेजों में शिक्षकों के हजारों पद खाली प्रदेश के 79 एडेड कॉलेजों में शिक्षकों के करीब 2500 पद स्वीकृत हैं। इनमें से करीब 1700 पर शिक्षक काम कर रहे हैं। शेष 800 पद लंबे समय से खाली पड़े है। पता चला है कि इन खाली पदों पर भर्ती बंद की हुई थी। इन्हें मर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। मगर सरकार ने इन्हें मर्ज नहीं किया और अब पदों पर लगा बैन भी हट गया है। उम्मीद है कि अब इन पदों पर मैनेजमेंट, जिनकी गर्वनिंग बॉडी है, वे भर्ती कर सकते हैं। सरकारी कॉलेजों में 2758 पद खाली सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के 7986 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 3264 पर नियमित शिक्षक काम कर रहे है। वहीं, 1964 पदों पर एक्सटेंशन लेक्चरर लगे हुए हैं। करीब 2758 पद खाली पड़े हैं। सरकार ने कॉलेजों में शिक्षकों के 2424 पदों को भरने का प्रस्ताव कई माह पहले एचपीएससी को भेजा था। जिस पर एचपीएससी काम कर रही है।