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अनीश दयाल सिंह को मिली अहम जिम्मेदारी, अब बने अजित डोभाल की टीम का हिस्सा

नई दिल्ली सीआरपीएफ और आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक अनीश दयाल सिंह को डिप्टी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है। इन्हें आंतरिक मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मणिपुर कैडर के 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सिंह 31 दिसंबर 2024 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक (DG) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इस नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल की टीम को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यूपी के प्रयागराज के रहने वाले हैं अनीश दयाल सिंह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 1964 में जन्मे अनीश दयाल सिंह ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। इससे पहले वे इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के महानिदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। CRPF के DG के रूप में उनके कार्यकाल में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान दिया। इसके अलावा अगस्त 2024 में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। मणिपुर कैडर के आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह ने अपने करियर की शुरुआत मणिपुर कैडर के IPS अधिकारी के रूप में की थी। उन्होंने कई वर्षों तक केंद्रीय खुफिया ब्यूरो (IB) में विशेष निदेशक के रूप में काम किया, जहां उन्होंने कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण ऑपरेशनों का नेतृत्व किया। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को देखते हुए उनकी डिप्टी NSA के रूप में नियुक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत की रणनीति को और प्रभावी बनाने में सहायक होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के नेतृत्व में डिप्टी NSA के रूप में अनीश दयाल सिंह आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और आंतरिक खतरों जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण सलाह देंगे। उनकी नियुक्ति से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।  

तकनीक का करिश्मा, एआई ने लौटाई महिला की खोई हुई आवाज़

लंदन  आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई की मदद से कई कमाल हो चुके हैं। लेकिन 55 साल की सारा एजेकील के साथ जो हुआ वह तो वास्तव में चमत्कार ही है। एआई की मदद से सारा एजेकील ने 25 साल पहले खोई अपनी आवाज वापस पा ली। सारा एजेकील को 25 साल पहले मोटर न्यूरॉन रोग के बारे में पता चला था। इस बीमारी में इंसान के शरीर की नसें और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इससे बोलने, निगलने और चलने-फिरने में मुश्किल होती है। बाद में धीरे-धीरे आवाज भी चली जाती है। सारा के साथ भी ऐसा ही हुआ था। अब परिवार के पास से आठ सेकंड की पुरानी वीडियो क्लिप का इस्तेमाल करके सारा की आवाज वापस लाई गई है। ऐसे किया गया काम सारा की जो पुरानी क्लिप मिली है उसमें वह अपनी बेटी से बात कर रही थीं। वैज्ञानिकों ने इस क्लिप से सारा की आवाज का आठ सेकंड का ऑडियो सैंपल लिया। इस सैंपल का यूज करके एआई को ट्रेनिंग दी गई। इसके जरिए बताया गया कि सारा के आवाज की टोन, पिच और बोलने का तरीका कैसा था। इस ट्रेनिंग के आधार पर एआई मॉडल ने एक सिंथेटिव वॉयस डेवलप की। यह आवाज सुनने में बिल्कुल सारा एजेकील की आवाज की तरह लगती है। अब अपनी आंखों से बोलती हैं सारा अब बोलने के लिए सारा एक खास टेक्नीक का इस्तेमाल करती हैं। इसके लिए वह अपनी आखों से कंप्यूटर पर टाइप करती हैं। इसके बाद एआई सारा के लिखे को अपनी आवाज में बोल देती है। इस तरह से सारा अपने फैमिली मेंबर्स के साथ अपनी आवाज में बात कर सकती हैं। यह दिखाता है कि एआई के जरिए किस तरह से मेडिकल फील्ड में शानदार चीजों को अंजाम दिया जा सकता है।  

‘दीवार’ पुजारा को साथी क्रिकेटरों का सम्मान, संन्यास पर मिली ढेरों बधाइयाँ

नई दिल्ली  भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर और पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने रविवार को चेतेश्वर पुजारा को भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा पर बधाई दी। पुजारा टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए आठवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने अपने करियर में 103 टेस्ट मैचों में 43.60 की औसत से 7195 रन बनाए जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं, और उनका सर्वोच्च स्कोर 206* रहा। गंभीर ने अपने एक्स पर लिखा, 'तूफान के दौरान वह डटे रहे, उम्मीदें खत्म होने पर उन्होंने संघर्ष किया। बधाई हो, पुजारी।' चेतेश्वर पुजारा ने 9 अक्टूबर 2010 को बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उन्हें 2018/19 और 2020/21 में ऑस्ट्रेलिया में भारत की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है। उन्होंने अपने मजबूत डिफेंस और तकनीक से ऑस्ट्रेलिया को परेशान किया था। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पुजारा के इस शानदार टेस्ट करियर की सराहना करते हुए कहा, 'शानदार टेस्ट करियर के लिए बधाई चेतेश्वर पुजारा आपका धैर्य, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत प्रेरणादायक थी और आपने जो हासिल किया है उस पर आपको बहुत गर्व हो सकता है। एक यादगार दूसरी पारी के लिए शुभकामनाएं।'  दिग्गज भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, 'कोई ऐसा व्यक्ति जिसने हमेशा देश के लिए अपना मन, शरीर और आत्मा लगा दी! एक शानदार करियर के लिए बहुत-बहुत बधाई, पुजी! आपसे दूसरी तरफ मिलते हैं!' 2018/18 बीजीटी में भारतीय लाल गेंद के दिग्गज ने चार मैचों में 74.42 की औसत, 3 शतक और एक अर्धशतक के साथ 521 रन बनाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 193 रन रहा। 2020-21 सीरीज में उन्होंने चार मैचों में 33.87 की औसत से 271 रन बनाए जिसमें तीन अर्धशतक और 77 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर शामिल था। गाबा में खेले गए अंतिम टेस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के कई प्रहार झेले, जिससे यह जीत और भी यादगार बन गई।  अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'एक शानदार करियर चेतेश्वर पुजारा आपने जो हासिल किया, उस पर आपको बहुत गर्व होना चाहिए और आपको दूसरी पारी की हार्दिक शुभकामनाएं।'  पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने पुजारा के शानदार करियर के लिए उन्हें नमन किया। जाफर ने एक पोस्ट में लिखा, 'अपने नाम के पहले, अपनी तरह के आखिरी चेतेश्वर पुजारा, शानदार करियर के लिए नमन। भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए आपने जो हासिल किया, उस पर आपको बहुत गर्व होना चाहिए। बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।' पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी पुजारा को बधाई दी। रैना ने एक पोस्ट में लिखा, 'शानदार करियर के लिए बधाई भाई चेतेश्वर पुजारा आपको और आपके परिवार को शुभकामनाएं।'  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा चेतेश्वर पुजारा घरेलू क्रिकेट में एक दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने 278 प्रथम श्रेणी मैचों में 51.82 की औसत से 21301 रन बनाए हैं। लाल गेंद के इस अनुभवी खिलाड़ी ने अपने प्रथम श्रेणी करियर में 66 शतक और 81 अर्धशतक लगाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 352 रन रहा है।   

दहेज में जलाई गई निक्की, पिता ने सीएम योगी से की सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली  ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में दहेज के लालच में एक महिला को उसी के बेटे के सामने जिंदा जला दिया गया। महिला की पहचान निक्की के तौर पर हुई है जिसे उसी के पति ने मारपीट पर जिंदा जला दिया। पुलिस ने बहन कंचन की शिकायत पर पति के साथ-साथ महिला की सास, ससुर और देवर के खिलाफ केज दर्ज किया है। पति को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्यों की तलाश जारी है। घटना गुरुवार रात की है जब पति विपिन ने पहले पत्नी निक्की को मारा, इसके बाद उसे लाइटर से जला दिया। इस खौफनाक घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस बीच निक्की के पिता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपी के एनकाउंटर की मांग की है और उनके घर पर बुलडोजर ऐक्शन की भी मांग की है। मीडिया से बात करके हुए निक्की के पिता भिकारी सिंह पायला ने कहा, वे हत्यारे हैं, उन्हें गोली मार देनी चाहिए और उनका घर तहस-नहस कर देना चाहिए। मेरी बेटी पार्लर चलाकर अपने बेटे का पालन-पोषण कर रही थी। उन्होंने उसे प्रताड़ित किया। पूरा परिवार इस साजिश में शामिल था और उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला। उन्होंने बताया कि निक्की अपने ससुराल वालों से अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा बात नहीं करती थी। वह नहीं चाहती थी कि मैं परेशान होऊं, इसलिए उसने शादी को कामयाब बनाने की पूरी कोशिश की। लेकिन वे हत्यारे हैं। निक्की के पिता सीएम योगी आदित्यनाथ से ऐक्शन की मांग करते हुए कहा, वे जेबकतरों के पैर में गोली मार देते हैं और इन हत्यारों को नहीं मारते? यह भाजपा सरकार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपिन किसी और के साथ रिश्ते में था और निक्की को रास्ते से हटाना चाहता था। निक्की ने कहा, बेटे और मां को फांसी होनी चाहिए। मेरी बेटी बहुत दर्द में मरी। शिकायत में क्या-क्या आरोप? निक्की और उसकी बहन कंचन की साल 2016 में एक ही घर में शादी हुई थी। निक्की की शादी विपिन से और कंचन की शादी उसके भाई रोहित से हुई थी। कंचन की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक गुरुवार की शाम को पति विपिन और सास दया ने निक्की पर हमला किया। कंचन बचाने आई तो उसे भी मारा गया। इसके बाद विपिन ने पेट्रोल डालकर निक्की को जिंदा जला दिया। निक्की के 8 साल के बेटे का भी एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह पता रहा है कि पापा ने पहले मम्मी को चाटा मारा फिर कुछ डालकर लाइटर से आग लगा दी। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आया है जिसमें विपिन निक्की के बाल पकड़कर उसे खींचता नजर आ रहा है। कंचन ने बताया था कि शादी में ससुरालवालों को एसयूवी दी गई थी लेकिन उनकी मांग बढ़ती जा रही थी जिसके चलते वह निक्की को प्रताड़ित करते थे। उसके मायके वालों ने एसयूवी के अलावा एक और गाड़ी भी उन्हें दी थी लेकिन इसके बावजूद वह और 35 लाख रुपए मांग रहे थे।  

पुलिस/जांच में सनसनी: गर्भनिरोधक गोली ने उजागर किया पति का गैरकानूनी रिश्ता

 गुआंग्डोंग  चीन में एक शख्स ने गर्भनिरोधक गोली खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट की कोशिश की थी. इस दौरान कुछ ऐसा हुआ  कि अनजाने में ही शख्स की पत्नी के हाथ कुछ सबूत लग गया. पत्नी जब मामले की तह तक गई तो उसे पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पता चला.  साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार,  दक्षिणी चीन में एक चीनी व्यक्ति ने गुप्त रूप से गर्भनिरोधक गोलियां खरीदने का प्रयास किया. जब उसका ई-पेमेंट फेल हो गया, तो फार्मेसी कंपनी के कर्मियों ने भुगतान के लिए अनजाने में ही शख्स की पत्नी से संपर्क किया. इस तरह उस शख्स का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सब के सामने आ गया.   ऑनलाइन पेमेंट हो गया था फेल व्यक्ति का नाम उजागर नहीं किया गया है. उसने एक वीडियो चीनी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह गुआंग्डोंग प्रांत के यांगजियांग में डैशेनलिन फार्मेसी की पिंगगांग शाखा में गया था. अपने मोबाइल भुगतान कोड का उपयोग करके गर्भनिरोधक गोलियों के लिए पेमेंट का प्रयास किया. सिस्टम में समस्या के कारण, 15.8 युआन (2.2 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान नहीं हो सका. इसके बाद स्टाफ ने शुल्क वसूलने के लिए उस व्यक्ति के मेंबरशिप वाले कार्ड से जुड़े फोन नंबर पर कॉल किया, लेकिन कॉल गलती से उसकी पत्नी को लग गया.  फॉर्मेसी ने पेमेंट के लिए घर में लगा दिया फोन जब उसकी पत्नी ने खरीदारी के बारे में पूछताछ की, तो स्टाफ ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि यह गर्भनिरोधक गोलियों के लिए है. इसके बाद उस व्यक्ति का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर राज नहीं रहा. उसने अपनी प्रेमिका और अपनी पत्नी, दोनों से अपनी शादी और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की बात छुपाई थी.  अब दो परिवार टूटने के कागार पर व्यक्ति ने दावा किया कि इस घटना के कारण दो परिवार टूट गए तथा उसने फार्मेसी से जवाबदेही की मांग की. उसने गुस्से से अपनी पोस्ट में लिखा कि अब मेरी पत्नी को सब पता चल गया है और दो परिवार टूटने की कगार पर हैं. मैं जानना चाहता हूं कि क्या आपकी फार्मेसी की कोई जिम्मेदारी है?  उन्होंने साक्ष्य के तौर पर खरीदी गई दवा की रसीद और स्टोर क्लर्क तथा उनकी पत्नी के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट भी शामिल किया. इसके अतिरिक्त, उन्होंने यांगजियांग सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो की गाओक्सिन शाखा के अंतर्गत पिंगगांग पुलिस स्टेशन द्वारा 12 अगस्त को जारी की गई एक पुलिस रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई. फॉर्मेसी पर कानूनी कार्रवाई करना होगा मुश्किल हेनान ज़ेजिन लॉ फर्म के निदेशक फू जियान ने एलिफेंट न्यूज को बताया कि हालांकि व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन ऐसा करना बहुत चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. फू ने कहा कि एक ओर, पुरुष की बेवफाई परिवार के टूटने का मुख्य कारण है और उसे अपने कार्यों की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए. दूसरी ओर, अगर फार्मेसी ने उसकी निजता का उल्लंघन किया है, तो उसे भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर, फार्मेसी कर्मचारियों द्वारा किया गया फोन कॉल वैध प्रतीत होता है और जानकारी लीक करने के इरादे से नहीं किया गया था. इससे उस बेवफा व्यक्ति के लिए अपने अधिकारों के उल्लंघन का दावा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. 

भारी बारिश से सावधान! बिहार में 28 अगस्त तक रेड-येलो अलर्ट जारी

पटना  मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में आगामी 28 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें विशेष सतकर्ता बरतने की सलाह दी गई है।  28 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आज दक्षिण- पश्चिम, दक्षिण- मध्य और दक्षिण- पूर्व बिहार के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना है। वहीं, 24 से 25 अगस्त के बीच दक्षिण- पश्चिम और दक्षिण- मध्य बिहार के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 24 अगस्त के दौरान बिहार के अधिकतर जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीँ 25 से 28 अगस्त तक वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी आयेगी, लेकिन अधिकतर इलाकों में हल्की बारिश और कहीं- कहीं वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।  इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, पटना, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, समस्तीपुर, बक्सर, लखीसराय, सीवान समेत अन्य जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की मेघगर्जना, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवायें चल सकती हैं।  पिछले 24 घंटों के दौरान सीवान में 92.6 मिमी, औरंगाबाद में 90.2 मिमी, गया में 82.2 मिमी, पश्चिम चंपारण में 80.2 मिमी, नवादा में 75.6 मिमी, रोहतास में 67.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

इस बार कब है गणेश चतुर्थी? गणपति स्थापना का सही मुहूर्त और टाइमिंग नोट करें

इस महापर्व की शुरुआत भादो शुक्ल चतुर्थी को होती है और चतुर्दशी तिथि को गणेश विसर्जन के साथ इसका समापन हो जाता है. यह त्योहार भगवान गणेश को समर्पित है. ऐसा माना जाता है कि इस पवित्र घड़ी में भगवान गणेश धरती पर उतरते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. इस साल ये पर्व 27 अगस्त से 6 सितंबर तक मनाया जाएगा. गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना का मुहूर्त क्या है?  हिंदू पंचांग के अनुसार, भादो शुक्ल चतुर्थी 26 अगस्त को दोपहर 01.54 बजे 27 अगस्त को दोपहर 03.44 बजे तक रहेगी. उदिया तिथि के चलते गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी और इसी दिन गणपति जी की स्थापना होगी. चूंकि गणपति स्थापना मध्याह्न काल में शुभ होती है, इसलिए 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 40 मिनट तक गणपति जी की स्थापना होगी. अलग-अलग मूर्तियां स्थापित करने का क्या है महत्व?  भगवान गणेश की अलग-अलग मूर्तियां अलग परिणाम देती हैं. पीले और लाल रंग की मूर्ति की उपासना शुभ होती है. नीले रंग के गणेश "उच्छिष्ट गणपति" कहलाते हैं. इनकी उपासना विशेष दशाओं में ही की जाती है. हल्दी से बनी मूर्ति "हरिद्रा गणपति" कहलाती है. यह कुछ विशेष मनोकामनाओं के लिए शुभ मानी जाती है. एकदंत गणपति , श्यामवर्ण के होते हैं. इनकी उपासना से अद्भुत पराक्रम मिलता है. सफेद गणपति को ऋणमोचन कहते हैं. इनकी पूजा से आदमी कर्ज मुक्त होता है. चार भुजाओं वाले रक्त वर्ण गणपति को "संकष्टहरण गणपति" कहते हैं. इनकी उपासना से संकटों का नाश होता है. त्रिनेत्रधारी, रक्तवर्ण और दस भुजाधारी गणेश "महागणपति" कहलाते हैं. इनके अंदर समस्त गणपति समाहित हैं. सामान्यतः घरों में पीले रंग या रक्त वर्ण की मध्यम आकार वाली प्रतिमा ही स्थापित करनी चाहिए. गणपति स्थापना विधि  घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा में एक चौकी लगाकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. चौकी पर हल्दी से स्वस्तिक बनाएं और वहां अक्षत अर्पित करें. इसके बाद गणपति जी की मूर्ति को दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराएं. इसके बाद चौकी पर भगवान की  मूर्ति स्थापित करें. मूर्ति स्थापना के समय "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप जरूर करें. इसके बाद एक कलश में गंगाजल भरकर उसके मुख पर आम के पत्ते और नारियल रखें. दीपक और अगरबत्ती जलाएं. गणपति जी की दूर्वा, फल, फूल अर्पित करें. उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. इसके बाद भगवान गणेश की आरती करें. उनके मंत्रों का जाप करें और गणपति बप्पा के जयकारे लगाएं. गणेश महोत्सव में कैसे करें गणपति पूजन? यदि आपने घर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की है तो नियमित रूप से दोनों वेला उनकी पूजा करें. अन्यथा सामान्य जीवनचर्या में भी दोनों वेला पूजा कर सकते हैं. सुबह और शाम के वक्त दीपक जलाकर गणेश जी की पूजा करें. उन्हें पीले फूल और दूर्वा अर्पित करें. दोनों वेला आरती करें. जितने दिन महोत्सव चल रहा है, उतने दिन पूर्ण सात्विकता का पालन करें. अनंत चतुर्दशी के दिन चाहें तो उपवास रखकर विसर्जन में शामिल हो सकते हैं.

RSS की विस्तार रणनीति में बदलाव, भैयाजी जोशी बोले- गांव से जोड़ेंगे बड़ी कंपनियों को

इंदौर  इंदौर में हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के एक दिवसीय प्रवास के बाद अब संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भैयाजी जोशी मध्यप्रदेश पहुंचे हैं। वे इंदौर में संघ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इसमें संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के दौरान प्रदेश के गांव-गांव में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। युवाओं और प्रोफेशनल्स को शाखाओं से जोड़ने पर जोर भैयाजी जोशी ने इंदौर से पहले बैतूल में बैठक की थी। इस बैठक में पंच परिवर्तन, शाखाओं का विस्तार और सेवा कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, जोशी शाम तक इंदौर पहुंचेंगे और यहां संपर्क विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। संघ 2025-26 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। इसकी शुरुआत इंदौर से की गई है। शताब्दी वर्ष में विशेष रूप से युवाओं और प्रोफेशनल्स को शाखाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। शाखाओं की संख्या बढ़ाने के लिए समय-निर्धारण लचीला रखा जाएगा ताकि सुबह से शाम तक किसी भी समय शाखा लगाई जा सके। इसके साथ ही गोष्ठियों और पंच परिवर्तन कार्यक्रमों का कैलेंडर भी तैयार किया गया है। प्रचारकों को गांवों में जिम्मेदारी बैतूल बैठक में भैयाजी जोशी ने प्रचारकों को निर्देश दिए कि वे गांवों में शाखाओं की संख्या बढ़ाएं और कॉलेज, आईटी के छात्रों व प्रोफेशनल्स को संघ से जोड़ें। इसके अलावा शहरों में पथ संचलन, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संवाद और युवाओं को नगर, मंडल व बस्तियों में सक्रिय करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। विजयदशमी (2 अक्टूबर 2025) से संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू होंगे। पंच परिवर्तन पर फोकस मालवा प्रांत में वर्तमान में 3046 स्थानों पर 4636 शाखाएं संचालित हो रही हैं। बैतूल सम्मेलन में संघ के सामाजिक और सेवा कार्यों की भी समीक्षा की गई, जिनमें शिक्षा, चिकित्सा, स्वावलंबन और सामाजिक जागरूकता शामिल हैं। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि पंच परिवर्तन के तहत स्वदेशी, पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नए लोगों को जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। रिटायर अधिकारियों-कर्मचारियों को भी संघ के कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए संपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है। 

इंदौर में ऑनलाइन गेमिंग का कहर: बर्बाद हुए सैकड़ों परिवार, टूटी कई जिंदगियां

 इंदौर  ऑनलाइन गेमिंग से अपना सबकुछ गंवा रही युवा पीढ़ी और इसकी लत का शिकार हुए अपने नौनिहालों को गंवा रहे परिवारों को अब जाकर राहत मिलने की उम्मीद जागी है। प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाए जाने की राह भी साफ हो गई है। देशभर में बीस हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि गंवाने के अलावा सैकड़ों युवाओं ने आत्महत्या भी कर ली। 2020 में इंदौर में ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ जनहित याचिका भी दायर की गई थी। इसमें केंद्र और राज्य सरकार तथा गेमिंग कंपनियों के अलावा इसका प्रचार करने वाले खिलाड़ियों और फिल्म सितारों को भी नोटिस दिए गए थे। इंदौर में पिछले कुछ वर्षों में कई दर्दनाक घटनाएं सामने आईं। 13 वर्षीय छात्र आकलन जैन ने ऑनलाइन गेम खेलते हुए अपनी मां का डेबिट कार्ड इस्तेमाल कर लगभग 2,800 रुपये गंवा दिए। डर और तनाव के कारण एक अगस्त को उसने आत्महत्या कर ली। उसके स्वजन आज भी यह दर्द नहीं भूल पाए हैं। स्वजन ने कहा कि हमारा बेटा होनहार था। अगर पहले ही सरकार गेमिंग पर सख्ती करती तो शायद वह आज जीवित होता। नशे की तरह है गेमिंग की लत गेमिंग की लत नशे जैसी होती है। मरीज जब तक गेम नहीं खेलता, बेचैन रहता है। कई मामलों में लोग सारी कमाई एक हफ्ते में ऑनलाइन गेम में उड़ा देते हैं। इलाज के दौरान उन्हें दवा के साथ-साथ काउंसलिंग और बैंक खाते में सीमित पैसे रखने जैसी सलाह दी जाती है। माता-पिता को बच्चों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। – डॉ. कृष्णा मिश्रा, मनोचिकित्सक केस 1 : मार्च में इंदौर के 16 वर्षीय छात्र प्रिंस का मामला भी पूरे शहर को झकझोर गया था। वह ऑनलाइन गेम्स का आदी था और जब उसका फोन चोरी हो गया तो उसे तुरंत नया फोन नहीं मिल सका। गुस्से और बेचैनी में उसने जहर खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। केस 2 : 25 वर्षीय जितेंद्र वास्कले इंदौर में पढ़ाई के साथ सुरक्षा गार्ड का काम करता था। ऑनलाइन गेमिंग में फंसकर उसने लोन ले लिया, लेकिन लगातार हारने के कारण कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया। दबाव और निराशा में उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने साफ लिखा कि वह कर्ज और गेमिंग लत से टूट चुका है। केस 3 : 24 वर्षीय एक नौकरीपेशा युवक जो हर माह 50 हजार रुपये कमाता था, यह पैसा वह एक ही हफ्ते में गेम में उड़ा देता था। इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंचा। उसे ऑनलाइन गेम की लत बार-बार तलब होती थी। जब तक गेम नहीं खेलता था, बेचैन रहता था। उसके लिए गेम नशे की तरह एडिक्शन रहता है। डॉक्टरों ने खाते में कम रुपये रखवाए। इसके साथ ही दवाइयां भी दी। करीब छह माह इलाज के बाद वह अब स्वस्थ है। ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से हुई ठगी मंदसौर में ऑनलाइन गेम की लत से कई लोगों ने रुपये गंवाए हैं। लोक-लाज के भय से अधिकांश पुलिस थाने तक नहीं पहुंचे। 15 दिसंबर 2024 को इंदौर क्राइम ब्रांच ने मंदसौर के आठ सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया था, जो ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के माध्यम से फ्राड करते थे। यह ठग लोगों से लिए रुपये अलग-अलग खातों में डालकर उन्हें आइडी और पासवर्ड देते थे। उसी आइडी से लोग वेबसाइट पर सट्टा खेलते थे। आरोपितों के पास से करोड़ों का हिसाब-किताब मिला था। पुलिस ने मंदसौर के परीक्षित लोहार, रोशन लालवानी, विजय विश्वकर्मा, अभिषेक यादव, राजेश कोतक, प्रफुल्ल सोनी, महेंद्रसिंह के साथ ही बिहार के रुचित को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के पास से फर्जी बैंक खाते नंबर भी मिले थे। मोबाइल में दुबई मनी एक्सचेंज करने वाले लोगों के नंबर भी मिले थे।

रिपोर्ट के लिए CAG परेशान, मध्य प्रदेश के 34 विभागों से नहीं मिला खर्च का डाटा

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार के कई विभागों की हालत अच्छी नहीं है। मंत्रियों की उदासीनता और अफसरों की लापरवाही का नतीजा यह हो रहा है कि 34 विभाग अब तक बजट के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहे। यह जानकारी ऑडिटर जनरल कार्यालय द्वारा मांगी गई है, लेकिन उसे जानकारी नहीं मिल पाई। दरअसल, महालेखाकार कार्यालय कैग ने 31 मार्च 2025 की स्थिति तक विभागों से जानकारी मांगी है। यह जानकारी मांगी गई है कि विभाग के अधीन बजट नियंत्रण अधिकारियों ने बैंकों में कितनी राशि जमा कर रखी थी? इस अवधि में कौन-कौन से बड़े कार्य और परियोजनाएं अधूरी रहीं? कई बार पत्र लिख चुका CAG महालेखाकार कार्यालय ने इसको लेकर इस वित्त वर्ष में सबसे पहले 29 अप्रैल को, फिर 20 मई और इसके बाद 24 जुलाई को पत्र लिखा था। महालेखाकार कार्यालय इस बार सीधे मुख्य सचिव को पत्र लिख चुका है। इसके बाद गुरुवार तक सभी विभागों को जानकारी भेजने के निर्देश एक बार फिर जारी किए गए थे। इसके बाद भी जवाब नहीं मिला तो एक अगस्त को वित्त विभाग को अलग और मुख्य सचिव को अलग पत्र भेजकर जानकारी दिलाने को कहा है। वित्त विभाग ने बार-बार विभागों को जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि बजट नियंत्रण अधिकारियों की इस लापरवाही का सीधा असर सरकार की वित्तीय रिपोर्टिंग पर पड़ रहा है। इससे राज्य के वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा तैयार करने में मुश्किलें आ रही हैं। यह विभाग बने लापरवाह राजस्व विभाग, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, एमएसएमई, जनजातीय कार्य विभाग, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, अनुसूचित जाति कल्याण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, महिला एवं बाल विकास, वाणिज्यिक कर, संसदीय कार्य, विमानन, लोक सेवा प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, वित्त विभाग, गृह विभाग, स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य, जनसंपर्क विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, संस्कृति विभाग, उच्च शिक्षा, सामान्य प्रशासन, वन विभाग, खनिज साधन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, श्रम विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, नगरीय विकास एवं आवास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग और लोक निर्माण विभाग। वित्त विभाग ने मांगी थी यह जानकारी तय बजट के अलावा अन्य खर्च, अनपेड बिलों से संबंधित देनदारियां, आउट साइड फंड ऑपरेशन की स्थिति, बैंकों में जमा राशि, पंचायत राज संस्थाओं को दी जाने वाली बकाया ग्रांट, अपूर्ण बड़े कार्यों की सूची, नए ऋण और अग्रिम (एडवांस) की जानकारी, ऋण की अदायगी और बकाया स्थिति, ऋण और अग्रिम का समेकित विवरण (समरी), निगमों, सरकारी कंपनियों और सहकारी संस्थाओं को दी गई सहायता, पीपीपी मोड और जनभागीदारी के तहत हुए निवेश की जानकारी, नई योजनाओं पर लिए गए नीतिगत निर्णयों का संभावित कैश फ्लो, संस्थाओं को दी गई ग्रांट की पूरी जानकारी, सिंचाई परियोजनाओं के वित्तीय परिणाम, अब तक नहीं दी गई यह महत्वपूर्ण जानकारी, बिजली योजनाओं के वित्तीय परिणाम, ऋण व लाभांश की रिपोर्ट।