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भूमि सुधार विभाग का बड़ा फैसला, ई-मापी होगी अब ऑनलाइन

पटना बिहार सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी को लेकर नई व्यवस्था शुरू कर दी है. इस बदलाव का मकसद पूरी प्रक्रिया को साफ-सुथरा, तय समय में पूरा होने वाला और टेक्नोलॉजी के जरिए आसान बनाना है. विभाग ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. क्या बदल जायेगा नई व्यवस्था के तहत जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनकी मापी अब सिर्फ 7 दिनों के अंदर पूरी कर दी जाएगी. इससे लोगों को पहले की तरह लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम तेजी से होगा. जिन जमीनों को लेकर विवाद चल रहा है, उनकी मापी के लिए भी सरकार ने समय तय कर दिया है. ऐसे मामलों में मापी का काम 11 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुराने और लंबित केस जल्दी निपट सकें. मापी के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन डालना जरूरी जमीन की मापी पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट को 14 दिनों के अंदर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है. इससे रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर लोग इसे आसानी से देख सकेंगे. अब ई-मापी के लिए आवेदन भी ऑनलाइन किया जा सकता है. इसके लिए लोगों को बिहार भूमि पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा. इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी. सरकार के इस कदम से कम होंगे विवाद सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़ेगी. विवाद कम होंगे और लोगों को समय पर सेवाएं मिलेंगी. इसे डिजिटल बिहार और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

फर्जी FD मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी ने 35 करोड़ खुद लिए

 पंचकुला हरियाणा के राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो ने गुरुवार को कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पेंदर सिंह के बारे में बड़ा दावा किया। इसमें बताया गया है कि 150 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार पुष्पेंदर ने गबन की गई राशि में से लगभग 30–35 करोड़ रुपए व्यक्तिगत रूप से हासिल किए थे। 41 साल का पुष्पेंदर, पंचकुला का रहने वाला है। पुष्पेंदर को बुधवार को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पंचकुला नगर निगम के खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स से संबंधित कथित धोखाधड़ी के मामले में आत्मसमर्पण किया था। वह इस मामले में गिरफ्तार किए गए छठे व्यक्ति हैं। गुरुवार को उन्हें पंचकुला की एक अदालत में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी। अदालत ने मामले में पांच दिन की हिरासत दी। एक जांचकर्ता ने कहाकि इस पैसे का एक हिस्सा उन्होंने रैंगलर रुबिकॉन, मर्सिडीज़ जीएलएस और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल खरीदने में इस्तेमाल किया। यह सभी फिलहाल दिल्ली में खड़ी हैं। पुष्पेंदर की मदद से इन्हें जब्त किया जाएगा। विजिलेंस ब्यूरो का तर्क विशेष जांच टीम ने अदालत को यह भी बताया कि तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, और नकली एफडी और संबंधित दस्तावेज तैयार करने के लिए इस्तेमाल हुए स्टांप्स हरियाणा के नरकंडा में रखे गए हैं। इन्हें भी आरोपी के संकेत पर बरामद किया जाना है। विजिलेंस ब्यूरो ने तर्क दिया कि इसी तरह की अन्य धोखाधड़ी के बारे में पूछताछ करने, सरकारी फंड के आगे के दुरुपयोग को रोकने और सह-आरोपी से पूछताछ के लिए पुष्पेंदर की हिरासत जरूरी थी। इसमें आगे कहा गया है कि बैंक दस्तावेज़, एक निजी डायरी और अपराध की आय से खरीदी गई संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल करना भी जरूरी है। जांच के लिए, इस बड़े पैमाने पर जटिल वित्तीय धोखाधड़ी की कई परतों को उजागर करना के लिए यह सब करना होगा। अब तक कितनी गिरफ्तारी इस मामले में, विजिलेंस ब्यूरो ने इस साल 24 मार्च को कोटक महिंद्रा बैंक के अनाम अधिकारियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की। यह रिपोअर् पंचकुला नगर निगम की रिपोर्ट के बाद दर्ज की गई। इसमें बैंक की फिक्स डिपॉज़िट रसीदों में लगभग 150 करोड़ रुपए की अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। अब तक मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दलिप कुमार राघव सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक वापस कर चुका है बड़ी रकम इस केस में नगर निगम के जिस फंड में घोटाले का आरोप है, बैंक ने उसके 127 करोड़ रुपए पहले ही वापस कर दिए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था कि वे पंचकुला नगर निगम, सरकारी अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ परा सहयोग कर रहे हैं। इसमें आगे कहा गया कि बैंक ने मानकों के मुताबिक और मामले की स्वतंत्र व व्यापक जांच के लिए पंचकुला पुलिस में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज की है।

IDFC बैंक में सरकारी फंड गबन मामले में CBI जांच तेज

चंडीगढ़ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के खातों से 550 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी दो आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आईएएस अधइकारी राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार आरोपी हैं। सिंह 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उनके पास 3.22 करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं। इससे उन्हें 19 लाख रुपये की सालाना कमाई होती है। वहीं प्रदीप कुमार के पास पत्नी की संपत्ति के साथ कुल 7.03 करोड़ की संपत्ति है। कई जगहों पर संपत्तियां सिंह के 29 जनवरी 2026 को फाइल किए गए एनुअल प्रॉपर्टी रिटर्न के मुताबिक उन्होंने कुल 3.22 करोड़ की संपत्ति की बात बताई थी जो कि पट्टनी अफगान, गोहना और सोनीपत में है। यहां उनका एक 710 व्ग गज का प्लॉट है जिसकी कीमत 58 लाख रुपये, एक 77 लाख की कीमत वाला प्लॉट है। इसकेअलावा एक प्लॉट की कीमत 12 लाख रुपये है। गोहाना में भी 60 लाख की कीमत का प्लॉट है। इसके अलावा 6 रिहाइशी संपत्तियां हैं। सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी कई बिजनेस करती हैं। उनके पास पेट्रोल पंप, माइक्रोब्रीवरी, रेस्तरां, किराए पर घर देने, प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम भी है। उन्होंने बताया था कि उनका पैतृक घऱ हिंदू अनडिवाइडेट फैमिली के तहत सबका की है। आईएएस प्रदीप कुमार ने एपीआर में बताया था कि उनकी पत्नी के पास 3181.5 वर्ग गज की जमीन है। इसकी कीमत 1.25 करोड़ के करीब है। उन्होंने बताया कि यह जमीन पत्नी को उनके पिता ने उपहार में दी थी। उन्होंने बताया था कि गुरुग्राम सेक्टर 28 में उनके दो फ्लैट हैं जिन की कीमत 2.4 करोड़ के आसपास है। इसके अलावा गुरुग्राम में एक और फ्लैट है जो कि उनकी पत्नी के साथ उनके नाम पर है। इसकी कीमत 3.34 करोड़ रुपये है। हरियाणा सरकार को बड़ा नुकसान हरियाणा के सतर्कता विभाग ने इस मामले को संबंधित एजेंसी को सौंपते हुए कहा, ''यह मामला धोखाधड़ीपूर्ण बैंकिंग गतिविधियों और फर्जी लेनदेन से जुड़ा है, जिन्हें कथित तौर पर सरकारी धन को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड, कैप को फिनटेक सर्विसेज, आर.एस. ट्रेडर्स और अन्य संबंधित फर्म/व्यक्तियों सहित फर्जी संस्थाओं (शेल) के खातों में अंतरित करने के लिए व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।' सूत्रों ने बताया कि पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपों के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा राज्य के कोष को बैंक में 'सावधि जमा' (एसएफडी) के रूप में जमा किया जाना था, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर इसे अपने निजी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर लिया। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विभिन्न फर्जी (शेल) कंपनियों और छोटी आभूषण कंपनियों में भारी मात्रा में धनराशि अंतरित की गई है तथा अंततः सोने की खरीद और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के बहाने उसे निकाल लिया गया है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा था कि उसने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को मूलधन और ब्याज का 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है, जो कि 583 करोड़ रुपये बनता है।

ब्रॉक लैसनर का बैलेंस बिगड़ा, रैंप पर गिरने का मजेदार पल

नई दिल्ल WWE के सबसे खूंखार और ताकतवर रेसलर माने जाने वाले ब्रॉक लैसनर के साथ एक बार मंडे नाइट रॉ के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने फैंस को हंसने पर मजबूर कर दिया। अपनी भारी-भरकम कद-काठी और आक्रामक तेवरों के लिए मशहूर 50 वर्षीय लैसनर जब अपनी सिग्नेचर स्टाइल में एंट्री ले रहे थे तभी किस्मत ने उनके साथ खेल कर दिया। अचानक गिर पड़े ब्रॉक लैसनर जैसे ही उनकी एंट्री में आतिशबाजी शुरू हुई लैसनर ने जोश में अपना पैर जोर से नीचे पटका लेकिन उसी पल उनका संतुलन बिगड़ा और वे सबके सामने धड़ाम से गिर पड़े। यह नजारा वाकई में हैरान करने वाला और काफी मजाकिया था। अक्सर रिंग में विरोधियों को खिलौनों की तरह पटकने वाले 6 फीट 3 इंच लंबे और 290 पाउंड के इस रेसलर को इस तरह जमीन पर गिरते देख फैंस अपनी हंसी नहीं रोक पाए। बिगड़ गया लैसनर का बैलेंस हालांकि, लैसनर ने तुरंत खुद को संभालने की कोशिश की और उस गिरने की घटना को एक पल्टी में बदलने की कोशिश की ताकि ऐसा लगे कि यह उनके स्टाइल का हिस्सा था। पर अफसोस उनकी यह नाकाम कोशिश कैमरे में कैद हो गई। हंसकर टाल दिया मामला लैसनर उस समय सर्वाइवर सीरीज के अपने साथियों लोगन पॉल, ड्रू मैकइंटायर, ब्रोंसन रीड और ब्रॉन ब्रेकर के साथ शामिल होने के लिए रैंप पर उतर रहे थे। हालांकि खुद के अचानक ऐसे गिरने पर खुद ब्रॉक भी बुरी तरह हंसने लगे और वो फैंस के साथ मजे लेते हुए नजर आए। ऐसा हालांकि रेसलर्स के साथ होता रहता है जहां वे अपना बैलेंस खो बैठते हैं। पहले भी एंटरेंस के दौरान कई WWE के रेसलर गिर चुके हैं।  

पलामू में संस्कृति और एकता पर केंद्रित होगा हिंदू सम्मेलन

  पलामू पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर में 12 अप्रैल को एक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इसको लेकर शुक्रवार को शहर के होटल आरडीएस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई. सम्मेलन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और जनसंपर्क अभियान भी जोर-शोर से चलाया जा रहा है. तैलिक साहू महासभा ने पेश की रूपरेखा तैलिक साहू महासभा के पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष सह हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष रामदास साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की मजबूती से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है. इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता और समरसता का संदेश दिया जाएगा. स्कृति और एकता पर रहेगा मुख्य फोकस रामदास साहू ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना और परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ती दूरियों को समाप्त कर एकजुटता स्थापित करना बेहद जरूरी है. इस सम्मेलन के जरिए लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. देशभर के 1.08 लाख स्थानों पर आयोजन समिति के सचिव कुमार गौरव ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल मेदिनीनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के एक लाख आठ स्थानों पर इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है. उन्होंने सभी लोगों से आपसी एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की. प्रमुख संत और वक्ता होंगे शामिल सम्मेलन में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे. मुख्य वक्ता के रूप में वृंदावन से 1008 सीताराम शरण जी, साध्वी शरण जी और कार्यवाहक दिनेश जी के शामिल होने की संभावना है. ये सभी वक्ता धर्म, संस्कृति और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे, जिससे लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा. जनसंपर्क अभियान से लोगों को जोड़ा जा रहा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिससे आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके. शिवाजी मैदान में होगा भव्य आयोजन यह विराट हिंदू सम्मेलन 12 अप्रैल, रविवार को शाम चार बजे मेदिनीनगर के शिवाजी मैदान में आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक कला का प्रदर्शन और प्रबुद्धजनों के संबोधन मुख्य आकर्षण होंगे. आयोजकों ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है. समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सह संयोजक सतीश तिवारी, उपाध्यक्ष विकास सिंह, प्रचार प्रमुख रोहित पाठक, श्वेत रंजन, कोषाध्यक्ष विकास तिवारी, विनीत पांडेय और सूर्यकांत पासवान सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे. सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई.

नौकरी दिलाने के नाम पर ठग सक्रिय, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

चतरा झारखंड के चतरा जिले में चल रही होम गार्ड बहाली प्रक्रिया के बीच ठग सक्रिय हो गए हैं. जिला प्रशासन को मिली शिकायतों के बाद अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी तरह के पैसे या सिफारिश का इसमें कोई स्थान नहीं है. 1 अप्रैल से चल रही है बहाली प्रक्रिया चतरा जिले के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 1 अप्रैल 2026 से होम गार्ड बहाली प्रक्रिया संचालित की जा रही है. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं. इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए ठगी का जाल फैलाना शुरू कर दिया है. मोबाइल कॉल के जरिए ठगी का प्रयास जिला प्रशासन के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उन्हें होम गार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जा रहा है. इसके बदले उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है. ऐसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. उपायुक्त कीर्तिश्री का सख्त संदेश चतरा की उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री ने इस मामले में स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा है कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो रही है. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश, बिचौलिया या पैसे का कोई स्थान नहीं है. ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और गैरकानूनी हैं. अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील उपायुक्त ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी फोन कॉल, संदेश या व्यक्ति के झांसे में न आएं. यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें. इससे ऐसे ठगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी. साइबर सेल और पुलिस को सूचना देने की सलाह प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठगी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, साइबर सेल या जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए. इससे दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी. प्रशासन कर रहा है सतत निगरानी जिला प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. बहाली प्रक्रिया के दौरान लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या धोखाधड़ी को रोका जा सके. संबंधित अधिकारियों को भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. अफवाहों से दूर रहने की अपील जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से यह भी कहा है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से दूर रहें. सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह दी गई है.

आर वैशाली ने 10वें राउंड के बाद बढ़त बनाई, वर्ल्ड टाइटल की उम्मीद मजबूत

  पाफोस साइप्रस के पाफोस में खेले जा रहे प्रतिष्ठित FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के 10वें राउंड में भारत की आर वैशाली ने शानदार प्रदर्शन(Chess) करते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक के खिलाफ खेला गया उनका मुकाबला ड्रॉ रहा, जिससे मिले आधे अंक ने उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा दिया। टूर्नामेंट अब अपने निर्णायक मोड़ पर है क्योंकि केवल 4 राउंड बाकी हैं और टॉप-6 खिलाड़ियों के बीच महज 1 अंक का फासला है, जिससे हर अगली चाल विश्व चैंपियन का चैलेंजर(Challenger) तय करने में महत्वपूर्ण होगी। भारतीय सितारों के लिए कठिन रहा 10वां राउंड जहाँ वैशाली ने बढ़त बनाई, वहीं अन्य भारतीय ग्रैंडमास्टर्स के लिए शुक्रवार का दिन निराशाजनक रहा। ओपन कैटेगरी में आर प्रज्ञानानंदा को उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से हार का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे लुढ़ककर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसी तरह, विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख को रूस की मजबूत खिलाड़ी अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना ने मात दी। इन हारों ने भारतीय उम्मीदों को थोड़ा झटका दिया है, लेकिन शेष चार राउंड में वापसी की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। अन्य पढ़े: युवा वैभव का धमाका कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की अहमियत और इतिहास कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को शतरंज का ‘सेमीफाइनल’ माना जाता है, क्योंकि इसका विजेता सीधे मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। भारत का इस टूर्नामेंट में गौरवशाली इतिहास रहा है; विश्वनाथन आनंद (1995) के बाद पिछले साल डी गुकेश ने इसे जीतकर इतिहास रचा था। इस बार ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन डी गुकेश से होगा, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन के खिलाफ वर्ल्ड टाइटल की बाजी खेलेगी। वैशाली रमेशबाबू 10वें राउंड के बाद किस स्थान पर हैं और उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी कौन हैं? वैशाली 10वें राउंड के बाद शीर्ष (पहले) स्थान पर हैं। झू जिनेर और अन्ना मुजिचुक 5.5 अंकों के साथ उनसे महज आधा अंक पीछे हैं। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का फॉर्मेट क्या है और इसमें कुल कितने राउंड होते हैं? यह टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होता है जहाँ 8 खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार खेलते हैं। इसमें कुल 14 राउंड होते हैं।

झारखंड सरकार की बड़ी पहल, 500 बच्चों के हृदय रोग की होगी निःशुल्क जांच

 रांची झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. कांगेनिटल हार्ट डिजीज बीमारी की पहचान और जांच के लिए आयोजित यह शिविर 10 और 11 अप्रैल तक चलेगा. इसका उद्देश्य भारत में हर साल दो लाख से ज्यादा जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से ग्रसित बच्चों की शीघ्र पहचान और उनका निःशुल्क इलाज करना है. इस शिविर में जांच (स्क्रीनिंग), परामर्श और चिह्नित बच्चों के हृदय ऑपरेशन (सर्जरी) की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है. गिफ्ट ऑफ लाइफ के तहत लगाया गया शिविर झारखंड सरकार के शिविर स्वास्थ्य विभाग के “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें शिशुरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को “केयरिंग फॉर चिल्ड्रन विद हार्ट डिजीज : एसेंशियल फैक्ट्स” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है. इस विशेष शिविर के पहले दिन राज्य के विभिन्न जिलों से हृदय में जन्मजात छेद वाले चिह्नित बच्चों को इस शिविर में अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच की गई. इस दौरान अभिभावकों को आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया. इस पहल का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है. नन्हें मासूमों का हृदय रोग परीक्षण इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा इको एवं अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोग का परीक्षण किया जाएगा एवं जांच के बाद जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई गई उनका निशुल्क ऑपरेशन (सर्जरी ) अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची में कराया जायेगा. सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा. 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य इस शिविर में लगभग 500 बच्चों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है. यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी आने जाने ठहरने आदि की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. महत्वपूर्ण जानकारी     जन्म के बाद उभरने लगती है परेशानी: कुछ दोष बहुत मामूली होते हैं जो अपने आप ठीक हो सकते हैं, जबकि कुछ गंभीर होते हैं जिनके लिए तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है.     लक्षण: सांस लेने में तकलीफ, दूध पीते समय हांफना, त्वचा का नीला पड़ना, बहुत पसीना आना और वजन न बढ़ना इसके मुख्य लक्षण हैं.     निदान और उपचार : इसका पता गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड या जन्म के बाद इकोकार्डियोग्राफी (इको) से लगाया जा सकता है. इसका मुख्य उपचार दवाएं, कैथीटेराइजेशन या ओपन-हार्ट सर्जरी है. बच्चों में किन लक्षणों के बाद डॉक्टर को दिखाएं     त्वचा, होंठ या नाखूनों का नीला या पीला पड़ना (साइनोसिस)     कम वजन, ग्रोथ में कमी, दूध पीते-पीते हांफना या सांसें तेज होना – थक जाना     वजन न बढ़ना या शारीरिक विकास रुकना,     तेज धड़कन या सांस लेने में तकलीफ नवजात में क्यों होती है बीमारी कांगेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी), जिसे जन्मजात हृदय रोग भी कहते हैं, जन्म के समय हृदय की संरचना (स्ट्रक्चर) में खराबी या दोष को कहते हैं. यह समस्या तब पैदा होती है, जब गर्भावस्था के दौरान बच्चे का दिल सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाता है. यह बच्चों में जन्मजात दोषों का सबसे आम प्रकार है, जो लगभग 100 में से 1 या 2 शिशुओं को प्रभावित करता है. भारत में हर साल करीब 2,00000 लाख बच्चे इस बीमारी की परेशानियों से गुजरते हैं. क्या कहते हैं अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों में जागरूकता नहीं रहने के चलते रोग का सही समय पर चिन्हित नहीं हो पाता है. निःशुल्क ऑपरेशन के लिए मां अमृता हॉस्पिटल के साथ नॉन फाइनेंशियल एमओयू किया गया है. सत्य साईं अस्पताल भी अलग से उपचार कर रहा है. झारखंड में यह दूसरा कैंप है. रोटरी सहित अन्य एनजीओ मरीजों परिजनों को आने-जाने के खर्च में मदद कर रहे हैं, यह उनकी ओर से बड़ा सहयोग है.

खीरा की खेती ने बदली सुभद्रा की जिंदगी, बिहान योजना से बनीं लखपति दीदी

खीरा की खेती ने बदली सुभद्रा की जिंदगी, बिहान योजना से बनी लखपति दीदी रायपुर सुभद्रा पहले गरीबी से जूझ रही थीं, लेकिन स्वयं सहायता समूह जुड़कर एवं ऋण लेकर उन्होंने खीरा की खेती शुरू की l खीरा की खेती से प्राप्त आय से आज वह 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं l          बिलासपुर जिला के कोटा के ग्राम करका की सुभद्रा ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, समूह की शक्ति और मेहनत साथ हो, तो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है। सुभद्रा समूह से जुड़कर खीरा की खेती कर आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अब लखपति दीदी बन चुकी हैl सुभद्रा मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकारी योजना ने उनका जीवन बदल दिया है।     आदिवासी बहुल गांव करका की सुभद्रा आर्मी ने आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत मां सरस्वती समूह से जुड़कर खीरा की खेती को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया। शुरुआत में समूह को 15 हजार रुपये रिवाल्विंग फण्ड, 60 हजार रुपये सी आई एफ तथा 3 लाख रुपये बैंक ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने महिलाओं को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में बड़ी मदद दी। समूह की महिलाओं ने मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए खीरा की खेती शुरू की। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि आज वे 2 एकड़ में खेती कर लगभग 10 क्विंटल खीरा की बिक्री हर दूसरे दिन कर रही हैं। इससे उन्हें लगभग 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।       इस अतिरिक्त आय से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं l बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। सुभद्रा बताती हैं कि इस सफलता के पीछे समूह की बीमा सखी हबीबुन निशा का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा, जिन्होंने समय-समय पर महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता प्रदान कर ऋण सबंधी प्रक्रिया को पूरा करने में  सहायता की साथ ही खेती की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।     सुभद्रा आर्मी की मेहनत लगन और सरकारी योजनाओं की मदद से अब वह लखपति दीदी” बनने का गौरव हासिल कर चुकी है।

बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया तो कट जाएगा राशन

 पटना सरकारी राशन का लाभ लेने वाले करोड़ों लाभार्थियों के लिए जरूरी खबर है। सरकार ने राशन वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी लागू कर दी है। अब तक ढिलाई बरत रहे कार्डधारकों के लिए राहत की बात यह है कि अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद कोई मौका नहीं मिलेगा। अगर इस डेडलाइन तक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हुआ, तो राशन कार्ड को 'अवैध' मानकर सूची से हटा दिया जाएगा। सरकार के इस कड़े कदम का सीधा उद्देश्य उन लोगों को सिस्टम से बाहर करना है जो गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हजारों ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा है या एक ही आधार कार्ड कई राशन कार्डों से लिंक है। ई-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए सरकार 'एक व्यक्ति, एक पहचान' के नियम को सख्ती से लागू कर रही है। इससे फर्जी लाभार्थियों का पत्ता साफ होगा और सही मायने में जरूरतमंदों को अनाज मिल सकेगा। नाम कटा तो रुक जाएंगी ये सुविधाएं अगर आपका नाम राशन कार्ड से कट गया, तो डीलर की मशीन पर आपका नाम शो नहीं करेगा, जिससे आपका कोटा बंद हो जाएगा। इसके साथ ही, उज्ज्वला योजना (गैस सब्सिडी) और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का डेटा अक्सर राशन कार्ड से जुड़ा होता है, वहां भी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। यहां तक राशन कार्ड को पते और पहचान के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा। क्या करना होगा? इसकी प्रक्रिया बहुत आसान है। कार्ड में जितने भी सदस्यों के नाम दर्ज हैं, उन सभी को अपने आधार कार्ड के साथ राशन डीलर की दुकान पर जाना होगा। वहां पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करना होगा। याद रहे, घर के किसी एक सदस्य के जाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन सभी का वहां पहुंचना जरूरी है जिनका नाम कार्ड में है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अंतिम तिथि के बाद सर्वर डाउन होने या तकनीकी खराबी का बहाना नहीं चलेगा, इसलिए समय रहते इस जिम्मेदारी को पूरा कर लें। 30 तारीख तक सभी सदस्यों का बायोमेट्रिक अपडेट न होने पर राशन कार्ड से नाम काट दिया जाएगा।