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सलमान खान विवाद पर हेमा शर्मा का खुलासा, करियर को लेकर दिया बयान

सलमान खान, बॉलीवुड में नाम ही काफी है. सलमान वो सुपरस्टार हैं, जो किसी के सर पर हाथ दें, तो वो रातोरात स्टार बन जाता है. हालांकि, कई लोग उन पर करियर बर्बाद करने का आरोप भी लगा चुके हैं. हेमा शर्मा उर्फ वायरल भाभी ने भी सलमान के साथ हुई कंट्रोवर्सी का सच बताया है. हेमा शर्मा ने कहा कि सलमान खान के साथ मेरी कंट्रोवर्सी हुई थी. इसके बाद कहा गया कि मेरा करियर खत्म. मैं दबंग 3 में थी. ओपनिंग मुझसे हुई थी. खास बात ये है कि फिल्म मेरे बर्थडे पर रिलीज हुई थी. क्या है विवाद का सच? घनश्याम उपाध्याय के पॉडकास्ट में हेमा शर्मा बताती हैं कि मेरी पहली फिल्म धर्मेंद जी के साथ थी. फिर अनुपम खेर के साथ वन डे में काम किया. इसके बाद दबंग 3 आई. उन्होंने कहा- मैं इंडस्ट्री में सलमान खान की वजह से आई. 2013 में मैंने फैसला किया कि मैं सलमान खान से खुद मिलूंगी. फिर मैंने क्राइम पैट्रोल किया, ताकि सलमान खान से मिल पाऊं. इसके बाद डेढ़ साल के लिए मुंबई छोड़ दिया, क्योंकि पहली शादी में लफड़े हो गए थे. मुंबई से मेरा पैकअप हो गया. मैंने कसम खाई कि मुंबई नहीं आऊंगी. फिर 2015 में मुंबई ने मुझे बुलाया. आते ही अमेरिका लंदन में शो हुए. गोविंदा जी के साथ डांस किया. दबंग 3 में मेरा पहला सीन सलमान जी के साथ था, जिसे बाद में उन्होंने चेंज कर दिया. कहा कि इनका अकेले का सीन रखो. फिल्म रिलीज से पहले मैं इंटरव्यू दे चुकी कि सलमान खान के साथ कनेक्शन है. मैं उनके घर गई थी चाय पी थी. मैं अर्पिता जी के फार्महाउस गई थी. फिल्म रिलीज हुई, लेकिन मैं उनके साथ फोटो नहीं ले पाई. बिग बॉस में जर्नादन पंडित जी आते थे. मैंने उनसे कहा कि सलमान जी के साथ एक फोटो दिला दीजिए. वो बोले ये छोटी सी बात है चलो मेरे साथ. मैं पंडित जी के साथ बिग बॉस के सेट पर गई. सलमान खान की सेक्योरिटी ने मुझे देखते ही कहा कि इनको यहां कौन लेकर आया है. निकालो इसको. पंडित जी आपका भी आना बैन हो जाएगा. मेरा अपमान हुआ. मैंने उस दिन सोच लिया कि मेरे साथ जो हुआ वो हुआ, लेकिन पंडित जी के साथ ये नहीं होना चाहिए था. एक इंटरव्यू में ये बातें बताते हुए मैं रो पड़ी. क्लिप वायरल हुई, तो लोगों ने कहा कि तुम्हारा खत्म. लेकिन जब मैं बिग बॉस 18 गई, तो सलमान खान ने सबसे अच्छा परिचय मेरा ही दिया. उन्होंने कहा कि आप कभी कुछ गलत नहीं कर सकती हैं.

जल जीवन मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, 5 दिन की रिमांड की मांग

जयपुर जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में बड़ी कार्रवाई के तहत शुक्रवार को पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कोर्ट से उनकी 5 दिन की पुलिस रिमांड की मांग करने की तैयारी की है, ताकि मामले में गहन पूछताछ की जा सके। इस पूरे मामले की जांच एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में चल रही है। गिरफ्तारी के अगले दिन कोर्ट में पेशी एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुबोध अग्रवाल को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पहले से ही गिरफ्तारी वारंट जारी था। गुरुवार को उन्हें नई दिल्ली से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया, जहां औपचारिक गिरफ्तारी की गई। शुक्रवार को मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। टेंडर घोटाले और पद के दुरुपयोग के आरोप जांच में सामने आया है कि पूर्व आईएएस अधिकारी पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं। एसीबी का दावा है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर जारी किए गए और शर्तों में हेरफेर कर करीब 50 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इस घोटाले में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। 10 गिरफ्तार, 3 आरोपी अभी भी फरार इस मामले में एसीबी पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों के खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किए गए हैं और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। 51 दिन की तलाश, 260 ठिकानों पर छापेमारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी एसीबी के लिए आसान नहीं रही। उन्हें पकड़ने के लिए एजेंसी ने 51 दिनों तक लगातार अभियान चलाया। इस दौरान 18 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने देशभर में 260 ठिकानों पर छापेमारी की। बावजूद इसके, अग्रवाल लगातार एजेंसियों से बचते रहे और फरारी के दौरान 10 से अधिक ठिकाने बदलते रहे। दिल्ली से मुंबई तक छिपने की कोशिश जांच के दौरान एसीबी को इनपुट मिले थे कि सुबोध अग्रवाल दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मुंबई में छिपते रहे। इन सभी स्थानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। आखिरकार जब एसीबी ने कोर्ट में संदिग्ध संपत्तियों की सूची पेश की और स्थायी वारंट जारी करवाए, साथ ही कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया, तो अगले ही दिन वे सामने आ गए। भगोड़ा घोषित, संपत्ति कुर्की की तैयारी एसीबी की कार्रवाई के तहत रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के साथ एसई मुकेश गोयल, जितेन्द्र शर्मा और निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता को भी भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, सुबोध अग्रवाल अब गिरफ्त में आ चुके हैं, लेकिन बाकी तीन आरोपी अब भी फरार हैं। कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी की संदिग्ध संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है। रिमांड मिलने पर बड़े खुलासों की उम्मीद एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यदि कोर्ट से रिमांड मिलती है तो पूछताछ के दौरान न केवल जेजेएम घोटाले की परतें खोली जाएंगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान सुबोध अग्रवाल को किन लोगों ने मदद पहुंचाई। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया में शामिल अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी। लुक आउट नोटिस जारी, विदेश भागने का खतरा गौरतलब है कि एसीबी ने फरार आरोपियों के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी करवा दिए थे। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें फिलहाल, सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यदि एसीबी को रिमांड मिलती है, तो आने वाले दिनों में जेजेएम घोटाले से जुड़े कई अहम राज खुलने की संभावना है।

पान महासम्मेलन से विपक्षी एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन

पटना 12 अप्रैल को कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी का पटना दौरा इस हलचल को और तेज करने वाला है. नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है और इसी बीच राहुल गांधी का आना महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सियासी बिसात का हिस्सा माना जा रहा है. पान महासम्मेलन के मंच से सजेगी चुनावी बिसात इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष आईपी गुप्ता के अनुसार, राहुल गांधी 12 अप्रैल को पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में आयोजित होने वाले “पान महासम्मेलन” का उद्घाटन करेंगे. कहने को तो यह पान व्यवसाय से जुड़े समाज का एक सम्मेलन है, लेकिन जिस तरह से इसमें बड़े सियासी दिग्गजों का जमावड़ा होने वाला है, उसने साफ कर दिया है कि असली मकसद 2024 के चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की धार को और तेज करना है. पटना की सड़कों पर राहुल गांधी की मौजूदगी उस वक्त होगी जब सत्ता पक्ष (एनडीए) नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन कर रहा होगा. तेजस्वी और दीपंकर के साथ ‘पावर शो’ की तैयारी इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी हाईलाइट राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का एक साथ मंच साझा करना होगा. नीतीश कुमार के संभावित विदाई के बाद पैदा हुए ‘पॉलिटिकल वैक्यूम’ को भरने के लिए विपक्ष इस मौके का भरपूर इस्तेमाल करना चाहता है. यह एक ऐसा मंच होगा जहां से महागठबंधन के नेता न केवल सामाजिक संदेश देंगे, बल्कि राज्य में बदलते समीकरणों के बीच अपनी मजबूती का अहसास भी कराएंगे. नीतीश की विदाई और विपक्ष की नई रणनीति बिहार में इस वक्त एनडीए के भीतर नए मुखिया को लेकर खींचतान और मंथन का दौर जारी है. ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम करेगा. नीतीश कुमार के राज्यसभा की राह पकड़ने के बाद बिहार की राजनीति में जो नया समीकरण उभर रहा है, उसमें राहुल और तेजस्वी की जुगलबंदी काफी निर्णायक साबित हो सकती है. अब सबकी निगाहें 12 अप्रैल के उस संबोधन पर टिकी हैं, जो बापू सभागार से गूंजेगा और आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता की दिशा तय करेगा.

1 करोड़ फीस की अफवाह पर बोले विवेक, इतना पैसा नहीं मिला

आदित्य धर ने फिल्म धुरंधर और धुरंधर 2 से इतिहास रच दिया है। उनकी दोनों फिल्मों ने करोड़ों की कमाई की है। इस फिल्म की खास बात यह है कि इसके ना सिर्फ लीड रोल बल्कि सपोर्टिंग और साइड रोल वाले एक्टर्स को भी काफी पसंद किया गया है। अब खबर आ रही थी कि फिल्म के साइड एक्टर विवेक सिन्हा जिनका धुरंधर के पहले सीन यानी इंडियन एयरलाइन्स फ्लाइट के हाइजैक में रोल था, उन्हें छोटे रोल के बावजूद 1 करोड़ रुपये मिले हैं। विवेक ने अब इन खबरों पर अपना रिएक्शन दिया है। विवेक ने क्या कहा फीस को लेकर विवेक ने इंस्टाग्राम पर क्लीयर करते हुए लिखा, ‘भाई इतना पैसा नहीं मिला है कसम से। ये सब मत डालो। उन्होंने यह भी कहा कि इतना अमाउंट सुनने के बाद उन्हें लोगों के मैसेज आ रहे हैं और उनके मदद मांग रहे हैं।’ धुरंधर का पैसा खत्म हो गया विवेक ने आगे लिखा, ‘मुझे धुरंधर से पैसा मिला है, अच्छा पैसा मिला। जो एक्सपेक्टेड अमाउंट था वो मिला। लेकिन उतना पैसा नहीं मिला और जो पैसा मिला था खत्म हो चुका है। मुंबई में रहता हूं भाई और बहुत खर्चे हैं मुंबई में। तो धुरंधर वाला सारा पैसा खत्म हो चुका है। जब विवेक को गुस्से का करना पड़ा सामना बता दें कि फिल्म में विवेक का एक डायलॉग था हिंदू वाकई डरपोक कौम है। उनके इस डायलॉग पर लोग इतना गुस्सा हुए कि सोशल मीडिया पर उन्हें काफी बुरा-भला कहा। इस पर विवेक ने फिर सोशल मीडिया पर कहा था, ‘कोई मुझे आतंकवादी बोल रहा है, कोई बोल रहा है पाकिस्तान भाग जा। वैसे मुझे सच में अच्छा लगा ये देशभक्ति देखकर। हमारे अंदर जो देशभक्ति है न, उसे सलाम है। लेकिन मैं बता दूं कि मैं पाकिस्तान का नहीं हूं। मैं बिजनौर का रहने वाला हूं और फिलहाल मुंबई में रहता हूं।’ धुरंधर 2 की स्टार कास्ट और स्टोरी धुरंधर 2 की बात करें तो आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, गौरव गेरा, दानिश पंदौर भी हैं। फिल्म में रणवीर ने जसकिरत सिंह का किरदार निभाया है जो स्पाई बनकर पाकिस्तान जाता है और वहां रहकर ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हैं। धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन धुरंधर 2 के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो गुरुवार को फिल्म ने 8.56 करोड़ की कमाई की है और अब मूवी ने भारत में ग्रॉस 1,255.23 करोड़, ओवरसीस 410 करोड़ और वर्ल्डवाइड 1,665.23 करोड़ की कमाई की है।

मनोहर थाना में जनसंवाद यात्रा, 126 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास

झालावाड़ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री Vasundhara Raje ने गुरुवार को मनोहर थाना कस्बे में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एक भावुक बयान देकर सभी को चौंका दिया। लोगों की समस्याएं सुनते हुए उन्होंने कहा “मेरा तो खुद का चला गया, मैं अपने आपको नहीं बचा सकी, तो तुम्हारे लिए क्या करूं?” उनके इस बयान ने सभा में मौजूद लोगों के बीच गहरी संवेदना पैदा कर दी। जनता की समस्याओं पर खुलकर बोलीं जनसंवाद के दौरान स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचे। किसी ने मकान नहीं मिलने की शिकायत की, तो किसी ने पेंशन और मुआवजे में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर राजे ने कहा कि जीवन में ऐसी परेशानियां आती रहती हैं और हर परिवार इन हालातों से गुजरता है। निजी दर्द का किया जिक्र राजे ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा लोग कहते हैं आपका तो सब ठीक है, हमें बचा लीजिए… लेकिन मैं खुद को नहीं बचा सकी, तो आपको कैसे बचाऊं?” उनके इस बयान ने कार्यक्रम को भावनात्मक मोड़ दे दिया और लोगों के साथ उनका जुड़ाव और गहरा नजर आया। जनसंवाद यात्रा के चौथे चरण की शुरुआत इस दौरान Dushyant Singh भी उनके साथ मौजूद रहे। मां-बेटे की जोड़ी ने ‘जनसंवाद यात्रा’ के चौथे चरण की शुरुआत कामखेड़ा बालाजी धाम से की। यात्रा शुरू करने से पहले दोनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। यात्रा को बताया चुनौतीपूर्ण सभा को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि यह यात्रा आसान नहीं है, लेकिन जनता का प्यार ही उनकी ताकत है। उन्होंने बताया कि पहले तीन चरणों में भी लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला और उम्मीद से ज्यादा भीड़ जुटी। दुष्यंत सिंह की तारीफ राजे ने अपने बेटे की तारीफ करते हुए कहा इन्होंने तय किया कि ये अकेले चलेंगे, क्योंकि इन्हें पता है कि ये लोगों के लिए काम करते हैं।” उन्होंने कहा कि लोग उन्हें अपना मानते हैं, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। 35 साल का रिश्ता बताया राजे ने झालावाड़ और बारां की जनता के साथ अपने 35 साल पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने कहा कि उनके सामने कई पीढ़ियां बड़ी हो चुकी हैं। दुष्यंत सिंह का आभार संदेश दुष्यंत सिंह ने जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि सफर में धूप और मुश्किलें जरूर आती हैं, लेकिन लोगों का प्यार उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ से क्षेत्र का विकास और तेज होगा। 126 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान 126 करोड़ रुपए की लागत वाली 10 सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इससे क्षेत्र में कृषि और पानी की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। महिलाओं को योजनाओं का लाभ ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाओं को टैबलेट वितरित किए गए और कस्टम हायरिंग योजना के तहत एक महिला को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। स्थानीय नेताओं की मौजूदगी कार्यक्रम में मनोहर थाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, डाग विधायक कालूराम मेघवाल, जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा और पूर्व जिला अध्यक्ष संजय जैन सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भावनाओं और राजनीति का संगम जनसंवाद यात्रा का यह चरण जहां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, वहीं वसुंधरा राजे के भावुक बयान ने इसे मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ दिया। उनके शब्दों ने यह दिखाया कि राजनीति के मंच पर भी व्यक्तिगत अनुभव लोगों के दिलों को छू जाते हैं।

भूमि सुधार विभाग का बड़ा फैसला, ई-मापी होगी अब ऑनलाइन

पटना बिहार सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी को लेकर नई व्यवस्था शुरू कर दी है. इस बदलाव का मकसद पूरी प्रक्रिया को साफ-सुथरा, तय समय में पूरा होने वाला और टेक्नोलॉजी के जरिए आसान बनाना है. विभाग ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. क्या बदल जायेगा नई व्यवस्था के तहत जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनकी मापी अब सिर्फ 7 दिनों के अंदर पूरी कर दी जाएगी. इससे लोगों को पहले की तरह लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम तेजी से होगा. जिन जमीनों को लेकर विवाद चल रहा है, उनकी मापी के लिए भी सरकार ने समय तय कर दिया है. ऐसे मामलों में मापी का काम 11 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुराने और लंबित केस जल्दी निपट सकें. मापी के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन डालना जरूरी जमीन की मापी पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट को 14 दिनों के अंदर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है. इससे रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर लोग इसे आसानी से देख सकेंगे. अब ई-मापी के लिए आवेदन भी ऑनलाइन किया जा सकता है. इसके लिए लोगों को बिहार भूमि पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा. इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी. सरकार के इस कदम से कम होंगे विवाद सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़ेगी. विवाद कम होंगे और लोगों को समय पर सेवाएं मिलेंगी. इसे डिजिटल बिहार और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

फर्जी FD मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी ने 35 करोड़ खुद लिए

 पंचकुला हरियाणा के राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो ने गुरुवार को कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पेंदर सिंह के बारे में बड़ा दावा किया। इसमें बताया गया है कि 150 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार पुष्पेंदर ने गबन की गई राशि में से लगभग 30–35 करोड़ रुपए व्यक्तिगत रूप से हासिल किए थे। 41 साल का पुष्पेंदर, पंचकुला का रहने वाला है। पुष्पेंदर को बुधवार को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पंचकुला नगर निगम के खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स से संबंधित कथित धोखाधड़ी के मामले में आत्मसमर्पण किया था। वह इस मामले में गिरफ्तार किए गए छठे व्यक्ति हैं। गुरुवार को उन्हें पंचकुला की एक अदालत में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी। अदालत ने मामले में पांच दिन की हिरासत दी। एक जांचकर्ता ने कहाकि इस पैसे का एक हिस्सा उन्होंने रैंगलर रुबिकॉन, मर्सिडीज़ जीएलएस और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल खरीदने में इस्तेमाल किया। यह सभी फिलहाल दिल्ली में खड़ी हैं। पुष्पेंदर की मदद से इन्हें जब्त किया जाएगा। विजिलेंस ब्यूरो का तर्क विशेष जांच टीम ने अदालत को यह भी बताया कि तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, और नकली एफडी और संबंधित दस्तावेज तैयार करने के लिए इस्तेमाल हुए स्टांप्स हरियाणा के नरकंडा में रखे गए हैं। इन्हें भी आरोपी के संकेत पर बरामद किया जाना है। विजिलेंस ब्यूरो ने तर्क दिया कि इसी तरह की अन्य धोखाधड़ी के बारे में पूछताछ करने, सरकारी फंड के आगे के दुरुपयोग को रोकने और सह-आरोपी से पूछताछ के लिए पुष्पेंदर की हिरासत जरूरी थी। इसमें आगे कहा गया है कि बैंक दस्तावेज़, एक निजी डायरी और अपराध की आय से खरीदी गई संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल करना भी जरूरी है। जांच के लिए, इस बड़े पैमाने पर जटिल वित्तीय धोखाधड़ी की कई परतों को उजागर करना के लिए यह सब करना होगा। अब तक कितनी गिरफ्तारी इस मामले में, विजिलेंस ब्यूरो ने इस साल 24 मार्च को कोटक महिंद्रा बैंक के अनाम अधिकारियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की। यह रिपोअर् पंचकुला नगर निगम की रिपोर्ट के बाद दर्ज की गई। इसमें बैंक की फिक्स डिपॉज़िट रसीदों में लगभग 150 करोड़ रुपए की अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। अब तक मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दलिप कुमार राघव सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक वापस कर चुका है बड़ी रकम इस केस में नगर निगम के जिस फंड में घोटाले का आरोप है, बैंक ने उसके 127 करोड़ रुपए पहले ही वापस कर दिए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था कि वे पंचकुला नगर निगम, सरकारी अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ परा सहयोग कर रहे हैं। इसमें आगे कहा गया कि बैंक ने मानकों के मुताबिक और मामले की स्वतंत्र व व्यापक जांच के लिए पंचकुला पुलिस में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज की है।

IDFC बैंक में सरकारी फंड गबन मामले में CBI जांच तेज

चंडीगढ़ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के खातों से 550 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी दो आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आईएएस अधइकारी राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार आरोपी हैं। सिंह 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उनके पास 3.22 करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं। इससे उन्हें 19 लाख रुपये की सालाना कमाई होती है। वहीं प्रदीप कुमार के पास पत्नी की संपत्ति के साथ कुल 7.03 करोड़ की संपत्ति है। कई जगहों पर संपत्तियां सिंह के 29 जनवरी 2026 को फाइल किए गए एनुअल प्रॉपर्टी रिटर्न के मुताबिक उन्होंने कुल 3.22 करोड़ की संपत्ति की बात बताई थी जो कि पट्टनी अफगान, गोहना और सोनीपत में है। यहां उनका एक 710 व्ग गज का प्लॉट है जिसकी कीमत 58 लाख रुपये, एक 77 लाख की कीमत वाला प्लॉट है। इसकेअलावा एक प्लॉट की कीमत 12 लाख रुपये है। गोहाना में भी 60 लाख की कीमत का प्लॉट है। इसके अलावा 6 रिहाइशी संपत्तियां हैं। सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी कई बिजनेस करती हैं। उनके पास पेट्रोल पंप, माइक्रोब्रीवरी, रेस्तरां, किराए पर घर देने, प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम भी है। उन्होंने बताया था कि उनका पैतृक घऱ हिंदू अनडिवाइडेट फैमिली के तहत सबका की है। आईएएस प्रदीप कुमार ने एपीआर में बताया था कि उनकी पत्नी के पास 3181.5 वर्ग गज की जमीन है। इसकी कीमत 1.25 करोड़ के करीब है। उन्होंने बताया कि यह जमीन पत्नी को उनके पिता ने उपहार में दी थी। उन्होंने बताया था कि गुरुग्राम सेक्टर 28 में उनके दो फ्लैट हैं जिन की कीमत 2.4 करोड़ के आसपास है। इसके अलावा गुरुग्राम में एक और फ्लैट है जो कि उनकी पत्नी के साथ उनके नाम पर है। इसकी कीमत 3.34 करोड़ रुपये है। हरियाणा सरकार को बड़ा नुकसान हरियाणा के सतर्कता विभाग ने इस मामले को संबंधित एजेंसी को सौंपते हुए कहा, ''यह मामला धोखाधड़ीपूर्ण बैंकिंग गतिविधियों और फर्जी लेनदेन से जुड़ा है, जिन्हें कथित तौर पर सरकारी धन को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड, कैप को फिनटेक सर्विसेज, आर.एस. ट्रेडर्स और अन्य संबंधित फर्म/व्यक्तियों सहित फर्जी संस्थाओं (शेल) के खातों में अंतरित करने के लिए व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।' सूत्रों ने बताया कि पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपों के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा राज्य के कोष को बैंक में 'सावधि जमा' (एसएफडी) के रूप में जमा किया जाना था, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर इसे अपने निजी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर लिया। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विभिन्न फर्जी (शेल) कंपनियों और छोटी आभूषण कंपनियों में भारी मात्रा में धनराशि अंतरित की गई है तथा अंततः सोने की खरीद और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के बहाने उसे निकाल लिया गया है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा था कि उसने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को मूलधन और ब्याज का 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है, जो कि 583 करोड़ रुपये बनता है।

ब्रॉक लैसनर का बैलेंस बिगड़ा, रैंप पर गिरने का मजेदार पल

नई दिल्ल WWE के सबसे खूंखार और ताकतवर रेसलर माने जाने वाले ब्रॉक लैसनर के साथ एक बार मंडे नाइट रॉ के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने फैंस को हंसने पर मजबूर कर दिया। अपनी भारी-भरकम कद-काठी और आक्रामक तेवरों के लिए मशहूर 50 वर्षीय लैसनर जब अपनी सिग्नेचर स्टाइल में एंट्री ले रहे थे तभी किस्मत ने उनके साथ खेल कर दिया। अचानक गिर पड़े ब्रॉक लैसनर जैसे ही उनकी एंट्री में आतिशबाजी शुरू हुई लैसनर ने जोश में अपना पैर जोर से नीचे पटका लेकिन उसी पल उनका संतुलन बिगड़ा और वे सबके सामने धड़ाम से गिर पड़े। यह नजारा वाकई में हैरान करने वाला और काफी मजाकिया था। अक्सर रिंग में विरोधियों को खिलौनों की तरह पटकने वाले 6 फीट 3 इंच लंबे और 290 पाउंड के इस रेसलर को इस तरह जमीन पर गिरते देख फैंस अपनी हंसी नहीं रोक पाए। बिगड़ गया लैसनर का बैलेंस हालांकि, लैसनर ने तुरंत खुद को संभालने की कोशिश की और उस गिरने की घटना को एक पल्टी में बदलने की कोशिश की ताकि ऐसा लगे कि यह उनके स्टाइल का हिस्सा था। पर अफसोस उनकी यह नाकाम कोशिश कैमरे में कैद हो गई। हंसकर टाल दिया मामला लैसनर उस समय सर्वाइवर सीरीज के अपने साथियों लोगन पॉल, ड्रू मैकइंटायर, ब्रोंसन रीड और ब्रॉन ब्रेकर के साथ शामिल होने के लिए रैंप पर उतर रहे थे। हालांकि खुद के अचानक ऐसे गिरने पर खुद ब्रॉक भी बुरी तरह हंसने लगे और वो फैंस के साथ मजे लेते हुए नजर आए। ऐसा हालांकि रेसलर्स के साथ होता रहता है जहां वे अपना बैलेंस खो बैठते हैं। पहले भी एंटरेंस के दौरान कई WWE के रेसलर गिर चुके हैं।  

पलामू में संस्कृति और एकता पर केंद्रित होगा हिंदू सम्मेलन

  पलामू पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर में 12 अप्रैल को एक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इसको लेकर शुक्रवार को शहर के होटल आरडीएस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई. सम्मेलन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और जनसंपर्क अभियान भी जोर-शोर से चलाया जा रहा है. तैलिक साहू महासभा ने पेश की रूपरेखा तैलिक साहू महासभा के पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष सह हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष रामदास साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की मजबूती से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है. इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता और समरसता का संदेश दिया जाएगा. स्कृति और एकता पर रहेगा मुख्य फोकस रामदास साहू ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना और परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ती दूरियों को समाप्त कर एकजुटता स्थापित करना बेहद जरूरी है. इस सम्मेलन के जरिए लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. देशभर के 1.08 लाख स्थानों पर आयोजन समिति के सचिव कुमार गौरव ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल मेदिनीनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के एक लाख आठ स्थानों पर इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है. उन्होंने सभी लोगों से आपसी एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की. प्रमुख संत और वक्ता होंगे शामिल सम्मेलन में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे. मुख्य वक्ता के रूप में वृंदावन से 1008 सीताराम शरण जी, साध्वी शरण जी और कार्यवाहक दिनेश जी के शामिल होने की संभावना है. ये सभी वक्ता धर्म, संस्कृति और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे, जिससे लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा. जनसंपर्क अभियान से लोगों को जोड़ा जा रहा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिससे आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके. शिवाजी मैदान में होगा भव्य आयोजन यह विराट हिंदू सम्मेलन 12 अप्रैल, रविवार को शाम चार बजे मेदिनीनगर के शिवाजी मैदान में आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक कला का प्रदर्शन और प्रबुद्धजनों के संबोधन मुख्य आकर्षण होंगे. आयोजकों ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है. समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सह संयोजक सतीश तिवारी, उपाध्यक्ष विकास सिंह, प्रचार प्रमुख रोहित पाठक, श्वेत रंजन, कोषाध्यक्ष विकास तिवारी, विनीत पांडेय और सूर्यकांत पासवान सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे. सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई.