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सीएम योगी लखीमपुर में 331 परिवारों को देंगे जमीन का मालिकाना हक

लखीमपुर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आज यानी कि शनिवार को बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण करेंगे. साथ ही 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी करेंगे. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री के एक्स पर पोस्ट करके दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक्स से किए गए पोस्ट में कहा गया है कि लखीमपुर खीरी की पावन धरती पर आज अधिकार, विकास और अपने पक्के आवास का स्वप्न एक साथ साकार होंगे. बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण एवं 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा. साथ ही, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबियां भी प्रदान की जाएंगी. ये सभी कार्य डबल इंजन सरकार के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सम्मान और सुविधा पहुंचाने के संकल्प का प्रतीक हैं. आजादी के बाद से इन परिवारों को नहीं मिली थी जमीन आजादी के बाद से अब तक बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था. लखीमपुर खीरी, धौरहरा और मोहम्मदी में 417 करोड़ की 213 पर 8 योजनाओं का सीएम लोकार्पण, शिलान्यास करेंगे. चंदन चौकी पलिया में सीएम थारू जनजाति के 4556 परिवारों को भौमिक अधिकार पत्तों का आवंटन करेंगे. साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला में 817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी करेंगे. पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को भी मिलेगी जमीन आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी. जिसके तहत विभाजन के समय पाकिस्तान से विस्थापित होकर राज्य के चार ज़िलों में बसे 12000 से ज़्यादा परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक दिया जाएगा. योग्य परिवारों को एक एकड़ तक की ज़मीन पर मालिकाना हक मिलेगा, बशर्ते कि वह ज़मीन सीलिंग सीमा के अंदर न हो और खलिहान, चरागाह या तालाब जैसी श्रेणियों में न आती हो. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) 2026' के तहत 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006' में संशोधनों को मंज़ूरी दे दी है. खन्ना ने बताया कि इस संशोधन के तहत इन परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक देने के लिए धारा 76(1) में नए प्रावधान जोड़े गए हैं. मंत्री ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान पलायन करके पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर ज़िलों में बसे 12,380 परिवारों को इस कदम से फ़ायदा होगा. खन्ना के अनुसार लाभार्थियों में वे लोग शामिल हैं जो 'नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019' के तहत भारतीय नागरिकता के योग्य हैं, साथ ही अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े परिवार या विभिन्न योजनाओं के तहत पुनर्वासित किए गए परिवार भी इसमें शामिल हैं. इस प्रकार है पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों की आबादी ज़िलावार ब्योरा देते हुए मंत्री ने बताया कि लखीमपुर खीरी में ऐसे 2,350 परिवार हैं, पीलीभीत में 4,000, बिजनौर में 3,856 और रामपुर में 2,174 परिवार हैं. उन्होंने कहा कि ये परिवार, जो लगभग 70 वर्षों से राज्य में रह रहे हैं, ज़मीन का मालिकाना हक न होने के कारण काफ़ी मुश्किलों का सामना कर रहे थे; इनमें खेती के लिए बैंक से कर्ज़ लेने और सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में आने वाली दिक्कतें भी शामिल थीं.

मई-जून में संभावित स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज

रायपुर : आगामी मई -जून माह में संभावित स्थानीय निकायो के आम/उप चुनाव के दृष्टिगत मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज त्रुटिरहित एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें प्रेक्षक : राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मई जून-2026 की तैयारियों को गति प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में आज निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की।राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए तथा सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य की सघन निगरानी और प्रभावी सुपरविजन पर विशेष बल दिया। बैठक में आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले तथा भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नागरिक ही स्थानीय चुनाव में मतदाता बनने के पात्र होंगे। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इसके पश्चात 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 27 अप्रैल 2026 तक उनका निराकरण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा। आयोग द्वारा बताया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।  बैठक में रिक्त पदों की जानकारी भी साझा की गई। नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4पद एवं 60 पार्षद के पदों पर आम निर्वाचन तथा अध्यक्ष के 4 पद एवं 17 पार्षद पदों पर उप निर्वाचन प्रस्तावित है। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद रिक्त हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

IPL 2026 में पंजाब-हैदराबाद मुकाबला आज

 मुल्लापुर पंजाब किंग्स वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2026 का 17वां मैच आज यानी शनिवार, 11 अप्रैल को खेला जाना है। पीबीकेएस वर्सेस एसआरएच मुकाबला मुल्लापुर के महाराजा यादविन्द्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। IPL के आज दो मैच होंगे। पंजाब वर्सेस हैदराबाद का पहला मैच होने की वजह से मुकाबला दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -श्रेयस अय्यर और ईशान किशन- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। बता दें, पंजाब की टीम को अभी तक इस टूर्नामेंट में हार का सामना नहीं करना पड़ा है, वहीं हैदराबाद तीन में से 2 मैच हारकर यहां पहुंची है। PBKS vs SRH पिच रिपोर्ट पिछले सीजन में मुल्लापुर की पिच कई बार अलग-अलग तरह से खेली है, लेकिन ज्यादातर समय यह बैटिंग के लिए अच्छी रही है। कई बार, जब क्यूरेटर ने पिच पर थोड़ी घास छोड़ने का फैसला किया है, तो सीमर पहली इनिंग्स में पिच से काफी फायदा उठा पाए थे। PBKS vs SRH का यह इस मैदान पर दूसरा मैच है। पहली बार पंजाब की टीम यहां गुजरात टाइटंस से भिड़ी थी, जहां उन्होंने आखिरी ओवर में 163 रनों का टारगेट तीन विकेट रहते चेज किया था। पंजाब वर्सेस एसआरएच मैच दिन का है तो ओस की भूमिका अहम नहीं होगी। टॉस जीतकर दोनों कप्तानों की नजरें पहले बैटिंग करने पर होगी। महाराजा यादविन्द्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 12 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 6 (50.00%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 6 (50.00%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 8 (66.67%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 4 (33.33%) हाईएस्ट स्कोर- 228/5 लोएस्ट स्कोर- 95 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 165/7 औसत रन प्रति विकेट- 23.49 औसत रन प्रति ओवर- 8.76 पहले बैटिंग करते हुए औसत स्कोर- 168.33 PBKS vs SRH हेड टू हेड पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल इतिहास में कुल 24 मैच खेले गए हैं, जिसमें से 17 मुकाबले जीतकर हैदराबाद ने अपना दबदबा बनाया हुआ है। वहीं पंजाब को उनके खिलाफ 7 ही जीत मिली है। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों टीमों के बीच हुए पिछले पांच मैचों में एसआरएच ने ही जीत दर्ज की है।

आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह ने बताया: प्रभावी प्रचार के लिए रचनात्मक कंटेंट की भूमिका

प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए रचनात्मक कंटेंट क्रिएशन महत्वपूर्ण : आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह लेखन कौशल में पारंगत अधिकारियों का होता है विशिष्ट स्थान : कुलगुरू तिवारी एमसीयू में जनसंपर्क अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण हुआ संपन्न भोपाल आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने कहा है कि जनसंपर्क विभाग में प्रभावी तौर से प्रचार-प्रसार के लिए रचनात्मक कंटेंट क्रिएशन महत्वपूर्ण होता है। समाचार को प्रभावी बनाने के लिये कंटेट की हर क्षेत्र में मांग है। समाचार, फीचर, आलेख या एडवर्टोरियल जैसे फार्मेट के लिए उपयुक्त कंटेट आवश्यक है। भाषा की विशिष्टता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। प्रेस विज्ञप्तियों की भाषा की अपनी शैली होती है। अधिकारियों को भाषा पर भी विशेष कार्य करना चाहिए। आयुक्त सिंह शुक्रवार को एमसीयू में जनसंपर्क अधिकारियो का 2 दिवसीय प्रशिक्षण के समापन-सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के सभी जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर पर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके साथ ही वित्तीय प्रबंधन बेहतर ढंग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को किस तरह बेहतर ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सकता है इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। जनसंपर्क के क्षेत्र में लेखन कार्य बेहद महत्वपूर्ण इस अवसर पर सत्र में विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में लेखन कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। लेखन कौशल में पारंगत अधिकारियों का अपना विशिष्ट स्थान होता है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को लेखन में रूचि लेकर समाचारों को लिखना चाहिए। एक छोटे से विषय पर भी बेहतर ढंग से लिखे हुए समाचार को प्रकाशनों में अच्छा कवरेज मिलता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर जनसंपर्क अधिकारी किसी भी सकारात्मक आइडिया को लेकर सक्सेस स्टोरीज लिख सकते हैं। इस तरह की स्टोरीज को शेयर करने से उनके विभागों के बेहतर कार्यों को मीडिया में बेहतर स्थान मिलता है। पूर्व संचालक जनसम्पर्क लाजपत आहूजा ने जनसम्पर्क के अनुभवों को साझा करते हुए शासकीय विज्ञापनों की नीति के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कुशल जनसम्पर्क के लिए विभिन्न विधाओं के उपयोग से परिचित कराया। जनसंपर्क विभाग की विविध शाखाओं में एमसीयू के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में विभागीय बजट, भंडार नियमों की जानकारियों पर सत्र भी आयोजित हुए। इसके अलावा पत्रकारों के लिए संचालित विविध योजनाओं की जानकारी भी अधिकारियों को दी गई। अंतिम सत्र में जनसंपर्क विभाग के पोर्टल प्रबंधन पर प्रतिभागी अधिकारियों को जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के जिला जनसंपर्क कार्यालयों से तथा निदेशालय से जनसंपर्क अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस प्रशिक्षण का आयोजन जनसंपर्क विभाग एवं एमसीयू की प्रशिक्षण शाखा के तत्वावधान में हुआ। प्रशिक्षण का समन्वय डॉ. शलभ श्रीवास्तव ने किया। प्रशिक्षण के दोनों दिन संगठन प्रबंधन, डिजिटल नवाचार, ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस, एआई, कंटेंट मैंनेजमेंट, आरटीआई, प्रेस के नियम, जनसंपर्क की नीतियों और उनके क्रियान्वयन के व्यवहारिक पहलुओं सहित वित्तीय प्रबंधन आदि विषयों पर विविध सत्र आयोजित हुए। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों को अन्य विशेषज्ञों के साथ विभागीय अपर संचालक जी.एस. वाधवा, संजय जैन, उप संचालक संतोष मिश्रा, सुनील वर्मा, सहायक संचालक राजेश पाण्डेय, सहायक जनसम्पर्क अधिकारी शिवम शुक्ल, प्रोजेक्ट मैनेजर वेबसाइट एमपीइन्फो डॉट ओआरजी अमकेश्वर मिश्रा ने भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी। सत्र का संचालन जनसंपर्क विभाग के सहायक जनसम्पर्क अधिकारी अनिल वशिष्ठ ने किया। प्रशिक्षण का समन्वय एमसीयू के डॉ. शलभ श्रीवास्तव ने किया।  

पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन में 900 किलो खराब खाद्य सामग्री जब्त की

नई दिल्ली दिल्ली के कपासहेड़ा इलाके में पुलिस ने एक्सपायर्ड खाद्य और कॉस्मेटिक उत्पादों के बड़े गोरखधंधे का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में खराब और एक्सपायर्ड सामान बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 34 वर्षीय अब्दुल मन्नान खान उर्फ मोनू के रूप में हुई है, जो बिजवासन का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ग्राहकों को सस्ते दामों पर एक्सपायर्ड या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके सामान बेचता था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था. पुलिस को 8 अप्रैल को इस मामले की सूचना मिली थी, जिसके बाद एक टीम ने स्टिंग ऑपरेशन चलाया. पुलिस ने डिकॉय ग्राहक बनाकर दुकान से सामान खरीदा. जांच में यह सामान एक्सपायर्ड पाया गया, जिसके बाद दुकान पर छापा मारा गया. कपासहेड़ा में पुलिस का स्टिंग ऑपरेशन छापेमारी के दौरान पुलिस को करीब 900 किलो एक्सपायर्ड किराना सामान मिला, जिसमें आटा, सूजी, पोहा, रवा, मसाले, पीनट बटर और बेबी फूड सप्लीमेंट शामिल थे. इसके अलावा बड़ी मात्रा में कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर प्रोडक्ट भी बरामद किए गए. पुलिस ने बताया कि मौके पर करीब 2000 किलो डेयरी उत्पाद जैसे दही और पनीर भी पाए गए, जिन्हें बेहद खराब और अस्वच्छ स्थिति में रखा गया था. फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में इन सभी डेयरी उत्पादों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. एक्सपायर्ड सामान का खुलासा जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग जगहों से एक्सपायर्ड, खराब या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके सामान बेहद सस्ते दामों पर खरीदता था और फिर उन्हें ग्राहकों को बेचकर ज्यादा मुनाफा कमाता था. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.

चेन्नई में CSK और DC के बीच बड़ा मुकाबला

चेपॉक सत्र की पहली जीत हासिल करने के लिए बेताब चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की टीम आईपीएल 2026 में शनिवार को चेन्नई में दिल्ली कैपिटल्स का सामना करेगी। CSK को उसके अनुभवी सलामी बल्लेबाजों संजू सैमसन और रुतुराज गायकवाड़ पर अच्छा प्रदर्शन करने का काफी दबाव होगा। सीएसके को तीन अलग-अलग मैदानों पर हार का सामना करना पड़ा है और इस तरह से उसके लिए सत्र की शुरुआत निराशाजनक रही है। सीएसके को अगर अपना खाता खोलना है तो उसे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। दूसरी तरफ दिल्ली कैपिटल्स अब तक खेले अपने तीन मैचों में 2 में जीत हासिल कर चुकी है। पिछले मुकाबले में उसे गुजरात टाइटन्स के हाथों 1 रन से हार का सामना करना पड़ा था।   अभी तक खेले गए तीन मैच में डेवाल्ड ब्रेविस की अनुपस्थिति ने भी टीम के संतुलन को प्रभावित किया है। दक्षिण अफ्रीका के इस विस्फोटक बल्लेबाज के दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में चोट से उबरकर वापसी करने की उम्मीद है। हालांकि महेंद्र सिंह धोनी की वापसी को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है, जो पिंडली में खिंचाव के कारण इस सत्र में अभी तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। सीएसके के लिए हालात बेकाबू होने से पहले सैमसन और गायकवाड़ की सलामी जोड़ी को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। कार्तिक शर्मा को भी मध्य क्रम में बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है, जबकि प्रशांत वीर ने निचले क्रम में अच्छा खेल दिखाया है। एकमात्र बल्लेबाज जिसने निरंतरता दिखाई है, वह सरफराज खान हैं, जो खुद को साबित करना चाहते हैं। सीएसके के गेंदबाजों ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ 250 रन लुटाए, जो बल्लेबाजों के लिए बहुत बड़ा लक्ष्य साबित हुआ। खलील अहमद को छोड़कर बाकी सभी गेंदबाजों ने प्रति ओवर 12 या उससे अधिक रन लुटाए। चेपॉक में यह सत्र का दूसरा मैच होगा। इससे पहले यहां जो पिछला मैच खेला गया था उसमें पंजाब किंग्स में 210 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया था। दिल्ली कैपिटल्स की टीम दिल्ली में खेले गए पिछले मैच में गुजरात टाइटन्स के हाथों एक रन से मिली हार से आहत होगी। अक्षर पटेल की अगुवाई वाली टीम आईपीएल जैसे बेहद प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में लय बरकरार रखने के महत्व को समझती है और अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से सीएसके की मुश्किलें और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध होगी। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ स्कोर बराबर करने के लिए डेविड मिलर का एक रन लेने से इनकार करना पूरे सत्र में बहस का विषय बना रहेगा, लेकिन निश्चित रूप से ड्रेसिंग रूम में इस पर चर्चा नहीं होगी। दक्षिण अफ्रीका के इस बल्लेबाज का यह फैसला उनके दिमाग पर असर डाल सकता है। उन्होंने अंतिम गेंद पर मैच खत्म करने का बीड़ा उठाया था लेकिन वह इसमें नाकाम रहे। शुरू के कुछ मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज मुकेश कुमार भी पिछले मैच में नहीं चल पाए थे। उन्होंने अपने चार ओवरों में 55 रन लुटा दिए थे। इसके कारण दिल्ली को पावरप्ले में अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। मिचेल स्टार्क की अनुपस्थिति में लुंगी एनगिडी ने टी20 विश्व कप का अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। बल्लेबाजी में केएल राहुल की पिछले मैच में फॉर्म में वापसी टीम के लिए सकारात्मक संकेत है लेकिन नीतीश राणा अभी तक उसके बल्लेबाजी क्रम में कमजोर कड़ी साबित हुए हैं। उन्हें जल्द से जल्द बड़ा स्कोर बनाने की जरूरत है। टीम इस प्रकार हैं: सीएसके: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, एमएस धोनी, उर्विल पटेल, संजू सैमसन, शिवम दुबे, आयुष म्हात्रे, खलील अहमद, नाथन एलिस, गुरजापनीत सिंह, नूर अहमद, अकील होसेन, प्रशांत वीर, सरफराज खान, मैट हेनरी, राहुल चाहर, जैकरी फॉल्क्स, रामकृष्ण घोष, मुकेश चौधरी, मैथ्यू शॉर्ट, अमन खान, कार्तिक शर्मा, जेमी ओवरटन, श्रेयस गोपाल, अंशुल कम्बोज। दिल्ली कैपिटल्स: अभिषेक पोरेल, करुण नायर, केएल राहुल, नीतीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विपराज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, बेन डकेट, औकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, पृथ्वी साव, काइल जैमीसन, अजय जादव मंडल, माधव तिवारी, टी नटराजन, साहिल पारख.

बॉलीवुड गानों पर थिरके निक जोनस, सोशल मीडिया पर वीडियो ट्रेंड में

आज के दौर में जहां भारतीय सिनेमा की पहुंच दुनिया के हर कोने तक हो चुकी है, वहीं अब विदेशी कलाकारों पर भी बॉलीवुड का रंग चढ़ने लगा है। इंटरनेशनल स्टार्स भी हिंदी गानों की धुन पर झूमते दिखाई देते हैं। कुछ ऐसा ही आलाम अमेरिकी पॉप सिंगर और प्रियंका चोपड़ा के हसबैंड निक जोनस का भी है। उन्होंने एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसने एक बार फिर भारतीय फैंस का दिल जीत लिया है। दरअसल, निक जोनस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह अपने पुराने यादगार पलों को ताजा करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में वह अपनी पत्नी प्रियंका चोपड़ा और अपने भाइयों के साथ बॉलीवुड गानों पर डांस करते दिख रहे हैं। फिल्म 'पुकार' के मशहूर गाने पर निक और भाइयों का डांस वीडियो के बैकग्राउंड में फिल्म 'पुकार' का मशहूर गाना 'के सरा सरा' सुनाई दे रहा है, जिसे माधुरी दीक्षित और प्रभु देवा पर फिल्माया गया था। निक ने इस वीडियो के साथ लिखा, 'अपने दिल की सुनो।' हालांकि, इस वीडियो में रील खत्म होते-होते निक के एक भाई जहां पीछे मुड़े वापस जाने लगते हैं वहीं दूसरा केला खाते दिख रहे हैं। लोगों ने कहा- जितनी जल्दी हो सके बॉलीवुड के गाने गाना शुरू कर दीजिए निक के इस वीडियो पर अब बॉलीवुड फेन्स ने डिमांड भी शुरू कर दी है। एक ने कहा- निक जीजू, अब आप जितनी जल्दी हो सके बॉलीवुड के गाने गाना शुरू कर दीजिए। एक अन्य ने कहा- निक जीजू, क्या एनर्जी है, आप इस तरह के गाने बजाकर हमें हैरान कर देते हैं, हर भारत के लोग आपसे पबहुत प्यार करते हैं। एक और ने कहा- इसी वजह से तो आप नैशनल जीजू बन गए हैं। इससे पहले 'कुर्बानी' के सुपरहिट गाने 'आप जैसा कोई' पर किया था डांस निक जोनस का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पहली बार नहीं है, जब निक ने बॉलीवुड गानों के लिए अपना प्यार जाहिर किया हो। इससे पहले भी उन्होंने एक मजेदार वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह अपनी पत्नी प्रियंका चोपड़ा और अपने भाइयों केविन जोनस और जो जोनस के साथ फिल्म 'कुर्बानी' के सुपरहिट गाने 'आप जैसा कोई' पर डांस करते नजर आए थे। इस वीडियो में चारों की मस्ती और एनर्जी ने फैंस को खूब एंटरटेन किया था। निक ने 'धुरंधर' के 'शरारत' गाने पर किया था डांस पिछले कुछ महीनों में निक जोनस का बॉलीवुड की ओर झुकाव और भी ज्यादा बढ़ता दिखाई दिया है। उन्होंने एक अन्य वीडियो में अपनी टीम के साथ फिल्म 'धुरंधर' के 'शरारत' गाने पर डांस किया था। इसके अलावा निक बॉलीवुड के ग्रीक गॉड कहे जानेवाले ऋतिक रोशन और कियारा आडवाणी के गाने 'आवन जावन' गाने पर भी थिरके थे। वहीं अपनी पत्नी प्रियंका चोपड़ा के गाने 'साजन साजन' पर भी डांस मूव्स दिखाए थे।  

सलमान खान विवाद पर हेमा शर्मा का खुलासा, करियर को लेकर दिया बयान

सलमान खान, बॉलीवुड में नाम ही काफी है. सलमान वो सुपरस्टार हैं, जो किसी के सर पर हाथ दें, तो वो रातोरात स्टार बन जाता है. हालांकि, कई लोग उन पर करियर बर्बाद करने का आरोप भी लगा चुके हैं. हेमा शर्मा उर्फ वायरल भाभी ने भी सलमान के साथ हुई कंट्रोवर्सी का सच बताया है. हेमा शर्मा ने कहा कि सलमान खान के साथ मेरी कंट्रोवर्सी हुई थी. इसके बाद कहा गया कि मेरा करियर खत्म. मैं दबंग 3 में थी. ओपनिंग मुझसे हुई थी. खास बात ये है कि फिल्म मेरे बर्थडे पर रिलीज हुई थी. क्या है विवाद का सच? घनश्याम उपाध्याय के पॉडकास्ट में हेमा शर्मा बताती हैं कि मेरी पहली फिल्म धर्मेंद जी के साथ थी. फिर अनुपम खेर के साथ वन डे में काम किया. इसके बाद दबंग 3 आई. उन्होंने कहा- मैं इंडस्ट्री में सलमान खान की वजह से आई. 2013 में मैंने फैसला किया कि मैं सलमान खान से खुद मिलूंगी. फिर मैंने क्राइम पैट्रोल किया, ताकि सलमान खान से मिल पाऊं. इसके बाद डेढ़ साल के लिए मुंबई छोड़ दिया, क्योंकि पहली शादी में लफड़े हो गए थे. मुंबई से मेरा पैकअप हो गया. मैंने कसम खाई कि मुंबई नहीं आऊंगी. फिर 2015 में मुंबई ने मुझे बुलाया. आते ही अमेरिका लंदन में शो हुए. गोविंदा जी के साथ डांस किया. दबंग 3 में मेरा पहला सीन सलमान जी के साथ था, जिसे बाद में उन्होंने चेंज कर दिया. कहा कि इनका अकेले का सीन रखो. फिल्म रिलीज से पहले मैं इंटरव्यू दे चुकी कि सलमान खान के साथ कनेक्शन है. मैं उनके घर गई थी चाय पी थी. मैं अर्पिता जी के फार्महाउस गई थी. फिल्म रिलीज हुई, लेकिन मैं उनके साथ फोटो नहीं ले पाई. बिग बॉस में जर्नादन पंडित जी आते थे. मैंने उनसे कहा कि सलमान जी के साथ एक फोटो दिला दीजिए. वो बोले ये छोटी सी बात है चलो मेरे साथ. मैं पंडित जी के साथ बिग बॉस के सेट पर गई. सलमान खान की सेक्योरिटी ने मुझे देखते ही कहा कि इनको यहां कौन लेकर आया है. निकालो इसको. पंडित जी आपका भी आना बैन हो जाएगा. मेरा अपमान हुआ. मैंने उस दिन सोच लिया कि मेरे साथ जो हुआ वो हुआ, लेकिन पंडित जी के साथ ये नहीं होना चाहिए था. एक इंटरव्यू में ये बातें बताते हुए मैं रो पड़ी. क्लिप वायरल हुई, तो लोगों ने कहा कि तुम्हारा खत्म. लेकिन जब मैं बिग बॉस 18 गई, तो सलमान खान ने सबसे अच्छा परिचय मेरा ही दिया. उन्होंने कहा कि आप कभी कुछ गलत नहीं कर सकती हैं.

जल जीवन मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, 5 दिन की रिमांड की मांग

जयपुर जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में बड़ी कार्रवाई के तहत शुक्रवार को पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कोर्ट से उनकी 5 दिन की पुलिस रिमांड की मांग करने की तैयारी की है, ताकि मामले में गहन पूछताछ की जा सके। इस पूरे मामले की जांच एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में चल रही है। गिरफ्तारी के अगले दिन कोर्ट में पेशी एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुबोध अग्रवाल को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पहले से ही गिरफ्तारी वारंट जारी था। गुरुवार को उन्हें नई दिल्ली से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया, जहां औपचारिक गिरफ्तारी की गई। शुक्रवार को मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। टेंडर घोटाले और पद के दुरुपयोग के आरोप जांच में सामने आया है कि पूर्व आईएएस अधिकारी पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं। एसीबी का दावा है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर जारी किए गए और शर्तों में हेरफेर कर करीब 50 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इस घोटाले में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। 10 गिरफ्तार, 3 आरोपी अभी भी फरार इस मामले में एसीबी पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों के खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किए गए हैं और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। 51 दिन की तलाश, 260 ठिकानों पर छापेमारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी एसीबी के लिए आसान नहीं रही। उन्हें पकड़ने के लिए एजेंसी ने 51 दिनों तक लगातार अभियान चलाया। इस दौरान 18 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने देशभर में 260 ठिकानों पर छापेमारी की। बावजूद इसके, अग्रवाल लगातार एजेंसियों से बचते रहे और फरारी के दौरान 10 से अधिक ठिकाने बदलते रहे। दिल्ली से मुंबई तक छिपने की कोशिश जांच के दौरान एसीबी को इनपुट मिले थे कि सुबोध अग्रवाल दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मुंबई में छिपते रहे। इन सभी स्थानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। आखिरकार जब एसीबी ने कोर्ट में संदिग्ध संपत्तियों की सूची पेश की और स्थायी वारंट जारी करवाए, साथ ही कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया, तो अगले ही दिन वे सामने आ गए। भगोड़ा घोषित, संपत्ति कुर्की की तैयारी एसीबी की कार्रवाई के तहत रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के साथ एसई मुकेश गोयल, जितेन्द्र शर्मा और निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता को भी भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, सुबोध अग्रवाल अब गिरफ्त में आ चुके हैं, लेकिन बाकी तीन आरोपी अब भी फरार हैं। कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी की संदिग्ध संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है। रिमांड मिलने पर बड़े खुलासों की उम्मीद एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यदि कोर्ट से रिमांड मिलती है तो पूछताछ के दौरान न केवल जेजेएम घोटाले की परतें खोली जाएंगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान सुबोध अग्रवाल को किन लोगों ने मदद पहुंचाई। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया में शामिल अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी। लुक आउट नोटिस जारी, विदेश भागने का खतरा गौरतलब है कि एसीबी ने फरार आरोपियों के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी करवा दिए थे। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें फिलहाल, सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यदि एसीबी को रिमांड मिलती है, तो आने वाले दिनों में जेजेएम घोटाले से जुड़े कई अहम राज खुलने की संभावना है।

पान महासम्मेलन से विपक्षी एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन

पटना 12 अप्रैल को कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी का पटना दौरा इस हलचल को और तेज करने वाला है. नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है और इसी बीच राहुल गांधी का आना महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सियासी बिसात का हिस्सा माना जा रहा है. पान महासम्मेलन के मंच से सजेगी चुनावी बिसात इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष आईपी गुप्ता के अनुसार, राहुल गांधी 12 अप्रैल को पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में आयोजित होने वाले “पान महासम्मेलन” का उद्घाटन करेंगे. कहने को तो यह पान व्यवसाय से जुड़े समाज का एक सम्मेलन है, लेकिन जिस तरह से इसमें बड़े सियासी दिग्गजों का जमावड़ा होने वाला है, उसने साफ कर दिया है कि असली मकसद 2024 के चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की धार को और तेज करना है. पटना की सड़कों पर राहुल गांधी की मौजूदगी उस वक्त होगी जब सत्ता पक्ष (एनडीए) नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन कर रहा होगा. तेजस्वी और दीपंकर के साथ ‘पावर शो’ की तैयारी इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी हाईलाइट राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का एक साथ मंच साझा करना होगा. नीतीश कुमार के संभावित विदाई के बाद पैदा हुए ‘पॉलिटिकल वैक्यूम’ को भरने के लिए विपक्ष इस मौके का भरपूर इस्तेमाल करना चाहता है. यह एक ऐसा मंच होगा जहां से महागठबंधन के नेता न केवल सामाजिक संदेश देंगे, बल्कि राज्य में बदलते समीकरणों के बीच अपनी मजबूती का अहसास भी कराएंगे. नीतीश की विदाई और विपक्ष की नई रणनीति बिहार में इस वक्त एनडीए के भीतर नए मुखिया को लेकर खींचतान और मंथन का दौर जारी है. ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम करेगा. नीतीश कुमार के राज्यसभा की राह पकड़ने के बाद बिहार की राजनीति में जो नया समीकरण उभर रहा है, उसमें राहुल और तेजस्वी की जुगलबंदी काफी निर्णायक साबित हो सकती है. अब सबकी निगाहें 12 अप्रैल के उस संबोधन पर टिकी हैं, जो बापू सभागार से गूंजेगा और आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता की दिशा तय करेगा.