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रनिंग करते समय लोग कर रहे ये बड़ी गलती, डॉक्टर ने दी सलाह

रनिग ऐसी कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है जिससे हार्ट के साथ-साथ शरीर के कई मसल्स ट्रेन होते हैं. आजकल काफी सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें जिम जाने का समय नहीं मिल पाता तो वे लोग जिम की जगह रनिंग को अपनी डेली एक्टिविटी में शामिल किए हुए हैं. वहीं आजकल फिटनेस का क्रेज भी हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है तो सुबह-सुबह पार्कों और सड़कों पर दौड़ते लोग आम बात हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह मेहनत आपको फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है? हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट ने X पर बताया है कि ज्यादातर रनर्स गलत तरीके से ट्रेनिंग कर रहे हैं जिसका नेगेटिव असर भी हो सकता है. तो आइए रनिंग के दौरान लोग कौन सी गलती कर रहे हैं और सही तरीका क्या है, इस बारे में जान लेते हैं. क्या गलती कर रहे हैं लोग? हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने बताया, हम अक्सर रनिंग के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं लेकिन असली फिटनेस तेज दौड़ने में नहीं, बल्कि धीमे दौड़ने में छिपी है. यदि आपकी हर दौड़ आपको थकाकर चूर कर रही है तो आप ट्रेनिंग नहीं बल्कि खुद को थका रहे हैं.' 'फिटनेस की दुनिया में बोला जाता है कि तेज रनिंग करना चाहिए लेकिन फिजियोलॉजिकल यानी फिजिकल साइंस के लिहाज से तेज रनिंग करना सही नहीं है. हाई हार्ट रेट और हर बार रिकॉर्ड तोड़ने की होड़ शरीर पर एक्स्ट्रा दबाव डालती है. असल में परफॉर्मेंस में सुधार तब आता है जब आप अपने शरीर को समझने लगते हैं, न कि उसे हर वक्त लिमिट से पुश करने की कोशिश करते हैं. क्या है 'जोन 2-3' रनिंग का फंडा? डॉ. सुधीर ने समझाया, 'धीमी गति से रनिंग या जो 2-3 रनिंग हमारे माइटोकॉन्ड्रियल एफिशिएंसी को बढ़ाती है. यह हमारे शरीर का असली एंड्योरेंस इंजन है. दरअसल, जब आप धीमी गति से दौड़ते हैं तो आपकी रेस्टिंग हार्ट रेट कम होती है और एरोबिक बेस मजबूत होता है. इससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है और आप ज्यादा लंबे समय तक कंसिस्टेंसी के साथ दौड़ पाते हैं. इसके विपरीत लगातार तेज दौड़ने से थकान बढ़ती है और एक समय के बाद प्रोग्रेस रुक जाती है.' एथलीट्स का सीक्रेट फॉर्मूला यह सिर्फ एक थ्योरी नहीं है, बल्कि दुनिया के टॉप एथलीट्स इसी तरीके से ट्रेनिंग करते हैं. वे अपनी कुल ट्रेनिंग का 70 से 80 फीसदी हिस्सा आसान दौड़ को देते हैं. वे अपनी पूरी ताकत सिर्फ खास मौकों या रेस के लिए बचाकर रखते हैं. डॉ. सुधीर का कहना है कि अगर आप दौड़ते समय आसानी से बातचीत नहीं कर पा रहे हैं तो समझ लीजिए कि आपकी स्पीड जरूरत से अधिक है. हार्ट ट्रेन करें, ईगो को नहीं सोशल मीडिया पर अपनी स्पीड की फोटो-वीडियो दिखाने की होड़ अक्सर लोगों को चोटिल कर देती है. तेज दौड़ना सुनने में अच्छा लगता है लेकिन धीमी दौड़ आपको वास्तव में बेहतर बनाती है. डॉक्टर की सलाह साफ है कि अपने हार्ट को ट्रेन करें, अपने ईगो को नहीं. दौड़ना एक लंबी प्रोसेस है, इसे शॉर्टकट या दिखावे के चक्कर में खराब न करें. सही पेस वही है जिसमें आपका शरीर थके नहीं, बल्कि रिचार्ज महसूस करे.

सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल की रिहाई, काफिले के साथ निकला जेल से

हिसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। बदन पर सफेद कुर्ता-पायजामा, पैरों में ब्रांडेड शूज और चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल ने देशद्रोह मामले में शुक्रवार को 11 साल 5 महीने बाद जेल से बाहर कदम रखा। एहतियात के तौर पर पुलिस ने जेल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। इस वजह से ज्यादा लोग नहीं जुटे। कुछ लोग आए थे जो रोड के दोनों और व्यवस्थित तरीके से खड़े रहे और दूर से ही रामपाल को प्रणाम किया। जेल से बाहर आने के तीन मिनट में रामपाल लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ सोनीपत के लिए रवाना हो गया। शाम पांच बजकर 5 मिनट पर जैसे ही रामपाल जेल से बाहर आया गेट पर तैनात संतरी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इससे पहले सुबह करीब 10 बजे केस नंबर 428 में रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई। छह पुलिसकर्मियों और एक तहसीलदार की गवाही दर्ज की गई। अदालत ने सुनवाई अगली तारीख 16 मई तय की है। दोपहर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत में जमानती बॉन्ड भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। रामपाल की ओर से मिर्जापुर निवासी धर्मपाल और सतबीर बतौर जमानती अदालत में पेश हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन और सचिन दास की मौजूदगी में शाम करीब 4:30 बजे तक बेल बॉन्ड संंबधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद हाईकोर्ट से मिली जमानत आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। रिहाई से पहले जेल परिसर में ही रामपाल के साथ बंद अनुयायी बबीता और मनोज के भी बेल बॉन्ड जमा करवाए गए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। शाम 5 बजकर 5 मिनट पर जेल से बाहर आते ही रामपाल सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर सोनीपत स्थित पैतृक गांव धनाना रवाना हो गया। देशद्रोह के मामले में जेल में बंद रामपाल को हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को सशर्त जमानत दी थी। रामपाल को लेने के लिए दोपहर बाद 3.10 बजे परिजन वकीलों के साथ सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। वकील सचिन दास व एमएस नैन ने देशद्रोह और हत्या के मामले में एक-एक लाख रुपये के बेल बॉन्ड की प्रति और जमानत के आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। करीब पौने दो घंटे तक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रामपाल जेल से बाहर आया और मुख्य गेट के पास ही खड़ी गाड़ी में सवार हो गया। इसके बाद गाड़ियों का काफिला सोनीपत के लिए रवाना हो गया। काफिले में डिफेंडर, फॉर्च्यूनर गाड़ियां शामिल रहीं। हरियाणा पुलिस की एक गाड़ी काफिले को एस्कॉर्ट कर रही थी। हमें न्याय मिला, अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी जेल परिसर के बाहर रामपाल के भतीजे युद्धवीर ने बताया कि हमें बहुत लंबे समय बाद न्याय मिला है। धनाना से एक किलोमीटर पहले रामपाल का भव्य स्वागत किया जाएगा। उनका जेल से बाहर आना लाखों अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी है।  

जामनगर एयरपोर्ट पर सितारों की खास मुलाकात वायरल

10 अप्रैल को अनंत अंबानी ने धूमधाम से अपना जन्मदिन सेलिब्रेट किया. अनंत अंबानी के जन्मदिन के लिए बॉलीवुड सेलेब्स जामनगर पहुंचे थे. 11 अप्रैल की सुबह सेलेब्स जामनगर से मुंबई के लिए रवाना हुए. जामनगर एयरपोर्ट से सोशल मीडिया पर कई वीडियोज सामने आ रहे हैं. वीडियो में रणवीर सिंह और सलमान खान व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खुंटी से मिलते नजर आ रहे हैं. क्रिकेटर से मिले सलमान-रणवीर व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खुंटी ने इंस्टाग्राम पर रणवीर सिंह और सलमान खान संग मुलाकात का वीडियो शेयर किया है. वो जामनगर एयरपोर्ट पर उनसे मिले, और दोनों स्टार्स ने खुशी-खुशी ऑटोग्राफ दिए. रणवीर के साथ वीडियो शेयर करते हुए भीमा ने धुरंधर स्टार की तारीफ की और लिखा, धुरंधर रणवीर सिंह के साथ. कभी-कभी जिंदगी ऐसे पल देती है जो कभी भूलते नहीं. आज ऐसा ही दिन था. रणवीर सिंह से मिलने का मौका मिला. जिंदगी में बहुत लोगों से मिला हूं, लेकिन आज जो सादगी, विनम्रता और सम्मान मिला. वो सच में खास था. सुपरस्टार बनना तो एक बात है, लेकिन सच्चा इंसान बनना ही असली स्टार बनाता है.ये पल हमेशा याद रहेगा. रणवीर सिंह के अलावा वो सलमान खान से भी मिले. उन्होंने दबंग खान की तारीफ में लिखा कि सलमान खान के साथ. सपने लिमिट्स नहीं देखते वो हिम्मत देखते हैं. क्रिकेट फील्ड से सलमान खान से मिलना तक भीमा खुंटी के लिए गर्व का पल रहा.    

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ बनी ब्लॉकबस्टर, सारा अर्जुन ने उज्जैन में किए बाबा महाकाल के दर्शन

आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी के नए झंडे गाड़ रही है. रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म की जबरदस्त सफलता ने युवा एक्ट्रेस सारा अर्जुन को रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री का नया चमकता सितारा बना दिया है. इस बड़ी कामयाबी के बाद सारा अर्जुन बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचीं. दरअसल शनिवार का दिन सारा अर्जुन के लिए बेहद खास रहा. वह अपनी मां का जन्मदिन मनाने के लिए विशेष रूप से उज्जैन पहुंचीं. इस मौके पर उन्होंने विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना की. सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस की कई तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. जिसमें वह पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी नजर आ रही हैं. अपनी इस मंदिर यात्रा के दौरान सारा अर्जुन ने पारंपरिक गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें वह बेहद हमेशा की तरह खूबसूरत लग रही थीं. उन्होंने मंदिर की प्रसिद्ध 'भस्म आरती' में भी हिस्सा लिया. न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) से बात करते हुए उन्होंने शेयर किया कि मंदिर के अंदर का माहौल इतना शांत और दिव्य था कि वह पूरी तरह अभिभूत हो गईं. सारा अर्जुन ने क्या कहा? जब सारा से उनकी प्रार्थना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने भगवान से अच्छी सेहत, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी है. उन्होंने कहा, 'जब आप मंदिर में होते हैं, तो आप दुनिया की दूसरी चीजों के बारे में नहीं सोच पाते मैंने कुछ खास नहीं मांगा, बस परिवार की अच्छी सेहत और जीवन में सफलता की प्रार्थना की.' अगले प्रोजेक्ट पर दिया जवाब 'धुरंधर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने के बाद अब सबकी नजरें सारा के अगले प्रोजेक्ट पर हैं. जब पत्रकारों ने उनसे उनके फ्यूचर प्लान और अगली फिल्म के बारे में सवाल किया, तो सारा ने मुस्कुराते हुए आसमान की तरफ इशारा कर दिया. इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सब कुछ महाकाल के भरोसे छोड़ दिया है, तो उन्होंने सिर हिलाते हुए  'जी' कहा. धुरंधर की धुआंधार कलेक्शन जारी 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखी है और चौथे हफ्ते में भी इसकी सफलता का सिलसिला जारी है. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, रणवीर-सारा की इस फिल्म ने दुनिया भर में कुल 1,671.26 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है. इसमें से 1,263.26 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से आए हैं, जबकि विदेशों से इसकी कमाई 408 करोड़ रुपये रही है. अब यह फिल्म, वीकेंड के अंत तक दुनिया भर में 1,700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है. यह दुनिया भर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म के तौर पर 'पुष्पा 2: द रूल' (1,742 करोड़ रुपये) को पीछे छोड़ने के करीब पहुंच रही है. कौन हैं सारा अर्जुन? बता दें कि सारा अर्जुन मशहूर साउथ एक्टर राज अर्जुन की बेटी हैं. सारा ने अपने करियर की शुरुआत महज एक टॉडलर (नन्हीं बच्ची) के तौर पर की थी और 6 साल की उम्र से पहले ही वह 100 से ज्यादा विज्ञापनों में नजर आ चुकी थीं. उन्हें घर-घर में पहचान 'क्लिनिक प्लस' के विज्ञापन से मिली थी. इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्म 'देइवा थिरुमगल' और मणिरत्नम की 'पोन्नियिन सेलवन' में ऐश्वर्या राय के बचपन का किरदार निभाकर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. अब मात्र 20 साल की उम्र में रणवीर सिंह के साथ 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्मों (2025 और 2026) में काम करके उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बना ली है.

यूपी में मौसम बदला, गर्मी के साथ धूल भरी हवाओं का दौर

लखनऊ यूपी में आंधी, बारिश, ओलों का दौर खत्म हुआ। अब धूल भरी सतही हवाओं का जोर है। यह हवाएं आंखों की किरकिरी बन रही हैं। सावधानी नहीं बरती गई तो आंखों की पुतलियों को नुकसान हो सकता है। शहरों में फिलहाल चल रहीं सतही हवाओं की तासीर दरअसल ठंडी है। इसलिए यह तापमान को अधिक बढ़ने से रोक रही है। लेकिन निर्माण कार्यों के चलते शहरों में खुदी सड़कें, निर्माण से उड़ रही धूल, वाहनों के जाम से बढ़ा उत्सर्जन हवा में अति सूक्ष्म धूल और रसायनों के कणों को बढ़ा रहा है। यही हवाएं आंखों में चुभ रही हैं। विशेषकर खुले में पैदल निकलने वाले और दोपहिया वाहन चलाने वालों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। हाल यह कि वाहन चालकों की आंखों में कीचड़ बन रहा है। 33.2 डिग्री रहा दिन का तापमान शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री कम होकर 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 62 दर्ज किया गया। रात का तापमान कम होने के कारण अभी शाम और रात को मौसम नम है। आने वाले दिनों में ऐसा नहीं रहेगा। 12 तक चलेगा हवाओं का सितम मौसम विभाग के मुताबिक 12 अप्रैल तक सतही हवाओं का दौर रहेगा। इसके बाद आसमान साफ होगा और तेज गर्मी की शुरूआत होगी। 16 अप्रैल तक दिन का तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जबकि रात का पारा 20 से लेकर 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बरतें सावधानी आखों को पूरी तरह से ढंकने वाला चश्मा लगाना चाहिए खुले में निकलने, दोपहिया चलाने पर लगाना बहुत जरूरी  दोपहिया चालक हेलमेट के ग्लास को बंद करके ड्राइव करें  आखों में कुछ भी गिरने, जलन होने पर मलना नहीं चाहिए  तत्काल साफ या चलते पानी से आखों को धोना चाहिए  लाल होने, खुजली पर डाक्टर से पूछकर ही आईड्राप डालें पांच दिनों में पांच डिग्री तक बढ़ेगा पारा लगातार चार दिनों से दिन में धूप और फिर शाम को हो रही बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम पूरी तरह बदल गया। दिन में तेज धूप रही। अन्य दिनों की तरह बादल नहीं होने के कारण धूप का असर भी ज्यादा रहा। जानकारी के अनुसार, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। यानी एक बार फिर 40 के आसपास पहुंच जाएगा। फिलहाल अगले 5 दिनों में किसी तरह के बारिश होने की उम्मीद नहीं है।

राजस्थान में मौसम बदला, सूरज दिखा रहा तल्ख तेवर

जयपुर  राजस्थान में बारिश का दौर थमने के साथ ही अब सूरज ने तल्ख तेवर दिखना शुरू हो गए हैं। पश्चिमी राजस्थान के साथ-साथ अब पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी जिलों में भी गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। बीते दिन 10 अप्रैल को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप खिली रही, जिससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी जयपुर समेत कई इलाकों में पारा 33 डिग्री के स्तर को छू गया, जिससे दोपहर के समय लोगों को हल्की गर्मी और उमस का अहसास हुआ। पश्चिमी विक्षोभ से इन शहरों में छा सकते हैं बादल मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार यानी 11 अप्रैल को एक हल्के प्रभाव वाला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। हालांकि, इस सिस्टम का असर काफी सीमित रहने वाला है।इन शहरों पर पड़ सकता है प्रभाव: बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फलोदी और चूरू के आसपास के जिलों में आसमान में बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है। तापमान में बदलाव: बादलों की वजह से इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। बारिश की संभावना: मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस विक्षोभ से बारिश होने की संभावना बहुत कम है। यह केवल आंशिक रूप से बादल छाने तक ही सीमित रहेगा। आगामी दिनों का हाल: 4 डिग्री तक बढ़ेगा पारा IMD जयपुर केंद्र के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। वर्तमान में रेगिस्तानी इलाकों में तापमान पहले ही 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है। विशेष चेतावनी: अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। साथ ही न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि होगी, जिससे रातें भी अपेक्षाकृत गर्म होने लगेंगी।

देवरिया सड़क विवाद मामला: एसडीएम विपिन द्विवेदी पर बड़ी कार्रवाई

 देवरिया यूपी में राज्य सरकार ने बरहज देवरिया के उप जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। तहसील बरहज के ग्राम लक्ष्मीपुर में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाली व नलकूप की जमीन पर पक्की सड़क का निर्माण कराने और धक्का-मुक्की के कारण मृत्यु की घटना की प्रारंभिक जांच कराई गई थी। यह जांच अपर आयुक्त प्रशासन गोरखपुर पुलिस अधीक्षक नगर गोरखपुर और अपर जिलाधिकारी नगर गोरखपुर की तीन सदस्यीय कमेटी ने की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में लापरवाही के लिए प्रथमदृष्टया विपिन कुमार द्विवेदी को जिम्मेदार ठहराया गया है। उनके खिलाफ नियम-7 के तहत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। प्रयागराज के कमिश्नर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। विपिन कुमार द्विवेदी को राजस्व परिषद से संबंध कर दिया गया है। तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष को धमकाने का आरोप देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में रविवार को चकनाली पर सड़क निर्माण के विवाद के दौरान दिल का दौरा पड़ने से अधिवक्ता संघ बरहज के पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गई थी। परिजनों के आरोप थे कि एसडीएम बरहज ने विवाद के दौरान अधिवक्ता को धमकाया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बरहज तहसील में दर्जनों अधिवक्ता एकत्र हो गए और शव रख कर हंगामा किया था। कुछ लोगों ने एसडीएम को बंधक बनाकर नारेबाजी भी की थी। इस संबंध में एसडीएम विपिन द्विवेदी का कहना है कि वह विवाद सुलझा कर लौट आए थे उसके बाद अधिवक्ता का निधन हुआ। धमकाने का आरोप गलत है। जानकारी के अनुसार बरहज क्षेत्र की ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर में पंचायत द्वारा चकनाली पर सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। रोड व चकनाली अधिवक्ता बृजेन्द्र सिंह के दरवाजे से होकर जाती है। चकनाली पर सड़क निर्माण का वह विरोध कर रहे थे। यह विवाद तीन माह से चल रहा है। उसी विवाद के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी विपिन द्विवेदी राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे। वहां पर विवाद होने लगा। उसी दौरान बृजेन्द्र कुमार सिंह को दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक एसडीएम ने अधिवक्ता और उनके बेटों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 20 साल के लिए जेल भेजने की धमकी दी थी। एसडीएम की बात सुनते ही बृजेन्द्र सिंह नीचे गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बता दें कि उनके परिवार और अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। अधिवक्ता मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने के साथ ही एसडीएम, लेखपाल और ग्राम प्रधान पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उसी दौरान हिंदूवादी नेता प्रमोद सिंह के नेतृत्व में भीड़ ने एसडीएम रुद्रपुर को बंधक बनाया था। 15 मिनट की मशक्कत के बाद सीओ रुद्रपुर ने भीड़ से एसडीएम को छुड़ाया था।

वृंदावन में यमुना नाव हादसा, 5 लोग अब भी लापता

वृंदावन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने से हुए हादसे में हुए 10 लोगों की मौत के बाद गहरे पानी में फंसी बोट को 5 घंटे के अथक प्रयासों के बाद निकाला जा सका है। हादसे के बाद चारों ओर कोहराम मचा हुआ है तस्वीरों में आप स्वयं देख सकते हैं कि किस प्रकार मध्यरात्रि के बाद तक चले सर्च ऑपरेशन अभियान के दौरान गहरे पानी में फंसी मोटर वोट को बाहर निकाला गया है. वहीं लापता हुए पांच अन्य लोगों की लिए रेस्क्यू अभी भी जारी है .सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर उनके गतंव्य स्थान पर भेज दिया गया है. 10 मृतकों में एक ही परिवार के सात लोग बताया जा रहा है कि हादसे में मृत 10 लोगों में एक ही परिवार के सात लोग थे. मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूप दिए जाने की घोषणा की गई है. दलदल में फंसी मिली बोट आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि यमुना में बोट पलटने से हुए हादसे में 10 लोगों की मौत के बाद कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी दलदल में फंसी वोट को बाहर बाहर निकाल किया गया है उनका कहना है पांच मिसिंग लोगों की अभी भी तलाश की जा रही है उनका कहना है कि आज से सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. 5 लोग नदी में अब भी लापता बता दें कि शुक्रवार दोपहर 2:45 बजे के करीब श्री बांके बिहार मंदिर से करीब ढाई किमी की दूरी पर स्थित केशी घाट के पास पर्यटकों से भरी मोटर बोट पोंटून पुल (पीपा पुल) से टकराने के बाद यमुना नदी में पलट गई थी. नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे, जो नदी में गिर गए. इनमें से 10 लोगों की डूबकर मौत हो गई, जबकि 22 को बचा लिया गया. अब भी 5 लोग नदी में लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.  मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि नाव में सवार लोग पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. कैसे डूबी बोट? स्थानीय गोताखोर गुलाब ने इस हादसे के लिए तेज हवा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया है कि,'तेज हवा चल रही थी. यमुना नदी के बीच में नाव अचानक तेज हवा से डगमगाने लगी और उसकी स्पीड भी बढ़ गई. देखते ही देखते नाव पीपा पुल (पांटून पुल) से टकराकर नदी में पलट गई और उसमें सवार सभी लोग गहरे पानी में गिर गए.'

सीएम योगी लखीमपुर में 331 परिवारों को देंगे जमीन का मालिकाना हक

लखीमपुर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आज यानी कि शनिवार को बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण करेंगे. साथ ही 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी करेंगे. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री के एक्स पर पोस्ट करके दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक्स से किए गए पोस्ट में कहा गया है कि लखीमपुर खीरी की पावन धरती पर आज अधिकार, विकास और अपने पक्के आवास का स्वप्न एक साथ साकार होंगे. बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण एवं 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा. साथ ही, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबियां भी प्रदान की जाएंगी. ये सभी कार्य डबल इंजन सरकार के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सम्मान और सुविधा पहुंचाने के संकल्प का प्रतीक हैं. आजादी के बाद से इन परिवारों को नहीं मिली थी जमीन आजादी के बाद से अब तक बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था. लखीमपुर खीरी, धौरहरा और मोहम्मदी में 417 करोड़ की 213 पर 8 योजनाओं का सीएम लोकार्पण, शिलान्यास करेंगे. चंदन चौकी पलिया में सीएम थारू जनजाति के 4556 परिवारों को भौमिक अधिकार पत्तों का आवंटन करेंगे. साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला में 817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी करेंगे. पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को भी मिलेगी जमीन आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी. जिसके तहत विभाजन के समय पाकिस्तान से विस्थापित होकर राज्य के चार ज़िलों में बसे 12000 से ज़्यादा परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक दिया जाएगा. योग्य परिवारों को एक एकड़ तक की ज़मीन पर मालिकाना हक मिलेगा, बशर्ते कि वह ज़मीन सीलिंग सीमा के अंदर न हो और खलिहान, चरागाह या तालाब जैसी श्रेणियों में न आती हो. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) 2026' के तहत 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006' में संशोधनों को मंज़ूरी दे दी है. खन्ना ने बताया कि इस संशोधन के तहत इन परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक देने के लिए धारा 76(1) में नए प्रावधान जोड़े गए हैं. मंत्री ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान पलायन करके पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर ज़िलों में बसे 12,380 परिवारों को इस कदम से फ़ायदा होगा. खन्ना के अनुसार लाभार्थियों में वे लोग शामिल हैं जो 'नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019' के तहत भारतीय नागरिकता के योग्य हैं, साथ ही अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े परिवार या विभिन्न योजनाओं के तहत पुनर्वासित किए गए परिवार भी इसमें शामिल हैं. इस प्रकार है पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों की आबादी ज़िलावार ब्योरा देते हुए मंत्री ने बताया कि लखीमपुर खीरी में ऐसे 2,350 परिवार हैं, पीलीभीत में 4,000, बिजनौर में 3,856 और रामपुर में 2,174 परिवार हैं. उन्होंने कहा कि ये परिवार, जो लगभग 70 वर्षों से राज्य में रह रहे हैं, ज़मीन का मालिकाना हक न होने के कारण काफ़ी मुश्किलों का सामना कर रहे थे; इनमें खेती के लिए बैंक से कर्ज़ लेने और सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में आने वाली दिक्कतें भी शामिल थीं.

मई-जून में संभावित स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज

रायपुर : आगामी मई -जून माह में संभावित स्थानीय निकायो के आम/उप चुनाव के दृष्टिगत मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज त्रुटिरहित एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें प्रेक्षक : राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मई जून-2026 की तैयारियों को गति प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में आज निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की।राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए तथा सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य की सघन निगरानी और प्रभावी सुपरविजन पर विशेष बल दिया। बैठक में आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले तथा भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नागरिक ही स्थानीय चुनाव में मतदाता बनने के पात्र होंगे। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इसके पश्चात 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 27 अप्रैल 2026 तक उनका निराकरण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा। आयोग द्वारा बताया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।  बैठक में रिक्त पदों की जानकारी भी साझा की गई। नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4पद एवं 60 पार्षद के पदों पर आम निर्वाचन तथा अध्यक्ष के 4 पद एवं 17 पार्षद पदों पर उप निर्वाचन प्रस्तावित है। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद रिक्त हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।