samacharsecretary.com

एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली प्रदीप यादव पकड़ा गया

डुमरिया करीब डेढ़ दशक से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली प्रदीप यादव को आखिरकार सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को खुफिया सूचना के आधार पर एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती रबदी गांव में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है। प्रदीप यादव मूल रूप से झारखंड का निवासी है लेकिन बिहार और कई पड़ोस के राज्यों में वह अपनी गतिविधियों को अंजाम देता था। वह अंधाधुंध फायरिंग में माहिर है। पुलिस पर हमले में भी वह एक्सपर्ट है। प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसबी की 29वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट रविशंकर कुमार और ‘सी’ समवाय डुमरिया के निरीक्षक मंतोष कुमार के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। टीम ने सटीक घेराबंदी कर लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे मुख्यालय लाया गया। गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पर की थी अंधाधुंध फायरिंग प्रदीप यादव झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के कोवल गांव का निवासी है लेकिन बिहार समेत आस पास के राज्यों में नक्सल गतिविधियों को ऑपरेट करता है। वह वर्ष 2012 में पुलिस और सीआरपीएफ की सर्चिंग पार्टी पर हुए जानलेवा हमले में शामिल था। इसके अलावा 24 जनवरी 2012 को बागपुर के पहाड़ी इलाके में हथियार लूटने की साजिश के तहत अपने साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालांकि, हथियार लूटने में उसे कामयाबी नहीं मिली। इस मामले में डुमरिया थाना में आर्म्स एक्ट और सीएलए के तहत प्राथमिकी दर्ज है। वर्षों तक फरारी के दौरान वह लगातार ठिकाना बदलता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद उसे डुमरिया थाना को सौंप दिया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस उसके पूरे दस्ते का सफाया करने की कार्रवाई में जुट गई है। केंद्र सरकार बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से नक्सल समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि जल्द ही देश को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा। पॉइंटर ● एसएसबी और डुमरिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता ● 2012 में सीआरपीएफ-पुलिस पर हमले और फायरिंग में रहा था शामिल ● लंबे समय से ठिकाना बदलकर पुलिस को दे रहा था चकमा

नीतीश कुमार का राज्यसभा में प्रवेश, नेताओं ने दी बधाई

 पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। देश के उच्च सदन के सदस्य बनने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कहा,नीतीश जी के लंबे राजनीतिक अनुभव से संसद की गरिमा और बढ़ेगी। भाजपा और जदयू के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक संक्षिप्त समारोह में नीतीश कुमार को शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है। उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है। उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा। पीएम ने आगे कहा है कि सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी नीतीश कुमार ने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं। बिहार को नीतीश कुमार ने जंगलराज से मुक्त कराया इधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार जी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार ने सुशासन और विकास के विजन से बिहार को जंगलराज से मुक्त कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का अभूतपूर्व कार्य किया है। अमित शाह ने कहा कि केंद्र में मंत्री से लेकर बिहार में लंबे समय तक सीएम तक, सार्वजनिक जीवन का उनका लंबा अनुभव अब संसद में नीतियां बनाने और विकसित भारत की निर्माण यात्रा को गति देने में अहम सिद्ध होने वाला है। नीतीश कुमार का संसदीय कार्यकाल और भी उपलब्धियों से भरा हो, यह कामना करता हूं। बधाइयों का तांता लगा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया। न्याय के साथ विकास के मंत्र के साथ बिहार ने प्रगति और समावेशी विकास का नया अध्याय लिखा है। उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुदृढ़ आधारभूत संरचना, बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, महिलाओं के सशक्तीकरण की प्रभावी पहल और मजबूत कानून-व्यवस्था ने राज्य को नई पहचान दी है। 2005 से पहले अदालत ने भी जिस बिहार को जंगलराज का उपमा दिया था, वहां नीतीश जी ने सुशासन स्थापित किया। आधी आबादी को सम्मान देने के लिए पंचायत और निकाय चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया, जो पूरे देश के लिए अनुकरणीय उदाहरण बना। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के उन विरले राजनीतिज्ञों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी सदनों का सदस्य रहने का गौरव प्राप्त है। स्पष्ट दृष्टि, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के प्रति अथाह समर्पण के साथ नीतीश कुमार ने पिछले दो दशकों में बिहार को विकास और सुशासन की नई दिशा दी है। यही कारण है कि बिहार की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया शपथ लेने के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश कुमार ने खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा, पहले तो हम यहीं थे। शपथग्रहण समारोह में जेपी नड्डा, निर्मला सीतारमण, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर अर्जुन राम मेघवाल, संजय कुमार झा, जयराम रमेश, सम्राट चौधरी, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, राजीव प्रताप रूड़ी, संजय जायसवाल, कौशलेन्द्र कुमार, चन्देश्वर चन्द्रवंशी मौजूद थे।

वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बैटिंग पर थरूर बोले- “होश उड़ा देने वाला टैलेंट”

नई दिल्ली  महज पंद्रह साल की उम्र में ही वैभव सूर्यवंशी ने मानो वो मुकाम हासिल कर लिया है, जो बड़े-बड़े क्रिकेटरों को भी नहीं मिल पाता। जी हां, वैभव ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर क्रिकेट फैंस को अपना मुरीद बना लिया है। जिस तरह से आईपीएल 2026 के इस सीजन में उनका बल्ला बोल रहा उसकी तारीफ खेल जगत की हस्तियां ही नहीं कर रही, बल्कि राजनीति के दिग्गज भी इस युवा खिलाड़ी के दमखम को जमकर सराह रहे हैं। हम बात कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर की जिन्होंने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा में बेहद खास पोस्ट लिखी है। शशि थरूर ने वैभव सूर्यवंशी को सराहा केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने अपनी पोस्ट में वैभव की जबरदस्त बैटिंग को जमकर सराहा है। उन्होंने लिखा- जब भी वह स्ट्राइक लेते हैं, तो बाहर की दुनिया मानो थम सी जाती है: मैं सब कुछ छोड़कर बस उनकी हर गेंद को देखने लगता हूं। थरूर ने ये वैभव की तारीफ में ये पोस्ट गुरुवार देर रात उस समय लिखी जब आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ वैभव ने 26 गेंद में 78 रन बनाकर राजस्थान रॉयल्स को छह विकेट से जीत दिलाई। वैभव ने इस दौरान जिस तरह से गेंद बाउंड्री के पार पहुंचाई उसे देखकर शशि थरूर बेहद उत्साहित नजर आए। 'वह सचमुच होश उड़ा देने वाला है' कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा 'अरे! वैभव सूर्यवंशी, अभी-अभी आउट हुए हैं। उन्हें विराट कोहली ने कैच किया। अब तो कुछ और काम शुरू कर ही देना चाहिए, जैसे कि ट्वीट करना!' इसके बाद कांग्रेस नेता ने आगे लिखा कि 'युवा सूर्यवंशी की जबरदस्त तरक्की को देखना सचमुच एक कमाल की बात है। 15 साल के इस अद्भुत खिलाड़ी को क्रीज पर खेलते देखना, खेल के विकास का एक बेहतरीन उदाहरण है। उनके बल्ले की जो जबरदस्त रफ्तार है, साथ ही टाइमिंग और ताकत का जो लगभग जादुई अंदाज़ है, वह सचमुच होश उड़ा देने वाला है।' थरूर बोले- सचमुच बेहद रोमांचक वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए शशि थरूर ने आगे लिखा, 'वह सिर्फ क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं; वह असल में नई पीढ़ी के लिए बैटिंग की कला को एक नया रूप दे रहे हैं। जब भी वह स्ट्राइक लेते हैं, तो बाहर की दुनिया मानो थम सी जाती है। मैं सब कुछ छोड़कर बस उनकी हर गेंद को देखने लगता हूं। हम अपनी आँखों के सामने एक दुर्लभ, अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी को उभरते हुए देख रहे हैं। सचमुच बहुत रोमांचक!#IPL2026' 15 गेंद में अर्धशतक, वैभव बने मैन ऑफ द मैच     आईपीएल 2026 के 16वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की भिड़ंत शुक्रवार को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के साथ हुई।     इस मैच में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक लगाया।     उन्होंने अपनी ताबड़तोड़ पारी में कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए।     वैभव ने मात्र 26 गेंदों पर 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 78 रनों की पारी खेली।     अपनी टीम को 6 विकेट से जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।     वैभव को उनकी विस्फोटक पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।     वैभव अब ऑरेंज कैप होल्डर भी हैं। उन्होंने सीजन में अब तक खेले 4 मैचों में 200 रन बनाए हैं।  

वास्तु शास्त्र: पेड़ों को काटते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना घर में बढ़ सकता है वास्तु दोष

  घर बनवाना हो, बिजली की तारें टकरा रही हों, या बस आंगन में धूप कम आ रही हो हम अक्सर बिना सोचे-समझे कुल्हाड़ी उठा लेते हैं और बरसों पुराने पेड़ को काट गिराते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि नियमों को नजरअंदाज करना आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर सकता है. वास्तु दोष का साया पूरे परिवार की सुख-शांति को प्रभावित कर सकता है. आभामंडल (Aura) और ऊर्जा का संतुलन वास्तु के अनुसार, हर जीवित वृक्ष का अपना एक आभामंडल होता है. जब आप बिना नियम के उसे काटते हैं, तो वह स्थान शोक की स्थिति में आ जाता है.  इसका सीधा असर घर के मुखिया के मानसिक स्वास्थ्य और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है. देव वृक्षों को काटने का महापाप पीपल, बरगद और गूलर को देव वृक्ष माना गया है. अगर ये दीवार या तारों को नुकसान पहुंचा रहे हों, तो भी इन्हें काटना भारी वास्तु दोष, पितृ दोष और संतान कष्ट का कारण बन सकता है.  अगर इन्हें हटाना जरुरी हो, तो विधि-विधान से पूजा के बाद ही यह कदम उठाएं. माफी और शुभ समय का चयन काटने से पहले पेड़ की गंध, पुष्प और नैवेद्य से पूजा करें.  तने को सफेद कपड़े से ढककर उस पर सफेद सूत लपेटें. पेड़ से प्रार्थना करें कि उस पर निवास करने वाले सूक्ष्म जीव दूसरे स्थान में शरण ले लें.  विशेष परिस्थितियों में पीपल काटना हो, तो चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी चुनें, लेकिन शनिवार, गुरुवार या रविवार से बचें. निषिद्ध दिन: भूलकर भी मंगलवार, शनिवार या अमावस्या को पेड़ न काटें. शुभ नक्षत्र: मृगशिरा, पुनर्वसु, अनुराधा, हस्त, मूल, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, स्वाति और श्रवण नक्षत्र पेड़ काटने के लिए उत्तम हैं. समय: सुबह का समय सबसे उपयुक्त है, दोपहर में पेड़ काटने से बचें. क्षतिपूर्ति: एक के बदले दस का नियम वास्तु शास्त्र में प्रकृति के ऋण का भुगतान अनिवार्य है.  यदि मजबूरी में एक पेड़ काटना पड़े, तो उस ऊर्जा के शून्य को भरने के लिए 10 नए पौधे लगाने होंगे. नियम तब पूरा माना जाता है जब वे पौधे फलने-फूलने लगें. दिशाओं का विशेष ध्यान ईशान कोण (North-East): यहां का पेड़ काटना अपनी किस्मत का दरवाजा बंद करने जैसा है. यह सात्विक ऊर्जा का द्वार है. दक्षिण दिशा (South): यहां के पेड़ हटाना तुलनात्मक रूप से सुरक्षित है. काटने की दिशा: पेड़ को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर से काटना शुरू करना चाहिए.

शनि के नक्षत्र परिवर्तन से बढ़ेगी चुनौतियां, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान

अप्रैल 2026 में शनि एक अहम ज्योतिषीय बदलाव करने जा रहे हैं, जिसे नक्षत्र पद परिवर्तन कहा जाता है.17 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे. शनि पूरे 1 महीने इसी नक्षत्र में रेहेंगे. ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है, जो धीरे-धीरे चलते हुए लंबे समय तक असर डालते हैं. ऐसे में उनका यह बदलाव कई राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है, खासकर करियर, सेहत और रिश्तों पर. जानते हैं वो राशियां कौन सी हैं. मेष राशि मेष राशि के लोगों को इस समय संयम से काम लेने की जरूरत होगी. छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ सकते हैं, जिससे रिश्तों में खटास आ सकती है. जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है, खासकर कानूनी या व्यापार से जुड़े मामलों में. स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह है. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत और धैर्य की परीक्षा लेने वाला रहेगा. कार्यक्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक सहयोग नहीं मिलेगा, जिससे निराशा हो सकती है. सीनियर और जूनियर दोनों के साथ तालमेल बिगड़ सकता है. आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए यह समय भावनात्मक रूप से थोड़ा भारी रह सकता है. बेवजह की चिंताएं और मानसिक दबाव बढ़ सकते हैं.रिश्तों में जल्दबाजी या गलतफहमी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए संयम जरूरी है. सेहत के मामले में लापरवाही न करें. क्यों खास है यह गोचर शनि का नक्षत्र पद परिवर्तन साधारण घटना नहीं माना जाता, क्योंकि इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है. यह बदलाव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देता है. इस दौरान धैर्य, संयम और सोच-समझकर फैसले लेना बेहद जरूरी है. बिना सोचे समझे कदम उठाने से नुकसान बढ़ सकता है, जबकि शांत रहकर काम करने से स्थितियां धीरे-धीरे बेहतर हो सकती हैं.

हिसार-सिरसा हाईवे पर किसानों का धरना, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

हिसार संयुक्त किसान मोर्चा ने नेशनल हाइवे जाम कर दिया है। जाम के बाद किसान धरना देकर विरोध जता रहे हैं। फसल खरीद को लेकर किसान विरोधी फैसलों के विरोध में किसानों ने शनिवार को सुबह 11 से 3 बजे तक लांधड़ी चिकनवास टोल के पास रोड़ जाम का एलान किया है। जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने 250 कर्मचारियों को तैनात किया है। हिसार- सिरसा हाइवे पर वाहनों को बरवाला रुट पर डायवर्ट किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक सरदानंद की अगुवाई में जाम का एलान किया गया है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद को लेकर की थोंपी गई शर्तों को किसी सूरत में नहीं मानेंगे। गेट पास और बायोमेट्रिक की जबरदस्ती बंद की जाए। किसान सरकार के नए खरीद नियमों के खिलाफ हैं। गेट पास , बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर नाम प्लेट को लेकर किसानों को बहुत दिक्कतें आएंगी। मंडियों के बाहर लंबी लाइनें लग जाएंगी। जब सरकार के पास किसान का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के जरिए पूरा ब्योरा है तो अब जबरदस्ती की शर्त लगाकर क्यों परेशान किया जा रहा है। सरकार कागजी जाल में फंसा कर उसे कुचल रही है। किसान एक ट्राली के साथ बायोमीट्रिक लगाने मंडी में आए या अपनी बची हुई फसल को बचाने का काम करे। किसान अपनी जमीन किसी को बटाई पर देता है, वह किराए पर किसी तीसरे व्यक्ति का ट्रैक्टर लेकर आता है तो तीनों का मिलान कैसे होगा। किसान नेता शमशेर नंबरदार ने बताया कि संयुक्त मोर्चा के आदेश अनुसार अगला फैसला लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि पुलिस के करीब 200 कर्मचारी लांधड़ी व मय्यड़ टोल पर तैनात किए गए हैं। एनएच पर मय्यड़ से अग्रोहा के बीच सभी प्रमुख चौक पर पुलिस बल तैनात है। फायर ब्रिगेड , एंबलुेंस को भी अलर्ट पर रखा गया है। एक इंस्पेक्टर के साथ 71 पुलिस कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। किसी तरह की शिकायत मिलने पर यह रिजर्व टीम तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। चिकनवास, अग्रोहा चौक पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। शहर में पुलिस के नाके लगाए गए हैं। 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी जमीन वहीं, शुक्रवार को सिरसा के गांव मीरपुर में 26 एकड़ गेहूं की फसल आग लगने से पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसान वीरेंद्र कुमार, ललित मोहन और अमित चंद का आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे रेलवे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन से किसी व्यक्ति द्वारा बीड़ी या जलती वस्तु फेंकने के कारण आग लगी। तेज हवा के चलते आग तेजी से खेतों में फैल गई और देखते ही देखते पकी फसल को चपेट में ले लिया। सूचना के बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और किसानों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक 26 एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी थी। महिलाओं ने बताया कि यह जमीन उन्होंने 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी। चार एकड़ फसल ही बच पाई है। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।  

रनिंग करते समय लोग कर रहे ये बड़ी गलती, डॉक्टर ने दी सलाह

रनिग ऐसी कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है जिससे हार्ट के साथ-साथ शरीर के कई मसल्स ट्रेन होते हैं. आजकल काफी सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें जिम जाने का समय नहीं मिल पाता तो वे लोग जिम की जगह रनिंग को अपनी डेली एक्टिविटी में शामिल किए हुए हैं. वहीं आजकल फिटनेस का क्रेज भी हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है तो सुबह-सुबह पार्कों और सड़कों पर दौड़ते लोग आम बात हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह मेहनत आपको फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है? हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट ने X पर बताया है कि ज्यादातर रनर्स गलत तरीके से ट्रेनिंग कर रहे हैं जिसका नेगेटिव असर भी हो सकता है. तो आइए रनिंग के दौरान लोग कौन सी गलती कर रहे हैं और सही तरीका क्या है, इस बारे में जान लेते हैं. क्या गलती कर रहे हैं लोग? हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने बताया, हम अक्सर रनिंग के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं लेकिन असली फिटनेस तेज दौड़ने में नहीं, बल्कि धीमे दौड़ने में छिपी है. यदि आपकी हर दौड़ आपको थकाकर चूर कर रही है तो आप ट्रेनिंग नहीं बल्कि खुद को थका रहे हैं.' 'फिटनेस की दुनिया में बोला जाता है कि तेज रनिंग करना चाहिए लेकिन फिजियोलॉजिकल यानी फिजिकल साइंस के लिहाज से तेज रनिंग करना सही नहीं है. हाई हार्ट रेट और हर बार रिकॉर्ड तोड़ने की होड़ शरीर पर एक्स्ट्रा दबाव डालती है. असल में परफॉर्मेंस में सुधार तब आता है जब आप अपने शरीर को समझने लगते हैं, न कि उसे हर वक्त लिमिट से पुश करने की कोशिश करते हैं. क्या है 'जोन 2-3' रनिंग का फंडा? डॉ. सुधीर ने समझाया, 'धीमी गति से रनिंग या जो 2-3 रनिंग हमारे माइटोकॉन्ड्रियल एफिशिएंसी को बढ़ाती है. यह हमारे शरीर का असली एंड्योरेंस इंजन है. दरअसल, जब आप धीमी गति से दौड़ते हैं तो आपकी रेस्टिंग हार्ट रेट कम होती है और एरोबिक बेस मजबूत होता है. इससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है और आप ज्यादा लंबे समय तक कंसिस्टेंसी के साथ दौड़ पाते हैं. इसके विपरीत लगातार तेज दौड़ने से थकान बढ़ती है और एक समय के बाद प्रोग्रेस रुक जाती है.' एथलीट्स का सीक्रेट फॉर्मूला यह सिर्फ एक थ्योरी नहीं है, बल्कि दुनिया के टॉप एथलीट्स इसी तरीके से ट्रेनिंग करते हैं. वे अपनी कुल ट्रेनिंग का 70 से 80 फीसदी हिस्सा आसान दौड़ को देते हैं. वे अपनी पूरी ताकत सिर्फ खास मौकों या रेस के लिए बचाकर रखते हैं. डॉ. सुधीर का कहना है कि अगर आप दौड़ते समय आसानी से बातचीत नहीं कर पा रहे हैं तो समझ लीजिए कि आपकी स्पीड जरूरत से अधिक है. हार्ट ट्रेन करें, ईगो को नहीं सोशल मीडिया पर अपनी स्पीड की फोटो-वीडियो दिखाने की होड़ अक्सर लोगों को चोटिल कर देती है. तेज दौड़ना सुनने में अच्छा लगता है लेकिन धीमी दौड़ आपको वास्तव में बेहतर बनाती है. डॉक्टर की सलाह साफ है कि अपने हार्ट को ट्रेन करें, अपने ईगो को नहीं. दौड़ना एक लंबी प्रोसेस है, इसे शॉर्टकट या दिखावे के चक्कर में खराब न करें. सही पेस वही है जिसमें आपका शरीर थके नहीं, बल्कि रिचार्ज महसूस करे.

सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल की रिहाई, काफिले के साथ निकला जेल से

हिसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। बदन पर सफेद कुर्ता-पायजामा, पैरों में ब्रांडेड शूज और चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल ने देशद्रोह मामले में शुक्रवार को 11 साल 5 महीने बाद जेल से बाहर कदम रखा। एहतियात के तौर पर पुलिस ने जेल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। इस वजह से ज्यादा लोग नहीं जुटे। कुछ लोग आए थे जो रोड के दोनों और व्यवस्थित तरीके से खड़े रहे और दूर से ही रामपाल को प्रणाम किया। जेल से बाहर आने के तीन मिनट में रामपाल लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ सोनीपत के लिए रवाना हो गया। शाम पांच बजकर 5 मिनट पर जैसे ही रामपाल जेल से बाहर आया गेट पर तैनात संतरी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इससे पहले सुबह करीब 10 बजे केस नंबर 428 में रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई। छह पुलिसकर्मियों और एक तहसीलदार की गवाही दर्ज की गई। अदालत ने सुनवाई अगली तारीख 16 मई तय की है। दोपहर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत में जमानती बॉन्ड भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। रामपाल की ओर से मिर्जापुर निवासी धर्मपाल और सतबीर बतौर जमानती अदालत में पेश हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन और सचिन दास की मौजूदगी में शाम करीब 4:30 बजे तक बेल बॉन्ड संंबधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद हाईकोर्ट से मिली जमानत आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। रिहाई से पहले जेल परिसर में ही रामपाल के साथ बंद अनुयायी बबीता और मनोज के भी बेल बॉन्ड जमा करवाए गए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। शाम 5 बजकर 5 मिनट पर जेल से बाहर आते ही रामपाल सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर सोनीपत स्थित पैतृक गांव धनाना रवाना हो गया। देशद्रोह के मामले में जेल में बंद रामपाल को हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को सशर्त जमानत दी थी। रामपाल को लेने के लिए दोपहर बाद 3.10 बजे परिजन वकीलों के साथ सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। वकील सचिन दास व एमएस नैन ने देशद्रोह और हत्या के मामले में एक-एक लाख रुपये के बेल बॉन्ड की प्रति और जमानत के आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। करीब पौने दो घंटे तक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रामपाल जेल से बाहर आया और मुख्य गेट के पास ही खड़ी गाड़ी में सवार हो गया। इसके बाद गाड़ियों का काफिला सोनीपत के लिए रवाना हो गया। काफिले में डिफेंडर, फॉर्च्यूनर गाड़ियां शामिल रहीं। हरियाणा पुलिस की एक गाड़ी काफिले को एस्कॉर्ट कर रही थी। हमें न्याय मिला, अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी जेल परिसर के बाहर रामपाल के भतीजे युद्धवीर ने बताया कि हमें बहुत लंबे समय बाद न्याय मिला है। धनाना से एक किलोमीटर पहले रामपाल का भव्य स्वागत किया जाएगा। उनका जेल से बाहर आना लाखों अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी है।  

जामनगर एयरपोर्ट पर सितारों की खास मुलाकात वायरल

10 अप्रैल को अनंत अंबानी ने धूमधाम से अपना जन्मदिन सेलिब्रेट किया. अनंत अंबानी के जन्मदिन के लिए बॉलीवुड सेलेब्स जामनगर पहुंचे थे. 11 अप्रैल की सुबह सेलेब्स जामनगर से मुंबई के लिए रवाना हुए. जामनगर एयरपोर्ट से सोशल मीडिया पर कई वीडियोज सामने आ रहे हैं. वीडियो में रणवीर सिंह और सलमान खान व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खुंटी से मिलते नजर आ रहे हैं. क्रिकेटर से मिले सलमान-रणवीर व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खुंटी ने इंस्टाग्राम पर रणवीर सिंह और सलमान खान संग मुलाकात का वीडियो शेयर किया है. वो जामनगर एयरपोर्ट पर उनसे मिले, और दोनों स्टार्स ने खुशी-खुशी ऑटोग्राफ दिए. रणवीर के साथ वीडियो शेयर करते हुए भीमा ने धुरंधर स्टार की तारीफ की और लिखा, धुरंधर रणवीर सिंह के साथ. कभी-कभी जिंदगी ऐसे पल देती है जो कभी भूलते नहीं. आज ऐसा ही दिन था. रणवीर सिंह से मिलने का मौका मिला. जिंदगी में बहुत लोगों से मिला हूं, लेकिन आज जो सादगी, विनम्रता और सम्मान मिला. वो सच में खास था. सुपरस्टार बनना तो एक बात है, लेकिन सच्चा इंसान बनना ही असली स्टार बनाता है.ये पल हमेशा याद रहेगा. रणवीर सिंह के अलावा वो सलमान खान से भी मिले. उन्होंने दबंग खान की तारीफ में लिखा कि सलमान खान के साथ. सपने लिमिट्स नहीं देखते वो हिम्मत देखते हैं. क्रिकेट फील्ड से सलमान खान से मिलना तक भीमा खुंटी के लिए गर्व का पल रहा.    

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ बनी ब्लॉकबस्टर, सारा अर्जुन ने उज्जैन में किए बाबा महाकाल के दर्शन

आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी के नए झंडे गाड़ रही है. रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म की जबरदस्त सफलता ने युवा एक्ट्रेस सारा अर्जुन को रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री का नया चमकता सितारा बना दिया है. इस बड़ी कामयाबी के बाद सारा अर्जुन बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचीं. दरअसल शनिवार का दिन सारा अर्जुन के लिए बेहद खास रहा. वह अपनी मां का जन्मदिन मनाने के लिए विशेष रूप से उज्जैन पहुंचीं. इस मौके पर उन्होंने विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना की. सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस की कई तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. जिसमें वह पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी नजर आ रही हैं. अपनी इस मंदिर यात्रा के दौरान सारा अर्जुन ने पारंपरिक गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें वह बेहद हमेशा की तरह खूबसूरत लग रही थीं. उन्होंने मंदिर की प्रसिद्ध 'भस्म आरती' में भी हिस्सा लिया. न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) से बात करते हुए उन्होंने शेयर किया कि मंदिर के अंदर का माहौल इतना शांत और दिव्य था कि वह पूरी तरह अभिभूत हो गईं. सारा अर्जुन ने क्या कहा? जब सारा से उनकी प्रार्थना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने भगवान से अच्छी सेहत, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी है. उन्होंने कहा, 'जब आप मंदिर में होते हैं, तो आप दुनिया की दूसरी चीजों के बारे में नहीं सोच पाते मैंने कुछ खास नहीं मांगा, बस परिवार की अच्छी सेहत और जीवन में सफलता की प्रार्थना की.' अगले प्रोजेक्ट पर दिया जवाब 'धुरंधर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने के बाद अब सबकी नजरें सारा के अगले प्रोजेक्ट पर हैं. जब पत्रकारों ने उनसे उनके फ्यूचर प्लान और अगली फिल्म के बारे में सवाल किया, तो सारा ने मुस्कुराते हुए आसमान की तरफ इशारा कर दिया. इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सब कुछ महाकाल के भरोसे छोड़ दिया है, तो उन्होंने सिर हिलाते हुए  'जी' कहा. धुरंधर की धुआंधार कलेक्शन जारी 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखी है और चौथे हफ्ते में भी इसकी सफलता का सिलसिला जारी है. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, रणवीर-सारा की इस फिल्म ने दुनिया भर में कुल 1,671.26 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है. इसमें से 1,263.26 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से आए हैं, जबकि विदेशों से इसकी कमाई 408 करोड़ रुपये रही है. अब यह फिल्म, वीकेंड के अंत तक दुनिया भर में 1,700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है. यह दुनिया भर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म के तौर पर 'पुष्पा 2: द रूल' (1,742 करोड़ रुपये) को पीछे छोड़ने के करीब पहुंच रही है. कौन हैं सारा अर्जुन? बता दें कि सारा अर्जुन मशहूर साउथ एक्टर राज अर्जुन की बेटी हैं. सारा ने अपने करियर की शुरुआत महज एक टॉडलर (नन्हीं बच्ची) के तौर पर की थी और 6 साल की उम्र से पहले ही वह 100 से ज्यादा विज्ञापनों में नजर आ चुकी थीं. उन्हें घर-घर में पहचान 'क्लिनिक प्लस' के विज्ञापन से मिली थी. इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्म 'देइवा थिरुमगल' और मणिरत्नम की 'पोन्नियिन सेलवन' में ऐश्वर्या राय के बचपन का किरदार निभाकर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. अब मात्र 20 साल की उम्र में रणवीर सिंह के साथ 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्मों (2025 और 2026) में काम करके उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बना ली है.