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महिला प्रीमियर लीग 2026: दीप्ति बनी सबसे महंगी टीम रिटेन, श्री चरनी ने भी छुआ करोड़ों का आंकड़ा

नई दिल्ली  महिला प्रीमियर लीग 2026 के लिए गुरुवार को नई दिल्ली में नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। महिला प्रीमियर लीग में पहली बार नीलामी के दौरान आरटीएम का इस्तेमाल किया गया। यूपी वॉरियर्ज ने दिग्गज ऑलराउंडर और पिछले सीजन में टीम की कप्तान रहीं दीप्ति शर्मा को 'आरटीएम' का इस्तेमाल करते हुए फिर से अपने साथ जोड़ा। श्री चरनी को दिल्ली की टीम ने खरीद लिया है. जिसके लिए उन्होंने 1.3 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. राधा यादव इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलती हुईं नजर आएंगी. इसके लिए उन्होंने 65 लाख रुपए खर्च किए हैं. भारतीय ऑलराउंडर हरलीन देओल को यूपी वॉरियर्स ने खरीदा है, जिसके लिए उन्होंने 50 लाख रुपए की बोली लगाई और अपनी टीम में शामिल करने में कामयाब रहीं. यूपी वॉरियर्ज ने दीप्ति शर्मा को रिटेन नहीं किया था। दीप्ति को रिटेन न करने का फैसला चौंकाने वाला था। वनडे विश्व कप 2025 में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में दीप्ति का अहम योगदान रहा था। गेंद और बल्ले से दमदार प्रदर्शन करने वाली दीप्ति को टूर्नामेंट का श्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। यूपी वॉरियर्ज के लिए भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। इसके बावजूद उन्हें रिटेन न किया जाना चौंकाने वाला फैसला था। नीलामी में यूपी वॉरियर्ज ने फिर से चौंकाया है। टीम ने इतिहास रचते हुए नीलामी में पहली बार आरटीएम का इस्तेमाल किया और दीप्ति शर्मा को 3.2 करोड़ की बड़ी कीमत पर फिर से अपने साथ जोड़ लिया। नीलामी में दीप्ति शर्मा मार्की खिलाड़ियों के पहले सेट का हिस्सा थीं। उनके लिए बोली की शुरुआत धीमी रही थी और शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स ने 50 लाख में उन्हें खरीदने का प्रयास किया था। इसके बाद यूपी वॉरियर्ज ने आरटीम का इस्तेमाल किया और 3.2 करोड़ में उन्हें अपने साथ जोड़ा। दीप्ति शर्मा 2023 से 2025 तक यूपी वॉरियर्ज के लिए खेल चुकी हैं और टीम की कप्तान रह चुकी हैं। तीन साल में दीप्ति ने टीम के लिए 25 मैचों में 27 विकेट लिए हैं और 507 रन बनाए हैं। यूपी वॉरियर्ज ने दीप्ति के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स को तीन बार अपनी कप्तानी में फाइनल में पहुंचाने वाली मेग लैनिंग को भी खरीदा है। ऐसे में देखना होगा कि टीम की कप्तानी दीप्ति करती हैं या मैनेजमेंट ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मेग लैनिंग पर भरोसा जताती है। महिला प्रीमियर लीग 2026 का आयोजन 9 जनवरी से 5 फरवरी तक होगा।

CM रेखा गुप्ता की बड़ी घोषणा: अब लोगों को मिलेगा बैंक में अटका पैसा

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ मुहिम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पत्रकारों से इस अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों को उनके बैंक खाते में फंसे रुपए मिलने में मदद मिलेगी। मौजूदा समय में बड़ी संख्या में लोगों के पैसे बैंक में फंसे हुए हैं। ऐसी स्थिति में इस योजना से लोगों को उनके पैसे बड़ी ही आसानी से मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सरकारों को आम जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं रहता है, लेकिन हमारी सरकार ऐसी नहीं है। वह आम जनता के हितों को हमेशा से ही सर्वोच्च प्राथमिकता देती हुई आई है। यह उसी का नतीजा है कि आज की तारीख में 'मेरी पूंजी, मेरा अधिकार' स्कीम शुरू की गई है। अब तक इस योजना से अनेक लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि कई बार पिता बैंक में पैसे जमा कराकर रखते हैं, लेकिन बेटे को इस बारे में जानकारी नहीं होती है। किसी ने म्युचुअल फंड में निवेश किया था, लेकिन परिवार में किसी को इस बारे में पता नहीं होता। पिता की मृत्यु के बाद उनकी तरफ से जमा कराए गए पैसे कहां-कहां रखे गए हैं? कभी-कभी इस बारे में भी बेटे को जानकारी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में यह योजना काफी कारगर साबित होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हमारी सरकार यही चाहती है कि आम जनता को उनका पैसा मिले। यह हमारी सरकार की पारदर्शिता है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आम जनता का एक भी पैसा बैंक न फंसा रहे। उन्हें उनका पैसा मिले। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इस योजना के माध्यम से यह भी साफ हो चुका है कि हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ काम करती है। बात जब पारदर्शिता की आती है तो हम किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं। दिल्ली की सीएम ने बताया कि अब तक केंद्र सरकार के वित्त विभाग की तरफ से आम जनता को 85 हजार करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है। इससे आम जनता को उनका फंसा हुआ पैसा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार भी इस दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा चुकी है। हमारी सरकार भी बैंकों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को उनका फंसा हुआ पैसा मिले। हम आगामी दिनों में इस संबंध में बैंक से वार्ता भी करेंगे।

गुना में खाद संकट बना मौत का कारण, लंबी लाइन में ठिठुरती महिला ने तोड़ा दम

गुना  मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाद संकट से किसान बेहद परेशान हैं. हालात ये है कि खाद वितरण केंद्रों के बाहर किसानों की लंबी कतारें रोजाना देखने को मिल रही हैं. कई किसान तो खाद लेने के लिए खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं. इसी अव्यवस्था ने एक आदिवासी महिला की जान ले ली. परिजन के अनुसार, बागरी डबल लॉक गोदाम पर लगातार 36 घंटे से ज्यादा लाइन में लगी सहारिया आदिवासी महिला भूरिया बाई की बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई. परिजनों के अनुसार भूरिया बाई मंगलवार सुबह से ही खाद लेने लाइन में लगी हुई थी. केंद्र पर भारी भीड़ और लंबे इंतजार के कारण किसान रातभर खुले आसमान के नीचे ही लाइन में पड़े रहते हैं. भूरिया बाई भी ठंड में जमीन पर रात गुजारने को मजबूर हुई. इसी दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे उल्टियां होने लगीं. परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार इस अचानक हुई मौत से सदमे में है और गांव में शोक का माहौल है. परिजनों ने शव को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है. खाद के लिए लग रही लंबी कतारें बागरी खाद वितरण केंद्र की स्थिति पिछले कई दिनों से बदतर बनी हुई है. महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर सभी खुले आसमान के नीचे कई-कई घंटे खड़े रहते हैं. जब थक जाते हैं, तो वहीं बैठ जाते हैं. घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया मौके पर पहुंचे. कलेक्टर ने बताया कि महिला लाइन में ही थी और तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं. शासन स्तर पर भी घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी जा रही है. विधायक ऋषि अग्रवाल ने साधा निशाना बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसान दो-दो दिन तक ठंड में खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि सरकार दावा करती है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. अगर खाद है तो किसानों को क्यों नहीं मिल रही? एक महिला की मौत हुई. इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने पूछते हुए कहा कि वे खुद रात में वितरण केंद्र पहुंचे थे, जहां काफी किसान लाइन में खड़े मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है. सरकार खाद की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू वितरण के दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि किसान भूख, ठंड और इंतजार में रातें गुजारने को मजबूर हैं.

आखिरी पलों का रोमांच! भारत ने मलेशिया को 4-3 से हराकर दिखाया दम

इपोह (मलेशिया) सुल्तान अजलान शाह कप 2025 में भारतीय हॉकी टीम ने मेजबान मलेशिया को 4-3 के रोमांचक मुकाबले में मात देकर टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। भारत के लिए सेल्वम कार्थी (7’), सुखजीत सिंह (21’), अमित रोहिदास (39’) और कप्तान संजय (53’) ने गोल किए। वहीं मलेशिया के लिए फैजल सारी (13’), फितरी सारी (36’) और कप्तान मरहान जलील (45’) ने गोल दागे। इस जीत के साथ भारत तीन मैचों में छह अंकों के साथ अंकतालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने पहला मुकाबला कोरिया के खिलाफ जीता था, जबकि दूसरे मैच में बेल्जियम से हार मिली थी। पहला हाफ: तेज शुरुआत, फिर मलेशिया की बराबरी भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों में ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। लगातार दबाव का फायदा टीम को 7वें मिनट में मिला जब सुखजीत के बेहतरीन मूव पर सेल्वम कार्थी ने आसान टैप-इन से गोल किया। हालांकि, पहले क्वार्टर के अंत में यशदीप सिवाच की गलती से मलेशिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे फैजल सारी ने गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरा क्वार्टर: भारत ने फिर बनाई बढ़त 21वें मिनट में अभिषेक के शॉट को रिबाउंड पर नियंत्रित करते हुए सुखजीत सिंह ने भारत के लिए दूसरा गोल किया। भारत को बढ़त बढ़ाने के अवसर मिले, लेकिन मलेशिया की डिफेंस ने और गोल नहीं होने दिया। हाफ टाइम तक भारत 2-1 से आगे रहा। तीसरा क्वार्टर: दोनों टीमों का कड़ा संघर्ष तीसरे क्वार्टर में शुरुआत भारत के पेनल्टी कॉर्नर से हुई, लेकिन टीम मौके को भुना नहीं पाई। इसके बाद 34वें मिनट में जुगराज सिंह को ग्रीन कार्ड मिला, जिसका फायदा उठाते हुए मलेशिया ने फितरी सारी की मदद से 2-2 की बराबरी कर ली। कुछ देर बाद भारत की ओर से अमित रोहिदास ने पेनल्टी कॉर्नर पर जोरदार हिट लगाकर स्कोर 3-2 कर दिया। क्वार्टर के आखिरी मिनट में सेल्वम कार्थी येलो कार्ड से बाहर हुए और मलेशिया ने खिलाड़ियों की संख्या का फायदा उठाते हुए कप्तान मरहान जलील के जरिए मैच को फिर बराबरी पर ला दिया (3-3)। आखिरी क्वार्टर: कप्तान संजय बने हीरो अंतिम क्वार्टर में मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर था। भारतीय गोलकीपर पवन ने एक कठिन शॉट रोककर स्कोर को बराबरी पर बनाए रखा। 53वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे कप्तान संजय ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर भारत को चौथी बार बढ़त दिलाई (4-3)। आखिरी मिनटों में मलेशिया को पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस और पवन के शानदार बचाव ने जीत सुनिश्चित कर दी। भारत ने मुकाबला 4-3 से अपने नाम किया। अगला मुकाबला भारत अपना अगला सुल्तान अजलान शाह कप 2025 मैच गुरुवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा।  

शनि की मार्गी स्थिति 28 नवंबर से शुरू, 2026 तक सकारात्मक प्रभाव जारी

इस समय शनि मीन राशि में वक्री हैं और 28 नवंबर 2025 को शनि मार्गी होने जा रहे हैं. शनि की सीधी चाल सभी 12 राशि वालों पर असर डालेगी. इनमें से कुछ राशियों के लिए यह बेहद शुभ रहेगी. शनि जुलाई 2026 तक मीन राशि में मार्गी रहेंगे और इन जातकों को बहुत लाभ देंगे. जानिए 24 घंटे बाद यानी कि 28 नवंबर से किन राशि वाले लोगों की जिंदगी में सकारात्‍मक बदलाव आने वाले हैं. नवग्रहों में शनि ग्रह 28 नवंबर की मध्यरात्रि से मार्गी हो रहे हैं। यह स्थिति 26 जुलाई 2026 तक बनी रहेगी। शनि के मार्गी होते ही विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। ग्रहों का वक्री और मार्गी होना देता है अलग परिणाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार भारतीय ज्योतिष में ग्रहों का वक्री या मार्गी होना अलग-अलग प्रभाव देता है। ग्रह किस राशि में यह परिवर्तन कर रहा है, यह भी परिणामों को प्रभावित करता है।उन्होंने कहा कि सौम्य और पाप ग्रहों का वक्रत्व काल और मार्गी स्थिति दोनों ही प्रकृति और जनमानस पर भिन्न प्रभाव डालते हैं। शनि वर्तमान में मार्गी हो रहे हैं और जुलाई 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे, जिसके बाद उनका वक्री काल पुनः शुरू होगा। मीन राशि में शनि- टेक्नोलॉजी और संचार में बड़े बदलाव शनि का मीन राशि में संचरण तकनीकी और संचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा।     नई तकनीकों का विकास तेज होगा     तकनीकी संचार में त्रुटियों में कमी आएगी     सूचना के नए सेगमेंट तक पहुंच आसान होगी ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भारतीय वायु सेना, रॉकेट तकनीक, इसरो और इनसेट से जुड़े सिस्टम थ्योरी में भी बड़े बदलाव होने की संभावना है। ये परिवर्तन आने वाले समय में भारत की अंतरिक्ष और सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेंगे। धर्म और आध्यात्म की ओर बढ़ेगी रुचि शनि का मीन राशि में मार्गी होना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अनुकूल माना जाता है।मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, और बृहस्पति और शनि के बीच नैसर्गिक दृष्टि संबंध होने से जनमानस में धर्म और आध्यात्म की ओर विशेष आकर्षण बढ़ेगा।लोग आंतरिक शांति के लिए प्रकृति, योग, ध्यान और देवालयों की ओर अधिक झुकाव महसूस करेंगे। शनि के लोहे का पाया कैसे निर्धारित होता है? ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि के तांबे का पाया गोचर के समय चंद्रमा की स्थिति के आधार पर पाया तय होता है. शनि के राशि परिवर्तन के समय आपकी चंद्र राशि से शनि के 4, 8 और 12वें भाव में होने पर लोहे का पाया बनता है. ज्योतिष में शनि के लोहे के पाए को एक अशुभ स्थिति माना जाता है.

राजधानी में 53KM लंबा नदी किनारा साइकिल ट्रैक तैयार, पूरी प्लानिंग एक नजर में

नई दिल्ली  दिल्ली में यमुना किनारे 53 किलोमीटर लंबे साइकिल कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं. वजीराबाद बैराज से लेकर एनएच-24 और आगे कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर राजधानी में ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा देगा. तीन चरणों में बनने वाली इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. साइकिल ट्रैक निर्माण के लिए सभी विभागों से लगभग स्वीकृतियां मिल चुकी हैं, लेकिन रेलवे से NOC अभी भी लंबित है. पुराने यमुना रेल पुल के पास ट्रैक बनाने के लिए रेल मंत्रालय की अनुमति अनिवार्य है. बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों से इस परियोजना की प्रगति की जानकारी ली. अधिकारियों ने बैठक में सीएम को बताया कि रेलवे से संबंधित स्वीकृति अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय मिलने की उम्मीद है. बाकी विभाग पीडब्ल्यूडी, डीडीए, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, ऊर्जा विभाग और एनएचएआई पहले ही अपनी मंजूरी दे चुके हैं. यमुना के दोनों किनारों पर बनेगा ट्रैक परियोजना के तहत यमुना नदी के दोनों तरफ अलग-अलग हिस्सों में साइकिल कॉरिडोर बनाया जाएगा. अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि इस ट्रैक को कई जगह नदी पार करते हुए जोड़ा जाएगा, जिससे यह 53 किलोमीटर का पूरा नेटवर्क एक-दूसरे से सुचारू रूप से जुड़ सके. यह दिल्ली में साइक्लिंग को एक बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने वाली पहली संगठित परियोजना मानी जा रही है. तीन चरणों में होगा विकास साइकिल कॉरिडोर का विकास तीन चरणों में होगा. पहले चरण में पुराने यमुना रेल पुल से एनएच-24 तक ट्रैक बनाया जाएगा, दूसरे चरण में एनएच-24 से कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक मार्ग तैयार किया जाएगा और तीसरे चरण में वजीराबाद यमुना बैराज से पुराने यमुना रेल पुल तक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से जुड़ा टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां अंतिम दौर में हैं और रेलवे से NOC मिलते ही पहला चरण शुरू कर दिया जाएगा, जिसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. पर्यावरण संरक्षण में बड़ी पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके विकसित होने के बाद यमुना किनारे ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और लोगों को नेचर फ्रेंडली स्पेस में घूमने, साइकिल चलाने और समय बिताने का नया विकल्प मिलेगा.  

शिवराज सिंह चौहान ने देखा पंजाब का पराली समाधान, जानें कैसे काम कर रहा है ये गांव

चंडीगढ़  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब दौरे पर हैं. यहां वे किसानों, मनरेगा लाभार्थियों और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों में संवाद करने वाले हैं. इसी कड़ी में वे आज शिवराज चौहान मोगा के रणसिंह कलांपहुंचे. यहां उन्होंने किसानों के साथ बैठकर खाना खाया और मनरेगा में काम करने वाले लोगों से बातचीत की. इसके साथ ही उन्होंने यहां के पराली मैनेजमेंट को समझा. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा “मैं पराली मैनेजमेंट पर हुए काम को देखना चाहता हूं, जहां पराली को जलाने के बजाय खेतों में मिलाया गया है. मैं इसे पूरे देश को दिखाना चाहता हूं. मैं अभी रणसिह कलां आया हूं, और यहां के लोगों का प्यार और स्नेह अद्भुत है.”   रणसिंह कलांमें पराली जलाना है बंद पंजाब के मोगा जिले का रणसिंह कलां गांव देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के किसान एक तरह से मिसाल बन गए हैं. इस गांव के किसानों ने पिछले सालों से पराली नहीं जलाई गई है. यहां किसानों ने पराली को जलाना पूरी तरह से बंद कर दिया है. 2019 में पंचायत द्वारा पराली जलाने पर बैन लगाने के बाद से 150 किसानों ने 1301 एकड़ में खड़ी पराली को जलाए बिना खेतों की मिट्टी में मिला दिया. इससे मिट्टी उपजाऊ भी हुई है. इसके साथ ही खाद की मांग घट गई है. कैसे नष्ट हो रही पराली रणसिंह कलांगांव में किसानों ने पराली जलाने के बजाय इसे खेतों में ही खत्म करना शुरू कर दिया है. किसानों सुपर सीडर जैसी मशीनों का यूज करके पराली को मिट्टी में मिला रहे हैं. इसके अलावा किसान सोसायटी भी चला रहे हैं. इसके जरिए पराली को खेतों में मिलाने के लिए जरूरी उपकरण खरीदे गए हैं. जिनसे काम किया जा रहा है. रणसिंह कलां की इस पहल के बाद आसपास के गांव भी इसे अपना रहे हैं. यही वजह है कि खुद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रणाली को देखने पहुंचे हैं. यहां उन्होंने किसानों से पूरी प्रक्रिया को समझा है. यहां किसानों को पराली न जलाने पर मुआवजा भी दिया जाता है. इसके साथ ही लकी ड्रा भी कराया जाता है.  

BJP का पाकिस्तान पर हमला: राम मंदिर मुद्दे पर बयान को बताया दोहरापन, दिलाया ओसामा की याद

अयोध्या  अयोध्या में भव्य तरीके से किए गए राम मंदिर ध्वज रोहण कार्यक्रम को लेकर पाकिस्तान ने एक बयान जारी किया था। उसके इस बयान को लेकर विदेश मंत्रालय पहले ही उसकी आलोचना कर चुका है। अब भारतीय जनता पार्टी ने भी पाकिस्तान को उसके गिरेबान में झांकने का संकेत देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर पाकिस्तान का बोलना ऐसा है मानो 'ओसामा बिन लादेन दुनिया को शांति का संदेश दे रहा हो।'   भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मोर्चा संभालते हुए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान जैसे देश को किसी को अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों पर भाषण नहीं देना चाहिए। वह जरा अपने रिकॉर्ड पर नजर डालें… सबसे मजेदार बात यह है कि वह यह सब 26/11 के दिन कह रहे हैं। ठीक उसी दिन जब उन्होंने सबसे घृणित आतंकवादी हमला किया था, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूनावाला ने कहा, "पाकिस्तान में आईएसआई और आर्मी का ढांचा कई समुदायों को प्रताड़ित करता है। इसलिए उन्हें दूसरे देशों को इस मामले में भाषण देने का कोई हक नहीं है।" क्या कहा था पाकिस्तान ने? अयोध्या में राम मंदिर के ऊपर पीएम मोदी के ध्वजारोहण करने के बाद पाकिस्तान की तरफ से एक बयान जारी किया गया था। इस बयान अयोध्या में हुए इस आयोजन को मुस्लिम विरासत को मिटाने का प्रयास और भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दबाव का संकेत बताया था। विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब इस्लामाबाद की तरफ से जारी इस बयान पर विदेश मंत्रालय ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सीधे शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान की टिप्पणियों को देखा है और हम उन्हें पूरी तरह से खारिज करते हैं। एक ऐसा देश जिसका इतिहास कट्टरता, दमन और अपने ही अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न से भरा हुआ हो, उसे दूसरों को नैतिक ज्ञान नहीं देना चाहिए। पखांडी बयान देने की बजाय पाकिस्तान को अपने अंदर झांकना चाहिए और अपने देश के मानवाधिकार रिकॉर्ड को देखना चाहिए।" इससे पहले भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पाकिस्तान के साथ-साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भारत में इस्लामाफोबिया और हिंदुत्व पाकिस्तान की एक अलग राय है। लेकिन एक बात हमेशा हैरान करती है कि यह राय विपक्ष से मेल कैसे खाती है। खासतौर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस से.. यह दोनों की भाषा मेल खाती है।  

मोदी–पुतिन वार्ता अहम मोड़ पर: S-400 की अतिरिक्त स्क्वाड्रन और Su-57 डील पर सभी की निगाहें

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 5 दिसंबर बेहद अहम द्विपक्षीय सम्मेलन होने वाला है। इसमें भारत अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए पांच अतिरिक्त एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम स्क्वाड्रन की मांग कर सकता है। यह कदम हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सिस्टम के शानदार प्रदर्शन के बाद उठाया जा रहा है, जहां इसने पाकिस्तानी मिसाइलों, ड्रोनों और विमानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया था। S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस स्क्वाड्रनों के अलावा, पहले से शामिल स्क्वाड्रनों के लिए बड़ी संख्या में मिसाइलों की खरीद भी इस बातचीत का मुख्य हिस्सा होगी। रूस भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Sukhoi-57 की दो से तीन स्क्वाड्रन बेचने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका F-35 लाइटनिंग-II को एक विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। हालांकि, भारत ने अभी तक किसी भी विमान पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि IAF के लिए दो-तीन स्क्वाड्रन पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का अधिग्रहण एक उपयोगी अंतरिम समाधान हो सकता है, जब तक कि स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट 2035 के आसपास तैयार नहीं हो जाता। लेकिन Su-57, F-35 या किसी अन्य विकल्प पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। 84 Sukhoi-30MKI विमानों का होगा बड़ा अपग्रेड कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) जल्द ही 63000 करोड़ रुपये की लागत से पहले बैच के 84 Sukhoi-30MKI विमानों के अपग्रेड को मंजूरी देगी। यह भारतीय वायुसेना की रीढ़ माने जाने वाले रूसी मूल के विमानों को अगले 30 वर्षों तक एयर कॉम्बैट के लिए सक्षम बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम है। अपग्रेड में शामिल होंगे-     आधुनिक AESA रडार     एडवांस एवियोनिक्स     लंबी दूरी के हथियार     मल्टी-सेंसर फ्यूजन तकनीक सूत्रों के अनुसार, अपग्रेड स्थानीय स्तर पर किया जाएगा, पर रूस की भी इसमें सीमित भूमिका होगी। अमेरिका के साथ बढ़ते रक्षा सौदे अमेरिका के साथ भारत ने पिछले 15 वर्षों में 26 अरब डॉलर से अधिक के रक्षा सौदे किए हैं। हाल ही में भारत ने 113 GE-F404 इंजन (तेजस MK-1A) के लिए 8,900 करोड़ रुपये का समझौता किया। नौसेना के MH-60R Seahawk हेलिकॉप्टरों के लिए 7,000 करोड़ रुपये का फॉलो-ऑन सपोर्ट पैकेज मंजूर किया। ट्रंप प्रशासन के अधिक लेन-देन आधारित रुख के बावजूद भारत रूस और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। S-400 डिलीवरी में तेजी की उम्मीद रूस ने भरोसा दिलाया है कि 2018 में हुए 5.4 अरब डॉलर के S-400 सौदे के अंतिम दो स्क्वाड्रन नवंबर 2026 तक भारत को सौंप दिए जाएंगे। यूक्रेन युद्ध के चलते इसमें देरी हुई थी। साथ ही, रक्षा मंत्रालय ने लगभग 10,000 करोड़ रुपये की लागत से S-400 मिसाइलों की बड़ी खरीद को भी मंजूरी दी है, ताकि पाकिस्तान के साथ हालिया तनाव में उपयोग की गई मिसाइलें पुनः भरी जा सकें और भविष्य के लिए रणनीतिक भंडार तैयार किए जा सकें। IAF ने पांच और S-400 स्क्वाड्रनों की मांग भी रखी है। इसके अलावा, रूस भारत में S-400 के लिए MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) सुविधा स्थापित करेगा। ऑपरेशन सिंदूर में S-400 का प्रदर्शन रहा ‘गेमचेंजर’ IAF प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने हाल ही में कहा कि S-400 सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 314 किमी की दूरी पर यानी अब तक की सबसे लंबी हवाई मार करते हुए कम से कम पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया था जिनमें F-16 और JF-17 श्रेणी के विमान शामिल थे। उन्होंने S-400 को ऑपरेशन का गेमचेंजर बताया।

मैच से पहले टिकटों की मारामारी, ब्लैकरों की चांदी—IND vs SA ODI में धड़ल्ले से बिकी ब्लैक टिकटें

झारखंड  झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच होगा। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच होगा। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। पुरुष और महिलाएं लाइन में खड़े दिखाई दिए बीते बुधवार को वनडे मैच देखने के लिए टिकट बिक्री का अंतिम दिन था। पहली ही पाली में सस्ते टिकट खत्म हो गए। इसका फायदा ब्लैकरों ने खूब उठाया। ब्लैकरों ने 1,600 रुपये का टिकट 4,000 रुपये में, 1,900 रुपये का टिकट 4,500–5,000 रुपये में और 2,200 रुपये रेंज के टिकट 5,500 रुपये तक बेचे। पूछताछ में एक ब्लैकर ने बताया कि वह महिलाओं और बच्चों को रातभर 500 रुपये देकर लाइन में खड़ा करता है, जिससे बड़ी संख्या में टिकट उसके पास पहुंच जाते हैं। वहीं, टिकट के लिए लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पुरुष और महिलाएं लाइन में खड़े दिखाई दिए। दोपहर में डेढ़ बजे से खेले जाएगा मैच बता दें कि क्रिकेट प्रेमियों में इस मैच को लेकर खास रोमांच है क्योंकि काफी समय बाद रांची में एकदिवसीय मुकाबला आयोजित हो रहा है। यह मुकाबला भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाला है। इस बार टेस्ट नहीं, बल्कि वनडे में दोनों टीमें आमने सामने होंगी। तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज होने वाला है। सीरीज में कुल मिलाकर तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच 30 नवंबर को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरे मुकाबले के लिए दोनों टीमें रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगी। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला विशाखापट्टनम में खेला जाएगा, जो 6 दिसंबर को होगा। सभी तीन के तीन मैच दोपहर में डेढ़ बजे से खेले जाएंगे। इससे आधे घंटे पहले यानी ठीक एक बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर आएंगे। मैच चुंकि 50 ओवर का होगा, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि रात करीब दस बजे तक मैच खत्म भी हो जाएगा।