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खुशबू डेढ़ साल से लिव-इन में थी, बॉयफ्रेंड कासिम के साथ गर्भावस्था में हुई मौत का रहस्य

भोपाल मॉडल खुशबू वर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 वर्षीय मॉडल गर्भवती थी और उसकी फैलोपियन ट्यूब (गर्भाशय नली) पंक्चर हो गई थी, जिससे प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन के चलते मौत होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में मॉडल का बॉयफ्रेंड कासिम पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। कासिम और खुशबू पिछले डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। कासिम ने खुद को निर्दोष बताया है, जबकि खुशबू के परिजनों ने उस पर मारपीट का आरोप लगाया है। प्रेग्नेंट थी मॉडल खुशबू वर्मा खुशबू वर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वह गर्भवती थी और उसकी बच्चेदानी की नली फट गई थी। यह प्रेग्नेंसी से जुड़ी जटिलता के कारण हुई मौत का मामला हो सकता है। पुलिस इस मामले में मॉडल के बॉयफ्रेंड कासिम से पूछताछ कर रही है, जो फिलहाल हिरासत में है। कासिम और खुशबू पिछले डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। 'गर्भ में पल रहा बच्चा मेरा' कासिम ने पुलिस को बताया कि खुशबू के गर्भ में उसका ही बच्चा था। उन्होंने एक-दूसरे को दो साल से जानने की बात कही है। उनकी मुलाकात एक लाउंज में हुई थी और फिर सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू हुई। 16 महीने पहले उन्होंने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया और लिव-इन में रहने लगे। कासिम ने यह भी कहा कि वे जल्द ही शादी करने वाले थे और उन्होंने हाल ही में अपने परिजनों को इस बारे में सूचित किया था। दो महीने पहले विवाद का खुलासा कासिम ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसने खुशबू के साथ कभी मारपीट नहीं की और न ही उसके साथ किसी तरह का गलत बर्ताव किया। हालांकि, खुशबू की बड़ी बहन काजल अहिरवार ने पुलिस को बताया कि दो महीने पहले लटेरी में रहने वाले कासिम के एक दोस्त की पत्नी से खुशबू का विवाद हुआ था, तब कासिम ने ही खुशबू से मारपीट की थी। डेढ़ महीने से फ्लैट में लगा था ताला खुशबू और कासिम भानपुर मल्टी में साथ रह रहे थे, लेकिन करीब डेढ़ महीने से उनके फ्लैट में ताला लगा हुआ था। इसका कारण यह था कि कासिम शराब तस्करी के मामले में जेल चला गया था। जेल से आने के बाद दोनों फिर से साथ रहने लगे थे। खुशबू की मां ने पुलिस को बताया कि दोनों उज्जैन से भोपाल आ रहे थे, तभी रास्ते में बेटी की तबीयत बिगड़ गई। कासिम उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन बेटी को बेसुध देखकर वह भाग गया। मां ने इंसाफ की गुहार लगाई है और बेटी की हत्या करने वाले को सख्त सजा देने की मांग की है। खुशबू ने बीच में छोड़ दी पढ़ाई पुलिस के अनुसार, खुशबू बीए फर्स्ट ईयर के बाद पढ़ाई छोड़ चुकी थी और तीन साल से भोपाल में रह रही थी। उसने कई लोकल ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग की थी और पार्ट टाइम जॉब करके अपना खर्च चलाती थी। वह अपनी मां से हमेशा बहुत आगे जाने की बात करती थी। डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन के कारण मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन शरीर पर चोटों की पुष्टि नहीं हुई है। कासिम से पूछताछ की जा रही है। अस्पताल छोड़कर भाग गया कासिम मॉडल के परिवार वालों ने उसके दोस्त कासिम पर हत्या क आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि मुस्लिम बॉयफ्रेंड कासिम उसे अस्पताल में छोडकऱ भाग गया। अस्पताल इंदौर रोड स्थित भैंसाखेड़ी में है। परिजनों का आरोप है कि खुशबू के प्राइवेट पार्ट, कंधे और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। उसकी हत्या की गई है। डॉक्टरों ने दी पुलिस को सूचना डॉक्टरों ने जांच के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार को पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस ने ही परिवार को सूचना दी। शरीर पर भी चोट के निशान डीसीपी बोले- शॉर्ट पीएम में चोट की पुष्टि नहीं डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन के कारण मौत की पुष्टि हुई। शरीर पर चोटों की पुष्टि नहीं हुई है। कासिम से पूछताछ की जा रही है। एमपी में 283 लव जिहाद के मामले दर्ज एमपी विधानसभा के पिछले सत्र में एक सवाल के जवाब में दी गई जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत 283 मामले दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े जनवरी 2020 से 15 जुलाई 2024 तक के हैं। सबसे अधिक मामले इंदौर और भोपाल में आए हैं। इंदौर में 74 और भोपाल में 33 मामले दर्ज हुए हैं। खंडवा और उज्जैन में 12-12 मामले दर्ज हुए हैं। छतरपुर में 11 मामले दर्ज हैं। बता दें इस कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।  

रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियो आकांक्षा सत्यवंशी ने मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से की सौजन्य भेंट

रायपुर : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने की मंत्री एवं सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब से सौजन्य भेंट गुरु खुशवंत साहेब ने शाल, फल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री एवं सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब जी  से आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ सु आकांक्षा सत्यवंशी ने उनके नवीन आवास नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान आकांक्षा सत्यवंशी ने गुरुगद्दी की पूजा-अर्चना कर गुरु खुशवंत साहेब को फल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर गुरु खुशवंत साहेब ने भी परंपरानुसार शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आकांक्षा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्वकप जीत में उनके अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी ने अपने परिश्रम, लगन और निष्ठा से यह सिद्ध किया है कि यदि प्रतिभा को अवसर मिले तो वह विश्व मंच पर भी छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन कर सकती है। वे न केवल छत्तीसगढ़ की बेटी हैं, बल्कि सतनामी समाज की भी गौरव हैं। उन्होंने आगे कहा कि  आकांक्षा जैसी बेटियाँ छत्तीसगढ़ की नई दिशा और समाज की प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि समर्पण और शिक्षा के बल पर हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। सतनामी समाज और छत्तीसगढ़ की हर बेटी में असीम ऊर्जा और प्रतिभा है, हमें उन्हें अवसर, सम्मान और मंच देना होगा ताकि वे विश्व स्तर पर समाज और प्रदेश का गौरव बढ़ा सकें। गुरु खुशवंत साहेब ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल एवं युवा सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में खेल अकादमियों, खेल विज्ञान केंद्रों और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। इस अवसर पर मंत्री एवं गुरु खुशवंत साहेब ने आकांक्षा सत्यवंशी से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों से प्रदेश के खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों को खेल और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दें, जिससे राज्य और समाज दोनों का नाम गौरवान्वित हो। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब जी ने आकांक्षा सत्यवंशी जी को छत्तीसगढ़ सरकार, सतनामी समाज और प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मंत्री रामविचार नेताम बोले: जनजातीय गौरव के लिए हमें सबके साथ मिलकर काम करना होगा

रायपुर : जनजातीय गौरव के लिए हम सबक को मिलकर काम करना होगा: मंत्री  रामविचार नेताम 'जनजातीय समाज का गौरवशाली ऐतिहासिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक योगदान’ विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न रायपुर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम  नवा रायपुर अटल नगर स्थित आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में जनजातीय समाज का गौरवशाली ऐतिहासिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक योगदान’’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए।  आदिम जाति विकास मंत्री  नेताम ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत काफी समृद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है। इस वर्ष बिरसा मुण्डा जी के 150वीं वर्ष पूर्ण होने पर 15 से 20 नवंबर तक जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा चल रहा है। 15 नवंबर को सभी जिलों सहित आश्रम-छात्रावासों में वृहद रूप से जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर जनजातीय नृत्य, गीत-संगीत, लोक कला, वाद-विवाद, भाषण, पेंटिंग सहित विविध आयामों पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ की धरती अंबिकापुर में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से विजेताओं, कलाकारों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।  आदिम जाति कल्याण मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती अंबिकापुर में जनजातीय समाज के ही सर्वोच्च पद पर स्थापित राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आ रही है। यह हम सब के लिए गौरव की बात है। हमें कार्यक्रम में संवेदनशीलता के साथ सहभागी बनते हुए कार्यक्रम को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि विरासत से प्रेरणा लेने से विकास के लिए नयी दिशा भी बनती है। उन्होंने कहा कि विरासत के स्वतंत्रता आंदोलन, अध्यात्म और संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक विकास में योगदान को स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाली नयी पीढ़ियों को पुरखों के योगदान से अवगत कराएं ताकि उनसे प्रेरणा ले ओर सही दिशा में भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से जनजातीय बाहुल्य गांवों का कायाकल्प किया जा रहा है। कार्यशाला को अध्यक्ष स्थानीय स्वास्थ्य एवं औषधीय पादप बोर्ड  विकास मरकाम, अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग  रूपसिंह मण्डावी तथा मुख्य वक्ता  रामाधार कश्यप ने भी संबोधित किया।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख संिचव  सोनमणि बोरा ने कार्यशाला में कहा कि विभाग जनजातीय गौरव एवं अस्मिता के संरक्षण हेतु दस्तावेजीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभाग द्वारा आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ ही नयी पहल करते हुए समय-सीमा निर्धारित कर छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वही सुदूर अंचल में निवासरत जनजाति परिवारों एवं उस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से विकास की दिशा में तत्परता से काम कर रही है। यह भी गौरव का विषय है कि हाल ही में 01 नवम्बर को राज्योत्सव के मौके पर देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के करकमलों द्वारा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह संग्रहालय का उद्घाटन हुआ है। स्वागत भाषण टीआरटीआई की संचालक मती हीना अनिमेश नेताम ने दिया और आभार प्रदर्शन आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर ने किया। कार्यशाला में सभी जिलों के सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास, वनवासी कल्याण समिति, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर: डिजिटल सुरक्षा को बनाएं आम जनता की प्राथमिकता, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ें — मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर : डिजिटल सुरक्षा को जनआंदोलन बनाएं, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ें- मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब  रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन संस्था के ऑडिटोरियम में किया गया। संगोष्ठी का विषय था- “साइबर और डिजिटल सुरक्षा, डिजिटल युग में चुनौतियाँ और अवसर।”  डिजिटल युग में सजगता और कौशल ही सुरक्षा की कुंजी -मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब प्रदेश के मंत्री, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि डिजिटल युग में हमारा व्यवहार भी डिजिटल हो गया है, इसलिए डिजिटल सुरक्षा अब हमारी जिम्मेदारी बन गई है। हमें तकनीक का उपयोग समझदारी, संवेदनशीलता और सुरक्षा के साथ करना होगा।  उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य का अपना ‘नवा अंजोर 2047 विज़न डॉक्यूमेंट’ जारी किया गया है, जो राज्य को नवाचार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप है।  हमारे युवा नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा ज्ञान, विज्ञान, कौशल और तकनीक के बल पर राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं। अब समय है कि हमारे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। मंत्री ने छात्राओं को आह्वान किया कि वे साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों की बारीकियों को समझें। उन्होंने कहा भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के युवा इस क्रांति के हिस्सेदार बनें।  भारत का बैंकिंग सिस्टम विश्व में सबसे मजबूत उन्होंने डिजिटल ट्रांजैक्शन के संदर्भ में सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि भारत का बैंकिंग सिस्टम आज विश्व का सबसे मजबूत सिस्टम है, लेकिन इसके सुरक्षित उपयोग की जिम्मेदारी हमारी है। हर व्यक्ति को डिजिटल साक्षर और साइबर जागरूक बनना चाहिए। कार्यक्रम की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जागरूक, कुशल और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। यह पहल ‘सुरक्षित डिजिटल छत्तीसगढ़’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी शिक्षा के नए आयामों पर चर्चा- डॉ. एम. एल. अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. एम. एल. अग्रवाल, अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय छ.ग., ने अपने वक्तव्य में तकनीकी शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार सीजीआईटी संस्थानों की शुरुआत की गई है और तीन नए संस्थान प्रस्तावित हैं, जो युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों के व्याख्यान से समृद्ध हुए तकनीकी सत्र संगोष्ठी के प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. डॉ. नरेश नागवानी (एनआईटी रायपुर) ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर जानकारी दी और डिजिटल सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध टूल्स की जानकारी साझा की। द्वितीय सत्र में प्रो. डॉ. संजय कुमार (पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) ने डिजिटल युग में उभरती चुनौतियों एवं उनके समाधान पर व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम में 150 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता, राष्ट्रीय स्तर के 18 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु संस्था की प्राचार्य डॉ. वर्षा चौरसिया ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं आयोजन टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले — बस्तर में सरकार की प्राथमिकता है सुरक्षा, शांति और विकास

रायपुर : बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास सरकार की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने माओवादियों से हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटने की अपील रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज बीजापुर जिला कार्यालय के इन्द्रावती सभागार में बीजापुर और सुकमा जिले के जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों तथा समाज प्रमुखों, मांझी, चालकी, गायता, पुजारी और पटेलों से संवाद किया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि बस्तर को अमन, चैन, शांति और सुरक्षा के साथ विकास के पथ पर अग्रसर करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार हर हाल में बस्तर को हिंसा मुक्त करने के लिए संकल्पित है। बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से बस्तर संभाग के आदिवासी अंचल विकास से वंचित रहे हैं, पर अब समय आ गया है कि सभी मिलकर बस्तर को शांति और प्रगति के मार्ग पर ले जाएँ।  शर्मा ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय गृहमंत्री ने सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए समयसीमा तय की है। इसी दिशा में शासन की ‘पुनर्वास नीति 2025’ के अंतर्गत बड़ी संख्या में माओवादी संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रमुखों से आग्रह किया कि वे भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पहल करें।  शर्मा ने कहा कि यदि समय रहते पुनर्वास नहीं किया तो सुरक्षा बल अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे। जो लौट आएंगे, उनका लाल कालीन बिछा कर स्वागत किया जाएगा और उनके सुनहरे भविष्य के लिए सरकार संकल्पित है। गृहमंत्री ने बताया कि जगदलपुर में  210 माओवादी एक साथ हथियारों छोड़कर पुनर्वास कर चुके हैं, जिनमें 92 युवा बीजापुर जिले के हैं। ये सभी पुनर्वास केंद्र में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित परिवारों से अपील की कि वे अपने पुनर्वासित परिजनों से मिलने जरूर जाएँ ताकि उन्हें भी प्रोत्साहन मिले एवं अन्य भटके हुए युवाओं को भी लौटने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि वे स्वयं पूर्वर्ती गांव की नक्सल लीडर हिड़मा की वृद्ध माता से मिलकर उनके पुत्र को हिंसा छोड़ने और समाज की मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी, कलेक्टर  संबित मिश्रा, डीएफओ  रंगानाथन रामाकृष्णन वाय, सीईओ जिला पंचायत मती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व  संदीप बलगा, सहित जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच, समाज प्रमुख एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों को पानी की कमी न हो, रबी सीजन में सुनिश्चित की जाए सिंचाई : मंत्री सिलावट

किसानों को रबी फसलों के लिये मिले पर्याप्त पानी : जल संसाधन मंत्री  सिलावट प्रदेश के जलाशयों में जल-भराव की स्थिति बहुत अच्छी बाँध सुरक्षा संबंधी हुई बैठक भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि किसानों को रबी की फसलों की सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिले, यह सुनिश्चित किया जाये। प्रदेश में रबी फसलों के लिये आगामी 15 नवम्बर से पानी छोड़ा जायेगा। इसके पूर्व जल-स्रोतों, नहरों आदि की मरम्मत का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाये, जिससे डाउन स्ट्रीम के हर किसान के खेत तक पानी पहुँच सके। इस बार प्रदेश के जलाशयों में जल-भराव की स्थिति बहुत अच्छी है। प्रदेश के प्रमुख 286 जलाशयों में औसत जल-भराव 97 प्रतिशत है। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने सोमवार को मंत्रालय में बाँध सुरक्षा संबंधी बैठक में ये निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा, मुख्य अभियंता बोधी परियोजना  आर.डी. अहिरवार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को 3 बड़ी परियोजनाएँ केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और मेगा ताप्ती दी गईं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि जो अंतर्राज्यीय योजनाएँ लंबित हैं, उनके समाधान के विषय में प्रयास करें। आरआरआर (रिपेयर, रिनोवेशन और रेस्टोरेशन) एवं ईआरएम (एक्सटेंशन, रिनोवेशन एण्ड मोडर्नाइजेशन)योजनाओं संबंधी प्रस्ताव केन्द्र सरकार को तैयार कर भिजवाये जायें। बाँधों की सुरक्षा के लिये आईआईटी दिल्ली एवं रुढ़की के साथ होगा एमओयू मंत्री  सिलावट ने कहा कि सरकार के लिये बाँधों की सुरक्षा उच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में मध्यप्रदेश सरकार शीघ्र ही आईआईटी रुढ़की और आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू करेगी। प्रदेश में गाँधी सागर बाँध की सुरक्षा के दृष्टिगत 29 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से बाँध सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिये निविदा की जा चुकी है और कार्य प्रगतिरत है। बाँध सुरक्षा अधिनियम-2021 के अंतर्गत समस्त निर्दिष्ट बाँधों का फ्लड रिव्यू, बाँधों पर इंस्ट्रूमेंटेशन और अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाये जाने का कार्य किया जायेगा। इसके लिये प्रदेश के 1365 बाँधों को चिन्हित किया गया है। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिये कि जल-संरचनाओं में वर्षा उपरांत किये जाने वाले कार्य बाँधों के स्लूस गेटों एवं सेंट्रल स्पिलवे के गेटों का संचालन, नहरों पर आवागमन के लिये बनाये गये रास्तों का सुधार, नहरों पर बनाये गये ऐस्केप को बंद करना आदि सुनिश्चित करें। क्षतिग्रस्त जल-स्रोतों की मरम्मत, गाद की सफाई और नहरों पर बने स्ट्रक्चर – पुलिया, फॉल, साइफन, एक्वाडक्ट आदि की सफाई और मरम्मत कराई जाये। मंत्री  सिलावट ने कहा कि रबी फसल के लिये पानी छोड़े जाने के संबंध में जिला जल उपभोक्ता समितियों की बैठकें आयोजित की जायें और इस संबंध में जनता एवं जन-प्रतिनिधियों से संवाद किया जाये। किसानों को राज्य सरकार की सिंचाई कर पर ब्याज दर में छूट योजना का पूरा लाभ दिया जाये। सिंहस्थ संबंधी कार्यों को युद्ध स्तर पर करें पूरा मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिये कि सिंहस्थ-2028 के कार्यों को युद्ध स्तर पर किया जाये और इन्हें वर्ष 2027 तक पूरा किया जाये। राज्य सरकार का संकल्प है कि सिंहस्थ में शिप्रा नदी के शुद्ध जल में श्रद्धालु स्नान-आचमन करें। वर्तमान में उज्जैन में विभाग के 3 कार्य – सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, खान डायवर्जन और घाटों के निर्माण का कार्य प्रगतिरत है। इन सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये। प्रदेश के बेसिन में जल-भराव की स्थिति प्रदेश में इस बार अच्छी बारिश के चलते सभी 10 बेसिन में जल-भराव की स्थिति बहुत अच्छी है। नर्मदा बेसिन में सर्वाधिक 99.83 प्रतिशत, माही बेसिन में 98.67 प्रतिशत, बेतवा बेसिन में 97.99 प्रतिशत, सिंध बेसिन में 97.63 प्रतिशत, गंगा बेसिन में 97.19 प्रतिशत, चंबल बेसिन में 95.97 प्रतिशत, वेनगंगा बेसिन में 95.48 प्रतिशत, यमुना बेसिन में 95 प्रतिशत, ताप्ती बेसिन में 89.23 प्रतिशत और धसान बेसिन में 86.60 प्रतिशत जल-भराव हुआ है।  

जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी असली ताकत है : मंत्री राजपूत

जनता का साथ और आशीर्वाद ही मेरी ताकत है : मंत्री  राजपूत बिलहरा में किया 25 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भोपाल सुरखी विधानसभा क्षेत्र इतना साधन, सुविधा संपन्न होने से हमारे यहां से एक डिप्टी कलेक्टर बच्चा निकला है और आने वाले समय में यहां से कई बच्चे कलेक्टर, एसपी और बड़े-बड़े पदों पर पहुंचेंगे। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नगर परिषद बिलहरा में 25 करोड़ के विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण के अवसर पर कही। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र एक समय इतना पिछड़ा था कि यहां लोग आने से कतराते थे। न तो पानी था और न ही शिक्षा के लिए स्कूल थे लेकिन अब आपके आशीर्वाद और हमारी सरकार के प्रयास से सुरखी विधानसभा विकास कार्यों में अपना अलग ही स्थान प्राप्त कर चुकी है। मंत्री श्री राजपूत ने डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए ग्राम खमकुआ निवासी यशपाल स्वर्णकार को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया और राहतगढ़ की डीएसपी पद पर चयनित हुए विवेक अग्रवाल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आपकी मेहनत ने हमारे क्षेत्र का नाम रोशन किया है मैं चाहता हूं सुरखी विधानसभा क्षेत्र में बच्चों और युवाओं के लिए इस तरह की व्यवस्था हो कि हमारे यहां के बच्चे हर क्षेत्र में अव्व्ल हो। बिलहरा में युवाओं को दी स्टेडियम की सौगात मंत्री श्री राजपूत ने बिलहरा में स्टेडियम का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह स्टेडियम हमारी युवाओं के लिए उनके सपने साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। जहां हमारी बेटा- बेटियां खेल कर अपनी प्रतिभा के दम पर देश दुनिया में नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने क्रिकेट में अपनी प्रतिभा के बल पर विश्व में बुंदेलखंड का नाम रोशन किया, इस तरह इस स्टेडियम में खेल कर हमारी बेटियां भी अपने क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी । लगभग 50 गांव के लोगों को मिलेगी आवागमन में सुविधा मंत्री श्री राजपूत ने मोकलपुर चैराहे से मड़खेराजागीर मार्ग का लोकार्पण किया। इस मार्ग के बनने से ग्राम खेजरा माफी, पनारी, बिलहरा महुआखेड़ा,पिपरिया,कटंगी, बीरपुर, बरखुआखुर्द सहित लगभग 50 गांव के लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी इस मार्ग के बनने से लोगों का समय भी बचेगा। बिजली की समस्या से मिलेगा छुटकारा बिलहरा के लिए 33/11 केव्ही उपकेंद्र में 3150 केवी क्षमता से वृद्धि कर 5000 के वी की गई है इससे विद्युत कटौती एवं व्यवधान से क्षेत्र वासियों को मुक्ति मिलेगी। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि बिजली मुख्य समस्या होती है लेकिन अब यह समस्या हल हो चुकी है बिजली की कोई कमी नहीं होगी और न ही बार-बार बिजली खराब होने की वोल्टेज कम होने की समस्या आएगी। बच्चों को निशुल्क साइकिल वितरण किया मंत्री श्री राजपूत ने बच्चों के लिए निःशुल्क साइकिल वितरण करते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं है।सभी बच्चे प्रतिभावान है, उनकी शिक्षा में कोई व्यवधान नहीं आएगा। उनकी शिक्षा को लेकर हर स्कूल में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था हो चुकी है और अन्य स्थानों पर जल्द ही यह व्यवस्था की जाएगी, जिससे हमारे बच्चे आधुनिक शिक्षा से जुड़कर अच्छा ज्ञान अर्जित करें और अपने क्षेत्र का नाम रोशन करें। हर वर्ग को सरकार दे रही लाभ मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग को ध्यान में रखकर योजनाएं बनती है और हर वर्ग को लाभ दे रही है फिर चाहे वह हमारी लाडली बहन योजना हो जिसके माध्यम से हमारी बहनें सशक्त होकर अपना परिवार चल रही हैं। तो वही किसान सम्मन निधि के माध्यम से सभी किसानों को सम्मान मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव ने लोगों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभ पहुंचाया है। शहरों जैसी व्यवस्थाएं हो रही आपके क्षेत्र में मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि बिलहरा में सुंदर पार्क एवं सौंदर्य करण के कार्य चल रहे हैं आपके क्षेत्र में शहरों जैसी व्यवस्थाएं आपके लिए की जा रही है जहां घर.घर पानी भी पहुंच रहा है और बच्चों को स्कूल स्वास्थ्य सुविधाएं सहित अन्य जो आपकी मांगे हैं वह पूरी की जाएंगी। सुरखी विधानसभा क्षेत्र के लिए अस्थि विसर्जन के लिये विशेष वाहन की व्यवस्था की गई है। मंत्री श्री राजपूत ने ग्राम मूडरा 15 करोड़ के मंगल भवन की घोषणा करते हुए बिलहरा में 25 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया, जिसमें मुख्य रूप से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, मंगल भवन, स्टेडियम, जीर्णोद्धार सौंदर्यकरण, अमृत धारा 2 योजना सामुदायिक भवन शामिल हैं।  

मिसाल प्रोजेक्टम’ का तीसरा चरण शुरू — अब प्राध्यापक देंगे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण

मिसाल प्रोजेक्टम का तीसरा चरण प्रारंभ, अब विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिये उच्च शिक्षा विभाग की पहल भोपाल मध्यप्रदेश उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुजरात की ओएसिस संस्था के सहयोग से मिसाल प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जनजातीय युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व कौशल और समुदाय सेवा की भावना विकसित करना है, जिससे वे अपने समाज और राज्य में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उच्‍च शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य के शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में जनजातीय युवाओं को सशक्त नेतृत्व और समाज सेवा के लिए तैयार करने का एक अभिनव प्रयास है। विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्‍ट वर्क का प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के तहत 11 से 16 सितम्बर तक गुजरात के बडोदरा में एक प्रशिक्षण कार्यकम का आयोजन किया जा चुका है जिसमें इस प्रोजेक्ट के लिये चयनित प्रदेश 10 जनजातीय जिलों के शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक शामिल हुए थे। प्रशिक्षण के दौरान महाविद्यालय में एनएनएस का प्रभार संभाल रहे प्राध्यापकों को अपने-अपने महाविद्यालयों में जनजातीय युवाओं का चयन करके उन्हें कॉलेज के रोल मॉडल और समाज-सेवी नेतृत्व के रूप में तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रोजेक्ट के अगले चरण में अब ये प्राध्यापक अपने महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिसके तहत विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्ट वर्क का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्र‍शिक्षण कार्यकम का यह तीसरा चरण 7 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगा। 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ता होंगें तैयार प्रशिक्षण के बाद ओएसिस मिसाल प्रोजेक्‍ट के द्वारा 29 महाविद्यालयों में 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ताओं का चयन किया जाएगा। यह प्रक्रिया तीन चरणों में होगी : 1. निबंध प्रतियोगिता: छात्रों के विचार और सामाजिक समस्याओं के समाधान के नवाचार जानने के लिए। 2. समूह संवाद: टीम वर्क, सुनने और विचार साझा करने की क्षमता का मूल्यांकन। 3. प्रोजेक्ट वर्क: समाज में वास्तविक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता और कार्यान्वयन क्षमता का परीक्षण। तीनों चरण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले युवाओं को मिसाल विजेता घोषित किया जाएगा और उन्हें ओएसिस की ग्लोबली-प्रशंसित Live-Love-Learn (L3) कोर्स में शामिल किया जाएगा। यह कोर्स चार सप्ताह के residential workshops के माध्यम से आयोजित होगा। उद्देश्य और दीर्घकालिक प्रभाव जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें नेतृत्व के योग्य बनाना। युवाओं में चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना। उनके माध्यम से महाविद्यालयों में सकारात्मक बदलाव और सामुदायिक विकास कार्यक्रम संचालित करना। जनजातीय युवाओं का सशक्तिकरण विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह पहल 10,000–20,000 युवाओं तक लाभ पहुँचाने की क्षमता रखती है, विशेषकर आदिवासी क्षेत्र में। इसके माध्यम से नवीन नेतृत्व और समाज सेवा के रोल मॉडल तैयार होंगे। मध्यप्रदेश के जनजातीय युवाओं के लिए नेतृत्व और चरित्र निर्माण में यह प्रोजेक्‍ट मील का पत्थर साबित होगा। चयनित एनएनएस अधिकारी और प्राध्यापक नोडल अधिकारी अपने कॉलेजों में इस कार्यक्रम के संचालन और युवा नेतृत्व विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले ये युवा नेतृत्वकर्ता आने वाले वर्षों में विद्यालयों, कॉलेजों और समुदायों में रोल मॉडल बनकर कार्य करेंगे। प्रशिक्षण में शामिल जिले इंदौर, धार, उज्जैन, बड़वानी, रतलाम, खंडवा, झाबुआ, बैतूल, आलीराजपुर और छिंदवाड़ा जिले के कुल 29 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामि‍ल होंगे।  

New Aadhaar App: बेहतर सिक्योरिटी और आसान एक्सेस के साथ आपके फोन में

 नई दिल्ली  न्यू आधार ऐप लॉन्च हो गया है. इस ऐप की मदद से कई नए फीचर्स मिलेंगे और सिक्योरिटी भी बेहतर होगी. इसकी जानकारी खुद Aadhaar (@UIDAI) अकाउंट ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके दी है. इस ऐप का लंबे समय से इंतजार हो रहा था. न्यू आधार ऐप आने के बाद हर जगह आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी.  पोस्ट के मुताबिक, New Aadhaar App में नए फीचर्स मिलेंगे. इसमें सिक्योरिटी इनहेंस्ड, ईजी एक्सेसस और पूरी तरह से पेपर लेस एक्सपीरियंस होगा. साथ ही पोस्ट में Android और iOS यूजर्स को न्यू आधार ऐप डाउनलोड करने का लिंक भी प्रोवाइड किया गया है.  प्ले स्टोर पर आया न्यू आधार ऐप   प्ले स्टोर पर न्यू आधार ऐप के फीचर्स की जानकारी दी है और फोटो को लिस्टेड किया है. फोटो में दिखाया गया है कि मोबाइल ऐप पर ही आधार कार्ड को दिखाया जा सकेगा. इसमें डेट ऑफ बर्थ और आधार नंबर की सिक्योरिटी को बेहतर किया है. डेट ऑफ बर्थ का सिर्फ ईयर और आधार नंबर के के लास्ट चार डिजिट नजर आएंगे. बायोमैट्रिक को लॉक कर सकेंगे न्यू आधार ऐप की मदद से मोबाइल से ही आधार नंबर होल्डर्स बायोमैट्रिक को लॉक कर सकेंगे. इसके लिए सिंपल का प्रोसेस फॉलो करना होगा. मोबाइल ऐप पर आधार कार्ड डाउनलोड करने के भी दो ऑप्शन मिलेंगे, जिसमें एक फुल आईडी डिटेल्स और दूसरा माक्स्ड आईडी डिटेल्स है.  आधार डिटेल्स शेयर करना हुआ आसान और सिक्योर न्यू आधार ऐप की मदद से आधार डिटेल्स शेयर करना आसान बना दिया. ऐप में शेयर का ऑप्शन है, जिसपर क्लिक करनेके बाद आपको कुछ ऑप्शन मिलेंगे. इसमें वह कंप्लीट शेयर, सिलेक्टिव शेयर और डाउनलोड आधार के ऑप्शन पूछता है. इसके बाद जब आप सिलेक्टिव शेयर के ऑप्शन पर क्लिक करते हैं तो कुछ नए ऑप्शन मोबाइल स्क्रीन पर सामने आ जाते हैं. बताना होगा कि आधार की कौन सी डिटेल्स को शेयर किया है, उसके सामने बने बॉक्स पर चेक करना होगा. इसके बाद कंटीन्यू करना होगा. फिर कंफर्मेशन करने के बाद उस फाइल को मैसेजिंग ऐप या ईमेल की मदद से शेयर किया जा सकता है.  फैमिली के लिए भी यूजफुल  न्यू आधार ऐप के अंदर फैमिली मेंबर्स के आधार कार्ड नंबर को भी एक ही डिवाइस में रखा जा सकता है, जिसकी जानकारी ऐप ऐप स्टोर पर दी है. इसके लिए आधार नंबर होल्डर्स को फिजिकल कॉपीज लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी. सेफ्टी के लिए फेस ऑथेंटिकेशन का यूज किया जाएगा.   आधार कार्ड क्या होता है?  आधार कार्ड भारत सरकार की तरफ से जारी किए जाने वाला यूनिक आईडी नंबर है.  इस नंबर को  भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) तैयार करता है. आधार कार्ड में 12 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है और यही नंबर हर एक भारतीय की अलग-अलग पहचान की जानकारी देता है.   

ड्राइवर के बेटे की मेहनत रंग लाई, महिला IAS की मदद से बना डिप्टी कलेक्टर

खंडवा   यह कहानी है मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के रहने वाले ऋतिक सोलंकी (Hrithik Solanki) की. उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से मिसाल कायम की है. ऋतिक सोलंकी के पिता रूपसिंह सोलंकी आईएएस अफसर सृष्टि जयंत देशमुख के ड्राइवर हैं. आपने बड़े अधिकारियों के बच्चों को सफलता का शिखर छूते हुए तो अक्सर देखा होगा, लेकिन ऋतिक की सफलता ने साबित कर दिया कि लगन और दृढ़ संकल्प से गरीबी की रेखा को पार किया जा सकता है. ऋतिक सोलंकी की उपलब्धि सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है, जिनके पास सीमित संसाधन हैं. ऋतिक सोलंकी ने हाल ही में घोषित मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के नतीजों में सफलता हासिल की है. यह सफलता उन्हें विरासत में नहीं मिली है, बल्कि उनके पिता की ईमानदार मेहनत और मां के सहयोग से मिली है. अपने पिता को आईएएस सृष्टि देशमुख के यहां काम करते देखकर ऋतिक ने भी सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और उसे पूरा किया.  आईएएस सृष्टि देशमुख के ड्राइवर हैं ऋतिक के पिता ऋतिक सोलंकी के पिता रूपसिंह सोलंकी वर्तमान में आईएएस सृष्टि देशमुख के ड्राइवर के पद पर तैनात हैं. आईएएस सृष्टि देशमुख देश की सबसे चर्चित महिला अफसरों की लिस्ट में शामिल है. इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. सृष्टि देशमुख ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2018 में ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की थी. उन्होंने महिला वर्ग में टॉप किया था. आईएएस सृष्टि देशमुख वर्तमान में नरसिंहपुर जिले (मध्य प्रदेश) में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) के पद पर कार्यरत हैं. चर्चा में हैं मध्य प्रदेश के ऋतिक सोलंकी ऋतिक सोलंकी ने MPPSC 2023 की परीक्षा में सफलता हासिल की है. इस परीक्षा के माध्यम से उनका चयन सरकारी अधिकारी के पद पर हुआ है, जिससे उनका सिविल सेवा का सपना पूरा हो गया है. ऋतिक ने सिर्फ मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग 2023 की परीक्षा में ही सफलता हासिल नहीं की है. वह इससे पहले 2022 में हुई एमपीपीएससी परीक्षा में भी सफल हो चुके हैं. तब उन्हें एटीओ यानी ट्रेजरी ऑफिसर के पद पर नियुक्ति मिली थी. फिलहाल वे अलीराजपुर में पोस्टेड हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं ऋतिक सोलंकी ऋतिक सोलंकी के पिता रूपसिंह ने बताया कि उन्होंने बेटे को अफसर बनाने के लिए कई त्याग किए. उन्होंने अपनी और पत्नी की जरूरतों को पीछे रखकर घरखर्च में कटौती की. कई सुविधाओं से भी समझौता किया. बेटे को दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाने और यूपीएससी की कोचिंग जॉइन करवाने के लिए उन्होंने अपनी जीपीएस मशीन बेच दी थी. ऋतिक सोलंकी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं. उनके बड़े भाई राहुल भी मप्र वन सेवा परीक्षा में पास होकर महाराष्ट्र की चंद्रपुर फॉरेस्ट अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.