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पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने किया पीएनबी की डिजिटल पहल का उद्घाटन

नई दिल्ली  देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के दौरे के साथ बढ़ी हुई सतर्कता और पारदर्शिता की दिशा में, अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस कार्यक्रम के तहत, "पीएनबी की विजिलेंस मैनुअल 2025" का 5वाँ संस्करण और त्रैमासिक पत्रिका "पीएनबी विजिल" का सितंबर 2025 के अंक का अनावरण  किया गया। इस अवसर पर एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक (ईडी) श्री बिभु प्रसाद महापात्र, सीवीओ श्री राघवेंद्र कुमार, और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।इसके अतिरिक्त, बैंक ने कई प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया, जिनमें कर्मचारी जवाबदेही पोर्टल का संपूर्ण डिजिटलीकरण, आचरण जोखिम ढाँचा (कर्मचारियों के लिए) और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं। ये पहल पीएनबी की अपने परिचालन में दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं। इस कार्यक्रम में सतर्कता योद्धाओं को भी सम्मानित किया गया, यह उन कर्मचारियों के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देने के लिए किया गया जिन्होंने बैंक के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने में असाधारण समर्पण का प्रदर्शन किया है। श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने कहा: "हमारे समाज का कल्याण , हमारी अर्थव्यवस्था का विकास और आजीविका का सृजन पंजाब नैशनल बैंक जैसे बैंकों द्वारा प्रदान किए गए समर्थन और वित्तपोषण से गहराई से जुड़े हुए हैं। हमारा लक्ष्य सतर्कता की ऐसी संस्कृति का निर्माण करना है जहाँ कार्य दंड के भय से नहीं, बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों। यह संस्कृति व्यक्ति, संगठन और समाज को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करती है, जिससे बैंक, अर्थव्यवस्था और अंततः राष्ट्र के विकास में योगदान मिलता है, क्योंकि हम 2047 तक 'विकसित भारत' की दिशा में काम कर रहे हैं।" श्री अशोक चंद्र, एमडी एवं सीईओ, पीएनबी, ने कहा: "जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपना मार्ग प्रशस्त कर रहा है l हम पर, सबसे बड़े बैंकों में से एक के रूप में, जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। हम सत्यनिष्ठा, नैतिकता, और पारदर्शिता पर आधारित गुणात्मक, सतत, और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सतर्कता, विशेष रूप से निवारक सतर्कता ( प्रिवेंटिव विजिलेंस ) , यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि प्रगति सुदृढ़ शासन और जवाबदेही के साथ जुड़ी रहे। इन मूल्यों से प्रेरित होकर, पीएनबी विश्वास और नैतिक उत्कृष्टता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा का समर्थन करने के लिए समर्पित है।" श्री राघवेंद्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), पीएनबी, ने कहा: "इन डिजिटल पहलों का शुभारंभ पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी की संस्कृति के निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने सतर्कता ढाँचे के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करके, हम न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्वसनीयता बैंक के भीतर हर प्रक्रिया की आधारशिला बनी रहे।" पीएनबी द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का अनुपालन सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक शासन के प्रति उसकी गहन प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 27 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कर्मचारियों और बहुतायत में ग्राहकों ने भाग लिया। बैंक ने डिजिटल और मूलभूत पहलों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की। 11,000 एटीएम (ATMs), मोबाइल ऐप्स और व्हाट्सएप बैंकिंग पर सतर्कता संदेशों को प्रदर्शित करने से लेकर 8,000 से अधिक ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान आयोजित करने तक, पीएनबी ने सत्यनिष्ठा के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया।  विभिन्न प्रतियोगिताओं, वॉकथॉन और साइक्लोथॉन में कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी, साथ ही रक्तदान शिविरों के दौरान 4,300 यूनिट रक्त का संग्रह, सतर्कता और सेवा की भावना को दर्शाता है। सतर्कता संबंधी सभी शिकायतों में शून्य लंबित मामले, व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों और उत्तरदायी परिसंपत्ति प्रबंधन में बैंक की उपलब्धि, निवारक सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर इसके ध्यान को और उजागर करती है। ये निरंतर प्रयास एक जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में पीएनबी की भूमिका की पुष्टि करता हैं, जो सत्यनिष्ठा की संस्कृति के निर्माण और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में योगदान देने के लिए समर्पित है।   

छत्तीसगढ़ में विकास की नई लहर, CM विष्णु देव साय ने कुनकुरी परियोजनाओं को दी मंजूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को मिल रही नई गति: वित्त विभाग से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के अंतर्गत  विधानसभा कुनकुरी में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्त विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति और सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। वित्त विभाग ने तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य के लिए ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस मार्ग के बन जाने से सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी और व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बल मिलेगा। इसी प्रकार, विकासखंड कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। कुनकुरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्त विभाग ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु ₹359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। साथ ही, विकासखंड फरसाबहार की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे सिंचाई और जल प्रबंधन की दिशा में क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ होगा।

दिल्ली में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल का मिलान: पुलिस को किन बातों पर है शक?

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरी राजधानी को हिला कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने जो देखा वो जल्दी भुला पाना मुश्किल है। चंद मिनटों में जो हुआ उसने जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को जांच के बाद शक है कि कार में हुए धमाके की वजह अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल (फ्यूल ऑयल) और डेटोनेटर थे। शुरुआती जांच के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों, जिनमें आई20 कार भी शामिल है, के सबूत उठा लिए गए हैं और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह जांच उत्तरी जिला पुलिस से स्पेशल सेल को ट्रान्सफर कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'स्पेशल सेल जांच का नेतृत्व करेगा, जरूरत के अनुसार केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाई जाएगी। जांच का प्रमुख बनाए गए अधिकारी, स्पेशल सीपी (विशेष प्रकोष्ठ) अनिल शुक्ला, वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच टीम का नेतृत्व किया था। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उच्च जोखिम वाले मामलों में अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता को दर्शाता है।' पुलिस ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी और i20 कार चला रहे व्यक्ति के बीच के संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में चलाए गए एक बड़े सुरक्षा अभियान में, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा था कि उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से दो डॉक्टरों — पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई और काजीगुंड के डॉ. अदील मजीद राथर को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवतुल हिंद (AGH) से जुड़े 'अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल' का हिस्सा थे।" दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज बरामद की है और यह संदेह है कि विस्फोट के समय कार चालक अकेला था। हालांकि, सोमवार को पुलिस सूत्रों ने कहा कि कार में तीन लोग होने का संदेह है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बांठिया ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इलाके के चारों ओर कई सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। उन्होंने कहा, 'NSG, दिल्ली पुलिस और FSL की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे अपराध स्थल की जांच कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, 'कार में (जिसमें विस्फोट हुआ) मानव शरीर के अंग हैं। FSL टीम उन्हें इकट्ठा कर रही है, इसलिए देखते हैं कि यह कैसे मामले से जुड़ता है। हम घटनाओं के सटीक क्रम का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।'"  

धनखड़ का ‘कमबैक भाषण’! इस्तीफे के बाद पहली बार मंच से देंगे संदेश

नई दिल्ली  देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 नवंबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पुस्तक विमोचन समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। समारोह के आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद संभवतः यह पहला मौका होगा जब धनखड़ किसी सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। धनखड़, इससे पहले उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे। सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सहसरकार्यवाह मनमोहन वैद्य द्वारा लिखित पुस्तक 'हम और यह विश्व' का विमोचन भोपाल के रविन्द्र भवन में 21 नवंबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में वृंदावन-मथुरा स्थित आनंदम धाम के पीठाधीश्वर रीतेश्वर जी महाराज भी शामिल होंगे जबकि धनखड़ मुख्य वक्ता के रूप में इसे संबोधित करेंगे। पुस्तक का प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन ने किया है। तुली ने बताया कि कई पुस्तकों के लेखक मनमोहन वैद्य की ताजा पुस्तक सामाजिक, राष्ट्रीय और आर्थिक विषयों पर भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद हुए उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। धनखड़ अपने इस्तीफे के 53 दिन बाद 12 सितंबर को राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे। कांग्रेस धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने पर सवाल खड़े करती रही है। विपक्षी पार्टी ने यह भी दावा किया था कि धनखड़ को पद छोड़ने पर मजबूर किया गया। कांग्रेस नेताओं ने तब कहा था कि देश धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे पर उनके बयान का इंतजार कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 22 जुलाई को त्यागपत्र सौंप दिया था। हालांकि, अटकलें थीं कि सरकार के साथ टकराव के चलते उन्होंने पद छोड़ा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा। उसके बाद से करीब डेढ़ महीने से अधिक की अवधि में वह किसी भी कार्यक्रम में नहीं दिखे।

FSL रिपोर्ट का इंतजार: दिल्ली ब्लास्ट की जांच में 13 संदिग्धों से लगातार पूछताछ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट केस में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की पहली रिपोर्ट मंगलवार को आने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट से बरामद सामान की प्रकृति और बनावट के बारे में साफ जानकारी मिलने की संभावना है। इस धमाके के सिलसिले में फिलहाल 13 लोगों से पूछताछ की जा रही है।   सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के बारे में फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस से जानकारी मांगी है। स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में अमोनियम नाइट्रेट के निशान मिले हो सकते हैं। हालांकि, विस्फोटक की सही प्रकृति की पुष्टि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। सूत्रों ने आगे बताया कि घटनास्थल पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) ब्लास्ट जैसा कुछ नहीं मिला। इस बीच, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि लाल किले के बाहर हुए तेज धमाके में दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में एक i20 कार का जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से कनेक्शन सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, जिस कार में धमाका हुआ, उसे कथित तौर पर पुलवामा के एक निवासी ने खरीदा था। लाल किले के बाहर कार में हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की टीमों ने पहाड़गंज, दरियागंज और आस-पास के इलाकों के होटलों में रात भर बड़े पैमाने पर छापेमारी और सर्च ऑपरेशन चलाया। छापेमारी के दौरान सभी होटल रजिस्टरों की अच्छी तरह से जांच की गई। इस ऑपरेशन के दौरान, चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। फरीदाबाद से आई थी कार दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कई जगहों की सीसीटीवी फुटेज को ध्यान से देखा गया है, जिसमें बदरपुर बॉर्डर से लेकर लाल किले की सुनहरी मस्जिद के पार्किंग एरिया तक, साथ ही आउटर रिंग रोड से कश्मीरी गेट-लाल किला रूट तक की फुटेज शामिल है। अलग-अलग रास्तों की फुटेज की जांच में करीब 200 पुलिसकर्मी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, जिस कार में ब्लास्ट हुआ था वह हरियाणा के फरीदाबाद से बदरपुर के रास्ते दिल्ली में घुसी थी। 13 लोगों से पूछताछ सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग जगहों से मिले सीसीटीवी सबूतों के आधार पर फिलहाल करीब 13 लोगों से पूछताछ करने के साथ ही उन पर नजर रखी जा रही है। फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े एक व्यक्ति के i20 कार में सफर करने का शक है, हालांकि मरने वाले व्यक्ति की पहचान डीएनए टेस्ट के बाद ही कन्फर्म होगी। यह घटना जम्मू और कश्मीर और हरियाणा पुलिस द्वारा हरियाणा के फरीदाबाद से 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और गोला-बारूद बरामद करने के बाद हुई है, जिसमें दो लोगों डॉ. मुजम्मिल और आदिल राथर को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने ब्लास्ट के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया है।

दिल्ली ब्लास्ट पर केंद्र सख़्त: गृह मंत्री अमित शाह की आपात बैठक, जम्मू-कश्मीर से भी ली रिपोर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके को लेकर होम मिनिस्टर अमित शाह ने उच्च स्तरीय मीटिंग की है। गृह मंत्री की अध्यक्षता में उनके ही आवास पर मंगलवार को मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौजूद थे। इसके अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका और NIA के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते और दिल्ली पुलिस के कमिश्नर सतीश गोलचा भी पहुंचे थे। इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात भी वर्चुअली ही जुड़े। दिल्ली में हुए बम धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं। इस भीषण धमाके के बाद से दिल्ली, मुंबई, यूपी समेत देश के तमाम राज्यों और संवेदनशील इलाकों में अलर्ट है।   सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में इस बीत पर चर्चा हुई कि आखिर दिल्ली में सोमवार शाम को हुए धमाके की जांच कहां तक पहुंची है। इसके अलावा फरीदाबाद में बरामद हुए बड़े पैमाने पर विस्फोटक से इस धमाके का क्या और कितना लिंक है, इस पर भी बात हुई। धमाके के बाद होम मिनिस्टर अमित शाह ने जांच का आदेश दिया है। इस घटना की जांच में NIA, एनएसजी शामिल हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल लैब की भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस को इस बात की जिम्मेदारी दी गई है कि वह जांच करे कि इस धमाके का कारण क्या था। इसमें किन चीजों का इस्तेमाल किया गया और विस्फोटक कैसे आया। मंगलवार को सुबह ही NIA की टीम मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम भी उसके साथ थी। दोनों टीमों ने घटनास्थल पर धमाके की घटना को रिक्रिएट किया। फिलहाल दिल्ली पुलिस की मदद भी NIA कर रही है। सूत्रों ने बताया कि मीटिंग में अधिकारियों ने कहा कि फरीदाबाद से जो विस्फोटक बरामद हुआ था। उससे इस घटना का लिंक हो सकता है। फिलहाल उसके बारे में ही जांच जारी है। अधिकारियों को शक- फरीदाबाद मॉड्यूल हो सकता है देशव्यापी सोमवार को ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है। इसके अलावा 2900 किलो आईईडी मैटीरियल मिला है। इनमें केमिकल, डेटोनेटर और वायर शामिल हैं। यह सारी सामग्री फरीदाबाद के एक अपार्टमेंट से मिली है। अधिकारियों ने संदेह जाहिर किया है कि फरीदाबाद से बड़े पैमाने पर विस्फोटक की रिकवरी और दिल्ली के धमाके के बीच कोई देशव्यापी नेटवर्क हो सकता है।  

चुनाव में दिलचस्प मोड़: पवन सिंह की पत्नी ने वोटरों से क्यों कही ‘सॉरी’?

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान शुरू होते ही भोजपुरी अभिनेता और हाल ही में सुर्खियों में रहे पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने मतदाताओं के नाम एक भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने कम समय में चुनाव प्रचार होने का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से मिलने और हर गली-मोहल्ले तक पहुंचने में उन्हें पूरा समय नहीं मिल पाया। इसी बात का उन्हें मलाल है और उन्होंने खुले दिल से मतदाताओं से माफी मांगी।   ज्योति सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर इस चुनाव में मैदान में हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “मेरी बस एक ही कमी रह गई कि प्रचार के लिए समय थोड़ा मिला। फिर भी मैंने अपनी पूरी कोशिश की। जिन लोगों तक नहीं पहुंच पाई, उनसे दिल से माफी मांगती हूं। लेकिन जनता का जो स्नेह और प्यार मिल रहा है, वह मेरे लिए किसी जीत से कम नहीं।” पवन सिंह और ज्योति के बीच खूब मचा था ड्रामा पिछले कुछ दिनों से पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के रिश्ते को लेकर खूब हलचल मची रही। कुछ दिन पहले ही ज्योति, पवन से मिलने उनके फ्लैट पहुंचीं तो हालात कुछ तनावपूर्ण दिखे और मामला सुर्खियों में आ गया। पवन सिंह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे और चर्चा थी कि वे काराकाट विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, ज्योति सिंह का कहना था कि उन्होंने पहले ही चुनाव में उतरने का मन बना लिया था। उनका तर्क था कि जब पवन सिंह काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्होंने जमकर प्रचार किया था और लोगों की भावनाएं समझीं। जनता ने ही उनसे आग्रह किया था कि वे विधानसभा चुनाव में उतरें। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि काराकाट सीट पर पति-पत्नी आमने-सामने होंगे, लेकिन ऐन वक्त पर पवन सिंह ने घोषणा कर दी कि वे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद ज्योति के लिए माहौल और दिलचस्प हो गया, क्योंकि लोगों की नजर अब सीधे उन पर टिक गई।

आधुनिक ड्रोन सिस्टम के साथ बीएसएफ का नया स्कूल, पंजाब फ्रंटियर का पहला बैच शुरू

 डबरा  देश की सीमाओं की सुरक्षा अब आधुनिक ड्रोन सिस्टम से सुसज्जित महिला जवानों के हाथों में होगी। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इस विशेष टीम को 'दुर्गा ड्रोन वाहिनी' नाम दिया है। इसके लिए देश का पहला 'स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर' बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में शुरू किया है, जहां महिला जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर का उद्घाटन 2 सितंबर 2025 को बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने किया था। यह भारत में बीएसएफ का अपनी तरह का पहला व्यवस्थित स्कूल है, जहां ड्रोन वॉरियर्स और ड्रोन कमांडो तैयार किए जाएंगे। पंजाब फ्रंटियर का पहला बैच वर्तमान में, पंजाब फ्रंटियर की 30 महिला जवानों का पहला बैच 6 सप्ताह की ट्रेनिंग ले रहा है। इन्हें ड्रोन हमलों से निपटने, ड्रोन के माध्यम से हमला करने के टिप्स, ड्रोन उड़ाने, नियंत्रित करने और निगरानी मिशनों के लिए डेटा एकत्रित करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्वालियर के डबरा स्थित बीएसएफ अकादमी ने ड्रोन ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें इन प्रशिक्षित महिला जवानों ने ड्रोन वॉर को लेकर डैमो दिया। इसमें लोकेशन का पता लगाना, हमला कर लौटना और कंट्रोल रूम से प्लान तैयार करना जैसे इवेंट शामिल थे। महिलाएं कमांड भूमिका का पालन अच्छी तरह करती हैं- डॉ. शमशेर सिंह बीएसएफ अकादमी के निदेशक डॉ. शमशेर सिंह ने बताया कि महिला प्रहरियों को प्रशिक्षित करने के पीछे उनका यह मानना है कि महिलाओं में धैर्य, आत्मविश्वास, सटीक निशाना लगाने के साथ ही वे कमांड भूमिका का अच्छी तरह से पालन करती हैं। डॉ. सिंह ने जोर दिया कि वर्तमान में युद्ध और बॉर्डर सुरक्षा में ड्रोन टेक्नोलॉजी के बिना काम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में ड्रोन से निगरानी रखना, दुश्मन के ड्रोन को गिराना और ऑपरेशन लॉन्च करना आदि काम होंगे। प्राथमिक इलाज पहुंचाने में भी सहायक निदेशक ने बताया कि ड्रोन केवल हमला करने या निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति में प्राथमिक इलाज पहुंचाने में भी सहायक होंगे, खासकर उन दुर्गम स्थानों पर जहां घायल जवान तक तुरंत पहुंचना संभव नहीं होता। यह प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 'दुर्गा ड्रोन वाहिनी' की ये महिला जवान हर परिस्थिति में सीमाओं पर देश विरोधी दुश्मनों से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।

WTC डिफेंडिंग चैंपियन के खिलाफ बड़ी चुनौती, सिराज बोले- ये सीरीज बदल देगी तस्वीर

कोलकाता  भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को पूरा विश्वास है कि वह वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के गत विजेता साउथ अफ्रीका के खिलाफ के शुक्रवार से शुरू होने वाली 2 टेस्ट मैच की सीरीज में दमदार प्रदर्शन करेंगे। भारत WTC पॉइंट्स टेबल अभी तीसरे स्थान पर है। भारत ने WTC 2025-27 सीरीज में अभी तक दो टेस्ट सीरीज खेली है। इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की सीरीज 2-2 की बराबरी पर रही, वहीं 2 मैच की टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज का 2-0 से सूपड़ा साफ किया। दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका ने अपने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप खिताब का बचाव करने के अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-1 से ड्रॉ के साथ की। सिराज ने जियोस्टार पर कहा, ‘‘यह सीरीज नए डब्ल्यूटीसी चक्र के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर इसलिए क्योंकि साउथ अफ्रीका गत चैंपियन है। भले ही उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली, लेकिन हम अपनी अच्छी फॉर्म से आश्वस्त हैं। हमने सकारात्मक माहौल तैयार किया है। हमने इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन किया और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत हासिल की।’’ सिराज ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और वह 23 विकेट लेकर सीरीज में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और दो मैचों में 10 विकेट लिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अच्छी लय के साथ गेंदबाजी कर रहा हूं और इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रहा हूं। मजबूत टीमों का सामना करने से उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलती है जिनमें सुधार की जरूरत है और मैं इस चुनौती के लिए वास्तव में काफी उत्साहित हूं।’’  

मध्यप्रदेश में ठंड का कहर: राजगढ़ सबसे ठंडा, पूरे प्रदेश में कोल्ड वेव की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही कड़ाके की ठंड ने लोगों को कंपा दिया है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई शहरों में तापमान हिमाचल और उत्तराखंड के हिल स्टेशनों से भी नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर समेत 14 जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश पर साफ दिख रहा है। राजधानी भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि इंदौर में 7.9 डिग्री तक लुढ़क गया। तुलना करें तो शिमला में पारा 8.8 डिग्री, मसूरी में 8.6 डिग्री और देहरादून में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। यानी, इंदौर इन हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंडा हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से आ रही ठंडी हवाओं का असर मंगलवार से और बढ़ेगा। शाजापुर, सीहोर, बैतूल, छतरपुर, पन्ना और रीवा-सतना आदि जिलों में भी शीतलहर चलने की आशंका है। आज भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में तीव्र शीतलहर चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक फिलहाल ग्वालियर संभाग में तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई है, क्योंकि इस दिशा से अभी उत्तर की बर्फीली हवाएं नहीं पहुंची हैं। जैसे ही ये हवाएं आएंगी, तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि वर्तमान में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके कारण प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के उत्तरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है। इसकी वजह से उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं पूरे प्रदेश में सर्दी बढ़ा रही हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड वेव, जबकि शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नर्मदापुरम, मंडला, रीवा, शहडोल जैसे जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी जिलों में भी पारा रिकॉर्ड स्तर तक गिरा है। शहडोल का कल्याणपुर इस समय सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 7.2 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ठंड का सीजन ज्यादा लंबा चलेगा। सामान्यत: नवंबर के अंत से जनवरी तक तेज सर्दी रहती है, लेकिन इस बार हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी एक्टिव हुए विक्षोभ के कारण नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही ठिठुरन शुरू हो गई है। अनुमान है कि इस बार सर्दी 80 से 85 दिन तक चल सकती है। एमपी के शहरों में शिमला जैसी ठंड रविवार को बड़े शहरों में भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री, इंदौर में 7.9 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में ही शिमला में पारा 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। यानी, जितना शिमला में रात का तापमान था, उतना भोपाल में भी रहा। वहीं, इंदौर में पारा 7.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस हिसाब से देहरादून (11.7 डिग्री), मसूरी (8.6 डिग्री) और शिमला (8.8 डिग्री) इंदौर से पीछे रहे। इस बार ज्यादा दिन तक पड़ेगी तेज सर्दी मौसम विशेषज्ञ पीके शाह ने बताया- पहाड़ों की बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इस वजह से ही पारे में खासी गिरावट हुई है। आम तौर पर प्रदेश में तेज सर्दी का असर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होता है, जो जनवरी के आखिरी तक रहता है, लेकिन इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इस वजह से नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। यदि वेस्टर्न डिस्टरबेंस ऐसे ही एक्टिव रहते हैं तो प्रदेश में तेज सर्दी 75 दिन की बजाय 80 से 85 दिन तक रह सकती है। इस बार 25 साल का रिकॉर्ड टूटा नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। राजधानी भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है, जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था। दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। सोमवार को ज्यादातर शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मौसम विशेषज्ञ शाह ने बताया कि दिन में धूप निकलने से पारा बढ़ा है। धूप न निकलने की स्थिति में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।