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महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण को बढ़ावा देने रायपुर में उठाया गया अहम कदम

रायपुर : महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल नियद नेल्लानार ग्रामों में बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन में प्राथमिकता रायपुर महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के “नियद नेल्लानार योजना” में शामिल ग्रामों के बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता से लाभ प्रदान किया जाएगा। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार योजना” के तहत पात्र 1.59 लाख माताओं-बहनों को उज्ज्वला कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने, लाभार्थियों का सत्यापन करने तथा गैस सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से महिलाओं को धूम्ररहित रसोई, समय की बचत, स्वास्थ्य सुरक्षा, सुविधा और सम्मानपूर्ण जीवन की दिशा में नई मजबूती प्राप्त होगी।

अब अपने बैंक अकाउंट में 4 नॉमिनी जोड़ें! 1 नवंबर से शुरू होगा नया नियम

नई दिल्ली  अगले महीने से बैंक ग्राहक अपने खाते में अधिकतम चार नॉमिनी का विकल्प चुन सकेंगे। इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में दावों के निपटान में एकरूपता और दक्षता सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि यह सुविधा 1 नवंबर 2025 से लागू होगी। यह बदलाव बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत किया गया है, जिसे 15 अप्रैल 2025 को अधिसूचित किया गया था। इस अधिनियम में 19 संशोधन किए गए हैं, जो भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 और बैंकिंग कंपनियां अधिनियम 1970 एवं 1980 में लागू होते हैं। ग्राहकों को कैसे मिलेगा लाभ संशोधन के अनुसार ग्राहक एक साथ या क्रमिक रूप से अधिकतम चार लोगों को नामांकित कर सकते हैं। इससे जमाकर्ताओं और उनके नामांकित व्यक्तियों के लिए दावा निपटान सरल और पारदर्शी हो जाएगा। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार एक साथ या क्रमिक नामांकन का विकल्प चुन सकते हैं। सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं और लॉकर के लिए केवल क्रमिक नामांकन की अनुमति होगी। नामांकित व्यक्ति और हिस्सेदारी संशोधित नियमों में कहा गया है कि जमाकर्ता प्रत्येक नामांकित व्यक्ति के लिए हिस्सेदारी या पात्रता का प्रतिशत निर्दिष्ट कर सकते हैं। इससे कुल राशि 100 प्रतिशत सभी नामित व्यक्तियों के बीच स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से वितरित होगी। उत्तराधिकार और दावा निपटान नामांकित व्यक्ति केवल पहले नामित व्यक्ति की मृत्यु के बाद हकदार होगा। यह व्यवस्था निपटान में निरंतरता और उत्तराधिकार की स्पष्टता सुनिश्चित करती है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस प्रावधान से जमाकर्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार नामांकन करने की सुविधा मिलेगी और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और एकरूपता बनी रहेगी। बैंकिंग कंपनी (नामांकन) नियम 2025 के तहत एक से अधिक नामांकन करने, रद्द करने या निर्दिष्ट करने की प्रक्रिया और प्रपत्रों का विवरण सभी बैंकों में लागू होगा। सरकार ने पहले 1 अगस्त 2025 को कुछ प्रावधान लागू किए थे, जिनमें धारा 3, 4, 5, 15-20 शामिल थे।   उद्देश्य और लाभ बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में प्रशासन मानकों को मजबूत करना, आरबीआई को रिपोर्टिंग में एकरूपता सुनिश्चित करना, जमाकर्ता और निवेशक संरक्षण बढ़ाना, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लेखा परीक्षा की गुणवत्ता सुधारना और बेहतर नामांकन सुविधाओं के माध्यम से ग्राहक सुविधा बढ़ाना है। इसके अलावा, सहकारी बैंकों में अध्यक्ष और निदेशकों के कार्यकाल को युक्तिसंगत बनाने का भी प्रावधान किया गया है।  

रोबोटिक खच्चर से बदलेंगे रणक्षेत्र के नियम, ग्राउंड रोबोटिक म्यूल आतंकी सर्च और फायरिंग में सक्षम

चंडीगढ़   आतंक ग्रस्त व संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में ग्राउंड रोबोटिक म्यूल (खच्चर) के जरिये अब सर्च ऑपरेशन और आसान हो जाएंगे। चार कैमरों से लैस यह ऐसा उपकरण है जो न केवल इलाकों की रेकी करेगा बल्कि इमरजेंसी में दुश्मन व आतंकियों पर फायरिंग भी कर सकता है। खड्ग-2 कोर की एक रेजिमेंट के अधीनस्थ यह उपकरण तैयार किया गया है जो अभी अंडर ट्रायल है लेकिन जल्द ही यह सेना की ताकत बनेगा। घाटी के विभिन्न आतंकी व सीमा क्षेत्रों मे कई बार विभिन्न सैन्य ऑपरेशनों के दाैरान सेना को ऐसे इलाकों की रेकी करनी पड़ती है जहां जोखिम बहुत ज्यादा होता है। भवनों, खंडहरों व घरों में आतंकियों के छिपे रहने की सूचना पर वहां बिना क्लीयरेंस सैन्य कार्रवाई में जोखिम और बढ़ जाता है। इस स्थिति में इन क्षेत्रों में जवानों की ओर से रेकी करने पर उनकी जान को ज्यादा खतरा रहता है। अब यह काम सेना का ग्राउंड रोबोटिक खच्चर करेगा ताकि जवानों की जान पर खतरे और जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा युद्ध की स्थिति में जवानों तक मेडिकल सामग्री और गोला-बारूद के बक्से पहुंचाने में भी इस उपकरण का इस्तेमाल किया जा सकेगा। संबंधित रेजिमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि बतौर ट्रायल इसे सेना की कुछ यूनिटों को उपलब्ध करवाया गया है और इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उपकरण की खासियत     इस मानवरहित जमीनी उपकरण से सेना को खुफिया, निगरानी व टोही अभियानों में मदद मिलेगी।     यह रोबोटिक खच्चर सीढ़ी भी चढ़ सकेगा जबकि ऊंचाई व ढलान पर भी चढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी।     यह उपकरण चार यूएचडी और एचडी फ्रंट कैमरों से लैस है। वीडियो और ऑडियो सिस्टम भी इंस्टाॅल है।     इसमें वाई-फाई, एलटीई, मैनेट नेटवर्क व रेडियो कनेक्टिविटी की सुविधा भी रहेगी।     इसका वजन 52 किलोग्राम है जबकि इसका ऑपरेशनल समय तीन घंटे है।     इसकी स्पीड 10 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और यह -20 डिग्री सेल्सियस व +45 डिग्री सेल्सियस में काम कर सकेगा।     इसकी पेलोड क्षमता 10 किलोग्राम है। इसमें चार सेंसर लगाए गए हैं।     रोबोटिक खच्चर 25 सेंटीमीटर का एक पग रखकर आगे-पीछे चल सकेगा। इसमें 1 किलो का डी-मोट कंट्रोलर भी इंस्टॉल होगा।     50 मीटर वाई-फाई सुविधा के चलते इसे मोबाइल से भी कनेक्ट कर ऑपरेट किया जा सकता है।  

छठ पूजा 2025 में व्रती रहें सावधान: 36 घंटे बिना पानी के व्रत में ऐसे रखें शरीर हाइड्रेट और फिट

पटना लोकआस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ अब शनिवार के नहाय-खाय के साथ आरंभ हो जांएगे। दीपावली के बाद शुरू होने वाले इस पर्व का सबसे कठिन चरण होता है 36 घंटे का निर्जला व्रत, इसमें व्रती बिना अन्न और जल ग्रहण किए सूर्य देव की उपासना करते हैं। यह तपस्या जितनी आस्था से जुड़ी है, उतनी ही शारीरिक सहनशक्ति की भी परीक्षा है। चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी रखकर श्रद्धालु अपनी आस्था और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा कर सकते हैं। व्रत से पहले भरपूर नींद लें और धूप से बचें राजधानी के चिकित्सकों के अनुसार व्रत शुरू करने से पहले पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके। व्रत के दौरान धूप में अधिक देर तक रहने से बचना चाहिए, इससे डिहाइड्रेशन और थकान की समस्या न हो। हार्ट, बीपी या शुगर के मरीज व्रत शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें और स्वास्थ्य जांच करा लें। बीपी के मरीज दवाओं को लेकर बरतें सावधानी आईजीआईसी के निदेशक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीपी के मरीजों को व्रत से पहले अपनी दवाओं में सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक असर करने वाली दवाएं न लें, क्योंकि इनके कारण व्रत के दौरान बीपी असंतुलित हो सकता है। कम असर अवधि वाली दवाएं ही डॉक्टर की सलाह से लें और पर्व के बाद तीन-चार दिनों तक लगातार बीपी जांच करते रहे। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मरीजों को नमक का सेवन सीमित रखना चाहिए और शरीर में पानी की कमी न होने दें। हार्ट, बीपी और शुगर मरीजों के लिए जरूरी सुझाव आईजीआईसी के उप निदेशक डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि हार्ट, बीपी व शुगर के मरीज व्रत से पहले डाक्टर से परामर्श लें और दवाओं की डोज एडजस्ट कराएं। अगर हार्ट, बीपी या शुगर का स्तर ज्यादा है तो व्रत के दौरान विशेष सकर्तकता बरते। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए खरना के प्रसाद के दौरान तरल पदार्थों का सेवन करें। शरीर को आराम दें, अधिक मेहनत वाले कामों से बचें। दवाओं का सेवन समय पर करें। ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच करें। किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। पारण के समय भी रखें सावधानियां पटना वीमेंस कॉलेज में क्लीनिकल न्यूट्रीशियन एंड डायटेटिक्स विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सुप्रिया ने बताया कि 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद पारण के समय शरीर को धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्रत तोड़ने की शुरुआत ठेकुआ के साथ पानी या नींबू पानी से करें, ताकि शरीर धीरे-धीरे हाइड्रेट हो सके। तुरंत भारी या तला-भुना भोजन न खाएं, इससे पेट खराब हो सकता है। व्रत के बाद पहले फल, जूस या हल्का नाश्ता लें और एक-दो घंटे बाद ही सामान्य भोजन करें। पूरे दिन में छोटे-छोटे आहार लेते रहें ताकि पाचन तंत्र पर अचानक भार न पड़े।  

मलेरिया बीमारी पर विशेषज्ञों की चेतावनी: 2030 तक नौ लाख से अधिक मौतें और लाखों बच्चे प्रभावित

नई दिल्ली सोचिए, एक बीमारी है जो मच्छर से फैलती है, जानलेवा है, और बच्चों को सबसे ज्यादा मारती है. दुनिया का सबसे बड़ा मलेरिया फंडिंग एजेंसी चेतावनी दे रहा है कि अगर इस बीमारी के खिलाफ अब सही समय पर पैसा नहीं लगाया गया, तो 2030 तक लगभग 9,90,000 और लोग मारे जा सकते हैं, जिनमें 7,50,000 बच्चे पांच साल से कम उम्र के हैं. मलेरिया एक ऐसा रोग है जो मच्छरों और पैरासाइट के कारण फैलता है. लेकिन इसके खतरों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है. लोग जरूरी सतर्कता नहीं उठाए तो यही बीमारी को और खतरनाक बनाता है.  विशेषज्ञों की चेतावनी एड्स, टीबी और मलेरिया से लड़ने वाले वैश्विक कोष (Global Fund) के कार्यकारी निदेशक पीटर सैंड्स ने बर्लिन में हुए विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में कहा कि अगर मैं एचआईवी, टीबी और मलेरिया से जुड़ी वर्तमान स्थिति के बारे में सोचूं, तो मुझे रातों में सबसे ज्यादा मलेरिया की बीमारी जगाए रखती है. उन्होंने आगे बताया कि, “मेरे लिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि इस साल मलेरिया से पिछले साल की तुलना में ज्यादा लोग मरेंगे. यह धन की कमी का असर है, और मलेरिया एक ऐसी बेरहम बीमारी है जो अविश्वसनीय रूप से तेजी से प्रतिक्रिया करती है.” मलेरिया नो मोर यूके के गैरेथ जेनकिंस ने इसे और सरल भाषा में कहा, “विकल्प स्पष्ट है कि मलेरिया को खत्म करने के लिए अभी निवेश करें या जब यह वापस आए तो कहीं ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा.” मलेरिया से मौतों का बड़ा आंकड़ा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मलेरिया से हर साल लगभग 5,97,000 लोग मरते हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं. मौतों का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा अफ्रीका में होता है. टीकाकरण और इलाज मौजूद होने के बावजूद, विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया के खिलाफ लड़ाई अभी भी कमजोर पड़ रही है. ग्लोबल फंड और फाइनेंशियल चुनौती दक्षिण अफ्रीका में होने वाले ग्लोबल फंड शिखर सम्मेलन से पहले विशेषज्ञ विभिन्न फंडिंग परिदृश्यों का अनुमान लगा रहे हैं. उम्मीद है कि 2027–2029 तक दाता देशों द्वारा योगदान तय होगा, क्योंकि ग्लोबल फंड मलेरिया नियंत्रण के लिए लगभग 60 प्रतिशत फंडिंग प्रदान करता है. ALMA (African Leaders Malaria Alliance) की कार्यकारी सचिव जॉय फुमाफी ने कहा कि हम वास्तव में मानव इतिहास के एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. ऐसे उपकरण उपलब्ध हैं जो मलेरिया के खत्म करने में मदद कर सकते हैं. इस समय हमारी सबसे बड़ी चुनौती फाइनेंसिंग है. उन्होंने साफ कहा कि मलेरिया को खत्म करने के साधन मौजूद हैं, लेकिन पैसे की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है.

जीएसटी 2.0 के प्रभाव से कार बिक्री में तेजी, 7 लाख यूनिट्स तक पहुंची बिक्री, Maruti Suzuki ने लगाया नया मुकाम

नईदिल्ली   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  कहा कि 22 सितंबर से लागू हुए जीएसटी सुधारों से घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काफी फायदा हुआ है और गाड़ियों की बिक्री दोगुनी होकर 7 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि बाजार के जानकारों का कहना है कि 22 सितंबर से जीएसटी लागू होने के बाद से दीपावली तक पूरी वाहन इंडस्ट्री की रिटेल बिक्री 6,50,000 से 7,00,000 यूनिट्स के बीच रही है। उन्होंने एक मीडिया आर्टिकल को पोस्ट करते हुए लिखा, एक महीने पहले लागू हुए जीएसटी 2.0 से ऑटो इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा मिला है और कारों की बिक्री दोगुनी से भी अधिक होकर 6,50,000 से 7,00,000 यूनिट्स तक पहुंच गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि दीपावली की खरीदारी के दौरान ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर भी मांग में तेज वृद्धि दर्ज की गई। इसमें प्रीमियम उत्पादों और इंस्टेंट डिलीवरी सर्विसेज ने ग्रोथ को बढ़ाने का काम किया। त्योहारी खर्च बड़े शहरों से आगे छोटे शहरों में भी दिखाई दिया। जीएसटी में कटौती और त्योहारी मांग के कारण कंपनियों ने बिक्री के रिकॉर्ड आंकड़े पेश किए हैं। टाटा मोटर्स ने कहा कि उसने नवरात्रि से लेकर दीपावली तक के 30 दिनों के दौरान एक लाख से अधिक गाड़ियों की डिलीवरी दी है। इस दौरान कंपनी की बिक्री में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। फेस्टिव सीजन में बेच डाली 4.50 लाख कारें; विदेश में भी बढ़ी डिमांड नवरात्रि से लेकर दिवाली तक ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की, जिसमें देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने सबसे आगे रहकर झंडा गाड़ दिया। मारुति सुजुकी ने इस फेस्टिव सीजन में कुल 3.25 लाख वाहनों की रिटेल बिक्री (Retail Sales) की और लगभग 4.50 लाख गाड़ियों की बुकिंग दर्ज की। इन आंकड़ों ने साबित कर दिया कि भारतीय ग्राहक नई गाड़ी खरीदने के लिए किस कदर उत्सुक थे। कार बिक्री में इस ऐतिहासिक वृद्धि के पीछे दो प्रमुख कारक थे, जिन्होंने एक आदर्श माहौल बनाया। जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत कारों पर टैक्स दरों में कमी आने से कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतें घट गईं। इससे जो ग्राहक पहले खरीदी टाल रहे थे, उत्साह के साथ शोरूम पहुंचे और जमकर खरीदारी की। कंपनियों और बैंकों द्वारा दिए गए आकर्षक लोन और फाइनेंस विकल्पों ने भी खरीदारों के लिए कार खरीदना आसान बना दिया। अनुमान बताते हैं कि नवरात्रि से दिवाली के बीच बिक्री में पिछले साल की तुलना में 15 से 35 प्रतिशत तक की तेज उछाल आई है। एसयूवी (SUV) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की डिमांड खास तौर पर जोरदार रही। कंपनी रिटेल बिक्री (Navratri-Diwali) सालाना वृद्धि (YoY) खास बात मारुति सुजुकी 3.25 लाख यूनिट्स 50% से अधिक 4.50 लाख बुकिंग का रिकॉर्ड। टाटा मोटर्स 1 लाख यूनिट से ज्यादा ~33% अकेले धनतेरस पर रिकॉर्ड डिलीवरी। हुंडई लगभग 75,000 यूनिट ~30% डेली डिलीवरी औसतन 2,500 यूनिट। टाटा मोटर्स के लिए यह सीजन अभूतपूर्व रहा। कंपनी ने 1 लाख से ज्यादा गाड़ियों की डिलीवरी दी, जिसमें से एसयूवी ने मुख्य भूमिका निभाई। नेक्सन (Nexon): 38,000 यूनिट्स से अधिक बिकी, जिसमें 73% YoY वृद्धि हुई। पंच (Punch): लगभग 32,000 यूनिट्स बिकी, 29% YoY वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): टाटा के ईवी पोर्टफोलियो ने 10,000 से ज्यादा डिलीवरी दी, जो दिखाता है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। सिर्फ धनतेरस के एक दिन में 51,000 से ज्यादा गाड़ियों ने नए मालिकों का घर सजाया, जो एक दिन की बिक्री का नया रिकॉर्ड है। बेशक कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि केवल 'पुल-फॉरवर्ड डिमांड' (यानी जिन ग्राहकों ने पहले खरीदना टाल दिया था, उन्होंने अब ख़रीदा है) का परिणाम हो सकती है, लेकिन यह आंकड़े बाजार के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। इस बड़ी बिक्री ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को वित्त वर्ष के शेष महीनों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया है। इस 'फेस्टिव बोनांजा' में सिर्फ मारुति ही नहीं, बल्कि अन्य बड़ी कंपनियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। मारुति सुजुकी की भी पॉजिशन मजबूत रही है और कंपनी ने मार्केट लीडर का खिताब बनाए रखा है। इंडस्ट्री बॉडी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, जीएसटी दरों में कटौती और स्थानीय या स्वदेशी उत्पादों की जोरदार मांग के चलते, 2025 में दीपावली की बिक्री रिकॉर्ड 6.05 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। दीपावली पर व्यापार में आई तेजी से लॉजिस्टिक्स, परिवहन, खुदरा सहायता, पैकेजिंग और डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में लगभग 50 लाख लोगों के लिए अस्थायी रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

प्रदेश में 45 रोड सेफ्टी एंड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट से होगी निगरानी, नागरिकों को मिलेगी फेसलेस सुविधा

प्रदेश में 45 रोड सेफ्टी एण्ड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट से निगरानी,  नागरिकों को फेसलेस सुविधा भोपाल  प्रदेश में वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त परिवहन चेकपोस्टों को बंद कर दिया गया है। इनके स्थान पर परिवहन विभाग ने 45 "रोड सेफ्टी एण्ड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट" प्रारम्भ कर दिए हैं। इन पर पदस्थ प्रवर्तन बल द्वारा बॉडीवोर्न कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्यवाही की जा रही है। "इज ऑफ डुइंग बिजनेस" के अंतर्गत इन प्वाइंट पर द्वारा अहम निर्णय लेते हुए प्रदेश में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों द्वारा ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन मोटरयान कर जमा करने की सुविधा दी गई है। परिवहन विभाग ने इस वर्ष 5 हजार 693 करोड़ रूपये का राजस्व संग्रहण का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष 2024-25 में परिवहन विभाग ने करीब 4 हजार 875 करोड़ रूपये का राजस्व संग्रहण किया था। यह राजस्व वर्ष 2023-24 के मुकाबले 5.83 प्रतिशत अधिक रहा है। प्रदेश में बनाये गये सुविधा केन्द्र परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि से संबंधित अधिकतर सेवाओं को एनआईसी के पोर्टल "वाहन" तथा "सारथी" के माध्यम से फेसलेस प्रदान किया जाना प्रारम्भ किया गया है, जिसमें आवेदक को कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होती। आमजन को परिवहन विभाग की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सहायता करने के लिए सीएससी सेंटर्स के अतिरिक्त एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को भी राज्य सरकार द्वारा सुविधा केन्द्र के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। आम जनता की सुविधा के लिये वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र एवं ड्राइविंग लाइसेंस डिजिटल रूप से रख सकने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा आवेदकों को ड्राइ‌विंग लाईसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र इलेक्ट्रानिक रूप में जारी किया जाना प्रारंभ किया गया है। नकदी रहित उपचार सुविधा सड़क दुर्घटना में घायलों के त्वरित उपचार के लिये "सड़क दुर्घटना पीडितों का नगदी रहित उपचार स्कीम-2025" सुचारू रूप से क्रियान्वित की गई है, जिसके तहत पीड़ित ऐसी दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिन की अवधि के लिये किसी भी नाम निर्दिष्ट अस्पताल में प्रति पीड़ित एक लाख पचास हजार रूपये तक की रकम के नकदी रहित उपचार करा सकता है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को गोल्डल आवर के अंदर अस्पताल तक में जाकर उन‌की सहायता करने वाले राह-वीरों को प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार रूपये एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है।  

24 अक्टूबर 2025 राशिफल: मकर राशि के लिए भाग्यशाली दिन, देखें आपकी राशि का फल

मेष आज के दिन बात-चीत में भाग लें और अपनी पर्सनालिटी को सामने लाएं। जल्दबाजी में डीसीजन लेने से बचें और दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए तैयार रहें। हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखें। वृषभ आज के दिन चीजों के कंट्रोल से बाहर जाने से पहले ही प्यार से जुड़ी हर समस्या को सॉल्व करें। आधिकारिक चुनौतियों के बावजूद, आप पेशेवर रूप से सफल होंगे। वित्तीय मामलों पर नजर रखें। मिथुन आज के दिन किसी भी नकारात्मक विचार को त्याग दें और सोल्यूशन की मानसिकता के साथ अपना पक्ष रखें। आपके लिए परीक्षाओं का दिन हो सकता है। अपने शब्दों का प्रयोग सावधानी से और शांत एवं क्लियर लहजे में करें। कर्क आज के दिन नया प्यार दिन का मुख्य आकर्षण है। फीलिंग्स को शेयर करने के लिए प्रेमी के साथ अधिक वक्त बिताएं। नई जिम्मेदारियां कार्यालय में आपके दरवाजे पर दस्तक देंगी। सिंह आज के दिन आपकी पेशेवर कमिटमेंट आपको काम पर चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी। धन और स्वास्थ्य दोनों ही आपके लिए एकदम सही और लाभकारी साबित होंगे। तनाव कम लें। कन्या आज के दिन पॉजिटिव नोट पर प्यार से संबंधित मुद्दों का ध्यान रखें। आपका आधिकारिक प्रदर्शन शानदार होगा और इससे आपके करियर में अधिक अवसरों को बढ़ने का रास्ता मिलेगा। तुला आज के दिन बिजनेस करने वाले नए व्यावसायिक आइडिया को लॉन्च कर सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ वित्तीय स्टेबिलिटी भी आपके पक्ष में रहेगी। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्यार से संबंधित समस्याओं को तुरंत सॉल्व करें। वृश्चिक आज के दिन आर्थिक रूप से आप आज अच्छे हैं। कोई बड़ी बीमारी आपको परेशान नहीं करेगी। जब प्यार से संबंधित मुद्दों की बात आती है तो सकारात्मक रहें। पेशेवर जीवन को लगन से संभालें। धनु आज के दिन अपने रिश्ते में ईमानदार रहें और इससे आपको खुशी मिलेगी। व्यावसायिक रूप से आप सफलता का स्वाद लेंगे। मामूली मौद्रिक मुद्दे हो सकते हैं। मकर आज के दिन आप व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों जीवन में सफलता को गले लगाएं। एक समृद्ध दिन होता है, जब आप महत्वपूर्ण निवेश निर्णय लेते हैं। आपका स्वास्थ्य भी सकारात्मक रहेगा। कुंभ आज के दिन समृद्धि आपके पास आएगी। स्वास्थ्य सामान्य रहने वाला है। कार्यालय में आपका प्रदर्शन नए पदों को प्राप्त करने में मदद करेगा। आज प्रमुख निवेशों के लिए दिन अच्छा है लेकिन अपने स्वास्थ्य के बारे में सावधान रहें। मीन आज के दिन पैसों को सही तरीके से मैनेज किया जाए। आज स्वास्थ्य भी अच्छा है। नौकरी खोजने के विकल्प खुले रखें, क्योंकि हो सकता है कि आपको कुछ बेहतर पाने का मौका मिले।

चांद-तारे नहीं, जनता के बीच किया निशाना: नीतीश ने तेजस्वी के वादे पर साधा निशाना

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जीविका योजना को लेकर वादों और दावों का दौर चल पड़ा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव के जीविका दीदी को लेकर किए गए चुनावी वादे पर तंज कसा है। सीएम ने गुरुवार को कहा कि वो चांद तारे तोड़ लाने के लिए बात कर रहे हैं। जीविका दीदियों और बिहार की महिलाओं का हितैषी दिखने की कोशिश कर रहे हैं। मगर सच यह है कि जीविका दीदियों के नाम पर ये लोग अपने परिवार की आजीविका तलाश रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को एक लंबा सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया। इसमें आरजेडी और तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना सीएम ने कहा कि बिहार की जनता ने इन लोगों को भी मौका दिया था लेकिन तब इनका ध्यान सेवा करने से ज्यादा मेवा खाने पर लगा हुआ था। इनके कार्यकाल में महिलाओं का विकास सिर्फ इनके परिवार तक ही सीमित था। इन लोगों के राज में बिहार की महिलाओं ने जो दुख- दर्द और जंगलराज का दंश झेला है, वह किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ऐसे लोगों को पता होना चाहिए कि ये 2005 से पहले वाला बिहार नहीं है। बिहार की बहन-बेटियां पढ़ रही हैं, आगे बढ़ रही हैं, नौकरियां कर रही हैं, स्वरोजगार में लगी हैं, नौकरियां दे रही हैं, बिहार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। बिहार की बहन-बेटियों को पता है कि उनके उत्थान और सम्मान के लिए किसने काम किया है। नीतीश ने अपने पोस्ट में अपनी सरकार में महिलाओं के लिए लाई गई योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 1.40 करोड़ से अधिक जीविका दीदियां अलग-अलग कामों से बिहार और देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, "हमने देश में पहली बार पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। हमने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की। महिलाओं के लिए डोमिसाइल नीति लागू की। हमारी सरकार ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू किया।" तेजस्वी का जीविका दीदी को 30000 रुपये सैलरी देने का वादा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को जीविका दीदियों को लेकर बड़ा चुनावी वादा किया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर जीविका दीदियों को स्थायी नौकरी दी जाएगी और उन्हें हर महीने 30000 रुपये वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने जीविका दीदियों के लिए 5 लाख रुपये का बीमा और 2000 रुपये अलग से भत्ता देने का भी वादा किया।  

भैया दूज की अनोखी जश्न: जेल अधीक्षक को तिलक लगाकर ड्रम वाली मुस्कान ने मनाई खुशी

मेरठ  चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड की आरोपी मुस्कान रस्तोगी ने जेल में भैया दूज मनाया है। गुरुवार को भाई दूज के मौके पर मेरठ कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने उन 27 महिला बंदियों से तिलक लगवाया, जिनके भाई मुलाकात के लिए नहीं पहुंचे। पति सौरभ की हत्या के आरोप में प्रेमी साहिल के साथ जेल में बंद मुस्कान के घर से उसका भाई भी जेल नहीं पहुंचा था। ऐसे में जेल अधीक्षक ने मुस्कान से भाई दूज का तिलक लगवाया। नीले ड्रम हत्याकांड से मुस्कान सुर्खियों में आई थी। उसकी मां कविता ने बताया है कि परिवार अब मुस्कान से कोई संबंध नहीं रखना चाहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी त्योहार पर वह उससे नहीं मिलेंगे, क्योंकि मुस्कान उनके जीवन का हिस्सा नहीं रही। वहीं, भैया दूज पर जेल परिसर में रोली, चावल, मिठाई और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई। बहनों के लिए छायादार पंडाल लगाए गए, ताकि वह सहजता से पर्व मना सकें। सुबह से ही बंदियों और उनके परिजनों में उत्साह देखने को मिला और देर शाम तक तिलक का क्रम जारी रहा। डेरा सच्चा सौदा की ओर से फ्री भोजन की आयोज भैया दूज के अवसर पर मेरठ जिला कारागार परिसर में डेरा सच्चा सौदा के नेतृत्व में निशुल्क भोजन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बंदियों से मिलने आने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। चार टुकड़ों में थी लाश; शव का पंचनामा भरने वाले दारोगा का बयान सौरभ हत्याकांड में शव का पंचनामा भरने वाले दारोगा धर्मेंद्र कुमार के जिला जज कोर्ट में 6 अक्टूबर को बयान दर्ज कराया था। दारोगा ने कोर्ट को बताया कि नीले ड्रम में लाश को सीमेंट से जमाया हुआ था। कटर से ड्रम और सीमेंट को काटकर मोर्चरी पर शव को बाहर निकाला गया। लाश टुकड़ों में मिली थी। सिर को धड़ से काटकर अलग किया गया था। दोनों हाथों को भी कलाई से काटकर अलग किया हुआ था। दोनों कटे हुए हाथ एक पॉलीथिन में बंद मिले थे। चाकू भी ड्रम के अंदर ही मिला था।