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सड़क पर ही विरोध! 20 रुपये में 6 नहीं, सिर्फ 4 गोलगप्पे पर महिला ने किया हंगामा

वडोदरा  बीच सड़क बैठकर रोती हुई महिला, स्पीड कम करके महिला को बचाकर निकलते वाहन। सोशल मीडिया पर ऐसा एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने की असली वजह वह कारण है जिसके लिए महिला इस तरह अपनी आवाज उठाने को मजबूर हुई। दावा किया जा रहा है कि 20 रुपये में 6 की जगह महज 4 गोलगप्पे दिए जाने से नाराज होकर महिला धरने पर बैठ गई। बताया जा रहा है कि वीडियो वडोदरा के सुरसागर झील इलाके का है। हाल ही में महिला सड़क किनारे एक गोलगप्पे वाले ठेले पर पहुंची थी। उसका आरोप था कि गोलगप्पे वाला 20 रुपये में 6 देता है लेकिन उसे केवल चार ही दिए। न्याय पाने के लिए महिला बीच सड़क धरने पर बैठ गई। महिला रोने लगी। महिला ने रोते हुए लोगों को अपना दुख बताया और कहा कि गोलगप्पे वाला दादागिरी करता है। महिला ने कहा कि वह उसका ठेला हटवाना चाहती है। ट्रैफिक बाधित होने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और किसी तरह उसे समझा-बुझाकर रास्ते से हटाया। वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग तरह-तरह के कॉमेंट कर रहे है। कुछ लोगों ने महिला के साथ सहानुभूति जताई और एक उपभोक्ता के रूप में उसके प्रदर्शन को सही बताया।  

रक्तदान करने वाले नागरिकों तथा स्वच्छता कर्मियों को किया सम्मानित

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण सीहोर जिले के इछावर में सेवा पखवाड़ा एवं स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में हुए शामिल भोपाल राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश का निरंतर विकास हो रहा है और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।जब हमारी माताएं और बहनें स्वस्थ रहेंगी तो निश्चित ही परिवार, समाज, प्रदेश और देश समृद्ध होगा। राष्ट्र के निर्माण में हमारी माताओं और बहनों का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए हमारी सरकार द्वारा उन्हें स्वस्थ और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जन भागीदारी, स्वच्छता, सेवा और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप देने एवं नागरिकों में स्वच्छता, सेवा, स्वास्थ्य और सामुदायिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “सेवा पखवाड़ा” एवं “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान संचालित किया जा रहा है।महिलाओं एवं किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकार द्वारा प्रदेश में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान संचालित किया जा रहा है। मनुष्य का जीवन सभी श्रेणियों में सर्वोच्च है और सेवा ही मानव का धर्म है। यह बात राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने "सेवा पखवाड़ा" एवं "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान के तहत सीहोर जिले के इछावर सिविल अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में कही। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण किया और झाडू लगाकर नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया।उन्होंने कार्यक्रम में रक्तदान शिविर में भाग लेने वाले नागरिकों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए।स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया और आवास योजना एवं आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। मंत्री श्री वर्मा ने सिविल अस्पताल इछावर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।स्वास्थ्य शिविर में 629 नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। इसके साथ ही रक्तदान शिविर में 49 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस अवसर पर अधिकारी,जनप्रतिनिधि, एवं नागरिक उपस्थित रहे।  

भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में विफल रही धर्मनिरपेक्ष सरकारें, बोले सीएम योगी

मथुरा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली केंद्र की पिछली सरकारें भारत को विश्व शक्ति बनाने में नाकाम रहीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे संभव कर दिखाया है। आदित्यनाथ ने कहा, 'पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते देखा है। पिछली सरकारों के लोग, जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते थे, अपनी सरकारों में भारत को विश्व शक्ति बनाने के लिए असंभव शब्द जोड़ देते थे। इस असंभव को पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संभव कर दिखाया है, जिन्होंने दीनदयाल उपाध्याय के मंत्र को आत्मसात किया है। योगी आदित्यनाथ मथुरा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेले को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज भारत का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की क्षमता रखता है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी की तैयारियों का जायजा लेने नोएडा पहुंचे सीएम उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी के तीसरे संस्करण की तैयारी का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दोपहर ग्रेटर नोएडा पहुंचे। समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के कई मंत्री और सभी विभागों के प्रमुख सचिव, जिले और मंडल के प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विकास प्राधिकरण तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहें। व्यापार प्रदर्शनी में इस बार 2,500 प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश व्यापार प्रदर्शनी का साझेदार देश रूस है। व्यापार प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। उद्घाटन के दौरान कई देशों के राजनिक भी मौजूद रहेंगे। आदित्यनाथ ने इस बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कई विभागों के अधिकारियों से उनकी तैयारी पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि व्यापार मेले की तैयारियों और आयोजन में किसी प्रकार की कमी नहीं आनी चाहिए।  

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी: केशव का विपक्ष को चेतावनी भरा संदेश

पीलीभीत यूपी के पीलीभीत पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में कहा कि देश में 2047 तक अखिलेश यादव और राहुल गांधी के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। अभी भाजपा को विकसित और समृद्ध भारत बनाना है। वोट चोरी के आरोपों को लेकर डिप्टी सीएम ने साफ तौर पर कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में जनता अपना मन दिखा चुकी है। अब बिहार के चुनाव भी परिणाम सब कुछ बता देंगे। विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कहा, अब बूथ कैपचरिंग नहीं, जनता की अदालत में फैसले होते हैं। भाजपा के पार्टी कार्यालय पर उप मुख्यमंत्री मौर्य ने विपक्ष को निशाने पर लिया। वोट चोरी के आरोपों पर कहा कि चुनाव आयोग सूची में गलत दर्ज वोटों को काट रहा है। इससे विपक्षियों को दर्द है। बोले कि कोई घुसपैठिया हमारे देश में आ गया है। उसने भी मतदाता सूची में नाल डलवा दिया है और भाजपा विरोधी दलों को वोट देता है। जब उसका नाम चुनाव आयोग काटता है तो राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव को दर्द होता है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा कि अब भ्रष्टाचार से मुक्त भारत बन रहा है। बूथों पर कब्जा कर चुनाव जीतने का युग खत्म हो गया। अब जो मतदाता अपना जहां वोट डालना चाहता है वहां मत डालता है। कांग्रेस की सरकार में एक रुपया लेागों तक भेजा जाता था कुछ पैसा ही पहुंचता था। पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो लोगों के खाते में करोड़ों रुपया डाल चुके हैं। ऐसे बीच में गड़बड़ी करने वालों को दर्द होना स्वाभाविक है। भाजपा सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि माताएं और बहनें सुरक्षित हैं। विपक्षी सत्ता के लिए तड़प रहे हैं। शुक्रवार को भाजपा कार्यालय पहुंचे डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर चलाए जा रहे सेवा पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित प्रबुद्ध वर्ग संवाद कार्यक्रम में कहा कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं। वे विपक्षी पार्टियों को खटक रहे हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग पर प्रश्नचिह्न लगाकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहा है। अब बूथ कैप्चरिंग जैसे तरीके काम नहीं आते, बल्कि जनता की अदालत में फैसले होते हैं। उन्होंने कहा कि पहले गुंडागर्दी के सहारे चुनाव जीते जाते थे, लेकिन भाजपा शासन में गुंडे प्रदेश से बाहर हो गए हैं। प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के दौरान सेवा पखवाड़े में की जा रही गतिविधियों पर प्रकाश डाला और विकसित भारत को लेकर सरकार का विजन बताया। डिप्टी सीएम ने कहा कि महिलाओं को मेडिकल कैंपों में ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराए, क्योंकि नारी स्वस्थ होगी तो देश स्वस्थ होगा। इस दौरान प्रभारी मंत्री बल्देव सिंह औलख, गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विवेक वर्मा, प्रवक्तानंद, बाबूराम पासवान, जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा आदि भाजपा संगठन के लोग रहे।  

‘संगीत की दुनिया में याद रहेगा उनका योगदान’– जुबीन गर्ग की मौत पर PM मोदी का भावुक संदेश

मुंबई  बॉलीवुड के मशहूर गायक जुबीन गर्ग का शुक्रवार निधन हो गया। सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग दुर्घटना में 52 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई। जुबीन की मौत के संगीत जगत सहित देशभर में शोक छा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुबीन गर्ग के निधन पर शोक व्यक्त किया। गर्ग के अचानक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, मोदी ने कहा कि गायक को संगीत में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। PM मोदी ने जताया शोक पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग के आकस्मिक निधन से स्तब्ध हूं। उन्हें संगीत में उनके समृद्ध योगदान के लिए याद किया जाएगा। उनके गायन सभी क्षेत्रों के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय थे। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति। अशोक सिंघल ने की ​गायक के निधन की पुष्टि इससे पहले, असम के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल ने सोशल मीडिया पर गायक के निधन की पुष्टि की। मंत्री ने X पर पोस्ट किया, हमारे प्रिय ज़ुबीन गर्ग के असामयिक निधन से बहुत दुःख हुआ। असम ने न केवल एक आवाज, बल्कि एक धड़कन भी खो दी है। जुबीन दा एक गायक से कहीं बढ़कर थे; वे असम और राष्ट्र का गौरव थे, जिनके गीतों ने हमारी संस्कृति, हमारी भावनाओं और हमारी भावना को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाया। स्कूबा डाइविंग के दौरान हुआ हादसा नॉर्थ ईस्ट न्यूज़ ने बताया कि गायक सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग गतिविधि में भाग ले रहे थे, तभी वे समुद्र में गिर गए। उन्हें बचा लिया गया और आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहाँ बाद में उनकी मृत्यु हो गई। गायक शनिवार को सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में प्रस्तुति देने वाले थे। ज़ुबीन गर्ग के बारे में अधिक जानकारी 1972 में मेघालय में जन्मे जुबीन एक असमिया गायक थे, जिनका असली नाम जुबीन बोरठाकुर था। 1990 के दशक में उन्होंने अपने अंतिम नाम की जगह अपना गोत्र, गर्ग, रखकर अपना मंच नाम अपनाया। 2006 में उन्होंने फिल्म गैंगस्टर का गाना 'या अली' गाया। इस चार्टबस्टर की सफलता ने उन्हें देश भर में प्रसिद्धि दिलाई और आगे चलकर कई बॉलीवुड हिट गाने दिए, जिनमें सुबह सुबह और क्या राज है शामिल हैं। 40 से अधिक भाषाओं में गाए गाने जुबीन ने मुख्य रूप से असमिया, बंगाली और हिंदी फिल्म और संगीत उद्योगों में काम किया और गाया, लेकिन 40 से ज्यादा भाषाओं और बोलियों में भी गाया। कई सालों तक उन्हें असम का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला गायक बताया जाता था।

किसान की पिटाई पर बवाल, जीतू पटवारी का हमला- ‘मध्यप्रदेश में हो रहा है अन्याय’

शिवपुरी करैरा में शुक्रवार दोपहर खाद के टोकन के लिए लाइन में लगे किसान को नायब तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। तहसीलदार कल्पना शर्मा ने कहा कि किसान व्यवस्था बिगाड़ रहा था। हंगामे के बाद वहां पहुंचे किसान कांग्रेस के नेता मान सिंह फौजी ने पीड़ित किसान की बात मोबाइल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी से करवाई। पटवारी ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तहसीलदार ने डिलीट कराया वीडियो कलेक्टर से शिकायत कर नायब तहसीलदार पर कार्रवाई कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार खाद वितरण केंद्र पर टोकन लेने के लिए किसानों की लाइन लगी थी। आरोप है कि इसी दौरान लाइन में धक्का-मुक्की के दौरान हाथरस गांव निवासी महेंद्र राजपूत को नायब तहसीलदार विजय त्यागी ने थप्पड़ मारा। एक किसान ने इसका वीडियो बना लिया, लेकिन नायब तहसीलदार ने पुलिसकर्मियों की मदद से किसान का मोबाइल छीन कर वीडियो डिलीट करवा दिया।  

टॉस अपडेट: भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया, बुमराह और वरुण चक्रवर्ती बाहर

दुबई  एशिया कप 2025 के ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला आज खेला जा रहा है। टीम इंडिया ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। सूर्यकुमार यादव ने प्लेइंग 11 से 2 खिलाड़ियों के बाहर होने की अपडेट दी है। जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती की जगह हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह की प्लेइंग 11 में वापसी हुई है। टीम इंडिया की प्लेइंग 11 अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, संजू सैमसन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव। ओमान की प्लेइंग इलेवन आमिर कलीम, जतिंदर सिंह (कप्तान), हम्माद मिर्जा, विनायक शुक्ला (विकेटकीपर), शाह फैसल, जिक्रिया इस्लाम, आर्यन बिष्ट, मोहम्मद नदीम, शकील अहमद, समय श्रीवास्तव और जितेन रामानंदी। टॉस हारने के बाद जतिंदर सिंह ने कहा, "मैं पहले बल्लेबाजी करना पसंद करता। हमारी टीम युवा है, उसे अभी ज़्यादा अनुभव नहीं मिला है, लेकिन इससे उन्हें यहाँ आकर खुद को परखने का अच्छा मौका मिलता है। भारत के साथ मैदान साझा करने और उनकी मानसिकता को समझने का यह एक शानदार मौका है। हमारी टीम में दो बदलाव हैं। टॉस जीतकर सूर्यकुमार यादव ने कहा, "हम पहले बल्लेबाजी करेंगे। हमने इस प्रतियोगिता में पहले बल्लेबाजी नहीं की है और हम अपनी गहराई जानना चाहते हैं। सुपर 4 में जाने से पहले खेलने का समय मिलना ज़रूरी है। हम पहले दो मैचों में जो अच्छी आदतें अपना रहे हैं, उन्हें जारी रखना चाहते हैं। यह अच्छा लग रहा है और हमारे सलामी बल्लेबाज़ आगे इसका आकलन करेंगे।

जानलेवा अमीबा ने केरल में ली 19 जानें, ऐसे करें अपनी सुरक्षा

केरल  पिछले कुछ समय से केरल राज्य एक जीवित सूक्ष्मजीव के कारण दहशत झेल रहा है। बता दें, इस सूक्ष्मजीव का नाम नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में 'दिमाग खाने वाला अमीबा' कहा जाता है। हाल ही में केरल में ब्रेन ईटिंग अमीबा के लगभग 67 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें 19 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। ब्रेन ईटिंग अमीबा के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और राज्य स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि यह गंभीर संक्रमण नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश करके मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट कर देता है। आइए जानते हैं आखिर क्या है दिमाग खाने वाला यह अमीबा, इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय। क्या है ब्रेन ईटिंग अमीबा ब्रेन ईटिंग अमीबा नेग्लेरिया फाउलेरी नामक एक सूक्ष्म अमीबा के संक्रमण से होता है। यह साइज में बहुत छोटा होने की वजह से नाक के जरिए शरीर में प्रवेश करके सीधा दिमाग में पहुंच जाता है। दिमाग के टिशू जो पहले से ही काफी मुलायम होते हैं, यह अमीबा उन्हें धीरे-धीरे गलाना शुरू कर देता है, जिसकी वजह से 98 प्रतिशत संक्रमित लोग जिंदा नहीं बच पाते हैं। ब्रेन ईटिंग अमीबा के कारण डॉक्टरों की मानें तो बढ़ते तापमान के कारण अमीबिक मेनिन्जाइटिस के मामले बढ़ रहे हैं। गर्म परिस्थितियां इस रोगाणु के लिए आदर्श प्रजननस्थल बनाती हैं। ब्रेन ईटिंग अमीबा आमतौर पर गर्म, मीठे पानी वाले स्थानों जैसे झील, तालाब, गर्म पानी के स्विमिंग पूल, या टैंक में पाया जाता है। वॉटर एक्टिविटीज के दौरान इसके मनुष्यों के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है। संक्रमित पानी के छींटे या स्नान के दौरान यह नाक के मार्ग से मस्तिष्क तक पहुंच जाता है। ब्रेन ईटिंग अमीबा के लक्षण अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू के समान हो सकते हैं। जो आमतौर पर संक्रमण के लगभग 9 दिन बाद दिखाई देने लगते हैं। जैसे कि- -तेज बुखार -ठंड लगना -सिरदर्द -मतली और उल्टी -गर्दन में अकड़न – रोशनी से डर -दौरे – नींद में बदलाव और चक्कर ब्रेन ईटिंग अमीबा से बचाव यह संक्रमण तेजी से मस्तिष्क को प्रभावित करता है। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो 48 से 72 घंटे में मृत्यु तक हो सकती है। लेकिन समय रहते एमआरआई समेत बाकी जांच करवाकर इस बीमारी का इलाज करवाया जा सकता है। ब्रेन ईटिंग अमीबा के इलाज के दौरान डॉक्टर आमतौर पर एंटी-एमीबिक दवाओं और सहायक देखभाल का उपयोग करते हैं, लेकिन बहुत कम मामलों में ही मरीज पूरी तरह ठीक हो पाता है।  

बाबा रामदेव की पतंजलि पर मीलॉर्ड का हमला, कोर्ट ने दी कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने आज (शुक्रवार, 19 सितंबर को) योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और पतंजलि फूड्स लिमिटेड को तब कड़ी फटकार लगाई, जब डाबर इंडिया के साथ च्यवनप्राश के विज्ञापनों को लेकर चल रहे विवाद में कंपनी अपनी अपील पर अड़ गई। पतंजलि आयुर्वेद ने सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी, जिसमें उसे अपने विज्ञापनों के कुछ हिस्सों को हटाने का निर्देश दिया गया था। कथित तौर पर उन विज्ञापनों में पतंजलि ने डाबर सहित अन्य प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के च्यवनप्राश उत्पादों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। जस्टिस हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने पतंजलि से कहा कि या तो वह अपील वापस ले ले या फिर जुर्माना भरने के लिए तैयार हो जाए। कोर्ट ने सख्त लहजे में पतंजलि को चेतावनी दी कि अगर कंपनी ने अपनी चुनौती वापस नहीं ली तो उस पर भारी भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। पीठ ने कहा कि आदेश में पतंजलि को पूरा विज्ञापन हटाने का निर्देश नहीं दिया गया है, बल्कि केवल उसके कुछ हिस्सों में संशोधन करने का आदेश दिया गया है, जो दूसरी कंपनियों को अपमानजनक तरीके से कमतर दिखाते हैं। विवाद दिसंबर 2024 में शुरू हुआ यह विवाद दिसंबर 2024 में शुरू हुआ, जब भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी उपभोक्ता वस्तु कंपनियों में से एक, डाबर ने पतंजलि के च्यवनप्राश विज्ञापन अभियान के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। डाबर ने अपनी अर्जी में आरोप लगाया कि पतंजलि के दावे भ्रामक, अपमानजनक और उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले हैं। डाबर के क्या आरोप? दशकों से च्यवनप्राश का विपणन करने वाली डाबर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि पतंजलि के विज्ञापनों में दावा किया गया है कि उसके प्रतिद्वंद्वी कंपनी के च्यवनप्राश में पारा होता है, इसलिए वह बच्चों के लिए असुरक्षित हैं। कंपनी ने पतंजलि के इस दावे को भी चुनौती दी कि उसका च्यवनप्राश 51 जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया था, जबकि डाबर के संस्करण में केवल 40 जड़ी-बूटियाँ हैं। डॉबर ने आरोप लगाया कि पतंजलि के इस भ्रामक विज्ञापन ने दशकों से पीढ़ियों के बीच बने उपभोक्ता विश्वास को नुकसान पहुंचाया है। सिंगल बेंच का क्या था आदेश? जुलाई 2025 में, जस्टिस मिनी पुष्करणा की सिंगल बेंच ने एक अंतरिम आदेश पारित कर पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और पतंजलि फूड्स लिमिटेड को पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश के अपने विज्ञापनों को संशोधित करने का निर्देश दिया था। इसी के खिलाफ पतंजलि ने डबल बेंच में अपील की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, पतंजलि की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत मेहता ने पीठ के सख्त रुख को देखते हुए अगली कार्रवाई के बारे में निर्देश लेने के लिए समय की माँग की। इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई मंगलवार, 23 सितंबर तक टाल दी। पतंजलि आयुर्वेद के तर्क हालांकि, सुनवाई के दौरान योग गुरु रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा सह-स्थापित पतंजलि ने अपने अभियान का बचाव करते हुए इसे वैध आत्म-प्रचार बताया। कंपनी ने कहा कि उसके विज्ञापनों में डाबर का नाम नहीं लिया गया है और न ही उसकी सीधी तुलना की गई है। कंपनी ने तर्क दिया कि विवादित बयान उत्पाद लेबल सहित सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं, और इसलिए उन्हें भ्रामक नहीं माना जा सकता लेकिन पीठ ने उनकी एक नहीं सुनी।