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राशिफल 15 सितंबर: मेष से मीन तक हर राशि का दिन कैसा बीतेगा, पढ़ें पूरी जानकारी

मेष- आज पूजा-पाठ और अच्छे कामों में मन लगेगा। पढ़ाई या विदेश से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सेहत का ध्यान रखें। पैतृक संपत्ति से फायदा होगा। चुनौतियों को तुम आत्मविश्वास से संभाल लोगे। ऑफिस में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। धन लाभ के योग भी बनेंगे। वृषभ- स्टूडेंट्स को सफलता मिलने के आसार हैं। नौकरी में प्रमोशन और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। जमीन–गाड़ी से फायदा हो सकता है। लेकिन भावुक होकर जल्दी-जल्दी फैसले न लें। धैर्य से काम करें। आज खर्चों पर भी नजर रखें। मिथुन – काफ़ी समय से रुके काम पूरे होंगे। पैसों की स्थिति सुधरेगी। दुश्मनों पर जीत और ऑफिस में प्रमोशन के योग हैं। घर-परिवार से सहयोग मिलेगा। वैवाहिक जीवन भी बेहतर रहेगा। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कर्क – व्यापार में अच्छे रिजल्ट्स मिलेंगे। कला-संगीत में रुचि बढ़ेगी, लेकिन मन किसी अज्ञात डर से परेशान रह सकता है। घर के मामलों को शांति से सुलझाएं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। भाई-बहन की मदद करनी पड़ सकती है। सिंह – आज गुस्से पर नियंत्रण रखें। आपके रिश्ते सुधरेंगे। पढ़ाई में सफलता मिलेगी लेकिन खर्चे भी बढ़ सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आज काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ सकता है। कन्या – लव लाइफ अच्छी रहेगी। रिलेशनशिप की दिक्कतें कम होंगी। नौकरी तलाशने वालों को कॉल आ सकता है। कान, गले या नाक की तकलीफ से बचने के लिए सतर्क रहें। डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान दें। आज आर्थिक स्थिति भी सामान्य रहेगी। तुला – कामकाज में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। वाणी में मिठास आएगी। बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। स्वास्थ्य में सुधार के योग हैं। आज आपकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी। वृश्चिक – दिन सामान्य रहेगा। काम पर फोकस करें। ऑफिस में बेवजह के वाद-विवाद से दूर रहें। कुछ लोग जॉब स्विच कर सकते हैं। कुछ को प्रमोशन मिलेगा। हेल्दी खाना खाएं और जंक फूड से बचें। धनु – काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी से हल्की अनबन हो सकती है, इसलिए भावनाओं और गुस्से पर काबू रखें। रहन-सहन और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कार्यक्षेत्र में बदलाव संभव है लेकिन माहौल ठीक रहेगा। मकर – भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आत्मविश्वास से लबरेज़ रहेंगे। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। अनियोजित खर्च भी बढ़ सकते हैं। नौकरी और कारोबार के लिए दिन अच्छा रहेगा। माता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कुंभ – आर्थिक मामलों में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। नए निवेश के लिए शुभ समय, लेकिन जल्दबाज़ी न करें। रिस्क न लें। बजट देख कर ही फैसले करें। हेल्थ और लाइफस्टाइल में पॉजिटिव बदलाव शुरू करने का अच्छा दिन। मीन – काम की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास से करें। जिम्मेदारियों को सावधानी से संभालें। बड़े बदलावों के लिए तैयार रहें। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ अपने सपनों पर काम करते रहें। व्यापारियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।

नशे के कारोबार पर DRI का शिकंजा, मास्टरमाइंड समेत 10 गिरफ्तार, 26 करोड़ की खेप बरामद

कोलकाता राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की। डीआरआई की कोलकाता क्षेत्रीय इकाई ने 12 सितंबर को चलाए गए बहुआयामी अभियान में लगभग 26 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए और रैकेट के मास्टरमाइंड सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, सुबह के शुरुआती घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डा और जादवपुर के बिजॉयगढ़ इलाके के दो आवासीय परिसर शामिल थे। रैकेट के मास्टरमाइंड के आवास से भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड, कैनाबिस और कोकीन बरामद किया गया है। मास्टरमाइंड द्वारा किराए पर लिए गए और संचालित एक अन्य आवास से, 'वितरण के लिए तैयार' रूप में भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया। कोलकाता में ऐसी नशीली दवाओं की बिक्री और स्थानीय वितरण के लिए काम कर रहे मास्टरमाइंड के चार सहयोगियों को भी उसी स्थान से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने उक्त स्थानों से नकदी भी जब्त की, जो नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त हुई थी। सिंडिकेट का एक अन्य सदस्य, जो विदेशों में आपूर्तिकर्ताओं की व्यवस्था करने में शामिल है, को भी उसी दिन गिरफ्तार किया गया। इस बीच, दमदम स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डे पर एक अलग अभियान में, बैंकॉक से आ रहे उक्त गिरोह से जुड़े चार मालवाहकों (जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं) को पकड़ा गया है। उनके पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए। कुल मिलाकर अभियान में कुल 32.466 किलोग्राम गांजा, 22.027 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड, 345 ग्राम कोकीन और नकदी जब्त की गई है। मास्टरमाइंड, विदेशी वाहक, खुदरा वितरक और बिचौलियों सहित दस लोगों (सभी भारतीय नागरिक) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के लिए अदालत में पेश किया गया है। सभी जब्ती और गिरफ्तारियाँ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत की गई हैं। आगे की जांच जारी है।

नए युग की ओर यूपी: हाई-टेक उद्योग देंगे राज्य को विश्वस्तरीय पहचान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 'विकसित उत्तर प्रदेश-समर्थ उत्तर प्रदेश @2047' विजन को साकार करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर रही है। इस रूपरेखा में तीन मिशन- समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा तीन थीम- अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मत है कि अगले 22 साल में उत्तर प्रदेश की ग्लोबल पहचान भविष्योन्मुखी उद्योगों पर ध्यान केंद्रित किए बगैर नहीं प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए सरकार का विशेष ध्यान एआई, बायोटेक, ग्रीन एनर्जी और एग्रीटेक आधारित उद्योगों पर है। इसके साथ ही सरकार प्रदेश के 12 प्रमुख सेक्टर (कृषि, औद्योगिक विकास, आईटी व इमर्जिंग टेक, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर व ग्राम्य विकास, सतत विकास, पशुधन, पर्यटन, अवस्थापना और सुरक्षा-सुशासन) के जरिए भविष्य के उद्योगों की रूपरेखा तैयार करने में जुटी हुई है। इस व्यापक खाके का आर्थिक लक्ष्य 2030 तक प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की गिनती बीमारू और विकास की दौड़ में पिछड़े राज्य की बन चुकी थी। सुरक्षा तंत्र की कमजोरी, निवेश के लिए असुरक्षित माहौल, हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और कौशल विकास की अनुपस्थिति के कारण निवेशकों का विश्वास घटा हुआ था। पुलिस सशक्तिकरण और स्मार्ट मॉनिटरिंग का ढांचा न होने से अपराध पर नियंत्रण ढीला था। यही कारण था कि रोजगार और उद्योग दोनों ही सीमित स्तर पर ठहर गए थे। यहां तक कि अधिकांश उद्यमी अन्य राज्यों की ओर पलायन कर चुके थे। योगी सरकार ने 2017 के बाद से कानून-व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार किए। पुलिस भर्ती और आधुनिकीकरण, स्मार्ट निगरानी नेटवर्क, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई से प्रदेश का सुरक्षा वातावरण पूरी तरह बदल गया। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ जैसी पहलों ने सजा दर बढ़ाई और निवेशकों के लिए विश्वासपूर्ण माहौल तैयार किया। इसका सीधा असर उद्योग और व्यापार पर पड़ा और प्रदेश निवेश का सुरक्षित गढ़ बन सका। यही वजह रही कि 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश की नामचीन कंपनियों ने यूपी में 45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रख दिया। इसमें से 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतर भी चुके हैं। यूपी ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति लागू करके नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नया केंद्र बनाने की पहल की है। इस नीति का उद्देश्य फॉर्च्यून 500 कंपनियों को आकर्षित करना है ताकि प्रदेश में उच्च वेतन वाली नौकरियां, आरएंडडी, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसी उच्च मूल्य सेवाएं विकसित हो सकें। राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही जमीन, टैक्स छूट और बुनियादी ढांचे की सुविधा ने घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। प्रदेश अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बायोटेक, अक्षय ऊर्जा, एग्रीटेक, क्वांटम, साइबर सिक्योरिटी और मेटावर्स जैसे भविष्य के उद्योगों को अपनी अर्थव्यवस्था का आधार बना रहा है। एआई से उत्पादकता बढ़ेगी, जबकि अक्षय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में नए विनिर्माण क्लस्टर और रोजगार सृजित होंगे। बायोटेक और हेल्थ-टेक पार्क राज्य को फार्मा और मेडिकल रिसर्च का हब बनाएंगे। एग्रीटेक और वर्टिकल फार्मिंग किसानों की आय बढ़ाकर ग्रामीण समृद्धि को मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च मूल्य सेवाएं, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीटेक सुधार प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएंगे। जीसीसी और आईटी-एआई हब से सेवाओं का निर्यात बढ़ेगा, रिन्यूएबल और ई-मोबिलिटी क्लस्टर से विनिर्माण व एक्सपोर्ट में तेजी आएगी और कृषि आधारित प्रोसेसिंग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बायोटेक और मेडिकल आरएंडडी से विशेषीकृत रोजगार और निर्यात अवसर खुलेंगे। योगी सरकार का यह विजन रोजगार सृजन पर केंद्रित है। प्रत्यक्ष तौर पर लाखों उच्च-वेतन नौकरियां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और आईटी हब से मिलेंगी। वहीं, रिन्यूएबल, स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन में लाखों मध्यम और निम्न-कुशल नौकरियां बनेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एग्रीटेक और कोल्ड चेन से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और शहरी पलायन कम होगा। स्किल-विकास योजनाएं और प्राइवेट पार्टनरशिप इस रोजगार रोडमैप को व्यवहार्य बनाएंगी। 2047 तक उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य को लगातार 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इस विज़न के अंतर्गत प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में प्रदेश का योगदान लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंचेगा। यह केवल तभी संभव होगा जब निजी और सार्वजनिक निवेश, क्लस्टर-बिल्डिंग, मानव संसाधन विकास और सुरक्षित निवेश माहौल निरंतर बनाए रखा जाए।

अमित शाह बोले – राजभाषा सम्मेलन देश में नई प्रेरणा और उत्साह का संचार कर रहा

गांधीनगर हिंदी दिवस के अवसर पर गुजरात की राजधानी गांधीनगर में 5वां अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की और देशभर से आए राजभाषा और भारतीय भाषाओं के विद्वानों का स्वागत किया। अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए विशेष अवसर है, क्योंकि पूरे देश से राजभाषा और भारतीय भाषा के उत्साही लोग एकत्रित हुए हैं। यह मेरा संसदीय क्षेत्र भी है और मैं आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं। उन्होंने सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह समारोह पहले हमेशा दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की परंपरा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि 2021 के बाद 5वां अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन दिल्ली के बाहर हो रहा है। पिछले चार सम्मेलनों के अपने अनुभव से हम जानते हैं कि यह नए दृष्टिकोण, ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस बदलाव से हमें राजभाषा और अन्य भारतीय भाषाओं के बीच संवादिता और आदान-प्रदान का शानदार अवसर मिला है। उन्होंने गुजरात की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही यह हिंदी भाषी राज्य नहीं है, लेकिन यहां हिंदी को हमेशा से अपनाने और आगे बढ़ाने की परंपरा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने न केवल हिंदी को स्वीकार किया, बल्कि इसके प्रचार-प्रसार में भी अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब सारा कामकाज जनता की भाषा में होता है तो जनता के साथ संपर्क अपने आप बढ़ जाता है। सारथी एक अनुवाद की प्रणाली है। यह हिंदी से भारत की सभी भाषाओं में सरलता से अनुवाद करने की व्यवस्था है। मैं गर्व के साथ देशभर की सभी सरकारों को कहना चाहता हूं कि आप अपनी भाषा में हमें पत्र दीजिए और गृह मंत्रालय आपकी ही भाषा में जवाब देगा, हम यह व्यवस्था कर चुके हैं। आने वाले दिनों में हम इसे और समृद्ध करेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि आज हिंदी दिवस के अवसर पर, मैं आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं और गुजरात की पावन धरती पर आपका स्वागत करता हूं। आज गांधीनगर में 5वां अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राजभाषा विभाग ने डिजिटल हिंदी शब्दकोश 'सिंधु' जैसे प्रयास किए हैं। इन प्रयासों के माध्यम से शब्दकोश 'सिंधु' में 7 लाख से अधिक शब्द शामिल किए गए हैं।

कांग्रेस घुसपैठियों की रक्षक, देश विरोधियों की हमदर्द – पीएम मोदी का आरोप

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के दरांग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनता को कांग्रेस के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग हमारी सेना की बजाय आतंकियों को पालने वालों के एजेंडों को आगे बढ़ाते हैं। पाकिस्तान का झूठ कांग्रेस का एजेंडा बन जाता है। इसलिए आपको कांग्रेस के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए। पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब पूरा देश आतंक से लहूलुहान होता था और कांग्रेस चुपचाप खड़ी रहती थी। आज हमारी सेना 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाती है, पाकिस्तान के कोने-कोने से आतंक को उखाड़ फेंकती है, लेकिन कांग्रेस के लोग पाकिस्तान की सेना के साथ खड़े हो जाते हैं। कांग्रेस के लोग हमारी सेना की बजाय आतंकियों को पालने वालों के एजेंडों को आगे बढ़ाते हैं। पाकिस्तान का झूठ कांग्रेस का एजेंडा बन जाता है, इसलिए आपको कांग्रेस के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस के लिए अपने वोट बैंक का हित सबसे बड़ा है। कांग्रेस देशहित की कभी परवाह नहीं करती है। आज कांग्रेस देशविरोधियों और घुसपैठियों की भी रक्षक बन चुकी है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब वह घुसपैठ को बढ़ावा देती थी और आज कांग्रेस चाहती है कि घुसपैठिए हमेशा के लिए भारत में बस जाए और भारत का भविष्य घुसपैठिए तय करें।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "दशकों तक कांग्रेस ने असम पर शासन किया, फिर भी उन्होंने 60-65 वर्षों में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल तीन पुल बनाए। इसके विपरीत, जब आपने हमें अवसर दिया, तो हमने केवल एक दशक में छह नए पुल बनाए। यह स्वाभाविक है कि आप हमारे प्रयासों की सराहना करेंगे और हमें अपना समर्थन देंगे। केवल नौ दिनों में नवरात्रि के पहले दिन, जीएसटी दरों में उल्लेखनीय गिरावट आने वाली है, जिससे देश के लोगों को काफी लाभ होगा। इस कमी से सीमेंट, बीमा, मोटरसाइकिल और कारों की कीमतों में भारी कमी आएगी।"

प्रदेश में कचरे के निष्पादन के लिये नगरीय निकायों को किया जा रहा है प्रोत्साहित

भोपाल में बेकार कपड़े को रिसायकल करके उच्च गुणवत्ता का तैयार किया जा रहा है फाइबर पीपीपी मॉडल पर तैयार किया गया है अत्याधुनिक प्लांट भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगरीय निकायों को कचरे के उचित निष्पादन के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। प्रदेश के अनेक नगरीय निकायों ने इस दिशा में अभिनव पहल भी की है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। भोपाल नगर निगम ने कपड़े के रूप में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) टेक्सटाइल रिकवरी फेसिलिटी (टीआरएफ) सेंटर स्थापित किया है। यह पहल वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रिसायकल) को बढ़ावा देने दी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम भोपाल की इस परियोजना का संपूर्ण खर्च कंपनी द्वारा वहन किया गया है और लगभग 2 करोड़ रूपये की लागत से यह अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया गया है। निगम को इसके एवज में प्रति माह 22 हजार रूपये की रायल्टी प्राप्त होगी। यह टीआरएफ यूनिट प्रति घंटा एक टन बेकार कपड़ा अपशिष्ट प्रोसेस करने की क्षमता रखता है। इस यूनिट में एकत्रित पुराने कपड़ों को छटाई और 7-स्टेज डीथ्रेडिंग यूनिट की आधुनिक प्रक्रिया से गुजार कर उच्च गुणवत्ता का कॉटन और फाइबर तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट के सॉफ्ट टायज, किक बैग्स, क्रिकेट पैड्स, रंगीन कॉटन, सफेद कॉटन और पॉलीएस्टर फाइबर जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। इससे न केवल राजधानी भोपाल में केवल कपड़ा अपशिष्ट का पुन: उपयोग संभव हुआ है, बल्कि अनेक लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। पर्यावरण संरक्षण फाइबर सायकल टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना भोपाल को स्वच्छ और हरित शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह यूनिट प्रदेश के अन्य नगरों के लिये भी एक प्रेरक मॉडल बन गयी है। इस इकाई की कुल क्षमता 10 टन प्रति दिन है। भोपाल नगर निगम महापौर श्रीमती मालती राय ने भी इकाई का दौरा कर इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की है। इस इकाई को नगर निगम ने सिर्फ जमीन उपलब्ध कराई है। सारा निवेश कंपनी की तरफ से किया गया है।  

पदभार संभालते ही सुशीला कार्की का ऐलान – छह महीने से ज़्यादा नहीं रुकूंगी

काठमांडू  नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। देश की नई अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार को राजधानी काठमांडू के सिंहदरबार पहुंचकर आधिकारिक तौर पर पदभार संभाला। इस मौके पर नेपाल आर्मी के प्रमुख भी मौजूद थे। सुशीला कार्की का पहला संबोधन पद संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में सुशीला कार्की ने साफ कहा कि उनकी सरकार सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा, 'मेरी टीम और मैं यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं। हम 6 महीने से ज्यादा नहीं रुकेंगे और समय आने पर नई संसद को जिम्मेदारी सौंप देंगे। जो लोग तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल रहे हैं, उनकी जांच जरूर होगी। जनता का सहयोग मिले बिना हम सफल नहीं हो सकते।' सुशीला कार्की से युवाओं की उम्मीदें नेपाल में लंबे समय से अस्थिरता बनी हुई थी। अब युवाओं का मानना है कि सुशीला कार्की के नेतृत्व से देश में बदलाव की उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बेहतर शिक्षा की कमी सबसे बड़ी समस्याएं रही हैं। कई युवाओं ने बताया कि हालात इतने खराब थे कि छोटी-सी सरकारी फाइल आगे बढ़ाने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ती थी। आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही थी, जबकि बड़े नेताओं के काम आसानी से पूरे हो जाते थे। संतोष नामक एक युवा का कहना है, 'यह बदलाव बहुत जरूरी था। अब जब कार्की प्रधानमंत्री बनी हैं और पहले जज भी रह चुकी हैं, तो हमें भरोसा है कि पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार कम होगा। थापा ने कहा कि युवाओं को लंबे समय से ऐसे नेतृत्व की जरूरत थी, क्योंकि सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना वही कर रहे थे। नेपाल में न तो इंडस्ट्री थी, न मजबूत शिक्षा व्यवस्था और न ही पर्याप्त रोजगार। अब जब नई पीढ़ी नेतृत्व में आगे आई है, तो आने वाले समय में नेपाल के बेहतर भविष्य की संभावना बढ़ गई है।   नेपाल-भारत सीमा फिर से खुली सरकार के पदभार संभालने के बाद हालात सामान्य करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। करीब 4–5 दिन बाद नेपाल-भारत बॉर्डर आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। अब छोटे वाहन आधार कार्ड दिखाकर सीमा पार कर सकते हैं। हालांकि, बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर अभी रोक है, क्योंकि दंगों के दौरान भंडार कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया था, जिससे टैक्स और कागजी प्रक्रिया प्रभावित हुई है। हिंसा में अब तक 61 मौतें नेपाल में हाल की हिंसक घटनाओं में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, काठमांडू के बौद्ध इलाके में एक सुपरस्टोर से आज सुबह छह शव बरामद हुए हैं। हालांकि, धीरे-धीरे हालात सामान्य होते दिख रहे हैं और लोग राहत की सांस ले रहे हैं।

‘जिरकोन’ मिसाइल टेस्ट: रूस की आवाज़ से 9 गुना तेज तकनीक ने दुनिया में डर पैदा किया

रूस  रूस ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का दुनिया को अहसास कराया। सैन्य अभ्यास के दौरान रूस ने अपने सबसे घातक हथियारों में से एक हाइपरसोनिक जिरकोन मिसाइल का टेस्ट किया। इस मिसाइल की गति ध्वनि से 9 गुना अधिक है, जिसे रोकना लगभग असंभव माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह मिसाइल किसी भी देश का नक्शा बदलने की क्षमता रखती है। रूस ने रविवार को बताया कि उसने बेरेंट्स सागर में एक लक्ष्य पर जिरकोन (त्सिरकोन) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल दागी, और सुखोई एसयू-34 सुपरसोनिक लड़ाकू-बमवर्षकों ने बेलारूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास के हिस्से के रूप में हमले किए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने उत्तरी बेड़े के एडमिरल गोलोव्को फ्रिगेट द्वारा बेरेंट्स सागर में एक लक्ष्य पर जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल दागे जाने का फुटेज जारी किया। फुटेज में दिखाया गया कि फ्रिगेट से मिसाइल को लंबवत प्रक्षेपित किया गया और फिर यह एक कोण पर क्षितिज की ओर बढ़ी। मंत्रालय ने बताया कि वास्तविक समय में प्राप्त निगरानी डेटा के अनुसार, लक्ष्य को सीधे प्रहार से नष्ट कर दिया गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि उत्तरी बेड़े के मिश्रित विमानन कोर के लंबी दूरी के पनडुब्बी रोधी विमान इस अभ्यास में शामिल थे। साथ ही Su-34 के चालक दल ने जमीनी ठिकानों पर बमबारी का अभ्यास किया। हाइपरसोनिक जिरकोन मिसाइल रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूस और बेलारूस के बीच 'जापाड-2025' या पश्चिम संयुक्त रणनीतिक अभ्यास 12 सितंबर को शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य रूस या बेलारूस पर हमले की स्थिति में सैन्य कमान और समन्वय को बेहतर करना है। मॉस्को और मिन्स्क ने स्पष्ट किया कि ये अभ्यास पूरी तरह से रक्षात्मक हैं और इनका किसी भी नाटो सदस्य पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने 9-10 सितंबर को पोलैंड में रूसी ड्रोनों की घुसपैठ के बाद 'ईस्टर्न सेंट्री' ऑपरेशन की घोषणा की थी। बता दें कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2019 में कहा था कि जिरकोन मिसाइल ध्वनि की गति से 9 गुना तेज उड़ सकती है और समुद्र व जमीन पर 600 मील से अधिक की दूरी पर लक्ष्यों को भेद सकती है। रूसी मीडिया सूत्रों के अनुसार, यह मिसाइल, जिसे रूस में 3एम22 जिरकोन और नाटो में एसएस-एन-33 के नाम से जाना जाता है, की मारक क्षमता 400 से 1000 किलोमीटर है, और इसका वारहेड भार लगभग 300-400 किलोग्राम है।  

मॉनसून 2025 की विदाई: इन राज्यों में सिर्फ 48 घंटे में छंट जाएगी बारिश

नई दिल्ली  इस बार देशभर में मॉनसून की वजह से अच्छी बरसात हुई है। हालांकि, अब इसके वापस लौटने का समय आ गया है। धीरे-धीरे करके मॉनसून आने वाले कुछ दिनों में तमाम राज्यों से वापस चला जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कुछ हिस्सों से मॉनसून आज वापस चला गया है और अगले दो से तीन दिनों में राजस्थान के अन्य हिस्सों, पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से वापस चला जाएगा। इसके लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं, अगले तीन दिनों तक पूर्वोत्तर राज्यों में और महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो 14 और 17 तारीख को अरुणाचल प्रदेश में अधिकांश जगहों पर बारिश की संभावना है। 15 और 16 तारीख को असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और 18-20 सितंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश में 15 और 16 तारीख को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 14 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और असम, मेघालय में भारी बरत होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो 16-19 सितंबर के दौरान तमिलनाडु में गरज के साथ बारिश की संभावना है। 14 को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 14 और 15 के दौरान तेलंगाना, 14-16 सितंबर के दौरान आंतरिक कर्नाटक में भारी बरसात होगी। वहीं, अगले पांच दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिम भारत की बात करें तो 16 सितंबर को कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। 14 और 15 सितंबर को कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो 14 सितंबर को हिमाचल प्रदेश, 14 और 16 सितंबर को उत्तराखंड, 14-20 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और 15 सितंबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश हो सकती है।  

एशिया में राजनीतिक भूकंप: तीन देशों में सत्ता बदली, पर असली खिलाड़ी कौन?

नई दिल्ली  बीते कुछ समय में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में जिस तरह से अचानक युवाओं के आंदोलन की वजह से सत्ता परिवर्तन हुआ है, यह कई सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या एशिया के देश किसी ताकत के हाथ की कठपुतलनी बन गए हैं। इन देशों में जो भी सरकारें थीं, वे पश्चिम विरोधी मानी जाती थीं। वहीं इन सभी सरकारों का झुकाव चीन की तरफ था। श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन होने में तीन महीने का वक्त लगा तो बांग्लादेश में 15 दिन का। वहीं नेपाल में जेन- Z ने मात्र दो दिन में ही सरकार उखाड़कर फेंक दी। सोशल मीडिया से शुरू हुआ आंदोलन जब सड़कों पर आया तो किसी भी देश की सरकार में इतनी ताकत नहीं थी कि वह इसे संभाल पाती। अब गौर करने वाली बात यह है कि जितने भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म हैं, वे ज्यादातर अमेरिकन हैं। टिकटॉक चीन का है। वहीं डिस्कॉर्ड, वाइबर,फेसबुक, इन्स्टाग्राम की पैरंट कंपनियां अमेरिकी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इस तरह से सत्ता परिवर्तन करवाने वाली ताकत अमेरिका में है या फिर रूस में, या फिर चीन में? काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह को पश्चिमी पत्रिका में 2023 में ही नेता घोषित कर दिया गया था। गौर करने वाली बात है कि नेपाल, पश्चिम बंगाल और श्रीलंका की सरकारों का झुकाव चीन की रफ था। राजपक्षे ने हंबनटोटा पोर्ट चीन को सौंप दिया तो वहीं शेख हसीना चटगांव और मोंगला सीपोर्ट चीन को देने की तैयारी कर रही थी। नेपाल की ओली सरकार अपनी जमीन के जरिए चीन के पोर्ट्स को आने-जाने का रास्ता देना वाली थी। गौर करने वाली बात है कि आंदोलन से 6 दिन पहले ही ओली चीन पहुंचे थे और विक्ट्री डे परेड में शामिल हुए थे। उस समय चीन को भी अंदाजा नहीं था कि नेपाल में क्या होने वाला है। यहां तक कि भारत की एजेंसियों को भी भनक नहीं लगी कि पड़ोसी देशों में क्या उथल-पुथल होने जा रही है। इतना तो स्पष्ट हो गया है कि एआई, डीपफेक और एल्गोरिदम वाले इस युग में किसी भी देश में सत्ता परिवर्तन अचानक हो सकता है। कट्टरपंथ, राजनीतिक ध्रुवीकरण और उकसावे को संभालना बेहद मुश्किल हो गया है। संभल है कि जिन संस्थानों को बनने में सालों लग गए, उन्हें मिनटों में तबाह कर दिया जाए। एक बात और नजरअंदाज नहीं की जा सकती कि जिन देशों में सत्ता परिवर्तन हुआ है, वहां की सरकारें प्रशासन के मामले में काफी ढीली थीं। युवाओं में बेरोजगारी चरम पर थी। इन तीनों ही देशों में भ्रष्टाचार चरम पर था। पाकिस्तान और म्यांमार में अगर सेना हावी ना हो गई होती तो ऐसा ही कुछ वहां भी होने वाला था। भारत की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और जनता के साथ एक रिश्ता कायम किया है और लगातार जुड़े रहते हैं। ऐसे में सरकार को भी इस बात का अंदाजा रहता है कि युवा क्या चाहता है। आज के युग में वास्तविकता से ज्यादा कोई भी धारणा असर करती है। ऐसे में गलत सूचना ही सत्ता परिवर्तना की वजह बन जाती है।