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रांची में अक्टूबर के त्योहारों पर ट्रैफिक पुलिस अलर्ट, जाम-अतिक्रमण और गलत पार्किंग पर चलेगा अभियान

 रांची गणेश पूजा, करमा पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के साथ अक्टूबर में होने वाले क्रिकेट मैच को देखते हुए रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक यातायात की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान सभी यातायात थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को भीड़ और जाम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में आगामी त्योहारों और क्रिकेट मैच के दौरान संभावित यातायात दबाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक यातायात ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ब्लैक शीशा से लेकर नशे में ड्राइविंग तक पर होगी कार्रवाई यातायात पुलिस ब्लैक शीशा, फैन्सी नंबर प्लेट, मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न, रेस ड्राइविंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगी। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आटो और टोटो चालकों के यूनिफार्म में नहीं रहने तथा नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। नंबर प्लेट पर टेप लगाने वालों पर विशेष नजर वाहनों की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर नंबर छिपाने या नंबर प्लेट पर गलत तरीके से नंबर लिखने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यातायात पोस्ट के आसपास की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि कई स्थानों पर लेफ्ट फ्री रहने के बावजूद वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनती है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से आटो और टोटो खड़े करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यातायात थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर ऐसी स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए निगम के साथ समन्वय सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान, ठेला या अन्य सामान लगाने से यातायात प्रभावित होने वाले स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस रांची नगर निगम की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाएगी। बारिश के कारण जिन स्थानों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है, वहां यातायात थाना प्रभारी भ्रमणशील रहेंगे। जरूरत के अनुसार क्यूआरटी और अभियान टीम को भी लगाया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति बनने पर तत्काल यातायात सामान्य कराया जा सके। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विशेष निगरानी स्कूलों के शुरू होने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में विशेष रूप से भ्रमणशील रहेगी। इस दौरान स्कूलों के आसपास यातायात सुचारु रखने के साथ चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक यातायात प्रथम और द्वितीय, सभी यातायात थाना प्रभारी एवं यातायात शाखा के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक यातायात ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

90 दिन से बकाया चालान पर सख्ती, गुरुग्राम में वाहनों की जब्ती अभियान तेज

गुरुग्राम दिल्ली से सटे गुरुग्राम में वाहन चालकों को बार-बार नियम तोड़ने की आदत ऐसी है कि चालान कटने के बाद भी कोई सुधार नहीं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से अब ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। 90 दिन से अधिक चालान बकाया वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान जारी है। उनके वाहन जब्त किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सेक्टर 4/7 के चौक पर ट्रैफिक पुलिस की टीम ने गुरुवार को एक बाइक को जब्त कर लिया। इस बाइक के 26 चालान बकाया थे। इतना ही नहीं, इस पर एक लाख पांच हजार का जुर्माना बकाया था। पुलिस ने बाइक को किया जब्त सेक्टर 4/7 चौक पर तैनात एएसआई मदनपाल की टीम ने चेकिंग के दौरान एक बाइक चालक को रोका। ट्रैफिक पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि वाहन चालक पर 26 चालान बाकी है। बिना पैटर्न नंबर प्लेट, बिना इंश्योरेंस, बिना डीएल आदि के यह चालान हैं। इस बाइक पर एक लाख पांच हजार का जुर्माना भी बकाया था। ट्रैफिक पुलिस ने टीम ने इस बाइक को जब्त कर लिया। एससीपी सत्यपाल यादव ने बताया कि यह ड्राइव जारी रहेगा। इसे लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। नियम तोड़ने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। 366 ई रिक्शा चालकों पर सख्ती ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ भी ट्रैफिक पुलिस का अभियान जारी है। अप्रैल में नियम तोड़ने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। जिलेभर में एक से 29 अप्रैल तक 366 ई रिक्शा चालकों के चालान किए गए। इसके एवज में जुर्माना भी लगाया गया। एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल यादव ने बताया कि नियम तोड़ने वाले ई रिक्शा चालकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।  

भोपाल की सड़कें बनीं जानलेवा, ट्रैफिक पुलिस ने बताए 16 हादसे वाले पॉइंट, 5 स्थान बेहद संवेदनशील

भोपाल राजधानी में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच, शहर में सड़क हादसों में 21 लोगों की जान गई और 75 घायल हुए। यह आंकड़ा सिर्फ मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके का है, जो शहर के सबसे खतरनाक ब्लैकस्पॉट 'ग्यारह मील' के पास स्थित है। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन का इलाका आंकड़ों के मुताबिक, मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके में 114 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई और 75 लोग घायल हुए। इसके बाद कोह-ए-फिजा का नंबर आता है, जहां 132 हादसों में 16 लोगों की जान गई और 102 घायल हुए। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन इलाका है, जहां 100 हादसों में 15 लोगों की मौत हुई और 93 घायल हुए। कहां हुईं सबसे ज्यादा मौत पूरे शहर की बात करें तो, जोन-4 में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस जोन में 479 हादसों में 60 लोगों की जान गई और 372 लोग घायल हुए। जोन-4 में कोलार, चुनाभट्टी, निशातपुरा, छोला, गांधी नगर, खुजरी और बैरागढ़ पुलिस स्टेशन इलाके आते हैं। जोन-2 में 667 हादसों में 47 मौतें और 480 घायल हुए। जोन-1 में 461 हादसों में 24 मौतें और 379 घायल हुए। वहीं, जोन-3 में 319 हादसों में 26 मौतें और 242 घायल हुए। मिसरोद सबसे खतरनाक स्पॉट मिसरोद इलाका भोपाल-होशंगाबाद हाईवे पर पड़ता है और यहां ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। इसी वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। ट्रैफिक अधिकारी बताते हैं कि तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और सड़क नियमों का पालन न करना हादसों के मुख्य कारण हैं। अतिरिक्त डीसीपी (ट्रैफिक) बसंत कौल ने बताया कि मिसरोद में होशंगाबाद रोड और जोन-4 में इंदौर रोड पर हादसे ज्यादा होते हैं। रात में ज्यादा हादसे रात में भारी वाहन तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर आते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर रात पार्टी करने वाले युवा भी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं और हेलमेट व सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे रात में होने वाले हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कौल ने यह भी कहा कि पुलिस, लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है, खासकर जोन-4 के हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए। ट्रैफिक पुलिस ने ढूंढे 16 ब्लैक स्पॉट भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही शहर में 16 'ब्लैक स्पॉट्स' (ज्यादा हादसे वाली जगहें) की पहचान की थी। यह पहचान पिछले तीन सालों (2022-2024) के हादसों के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। हालांकि, इन जगहों पर इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के लिए बार-बार सिफारिशें की गईं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर सिर्फ अस्थायी समाधान किए गए, जबकि असली समस्या जस की तस बनी हुई है।