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दो हाई-स्पीड ट्रेनें टकराईं स्पेन में, 21 मृत और दर्जनों घायल; बचाव अभियान सक्रिय

मैड्रिड: स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत में एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ. इस दुर्घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 70 लोग घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद राहत बचाव अभियान चलाया गया. इस हादसे में एक ट्रेन के पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन में टक्कर मारने से ये भीषण रूप ले लिया. यूरो न्यूज ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत में एक तेज रफ़्तार इरियो ट्रेन के पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन से टकराने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. यह हादसा एडमुज के पास हुआ. घटना के समय इरियो ट्रेन में करीब 300 यात्री थे. ये ट्रेन मलागा से मैड्रिड-पुएर्ता डे अटोचा जा रही थी. इरियो ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई और मैड्रिड-ह्यूएलवा रूट पर चल रही एक एवीई ट्रेन से टकरा गई. दूसरी ट्रेन स्पेन की सरकारी रेलवे कंपनी रेनफे चला रही थी. सोशल मीडिया पर यात्रियों द्वारा शेयर किए गए फुटेज में टक्कर के बाद कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आए. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि टक्कर भूकंप जैसी लगी, जबकि यात्रियों को बचाने के लिए खिड़कियां तोड़नी पड़ीं, जिससे कई लोग कटने से घायल हो गए. यूरो न्यूज ने बताया कि कई यात्रियों ने ट्रेनों के अंदर धुआं होने की भी सूचना दी और मेडिकल मदद मांगी. स्पेनिश रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर एडीआईएफ ने कहा कि मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच सभी ट्रेन सर्विस अगली सूचना तक रोक दी गई हैं. इसने पुष्टि की कि मौके पर इमरजेंसी सर्विस तैनात कर दी गई हैं और स्थानीय अधिकारियों, रेनफे और इरियो के साथ मिलकर रात भर ऑपरेशन जारी रखेंगी. स्पेन के पब्लिक ब्रॉडकास्टर आरटीवीई के पत्रकार साल्वाडोर जिमेनेज जो मलागा से इरियो ट्रेन में सफर कर रहे थे, ने कहा कि आखिरी दो डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें से एक पूरी तरह पलट गया. उन्होंने कहा, 'हम शाम 6:40 बजे मलागा से समय पर निकले थे. एक पल ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो और ट्रेन पटरी से उतर गई हो.' उन्होंने आगे कहा कि यात्रियों को हथौड़ों से खिड़कियाँ तोड़कर बाहर निकाला गया. इमरजेंसी टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात का जायजा ले रही है, घायलों का इलाज कर रही हैं और नुकसान का पूरा पता लगा रही हैं. रेड क्रॉस ने कॉर्डोबा से एक मेडिकल एम्बुलेंस और जैन से तीन और एम्बुलेंस मंगाई हैं. यूरो न्यूज ने बताया कि यह हादसे में शामिल दोनों ट्रेनों के यात्रियों को जरूरी चीजें भी दे रहा है. स्पेन के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ऑस्कर पुएंते ने कहा कि वह एडीआईएफ ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर से हालात पर नजर रख रहे हैं और जैसे ही पक्की जानकारी मिलेगी, अपडेट शेयर करेंगे. मैड्रिड की रीजनल प्रेसिडेंट इसाबेल डियाज आयुसो ने घायलों के इलाज के लिए कम्युनिटी ऑफ मैड्रिड के अस्पतालों की मदद की पेशकश की. उन्होंने कहा, 'कॉर्डोबा में हुए दुखद हादसे के बाद कम्युनिटी ऑफ मैड्रिड के अस्पताल और 112 इमरजेंसी टीमें स्टैंडबाय पर हैं और अंडालूसी रीजनल गवर्नमेंट के पास हैं,' उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों की मदद के लिए मैड्रिड के एटोचा स्टेशन पर सपोर्ट टीमें तैनात की जाएंगी. अधिकारियों ने ट्रेन के पटरी से उतरने का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है.

थाईलैंड में भीषण रेल दुर्घटना, मृतकों की संख्या 32 हुई, भारत ने व्यक्त की संवेदना

नई दिल्ली भारत ने थाईलैंड में बुधवार को हुए ट्रेन हादसे में लोगों की मौत पर अपनी हजारी संवेदना व्यक्त की। ट्रेन कोच पर क्रेन गिरने से करीब 32 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 70 लोग घायल हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "14 जनवरी, 2026 को थाईलैंड के नाखोन रत्चासिमा में हुए ट्रेन एक्सीडेंट से हम बहुत दुखी हैं। इस दुख की घड़ी में थाईलैंड के लोगों और सरकार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। हम प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हैं और सभी घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं।" स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, नाखोन रत्चासिमा प्रांत में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरने से कई कोच पटरी से उतर गए। यह घटना सुबह करीब 9:05 बजे सिखियो जिले में हुई। जिस जगह पर यह घटना घटी, वह थाई राजधानी से करीब 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। जब यह हादसा हुआ, तब ट्रेन उबोन रत्वथानी प्रांत जा रही थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार क्रेन का इस्तेमाल मौजूदा रेल लाइन के पैरेलल चल रहे एक हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन साइट पर किया जा रहा था। जब ट्रेन उस इलाके से गुजर रही थी, तो क्रेन का बैलेंस बिगड़ गया और वह गिरकर एक चलती हुई ट्रेन की बोगी से टकरा गई। क्रेन के टकराने के बाद ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके अलावा ट्रेन के कुछ हिस्सों में आग लग गई। इससे मौके पर और अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर हादसे के कई वीडियो सामने आए हैं। रेस्क्यू टीम के लोग पटरी से उतरे डिब्बों के अंदर फंसे यात्रियों तक पहुंचने के लिए मुड़े हुए मेटल को काट रहे थे। बचाव और राहत काम करने के लिए फायरफाइटर्स, मेडिकल टीमों और डिजास्टर रिस्पॉन्स यूनिट्स सहित इमरजेंसी रेस्पॉन्डर्स को मौके पर भेजा गया। थाई सरकार के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के तुरंत बाद कई बचाव टीमों को तैनात किया गया था। हादसे के समय कई यात्री डिब्बों के अंदर फंसे हुए थे।

रेल हादसा थाईलैंड: क्रेन गिरने से ट्रेन हुई तबाह, मौके पर 22 लोगों की मौत

 सिखियो  थाईलैंड में एक बड़ा रेल हादसा हुआ है. यहां एक क्रेन गिरने की वजह से यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. नाखोन रत्चासिमा प्रांत के पुलिस प्रमुख थाचापोन चिन्नावोंग ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि इस हादसे में 22 लोगों की जान चली गई है और कई घायल हैं. ये हादसा बुधवार सुबह सिखियो जिले में हुआ. यह इलाका राजधानी बैंकॉक से करीब 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है. हादसे का शिकार हुई यात्री ट्रेन उबोन रत्चाथानी प्रांत की ओर जा रही थी. स्थानीय मीडिया के दिखाए गए लाइव वीडियो में देखा गया कि राहतकर्मी मौके पर मौजूद हैं. रंगीन यात्री ट्रेन पटरी से उतरकर एक ओर पलटी हुई थी और मलबे से धुआं उठ रहा था. आग पर काबू पा लिया गया है और बचाव कार्य अब भी जारी है. नाखोन रत्चासिमा के जनसंपर्क विभाग ने फेसबुक पर जानकारी दी है कि अब तक चार शव मलबे से बाहर निकाले जा चुके हैं. फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है.अधिकारियों ने बताया कि क्रेन एक ऊंची हाई-स्पीड रेलवे बनाने के लिए इस्तेमाल हो रही थी, जो बैंकॉक से उबोन राचथानी प्रांत जा रही चलती ट्रेन पर गिर गई, जिससे ट्रेन पटरी से उतर गई और उसमें आग लग गई. नाखोन राचासिमा के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है और बचावकर्मी ट्रेन के अंदर फंसे लोगों को ढूंढ रहे हैं.

रेलवे परिचालन ठप: मालगाड़ी बेपटरी, यात्री परेशान

जमुई जमुई में हुए बड़े रेल हादसे का असर सोमवार को भी साफ तौर पर देखने को मिला। जसीडीह-झाझा रेलखंड पर पटरी दुरुस्त करने और डिरेल मालगाड़ी के डिब्बे हटाने का काम रविवार रात भर युद्ध स्तर पर चलता रहा, बावजूद इसके दूसरे दिन भी इस रूट पर रेल परिचालन शुरू नहीं हो सका। इसका सीधा असर जसीडीह जंक्शन से दिल्ली की ओर जाने वाली और किउल जंक्शन से हावड़ा की ओर जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा। यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा, वहीं कई ट्रेनों के रद्द या डायवर्ट होने से उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह बिगड़ गई। हावड़ा जाने वाली ट्रेनों को पटना के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है, जबकि दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को आसनसोल होकर भेजा जा रहा है। पटना-हावड़ा रेल रूट पर सोमवार को भी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे के अनुसार सोमवार को कुल 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, जबकि 13 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। डायवर्ट की गई प्रमुख ट्रेनों में धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस, कोलकाता-गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस, जसीडीह-पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस, आसनसोल-मुंबई सीएसएमटी एक्सप्रेस, रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस, पटना-हटिया पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस शामिल हैं। कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया, जिससे स्थानीय यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई ट्रेनों को किया गया था डाइवर्ट रविवार को भी रेलवे ने सुरक्षा और परिचालन कारणों से कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया है। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली 13020 बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया था, जबकि इस ट्रेन को बरौनी से ही डायवर्ट किया गया। वहीं, हावड़ा से मुजफ्फरपुर आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस को अंडाल से किऊल के बीच रद्द कर दिया गया। इसके कारण चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह में सवार होने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर जसीडीह स्टेशन पर उत्तर बिहार के बड़ी संख्या में यात्री पूरी रात फंसे रहे। इसके अलावा पटना-देवघर पैसेंजर (63210) को पूरी तरह कैंसिल कर दिया गया है। कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (22348) को गया के रास्ते आसनसोल तक डायवर्ट किया गया। पंजाब मेल (13005) को बांका-किऊल के रास्ते पटना होकर चलाया जा रहा है। हावड़ा-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस (12351) को मधुपुर से डायवर्ट कर दिया गया है और जसीडीह से पटना साहिब तक इसे कैंसिल रखा गया है। साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287) को आसनसोल से डायवर्ट कर बदले हुए रूट से बख्तियारपुर होते हुए आरा तक चलाया जा रहा है। धनबाद-पटना एक्सप्रेस (13331) गया के रास्ते पटना पहुंची, जबकि मधुपुर से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक इसे कैंसिल रखा गया। पटना-धनबाद एक्सप्रेस (913332), पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस (18622), टाटा–बक्सर एक्सप्रेस (18183) और अकालतख्त एक्सप्रेस को भी अलग-अलग रूट से डायवर्ट किया गया है। Train Accident: बिहार-झारखंड सीमा पर बड़ा ट्रेन हादसा, 8 डिब्बे हुए बेपटरी, तीन नदी में गिरे; रेल परिचालन ठप क्या है पूरा मामला यह हादसा शनिवार की रात करीब 11.25 बजे जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के समीप हुआ। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही सीमेंट लदी अपलाइन मालगाड़ी पटरी में आई दरार की वजह से डिरेल हो गई। हादसे में मालगाड़ी के कुल 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 9 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरे। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल से सीतामढ़ी जा रही थी। मालगाड़ी के गार्ड मुकेश कुमार पासवान और लोको पायलट कमलेश कुमार ने बताया कि जैसे ही ट्रेन पुल पर चढ़ी, पीछे से जोरदार आवाज आई और कुछ ही सेकेंड में डिब्बे एक के बाद एक डिरेल होने लगे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जानिए कैसे हुआ हादसा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेलवे ब्रिज के जिस हिस्से में ट्रैक का जोड़ है, वहीं पटरी में पहले से दरार थी। भारी सीमेंट लदी मालगाड़ी जब उस हिस्से से गुजरी तो पटरी उसका बोझ सहन नहीं कर सकी। अपलाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन की ओर मुड़ गई, जिससे दोनों ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद डिब्बे ट्रैक और नदी में बिखर गए, जिन्हें हटाने में भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोमवार शाम तक भी रेल लाइन प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि विभाग का दावा है कि मरम्मत और मालवा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है और जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर परिचालन बहाल करने की कोशिश जारी है।

मेक्सिको ट्रेन हादसा: 13 की मौत, 100 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल

मेक्सिको  दक्षिण मेक्सिको के ओक्साका राज्य में एक भीषण रेल दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रशांत महासागर और मेक्सिको की खाड़ी को जोड़ने वाले  रेल मार्ग पर एक यात्री ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई। इस हादसे में अब तक 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि लगभग 100 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। आधी रात के बाद मचा कोहराम हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार के साथ दौड़ रही थी। अचानक हुए इस पटरी विचलन (Derailment) के कारण ट्रेन की बोगियां एक के ऊपर एक चढ़ गईं और पलट गईं। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय प्रशासन और मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) ने मोर्चा संभाला। नौसेना द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार: कुल यात्री: 241 लोग सफर कर रहे थे। कर्मचारी: 9 क्रू मेंबर्स ड्यूटी पर तैनात थे। रेस्क्यू: 13 शव बरामद किए जा चुके हैं और 100 घायलों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सत्ता के गलियारों में शोक मेक्सिको की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से नौसेना सचिव को घटनास्थल पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। क्या सुरक्षित है यह नया रेल नेटवर्क? यह दुर्घटना उस महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट पर हुई है जिसका उद्घाटन साल 2023 में पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रेडोर ने किया था। इस रूट का उद्देश्य मेक्सिको के दक्षिण-पूर्वी हिस्से का आर्थिक कायाकल्प करना था।

जमुई रेल दुर्घटना: मालगाड़ी डिरेल, कई रूटों पर ट्रेनों का आवागमन ठप

जमुई बिहार के जमुई जिले में एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर जाने से हावड़ा–पटना–दिल्ली रेल मार्ग पर सेवाएं बाधित हो गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटना 27 दिसंबर की रात करीब 11:25 बजे हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना शनिवार रात 11 बजकर 20 मिनट पर पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत लाहाबन और सिमुलतला रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। इसके कारण करीब 24 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन में मचा हड़कंप रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आसनसोल, मधुपुर और झाझा से दुर्घटना राहत ट्रेनें मौके पर भेजी गई हैं। रेल यातायात बहाल करने का काम जारी है। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

रेल दुर्घटना का दर्दनाक मंज़र: 11 की मौत, 20 गंभीर — पहचाने गए 5 मृतकों के नाम व फोटो जारी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। लाल खदान स्टेशन के पास गाड़ी संख्या 68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में मृतकों की पहचान का सिलसिला जारी है और अब तक पांच यात्रियों के नाम और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें लोको पायलट, छात्रा और अन्य यात्री शामिल हैं। मृतकों के नाम और पहचान मृतकों में लोको पायलट विद्या सागर, प्रमिला वस्त्रकार, अंकित अग्रवाल, प्रिया चंद्रा और शीला यादव के नाम की पुष्टि हुई है। मृतका शीला यादव देवरी खुर्द के बहनिया मंदिर के पास रहने वाली थीं, जबकि प्रिया चंद्रा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) की बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थीं। वह सक्ती जिले के बहेराडीह की निवासी थीं। इनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया है। हादसे में लोको पायलट विद्या सागर की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के दौरान मालगाड़ी के ट्रेन मैनेजर शैलेश चंद्रा ने तेज गति से आती मेमू ट्रेन को देखकर गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। लगभग 10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम ने रेल हादसे के बाद लगभग 10 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, जो बुधवार तड़के तक चला। मंगलवार देर रात तक हैवी क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बोगी को हटा लिया गया। रात 3 बजे तक शवों को बाहर निकालने का काम चला। जिसके बाद मुंबई-हावड़ा रेल लाइन पर यातायात बहाल कर दिया गया है। साथ ही अप, डाउन और मिडल लाइन को क्लियर कर दिया गया है। अब रेल यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। घायल यात्रियों के नाम इस रेल हादसे में घायल हुए यात्रियों के नाम सामने आये हैं। इस सूची में 20 लोगों के नाम शामिल हैं।     मथुरा भास्कर, स्त्री, आयु 55 वर्ष     चौरा भास्कर, पुरुष, आयु 50 वर्ष     शत्रुघ्न, पुरुष, आयु 50 वर्ष     गीता देबनाथ, स्त्री, आयु 30 वर्ष     मेहनिश खान, स्त्री, आयु 19 वर्ष     संजू विश्वकर्मा, पुरुष, आयु 35 वर्ष     सोनी यादव, स्त्री, आयु 25 वर्ष     संतोष हंसराज, पुरुष, आयु 60 वर्ष     रश्मि राज, स्त्री, आयु 34     ऋषि यादव, आयु 2 वर्ष     तुलाराम अग्रवाल, पुरुष, आयु 60 वर्ष     अराधना निषाद, स्त्री, आयु 16 वर्ष     मोहन शर्मा, पुरुष, आयु 29 वर्ष     अंजूला सिंह, स्त्री, आयु 49 वर्ष     शांता देवी गौतम, स्त्री, आयु 64 वर्ष     प्रीतम कुमार, पुरुष, आयु 18 वर्ष     शैलेश चंद्र, पुरुष, आयु 49 वर्ष     अशोक कुमार दीक्षित, पुरुष, आयु 54 वर्ष     नीरज देवांगन, पुरुष, आयु 53 वर्ष     राजेंद्र मारुति बिसारे, पुरुष, आयु 60 वर्ष मुआवजे का ऐलान बिलासपुर रेल हादसा में प्रभावित लोगों को मुआवजे का ऐलान किया गया है। रेलवे ने मृतक के परिवार को 10 लाख और गंभीर घायलों को 5 लाख, सामान्य घायलों को एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीएम साय ने किया मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि इस हादसे में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। CRS स्तर पर होगी जांच बिलासपुर रेल हादसे की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety – CRS) स्तर पर कराई जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना गटौरा और बिलासपुर के बीच सिग्नल या लाइन-स्विचिंग से जुड़ी तकनीकी त्रुटि के चलते हुई बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

दिवाली-छठ के दौरान नासिक में हादसा, भीड़ में ट्रेन से कटकर तीन गंभीर घायल

 नासिक  महाराष्ट्र के नासिक रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक हादसा सामने आया है. मुंबई से बिहार जाने वाली कर्मभूमि एक्सप्रेस को पकड़ने की कोशिश में तीन यात्री ट्रेन की चपेट में आ गए. इस हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है. जानकारी के अनुसार, त्योहारों के मौसम में मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों से बड़ी संख्या में लोग अपने गांव लौट रहे हैं. इसी दौरान नासिक स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी ने दो यात्रियों की जान ले ली. कैसे हुआ हादसा? बताया जा रहा है कि कर्मभूमि एक्सप्रेस नासिक स्टेशन पर नहीं रुकती है, लेकिन ट्रेन की रफ्तार यहां थोड़ी धीमी थी. इसी दौरान तीन यात्रियों ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की और तभी वे ट्रेन की चपेट में आ गए. रेलवे अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया. गंभीर रूप से घायल यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान की जा रही है. ये सभी बिहार जाने वाले यात्री बताए जा रहे हैं. रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ यह हादसा एक बार फिर से रेलवे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है. त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और जल्दबाजी में लिए गए फैसले अक्सर जानलेवा साबित होते हैं. रेलवे को चाहिए कि वह ऐसे स्टेशनों पर सुरक्षा उपायों को और बेहतर करे, जहां ट्रेनें नहीं रुकतीं, लेकिन यात्रियों की भीड़ ज्यादा होती है. उधर दीपावली और छठ पर्व करीब आते ही राजधानी दिल्ली सहित देशभर के कई रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों प्रवासी अपने घर लौटने के लिए रेलवे स्टेशन पर डटे हुए हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हालात ऐसे हैं कि पैर रखने की भी जगह नहीं दिख रही.