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रीवा-पुणे एक्सप्रेस शुरू: इन स्टेशनों से होते हुए पहुंचेगी मंजिल तक, जानें पूरा सफर

रीवा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा रीवा से हडपसर (पुणे) तक की नई ट्रेन सेवा आज से प्रारंभ कर दी गई। जैसे ही ट्रेन क्रमांक 02152 रीवा-हडपसर एक्सप्रेस रविवार को कटनी जंक्शन के प्लेटफार्म क्रमांक 5 पर पहुंची, वहां इसका भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, उपाध्यक्ष रवि खरे आदि की मौजूदगी में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने ट्रेन का स्वागत किया। हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को किया रवाना प्लेटफॉर्म पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं और यात्रियों ने रेलवे की इस नई पहल का स्वागत करते हुए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर जबलपुर की ओर रवाना किया। यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला, और उन्होंने भी इस पहल की प्रशंसा की। यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत जानकारी के अनुसार, इस ट्रेन(Rewa-Pune Express) का संचालन सप्ताह में एक दिन होगा और यह रीवा से हडपसर (पुणे) तक की दूरी तय करेगी। यह ट्रेन कटनी, जबलपुर और नागपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे खासकर नागपुर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि नागपुर में चिकित्सा उपचार के लिए आने-जाने वालों की संख्या अधिक रहती है। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज रीवा-पुणे एक्सप्रेस वीकली का दोनों दिशाओं में स्टॉपेज सतना, कटनी, जबलपुर, नयनपुर, बालाघाट, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, भुसावल, मनमाड़, कोपरगांव, अहमद नगर, दौड़ कार्डलाइन स्टेशनों पर रहेगा। पदाधिकारियों ने जताई प्रसन्नता इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि यह ट्रेन कटनी के यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इससे छात्रों, मरीजों और व्यापारियों सहित सभी वर्गों को सुविधा मिलेगी। स्टूडेंट्स व साप्ताहिक यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक नया विकल्प बनकर उभरेगी।

वैष्णो देवी यात्रा के लिए राहत: जबलपुर-कटरा स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल जारी

जबलपुर अमरनाथ व वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जबलपुर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच अगस्त महीने में विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सीमित दो फेरों के लिए चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा और सीधा कनेक्शन मिलेगा। स्पेशल ट्रेन का संचालन – तारीख और समय रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन 01707 और 01708 नंबर से संचालित होगी। ट्रेन नंबर 01707 – जबलपुर से 4 अगस्त और 11 अगस्त को रवाना होगी। ट्रेन सुबह 5:25 बजे जबलपुर से चलेगी और अगले दिन शाम 6:00 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     कटनी मुड़वारा – सुबह 6:45 बजे     दमोह – 8:10 बजे     सागर – 9:15 बजे झांसी, ग्वालियर, मुरैना आदि रास्तों से होकर ट्रेन कटरा पहुंचेगी। ट्रेन नंबर 01708 – वापसी में 5 अगस्त और 12 अगस्त को कटरा से रात 9:15 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 9:35 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वापसी मार्ग में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     सागर – तड़के 3:30 बजे     दमोह – 4:50 बजे     कटनी मुड़वारा – 7:15 बजे 25 जुलाई से शुरू होगा आरक्षण इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए टिकटों का आरक्षण 25 जुलाई से शुरू होगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते बुकिंग कर लें क्योंकि सीमित फेरे होने के कारण सीटें जल्दी भर सकती हैं।

श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, भजनलाल सरकार भेजेगी 800 लोगों को रामेश्वरम मुफ्त यात्रा पर

जयपुर  राजस्थान सरकार ने एक बार फिर 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना शुरू कर दी है। बुधवार को इस योजना के तहत करीब 800 श्रद्धालुओं का पहला जत्था विशेष एसी ट्रेन से रामेश्वरम के लिए रवाना किया गया। यह यात्रा एक सप्ताह तक चलेगी। सरकार ने न केवल यात्रा के लिए मुफ्त ट्रेन सुविधा दी है, बल्कि श्रद्धालुओं के भोजन और ठहरने की पूरी व्यवस्था भी की है। कैबिनेट मंत्री ने 56 हजार तीर्थ यात्रियों को मिलेगा लाभ दिखाई हरी झंडी इस खास मौके पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने जयपुर से रवाना होने वाली इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। स्टेशन पहुंचे तीर्थ यात्रियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और फूल-मालाएं पहनाई गईं। यह विशेष ट्रेन 12 कोच की है, जिसमें एक पैंटी कार और कोचों में राम दरबार की स्थापना की गई है। 56 हजार तीर्थ यात्रियों को मिलेगा लाभ मंत्री जोराराम कुमावत ने जानकारी दी कि इस बार सरकार ने 30 हजार की बजाय 56 हजार श्रद्धालुओं को मुफ्त तीर्थ यात्रा पर भेजने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि यह पहली बार होगा जब सभी यात्रियों को स्लीपर कोच के बजाय एसी ट्रेन में यात्रा का मौका मिलेगा। नेपाल में भी मुफ्त यात्रा का प्लान सरकार ने यह भी घोषणा की है कि करीब 6 हजार श्रद्धालुओं को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए अगले दो हफ्तों में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। श्रद्धालुओं ने जताया आभार रामेश्वरम जाने वाली पहली ट्रेन के यात्रियों ने राजस्थान सरकार का धन्यवाद किया। उनका कहना है कि सावन के पवित्र महीने में मुफ्त तीर्थ यात्रा का आयोजन बेहद पुण्य का कार्य है। श्रद्धालुओं ने सीएम भजनलाल शर्मा को साधुवाद देते हुए कहा कि उनका यह एक सप्ताह भक्तिमय माहौल में बीतेगा।

कुशीनगर एक्सप्रेस में बड़ा हादसा टला, धुएं के कारण रेलवे ट्रैक पर रुकीं कई गाड़ियां

बुरहानपुर बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब प्लेटफार्म के नजदीक कुशीनगर एक्सप्रेस पहुंची। बताया जा रहा है कि, मुंबई से गोरखपुर जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस के बी-3 कोच के चक्कों से धुआं निकलता दिखाई दिया था, जिसके चलते ट्रेन के साथ साथ प्लेटफार्म पर हड़कंप मच गया। बताया ये भी जा रहा है कि, रेलवे के एक कर्मचारी की तत्परता के चलते आज कुशीनगर एक्सप्रेस हादसे का शिकार होने से बची है। फिलहाल, तीन घंटे डिले होने के बाद एक्सप्रेस ट्रेन को उसके गनतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि, ट्रेन के कोच में लगे चक्के से सबसे पहले धुआं उठता स्टेशन पर तैनात रेलवे कर्मी (अपॉइंटमेंट) सीताराम पटेल ने देखा। उन्होंने न सिर्फ डिब्बे में सवार यात्रियों को सावधानी पूर्वक रिस्क में आने वाले हिस्से से दूर किया। साथ ही तत्काल प्रभाव से रेलवे प्रबंधन को सूचित किया। आनन-फानन में मौके पर पहुंचे रेलवे के सुरक्षा प्रबंधन के अधिकारियों ने आग बुझाने के प्रबंध शुरु किये। इसके बाद काफी देर आग बुझाने का प्रयास किया गया। आग बुझने के बाद पहले उससे हुई क्षति में सुधार करने का प्रयास किया, लेकिन करीब 3 घंटे बाद कोच को ही ट्रेन से अलग कर रवाना उसके गनतव्य क लिए रवाना किया गया। कर्मचारी की तत्पता से टला बड़ा हादसा रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार, कोच के हॉट एक्सल में स्पार्किंग होने से धुआं निकलने लगा था। रेलवे स्टेशन पर ही समय रहते उसे देखकर मामला ठीक कर लिया गया, वरना कोई हादसा हो सकता था। घटना के बाद मौके पर भुसावल से सीएनडब्लू की टीम समेत अन्य अफसरों का दल भी जांच के लिए बुरहानपुर पहुंच गया था। पीछे से आ रही कई गाड़ियां 3 घंटे रोकी गईं वहीं, सबसे पहले प्लेटफार्म प्रबंधन के कर्मचरियों ने अग्निशमन यंत्र से चक्के से निकल रहे धुएं को काबू किया। ट्रेन को यार्ड में खड़ा करवाया, जहां उसका ठीक से परीक्षण किया गया। जांच के बाद ट्रेन को खंडवा के लिए रवाना कर दिया गया है। बता दें कि, हादसे के चलते पीछे से आ रही गाड़ियों को भी भुसावल समेत अन्य स्टेशनों पर रोका गया था।

जगदलपुर रेलमार्ग पर बड़ा बदलाव, 10 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ में बस्तर को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाली करीब 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई है। ये ट्रेनें 23 जुलाई से लेकर 26-27 जुलाई तक जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। या ये कहें कि ये सभी ट्रेनें जगदलपुर के लिए रद्द कर दी गईं हैं। दरअसल, करीब 20 दिन पहले मल्लीगुड़ा और जड़ती स्टेशन के बीच लैंड स्लाइड हुआ था। मार्ग तो क्लियर कर दिया गया है, लेकिन फिर भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कुछ जगह अब भी काम जारी रखा है। इसलिए हिराखंड, समलेश्वरी, किरंदुल-विशाखापट्टनम समेत अन्य ट्रेनों को अब 26-27 जुलाई तक शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। इससे पहले 11 से लेकर 20 जुलाई तक ट्रेनें नहीं आई। अब तारीख बढ़ा दी गई है। ये ट्रेनें हुई शॉर्ट टर्मिनेट 1. दिनांक 23.07.2025 से 24.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18515 विशाखापट्टनम – किरंदुल नाइट एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 2. ट्रेन संख्या 18516 किरंदुल – विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 3. दिनांक 23.07.2025 से 26.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 58501 विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 4. ट्रेन संख्या 58502 किरंदुल – विशाखापट्टनम पैसेंजर 23.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 5. ट्रेन संख्या 18005 23.07.2025 से 25.07.2025 तक हावड़ा से छूटने वाली हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 6. ट्रेन संख्या 18006 जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 25.07.2025 से 27.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 7. ट्रेन संख्या 18107 23.07.2025 से 25.07.2025 तक राउरकेला से छूटने वाली राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 8. ट्रेन संख्या 18108 जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 9.दिनांक 23.07.2025 से 25.07.2025 तक भुवनेश्वर से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18447 भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 10. ट्रेन संख्या 18448 जगदलपुर – भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक कोरापुट से रवाना होगी।  

इंदौर-खंडवा रेल परियोजना को लेकर एक बड़ी खुशखबरी, वन विभाग की NOC, दक्षिण भारत से सीधी कनेक्टिविटी

इंदौर इंदौर-खंडवा रेल परियोजना को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए वन विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है, जिससे परियोजना की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। अब इस रेल मार्ग के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। यह रेल लाइन उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला सबसे छोटा और सीधा मार्ग होगी, जो न केवल इंदौर के व्यापारिक और औद्योगिक विकास को नई गति देगी, बल्कि यात्रियों के लिए समय और दूरी की बचत भी करेगी। यह परियोजना मालवांचल के लिए एक नया युग शुरू करने वाली है, जो क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देगी।  यह रेल लाइन उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला सबसे छोटा और सीधा रेल मार्ग साबित होगी, जो न केवल इंदौर के व्यापारिक और औद्योगिक भविष्य को नई रफ्तार देगा, बल्कि यात्रियों को भी समय और दूरी दोनों में राहत देगी। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इस प्रोजेक्ट में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने रेलवे अधिकारियों और वन विभाग के बीच संयुक्त बैठक करवाई थी, जिससे आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुईं। इसके बाद हाल ही में सांसद लालवानी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस परियोजना की प्राथमिकता को रेखांकित किया और वन विभाग से अनुमति दिलवाने का अनुरोध किया था। इंदौर-खंडवा रेल लाइन के पूरा होने के बाद इंदौर का संपर्क सीधे खंडवा-भुसावल-नासिक-मुंबई की ओर तथा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों से तेज़, किफायती और सुविधाजनक सफर हो जाएगा। इस रेल कॉरिडोर से मालवांचल के व्यापारियों, किसानों और यात्रियों सभी को लाभ मिलेगा। सांसद ने बताया कि यह रेल मार्ग मालवांचल और दक्षिण भारत के बीच सीधी व बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम है। बढ़कर 80 किमी हो जाएगी इंदौर-खंडवा की दूरी इंदौर से खंडवा की दूरी मीटरगेज में पहले 48 किमी थी, लेकिन अब बढ़कर 80 किमी हो जाएगी। ब्रॉडगेज का ट्रैक बनाने के लिए पातालपानी के पहले घूमकर ट्रेन बलवाड़ा पहुंचेगी, जिससे 32 किमी की दूरी बढ़ गई है। हालांकि इस ट्रैक के बनने से इंदौर की दक्षिण भारत के शहरों बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई व उत्तर भारत के जयपुर, अजमेर शहरों तक सीधी पहुंच होगी। अभी इन शहरों तक जाने के लिए घूमकर जाना पड़ता है। इंदौर खंडवा अकोला ब्रॉडगेज हो जाने से उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाला सबसे छोटा रूट होगा। इससे आम लोगों के समय की बचत होगी। रेलवे का मुनाफा बढ़ेगा। एक दशक से इंदौर से खंडवा रेल कनेक्टिविटी खत्म हो चुकी एक दशक से इंदौर से खंडवा के बीच रेल कनेक्टिविटी खत्म हो गई है। पूर्व में यहां पर मीटरगेज लाइन थी, जो महू से पातालपानी, कालाकुंड, बलवाड़ा, चौरल होकर खंडवा तक जाती थी। अब ब्रॉडगेज लाइन महू से पातालपानी के पहले घूमकर बलवाड़ा तक जा रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण 32 किमी का घुमाव है, जिसमें 454 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की आ रही है। ट्रैक में महू और बड़वाह तहसील की अधिकांश भूमि जमीन आ रही है। उस पर ट्रैक डालने के लिए रेलवे लंबे समय से अनुमति मांग रहा था। दक्षिण भारत से सीधी कनेक्टिविटी का सपना होगा साकार इंदौर-खंडवा रेल लाइन के पूरा होने के बाद इंदौर का सीधा संपर्क खंडवा, भुसावल, नासिक और मुंबई के साथ-साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों से हो जाएगा। यह रेल कॉरिडोर मालवांचल के व्यापारियों, किसानों और यात्रियों के लिए तेज, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प प्रदान करेगा। सांसद लालवानी ने बताया कि यह रेल मार्ग मालवांचल और दक्षिण भारत के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एक दशक से बंद थी रेल कनेक्टिविटी   पिछले एक दशक से इंदौर और खंडवा के बीच रेल कनेक्टिविटी बंद थी। पहले यहां मीटरगेज लाइन थी, जो महू से पातालपानी, कालाकुंड, बलवाड़ा और चौरल होते हुए खंडवा तक जाती थी। अब ब्रॉडगेज लाइन के लिए महू से पातालपानी के पहले घूमकर बलवाड़ा तक ट्रैक बनाया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण 32 किमी का घुमाव है, जिसमें 454 हेक्टेयर वन विभाग की जमीन शामिल है। रेलवे लंबे समय से इस जमीन पर ट्रैक बिछाने की अनुमति मांग रहा था, जो अब मिल गई है।        

रायपुर से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ की विशेष ट्रेन रवाना, रजत जयंती वर्ष में सांस्कृतिक चेतना को नई उड़ान

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेशवासियों की आस्था और श्रद्धा को मूर्त रूप देने हेतु प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर संभाग के 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा के मंगलमयी होने की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धालुओं को हमारे 'भांचा राम' — श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराने की यह पुण्य यात्रा अनवरत जारी है। यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस गारंटी को साकार कर रही है, जिसमें उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि “श्री रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत सरकार ने मार्च 2024 तक 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया था, किंतु प्रदेशवासियों की अद्वितीय आस्था, उत्साह, और सरकार की प्रतिबद्धता के चलते यह संख्या 22,000 से अधिक हो चुकी है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹36 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। अब तक बीते डेढ़ वर्षों में 27 विशेष ट्रेनें छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर बुज़ुर्ग एवं वंचित वर्ग, अपने जीवन में एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के दर्शन कर सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ आज प्रदेशवासियों के जनजीवन से गहराई से जुड़ चुकी है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन आज रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोपहर 1:00 बजे हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यात्रियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य एवं लोकवाद्य से स्वागत किया गया, वहीं IRCTC के प्रतिनिधियों द्वारा तिलक लगाकर अभिवादन किया गया। इस अवसर पर विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहिब, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं रेलवे व IRCTC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इस योजना की परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेशवासियों को जीवन में एक बार अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसके लिए 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के मध्य एमओयू संपादित किया गया था। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। इसके पश्चात बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों से भी विशेष ट्रेनों का संचालन हुआ। विगत वर्ष इस योजना के माध्यम से लगभग 22,100 श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए। योजना के अंतर्गत प्रत्येक संभाग से साप्ताहिक विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा।

चार साल बाद पटरी पर लौटेंगी 13 यात्री गाड़ियां, आज 15 जुलाई से होगा संचालन शुरू

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है। कोरोना काल के दौरान छत्तीसगढ़ में बंद की गई 13 लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने का फैसला रेलवे ने किया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से लोकल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। SECR इन सभी ट्रेनों का संचालन मंगलवार से शुरू हो जाएगा। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। क्या होगा टाइम टेबल यह सभी लोकल ट्रेन अपने पुराने तय समय पर ही चलेंगे। इन ट्रेनों की शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस ट्रेनों के संचालन से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो रोजना अप डाउन करते हैं। रेलवे के इस फैसले से छात्रों, कर्मचारी और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 15 जुलाई से चलेंगी ये ट्रेनें     08741 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से शाम 6:15 बजे, डोंगरगढ़ आगमन रात 9:10 बजे     08265 रायपुर–रायगढ़: रायपुर से सुबह 07:00 बजे, रायगढ़ आगमन दोपहर 01:45 बजे     08745 रायपुर–कांकेर: रायपुर से सुबह 05:30 बजे, कांकेर आगमन 10:30 बजे     08742 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से सुबह 06:10 बजे, रायपुर आगमन 09:00 बजे     08266 रायगढ़–रायपुर: रायगढ़ से दोपहर 02:15 बजे, रायपुर आगमन रात 09:15 बजे     08746 कांकेर–रायपुर: कांकेर से दोपहर 01:00 बजे, रायपुर आगमन शाम 06:00 बजे     07889 गोंदिया–कटंगी: गोंदिया से सुबह 05:30 बजे, कटंगी आगमन सुबह 06:30 बजे     07890 कटंगी–गोंदिया: कटंगी से सुबह 07:00 बजे, गोंदिया आगमन सुबह 08:00 बजे     07867 गोंदिया–इटवारी: गोंदिया से शाम 04:00 बजे, इतवारी आगमन शाम 06:50 बजे 16 जुलाई से इनका होगा संचालन     08743 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से सुबह 09:45 बजे, डोंगरगढ़ आगमन दोपहर 12:40 बजे     08744 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से दोपहर 01:10 बजे, रायपुर आगमन शाम 04:05 बजे     07891 डोंगरगढ़–कटंगी: डोंगरगढ़ से सुबह 10:00 बजे, कटंगी आगमन दोपहर 01:30 बजे     07892 कटंगी–डोंगरगढ़: कटंगी से दोपहर 03:00 बजे, डोंगरगढ़ आगमन शाम 06:30 बजे ये सभी ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय पर चलेंगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को, जो रोजाना यात्रा करते हैं, इसका सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बैठक में सांसदों ने रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके साथ ही बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।इसके अलावा जगदलपुर से चलने वाली 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं। ये ट्रेनें आज 15 जुलाई को भी जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। ट्रेनें ओडिशा के कोरापुट तक आएगी और वहीं से लौट जाएंगी। सांसदों ने बैठक में बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग रखी थी रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, कोरोना के बाद अब हालात सामान्य है। लोकल ट्रेनों का संचालन बहाल किया जा रहा है। हाल में ही हुई सांसदों की बैठक में इस मुद्दे को हर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता के साथ उठाया था। बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग की गई थी। सांसदों की ओर से शिकायत की गई कि लोकल लेवल रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी उनकी बातें नहीं सुनते। इस पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि, हमारी ओर से शिकायत हुई तो रेलवे के अफसरों को समस्या आ सकती है। अग्रवाल ने आगे कहा था कि, रेल मंत्री के निर्देश के बाद भी नई रेल लाइन में हो रहे अलाइनमेंट के मामले पर सांसदों से चर्चा नहीं हो रही है। ये गलत प्रक्रिया है। आपस में बात करके अलाइनमेंट का मामला सुलझाना चाहिए, ताकि आम लोगों को समस्या न हो। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी बढ़ाने, स्पोर्ट कोटा से रेलवे में भर्ती जैसे मुद्दे भी टेबल पर रखे गए थे। सांसदों की ओर से रखी गई थी ये मुख्य मांगें     कोरबा से दुर्ग तक जोड़ने के लिए केवल एक ट्रेन है। तीन मेमू ट्रेन चलाने की मांग।     धमतरी, कुरूद और बालोद इन जगहों पर रेल लाइन का विस्तार की सिफारिश।     अभनपुर में रेल आरक्षण केन्द्र जल्द खोलने की मांग।     बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।     रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग रखी गई।  

IRCTC का नया नियम: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले जारी होगा रिजर्वेशन चार्ट, जानें नया नियम

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे में अब यात्रियों के लिए आरक्षण सूची तैयार करने की समय-सीमा में बदलाव होने जा रहा है। इसके तहत ट्रेन के प्रस्थान समय से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी हो जाएगी। भोपाल मंडल के साथ पश्चिम मध्य रेलवे के अन्य मंडलों में भी इसे 15-16 जुलाई की मध्य रात्रि से लागू कर दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों को यात्रा से पहले टिकट कन्फर्मेशन की स्थिति जानने में बड़ी राहत देगी। रेल अधिकारियों ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह आठ बजे रवाना होने वाली ट्रेनों की आरक्षण सूची 15-16 जुलाई की रात 12 बजे जारी हो जाएगी। छिंदवाड़ा से इंदौर जाने वाली पंचवैली एक्सप्रेस पहली ट्रेन होगी, जिसकी आरक्षण सूची भोपाल में रात 12 बजे तैयार हो जाएगी। अभी तक की व्यवस्था में ट्रेन के प्रस्थान समय से चार घंटे पहले आरक्षण सूची जारी होती थी। स्टेशन जाने के बाद पता चलता है टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं इसकी वजह से प्रतीक्षा सूची में शामिल ऐसे लोगों को दिक्कत होती थी, जो दूर से आते थे। उन लोगों को पांच-छह घंटे पहले रेलवे स्टेशन के लिए निकलना पड़ता था, तब तक उन्हें यह पता नहीं रहता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। प्राय: ऐसे लोगों को स्टेशन जाने के बाद पता चलता कि उनका टिकट कन्फर्म नहीं हुआ। इस स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को ट्रेन छूटने से आठ घंटे पहले से ही जानकारी मिल सकेगी कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। इससे वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की योजना बना सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने टिकट आरक्षण व्यवस्था में यह बदलाव एक जुलाई से लागू किया था। ये किए गए बदलाव . जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय 05:00 बजे सुबह से 14:00 बजे दोपहर के बीच है, उनका पहला आरक्षण चार्ट पिछले दिन रात 9:00 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा. . जिन ट्रेनों का प्रस्थान 14:00 बजे दोपहर से 23:59 रात तथा 00:00 से 05:00 बजे सुबह के बीच है, उनका पहला चार्ट प्राथमिकता के अनुसार 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. . द्वितीय आरक्षण चार्ट की तैयारी की वर्तमान व्यवस्था यथावत बनी रहेगी। . ये निर्देश रिमोट लोकेशनों (Remote Locations) पर चार्टिंग के लिए भी लागू होंगे. यानी सभी ट्रेनों में यह नियम लागू रहेगा. इमरजेंसी कोटा के आवेदन में किए गए बदलाव चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव के अनुसार, EQ (आपातकालीन कोटा) के आवेदन समय में भी बदलाव किया गया है. .अगर ट्रेन छूटने का समय 13:00 से 15:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 10:00 बजे तक आवेदन देना होगा. .अगर ट्रेन छूटने का समय 15:00 से 18:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक आवेदन देना होगा. . अगर ट्रेन छूटने का समय 18:00 से 24:00 और 00:00 से 13:00 तक है तो ट्रेन प्रस्थान के एक दिन पूर्व 14:00 बजे तक आवेदन देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर एक दिन पूर्व 12 :00 बजे तक देना होगा.   रेल यात्रियों को मिलेगी सुविधा     रेल यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेन के रवाना होने से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी की जाएगी। भोपाल मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे में यह व्यवस्था 15-16 जुलाई की मध्यरात्रि से लागू की जा रही है। -नवल अग्रवाल, जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल रेल मंडल

भोपाल से लखनऊ के लिए पहली वंदे भारत ट्रेन अक्टूबर में होगी शुरू, जानिए रूट और टाइमिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। भोपाल से लखनऊ के बीच चलने वाली इस हाईस्पीड ट्रेन के कोच अलॉट हो चुके हैं और अगस्त के पहले हफ्ते में भोपाल को ये रैक मिलने वाले हैं। अगस्त में ट्रायल, अक्टूबर तक शुरू होगा संचालन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच अगस्त में आते ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। करीब 15 दिनों तक ट्रेन का ट्रायल रन चलेगा। इसके बाद सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते में भोपाल-लखनऊ के बीच इस ट्रेन का रेगुलर संचालन शुरू कर दिया जाएगा। भोपाल से पटना तक भी सुविधा इस वंदे भारत का फायदा भोपाल से पाटलिपुत्र यानी पटना की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मिलेगा। अभी भोपाल से पटना के लिए हफ्ते में सिर्फ एक ही ट्रेन है। वंदे भारत शुरू होने से अब इस रूट पर यात्रियों को और विकल्प मिल जाएगा। पहले सिटिंग, फिर स्लीपर क्लास की सुविधा मिलेगी अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में सिर्फ चेयर कार यानी बैठने वाले कोच चलाए जाएंगे। लेकिन आगे चलकर स्लीपर क्लास वंदे भारत भी इस रूट पर चलाई जाएगी, जिससे रात के सफर में यात्रियों को ज्यादा आराम मिलेगा। रानी कमलापति स्टेशन तैयार, पिट लाइन भी बन चुकी है भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत के लिए खास तैयारी की गई है। यहां तीसरी पिट लाइन का काम पूरा हो गया है और ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए आरओएच शेड भी बनाया जा रहा है। जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश की तकनीक से लैस इस शेड में कोचों की मेंटेनेंस आसानी से हो सकेगी। सिर्फ 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ अभी भोपाल से लखनऊ के बीच करीब 590 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 से 11 घंटे का वक्त लग जाता है। क्योंकि इस रूट पर एक ही ट्रेन हफ्ते में 3 दिन चलती है, तो यात्रियों को भारी वेटिंग और परेशानी झेलनी पड़ती है। वंदे भारत के शुरू होते ही ये सफर सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरा हो सकेगा। लंबे इंतज़ार के बाद बड़ी राहत भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस कई सालों से मांग में थी। अब जब इसकी शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है, तो यह हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। रेल सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में सिटिंग वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी, जिसमें चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा होगी। इसके बाद नवंबर तक स्लीपर वर्जन की शुरुआत की जा सकती है, जिसका निर्माण चेन्नई में किया जा रहा है। संभावित मार्ग व संचालन समय भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू की जाएगी। ट्रेन का रैक सितंबर की शुरुआत में भोपाल पहुंचेगा, जिसके बाद 10 से 15 दिन का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल के सफल रहने और रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद इसका नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। संभावित मार्ग में भोपाल, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर सेंट्रल जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल किए जा सकते हैं। भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त  मिलेंगे कोच  भोपाल से पाटलिपुत्र और भोपाल- लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए अगस्त में रैक मिल सकते हैं। रैक आने के बाद 10 से 15 दिन के ट्रायल रन के बाद सितंबर के अंतिम या अक्टूबर के पहले हफ्ते यह ट्रेन शुरू की जा सकती है।  आगे की प्रक्रिया के लिए रेल मंत्रालय के आदेश का इंतजार है। भोपाल से पटना के लिए आमतौर पर साप्ताहिक छोड़कर अन्य कोई ट्रेन नियमित तौर पर नहीं चलती। इसी तरह भोपाल से लखनऊ के लिए चलने वाली भोपाल-लखनऊ- प्रतापगढ़ सप्ताह में तीन दिन ही है। इन दोनों ही स्थानों के लिए स्लीपर श्रेणी में 50 से 100 के बीच वेटिंग अक्सर रहती है। इसी तरह एसी 3 श्रेणी में भी वेटिंग के हालात बने रहते हैं। इन्हें देखते हुए रेल मंत्रालय ने करीब 3 साल पहले भोपाल से पाटलिपुत्र और लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। बताया जाता है कि सिटिंग श्रेणी की ट्रेन बेंगलुरू में बनाई जाती है। जबकि, स्लीपर श्रेणी की गाड़ी के कोच चेन्नई में बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले सिटिंग श्रेणी की वंदे भारत का रैक मिलेगा। उसके कुछ दिन के भीतर स्लीपर श्रेणी की वंदे भारत मिल जाएगी। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है     भोपाल से लखनऊ के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस अक्टूबर में शुरू की जा सकती है। ट्रेन का रैक अलाट कर दिया गया है। हालांकि, ट्रेन का शेड्यूल अभी रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नहीं किया गया है। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल रेल मंडल