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UP IPS Transfer: योगी सरकार का बड़ा फैसला, 24 IPS अफसरों के तबादले, गोरखपुर सहित 11 जिलों में SSP-SP बदले

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. जिसके तहत प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. DG, ADG, IG, DIG समेत 11 जिलों के SP/SSP का ट्रांसफ़र किया गया है. संभल की अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा को गौतमबुद्ध नगर का अपर पुलिस उपायुक्त बनाया गया है.   यूपी के जौनपुर, सहारनपुर, गोरखपुर, मेरठ के एसएसपी बदले गए वहीं अमेठी, पीलीभीत, रायबरेली, मिर्जापुर, बस्ती, खीरी के एसपी बदले गए. साल 1994 बैच के आईपीएस सुजीत पांडेय डीजी फायर बनाये गए. तो वहीं 2001 बैच के आईपीएस प्रवीण कुमार एडीजी जोन लखनऊ बनाये गए हैं. सोमेन वर्मा को अयोध्या की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें डीआईजी रेंज बनाया गया है.  जानें- किसे कहां मिली तैनाती पुलिस महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ सुजीत पांडे को डीजी फायर सर्विसेज बनाया गया है. जबकि प्रवीण कुमार को एडीजी लखनऊ जोन बनाकर भेजा गया है. के एस इमानुएल को पुलिस महानिरीक्षक ईओडब्ल्यू से डीजीपी के जीएसओ की जिम्मेदारी दी गई है. आईपीएस विनोद कुमार सिंह को आईजी डॉ अंबेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद भेजा गया है.  आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट की जिम्मेदारी दी गई है, राजकरण नैय्यर अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद बनाया गया है. सोमेन बर्मा को पुलिस अधीक्षक मीरजापुर से डीआईजी अयोध्या रेंज भेजा गया है. संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं.  आईपीएस विपिन टाडा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं. अभिषेक यादव डीआईजी एटीएस लखनऊ बनाए गए हैं, आशीष तिवारी को वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक सहारनपुर से डीआईजी टेक्निकल सर्विसेज लखनऊ में तबादला किया गया है. प्रताप गोपेंद्र यादव को डीआईजी यूपी पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है. कुंवर अनुपम सिंह को एसपी जौनपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  डॉक्टर ख्याति गर्ग को सेनानायक, 9वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद से एसपी लखीमपुर खीरी भेजा गया है. यशवीर सिंह एसपी बस्ती बनाए गए हैं. चारू निगम एसपी सुल्तानपुर बन गई हैं. अभिनंदन को एसएसपी सहारनपुर बनाया गया है. डॉक्टर कौस्तुभ को एसएसपी गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  अविनाश पांडे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ बनाया गया है. अपर्णा रजत कौशिक एसपी मिर्जापुर बन गई हैं. रवि कुमार को एसपी रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है. सुकीर्ति माधव को क्षेत्रीय अभिसूचना आगरा से एसपी पीलीभीत भेजा गया है. आईपीएस सर्वानन टी को एसपी अमेठी की जिम्मेदारी दी गई है और अनुकृति शर्मा को अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा कमिश्नरेट बनाया गया है.

सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी: ट्रांसफर के 6 महीने बाद घर नहीं छोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश में शासकीय आवासों को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी। राजधानी भोपाल से तबादला होने के बाद अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय तक सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रख सकेंगे। गृह विभाग ने शासकीय आवास नियमों में संशोधन करते हुए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी पर समान रूप से लागू होगी। 6 माह की सीमा, उसके बाद कड़ा एक्शन नए आदेश के अनुसार, भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में शासकीय सेवक अधिकतम 6 माह तक ही सरकारी आवास रख सकेगा। इस अवधि में सामान्य किराया लिया जाएगा 6 माह के बाद आवास खाली नहीं करने पर दंडात्मक किराया वसूला जाएगा.. साथ ही जबरन बेदखली की कार्रवाई की जाएगी..दंडात्मक किराया 90 हजार रुपये तक हो सकता है। कैबिनेट के फैसले के बाद मचा हड़कंप यह फैसला पहले ही कैबिनेट में लिया जा चुका है। इसके बाद कई विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। कुछ अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि उनके बच्चे भोपाल में पढ़ रहे हैं, इसलिए समय दिया जाए, लेकिन गृह विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीमित राहत सेवानिवृत्ति की स्थिति में कर्मचारियों को कुल 6 माह की सशर्त अनुमति मिलेगी— पहले 3 माह: सामान्य किराया अगले 3 माह: सामान्य किराए का 10 गुना 6 माह बाद भी आवास नहीं छोड़ा तो दंडात्मक किराया और बेदखली इस्तीफा या सेवा से पृथक होने पर सिर्फ 3 माह यदि कोई कर्मचारी— त्यागपत्र देता है सेवा से पृथक होता है. या अनधिकृत पाया जाता है, तो उसे केवल 3 माह तक ही सरकारी आवास में रहने की अनुमति होगी। इसके बाद तत्काल बेदखली और दंडात्मक वसूली की जाएगी। सरकार का मकसद साफ गृह विभाग का कहना है कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य — शासकीय आवासों के दुरुपयोग को रोकना वास्तविक जरूरतमंद अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना.. अब मियाद खत्म होते ही सख्त कार्रवाई तय है, किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। सरकारी आवास पर अनावश्यक कब्जा अब भारी पड़ेगा। तबादला, रिटायरमेंट या सेवा समाप्त—हर स्थिति में तय समय पर आवास खाली करना अनिवार्य होगा, वरना जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

अधिकारियों की फेरबदल की बंपर लिस्ट जारी, राज्य प्रशासन में बड़ा बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में कार्यरत एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों को इधर से उधर करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह सभी अधिकारी राज्य पुलिस सेवा के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) संवर्ग से हैं। प्रदेश के गृह विभाग द्वारा मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए। जारी आदेश के मुताबिक 12 उप पुलिस अधीक्षकों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उप सेनानी के पदों पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों एवं इकाइयों में तैनात किया गया है। यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। गृह विभाग के अपर सचिव आशीर्ष भार्गव द्वारा 27 जनवरी को जारी आदेश में सभी अधिकारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। 

जंबो तबादला की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार, 12 कलेक्टरों पर गाज गिरने का खतरा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने बीती शनिवार की देर रात 18 आइएएस और एसएएस के 8 अफसरों समेत 24 अधिकारियों के तबादले किए। एक जंबो सूची और आनी है। इसमें कई आइएएस अफसरों के नाम होंगे। चर्चा के अनुसार 12 से 15 कलेक्टरों पर गाज गिर सकती है। ये वे कलेक्टर होंगे, जिन्हें जिलों की कमान मिलने को दो से ढाई साल का आदर्श समय हो चुका है। बाकी ऐसे होंगे, जो पर्याप्त समय मिलने के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हटाया जाना तय जिन कलेक्टरों की वजह से बार-बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, उन कलेक्टरों को हटाया जाना तय बताया जा रहा है। इनमें भिंड जैसे जिलों के कलेक्टर दायरे में आ सकते हैं। हालांकि प्रशासन के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि कलेक्टरों को कई बार घेरने के प्रयास भी होते है। कानूनी जवाब देने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। नहीं दिए बेहतर परिणाम लगभग यही बात मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलकर कह चुके हैं। उक्त सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों के नाम भी होने की संभावना है, जिन्हें मौके देने के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहे। इनमें दो आइएएस और इतने ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नाम होना बताया जा रहा है। इनकी जगह नए अफसरों को मौके दिए जा सकते हैं।

पुलिस विभाग में हलचल: जहानाबाद के 47 अधिकारियों का स्थानांतरण

जहानाबाद जहानाबाद जिले में आगामी दशहरा पूजा और विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के आदेश पर जिले के 47 पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया, जिनमें 19 थानाध्यक्ष शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह कदम जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि सभी थाना अध्यक्षों का निरीक्षण किया गया और जिन अधिकारियों ने अपने कार्यों में पर्याप्त सजगता नहीं दिखाई, उन्हें नए पदों पर स्थानांतरित किया गया। इस फेरबदल के बाद उम्मीद है कि सभी थाना अध्यक्ष अपने कार्य के प्रति अधिक सजग रहेंगे और जिले में पुलिसिंग में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी। तबादले के प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं:     सदर थाना प्रभारी दिवाकर कुमार विश्वकर्मा को मखदुमपुर थाना का प्रभारी बनाया गया।     मखदुमपुर थाना प्रभारी ओम प्रकाश को सदर अंचल निरीक्षक बनाया गया।     शकुराबाद थाना प्रभारी मोहन प्रसाद को सदर थाना, हुलासगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार को टेहटा, टेहटा थाना प्रभारी सुमन को कड़ौना, और कड़ौना थाना प्रभारी पवन कुमार दास को ओकरी स्थानांतरित किया गया।     घोषी थाना प्रभारी ददन प्रसाद को कल्पा, सदर अंचल निरीक्षक परमानंद लाल करण को घोसी का प्रभारी बनाया गया।     अन्य स्थानांतरण में काको, परसबिगहा, अनुसूचित जनजाति थाना, भेलावर, उमता, वाणावर, सिकरिया, विष्णुगंज और पाली थाना शामिल हैं। इस बड़े फेरबदल के बाद जिले में पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है। सभी स्थानांतिरत अधिकारियों को तुरंत नए पदों पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। इस कदम से जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही पुलिसिंग में गति और पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

IPS अधिकारियों का तबादला: मंदसौर और नरसिंहपुर SP बदले, 9 अफसरों की नई पोस्टिंग

भोपाल   सरकार ने  देर रात नौ आइपीएस अफसरों के तबादले किए। नरसिंहपुर एसपी मृगाखी डेका की जगह इंदौर जोन-4 उपायुक्तत ऋषिकेश मीना को एसपी बनाया है। डेका को एआइजी भोपाल मुख्यालय पदस्थ किया है। मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद को हटाकर सेनानी प्रथम वाहिनी विसबल इंदौर भेजा है तो मंदसौर का नया एसपी इंदौर जोन-1 के उपायुक्त विनोद कुमार मीना को बनाया है।  इन्हें भी किया इधर से उधर भोपाल जोन-4 के उपायुक्त जितेंद्र सिंह पंवार को यातायात का जिम्मा दिया है। उज्जैन एएसपी मयूर खंडेलवाल को भोपाल जोन-4 का उपायुक्त बनाया है। खंडेलवाल की जगह सिंगरौली एएसपी अभिषेक रंजन को भेजा है। जबलपुर एएसपी आनंद कलादगी को हटाकर इंदौर के जोन-4 का पुलिस उपायुक्त बनाया है। ग्वालियर एएसपी कृष्ण लालचंदानी को इंदौर जोन-1 का उपायुक्त नियुक्त किया है।

मध्यप्रदेश में ट्रांसफर प्रक्रिया तेज, 55 पुलिस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस की रफ़्तार अभी भी तेज है, अलग अलग विभाग अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर रहे हैं, इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय भोपाल ने फिर एक तबादला सूची जारी की है जिसमें पुलिस उप निरीक्षक और कार्यवाहक उप निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। 55 उप निरीक्षक/कार्यवाहक उप निरीक्षकों के ट्रांसफर  PHQ भोपाल ने तबादला आदेश की एक बड़ी सूची जारी की है इसमें 55 पुलिस अधिकारियों के नाम हैं जिन्हें एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर किया गया है, आदेश के तहत ट्रांसफर किये गए सभी अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना वाली जगह ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। तबादला नीति का पालन करते हुए कार्यमुक्त करने के निर्देश  तबादला आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन उप निरीक्षकों और कार्यवाहक उप निरीक्षकों के तबादले किये गए हैं उनको कार्य आवंटन उस इकाई में जॉइनिंग देने के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक करेंगे, साथ ही ये भी स्पष्ट किया गया है कि तबादला नीति के अनुसार निर्धारित समयावधि में ट्रांसफर शासकीय सेवक को कार्यमुक्त किया जाये।