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योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 9 वरिष्ठ IPS अफसरों की नई तैनाती

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए गुरुवार को 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इस प्रशासनिक बदलाव में चार वरिष्ठ एडीजी रैंक के अधिकारियों को पदोन्नति देकर डीजी पद पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. सरकार के इस फैसले को पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है आलोक सिंह PAC के नए DG होंगे इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नियुक्तियों में आलोक सिंह को प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) का नया डीजी बनाया गया है. इससे पहले वे कानपुर जोन में एडीजी पद पर कार्यरत थे. वहीं बिनोद कुमार सिंह को सीआईडी एवं साइबर क्राइम का डीजी नियुक्त किया गया है. वे इसी विभाग में एडीजी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।  इसके अलावा जय नारायण सिंह, जो अब तक पावर कारपोरेशन में डीजी के पद पर थे, उन्हें आर्थिक अपराध शाखा (EOW) का नया डीजी बनाया गया है. इसी तरह डीके ठाकुर को नागरिक सुरक्षा एवं विशेष सुरक्षा बल से स्थानांतरित कर होमगार्ड विभाग का डीजी नियुक्त किया गया है।  अनुपम कुलश्रेष्ठ को कानपुर जोन का ADG बनाया गया एडीजी स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं. अनुपम कुलश्रेष्ठ, जो अब तक आगरा जोन की एडीजी थीं, उन्हें कानपुर जोन का नया एडीजी बनाया गया है. वहीं यातायात एवं सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे ए. सतीश गणेश को अब एडीजी क्राइम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।  एसके भगत ADG आगरा जोन बने इसी क्रम में आरके स्वर्णकार, जो एडीजी पीएसी के पद पर कार्यरत थे, उन्हें पावर कारपोरेशन का एडीजी नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही एसके भगत को एडीजी क्राइम से हटाकर आगरा जोन का नया एडीजी बनाया गया है. आईजी स्तर पर भी बदलाव किया गया है, जिसमें गीता सिंह को अभियोजन निदेशालय से स्थानांतरित कर प्रशिक्षण निदेशालय का नया आईजी नियुक्त किया गया है।  यह व्यापक तबादला आदेश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में दक्षता बढ़ाना, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में कार्यक्षमता को नई दिशा देना है. सरकारी आदेश के बाद पुलिस महकमे में नई जिम्मेदारियों को लेकर अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है और सभी अधिकारी जल्द ही अपने-अपने नए पदभार संभालेंगे।  IPS अधिकारियों की तबादला सूची 1. जय नरायन सिंह (बैच: 1994) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक / अपर पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० पावर कॉरपोरेशन लि०, लखनऊ नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक, ई०ओ०डब्ल्यू० (EOW), उ०प्र०, लखनऊ 2. ध्रुव कान्त ठाकुर (बैच: 1994) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा, उ०प्र० (अतिरिक्त प्रभार: विशेष सुरक्षा बल) नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक/महासमादेष्टा, होमगार्ड, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: नागरिक सुरक्षा, उ०प्र०) 3. बिनोद कुमार सिंह (बैच: 1994) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक, सी०आई०डी०, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: साइबर क्राइम, उ०प्र०) नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक, सी०आई०डी०, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: साइबर क्राइम और यू०पी०-112, लखनऊ)  4. आलोक सिंह (बैच: 1995) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक / अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक, पीएसी (PAC) मुख्यालय, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: विशेष सुरक्षा बल, उ०प्र०) 5. अनुपम कुलश्रेष्ठ (बैच: 1995) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन, आगरा नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर 6. ए० सतीश गणेश (बैच: 1996) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, निदेशालय, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध, उ०प्र०, लखनऊ) 7. डॉ० आर० के० स्वर्णकार (बैच: 1996) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी (PAC) मुख्यालय, उ०प्र० नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० पावर कॉरपोरेशन लि०, लखनऊ 8. एस० के० भगत (बैच: 1998) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध, उ०प्र०, लखनऊ नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन, आगरा 9. गीता सिंह (बैच: 2007) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिरीक्षक (IG), अभियोजन, उ०प्र०, लखनऊ नई तैनाती: पुलिस महानिरीक्षक (IG), प्रशिक्षण निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ

बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव, कई IPS अधिकारियों की नई पोस्टिंग

 पटना  सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 16 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। गृह विभाग ने रविवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) सुधांशु कुमार को अब एडीजी विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नैयर हसनैन बीसैप भेजे गए वहीं, नैयर हसनैन खान को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से हटाकर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीसैप) की जिम्मेदारी दी गई है। विकास वैभव को मगध क्षेत्र (गया) का पुलिस महानिरीक्षक (IG) बनाया गया है। अधिसूचना के अनुसार, असैनिक सुरक्षा के एडीजी और 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी परेश सक्सेना को इसी विभाग में पुलिस महानिदेशक (DG) बनाया गया है। तकनीकी सेवाएं एवं संचार के एडीजी निर्मल कुमार आजाद को पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के एडीजी डॉ. अमित कुमार जैन अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के एडीजी होंगे। बजट, अपील एवं कल्याण के एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह को रेलवे में एडीजी बनाया गया है, जबकि एडीजी प्रोविजनिंग अजीताभ कुमार को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी दी गई है। एडीजी (प्रशिक्षण) संजय सिंह अब एडीजी (बजट, अपील एवं कल्याण) होंगे। चर्चित आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो से हटाकर एडीजी तकनीकी सेवाएं एवं संचार बनाया गया है। विकास वैभव बने मगध के आईजी एडीजी सुरक्षा अमृत राज को एडीजी साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की जिम्मेदारी दी गई है। गृह विभाग (विशेष शाखा) के विशेष सचिव केएस अनुपम को अपराध अनुसंधान विभाग में एडीजी (कमजोर वर्ग) बनाया गया है। विकास वैभव को बिहार राज्य योजना परिषद के परामर्शी पद से हटाकर मगध क्षेत्र का पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। रेलवे आईजी पी. कन्नन को आईजी प्रोविजनिंग बनाया गया है। वहीं, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के आईजी रंजीत कुमार मिश्र अब अपराध अनुसंधान विभाग के आईजी होंगे। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के आईजी संजय कुमार को विशेष शाखा का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है।

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल वर्षों से जमे बाबुओं का नाम सूची से गायब मनेन्द्रगढ़  वनमण्डल कार्यालय में हाल ही में जारी किये गये कर्मचारियों के नवीन कार्य आबंटन (तबादला) आदेश के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। आदेश जारी होते ही जहां कई कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदले गये वहीं वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे कुछ बाबुओं का नाम सूची से गायब होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।            विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जिन बाबुओं का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है वे लंबे समय से विभाग की कथित “मलाईदार” कुर्सियों पर काबिज हैं। बताया जा रहा है कि इनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ है और वे अधिकारियों के भी खास माने जाते हैं जिसके चलते इन पर कार्यवाही नहीं हो पाती। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि यदि इन कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाये तो विभाग में करोड़ों रुपयों के संभावित भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो सकते हैं। यही कारण है कि इनके नाम को सूची से बाहर रखा गया है।           गौरतलब है कि कुछ समय पहले मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में कथित घोटालों को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने ही जोरदार तरीके से मुद्दा उठाया था। हालांकि अब मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है।             ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वनमण्डल के डीएफओ इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष कार्यवाही करेंगे या फिर पूर्व की तरह प्रभावशाली बाबुओं को संरक्षण मिलता रहेगा। विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर अब आम लोगों की निगाहें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।

हरियाणा में जनगणना कार्य के चलते शिक्षकों के तबादले पर रोक

चंडीगढ़. जनगणना से जुड़ी तैयारियों को लेकर हुई बैठक में अहम फैसले लिए गए है। जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों के तबादलों पर रोक रहेगी। निदेशक जनगणना ने बताया कि कर्मियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनका डाटा सीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जनगणना अवधि में इन कर्मियों का तबादला न किया जाना जरूरी है। बैठक में तय हुआ कि शिक्षकों के तबादले 15 जून 2026 तक नहीं किए जाएंगे। साथ ही अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनर्स की सूची स्कूल शिक्षा विभाग को भेजी जाए ताकि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्हें परीक्षा या अन्य किसी ड्यूटी में न लगाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि इन फैसलों से जनगणना कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

UP IPS Transfer: योगी सरकार का बड़ा फैसला, 24 IPS अफसरों के तबादले, गोरखपुर सहित 11 जिलों में SSP-SP बदले

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. जिसके तहत प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. DG, ADG, IG, DIG समेत 11 जिलों के SP/SSP का ट्रांसफ़र किया गया है. संभल की अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा को गौतमबुद्ध नगर का अपर पुलिस उपायुक्त बनाया गया है.   यूपी के जौनपुर, सहारनपुर, गोरखपुर, मेरठ के एसएसपी बदले गए वहीं अमेठी, पीलीभीत, रायबरेली, मिर्जापुर, बस्ती, खीरी के एसपी बदले गए. साल 1994 बैच के आईपीएस सुजीत पांडेय डीजी फायर बनाये गए. तो वहीं 2001 बैच के आईपीएस प्रवीण कुमार एडीजी जोन लखनऊ बनाये गए हैं. सोमेन वर्मा को अयोध्या की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें डीआईजी रेंज बनाया गया है.  जानें- किसे कहां मिली तैनाती पुलिस महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ सुजीत पांडे को डीजी फायर सर्विसेज बनाया गया है. जबकि प्रवीण कुमार को एडीजी लखनऊ जोन बनाकर भेजा गया है. के एस इमानुएल को पुलिस महानिरीक्षक ईओडब्ल्यू से डीजीपी के जीएसओ की जिम्मेदारी दी गई है. आईपीएस विनोद कुमार सिंह को आईजी डॉ अंबेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद भेजा गया है.  आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट की जिम्मेदारी दी गई है, राजकरण नैय्यर अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद बनाया गया है. सोमेन बर्मा को पुलिस अधीक्षक मीरजापुर से डीआईजी अयोध्या रेंज भेजा गया है. संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं.  आईपीएस विपिन टाडा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं. अभिषेक यादव डीआईजी एटीएस लखनऊ बनाए गए हैं, आशीष तिवारी को वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक सहारनपुर से डीआईजी टेक्निकल सर्विसेज लखनऊ में तबादला किया गया है. प्रताप गोपेंद्र यादव को डीआईजी यूपी पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है. कुंवर अनुपम सिंह को एसपी जौनपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  डॉक्टर ख्याति गर्ग को सेनानायक, 9वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद से एसपी लखीमपुर खीरी भेजा गया है. यशवीर सिंह एसपी बस्ती बनाए गए हैं. चारू निगम एसपी सुल्तानपुर बन गई हैं. अभिनंदन को एसएसपी सहारनपुर बनाया गया है. डॉक्टर कौस्तुभ को एसएसपी गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  अविनाश पांडे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ बनाया गया है. अपर्णा रजत कौशिक एसपी मिर्जापुर बन गई हैं. रवि कुमार को एसपी रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है. सुकीर्ति माधव को क्षेत्रीय अभिसूचना आगरा से एसपी पीलीभीत भेजा गया है. आईपीएस सर्वानन टी को एसपी अमेठी की जिम्मेदारी दी गई है और अनुकृति शर्मा को अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा कमिश्नरेट बनाया गया है.

सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी: ट्रांसफर के 6 महीने बाद घर नहीं छोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश में शासकीय आवासों को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी। राजधानी भोपाल से तबादला होने के बाद अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय तक सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रख सकेंगे। गृह विभाग ने शासकीय आवास नियमों में संशोधन करते हुए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी पर समान रूप से लागू होगी। 6 माह की सीमा, उसके बाद कड़ा एक्शन नए आदेश के अनुसार, भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में शासकीय सेवक अधिकतम 6 माह तक ही सरकारी आवास रख सकेगा। इस अवधि में सामान्य किराया लिया जाएगा 6 माह के बाद आवास खाली नहीं करने पर दंडात्मक किराया वसूला जाएगा.. साथ ही जबरन बेदखली की कार्रवाई की जाएगी..दंडात्मक किराया 90 हजार रुपये तक हो सकता है। कैबिनेट के फैसले के बाद मचा हड़कंप यह फैसला पहले ही कैबिनेट में लिया जा चुका है। इसके बाद कई विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। कुछ अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि उनके बच्चे भोपाल में पढ़ रहे हैं, इसलिए समय दिया जाए, लेकिन गृह विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीमित राहत सेवानिवृत्ति की स्थिति में कर्मचारियों को कुल 6 माह की सशर्त अनुमति मिलेगी— पहले 3 माह: सामान्य किराया अगले 3 माह: सामान्य किराए का 10 गुना 6 माह बाद भी आवास नहीं छोड़ा तो दंडात्मक किराया और बेदखली इस्तीफा या सेवा से पृथक होने पर सिर्फ 3 माह यदि कोई कर्मचारी— त्यागपत्र देता है सेवा से पृथक होता है. या अनधिकृत पाया जाता है, तो उसे केवल 3 माह तक ही सरकारी आवास में रहने की अनुमति होगी। इसके बाद तत्काल बेदखली और दंडात्मक वसूली की जाएगी। सरकार का मकसद साफ गृह विभाग का कहना है कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य — शासकीय आवासों के दुरुपयोग को रोकना वास्तविक जरूरतमंद अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना.. अब मियाद खत्म होते ही सख्त कार्रवाई तय है, किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। सरकारी आवास पर अनावश्यक कब्जा अब भारी पड़ेगा। तबादला, रिटायरमेंट या सेवा समाप्त—हर स्थिति में तय समय पर आवास खाली करना अनिवार्य होगा, वरना जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

अधिकारियों की फेरबदल की बंपर लिस्ट जारी, राज्य प्रशासन में बड़ा बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में कार्यरत एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों को इधर से उधर करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह सभी अधिकारी राज्य पुलिस सेवा के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) संवर्ग से हैं। प्रदेश के गृह विभाग द्वारा मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए। जारी आदेश के मुताबिक 12 उप पुलिस अधीक्षकों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उप सेनानी के पदों पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों एवं इकाइयों में तैनात किया गया है। यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। गृह विभाग के अपर सचिव आशीर्ष भार्गव द्वारा 27 जनवरी को जारी आदेश में सभी अधिकारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। 

जंबो तबादला की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार, 12 कलेक्टरों पर गाज गिरने का खतरा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने बीती शनिवार की देर रात 18 आइएएस और एसएएस के 8 अफसरों समेत 24 अधिकारियों के तबादले किए। एक जंबो सूची और आनी है। इसमें कई आइएएस अफसरों के नाम होंगे। चर्चा के अनुसार 12 से 15 कलेक्टरों पर गाज गिर सकती है। ये वे कलेक्टर होंगे, जिन्हें जिलों की कमान मिलने को दो से ढाई साल का आदर्श समय हो चुका है। बाकी ऐसे होंगे, जो पर्याप्त समय मिलने के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हटाया जाना तय जिन कलेक्टरों की वजह से बार-बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, उन कलेक्टरों को हटाया जाना तय बताया जा रहा है। इनमें भिंड जैसे जिलों के कलेक्टर दायरे में आ सकते हैं। हालांकि प्रशासन के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि कलेक्टरों को कई बार घेरने के प्रयास भी होते है। कानूनी जवाब देने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। नहीं दिए बेहतर परिणाम लगभग यही बात मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलकर कह चुके हैं। उक्त सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों के नाम भी होने की संभावना है, जिन्हें मौके देने के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहे। इनमें दो आइएएस और इतने ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नाम होना बताया जा रहा है। इनकी जगह नए अफसरों को मौके दिए जा सकते हैं।

पुलिस विभाग में हलचल: जहानाबाद के 47 अधिकारियों का स्थानांतरण

जहानाबाद जहानाबाद जिले में आगामी दशहरा पूजा और विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के आदेश पर जिले के 47 पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया, जिनमें 19 थानाध्यक्ष शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह कदम जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि सभी थाना अध्यक्षों का निरीक्षण किया गया और जिन अधिकारियों ने अपने कार्यों में पर्याप्त सजगता नहीं दिखाई, उन्हें नए पदों पर स्थानांतरित किया गया। इस फेरबदल के बाद उम्मीद है कि सभी थाना अध्यक्ष अपने कार्य के प्रति अधिक सजग रहेंगे और जिले में पुलिसिंग में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी। तबादले के प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं:     सदर थाना प्रभारी दिवाकर कुमार विश्वकर्मा को मखदुमपुर थाना का प्रभारी बनाया गया।     मखदुमपुर थाना प्रभारी ओम प्रकाश को सदर अंचल निरीक्षक बनाया गया।     शकुराबाद थाना प्रभारी मोहन प्रसाद को सदर थाना, हुलासगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार को टेहटा, टेहटा थाना प्रभारी सुमन को कड़ौना, और कड़ौना थाना प्रभारी पवन कुमार दास को ओकरी स्थानांतरित किया गया।     घोषी थाना प्रभारी ददन प्रसाद को कल्पा, सदर अंचल निरीक्षक परमानंद लाल करण को घोसी का प्रभारी बनाया गया।     अन्य स्थानांतरण में काको, परसबिगहा, अनुसूचित जनजाति थाना, भेलावर, उमता, वाणावर, सिकरिया, विष्णुगंज और पाली थाना शामिल हैं। इस बड़े फेरबदल के बाद जिले में पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है। सभी स्थानांतिरत अधिकारियों को तुरंत नए पदों पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। इस कदम से जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही पुलिसिंग में गति और पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

IPS अधिकारियों का तबादला: मंदसौर और नरसिंहपुर SP बदले, 9 अफसरों की नई पोस्टिंग

भोपाल   सरकार ने  देर रात नौ आइपीएस अफसरों के तबादले किए। नरसिंहपुर एसपी मृगाखी डेका की जगह इंदौर जोन-4 उपायुक्तत ऋषिकेश मीना को एसपी बनाया है। डेका को एआइजी भोपाल मुख्यालय पदस्थ किया है। मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद को हटाकर सेनानी प्रथम वाहिनी विसबल इंदौर भेजा है तो मंदसौर का नया एसपी इंदौर जोन-1 के उपायुक्त विनोद कुमार मीना को बनाया है।  इन्हें भी किया इधर से उधर भोपाल जोन-4 के उपायुक्त जितेंद्र सिंह पंवार को यातायात का जिम्मा दिया है। उज्जैन एएसपी मयूर खंडेलवाल को भोपाल जोन-4 का उपायुक्त बनाया है। खंडेलवाल की जगह सिंगरौली एएसपी अभिषेक रंजन को भेजा है। जबलपुर एएसपी आनंद कलादगी को हटाकर इंदौर के जोन-4 का पुलिस उपायुक्त बनाया है। ग्वालियर एएसपी कृष्ण लालचंदानी को इंदौर जोन-1 का उपायुक्त नियुक्त किया है।