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X सर्विस फिर डाउन, अचानक ठप पड़ी और यूजर्स को नहीं मिल रही कोई जानकारी

नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) एक बार फिर तकनीकी दिक्कतों की वजह से चर्चा में है। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में यूजर्स ने शिकायत की कि यह प्लेटफॉर्म ठीक से काम नहीं कर रहा। लोगों को फीड लोड करने में परेशानी हुई, नई पोस्ट दिखाई नहीं दीं और कई मामलों में वे ऐप और वेबसाइट दोनों ही ठीक से एक्सेस नहीं कर पा रहे थे। अचानक आई इस दिक्कत ने लाखों यूजर्स के डिजिटल एक्सपीरियंस को प्रभावित किया। आउटेज की पुष्टि आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Downdetector की ओर से भी की गई है। वहां पर कुछ ही समय में शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हजारों यूजर्स ने एक साथ दिक्कत दर्ज की, और शिकायतों का ग्राफ अचानक ऊपर चला गया। आमतौर पर इस तरह का स्पाइक इस बात का संकेत होता है कि समस्या डिवाइस या नेटवर्क की नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के सर्वर या सिस्टम स्तर पर है। यूजर्स के सामने आईं ये दिक्कतें यूजर्स को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ा, उनमें सबसे ज्यादा के लिए दिक्कत फीड का रिफ्रेश ना होना थी। कई लोगों ने बताया कि पोस्ट और कमेंट्स लोड नहीं हो रहे थे, जबकि कुछ को ‘Something went wrong’ जैसे एरर मेसेज दिखाई दिए। दिलचस्प बात यह रही कि कुछ यूजर्स को पुरानी पोस्ट तो दिख रही थीं लेकिन नई अपडेट नहीं आ रही थीं, जिससे लग जा रहा है कि बैकएंड सिंकिंग या सर्वर रिस्पॉन्स में गड़बड़ी हुई। दुनियाभर में सामने आए मामले रिपोर्ट्स की मानें तो आउटेज सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों से भी इसी तरह की रिपोर्ट्स सामने आईं, जिससे यह मामला ग्लोबल आउटेज का हो गया है। जब एक ही समय पर अलग-अलग देशों के यूजर्स एक जैसी समस्या रिपोर्ट करते हैं, तो यह संकेत होता है कि प्लेटफॉर्म के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बड़ी दिक्कत आई है। अच्छी बात यह है कि सीमित संख्या में ही यूजर्स इससे प्रभावित हुए हैं। फिलहाल, X की ओर से इस बारे में तुरंत कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस तरह के आउटेज के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इनमें सर्वर ओवरलोड, अचानक बढ़ा ट्रैफिक, बैकएंड अपडेट या फिर किसी तकनीकी फेलियर की संभावना ज्यादा होती है। पहले भी X को ऐसे आउटेज का सामना करना पड़ा है, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो गए। अगर आप भी इससे प्रभावित हुए हैं तो परेशान ना हों और कुछ वक्त इंतजार करें।

जैक डोर्सी ने अपनी कंपनी से 4000 लोगों को निकाला, AI के प्रभाव से बढ़ी छंटनी

 नई दिल्ली टेक दुनिया से बड़ी खबर सामने आई है. Twitter के को-फाउंडर जैक डॉर्सी की कंपनी Block Inc. ने करीब 4,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यह संख्या कंपनी के कुल स्टाफ का लगभग 40 फीसदी बताई जा रही है. सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने इस बड़े कदम के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को वजह बताया है. अब तक कंपनियां छंटनी करते वक्त ये साफ तौर पर नहीं बताती थीं कि जॉब AI की वजह से जा रही है. लेकिन Jack Doresey ने ये साफ किया है कि उन्होंने अपनी कंपनी से लोगों को AI की वजह से ही निकाला है. Block एक फिनटेक कंपनी है जो Cash App और Square जैसी सेवाएं चलाती है. कंपनी का कहना है कि वह अब AI पर ज्यादा फोकस कर रही है और काम करने का तरीका बदल रही है. आर्थिक संकट में नहीं है कंपनी, फिर भी निकाले गए लोग जैक डॉर्सी  ने अपने संदेश में कहा कि कंपनी आर्थिक संकट में नहीं है. बिजनेस ठीक चल रहा है, लेकिन AI की वजह से अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम संभव हो रहा है. डोर्सी ने कहा कि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और कंपनियों को समय रहते बदलाव करना होगा. उनके मुताबिक कई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने में देर कर रही हैं. Block ने एक साथ बड़ा फैसला लेकर अपनी टीम का आकार छोटा कर दिया ताकि आगे की रणनीति साफ रहे. इस खबर के बाद शेयर बाजार में Block के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के शेयर करीब 20 से 25 फीसदी तक चढ़ गए. निवेशकों को लग रहा है कि AI के इस्तेमाल से कंपनी की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ सकता है. हालांकि कर्मचारियों के लिए यह बड़ा झटका है. इतनी बड़ी संख्या में नौकरी जाने से टेक सेक्टर में चिंता बढ़ गई है. पिछले कुछ समय से दुनिया भर में टेक कंपनियां स्टाफ कम कर रही हैं, लेकिन इस बार साफ तौर पर AI को वजह बताया जाना चर्चा का विषय बन गया है. कर्मचारियों को मिलेगा मुआवजा और सपोर्ट जैक डॉर्सी  ने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरी गई है, उन्हें नियमों के मुताबिक मुआवजा और कुछ समय तक सपोर्ट दिया जाएगा. अलग-अलग देशों में नियम अलग होने की वजह से यह पैकेज भी अलग हो सकता है. इस फैसले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या AI अब सच में इंसानों की नौकरियां ले रहा है? टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI पूरी तरह नौकरियां खत्म नहीं करता, बल्कि काम की प्रकृति बदल देता है. जिन भूमिकाओं में दोहराव वाला काम ज्यादा है, वहां AI तेजी से जगह बना रहा है. Block का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंपनियां भी इसी दिशा में जा सकती हैं. अगर AI से कम स्टाफ में ज्यादा काम हो सकता है, तो कंपनियां लागत कम करने के लिए ऐसे फैसले ले सकती हैं. टेक इंडस्ट्री में यह बदलाव सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है. यह एक बड़े ट्रेंड की तरफ इशारा करता है, जहां AI अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं, बल्कि बिजनेस रणनीति का हिस्सा बन चुका है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरी बड़ी कंपनियां क्या कदम उठाती हैं.