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यूक्रेन खाड़ी देशों को देगा कोचिंग, ईरान के खतरनाक हथियार के खिलाफ होगी तैयारियां

कीव  ईरान युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खाड़ी देशों और अमेरिका को मदद भेजने की पेशकश की, लेकिन बदले में उन्होंने वित्तीय मदद और तकनीक की मांग की है, जबकि ईरान ने इसे 'मजाक' बताया है। ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और मिसाइल-ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को मदद देने की पेशकश की है। लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कह दिया है कि यह मदद बिना शर्त नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि यूक्रेन ड्रोन पर अपनी विशेषज्ञता साझा कर सकता है, लेकिन इसके बदले उसे रूस से लड़ने के लिए आर्थिक सहायता और नई तकनीक की जरूरत है। रूस के साथ चार साल से जारी युद्ध के दौरान यूक्रेन ने ईरान के डिजाइन वाले 'कामिकाजे' ड्रोन से लड़ने का बड़ा अनुभव हासिल किया है। यही अनुभव अब यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा साझेदार बना रहा है। भारत भी करता है इस्तेमाल दरअसल ‘शाहेद ड्रोन' कामिकाजे ड्रोन का ही एक प्रकार है जिसे ईरान और रूस इस्तेमाल करते हैं। इन्हें अमेरिका, भारत और यूक्रेन खुद भी इस्तेमाल करते हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन ने खाड़ी के चार देशों में अपने विशेषज्ञ भेजे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि हर टीम में कई दर्जन विशेषज्ञ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये टीमें 'स्थिति का विशेष आकलन करेंगी और दिखाएंगी कि ड्रोन-रोधी सुरक्षा प्रणाली कैसे काम करनी चाहिए।' एक्सपर्ट्स भेजे यूक्रेन का कहना है कि रूस के साथ युद्ध में उसने ईरान के 'शाहेद' ड्रोन के खिलाफ काफी अनुभव हासिल किया है। रूस ने इन ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेनी शहरों और बुनियादी ढांचे पर हमलों में बड़े पैमाने पर किया है। इसलिए यूक्रेन का कहना है कि वह उन देशों की मदद करना चाहता है जो समान खतरे का सामना कर रहे हैं। यूक्रेन के मुताबिक उसके विशेषज्ञ कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में काम शुरू कर चुके हैं। यूक्रेन का कहना है कि वह अपनी एंटी-ड्रोन तकनीक और विशेषज्ञता साझा कर सकता है, लेकिन इसके बदले उसे सहयोगियों से मजबूत समर्थन चाहिए होगा। यूक्रेन की जरूरतें कीव लंबे समय से पश्चिमी देशों से वायु-रक्षा मिसाइलों और मॉडर्न तकनीक की मांग कर रहा है। यूक्रेन का मानना है कि रूस के लगातार हमलों के कारण उसे इन प्रणालियों की सख्त जरूरत है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अमेरिका ने इस मुद्दे पर कई बार यूक्रेन से संपर्क किया है। लेकिन इस मामले में अलग-अलग बयान सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंपने फॉक्स न्यूज रेडियो से कहा कि उनके देश को ड्रोन रक्षा के लिए 'यूक्रेन की मदद की जरूरत नहीं है।' इसके बावजूद यूक्रेन अपनी विशेषज्ञता को एक रणनीतिक संपत्ति के तौर पर पेश कर रहा है, जिससे उसे आर्थिक सहायता और नई सैन्य तकनीक मिल सके। ईरान की तीखी प्रतिक्रिया यूक्रेन के इस कदम पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कीव में ईरान के दूत शाह्रियार अमूजेगर ने यूक्रेन की भूमिका को खारिज करते हुए कहा, 'जहां तक खाड़ी देशों में ड्रोन के खिलाफ यूक्रेन की कार्रवाइयों का सवाल है, हम इसे मूल रूप से मजाक और दिखावटी कदम से ज्यादा कुछ नहीं मानते।' उन्होंने यह भी कहा, 'दुर्भाग्य से यूक्रेन अब प्रभावी रूप से हमारे साथ सीधे टकराव के चरण में प्रवेश कर चुका है; यानी उसने खुद को हमारे दुश्मनों के साथ खड़ा कर लिया है।' अमूजेगर ने यह दावा भी किया कि ईरान रूस के आक्रमण में शामिल नहीं है और वह यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। उनके मुताबिक कीव ने 'पश्चिम से अधिक संसाधन हासिल करने के लिए ‘ईरान कार्ड' खेला है।' ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने भी कड़ा बयान देते हुए कहा कि अब यूक्रेन ने 'अपने पूरे क्षेत्र को ईरान के टारगेट में बदल दिया है।' उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए इसे 'आत्मरक्षा' का अधिकार बताया। हालांकि यूक्रेन ने इस बयान को तुरंत खारिज कर दिया। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉर्जी तिखी ने कहा कि यह दावा 'बेतुका' है और यह 'ऐसा है जैसे कोई सीरियल किलर अपने अपराधों को सही ठहराने के लिए आपराधिक संहिता का हवाला दे।'

पुतिन की मिसाइल से यूक्रेन में हड़कंप, 4000 डिग्री सेल्सियस के हमले में 4 की मौत, 24 लोग घायल

कीव  रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर विनाशकारी मोड़ ले लिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि उसने अपनी सबसे आधुनिक और घातक 'ओरेश्निक' (Oreshnik) मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) से यूक्रेन पर हमला किया है। रूस का दावा है कि यह हमला दिसंबर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले का बदला है। इस ताजा मिसाइल हमले ने यूक्रेन के बुनियादी ढांचे और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के अनुसार, इस हमले में 4 नागरिकों की मौत हो गई और 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमले के कारण कई इलाकों में पानी और हीटिंग की सप्लाई ठप हो गई है। कितनी घातक है ओरेश्निक मिसाइल? ओरेश्निक कोई साधारण मिसाइल नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक हथियारों के साथ भी परमाणु जैसी तबाही मचाने में सक्षम है। इसकी रेंज करीब 1,000 से 5,500 किलोमीटर के बीच है और यह महज 15 मिनट में अपने लक्ष्य को भेद सकती है। इतनी तेज स्पीड के कारण दुनिया का कोई भी वर्तमान एयर डिफेंस सिस्टम इसे रोक नहीं सकता। पुतिन के अनुसार, हमले के वक्त इसका तापमान 4,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जो सूरज की सतह के करीब है। यह अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को राख बना देती है। यूक्रेन ने इसे रूस की "बर्बरता और आतंक" करार देते हुए कहा है कि पुतिन बमबारी के जरिए उन्हें अपनी शर्तें मानने पर मजबूर नहीं कर सकते। हालांकि, ओरेश्निक का दोबारा इस्तेमाल यह संकेत देता है कि रूस अब युद्ध को और अधिक आक्रामक स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।  

रूस के मुख्य गैस प्लांट पर यूक्रेन का ड्रोन हमला, सप्लाई में बड़ा व्यवधान

मॉस्को  रूस-यूक्रेन युद्ध शांत होने की जगह भड़कता ही जा रहा है। दक्षिणी रूस में एक प्रमुख गैस प्रसंस्करण संयंत्र पर यूक्रेन ने ड्रोन से हमला कर दिया। इसके कारण कजाकिस्तान से गैस की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई। रूसी अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी है। ओरेनबर्ग स्थित यह संयंत्र विश्व के सबसे बड़े गैस उत्पादन और प्रसंस्करण संयंत्रों में से एक है। इसकी वार्षिक क्षमता 45 अरब क्यूबिक मीटर है और यह कजाकिस्तान के कराचगनाक क्षेत्र से गैस कंडेन्सेट को संसाधित करता है। इसे वहां की सरकारी कंपनी गैजप्रोम चलाती है। क्षेत्रीय गवर्नर येवगेनी सोलंतसेव के अनुसार, ड्रोन हमलों से संयंत्र की एक कार्यशाला में आग लग गई और संयंत्र का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कजाक ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि गैजप्रोम की सूचना के अनुसार, ड्रोन हमले के कारण संयंत्र अस्थायी रूप से कजाकिस्तान की गैस को संसाधित करने में असमर्थ है। यूक्रेन की जनरल स्टाफ ने बयान में कहा कि ओरेनबर्ग संयंत्र में आग लगी और एक गैस प्रसंस्करण और शोधन इकाई क्षतिग्रस्त हुई। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूसी ऊर्जा सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं, जिन्हें वह मास्को के युद्ध प्रयास को वित्तपोषित करने वाला और सीधे समर्थन देने वाला मानता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन से यह संकेत दिया कि शांति स्थापित करने के लिए उसे रूस से खोई हुई भूमि छोड़नी पड़ सकती है। फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ न कुछ ले ही लेंगे और अमेरिका ही ऐसा देश है जो युद्ध जीतकर छोड़ देता है। उन्होंने टॉमहॉक मिसाइलें यूक्रेन को देने के बारे में अनिर्णायक रुख अपनाया और अमेरिकी हथियारों के भंडार के संरक्षण की चिंता जताई। यूक्रेनी अभियोजक दावा कर रहे हैं कि रूस नागरिक इलाकों को निशाना बनाने के लिए अपने हवाई निर्देशित बमों को बदल रहा है। खार्किव क्षेत्र में रूस ने नए रॉकेट-संचालित बम UMPB-5R का इस्तेमाल किया, जो 130 किलोमीटर तक उड़ सकता है। डोनिप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 11 लोग घायल हुए और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। रूस ने कोयला खदान पर भी हमला किया, जिसमें 192 खनिक सुरक्षित निकाले गए। यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने रूस के समारा क्षेत्र में नोवोकुइबिशेव्स्क तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का दावा भी किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने रात भर 45 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।

रूस ने फिर बरपाया आतंक, यूक्रेन के रिहायशी इलाकों में तबाही मची

कीव रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी संघर्ष में स्थिति और भयावह होती जा रही है। ध्यान देने वाली ये भी है कि अभी दूर-दूर तक इस संघर्ष के खत्म होने के आसार भी नहीं दिख रहे है। कारण है कि इन दिनों रूस का यूक्रेन पर हमला और तेज हो गया है। इस संघर्ष के ताजा अपडेट की बात करे तो शनिवार रात भर रूस ने यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर ड्रोन, मिसाइल और गाइडेड बमों से हमला किया, जिसमें कम से कम पांच आम नागरिक मारे गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार सुबह बताया कि रूस ने नौ अलग-अलग इलाकों में 50 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और करीब 500 ड्रोन दागे। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल पश्चिमी शहर लविव में हुए एक संयुक्त ड्रोन और मिसाइल हमले में पांच लोग की मौत हुई, जिनमें एक 15 साल का बच्चा भी शामिल है। इस हमले से दो इलाकों में बिजली गुलहो गई और सार्वजनिक यातायात भी कुछ घंटों के लिए बंद रहा। लविव के मेयर आंद्रिय सादोवी ने बताया कि शहर के बाहर एक व्यावसायिक परिसर में आग लगी, जो किसी सैन्य गतिविधि से जुड़ा नहीं था। और कहा-कहा हुआ हमला? इवानो-फ्रैंकिव्स्क क्षेत्र में भी एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया में एक महिला की मौत हो गई और नौ लोग घायल हुए। यहां ड्रोन और गाइडेड बमों से हमला किया गया, जिससे कई आवासीय भवन नष्ट हो गए और करीब 73,000 घरों में बिजली चली गई। इसके साथ ही पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र के स्लोवियान्स्क में भी एक अपार्टमेंट पर हमला हुआ, जिसमें छह लोग घायल हुए। वहां कई घरों, दुकानों और कारों को नुकसान पहुंचा। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से यूक्रेन को और अधिक वायु रक्षा प्रदान करने की अपील की ताकि इस हवाई आतंक को रोका जा सके। यूक्रेन ने भी लंबी दूरी से हमले किए रूसी हमलों के जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के कई ठिकानों पर लंबी दूरी से हमले किए हैं, खासकर रूस के तेल उद्योग को निशाना बनाकर, जिससे वहां ईंधन की कमी बनी हुई है। रूस ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली आपूर्ति और रेलवे नेटवर्क पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे नागरिकों को गर्मी, बिजली और पानी की समस्या हो रही है। शॉस्तका शहर में हुए हालिया हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई घायल हुए। इससे साफ है कि युद्ध जारी है और आम लोगों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।  

यूक्रेन पर रूस का हवाई हमला: रेलवे स्टेशन और पैसेंजर ट्रेन पर बमबारी, दर्जनों लोग घायल

कीव  यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्र सुमी (Sumy) में रूस ने हवाई हमला किया है. रूसी हमलों में एक पैसेंजर ट्रेन को निशाना बनाया गया है. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव ने बताया कि रूसी हमले में रेलवे स्टेशन और कीव जा रही ट्रेन को टारगेट किया गया. ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचा है.  समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गवर्नर ओलेह ने कहा कि इस हमले में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, ह्रिहोरोव ने एक जलती हुई ट्रेन के डिब्बे की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की और कहा कि राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.  लगातार बढ़ रहे हैं रूसी हमले यह हमला रूस की उस एयरस्ट्राइक मुहिम का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें बीते 2 महीनों से यूक्रेन के रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. रूस लगभग हर दिन यूक्रेनी परिवहन नेटवर्क पर हमले कर रहा है. सिर्फ एक दिन पहले ही रूस ने यूक्रेन की राज्य गैस और तेल कंपनी नाफ्टोगैज़ के ठिकानों पर 35 मिसाइलें और 60 ड्रोन दागे थे. ये हमले खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों में हुए थे. नाफ्टोगैज़ के सीईओ सर्जी कोरेत्स्की के अनुसार यह अब तक की सबसे बड़ी बमबारी थी जिससे गैस उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ. इस हमले में करीब 8000 उपभोक्ताओं की बिजली कट गई. उन्होंने कहा कि हमारे कई प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कुछ जगहों पर नुकसान बहुत गंभीर है. इस हमले का कोई सैन्य औचित्य नहीं है.  एनर्जी स्ट्रक्चर पर बढ़े हमले रूसी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसकी सेनाओं ने यूक्रेन के गैस और ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर रातभर हमले किए. रूस ने दावा किया कि उसने सैन्य-औद्योगिक स्थलों को भी निशाना बनाया है. सर्दियों के करीब आते ही रूस ने यूक्रेन के एनर्जी स्ट्रक्चर पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में लंबे ब्लैकआउट हो रहे हैं. यूक्रेन का पलटवार यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज की है. हाल के महीनों में कीव की सेना ने रूस के भीतर स्थित तेल रिफाइनरियों पर हमले बढ़ा दिए हैं. इससे रूस के कई इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है. सिर्फ सितंबर में ही यूक्रेन ने रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में 19 तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले किए.