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उमा भारती ने किया सनसनीखेज बयान, जब तक जिंदा हूं राजनीति करूंगी, बहुत लंबा जीने का मन है

टीकमगढ़  मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम और  BJP का फायर ब्रांड नेता उमा भारती  Uma Bharti Statement  के एक नए बयान से प्रदेश की राजनीति में हलचल है। टीमकमढ़ में उमा भारती ने ये बड़ा बयान दिया है। उमा भारती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वो अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेनी वाली है, जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में डटी रहेंगी। इस दौरान उन्होंने लोगों से साथ देने की भी अपील की।दरअसल  टीकमगढ़ में वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ये बड़ी अपील करते हुए हुंकार भरी है। सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आई Uma Bharti  उमा भारती ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक वह जिंदा रहेंगी, तब तक राजनीति के मैदान में रहेंगी, लोगों से भावुक अपील करते हुए भारती न अपने लंबे जीवन और संघर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा. इस मौके पर अपनी सेहत का जिक्र करते हुए उमा भारती काफी भावुक नजर आईं हैं। उन्होंने कहा कि उनका बहुत लंबा जीने का मन है और इसके लिए उन्हें समाज और  लोगो के समर्थन की जरूरत है। जब मैं चल न पाऊं तो लोग उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें-उमा उमा भारती ने कहा कि कभी ऐसा समय आए और उम्र के साथ ऐसी स्थिति आ जाए कि वह खुद चल न पाएं, तो लोग उन्हें उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया करें, लेकिन वह काम करना बंद नहीं करेंगी। उमा भारती ने वाणी, आंख और कान की सलामती पर जोर दिया।  उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें दिखाई देगा, कानों से सुनाई देगा और बोलने योग्य रहेंगी तब तक वह जनता के हितों के लिए संघर्ष करती रहेंगी उमा बोलीं- जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं भारती ने वीरांगना अवंती बाई लोधी के प्रति गहरी आस्था व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वह वीरांगना के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए ही जीवनभर राजनीति करना चाहती हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी सेहत ठीक नहीं रहती लेकिन जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उन्हें लड़ने की ताकत देता है।

नशे में किया खतरनाक कमेंट, उमा भारती के परिवार को धमकी देने वाला युवक पकड़ा गया

टीकमगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू और जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता राहुल सिंह लोधी को इंटरनेट मीडिया पर हाइड्रोजन बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान अर्जुन चढ़ार निवासी खरगापुर के रूप में हुई है। एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि 22 फरवरी को जीडब्ल्यू बृजेंद्र कुशवाहा नामक एक फेसबुक प्रोफाइल से जिपं अध्यक्ष उमिता सिंह की पोस्ट पर लिखा था हमारे पास हाइड्रोजन बम है, हम बनाना जानते हैं। नेताओं को हम खुद ही मारेंगे। इस कमेंट में जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति, पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी को जान से मारने की सीधी धमकी दी गई थी। साक्ष्य मिटाने के लिए तोड़ा मोबाइल पुलिस पूछताछ में आरोपित अर्जुन चढ़ार ने बताया कि घटना वाले दिन उसने अत्यधिक शराब का सेवन कर रखा था। नशे की हालत में वीडियो देखते समय अचानक जिपं अध्यक्ष की आइडी सामने आने पर उसने बोलकर यह कमेंट कर दिया था। मामला तूल पकड़ते ही घबरा गया और उसने साक्ष्य मिटाने के लिए अपना आठ साल पुराना मोबाइल तोड़कर फेंक दिया। सिम निकालकर दूसरे मोबाइल में भी डाली, लेकिन साइबर सेल ने आइएमइआइ नंबर और तकनीकी विश्लेषण के जरिए उसे खरगापुर से दबोच लिया।  

शंकराचार्य होने का सबूत मांगना गलत: उमा भारती

भोपाल. यूपी सरकार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच टकराव और खींचतान को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में ही मतभेद के सुर उभरने लगे हैं। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता उमा भारती ने 'शंकराचार्य' होने के सबूत मांगे जाने की आलोचना की है। प्रशासन के अधिकारों और मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए उमा भारती ने पोस्ट में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी टैग किया है। उमा भारती ने अविमुक्तेश्वरानंद और यूपी सरकार के बीच सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद जाहिर करते हुए प्रशासन की ओर से शंकराचार्य का सबूत मांगने को गलत बताया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, 'मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा, किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का एवं विद्वत परिषद का है।' इस पोस्ट में उमा भारती ने बीजेपी एमपी, बीजेपी यूपी, यूपी सीएम ऑफिस और ज्योतिर्मठ को टैग किया है। माघ मेला प्रशासन ने भेजा था नोटिस मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में हुई घटनाओं को लेकर शंकराचार्य ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अनशन शुरू किया था, जिसे लेकर श्रद्धालुओं और संत समाज के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने उच्चतम न्यायालय की नोटिस का हवाला देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। शंकराचार्य ने क्या कहा था स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इसका जवाब देते हुए कि था कि शंकराचार्य वह है जिसे बाकी अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य मान्यता देते हैं। उन्होंने दावा किया है कि बाकी दो पीठों द्वारका पीठ और श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य उन्हे शंकराचार्य कहते हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि पिछले माघ मेले में उन्हे साथ लेकर दोनों शंकराचार्य स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि जब श्रृंगेरी और द्वारका के शंकराचार्य यह कह रहे हैं कि वह ही शंकराचार्य हैं, तो आखिर किस प्रमाण की आवश्यकता है कि हम शंकराचार्य हैं कि नहीं।

उमा भारती ने इंदौर में पानी से मौतों पर कहा, “2 लाख नहीं, माफी मांगनी होगी”

इंदौर इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता अपनी ही सरकार पर बरस पड़ी हैं। उमा भारती ने इस घटना को अपनी सरकार के लिए शर्मिंदगी बताते हुए कहा कि माफी मांगनी पड़ेगी। उन्होंने सरकार की ओर से किए गए मुआवजे के ऐलान को लेकर कहा कि जिंदगी की कीमत 2 लाख रुपये नहीं होती है। अगला लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती मध्य प्रदेश में अपनी सरकार से भी सवाल पूछने या नसीहत देने का कोई मौका नहीं चूकतीं। इंदौर में दूषित पानी से कई मौतों को उन्होंने सरकार और प्रदेश के लिए शर्म और कलंक करार दिया। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर कहा, ‘साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।’ मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है: उमा भारती पूर्व सीएम ने आगे कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उमा भारती ने राज्य सरकार की ओर से घोषित 2 लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए पीड़ितों से माफी की मांग की और इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी भी बताया। उमा भारती की मांग- माफी और अधिकतम दंड चार बिंदु पर लिखे अपने संदेश के अंत में उमा भारती ने कहा,'जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।' उन्होंने इस ट्वीट के साथ भाजपा के आधिकारिक हैंडल और सीएम मोहन यादव को भी टैग किया है।

नेताओं की फिजूलखर्ची पर उमा भारती का हमला: बोले—‘काला धन शादियों में किया जाता है खर्च’

टीकमगढ़ नेता अक्सर दो नंबर का पैसा खपाने के लिए शादियों में फिजूलखर्ची करते हैं। आजकल अधिकांश शादियां मैरिज गार्डन में हो रही हैं और इनमें अत्यधिक खर्च किया जा रहा है। बड़े-बड़े उद्योगपति शादियों में करोड़ों रुपये देकर मंच सजाकर डांसर बुलाते हैं। इतने रुपयों में हजारों गरीब बेटियों के विवाह कराए जा सकते हैं। अगर हम सीमित साधनों में काम चलाना शुरू कर दें तो यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक क्रांति होगी। पहले 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' कहा था, अब 'भ्रष्टाचारी भारत में रहो, लेकिन सुधर जाओ' कहना होगा।' यह बात पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने टीकमगढ़ में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार मिटाने के लिए अगले दस वर्षों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पद पर रहना आवश्यक है। गौरतलब है कि मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपनी मां के नाम यात्रा निकालने के बाद मीडिया से चर्चा की। जहां पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों और उद्योगपतियों की शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची को लेकर बयान दिया। उन्होंने नेताओं से बार-बार आग्रह किया कि वे दिखावा न करें, क्योंकि उनकी इज्जत पहले से ही है।   बच्चे हीन भावना से ग्रस्त हो रहे हैं चर्चा के दौरान उमा भारती ने कहा कि उन्होंने उद्योगपतियों की शादियों में जाना बंद कर दिया है और अपने गार्ड को ऐसे निमंत्रण पत्र स्वीकार न करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि देश में यह प्रतिस्पर्धा आ गई है कि किसके पास ज्यादा सुविधाएं हैं। इससे बच्चे हीन भावना से ग्रस्त हो रहे हैं कि वह कमजोर हैं। यह देखकर माता-पिता प्रतिस्पर्धा करते हैं और बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए भ्रष्टाचार करना शुरू कर देते हैं, जबकि सीमित साधनों में भी काम चलाया जा सकता है। पूर्व सीएम ने ऐसे में नेताओं से शादियों में फिजूलखर्ची बंद करने की सलाह दी है।

2029 में झांसी से चुनाव लड़ने का एलान, उमा भारती ने साफ किया अपना इरादा

टीकमगढ़ भारतीय राजनीति की प्रखर और स्पष्टवादी नेता पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शनिवार की शाम टीकमगढ़ स्थित अपने बड़े भाई स्वर्गीय स्वामी प्रसाद के फार्महाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सबसे पहले उन्होंने बिहार की शराबबंदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ़ इच्छा शक्ति थी। उमा भारती ने कहा कि बिहार में नीतीश के विधायक भी शराब बेचते रहे, लेकिन नीतीश डटे रहे, तभी शराबबंदी संभव हो सकी। उन्होंने मध्य प्रदेश में भी समाज की भागीदारी को शराबबंदी की अनिवार्य शर्त बताया। आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए स्पष्ट कहा कि 2029 में वह हर हाल में झांसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का चुनाव उन्होंने केवल इसलिए नहीं लड़ा, क्योंकि उस समय वह गंगा सफाई अभियान में पूरी तरह व्यस्त थीं। देश में चल रही एसआईआर बहस पर उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है, जिसे राष्ट्रीय हित में देखा जाना चाहिए। हिंदू राष्ट्र पर अपनी राय देते हुए उमा भारती ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र है और हमेशा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विचार सांप्रदायिकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का विषय है। प्रेम विवाह को लेकर उन्होंने प्रगतिशील रुख अपनाते हुए कहा कि यदि दोनों परिवार सहमत हों तो जाति कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संतोष वर्मा के विवादित बयान की भी निंदा की। शराबबंदी पर बात करते हुए उमा भारती ने बताया कि टीकमगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में समाज ने स्वयं पहल कर शराबबंदी लागू की है। उन्होंने कहा कि “शराबबंदी और गौ सेवा समाज का काम है, जिसे शासन के साथ-साथ जनता को मिलकर निभाना होगा। पत्रकार वार्ता में उमा भारती का स्पष्ट, निडर और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित दृष्टिकोण एक बार फिर पूरी तरह दिखाई दिया।

बाबर नाम के निर्माणों को लेकर उमा भारती का विवादित वक्तव्य, सरकार पर साधा निशाना

भोपाल  पूर्व सीएम और बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने बाबर को लेकर बड़ा हमला बोला है। उमा ने कहा कि  जिस बाबर ने भारत पर हमला किया, भारत को अपमानित किया , उसके नाम की कोई इमारत इस देश में बन नहीं सकती। भारत की धरती पर बाबर के नाम से बनने वाली इमारत को ध्वस्त करेंगे- उमा अगर कोई ऐसा करने का काम करने तो वो इमारत ध्वस्त कर दी जाएगी। जो सरकार इसको संरक्षण देगी वो सरकार भी ध्वस्त कर दी जाएगी । सारे राजनीतिक दलों को मिलकर इसकी निन्दा करके इसको रोकना चाहिए ।दरअसल उमा भारती का ये बयान टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के ऐलान के बाद सामने आया है। हूंमायूं कबीर ने कहा है कि वे 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ का शिलान्यास करेंगे। हम सम्मान करेंगे उमा भारती ने एक्स पर लिखा कि खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था। ईंटें भी गायब हो गई थीं। उन्होंने कहा कि मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात करने वालों पर कार्रवाई कीजिए। बंगाल और देश की अस्मिता आपकी भी जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि उमा भारती राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं। साथ ही वह बाबरी मस्जिद विध्वंस में भी शामिल थीं। पश्चिम बंगाल चुनाव में इस नाम पर ध्रुवीकरण भी होगा। मुर्शिदाबाद मुस्लिम बाहुल इलाका है। विधायक ने बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा कर एक समाज को एकजुट करने की घोषणा की है। हालांकि अब देखना यह होगा कि उनकी पार्टी टीएमसी का रुख क्या रहती है। 6 दिसंबर को ही बाबरी मस्जिद की वर्षी है। कबीर के इस ऐलान के बाद से न सिर्फ़ बंगाल बल्कि पूरे देश की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। कबीर के इसी बयान पर उमा भारती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है । 

TMC के हुमायूं कबीर के मस्जिद निर्माण ऐलान पर उमा भारती ने जताई कड़ी प्रतिक्रिया

भोपाल  विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक साम्प्रदायिक मोड आ गया है. बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की आधारशिला रखने का ऐलान किया है. 6 दिसंबर वही तारीख है जब 33 साल पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ दी गई थी.  टीएमसी विधायक के इस बयान पर बीजेपी नेता और राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं प्रखर हिंदूवादी नेत्री उमा भारती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि इबादत के नाम पर बनी मस्जिद का हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं.  हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के विधायक और पूर्व मंत्री हैं.  हुमायूं कबीर ने 2021 में भरतपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी. इस बार 2026 में विधानसभा चुनाव होने को हैं. 2021 में हुमायूं कबीर को 96 हजार 226 वोट मिले थे. उन्होंने बीजेपी के ईमान कल्याण मुखर्जी को 43 हजार 83 वोटों के मार्जिन से हराया था. 2016 में हुमायूं कबीर भरतपुर सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और उन्हें मात्र 1497 वोट मिले थे.  लेकिन जब वे टीएमसी में आए तो उनकी किस्मत बदल गई. हुमायूं कबीर ने कहा कि वह  6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे. इस दौरान मुस्लिम समाज के कई नेता शिरकत करेंगे. उन्होंने कहा कि यह निर्माण तीन साल में पूरा हो जाएगा. हुमायूं कबीर ने कहा कि इस कार्यक्रम में कई मुस्लिम मौलानाओं को न्योता दिया जाएगा.  हुमायूं कबीर बेलडांगा क्षेत्र में काफी असर रखते हैं और मुस्लिम समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं. कबीर पहले भी विवादित बयान और राजनीतिक गतिविधियों के लिए चर्चा में रहे हैं. माना जाता है कि वे पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे हैं, पर ममता बनर्जी की आलोचना से बचते रहे हैं. राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं उमा भारती ने इस बयान पर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं." पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह देते हुए उमा भारती ने कहा कि, "मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात कहने वालों पर कार्रवाई करिए, बंगाल एवं देश की अस्मिता एवं सद्भाव के लिए आपकी भी जिम्मेवारी है."  6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी राम मंदिर आंदोलन के दौरान आज से 33 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को लाखों कारसेवकों ने अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया था. हिंदू संगठनों का दावा था कि यह मस्जिद भगवान राम के जन्मस्थान पर मुगल शासक बाबर द्वारा बनवाई गई थी. मुस्लिम संगठन इसे अपनी मस्जिद बताते थे. इस विध्वसं के बाद देश भर में कई जगहों पर साम्प्रदायिक दंगे हुए थे.  इस मामले में 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल की जमीन हिन्दू पक्ष को दी और मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक 5 एकड़ जमीन देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था.  बाबरी मस्जिद ही क्यों? TMC MLA हुमायूं कबीर के बयान पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा  है कि, 'मस्जिद बनाना ठीक है, लेकिन खास तौर पर 'बाबरी मस्जिद' ही क्यों? जो विवाद पहले ही सुलझ चुका है, उसे राजनीतिक फायदे के लिए फिर से खोला जा रहा है. हमारा रिश्ता बाबर से नहीं, बल्कि शिवाजी महाराज से है." टीएमसी विधायक के इस बयान पर बीजेपी नेता और बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेन्दु अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है, "वह यह सब सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए कर रहे हैं. चुनाव पास आ रहे हैं. बेचारे मुसलमान TMC को छोड़ रहे हैं. जैसे 2021 में उन्होंने CAA को NRC कहकर सभी मुसलमानों को एक किया था, इस बार वे बाबरी मस्जिद के निर्माण पर चर्चा करके ऐसा कर रहे हैं."   हुमायूं कबीर के इस बयान पर टीएमसी की अबतक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं है.   

उमा बोलीं, नमाज पढ़ना नहीं बनाता मुस्लिम, राहुल गांधी पर भी निशाना साधा

भोपाल मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिंदू एकता, हिंदू राष्ट्र, आरक्षण, शासन–प्रशासन, धर्मांतरण और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों पर बेबाक बयान दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की बात खुलकर कही है और बुंदेलखंड से हमेशा ऐसी विभूतियाँ सामने आती रही हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है- उमा भारती उमा भारती ने कहा ‘भारत हिंदू राष्ट्र है, इसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। हिंदू राष्ट्र इसलिए सेक्युलर है क्योंकि हिंदू ने हर मज़हब को स्थान दिया है। जब इस्लाम, जैन, बौद्ध और ईसाई धर्म नहीं थे, तब भी सनातन था। हिंदू विविधता में एकता का प्रतीक है।’ उन्होंने जाति-भेद और सामाजिक विभाजन को हिंदू एकता का सबसे बड़ा बाधक बताया और कहा कि हिंदू समाज की मजबूती का आधार आर्थिक समानता है। धर्म परिवर्तन और लव जिहाद पर कड़ा रुख उन्होंने धर्म परिवर्तन को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ‘धर्म परिवर्तन और लव जिहाद राष्ट्रद्रोह है। भारत में हर धर्म का सम्मान है, लेकिन धोखे से धर्मांतरण अपराध है। घुसपैठियों को एक मिनट भी देश में रहने का अधिकार नहीं।’ उमा भारती ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी को भारत की सांस्कृतिक आत्मा को समझना होगा। ‘सियाराम में सब जग जानी यही भारत की पहचान है। Jihad और Kafir जैसे शब्दों की इस देश में कोई जगह नहीं है।’ उन्होंने अंत में कहा कि वे न तो हाशिए पर हैं और न ही किसी पद की इच्छुक, लेकिन गंगा और गौ माता से जुड़ी किसी भी जिम्मेदारी के लिए हमेशा तैयार हैं। मैं नमाज पढ़ूं, तो मुस्लिम नहीं बन जाऊंगी उमा ने कहा कि धर्म परिवर्तन और लव जिहाद देशद्रोह है। यदि मैं कुरान पढ़ लूं दरगाह में चली जाऊं या अल्लाह बोल दूं इसे मेरा धर्म परिवर्तन नहीं होगा। भारत में बहुसंख्यक सभी धर्म का सम्मान करते हैं और यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो यह जगन्य अपराध राष्ट्र और देशद्रोह है। राहुल गांधी पर निशाना राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए उमा ने कहा कि ‘राहुल जनेऊ पहनने का नाटक करते हैं। कल गाय का मुद्दा बढ़ गया तो गोबर का टीका लगा लेंगे और जेब में गौमूत्र रखकर घूमेंगे। नाटक करने में नंबर वन हैं।’

उमा भारती ने दी चेतावनी, 2029 के लोकसभा चुनाव में हिस्सेदारी पक्की

जबलपुर   मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ने का ऐलान किया है। जबलपुर में गोपाष्टमी पर्व के मौके पर गोसंवर्धन संकल्प सभा में पहुंची थीं और इसी दौरान उन्होंने मंच से ये ऐलान किया। उमा भारती ने कहा कि वो साल 2029 में लोकसभा का चुनाव जरूर लड़ेंगी। क्योंकि सांसद और मंत्री बनने से आम जनता का भला करने का मौका मिलता है। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने से उनने कभी इंकार नहीं किया था, बस उसे टाला था। 'लाड़ली बहनों को पैसों के साथ मिले एक-एक गाय' गोसंवर्धन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उमा भारती ने गाय का जिक्र करते हुए कहा कि गाय सेक्युलेरिज्म के चक्कर में फंस गई है। कई नेता डर के मारे गाय पर बोलने से बचते हैं। क्योंकि उन्हें यह लगता है कि धर्म विशेष का वोटर नाराज हो जाएगा। उमा भारती ने आगे कहा कि लाड़ली बहनों को जो राशि मिल रही है वो तो मिलनी ही चाहिए लेकिन इसके साथ ही लाड़ली बहनों को एक-एक दुधारू गाय भी देनी चाहिए। इससे उनकी आमदनी 3 हजार से बढ़कर 10 हजार तक हो जाएगी। वहीं उन्होंने कहा राम के नाम पर पूरा भारत एक हुआ। लेकिन भगवान के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। ललितपुर से चुनाव लड़ने की जता चुकी हैं इच्छा बता दें कि उमा भारती बीते दिनों यूपी के ललितपुर के दौरे पर थीं और तब उन्होंने वहां पर भी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। तब उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी अनुमति देती है तो वे 'अगला लोकसभा चुनाव झांसी लोकसभा सीट' से लड़ेंगी। उमा ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी । सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा था कि 'अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगी, लेकिन मैं सिर्फ झांसी से ही चुनाव लड़ूंगी।' तब उन्होंने ये भी कहा था कि उनका बुंदेलखंड क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और वे चाहेंगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की जनता एक बार फिर उन्हें लोकसभा तक पहुंचाए।