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UP Election 2027 की तैयारी तेज, दिल्ली से पहुंचेगा शीर्ष नेतृत्व, 3-4 जुलाई की बैठक पर सबकी नजर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. प्रदेश की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर राजनीतिक दल ने अपने तरकस से तीर निकालने शुरू कर दिए हैं. इसी सियासी हलचल के बीच बीजेपी ने अपनी तैयारियों को धार देने के लिए ‘मिशन मोड’ एक्टिव कर दिया है. इसी मिशन को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 3 और 4 जुलाई को लखनऊ का दौरा करने वाले हैं. राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव के बाद यह शीर्ष नेतृत्व का पहला बड़ा दौरा है. जानें इसके पीछे की कहानी।  नई टीम के साथ ‘चुनावी मंत्र’ भाजपा ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए हाल ही में प्रदेश इकाई में व्यापक फेरबदल किया है. यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में नई टीम का गठन हो चुका है, जिसमें 19 उपाध्यक्ष, आठ महासचिव और 19 सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. अब बारी इस टीम को ‘एक्टिव मोड’ में लाने की है. जानकारों का कहना है कि नितिन नवीन अपने इस दौरे के जरिए यह परखेंगे कि नई टीम जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी है और कार्यकर्ताओं के साथ उनका तालमेल कैसा है।  3-4 जुलाई: लखनऊ में क्यों है हलचल? नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ प्रवास केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका मुख्य फोकस आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रोडमैप तैयार करना है. 3 और 4 जुलाई को वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं, क्षेत्रीय प्रभारियों और संबद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी उनकी मुलाकात की संभावना है. स्पष्ट है कि पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर है।  सीएम योगी संग होगी महाबैठक लखनऊ दौरे के दौरान नितिन नबीन सिर्फ संगठन के लोगों से ही नहीं मिलेंगे. सूत्रों का कहना है कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी होने वाली है. इस बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर गंभीर चर्चा होगी।  संघ के पदाधिकारियों से होगी बातचीत बीजेपी के इस महामंथन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका भी बड़ी होने वाली है. मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, नितिन नबीन अपने दौरे में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं. चुनाव से पहले संघ का फीडबैक भाजपा के लिए हमेशा से बहुत मायने रखता आया है।  जमीनी कार्यकर्ताओं से लेंगे फीडबैक सिर्फ बड़े नेताओं से मुलाकात ही इस दौरे का मकसद नहीं है. नितिन नबीन क्षेत्रीय स्तर के संगठन मंत्रियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठकें करेंगे. वह जानना चाहते हैं कि यूपी की जनता के बीच इस समय क्या माहौल है और विपक्ष के दांव काट ढूंढने के लिए क्या किया जाना चाहिए।  तैयार होगा जीत का महाप्लान इस पूरे दो दिवसीय दौरे का आखिरी मकसद साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक अचूक रोडमैप तैयार करना है. दिल्ली से आ रहे मुखिया यह तय करेंगे कि आने वाले महीनों में पार्टी को कौन से बड़े कार्यक्रम करने हैं। 

रामदास आठवले का बड़ा ऐलान, 25 सीटों पर उतरेंगे उम्मीदवार

 लखनऊ यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई। पार्टियां की तैयारियों में लग गई हैं। इस बीच यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी को टेंशन दे रहे हैं। अब रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने दावा किया है कि वह अगामी यूपी विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। आठवले ने कहा कि यूपी में अब रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया अपनी जमीन तैयार करेगी। आठवले ने इस दावे के साथ यह भी कहा कि आज शाम को वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह भागीदारी को लेकर चर्चा करेंगे। केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास आठवले शनिवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी 26 नवंबर को संविधान दिवस पर लखनऊ में बड़ी रैली करेगी। उन्होंने कहा कि इस रैली पार्टी का लक्ष्य एक लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का है। रैली डिफेन्स एक्सपो मैदान में होगी। पार्टी यूपी के 62 जिलों में अपना संगठन खड़ा कर चुकी है। पार्टी भाजपा के साथ मिलकर अगले विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत आजमाएगी। शाम को योगी से करेंगे मुलाकात आठवले ने कहा कि बसपा का जनाधार खत्म हो चुका है। उनकी पार्टी भीमराव अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाली है। उनकी पार्टी को वंचित समाज का समर्थन मिलेगा और उनके सहयोग से भाजपा को दलित वोट मिलेगा। आठवले ने कहा कि भाजपा से गठबंधन और चुनाव में सीटों की भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज शाम को मुलाकात भी करेंगे। अखिलेश यादव पर भी हमला बोला आठवले ने महिला आरक्षण बिल के मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। आठवले ने कहा कि महिलाओं का विरोध समाजवादियों का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत होगी। मराठी अनिवार्य पर भी आठवले महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए सख्त नियम लागू होने जा रहा है। आगामी 1 मई यानी 'महाराष्ट्र दिवस' से सभी लाइसेंसधारी रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए स्थानीय भाषा 'मराठी' का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है नहीं तो लाइसेंस रद्द होगा, इस पर आठवले ने कहा कि भाषा का ज्ञान होना चाहिए लेकिन लाइसेंस रद्द कर देना उचित नहीं है।