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डिजिटल पेमेंट में बड़ा अपडेट: UPI की लिमिट बढ़ी, अब एक दिन में 10 लाख रुपये ट्रांसफर संभव

नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने कई कैटेगरी में यूपीआई लेनदेन की लिमिट में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, जो आज से प्रभावी होने जा रही है. हाई वैल्यू डिजिटल ट्रांजेक्शन को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के जरिए आसान बनाने की दिशा बड़ा कदम उठाते हुए एनपीसीआई ने लेनदेन की लिमिट को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है. यूपीआई पेमेंट के नियमों में ये अहम बदलाव 15 सितंबर 2025 से लागू हो रहे हैं. इसके बाद अब इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट, लोन ईएमआई और ट्रैवल कैटेगरी में प्रति ट्रांजैक्शन 5 लाख रुपये, जबकि डेली 10 लाख रुपये तक का लेनदेन किया जा सकेगा.  कहां-कहां लागू होगी नई लिमिट यूपीआई पेमेंट की नई लिमिट पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान पर प्रभावी होगी. मतलब वेरिफाइड कारोबारियों और संस्थाओं को पेमेंट पर ये बदलाव लागू होगा. इसके तहत कुछ कैटेगरी में अधिकतम 5 लाख रुपये, तो कुछ में मैक्सिमम 10 लाख रुपये तक का डेली ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा.  बीते 24 अगस्त को जारी एक सर्कुलर में एनपीसीआई की ओर से इस बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया था कि यूपीआई अब सबसे पसंदीदा पेमेंट मोड बन चुका है और बड़े ट्रांजेक्शन के लिए बढ़ती डिमांड को देखते हुए यूपीआई पेमेंट की डेली लिमिट को बढ़ाने का यह कदम उठाया जा रहा है. ये बढ़ी हुई लिमिट 5 लाख रुपये तक के टैक्स भुगतान से जुड़ी कैटेगरी के अंतर्गत आने वाली संस्थाओं पर लागू होगी. UPI पेमेंट लिमिट में ये चेंज  कैपिटल मार्केट निवेश 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये इंश्योरेंस पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये GeM लेनदेन 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये ट्रैवल पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 10 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख रुपये मर्चेंट पेमेंट 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन कोई डेली लिमिट नहीं ज्वेलरी पेमेंट 2 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 6 लाख रुपये फॉरेक्स रिटेल (BBPS) 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख रुपये डिजिटल अकाउंट ओपनिंग 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन डेली लिमिट 5 लाख रुपये P2P पेमेंट लिमिट में बदलाव नहीं   यहां बता दें कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे को पैसे भेजने की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पहले की तरह ही एक लाख रुपये प्रति दिन रहेगी. एनपीसीआई द्वारा यूपीआई पेमेंट लिमिट में किया गया ये बदलाव खासतौर पर ऐसे यूपीआई यूजर्स के लिए राहत भरा है, जिन्हें पहले बड़े पेमेंट करने के लिए एक नहीं, बल्कि कई ट्रांजेक्शन करने पड़ते थे या ऑप्शनल बैंकिंग चैनल का सहारा लेना पड़ता था. इस बदलाव के बाद वे आसानी से हाई वैल्यू वाले लेनदेन कर पाएंगे. 

UPI में बढ़त जारी: जून की गिरावट के बाद जुलाई में फिर उछाल, ₹25.08 लाख करोड़ का लेन-देन

नई दिल्ली  लोकप्रिय एकीकृत भुगतान मंच (यूपीआई) के माध्यम से जुलाई में लेनदेन की संख्या 19.47 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। मूल्य के संदर्भ में, यह 25.08 लाख करोड़ रुपए रहा, जो मई में दर्ज 25.14 लाख करोड़ रुपए के बाद दूसरा सबसे अधिक है। मात्रा के लिहाज से, पिछली सबसे बड़ी संख्या मई में 18.67 अरब थी, जो जून में घटकर 18.39 अरब रह गई। मई में लेनदेन राशि 24.03 लाख करोड़ रुपए रही।  एनपीसीआई ने कहा कि जून में लेनदेन का मूल्य 25.08 लाख करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले इसी महीने में यह 20.64 लाख करोड़ रुपए था, जो सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि है। मासिक आधार पर, मूल्य के लिहाज से वृद्धि 4.3 प्रतिशत रही। आज, भारत में सभी डिजिटल लेनदेन में यूपीआई का योगदान 85 प्रतिशत है। इसका प्रभाव राष्ट्रीय सीमाओं से परे भी है, और यह वैश्विक रीयल-टाइम डिजिटल भुगतानों के लगभग 50 प्रतिशत को संचालित करता है। यूपीआई पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस सहित सात देशों में उपलब्ध है। फ्रांस में इसका प्रवेश मील का पत्थर है क्योंकि यह यूरोप में यूपीआई का पहला कदम है। इससे वहां यात्रा करने या रहने वाले भारतीयों को विदेशी लेनदेन की सामान्य परेशानियों के बिना सहजता से भुगतान करने की सुविधा मिलती है।  एनपीसीआई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की एक पहल है, जो भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए एक प्रमुख संगठन है। यह यूपीआई का संचालन करता है, जिसका इस्तेमाल खरीदारी करते समय, साथियों के बीच या व्यापारियों की ओर से रीयल-टाइम भुगतान के लिए किया जाता है। एनपीसीआई ने खासकर व्यस्त समय के दौरान प्रणाली पर बोझ कम करने, असफल लेनदेन में कमी लाने और विश्वसनीयता में सुधार लाने के उद्देश्य से नई सीमाएं लागू की हैं। शुक्रवार से, उपयोगकर्ता यूपीआई ऐप के जरिए दिन में 50 बार तक अपने खातों में शेष राशि की जांच कर सकेंगे। पहले, इसकी कोई सीमा नहीं थी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सीमा नेटवर्क पर बोझ को कम करने और प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए है।