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UPI ट्रांजैक्शन ने खोला राज: चेतन बनकर होटल में ठहरे अशरफ, दो आधार कार्ड से हुआ खुलासा

मंदसौर मंदसौर में बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में राजस्थान का रहने वाला अशरफ नाम का युवक पहचान छिपाकर हिंदू युवती के साथ ठहरा था। अशरफ ने अपना नाम चेतन बताया था। आधार कार्ड में भी नाम चेतन था। उसका ये झूठ यूपीआई ट्रांजैक्शन में पकड़ा गया। होटल संचालक अशोक मारू ने भुगतान से जुड़े यूपीआई ट्रांजैक्शन की जांच की तो जिस खाते से 600 की राशि आई थी, वह अशरफ खान नाम से थी। जबकि होटल में दर्ज पहचान हिंदू नाम चेतन प्रकाश की थी। इसी विरोधाभास के चलते होटल संचालक को संदेह हुआ। रात के वक्त जब दोनों होटल लौटे तो होटल संचालक ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान युवक के पास से एक और आधार कार्ड मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उसने फर्जी पहचान के जरिए होटल में ठहरने की कोशिश की थी। इसके बाद होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उससे पूछताछ की और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। हिंदू नाम के आधार पर लिया कमरा पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अशरफ खान निवासी जैसलमेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। वह अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड के साथ होटल राज में चेतन प्रकाश नाम के आधार कार्ड के जरिए रुका हुआ था। जांच में आरोपी के पास दो आधार कार्ड मिले। दोनों में फोटो तो एक ही था, लेकिन नाम और पते अलग-अलग दर्ज थे। दोनों आधार कार्ड राजस्थान के बताए जा रहे हैं। लैब टेक्नीशियन की परीक्षा देने आया था बताया जा रहा है कि अशरफ लैब टेक्नीशियन की परीक्षा देने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंदसौर आया था। परीक्षा श्रीजी कॉलेज में थी। इसीलिए दोनों ने सुबह होटल राज में रूम लिया और परीक्षा देने चले गए। युवती राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली बताई जा रही है। दोनों जोधपुर के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम करते हैं। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले जाकर पूछताछ की। पुलिस ने आरोपी अशरफ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि दोनों के परिजन को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है। धार्मिक पहचान छिपाने की कोशिश शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि युवक को आशंका थी कि मुस्लिम नाम से हिंदू युवती के साथ होटल में ठहरने पर परेशानी हो सकती है। इसलिए उसने हिंदू नाम वाले फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि होटल संचालक ने युवक की इस चालाकी को पकड़ लिया।

EPFO का बड़ा फैसला, अब UPI के जरिए आसानी से निकाल सकेंगे PF का पैसा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव किया है. अब PF खाते से पैसा निकालने के लिए लंबे फॉर्म और बैंक वेरिफिकेशन की झंझट नहीं रहेगी. नया नियम UPI आधारित निकासी को संभव बनाता है, जिससे सेकंडों में पैसा सीधे खाते में ट्रांसफर होगा. यह सुधार खासकर सैलरीड क्लास और मध्यम वर्ग के लिए राहत है, जो इमरजेंसी में PF पर निर्भर रहते हैं. NPCI के साथ साझेदारी से शुरू हुई यह सुविधा डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम है. अब तक PF निकालने की प्रक्रिया बेहद लंबी और पेपरवर्क से भरी होती थी. कर्मचारी को अलग-अलग फॉर्म भरने पड़ते थे, बैंक वेरिफिकेशन और कई स्तर की जांच से गुजरना पड़ता था. इस कारण निकासी में कई बार हफ्तों का इंतजार करना पड़ताथा. यही वजह थी कि EPFO ने तकनीकी बदलाव की ओर कदम बढ़ाया और UPI को PF निकासी से जोड़ने का फैसला किया. नए नियम से कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा समय की बचत का होगा. अब मेडिकल खर्च, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसे अचानक आने वाले खर्चों में PF तुरंत मददगार बनेगा.पेपरवर्क खत्म होने से क्लेम रिजेक्शन की संभावना भी घटेगी. पारदर्शिता बढ़ेगी क्योंकि पैसा सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जाएगा. यह सुविधा PF को बैंक खाते जितना लिक्विड बना देगी. UPI आधारित निकासी NPCI के सहयोग से शुरू की गई है. शुरुआत BHIMUPI से होगी और धीरे-धीरे Paytm, PhonePe, GPay जैसे लोकप्रिय ऐप्स भी जुड़ेंगे. RBI की गाइडलाइन के अनुसार, सामान्य ट्रांजैक्शन की लिमिट ₹1 लाख प्रतिदिन होगी, जबकि मेडिकल, एजुकेशन और IPO से जुड़े मामलों में यह सीमा ₹5 लाख तक बढ़ाई जाएगी. इससे सुरक्षा और दुरुपयोग रोकने की गारंटी मिलेगी. लेबर मिनिस्टर मनसुख मंडाविया ने कहा कि यह बदलाव कर्मचारियों को पेपरवर्क से मुक्त करेगा और क्लेम रिजेक्शन कम करेगा. उद्योग जगत के विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम डिजिटल इंडिया की रणनीति को मजबूत करेगा और कर्मचारियों को वित्तीय आत्मनिर्भरता देगा. फिनटेक सेक्टर के लिए भी यह एक बड़ा अवसर है क्योंकि UPI प्लैटफॉर्म पर PF निकासी जुड़ने से डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और व्यापक होगा. EPFO ने संकेत दिया है कि शुरुआत छोटे अमाउंट से होगी और धीरे-धीरे बड़े अमाउंट पर भी यह सुविधा लागू होगी. कर्मचारियों को EPFOऐप पर अपनी UPI ID लिंक करनी होगी और KYC अपडेट रखना होगा. आने वाले समय में यह सुधार PF को रिटायरमेंट प्लानिंग का और भी मजबूत स्तंभ बना देगा.

अंदर का आदमी ही निकला ठग: इंदौर में अकाउंटेंट ने UPI से निकाले 11.5 लाख, मामला दर्ज

इंदौर मल्हारगंज पुलिस ने उद्योगपति विकास धूत के 76 वर्षीय पिता मुरलीधर धूत की शिकायत पर अकाउंटेंट और उसके साथी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित अकाउंटेंट ने यूपीआई पासवर्ड बदल कर खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। पुलिस के मुताबिक विकास धूत की अवंतिका जिनिंग फैक्ट्री (जवाहर मार्ग) है। आरोपित हिमांशू जोशी (द्वारकापुरी) अकाउंटेंट की नौकरी करता था। मुरलीधर धूत नहीं करते थे ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल मुरलीधर धूत वृद्धावस्था के कारण ई-बैंकिंग का उपयोग नहीं कर सकते थे और हिमांशु से ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाते थे। आरोप है कि इस दौरान हिमांशु ने यूपीआई आईडी और पासवर्ड बदल दिए और खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये कपिल टांक के खाते में ट्रांसफर कर लिए।   बैंक से चेक अनादरित होने पर बैंलेस की जांच की और हिमांशु से पूछताछ की गई। उसने माफी मांगी और शपथपत्र देकर कहा वह रुपये लौटा देगा। महीनों बाद भी रुपये न देने पर साइबर सेल को शिकायत की गई। मंगलवार को मल्हारगंज पुलिस ने हिमांशु और कपिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

भारत का UPI जल्द यूरोप में लॉन्च: यात्रियों को मिलेगी कैशलेस और झंझट-फ्री पेमेंट सुविधा

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और एनपीसीआई इंटरनेशनल ने यूरोपीय सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर ऐतिहासिक पहल की है जो भविष्य में यूरोपीय देशों की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों या वहां कारोबार करने वालों को काफी सहूलियत देगी। इसके तहत अब भारत का यूपीआई जल्द ही यूरोप के इंस्टैंट पेमेंट सिस्टम टिप्स यानी टार्गेट इंस्टैंट पेमेंट सेटलमेंट से जुड़ जाएगा। दोनों पक्षों ने इसके “रियलाइजेशन फेज'' को शुरू करने पर सहमति दे दी है। इसके लागू होने के बाद फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड आदि देशों में घूमने गए भारतीय पर्यटक सीधे अपने फोन से यूपीआई स्कैन करके खरीदारी कर सकेंगे।   इन जगहों पर मिलेगी यूपीआई की सुविधा रेस्तरां, होटल, दुकानें, टैक्सी हर जगह भारतीय यूपीआई काम करेगा, बिना विदेशी क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नकदी के झंझट के। साथ ही पैसा तुरंत व बहुत ही कम फीस में ट्रांसफर होगा। साथ ही यूरोप से आने वाले लोग भी भारत में आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे छोटे-मध्यम उद्यमियों को खास तौर पर फायदा होगा क्योंकि लेन-देन सस्ता, तेज और पारदर्शी हो जाएगा। कब से चालू होगी यह सुविधा वर्तमान में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) की बातचीत अपने अंतिम चरण में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीआई-टिप्स लिंकेज इस समझौते को तेजी से अमलीजामा पहनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच वित्तीय एकीकरण की जमीन पहले से ही तैयार होगी। आरबीआई और एनपीसीआई तकनीकी एकीकरण, रिस्क मैनेजमेंट और सेटलमेंट व्यवस्था पर तेजी से काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि 2026 की पहली छमाही तक यह सुविधा चालू हो जाएगी। आरबीआई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक यह कदम जी-20 दिशानिर्देशों के तहत उठाया गया है जिसके सभी सदस्य देशों ने आपस में वित्तीय लेन-देन को सुविधाजनक बनाने की सहमति दी है।  

NPCI ने बदली UPI की तस्वीर: क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा से आसान होंगे छोटे पेमेंट

नई दिल्ली  देश में डिजिटल भुगतान को नई दिशा देने के लिए अब बड़े बैंक UPI के जरिए क्रेडिट पेमेंट्स को तेजी से बढ़ाने की तैयारी में हैं। HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जल्द ही ‘UPI पर क्रेडिट लाइन’ सुविधा लॉन्च कर सकते हैं। अभी तक बैंक UPI पर क्रेडिट बढ़ाने के लिए RuPay क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत ग्राहक बिना किसी कार्ड के भी छोटे-बड़े भुगतान क्रेडिट पर कर सकेंगे। बड़े बैंकों की एंट्री नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यह सुविधा वर्ष 2023 में शुरू की थी। हालांकि, दो साल तक किसी बड़े बैंक ने इसे अपनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। शुरुआत सिर्फ कर्नाटक बैंक और सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने की, जिन्होंने Navi और Paytm के साथ मिलकर क्रेडिट लाइन को सक्रिय किया।अब पहली बार प्रमुख प्राइवेट बैंक HDFC और Axis Bank इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैंक Navi, Super.Money और SalarySe जैसे फिनटेक स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी कर रहे हैं ताकि ग्राहकों को आसानी से ऑनबोर्ड किया जा सके और प्रारंभिक जांच ऐप के माध्यम से की जा सके। नियमों पर स्पष्टता के बाद मिली हरी झंडी बैंकों की सबसे बड़ी चिंताओं में क्रेडिट लाइन का ब्याज निर्धारण, इंटरेस्ट-फ्री अवधि और अन्य नियम शामिल थे। स्पष्ट गाइडलाइंस न होने के कारण बड़े बैंक अब तक इस मॉडल से दूर थे। लेकिन हाल ही में NPCI और RBI दोनों ने जरूरी नीतिगत स्पष्टता दे दी है, जिसके बाद इनके लॉन्च का रास्ता साफ हो गया है। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार अब तक लगभग 3-4 लाख ग्राहक UPI-बेस्ड क्रेडिट लाइन का उपयोग कर चुके हैं। भले ही ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अभी नियमित UPI भुगतान की तुलना में कम है, लेकिन सुविधा की गति तेजी से बढ़ रही है क्योंकि यह छोटे खर्चों के लिए त्वरित क्रेडिट उपलब्ध कराती है। बैंकों के लिए नए ग्राहकों का बड़ा अवसर बैंक इस सुविधा के जरिए छोटे लोन प्रदान कर नए ग्राहकों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का अवसर देख रहे हैं। फिनटेक कंपनियों के अनुसार, छोटे क्रेडिट समय पर चुकाने वाले ग्राहक आगे चलकर बैंक के विश्वसनीय और मजबूत कस्टमर बन जाते हैं। UPI पर क्रेडिट विकल्प मिलने से बैंक उन लाखों यूजर्स तक पहुंचना चाहते हैं जो रोजाना UPI से भुगतान करते हैं और भविष्य में बैंकिंग सेवाओं के महत्वपूर्ण ग्राहक बन सकते हैं।   रिस्क भी कम नहीं हालांकि, कुछ बैंक इस मॉडल को अपनाने में सावधानी बरत रहे हैं। उनका कहना है कि बहुत बड़ी संख्या में छोटे-छोटे लोन देने से क्रेडिट बबल बनने का खतरा है। यदि ग्राहक समय पर भुगतान न कर पाए, तो इतनी छोटी रकम में रिकवरी मुश्किल हो सकती है। इसलिए बैंक इस प्रोडक्ट में पूरी तरह प्रवेश करने से पहले जोखिम का व्यापक विश्लेषण कर रहे हैं।  

नेटवर्क फेल? कोई दिक्कत नहीं! ऐसे करें ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट

नई दिल्ली आज के डिजिटल युग में यूपीआई (UPI) लोगों के रोजमर्रा के लेन-देन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि मोबाइल में इंटरनेट खत्म हो जाता है, नेटवर्क नहीं आता या बैंक सर्वर डाउन हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है। क्या बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट किया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एक ऐसी सुविधा शुरू की है, जिसके तहत यूजर्स बिना इंटरनेट के भी UPI ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। इस सुविधा का नाम है USSD आधारित सेवा से काम करती है। आइए जानते हैं कि इस ऑफलाइन UPI पेमेंट फीचर का उपयोग कैसे करें। ऑफलाइन UPI पेमेंट करने से पहले ध्यान रखें ➤ आपका मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। ➤ मोबाइल नंबर से UPI आईडी और UPI PIN सेट होना जरूरी है। ➤ यह सुविधा सभी प्रमुख टेलीकॉम नेटवर्क (जैसे Jio, Airtel, Vi, BSNL आदि) पर उपलब्ध है। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट कैसे करें ➤ स्टेप 1: अपने मोबाइल से *99# डायल करें। ➤ स्टेप 2: स्क्रीन पर एक मेनू खुलेगा, जिसमें कई ऑप्शन दिखेंगे जैसे Send Money, Receive Money, Check Balance, My Profile आदि। ➤ स्टेप 3: अब ‘Send Money’ (पैसे भेजें) का ऑप्शन चुनें। आप पैसे भेजने के लिए तीन तरीके इस्तेमाल कर सकते हैं: ➤ मोबाइल नंबर से UPI ID से बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड से ➤ स्टेप 4: जिस व्यक्ति को पैसे भेजने हैं, उसकी जानकारी डालें और फिर भेजने की राशि दर्ज करें। ➤  स्टेप 5: अब आपको अपना UPI PIN दर्ज करना होगा। पिन डालते ही ट्रांजेक्शन पूरा हो जाएगा और आपको तुरंत कन्फर्मेशन मिल जाएगा। कितना शुल्क लगेगा? ऑफलाइन UPI पेमेंट के लिए प्रति ट्रांजेक्शन लगभग ₹0.50 का शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क बेहद मामूली है और सेवा, पूरे भारत में उपलब्ध है। फायदे क्या हैं? ➤ इंटरनेट न होने पर भी पेमेंट की सुविधा। ➤ गांव या दूरदराज के इलाकों में भी लेन-देन संभव। ➤ हर तरह के मोबाइल (स्मार्टफोन या बेसिक फोन) पर काम करता है। ➤ सुरक्षित और तेज़ प्रक्रिया।  

लो जी! अब ऑफलाइन UPI की एंट्री, मोबाइल में नेटवर्क न हो तब भी ट्रांजैक्शन पक्का

जम्मू-कश्मीर  जो लोग मोबाइल से पैसों का लेन-देन करते हैं उनके लिए यह खबर बेहर अहम है। अब मोबाइल से पैसों का लेन-देन और भी आसान हो गया है। इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने पर भी ट्रांजैक्शन हो सकता है। आज के समय में अब हर छोटी-बड़ी खरीददारी मोबाइल से करना चाहता है। भारत में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने पैसों के लेन-देन को बहुत आसान बना दिया है। लेकिन कभी-कभी इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने की वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। लेकिन अब आप बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट कर सकते हैं,बस आप को एक काम करना हो जो है *99# डायल करना होगा। इस सेवा के माध्यम से आप एक बार में 5,000 रुपए तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं वो भी सिर्फ  50 रुपए में। ऑफलाइन UPI पेमेंट कैसे करें इस तरीके से पैमेंट करने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। इसके बाद अपने बैंक की ऐप या वेबसाइट से UPI PIN सेट करें। अपने मोबाइल से *99# डायल करें और कॉल बटन दबाएं। स्क्रीन पर कई विकल्प आएंगे जैसे Send Money, Check Balance, Request Money आदि। पेमेंट करने के लिए बैंक अकाउंट चुनें। प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर, UPI ID या अकाउंट नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। पेमेंट की राशि दर्ज करें और अपना UPI PIN डालें। कुछ ही सेकंड में ट्रांजैक्शन सफल हो जाएगा — बिना इंटरनेट। 

यूजर्स के लिए नई सुविधा: Galaxy AI और अन्य अपडेट से स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब आसान और सुरक्षित

मुंबई  Samsung यूजर्स के लिए दो बड़े और शानदार अपडेट आए हैं, जो उनके स्मार्टफोन के इस्तेमाल को और भी आसान और सुरक्षित बना देंगे. पहला अपडेट Galaxy AI के लिए है, इसमें गुजराती भाषा को जोड़ा गया है. दूसरा Samsung Wallet में भी नअ बदलाव किए गए है जिसने डिजिटल पेमेंट के तरीके को बदल दिया है. Galaxy AI अब आपकी लोकल भाषा को समझेगा Samsung ने Galaxy AI में दो नई भाषाओं गुजराती और फिलिपीनो का सपोर्ट जोड़ा है, जिससे अब यह कुल 22 भाषाओं को सपोर्ट करेगा. यह अपडेरोल आउट हो रहा है. इस कदम से भारत में गुजराती बोलने वाले लाखों यूजर्स अब अपनी लोकल भाषा में सैमसंग की एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का फायदा उठा पाएंगे. आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स ऐप से इन भाषाओं को डाउनलोड करके Galaxy AI के Live Translate फीचर में इस्तेमाल कर सकते हैं. गुजराती और फिलिपीनो भाषा मॉडल को सैमसंग ने भारत और इंडोनेशिया के रिसर्च सेंटर्स के साथ मिलकर तैयार किया है. सैमसंग इंडिया के सीनियर डायरेक्टर के अनुसार, लोकल भाषा को जोड़ना उनके मिशन का हिस्सा है. इससे अलग-अलग भाषा बोलने वाले भारतीय यूजर्स मोबाइल AI का पूरा फायदा आसानी से उठा सकें. Samsung Wallet में एडवांस फीचर्स  Samsung Wallet ऐप में आए नए फीचर्स ने डिजिटल पेमेंट को पहले से भी ज्यादा तेज और सुरक्षित बना दिया है. अब कोई भी यूजर अपना नया गैलेक्सी स्मार्टफोन सेटअप करते ही सैमसंग वॉलेट के जरिए UPI रजिस्ट्रेशन करके तुरंत पेमेंट कर पाएगा. सबसे बड़ा अपडेट यह है कि अब यूपीआई पेमेंट्स के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होगी. इस फीचर को हाल ही में NPCI की मंजूरी मिली थी. अब यह फीचर सैमसंग वॉलेट ऐप में उपलब्ध होगा. सुरक्षित पेमेंट  आप सिर्फ अपने फिंगरप्रिंट या फेस रेकग्निशन के जरिए सुरक्षित तरीके से भुगतान कर पाएंगे. इसके साथ ही यह ऐप अब आपकी सभी डिजिटल चाबियों, पेमेंट्स, ID और कार्ड्स को एक ही जगह सुरक्षित रखने की सुविधा भी देती है. जिससे आपका स्मार्टफोन एक्सपीरियंस और भी स्मार्ट और स्मूथ हो जाता है. 

समोसे के बदले घड़ी! जबलपुर में फूड वेंडर ने UPI फेल होने पर यात्री से कर दी ज़बरदस्ती

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इसमें एक फूड वेंडर ने यूपीआई पेमेंट फेल होने पर यात्री की कॉलर पकड़ ली। इसी दौरान यात्री की ट्रेन छूटने लगी, वह बार-बार वेंडर से छोड़ने के लिए कहता रहा। इस दौरान उसने अपनी घड़ी उताकर भी उसे दे दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए वेंडर से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर मिली शिकायत के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल जबलपुर द्वारा वीडियो में दिख रहे वेंडर को 18 अक्टूबर को रेल सुरक्षा बल पोस्ट बुलाया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह 17 अक्टूबर को करीबन 17.30 बजे प्लेटफार्म क्रमांक 5 पर समोसे बेच रहा था। इस दौरान एक व्यक्ति ने उससे सामान लिया और पेंमेंट ऑनलाइन किया तो पेमेंट नहीं हो रहा था। तभी उसने यात्री की कॉलर पकड़ ली और इसी दौरान ट्रेन भी चल दी। इसी दौरान यात्री ने उसे अपनी घड़ी दे दी थी। वेंडर के अनुसार उसने यात्री को उसकी घड़ी वापस कर दी थी। रेल सुरक्षा बल जबलपुर द्वारा वेंडर के खिलाफ अपराध क्रमांक 4280/2025 धारा 145 रेल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो तो हुआ एक्शन जबलपुर रेलवे स्टेशन पर समोसा बेच रहे फूड वेंडर से एक यात्री ने समासो लिए थे। जब वह मोबाइल के जरिए यूपीआई पेमेंट करने लगा तो वह पेमेंट नहीं हुआ। इस दौरान यात्री की ट्रेन भी चल पड़ी, तभी समोसा वेंडर ने उसका कॉलर पकड़ लिया और रुपये देने के लिए कहा। वह यात्री की जेब भी टटोलने लगा। इस दौरान यात्री ने अपने हाथ से घड़ी उतारकर उसे दे दी। सोशल मीडिया पर एक्स पर इस घटना की शिकायत प्राप्त होने के बाद डीआरएम ने जांच शुरू करवाई और उसे फूड वेंडर को ढूंढकर पूछताछ की गई। इसमें उसे यात्री के साथ अभद्रता करने की बात स्वीकार कर ली और यह भी दावा किया कि बाद उसने घड़ी लौटा दी थी।

अब UPI ट्रांजैक्शन फिंगरप्रिंट या चेहरे से! 8 अक्टूबर से लागू होगा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन

नई दिल्ली भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. करोड़ों भारतीयों द्वारा हर दिन इस्तेमाल किए जाने वाले यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI से भुगतान करने का तरीका हमेशा के लिए बदलने वाला है. अब आपको पेमेंट करते समय 4 या 6 अंकों का पिन याद रखने और उसे डालने की जरूरत नहीं होगी. इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 8 अक्टूबर से उपयोगकर्ता अपने चेहरे (फेशियल रिकग्निशन) और फिंगरप्रिंट के जरिए UPI पेमेंट को मंजूरी दे सकेंगे. यह कदम न केवल भुगतान प्रक्रिया को तेज और आसान बनाएगा, बल्कि इसे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित भी बना सकता है. जानकारों का कहना है कि यह भारत के डिजिटल सफर में एक मील का पत्थर साबित होगा, जहां आपकी पहचान ही आपका पासवर्ड बन जाएगी. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI), जो UPI नेटवर्क का संचालन करता है, इस अत्याधुनिक सुविधा को मुंबई में चल रहे ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल में प्रदर्शित करने की योजना बना रहा है. हालांकि, NPCI ने अभी इसपर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस नई तकनीक को लागू करने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. क्या है डिटेल NPCI (जो UPI का संचालन करती है) इस फीचर को ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल, मुंबई में प्रदर्शित करने जा रही है। इससे डिजिटल पेमेंट्स और तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेंगे। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नई सुविधा में पेमेंट की ऑथेंटिकेशन (वेरिफिकेशन) भारत सरकार की आधार प्रणाली में दर्ज बायोमेट्रिक डेटा के माध्यम से की जाएगी। यानी, यूजर्स का चेहरा या फिंगरप्रिंट उनके आधार डेटा से मैच किया जाएगा, जिससे पेमेंट की अनुमति मिल जाएगी। RBI के नए दिशानिर्देशों बता दें कि यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसमें डिजिटल ट्रांजैक्शनों के लिए वैकल्पिक ऑथेंटिकेशन तरीकों की अनुमति दी गई थी। इससे डिजिटल पेमेंट्स में सुरक्षा और उपयोगकर्ता अनुभव — दोनों को बेहतर बनाने की उम्मीद है। UPI अनुभव होगा और आसान वर्तमान में, हर UPI ट्रांजैक्शन के लिए यूजर्स को 4 या 6 अंकों का PIN दर्ज करना होता है। नई सुविधा लागू होने के बाद, फेस स्कैन या फिंगरप्रिंट सेंसर के जरिए पेमेंट तुरंत ऑथेंटिकेट हो जाएगा। इससे ट्रांजैक्शन समय घटेगा, सुरक्षा बढ़ेगी, और यूजर अनुभव और सहज होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से धोखाधड़ी की संभावना कम होगी, क्योंकि चेहरा या फिंगरप्रिंट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कॉपी करना मुश्किल है। हालांकि, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए NPCI और UIDAI के बीच मजबूत तकनीकी प्रोटोकॉल अपनाए जाएंगे। कैसे काम करेगी यह नई तकनीक? यह नई बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रणाली पूरी तरह से भारत सरकार की विशिष्ट पहचान प्रणाली ‘आधार’ पर आधारित होगी. सूत्रों में से एक ने स्पष्ट किया कि जब कोई उपयोगकर्ता भुगतान के लिए अपने चेहरे या फिंगरप्रिंट का उपयोग करेगा, तो उसका सत्यापन आधार के साथ संग्रहीत बायोमेट्रिक डेटा से किया जाएगा. इसका मतलब है कि केवल वही व्यक्ति भुगतान को मंजूरी दे पाएगा, जिसका बैंक खाता और UPI आईडी उसके आधार कार्ड से जुड़ा हुआ है. यह प्रक्रिया बेहद सरल होगी. भुगतान करते समय, उपयोगकर्ता को पिन डालने के बजाय बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद फोन का कैमरा या फिंगरप्रिंट स्कैनर सक्रिय हो जाएगा. एक सफल स्कैन के बाद, डेटा को सुरक्षित रूप से आधार सर्वर से मिलान के लिए भेजा जाएगा और मिलान होते ही भुगतान तुरंत सफल हो जाएगा. यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाएगी, जिससे भुगतान का अनुभव सहज और बाधा रहित हो जाएगा. यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जिन्हें अपना पिन याद रखने में कठिनाई होती है या जो सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहते हैं. क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत? UPI में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को शामिल करने का यह कदम अचानक नहीं उठाया गया है. यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सीधा परिणाम है. RBI ने भुगतान प्रणालियों में सुरक्षा और नवीनता को बढ़ावा देने के लिए प्रमाणीकरण के वैकल्पिक तरीकों की अनुमति दी थी. केंद्रीय बैंक का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और सुरक्षित बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे अपना सकें. मौजूदा पिन-आधारित प्रणाली, हालांकि काफी हद तक सुरक्षित है, फिर भी इसमें कुछ कमजोरियां हैं, जैसे कि कोई आपका पिन देख सकता है या फिशिंग के जरिए उसे चुरा सकता है. बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण इन जोखिमों को लगभग समाप्त कर देता है, क्योंकि हर व्यक्ति का फिंगरप्रिंट और चेहरा अलग होता है.