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अफगानिस्तान A के खिलाफ 38 रन पर आउट हुए वैभव सूर्यवंशी, प्रतिभा की झलक बरकरार

नई दिल्ली टीम इंड‍िया  A और अफगानिस्तान A के बीच दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के अहम मुकाबले में एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी चर्चा का केंद्र रहे. हालांकि 15 वर्षीय बल्लेबाज ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए, लेकिन वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके. अफगानिस्तान A के कप्तान इमरान मीर ने बुधवार (17 जून) को टॉस जीतकर इंड‍िया A को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई. दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में अफगान तेज गेंदबाजों पर दबाव बनाया और तेजी से 50 से अधिक रन की साझेदारी कर डाली. वैभव शुरुआत से ही अपने परिचित आक्रामक फॉर्म  में दिखे. उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को लगातार बनाए रखा. हालांकि उनकी पारी के दौरान उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला, जिसका वह पूरी तरह फायदा नहीं उठा सके. IPL में रिकॉर्ड, लेकिन वनडे में अलग चैलेंज वैभव सूर्यवंशी का इंड‍िया  A टीम में सेलेक्शन IPL 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद लगभग तय माना जा रहा था. वैभव ने आईपीएल में 16 मैचों में 776 रन बनाए थे. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और पांच अर्धशतक निकले. 237.30 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने थे. इसी वजह से उम्मीद थी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का असर 50 ओवर के फॉर्मेट में भी दिखाएंगे. हालांकि वनडे क्रिकेट में अब तक उनका सफर चुनौतीपूर्ण रहा है. टी20 क्रिकेट की तुलना में वनडे में बल्लेबाज को लंबी पारी खेलने, परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने और जोखिम को नियंत्रित करने की जरूरत होती है. त्रिकोणीय सीरीज में सूर्यवंशी ने पहले तीन मुकाबलों में 14 (12), 44 (22) और 21 (14) रन बनाए थे. इन पारियों में उनका आक्रामक रवैया तो नजर आया, लेकिन वह किसी भी मैच में अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए. अफगानिस्तान A के खिलाफ उन्होंने 38 रन की पारी खेलकर फिर से अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई. मौजूदा सीरीज में उनका स्ट्राइक रेट 150 से अधिक रहा है, जो दर्शाता है कि वह शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन लगातार छोटे स्कोर इस बात की ओर भी इशारा करते हैं कि उन्हें क्रीज पर अधिक समय बिताने और पारी को आगे बढ़ाने की कला पर काम करना होगा. शॉर्ट बॉल बनी सबसे बड़ी चुनौती सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में जिस कमजोरी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, वह है शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ उनका संघर्ष. अफगानिस्तान A के खिलाफ भी उनका विकेट इसी तरह गिरा.      फरीदून दाऊदजई की शॉर्ट गेंद पर सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई. नतीजतन कैच खालिद तानीवाल के हाथों में चला गया और उनकी पारी समाप्त हो गई. यह पहली बार नहीं है जब शॉर्ट गेंदों ने उन्हें परेशान किया हो. मौजूदा सीरीज के दौरान कई मौकों पर तेज गेंदबाजों ने इसी रणनीति के जरिए उन्हें चुनौती दी है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनकी तकनीक और शॉर्ट बॉल खेलने की क्षमता को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों और कई फैन्स का मानना है कि इतनी कम उम्र में ऐसी तकनीकी चुनौतियां असामान्य नहीं हैं. टीम इंड‍िया  A स्तर पर खेलना ही युवा खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों की पहचान करने और उन्हें सुधारने का मौका देता है. आंकड़े क्या कहते हैं? ट्राई सीरीज के चार मैचों में वैभव सूर्यवंशी अब तक 117 रन बना चुके हैं. इस दौरान उनका औसत 29.25 और स्ट्राइक रेट 153.95 रहा है. आंकड़े साफ बताते हैं कि उनके पास मैच का रुख बदलने की क्षमता है, लेकिन उन्हें अपनी पारियों को लंबा खींचने और बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है. फिलहाल सूर्यवंशी की प्रतिभा पर किसी को संदेह नहीं है, लेकिन वनडे क्रिकेट में अगले स्तर तक पहुंचने के लिए शॉर्ट बॉल के खिलाफ टेक्न‍िक और धैर्य दोनों पर काम करना उनकी प्राथमिकता होगी.

बल्ले से बरसा वैभव सूर्यवंशी का कहर, साउथ अफ्रीका पस्त

नई दिल्ली विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान दमदार शतक लगाया है। इंडिया अंडर-19 टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने इस सीरीज में पहली बार शतक ठोका है। वैभव अफ्रीका के खिलाफ शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले मैच में 24 गेंद में ताबड़तोड़ 68 रन बनाए थे और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। तीसरे वनडे में वैभव सूर्यवंशी ने 63 गेंद में 100 रन पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 8 छक्के लगाए। वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे वनडे में अफ्रीका के खिलाफ आरोन जॉर्ज के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 200 से ज्यादा रन जोड़े हैं। आरोन भी शतक के करीब हैं। इससे पहले अफ्रीका अंडर-19 के खिलाफ के खिलाफ दूसरे यूथ वनडे में वैभव ने कप्तानी करते हुए मात्र 24 गेंदों पर 68 रन बनाए। उन्होंने 15 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा, जो यूथ वनडे में सबसे तेज है। उन्होंने अपनी पारी में 10 छक्के और सिर्फ एक चौका लगाया, जिसमें से 64 रन बाउंड्री से आए, जिससे साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को उन्हें रोकने में मुश्किल हुई। उन्होंने सीनियर भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत के पिछले भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 18 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। इस पारी की बदौलत भारत ने दूसरा मैच 8 विकेट से मैच जीतकर सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई। इससे पहले वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार के लिए खेलते हुए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों पर 190 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। उन्होंने 36 गेंदों पर शतक और 54 गेंदों पर 150 रन पूरे किए, जो लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 150 का विश्व रिकॉर्ड है (एबी डिविलियर्स का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा)। वे लिस्ट ए में शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने। इस पारी से बिहार ने 574/6 का स्कोर बनाकर लिस्ट ए का सर्वोच्च टीम कुल का विश्व रिकॉर्ड कायम किया।  

ऑस्ट्रेलिया में वैभव का जलवा: पारी में मचाई तूफानी तबाही, बाउंड्री की बारिश!

नई दिल्ली   भारतीय U19 टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है। 21 सितंबर से ODI सीरीज का आगाज हुआ। ब्रिसबेन के इयान हीली ओवल में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान ऑस्ट्रेलियन टीम को 9 विकेट पर 225 के स्कोर पर रोक दिया। भारतीय गेंदबाजों में हेनिल पटेल ने कमाल किया। उन्होंने 3 विकेट चटकाए। वहीं, किशन कुमार और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। आरएस अंबरीश के हाथ एक सफलता लगी। ऑस्ट्रेलिया के स्कोर का पीछा करने उतरी वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे की जोड़ी ने भारतीय पारी का आगाज ताबड़तोड़ अंदाज में किया। वैभव और कप्तान ने ऑस्ट्रेलियन गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों ने मिलकर महज 4 ओवर में ही 45 रन स्कोरबोर्ड पर टांग दिए। तूफानी अंदाज में किया पारी आगाज वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे ओवर में 3 शानदार चौके जड़े। इसके बाद चौथे ओवर में 1 छक्के सहित बैक टू बैक तीन बाउंड्री जड़ते हुए ऑस्ट्रेलियन खेमें में दहशत मचा दी। 4 ओवर की समाप्ति तक वैभव ने महज 22 गेंदों पर 38 रन अपने खाते में कर लिए थे। अगला यानी 5वां ओवर ऑस्ट्रेलियन तेज गेंदबाज हेडन शिलर करने आए। वैभव की नजरें इस ओवर में भी तूफानी बल्लेबाजी करते हुए जमकर रन बटोरने की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इस ओवर की पहली 5 गेंदों का कप्तान आयुष ने सामना करने के बाद स्ट्राइक वैभव को थमा दी। ओवर की आखिरी गेंद पर हेडन शिलर ने शानदार गेंद फेंकी, जिसने वैभव सूर्यवंशी को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। इस तरह स्टार बल्लेबाज की तूफानी पर विराम लग गया। अर्धशतक से 12 रन दूर रह गए 14 साल के वैभव ने 22 गेंदों पर 7 चौके और 1 छक्के की मदद से 38 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 172.73 का रहा। उन्होंने महज 24 मिनट क्रीज पर बिताए, लेकिन अपनी तूफानी बैटिंग से महफिल लूट ली। पहले मैच में भले ही वैभव का बल्ला नहीं चल पाया, लेकिन उनके पास प्रतिभा दिखाने का अभी भी शानदार मौका है। ODI सीरीज के अगले 2 मैचों में उनके पास बड़ी पारी खेलने का बेहतरीन चांस होगा।