samacharsecretary.com

टीम इंडिया के क्रिकेटर ने T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद वैष्णो देवी में मां के दरबार में सिर झुका किया आशीर्वाद

 जम्मू भारतीय टी20 टीम के व‍िस्फोटक ओपनर अभ‍िषेक शर्मा ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित पवित्र वैष्णो देवी मंद‍िर पहुंचे और वहां पहुंचकर मां का आशीर्वाद लिया। दुन‍िया के नंबर 1 टी20 बैटर 25 वर्षीय बल्लेबाज ने हाल ही में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत के कुछ दिन बाद यह आध्यात्मिक यात्रा की. भारतीय टीम ने पिछले रविवार अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपनी यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और कैप्शन लिखा- जय माता दी. तस्वीरों में वह पारंपरिक सफेद कुर्ता-पायजामा पहने, माथे पर तिलक लगाए और हाथ जोड़कर दर्शन करते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में पंजाब के इस क्रिकेटर को कटरा से वैष्णो देवी गुफा मंदिर तक पैदल जाते, बीच में बैटरी कार से यात्रा करते और रास्ते में लोगों से बातचीत करते भी देखा गया। अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में अहम भूमिका निभाई थी. फाइनल से पहले के मैचों में उनका प्रदर्शन उनके मानकों के मुताबिक अच्छा नहीं रहा था, लेकिन निर्णायक मुकाबले में उन्होंने शानदार वापसी की। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में उन्होंने महज 21 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. बाद में भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप और कुल मिलाकर रिकॉर्ड तीसरा खिताब अपने नाम किया। वर्ल्ड कप जीत के बाद अभिषेक शर्मा का यह वैष्णो देवी दर्शन चर्चा में है और उनकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. अभ‍िषेक शर्मा अब इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम से खेलते दिखेंगे।

दिल्ली के बाद कटरा में अलर्ट, मां वैष्णो देवी यात्रा पर सुरक्षा कड़ी, हर कदम पर निगरानी

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी घटनाक्रमों के बाद अब जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आतंकी मां वैष्णो देवी के पावन भवन और आधार शिविर कटरा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इस गंभीर सूचना के बाद माता के दरबार और पूरे कटरा शहर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। आतंकी अलर्ट के बाद कटरा से लेकर भवन तक सुरक्षा व्यवस्था को मल्टी-लेयर कर दिया गया है। आधार शिविर कटरा और यात्रा मार्ग पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर विशेष QRT टीमों को तैनात किया गया है जो आधुनिक हथियारों से लैस हैं।जमीन के साथ-साथ आसमान से भी निगरानी रखी जा रही है। चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों के लिए भी जांच प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया गया है। RFID कार्ड और वेरिफिकेशन: बिना वैध  RFID कार्ड के किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।   सघन चेकिंग: कटरा के प्रवेश द्वारों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हर वाहन और यात्री की सघन तलाशी ली जा रही है। पहचान पत्र अनिवार्य: प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे हर समय अपना मूल पहचान पत्र साथ रखें और सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करें। यात्रा पर कोई रोक नहीं, पर सतर्कता जरूरी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माता वैष्णो देवी की यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और इसे रोका नहीं गया है। हालांकि, श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु को न छुएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति के दिखने पर तुरंत पुलिस या श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों को सूचित करें।

भक्तों के लिए सुविधा: वैष्णो देवी-शिवखोड़ी हेलीकॉप्टर सेवा से 20 मिनट में यात्रा संभव

कटरा जम्मू कश्मीर का कटरा स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह श्रद्धालु अब केवल 20 मिनट में वैष्णो देवी से शिवखोड़ी पहुंच सकेंगे। हेलीकॉप्टर द्वारा कम समय में दोनों तीर्थ स्थल की यात्रा संभव होगी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक अगले 3 महीने में ये प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के बारे में जो जानकारी मिलती है उसके मुताबिक आरसीसी ग्रेफ द्वारा हैलीपेड से गुफा तक यात्रा मार्ग और पुल निर्माण का काम किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की लागत तकरीबन 6 करोड रुपए बताई जा रही है। वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा उप राज्यपाल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 3 महीने के भीतर कटरा से शिवखोड़ी तक की हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा एक अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम भी विकसित किया जा रहा है। कटरा में हेलीपैड बनाने का काम अंतिम चरण में और शिवखोड़ी में भी ऐसे ही सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जब दोनों जगह का काम पूरा हो जाएगा तो तीर्थ यात्री आसानी से दोनों मंदिर आना-जाना कर सकेंगे। वाहनों के जरिए जम्मू या फिर कटरा से शिवखोड़ी पहुंचने में ढाई से 3 घंटे का समय लगता है। हेलीकॉप्टर से इन दोनों तीर्थ स्थलों के बीच की दूरी केवल 20 मिनट रह जाती है। कितना होगा किराया श्रद्धालुओं के लिए 13 अक्टूबर 2010 को कटरा से शिवखोड़ी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी। उस समय यात्रियों को आने जाने के लिए प्रति श्रद्धालु 8500 किराया देना पड़ता था। अब किराया 8 से 10 हजार के बीच होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बनेगा श्री शंकराचार्य मंदिर माता वैष्णो देवी साइन क्षेत्र में श्री शंकराचार्य मंदिर के निर्माण की तैयारी भी चल रही है। छेड़ शक्ति लंबे इंतजार के बाद इस प्रतिष्ठित मंदिर के निर्माण का सपना सच होता दिखाई दे रहा है। 1967 में इसकी अवधारणा तैयार की गई थी लेकिन कुछ कर्म से ही पूरा नहीं हो पाया था। मंदिर निर्माण में वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड 31.51 करोड़ रुपए की अनुमानित राशि खर्च करने वाला है। मंदिर निर्माण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी ज्यादा होगा। जो श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन करने पहुंचेंगे उन्हें शंकराचार्य मंदिर के दर्शन का मौका भी मिलेगा। साल के अंत तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

काशी में भक्तिभाव का संगम: शिव–पार्वती विवाह हेतु माता वैष्णो देवी का दिव्य उपहार

वाराणसी महाशिवरात्रि के दिव्य पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में सनातन परंपरा को समृद्ध करने वाला एक शुभ और भावपूर्ण नवाचार इस वर्ष साकार हो रहा है. इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व के नवाचार में कई प्रसिद्ध देवालयों और देवी देवताओं द्वारा भगवान विश्वनाथ के इस महापर्व पर शुभेच्छपूर्वक उपहार प्रेषित किए जाने का विहंगम प्रयोग है. इसी श्रृंखला में महाशिवरात्रि उत्सव के दृष्टिगत 7 फरवरी को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड  की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर (श्री काशी विश्वनाथ महादेव) के लिए उपहार और प्रसाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास कार्यालय में प्राप्त हुआ. इस पावन भेंट के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करता है. यह नवाचार महाशिवरात्रि पर्व के महोत्सव को और ज्यादा आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान करने वाली है. माता वैष्णो देवी शक्ति स्वरूप की ओर से काशी में स्थित भगवान विश्वनाथ को अर्पित यह पावन उपहार शाश्वत शक्ति–शिव संबंध का सजीव प्रतीक है. महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर प्राप्त यह उपहार श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष माध्यम बनेगा और सनातन संस्कृति की मूल भावना को जनमानस के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए यह पावन उपहार प्रेषित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति हार्दिक धन्यवाद और कृतज्ञता ज्ञापित करता है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास मां वैष्णो देवी के प्रधान उत्सव पर भगवान विश्वनाथ की ओर से मां वैष्णो देवी को भी उपहार प्रेषित कर सनातन आस्था के केंद्रों के मध्य स्थाई पुण्य संबंधों को सशक्त करने के प्रति संकल्पित है. चेलेंग और गसोमा’ धारण करेंगे बाबा विश्वनाथ और मइया पार्वती इसके अलावा अन्य जगहों से भी बाबा विश्वनाथ और गौरा मइया के लिए उपहार आ रहे हैं. इस बार महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ और माता गौरा को जो परिधान धारण कराए जाएंगे, वह असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से विशेष रूप से मंगाए गए हैं. बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को असमिया पुरुष परिधान ‘चेलेंग और गसोमा’ धारण कराया जाएगा. इस परिधान में बाबा का स्वरूप अत्यंत राजसी और दिव्य दिखाई देगा, जो शिव-विवाह की गरिमा को और भी भव्य बनाएगा.

वैष्णो देवी यात्रियों के लिए शुभ समाचार, जानिए कब दर्शन के लिए खुलेगी पुरानी गुफा

कटड़ा वैष्णो देवी भवन पर पुरानी गुफा के कपाट मकर संक्रांति के उपलक्ष पर बुधवार को विधीबद पूजा अर्चना के साथ खोले जाएंगे। हालांकि श्रद्धालुओं को उस समय ही पुरानी गुफा से दर्शन को मौका मिलेगा ,जब भवन में श्रद्धलुओं की कतारों में गिरावट होगी। 14 जनवरी बुधवार  विद्वानों द्वारा मंत्र उच्चारण के बाद पुरानी गुफा के कपाट खोल दिए जाएंगे। जिस दौरान श्राइन बोर्ड के आला अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

यात्रियों के लिए जानकारी: वैष्णो देवी 24 घंटे की समयसीमा का मतलब जुर्माना नहीं

कटरा  हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जम्मू के कटरा पहुंचते हैं. आस्था, अनुशासन और सुरक्षा इस यात्रा की सबसे बड़ी पहचान रही है. बढ़ती भीड़ और बेहतर व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड समय समय पर नियमों में बदलाव करता रहता है. अब यात्रा को लेकर कुछ नए नियम लागू किए गए हैं. जिनका हर श्रद्धालु के लिए मानना जरूरी है.  इन नियमों का उद्देश्य किसी श्रद्धालु पर सजा थोपना नहीं है. मकसद सिर्फ इतना है कि यात्रा व्यवस्थित रहे.  हर व्यक्ति सुरक्षित रहे और भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सके. इसी वजह से कई श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर 24 घंटे में यात्रा पूरी न हो पाए तो आगे क्या होगा और क्या श्राइन बोर्ड जुर्माना वसूलेगा. आइए इन सभी नियमों को आसान और साफ भाषा में समझते हैं. 24 घंटे में यात्रा पूरी न करने पर क्या होगा? नए नियमों के मुताबिक जो श्रद्धालु बाणगंगा से पैदल यात्रा शुरू करता है. उसे 24 घंटे के भीतर वापस बाणगंगा रिपोर्ट करना जरूरी है. इसका मतलब यह नहीं है कि 24 घंटे पूरे होते ही जुर्माना लग जाएगा. बल्कि यह एक ट्रैकिंग और सेफ्टी नियम है. अगर कोई श्रद्धालु तय समय में रिपोर्ट नहीं करता. तो प्रशासन उसकी स्थिति को लेकर सतर्क हो जाता है. जरूरत पड़ने पर मदद या जांच की जाती है. श्राइन बोर्ड की ओर से अभी किसी तरह के आर्थिक जुर्माने का प्रावधान नहीं किया गया है. यह नियम भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है. इसलिए समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. रिफ्ड कार्ड और रोपवे टिकट से जुड़े नए नियम श्राइन बोर्ड ने रिफ्ड कार्ड को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं. अब कोई भी श्रद्धालु जब रिफ्ड कार्ड लेता है. तो उसे 10 घंटे के भीतर अपनी यात्रा शुरू करनी होगी. अगर तय समय में यात्रा शुरू नहीं होती. तो वही कार्ड मान्य नहीं रहेगा और दोबारा कार्ड बनवाना पड़ेगा. वहीं माता वैष्णो देवी मंदिर से भैरव घाटी तक चलने वाले रोपवे टिकट पर भी समय सीमा तय की गई है. रोपवे टिकट लेने वाले श्रद्धालु को 2 घंटे के भीतर भैरव घाटी की यात्रा पूरी करनी होगी. इन नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि टिकट और सुविधाओं का दुरुपयोग न हो और हर श्रद्धालु को सही तरीके से दर्शन का मौका मिले.

यात्रीगण ध्यान दें! अब नए समय पर चलेगी वैष्णो देवी वंदे भारत एक्सप्रेस

कटरा भारतीय रेलवे ने माता वैष्णो देवी कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के समय और ठहराव में बदलाव किया है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उत्तरी रेलवे (NR) की ओर से इसे ऑपरेट किया जाता है। ट्रेन नंबर 26401/26402 कटरा-श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस 191 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जिसके लिए 2 घंटे 58 मिनट का समय लगता है। 29 अक्टूबर 2025 से यह ट्रेन रियासी स्टेशन पर दोनों दिशाओं में दो मिनट के लिए रुकेगी, जो पहले केवल बानिहाल स्टेशन पर रुकती थी। उत्तरी रेलवे की ओर से बताया गया कि रियासी जिले में बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वैष्णो देवी मंदिर और विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज के निकट होने के कारण यह नया ठहराव जोड़ा गया है। जानें ट्रेन की टाइमिंग और स्टॉपेज ट्रेन नंबर 26401 कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 8:10 बजे कटरा से रवाना होती है और 11:08 बजे श्रीनगर पहुंचती है। वापसी में ट्रेन नंबर 26402 श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस दोपहर 2:00 बजे श्रीनगर से चलती है और शाम 4:58 बजे कटरा पहुंचती है। ताजा बदलाव यात्रियों की सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। सोशल मीडिया पर भी रियासी में स्टॉपेज देने की मांग उठाई जा रही है, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।  

मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने घोषणा की: यात्रा 5 अक्टूबर से तीन दिन के लिए रोकी गई

कटरा श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर अभी-अभी बड़ी खबर सामने आई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पहले ट्विटर) पर जानकारी दी है कि मौसम विभाग की चेतावनी के कारण यात्रा आज  5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित कर दी गई है।श्राइन बोर्ड ने कहा है कि यात्रा 8 अक्टूबर 2025 से पुनः शुरू होगी। आधिकारिक सूत्रों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा की नई जानकारी के लिए हमेशा श्राइन बोर्ड के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। साथ ही सभी से कहा गया है कि वे सुरक्षित रहें और मौसम की जानकारी पर ध्यान दें।   माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम संबंधी सलाह के मद्देनजर वैष्णो देवी यात्रा 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित रहेगी और 8 अक्टूबर को फिर से शुरू होगी। भक्त आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट रह सकते हैं। 26 अगस्त को मंदिर मार्ग पर हुई लैंडस्लाइड बता दें कि जम्मू संभाग में 26 अगस्त को अत्यधिक खराब मौसम के दौरान माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन होने से 35 से अधिक तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसके कारण माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी। कटरा में पिछले दिनों हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन ने होटल और धर्मशालाओं को खाली करने का आदेश जारी किया था। भूस्खलन त्रासदी के बाद, माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आलोचना हुई थी, यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी यात्रा के मामलों का प्रबंधन करने वाले एसएमवीडीएसबी के अधिकारियों को दोषी ठहराया था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन दिन बाद माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन की घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया था।  दिल्ली, पंजाब समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना इस सप्ताह उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 4 से 7 अक्टूबर के दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। खासकर 6 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है। राजस्थान के पश्चिमी और उत्तरी भागों में भी इसी अवधि में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में वर्षा के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। पूर्वी, पूर्वोत्तर और प्रायद्वीपीय भारत में कैसा रहेगा मौसम? बात अगर पूर्वी भारत की करें तो ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी 4 से 7 अक्टूबर के बीच गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि ओडिशा के कुछ जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसके कारण भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने रहेगा। प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो दक्षिण प्रायद्वीप के तटीय क्षेत्रों जैसे आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु और तेलंगाना में भी भारी बारिश की संभावना है। सात अक्टूबर के बाद सामान्य होगी मौसम की ‌स्थिति मौसम विभाग का कहना है कि लगभग 7 अक्टूबर के बाद, उत्तर भारत और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहने और सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने की शुरुआत हो सकती है, जो मॉनसून की विदाई का संकेत है। हालांकि, दक्षिणी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। मुंबई और अन्य पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में मानसून की वापसी में थोड़ी देरी हो सकती है, जिससे रुक-रुक कर बारिश और उमस भरी गर्मी का अनुभव हो सकता है। अगस्‍त में भीषण लैंडस्‍लाइड बता दें कि अगस्‍त के अंतिम सप्‍ताह में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर स्थित अर्धकुवारी में लैंडस्लाइड की घटना हुई थी. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया था कि लैंडस्लाइड इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ. इस हादसे में जानमाल का व्‍यापक पैमाने पर नुकसान हुआ था. तकरीबन तीन दर्जन श्रदधालुओं की मौत हो गई थी. यात्रा मार्ग फिर से बहाल करने में कई दिन का वक्‍त लग गया था. इस दौरान भक्‍तों के लिए माता वैष्‍णो देवी की यात्रा को रोक दिया गया था. उस समय हुई प्राकृतिक आपदा से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार कोई खतरा नहीं उठाना चाहता है. मौसम विभाग की चेतावनी आने के तुरंत बाद यात्रा को रोकने का आदेश जारी कर दिया गया.

बैटरी कार और हेलीकॉप्टर सेवा से मां वैष्णो देवी की यात्रा में मिली नई सुविधा

कटड़ा शारदीय नवरात्रों में हर कोई मां वैष्णो देवी के दरबार में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहता है। वीरवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां वैष्णो देवी भवन की ओर रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दरबार में नमन किया है। श्राइन बोर्ड ने मां वैष्णो देवी यात्रा को और भी आसान बना दिया है।  श्रद्धालु मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा चलाई जा रही हैलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा और भवन-भैरों घाटी रोपवे सेवा का लुत्फ उठा रहे हैं। श्राइन बोर्ड के प्रवक्ता के अनुसार पहले 3 नवरात्रों के दौरान 40,558 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दरबार में नमन किया था। वहीं वीरवार को रात 10 बजे तक…… श्रद्धालु कटड़ा के विभिन्न स्थलों पर बने यात्रा पंजीकरण आर.एफ.आई.डी. काऊंटर से कार्ड हासिल कर वैष्णो देवी भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। बताते चलें कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा किए गए प्रयासों के तहत दिव्यांग लोगों के लिए नवरात्रों में विशेष सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है, जबकि अन्य दिनों में भी दिव्यांग श्रद्धालुओं को बैटरी कार में श्राइन बोर्ड प्राथमिकता देता है। विशेष गायन प्रस्तुतियां भी बन रहीं मुख्य आकर्षण का केंद्र वैष्णो देवी भवन पर सुबह-शाम आयोजित होने वाली अटका आरती के दौरान हर दिन विद्वानों द्वारा मंत्र उच्चारण के साथ मां भगवती का गुणगान किया जाता है। इसी कड़ी के तहत नवरात्रों के दौरान प्रसिद्ध गायकों द्वारा विशेष प्रस्तुतियां भी दी जा रही हैं जोकि हर किसी के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन प्रस्तुतियों का सीधा प्रसारण श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर लगी एल.ई.डी. के माध्यम से देख रहे हैं।

वैष्णो देवी त्रासदी में यूपी के 11 भक्तों की जान गई, बारिश बनी तबाही की वजह

लखनऊ  जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बीते मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। माता वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते पर भूस्खलन की चपेट में आकर 34 लोगों की जान चली गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के 11 श्रद्धालु भी शामिल हैं। इस दुखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताते हुए मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शवों को जल्द से जल्द और सम्मानपूर्वक उनके घर पहुंचाया जाए। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के मुताबिक, बीते मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे तेज बारिश के कारण माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर अर्धकुंवारी के पास भयानक भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा श्रद्धालुओं पर गिर गया। इस हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जम्मू के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं की पहचान प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक आगरा से 3 लोग, मुजफ्फरनगर से 3 लोग, बरेली से 1 और अन्य जिलों से 4 लोग इस हादसे में मारे गए हैं। बागपत की रहने वाली चांदनी (23) और उनकी बड़ी बहन नीरा (36) भी इस हादसे में मारी गईं। चांदनी की शादी इसी साल अप्रैल में खेकड़ा निवासी मयंक गोयल से हुई थी। नीरा की शादी मेरठ के अमित जौहरी से हुई थी। मयंक, अमित और उनकी 10 साल की बेटी विधि हादसे में बुरी तरह घायल हुए हैं और अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार वालों को हादसे की खबर एक अस्पताल कर्मचारी के फोन से मिली। फिर वे तुरंत जम्मू के लिए रवाना हुए। योगी सरकार की मदद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। अधिकारियों को शवों को सम्मानपूर्वक घर भेजने और घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि उत्तर प्रदेश के कितने लोग इस हादसे से प्रभावित हुए हैं, लेकिन 11 मृतकों की पहचान हो चुकी है।   तेज बारिश और राहत-बचाव कार्य जम्मू में पिछले 4 दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में 380 मिमी बारिश हुई, जो कि इतिहास में सबसे ज्यादा है। इस बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। राहत कार्य में जुटे दल: – NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) – भारतीय सेना – स्थानीय प्रशासन – भारतीय वायुसेना ने C-130 विमान से राहत सामग्री भेजी है। – Mi-17 V5 और चिनूक हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है और यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।