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दिल्ली से अमृतसर के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

चंडीगढ़. पंजाब के लोगों को एक और सौगात मिलने वाली है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने यात्रियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगली सर्दियों तक रेलवे दिल्ली से अमृतसर के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। यह जानकारी उन्होंने लुधियाना जिले के दोराहा में रेलवे ओवरब्रिज के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ट्रेन चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर होते हुए चलेगी, जिससे पंजाब के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन के संचालन के लिए अंतिम स्टेशनों पर लोको शेड की जरूरत होती है और इसके लिए लाडोवाल क्षेत्र में जमीन चिन्हित कर ली गई है, जहां यह सुविधा बनाई जाएगी। रेलवे द्वारा शुरू की जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें सोने की सुविधा वाली बर्थ, सेंसर आधारित लाइटिंग, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, स्वचालित दरवाजे, चार्जिंग प्वाइंट और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। ट्रेन को लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह उन्नत सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से भी लैस होगी। बताया गया कि भविष्य में ऐसी ट्रेनें देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी चलाई जाएंगी, जिनमें दिल्ली से श्रीनगर और अन्य व्यस्त रूट शामिल हो सकते हैं। मंत्री दोराहा रेलवे स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग नंबर 164-एबी पर बनने वाले रोड ओवरब्रिज की आधारशिला रखने पहुंचे थे। यह पुल बनने के बाद दोराहा और नीलोन के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कारणों से परियोजना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब इसके निर्माण से क्षेत्र में सड़क और रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। समारोह में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

महू में वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए तैयार हो रहा आधुनिक कवर्ड शेड, इंदौर से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी

इंदौर   देशभर मे लग्जरी रेलयात्रा की पहचान बनी वंदे भारत ट्रेन अब मेंटेनेंस के दौरान आराम फरमा सकेंगी. इंदौर के महू मे इसके लिए कवर्ड शेड तैयार होगा. देश के विभिन्न इलाकों में फरवरी 2019 से शुरू की गई वंदे भारत सेवा से जुड़ी ट्रेनों को भी अब मेंटेनेंस की दरकार है. भारत के विभिन्न शहरों से करीब 164 वंदे भारत ट्रेन चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास का रेलवे सफर उपलब्ध करवा रही हैं. वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी अब रेल मंत्रालय की कोशिश है कि देश में 2030 तक 800 और 2047 तक करीब 2400 ट्रेन चलाई जा सकें. इसके लिए वंदे भारत के नेटवर्क और सेटअप को लगातार विकसित किया जा रहा है. इसी क्रम में अब मेंटेनेंस के लिए वंदे भारत ट्रेन के लिए कवर्ड शेड भी तैयार किया जा रहे हैं. हाल ही में इसे इंदौर के लिए भी स्वीकृत किया गया है, जो इसी साल इंदौर के महू में बनकर तैयार होगा. रेलवे के मुताबिक महू को वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस हब बनाने की तैयारी है. महू में बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का शेड महू में तैयार किए जा रहे कवर्ड शेड में वंदे भारत ट्रेन की निर्धारित यात्रा के बाद सतत रूप से मेंटेनेंस और रखरखाव किया जा सकेगा. इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया "महू में 64.50 करोड़ की लागत से 2 फीट लाइन और आधुनिक शेड बनाए जाने हैं, जिनकी स्वीकृति मिल गई है. इन्हीं शेड से भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो सकेगा. फिलहाल इंदौर से नागपुर के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है." इंदौर से बड़े शहरों को वंदे भारत चलाने की मांग इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई, हावड़ा के लिए भी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलने की मांग की जा रही है. माना जा रहा है कि वंदे भारत के लिए शेड तैयार हो जाने से इंदौर से नागपुर ही नहीं, अन्य स्थानों के लिए भी वंदे भारत ट्रेन शुरू करने में आसानी रहेगी. इस मामले में रेलवे के विशेषज्ञ नागेश नाम जोशी ने बताया "वंदे भारत का मेंटेनेंस ज्यादा सुविधाजनक तब रहेगा, जहां जहां से उसे चलाया जा रहा है, वहीं इसकी व्यवस्था हो. इसलिए महू में वंदे भारत हब तैयार हो रहा है, जिसका लाभ भविष्य में इंदौर समेत आसपास के इलाकों को मिलेगा." 

1000 युवाओं को रोजगार मिलेगा, वंदे भारत मेंटनेंस हब के तहत 13 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट

 भोपाल  नए साल में शहर के युवाओं को वंदे भारत मेंटेनेंस हब प्रोजेक्ट से रोजगार मिलने का रास्ता साफ हो गया है। भोपाल रेल मंडल के प्रोजेक्ट में कई पदों पर जल्द ही वैकेंसी निकाली जाएंगी। करीब 113 करोड़ के प्रोजेक्ट का निर्माण वंदे भारत के दिल्ली से आने वाले रैंक की सफाई व खराबियों को दूर करने के लिए किया जा रहा है। अभी ये काम दिल्ली में होता है और रानी कमलापति वॉशिंग पिट में गाड़ी की क्लीनिंग का काम किया जाता है। एक साथ होगा मेंटनेंस मेंटनेंस हब में काम करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों का दल तैनात रहेगा जो कम समय में ट्रेन को दोबारा वापसी की यात्रा के लिए तैयार कर देगा। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि इस हब के बनने के बाद तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का एक साथ मेंटेनेंस किया जा सकेगा। वर्तमान में वंदे भारत के कोच का फुल मेंटेनेंस चेन्नई भेजा जाता है और इटारसी में केवल छोटा-मोटा काम होता होता है। समय और संसाधनों की बचत मेंटनेंस हब भोपाल में होने से ट्रेन की बड़ी खराबी पर भी काम हो सकेगा। नवंबर 2024 में वंदे भारत के कोच की स्प्रिंग टूटने से ट्रेन को मरम्मत में 17 घंटे लगे थे। 3 चरणों में होगा काम यह प्रोजेक्ट 113 करोड़ में पूरा होगा। पहला चरण 2026 में पूरा करने की तैयारी है। प्रोजेक्ट के तीन चरणों में 3 से 4 साल लग सकता है। हब बनने के बाद देश की सबसे तेज और आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों का नियमित मेंटेनेंस स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।

वंदे भारत के सामने प्रदर्शनकारियों का धरना, घंटों रुकी ट्रेन—पंजाब में गर्मा गया माहौल

बठिंडा बठिंडा के नजदीक गोनियाना रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन को पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों के विरोध का सामना करना पड़ा। वंदे भारत की वजह से पैसेंजर ट्रेन लेट होने से भड़के यात्रियों ने उस पटरी पर धरना लगा दिया जिस पर वंदे भारत आने वाली थी। इस स्थिति को देखते हुए वंदे भारत को गोनियाना से कुछ पीछे ही रोक दिया गया। गाड़ी रुकने की सूचना मिलने पर बठिंडा व कोटकपूरा से आर.पी.एफ. पुलिस बल हरकत में आए व उन्होंने मौके पर पहुंचकर लोगों को रेलवे लाइनों से हटाया। इसके बाद पहले पैसेंजर गाड़ी को रवाना किया गया जबकि उसके बाद करीब 17 मिनट की देरी से वंदे भारत को रवाना किया गया।  पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि वह लोग दूर-दराज से अपने कामों के लिए हर रोज बठिंडा आते हैं लेकिन वंदे भारत तथा पैसेंजर की टाइमिंग एक ही होने के कारण पैसेंजर गाड़ी को रोक दिया जाता है। वंदे भारत के गुजरने के बाद उनकी गाड़ी को रवाना किया जाता है। इस कारण वह लोग अपने कामों पर समय से नहीं पहुंच पाते व हर रोज लेट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि आज भी वंदे भारत को रास्ता देने के लिए पैसेंजर रोकी गई जिससे यात्री भड़क गए। उन्होंने रेलवे लाइन पर रोष प्रदर्शन किया जिस कारण वंदे भारत को रोकना पड़ा। आर.पी.एफ. के अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों ने रेलवे लाइनों पर प्रदर्शन करके वंदे भारत को रोका है उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वायरल हुए वीडियो में से लोगों की पहचान की जा रही है जिनके खिलाफ जी.आर.पी. द्वारा केस दर्ज किया जाएगा। 

बढ़े हुए आठ कोचों के साथ सोमवार सुबह इंदौर–नागपुर वंदे भारत ट्रेन हुई प्रस्थान

इंदौर  इंदौर से नागपुर जाने वाली वंदे भारत ट्रेन सोमवार सुबह बढ़े हुए आठ कोच के साथ रवाना हुई। अब यह ट्रेन सोलह नियमित कोच के साथ रोज चलेगी। पहले दिन यात्री संख्या ज्यादा नहीं रही, लेकिन आने वाले दिनों में बुकिंग होने पर यात्री संख्या और बढ़ सकती है। अब इस ट्रेन की यात्री क्षमता 1124 हो गई है। पहले ट्रेन में 526 सीटें थीं। सुबह इंदौर से ट्रेन 6.10 बजे रवाना हुई। इसमें अतिरिक्त कोच लगे थे। यह ट्रेन उज्जैन में 6.50 बजे रुकी। यहां दो मिनट के स्टाॅप के बाद ट्रेन भोपाल के लिए रवाना हुई। ट्रेन सुबह भोपाल पर सवा 9 बजे रुकी। यहां से भी बड़ी संख्या में नागपुर जाने के लिए ट्रेन में यात्री सवार हुए। दो साल पहले इंदौर को मिली पहली वंदे भारत ट्रेन के कोच अब रेलवे ने बढ़ाए है। इससे यात्री क्षमता दोगुनी हो गई। एक सप्ताह पहले इस ट्रेन के लिए नए रैक इंदौर आ चुके थे। जिन्हें सोमवार सुबह ट्रेन से जोड़ा गया। पहले यह कोच दिल्ली-पटना ट्रेन के लिए भेजे गए थे। रविवार तक इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन आठ कोचों के साथ चल रही थी। इसमें 530 सीटें थीं। 16 कोच के बाद एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। इससे इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा,क्योकि यह ट्रेन भोपाल में भी रुकती है। भोपाल से भी नागपुर जाने के लिए यात्रियों को सुविधा होगी। पहले वंदे भारत ट्रेन इंदौर से भोपाल के बीच चलती थी, लेकिन बाद में इसका विस्तार नागपुर तक के लिए कर दिया। सोमवार रात को यह ट्रेन फिर इंदौर लौटेगी।

वंदे भारत ट्रेन के नए रैक से इंदौर-नागपुर यात्रा होगी आसान, एक हजार से अधिक यात्री ले सकेंगे सफर

इंदौर  दो साल पहले इंदौर को मिली पहली वंदे भारत ट्रेन के कोच अब रेलवे बढा रहा है। इससे यात्री क्षमता दोगुनी हो जाएगी। 24 नंवबर से चलने वाली ट्रेन के लिए नए रैक आ चुके है। अभी इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन आठ कोचों के साथ चलती है। इसमें 530 सीटें थीं। 16 कोच के बाद एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। रेलवे ने नए रैक वंदे भारत के लिए भेज दिए है। इससे इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा,क्योकि यह ट्रेन भोपाल में भी रुकती है। भोपाल से भी नागपुर जाने के लिए यात्रियों को सुविधा होगी। वंदे भारत ट्रेन में बीते चार माह से सीटें फुल जा रही थी। इस कारण रेलवे ने वंदे भारत के कोच बढ़ा दिए है। इंदौर से नागपुर तक ट्रेन चलाने की मांग हमेशा से उठती रहती है। दो साल पहले इंदौर से भोपाल के बीच वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया था। यह ट्रेन सुबह सवा छह बजे जाती है। इंदौर से भोपाल तक के लिए इस ट्रेन को कम यात्री मिलते थे। बाद में वंदेभारत ट्रेन का विस्तार इंदौर से नागपुर तक किया गया। इसके बाद ट्रेन को अच्छे यात्री मिलने लगे। त्यौहार के समय इस ट्रेन में सीट नहीं मिलती है।   पहले दिल्ली भेज दिए थे रैक वंदे भारत के लिए सितंबर माह में रैक आए थे, लेकिन उसका उपयोग रेलवे ने दिल्ली पटना ट्रेन के लिए कर दिया था। अब वे रैक वापस इंदौर भेजे है। दो दिन पहले रैक इंदौर लाए गए। अब 24 नवंबर से 16 कोच के साथ ट्रेन इंदौर से नागपुर के लिए रवाना होगी। उधर इंदौर नगर निगम ने भी इंदौर से नागपुर के लिए बस सेवा शुरू की है। पिछले दिनों हरी झंडी देकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बस को रवाना किया था।  

हरियाणा में वंदे भारत का नया स्टॉपेज, पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

रोहतक   फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली आठ कोच वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस 8 नवंबर से पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है। रेलवे ने इस ट्रेन का नियमित नंबर 02461/02462 तय किया है, जबकि उद्घाटन के दिन इसे विशेष नंबर 02661/02662 के साथ चलाया जाएगा। रेलवे ने इन नंबरों को अपने CRIS सॉफ्टवेयर पर अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह वंदे भारत एक्सप्रेस देश में अब तक चलने वाली 16 कोच वाली ट्रेनों से अलग होगी, क्योंकि इसमें केवल 8 कोच होंगे। इनमें 6 चेयर कार और 2 एक्जीक्यूटिव क्लास डिब्बे शामिल हैं। प्रत्येक चेयर कार में 78 यात्री और एक्जीक्यूटिव डिब्बे में 52 यात्री बैठ सकेंगे, जिससे ट्रेन में कुल 572 सीटें उपलब्ध होंगी। ट्रेन के किराए को लेकर भी मंथन जारी है और जल्द ही इसकी जानकारी सिस्टम पर अपलोड कर दी जाएगी। नई वंदे भारत एक्सप्रेस का अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया जाएगा। रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर 1 पर स्वागत समारोह के लिए पंडाल लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। फिरोजपुर से आने वाली ट्रेन को प्लेटफार्म 1 पर, जबकि दिल्ली से लौटने वाली ट्रेन को प्लेटफार्म 7 पर ठहराव दिया जाएगा। रेलवे ने 8 नवंबर से ट्रेन के समय में भी बदलाव किया है। नई समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन नंबर 02462 (फिरोजपुर–दिल्ली वंदे भारत) सुबह 8:05 बजे फिरोजपुर से रवाना होगी। यह ट्रेन 12:18 बजे अंबाला कैंट पहुंचेगी और दोपहर 3:05 बजे दिल्ली पहुंचेगी। पहले यह ट्रेन सुबह 7:55 बजे फिरोजपुर से चलकर 11:58 बजे अंबाला कैंट और 2:35 बजे दिल्ली पहुंचती थी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परिवर्तन अन्य ट्रेनों के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एन.के. झा ने पुष्टि की है कि फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव अंबाला कैंट में रहेगा। उन्होंने बताया कि 8 नवंबर को ट्रेन के आगमन पर स्टेशन पर इसका स्वागत किया जाएगा और समय में बदलाव अन्य ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित न करने के उद्देश्य से किया गया है। ये रहेगा टाइम टेबल फिरोजपुर कैंट प्रस्थान 08:05 बजे फरीदकोट आगमन 08:43, प्रस्थान 08:45 बठिंडा जं. आगमन 09:30, प्रस्थान 09:35 धूरी जं. आगमन 10:43, प्रस्थान 10:45 पटियाला आगमन 11:25 प्रस्थान 11:27 अंबाला कैंट आगमन 12:18 प्रस्थान 12:20 कुरुक्षेत्र नं. आगमन 12:48 प्रस्थान 12:50 पानीपत जं. आगमन 13:25 प्रस्थान 13:27 दिल्ली जं. आगमन समय 15:05 बजे

वंदे भारत ट्रेन भोपाल-लखनऊ मार्ग पर, शेड्यूल और टाइमिंग कब मिलेगी जानकारी

भोपाल  भोपाल से लखनऊ जाने वाली वंदे भारत ट्रेन के लिए यात्रियों को अभी और इंतजार करना होगा। रेलवे की अधूरी तैयारियों के चलते फिलहाल इस ट्रेन का शेड्यूल जारी नहीं किया जा रहा है। बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन परिसर में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों की सफाई, सर्विसिंग और तकनीकी जांच के लिए विशेष वाशिंग पिट लाइन का निर्माण किया जा रहा है। यह पिट खासतौर पर वंदे भारत श्रेणी की ट्रेनों के रखरखाव के लिए डिज़ाइन की गई है। वॉशिंग पिट निर्माण का काम अंतिम चरण में है। इसे पूरा होने में दो महीने का समय और लगेगा। इसके तैयार होते ही भोपाल से लखनऊ के बीच चलने वाली नई 15-सिटिंग कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पटरी पर दौड़ने लगेगी। भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। ट्रेन का रूट, समय-सारणी और कोच डिजाइन भी तय हो चुके हैं। यह ट्रेन पूरी तरह सिटिंग व्यवस्था वाली होगी। इससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। फिलहाल इसके संचालन में विलंब सिर्फ इसलिए है क्योंकि वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेन के लिए विशेष तकनीकी और सफाई सुविधाएं आवश्यक हैं। भोपाल मंडल के डीआरएम पंकज त्यागी ने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों की मेंटेनेंस के लिए यह वाशिंग पिट जरूरी है। निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। कार्य पूरा होते ही शेड्यूल जारी किया जाएगा।

यात्रीगण ध्यान दें! अब नए समय पर चलेगी वैष्णो देवी वंदे भारत एक्सप्रेस

कटरा भारतीय रेलवे ने माता वैष्णो देवी कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के समय और ठहराव में बदलाव किया है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उत्तरी रेलवे (NR) की ओर से इसे ऑपरेट किया जाता है। ट्रेन नंबर 26401/26402 कटरा-श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस 191 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जिसके लिए 2 घंटे 58 मिनट का समय लगता है। 29 अक्टूबर 2025 से यह ट्रेन रियासी स्टेशन पर दोनों दिशाओं में दो मिनट के लिए रुकेगी, जो पहले केवल बानिहाल स्टेशन पर रुकती थी। उत्तरी रेलवे की ओर से बताया गया कि रियासी जिले में बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वैष्णो देवी मंदिर और विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज के निकट होने के कारण यह नया ठहराव जोड़ा गया है। जानें ट्रेन की टाइमिंग और स्टॉपेज ट्रेन नंबर 26401 कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 8:10 बजे कटरा से रवाना होती है और 11:08 बजे श्रीनगर पहुंचती है। वापसी में ट्रेन नंबर 26402 श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस दोपहर 2:00 बजे श्रीनगर से चलती है और शाम 4:58 बजे कटरा पहुंचती है। ताजा बदलाव यात्रियों की सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। सोशल मीडिया पर भी रियासी में स्टॉपेज देने की मांग उठाई जा रही है, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।  

भारतीय-रूसी साझेदारी में बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, अगले सप्ताह होगा लॉन्च

नई दिल्ली भारतीय रेल यात्रियों के लिए एक और अच्छी खबर आने वाली है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। इंडो-रशियन जॉइंट वेंचर काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस अगले सप्ताह अपने पहले एसी कोच के डिजाइन का अनावरण करेगी। यह डिजाइन इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्जीबिशन (IREE) 2025 में प्रदर्शित किया जाएगा, जो अगले सप्ताह दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला है। भारत-रूस की साझेदारी से बनेंगे 120 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस एक संयुक्त उद्यम है, जिसे भारतीय रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूस की प्रमुख रोलिंग स्टॉक कंपनियों द्वारा स्थापित किया गया है। इस साझेदारी के तहत कंपनी को 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों (यानी 1,920 कोच) के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी जून 2026 तक पहले प्रोटोटाइप ट्रेन को तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। तीन कंपनियों को मिला वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का ठेका भारतीय रेल ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण का ठेका तीन कंपनियों को दिया है। इनमें बीईएमएल (BEML), काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस (रूस की TMH और भारतीय RVNL का संयुक्त उपक्रम) और टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड और बीएचईएल (BHEL) का कंसोर्टियम शामिल है। इन कंपनियों को आधुनिक तकनीक के साथ ऊर्जा-कुशल और यात्रियों की आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने वाले कोच तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। लंबी दूरी की यात्रा के लिए स्लीपर वंदे भारत वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए डिजाइन किया जा रहा है। अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस केवल चेयर कार के रूप में संचालित होती है, लेकिन स्लीपर वर्जन आने से रात की यात्रा करने वाले यात्रियों को वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड, आरामदायक और प्रीमियम सुविधा मिलेगी। एक साथ दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की लॉन्चिंग रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को एक साथ दो रेक के रूप में लॉन्च किया जाएगा। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि लॉन्चिंग तभी की जाएगी जब दूसरी ट्रेन पूरी तरह तैयार हो जाएगी ताकि सेवा की निरंतरता बनी रहे। उन्होंने कहा, “दूसरी ट्रेन का निर्माण कार्य चल रहा है और यह संभवतः 15 अक्टूबर 2025 तक तैयार हो जाएगी। दोनों ट्रेनें साथ में लॉन्च की जाएंगी। दूसरी ट्रेन नियमित सेवा की निरंतरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। जैसे ही दूसरा रेक मिल जाएगा, किसी भी उपयुक्त रूट पर संचालन शुरू किया जाएगा।” यह दोनों ट्रेनें बीईएमएल द्वारा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) तकनीक का उपयोग करते हुए बनाई जा रही हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से रेल यात्रा में नया अध्याय वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने वाली है। यह ट्रेनें न केवल तेज और ऊर्जा-कुशल होंगी, बल्कि यात्रियों को बेहतर साउंड इंसुलेशन, आरामदायक बर्थ, अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स और लग्ज़री स्तर की सुविधाएं भी प्रदान करेंगी। रेल मंत्रालय का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारतीय रेल को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा।