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बालकनी का वास्तु बदल सकता है घर की ऊर्जा और भाग्य

 कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी घर में पैसा नहीं टिकता या मानसिक तनाव बना रहता है.  तमाम कोशिश के बाद जब हमारा ध्यान घर के वास्तु पर जाता है तो हम कमरे, किचन और हॉल का वास्तु तो ठीक करते हैं लेकिन कई बार घर की बालकनी अछूती रह जाती है. हम अक्सर घर के कमरों का वास्तु तो ठीक कर लेते हैं, लेकिन बालकनी के वास्तु पर हमारा ध्यान नहीं जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, बालकनी में रखी कुछ चीजें और गलत दिशा आपकी तरक्की में ब्रेक लगा सकती हैं. अगर आप भी सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो बालकनी से जुड़े इन नियमों को अनदेखा करने की गलती बिल्कुल न करें. बालकनी की सही दिशा बदल देगी किस्मत वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बहुत महत्व है. बालकनी के लिए उत्तर और पूर्व दिशा को सबसे उत्तम माना गया है. इसे देव मार्ग कहा जाता है. अगर आपकी बालकनी इस दिशा में है, तो सूर्य की पहली किरणें घर की नकारात्मकता को खत्म कर देती हैं. कोशिश करें कि इस हिस्से को जितना हो सके खुला और साफ रखें, ताकि घर में ईश्वरीय ऊर्जा बनी रहे. इसके अलावा बालकनी में आप कुछ पौधे लगा कर पूरे घर के वास्तु दोष से निजात पा सकते हैं. बस इन्हें लगाते वक्त दिशा का ध्यान रखना जरूरी है. तुलसी: बालकनी के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में तुलसी का पौधा लगाएं. इसे साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है. मनी प्लांट: आर्थिक तंगी दूर करने के लिए इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है. शमी: शनि दोष से मुक्ति और कार्यों में सफलता के लिए शमी का पौधा लगाएं. बालकनी में कभी भी कांटेदार या दूध निकलने वाले पौधे न लगाएं, ये घर में कलह और तनाव पैदा करते हैं. दीवारों का रंग और शाम का दीपक बालकनी की दीवारों पर हमेशा हल्के और सात्विक रंगों का चुनाव करें. सफेद, क्रीम या हल्का पीला रंग सबसे अच्छा माना जाता है. वास्तु के अनुसार, रोज शाम को बालकनी में एक दीपक जरूर जलाना चाहिए. ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और घर से बुरी शक्तियां दूर रहती हैं. अगर बैठने के लिए भारी फर्नीचर रखना है, तो उसे हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही रखें. भूलकर भी न रखें ये चीजें अक्सर लोग बालकनी को स्टोर रूम बना देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है. कबाड़ और टूटे बर्तन: बालकनी में पुराना सामान या कबाड़ रखने से 'राहु' का नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है, जिससे मानसिक अशांति होती है. सूखे पौधे: अगर आपकी बालकनी में कोई पौधा सूख गया है, तो उसे तुरंत हटा दें. सूखे पौधे दुर्भाग्य और आर्थिक हानि का संकेत हैं. गंदगी: बालकनी जितनी साफ होगी, माता लक्ष्मी के आने का रास्ता उतना ही साफ होगा.

वास्तु शास्त्र: घर में आईना लगाने के सही नियम, वरना बढ़ सकती है नकारात्मकता

घर में रखा आईना आपके घर की ऊर्जा और माहौल पर गहरा असर डालता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार आईना एक ऐसा तत्व है जो ऊर्जा को आकर्षित भी करता है और उसे कई गुना बढ़ाता भी है.  इसलिए अगर आईना सही दिशा और सही जगह पर लगाया जाए तो यह घर में सुख-समृद्धि, शांति और पॉजिटिव ऊर्जा लाता है. वहीं अगर इसे गलत जगह पर रखा जाए, तो यही आईना नकारात्मकता, तनाव और आर्थिक रुकावटों का कारण बन सकता है.  इसलिए जरूरी है कि घर में आईना लगाते समय कुछ खास वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाए, ताकि आपका घर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे. सही दिशा में लगाएं आईना वास्तु के अनुसार आईना हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है.  ये दिशाएं प्राकृतिक रोशनी और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती हैं, जो घर के वातावरण को बेहतर बनाती हैं. मुख्य दरवाजे के सामने न रखें घर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने आईना लगाने से बचना चाहिए.  ऐसा माना जाता है कि इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा वापस लौट जाती है, जिससे सुख-समृद्धि पर असर पड़ सकता है. बेड के सामने आईना लगाने से बचें बेडरूम में आईना इस तरह लगाएं कि उसमें सोते समय आपका प्रतिबिंब न दिखे. इससे नींद प्रभावित हो सकती है. टूटे या खराब आईने से दूर रहें टूटा या दरार वाला आईना घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है.  इसलिए ऐसे आईनों को तुरंत हटा देना ही बेहतर होता है. आईना क्या दिखाता है, इस पर दें ध्यान आईना हमेशा साफ-सुथरी और सकारात्मक चीजों को ही रिफ्लेक्ट करे. अगर उसमें हरियाली, रोशनी या सुंदर दृश्य दिखते हैं, तो यह घर में अच्छी ऊर्जा को और बढ़ाता है. आमने-सामने आईने लगाने से बचें दो आईनों को एक-दूसरे के सामने रखने से लगातार प्रतिबिंब बनते हैं, जिससे मानसिक अस्थिरता और असहजता बढ़ सकती है. इसलिए इस तरह की व्यवस्था से बचना चाहिए.

वास्तु टिप्स: सुबह की ये 6 आदतें बदल सकती हैं आपका पूरा दिन और किस्मत

 हम अक्सर सोचते हैं कि हमारा दिन कैसा बीतेगा, यह हमारी किस्मत पर निर्भर है.  लेकिन वास्तु शास्त्र यह मानता है कि हमारे दिन की सफलता इस बात पर टिकी होती है कि हम अपनी सुबह की शुरुआत कैसे करते हैं.  सुबह का समय पॉजिटिव एनर्जी से भरा होता है. यदि हम सुबह उठते ही कुछ छोटी-छोटी लेकिन प्रभावशाली आदतों को अपना लें, तो न केवल हमारा मन शांत रहता है, बल्कि घर में धन-धान्य और खुशहाली  भी बढ़ती है. 1. अपनी हथेलियों को देखें नींद खुलते ही सबसे पहले किसी भी अन्य वस्तु या व्यक्ति को देखने के बजाय अपनी दोनों हथेलियों को एक साथ जोड़कर देखना चाहिए.  शास्त्रों में कहा गया है कि हथेलियों के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविंद (विष्णु) का वास होता है. सुबह-सुबह अपने हाथों को देखकर चेहरे पर फेरने शुभ होता है. सुबह-सुबह तेल के बर्तन, या सूई धागा ना देखें. 2. धरती को नमन बिस्तर से पैर नीचे उतारने से पहले धरती माता को हाथ से छूकर प्रणाम करना चाहिए.  अपने कुलदेवता का नाम लेना भी बहुत शुभ होता है. किसी भी ऐसे जानवर का नाम ना लें जो अपशकुन हो, जैसे बंदर, कुत्ता, या सूअर. 3. सूर्योदय से पहले उठने का लाभ वास्तु के अनुसार, सूर्योदय के बाद देर तक सोए रहने से घर में दरिद्रता आती है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. सूरज की पहली किरण निकलने से पहले उठने वाले व्यक्ति को प्राकृतिक रूप से वाइटल एनर्जी (प्राण शक्ति) मिलती है.  इससे आलस्य दूर होता है.  बुद्धि तेज होती है. 4. मुख्य द्वार की पवित्रता घर की महिलाएं या बड़े बुजुर्ग यदि सुबह उठकर घर के मुख्य द्वार पर थोड़ा सा जल छिड़कते हैं, तो यह बहुत शुभ माना जाता है. साफ-सुथरा मुख्य द्वार देवी लक्ष्मी को आमंत्रित करता है.  ध्यान रहे कि घर की दहलीज के पास कचरा या गंदगी बिल्कुल न हो. 5. सूर्य देव को जल और योग स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है.  इसके साथ ही 10-15 मिनट का ध्यान या योग आपके शरीर को स्फूर्ति देता है.   6. तुलसी को जल तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना और उसकी परिक्रमा करना घर के कलह-क्लेश को शांत करता है.  सुबह के समय कभी भी किसी की बुराई न करें और न ही क्रोध करें.  अपनी वाणी में मधुरता रखें ताकि पूरा दिन खुशनुमा बना रहे.

वास्तु शास्त्र: घर में जल तत्व से बढ़ती है सुख-समृद्धि, जानें सही दिशा

 अक्सर वास्तु वास्तु शास्त्र के जानकार घर में फव्वारा या जल से संबंधित सजावटी वस्तुएं रखने का सुझाव देते हैं. इसके पीछे की मुख्य वजह जल तत्व की सकारात्मक ऊर्जा है. कहा जाता है कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि के लिए , जब से जुड़े वास्तु उपाय बेहद कारगर होते हैं. हालांकि, वास्तु शास्त्र के जानकार बताते हैं कि जल का लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दिशा और स्थान पर रखा जाए. गलत स्थान पर रखा गया जल आर्थिक और मानसिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है. अधिकांश घरों में जल यानी पानी से जुड़े वास्तु दोष देखने को मिलते हैं. वास्तु शास्त्र के जानकारों की मानें तो जल से जुड़े वास्तु नियमों की अनदेखी करने से परिवार में कलह और क्लेश जैसी अनेक समस्या उत्पन्न होने लगती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पानी या जल का स्थान घर की किस दिशा में होना चाहिए और इससे जुड़े खास वास्तु नियम क्या हैं. वॉटरफॉल के लिए सही दिशा वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर आपके घर में बगीचा है, तो वहां वॉटरफॉल लगाना अत्यंत शुभ होता है, लेकिन यहां एक जरूरी नियम का ध्यान रखें रखना चाहिए. पानी के बहाव की दिशा हमेशा घर के अंदर की ओर होनी चाहिए. अगर जल का प्रवाह घर के बाहर की तरफ दिखता है, तो धन भी उसी गति से बाहर चला जाता है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में अंदर की तरफ बहता हुआ पानी मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है. पानी से जुड़े शोपीस कहां रखें वास्तु सास्त्र के नियम के अनुसार, किचन में अग्नि देवता का वास होता है, जबकि जल उसका विपरीत तत्व है.  इसलिए किचन में पीने या उपयोग के पानी के अलावा किसी प्रकार का जलीय शोपीस, नदी-झरने की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से जल और अग्नि तत्व का संतुलन बिगड़ जाता है. इसके अलावा सेहत पर भी नकारात्मक असर पड़ता है, जो कि आर्थिक स्थिति को बिगाड़ देता है. बुरी नजर और निगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए अगर आपके परिवार में लोग बार-बार बीमार पड़ रहे हैं या करियर में बाधाएं आ रही हैं, तो पानी का शोपीस एक प्रभावी उपाय हो सकता है. वास्तु नियम के मुताबिक, इसे घर के गलियारे या बालकनी में रखना शुभ होता है. कहा जाता है कि यहां जल की तत्व की मौजूदगी बुरी नजर के प्रभाव को कम करती है और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाती है. किस दिशा में रखें मिट्टी का घड़ा या सुराही? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मिट्टी के घड़े या सुराही को घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में रखना शुभ होता है. कहा जाता है कि इस दिशा में देवी-देवताओं का वास होता है. इसलिए यहां मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर रखने से दुर्भाग्य दूर होता है. 

जमीन-जायदाद से जुड़े काम क्यों अटकते हैं, जानें ज्योतिषीय कारण और उपाय

कई लोग ऐसे होते हैं जो सालों से एक ही परेशानी में फंसे रहते हैं-प्रॉपर्टी लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई रुकावट आ जाती है. कभी पैसा अटक जाता है, कभी डील टूट जाती है, तो कभी कानूनी झंझट सामने आ जाता है, अगर आप भी इसी दौर से गुजर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है. ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं में ऐसे कई आसान उपाय बताए गए हैं, जो जिंदगी में अटके कामों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. खासकर प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में कुछ छोटे-छोटे टोटके भी असर दिखा सकते हैं. हाल ही में एक ऐसा ही आसान उपाय चर्चा में है, जिसे लोग अपनाकर फायदा मिलने का दावा कर रहे हैं. क्यों अटकती है प्रॉपर्टी की डील? प्रॉपर्टी से जुड़ी परेशानियां सिर्फ पैसों की वजह से नहीं होतीं. कई बार ग्रह-नक्षत्र भी इसमें भूमिका निभाते हैं. खासकर मंगल ग्रह को जमीन-जायदाद का कारक माना जाता है, अगर आपकी कुंडली में मंगल कमजोर है या दोषपूर्ण स्थिति में है, तो प्रॉपर्टी से जुड़े काम बार-बार अटक सकते हैं. कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि सब कुछ तय होने के बाद भी आखिरी समय में डील रुक जाती है. जैसे भोपाल के रहने वाले एक व्यक्ति बताते हैं कि उन्होंने तीन बार घर खरीदने की कोशिश की, लेकिन हर बार कोई न कोई समस्या आ गई-कभी बैंक लोन रुका, कभी कागजों में दिक्कत. आसान उपाय जो बदल सकता है स्थिति शनिवार की रात करें ये खास उपाय ज्योतिष के अनुसार, एक बेहद सरल उपाय अपनाकर इस समस्या को कम किया जा सकता है. इसके लिए आपको “मोलश्री” के फूल लेने हैं. ये फूल शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़े माने जाते हैं. शनिवार की रात सोते समय इन फूलों को अपने तकिए के नीचे रख लें. ऐसा खासतौर पर शनिवार को करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस दिन का संबंध शनि और कर्म से होता है. कैसे करता है असर? माना जाता है कि ये उपाय आपके जीवन में चल रही नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है. खासकर मंगल से जुड़े दोषों को शांत करने में मदद मिलती है. जब मंगल संतुलित होता है, तो जमीन-जायदाद से जुड़े काम धीरे-धीरे बनने लगते हैं. लोगों के अनुभव क्या कहते हैं? हालांकि ये पूरी तरह आस्था पर आधारित उपाय है, लेकिन कई लोग इसे अपनाकर सकारात्मक बदलाव महसूस करने की बात कहते हैं. कुछ लोगों का कहना है कि लंबे समय से रुकी डील अचानक आगे बढ़ गई, तो कुछ को नई प्रॉपर्टी के मौके मिलने लगे. इंदौर की एक महिला बताती हैं कि उन्होंने यह उपाय लगातार 3 शनिवार तक किया, जिसके बाद उनकी रुकी हुई प्लॉट की रजिस्ट्री पूरी हो गई. उनके मुताबिक, पहले जहां हर बार कोई बाधा आ जाती थी, वहीं इस बार सब कुछ आसानी से हो गया. ध्यान रखने वाली बातें सिर्फ उपाय पर निर्भर न रहें यह समझना जरूरी है कि ये उपाय आपकी कोशिशों का विकल्प नहीं है, अगर आप प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, तो सही प्लानिंग, कागजी जांच और फाइनेंशियल तैयारी बेहद जरूरी है. सकारात्मक सोच भी जरूरी उपाय के साथ-साथ आपका नजरिया भी मायने रखता है, अगर आप लगातार नकारात्मक सोचेंगे, तो उसका असर आपके फैसलों पर भी पड़ेगा. क्या सच में काम करता है ये उपाय? इस सवाल का कोई वैज्ञानिक जवाब नहीं है, लेकिन आस्था और विश्वास का असर कई बार मानसिक रूप से मजबूत बनाता है. जब आप किसी उपाय को पूरे विश्वास के साथ करते हैं, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और आप बेहतर फैसले ले पाते हैं. प्रॉपर्टी से जुड़ी परेशानियां आम हैं, लेकिन अगर बार-बार रुकावट आ रही है, तो थोड़ा अलग सोचने में हर्ज नहीं है. मोलश्री के फूल वाला यह आसान उपाय न सिर्फ करने में सरल है, बल्कि कई लोगों के अनुभव इसे आजमाने लायक बनाते हैं. हालांकि, इसे अपनाने के साथ अपनी मेहनत और समझदारी को भी साथ रखना जरूरी है.

वास्तु के ये 5 नियम बदल देंगे आपकी किस्मत, सुबह और शाम की इन गलतियों को सुधारने से घर में आएगी सुख और समृद्धि

  वास्तु शास्त्र में सुबह और शाम के समय को घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का सबसे खास वक्त माना गया है. हमारे बड़े-बुजुर्ग हमेशा कहते थे कि घर की बरकत केवल अच्छी कमाई से नहीं, बल्कि सही आदतों से आती है. अक्सर हम अनजाने में सुबह उठने या शाम के वक्त कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे घर में दरिद्रता आने लगती है. अगर आप भी महसूस करते हैं कि मेहनत के बाद भी पैसा नहीं टिक रहा या घर में तनाव रहता है, तो आपको अपनी दिनचर्या के इन 5 वास्तु नियमों पर ध्यान देने की जरूरत है. 1. सुबह देर तक सोना सूर्योदय के बाद भी देर तक सोते रहना स्वास्थ्य और सौभाग्य दोनों के लिए बुरा माना जाता है. वास्तु के अनुसार, जो लोग सुबह देर तक सोते हैं, उनके घर में नकारात्मकता बढ़ती है, ऐसे घरों में मां लक्ष्मी का वास नहीं होता. कोशिश करें कि सूर्योदय से पहले या साथ उठें. 2. शाम को झाड़ू लगाना शास्त्रों के अनुसार, शाम के समय यानी सूर्यास्त के वक्त घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. माना जाता है कि शाम को झाड़ू लगाने से घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है. अगर झाड़ू लगाना बहुत जरूरी हो, तो कूड़ा घर के बाहर न फेंकें, उसे एक कोने में इकट्ठा कर दें. 3. सूर्यास्त के समय सोना शाम के समय सोना वर्जित माना गया है. जो लोग गोधूलि वेला (शाम के वक्त) में सोते हैं, उन्हें शारीरिक बीमारियां घेर सकती हैं . घर में दरिद्रता आती है. यह समय पूजा-पाठ और ध्यान का होता है, न कि सोने का. 4. मुख्य द्वार पर अंधेरा रखना शाम होते ही घर के मुख्य द्वार पर रोशनी जरूर करनी चाहिए. अंधेरा दरवाजा नकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करता है. प्रवेश द्वार पर दीपक या बल्ब जलाकर रखने से मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं, जिससे व्यापार व करियर में तरक्की होती है. 5. तुलसी के पास गंदगी या अंधेरा सुबह-शाम तुलसी की देखभाल बहुत जरूरी है. शाम को तुलसी के पास दीपक जरूर जलाएं, लेकिन याद रखें कि सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्तों को कभी न छुएं और न ही जल चढ़ाएं. तुलसी के आसपास गंदगी रखना भी धन हानि का बड़ा कारण बनता है.

घर में लगा मनी प्लांट कहीं आपको कंगाल तो नहीं बना रहा? वास्तु की इन 5 गलतियों को आज ही सुधारें

 घर के कोने में लगा हुआ मनी प्लांट सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि वास्तु के मुताबिक शुभ पौधा माना जाता है. वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर इसकी सही से देखभाल की जाए, तो यह सोई हुई किस्मत जगा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही इस धन वर्षा को आर्थिक तंगी में बदल सकती है?अगर कड़ी मेहनत के बाद भी हाथ खाली रहता है, तो चेक करें कहीं आप ये गलतियां तो नहीं कर रहे. 1. दिशा का रखें ध्यान मनी प्लांट को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न रखें. वास्तु के अनुसार, यह दिशा इस पौधे के लिए सबसे ज्यादा नकारात्मक मानी जाती है. इसे हमेशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में लगाएं, क्योंकि यह भगवान गणेश की दिशा है, जो बाधाओं को दूर करते हैं. 2. जमीन चूमती बेल मनी प्लांट को 'वेल्थ क्रीपर' कहा जाता है.  इसकी बेलें जितनी ऊपर की ओर जाएंगी, आपकी तरक्की का ग्राफ भी उतना ही ऊंचा होगा. अगर इसकी बेलें जमीन पर रेंग रही हैं, तो समझ लीजिए कि आपके घर की लक्ष्मी बाहर जाने का रास्ता ढूंढ रही है.  किसी धागे या डंडी के सहारे इसे हमेशा ऊपर की ओर चढ़ाएं. 3. पीलापन यानी नकारात्मकता का साया मुरझाए और सूखे पत्ते सिर्फ पौधे की बीमारी नहीं, बल्कि आने वाले आर्थिक संकट का इशारा हैं.  अगर आपके मनी प्लांट के पत्ते पीले पड़ रहे हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें.  सूखे पत्ते घर की पॉजिटिव एनर्जी को सोख लेते हैं. 4. कांच की बोतल या मिट्टी का गमला? वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट को नीले रंग की कांच की बोतल या मिट्टी के गमले में लगाना सबसे शुभ होता है. ध्यान रखें कि इसे प्लास्टिक के डिब्बे या गंदे बर्तन में न लगाएं, इससे तरक्की के रास्ते बंद हो सकते हैं. 5. दूसरों को कभी न दें अपना मनी प्लांट क्या आप जानते हैं? अपने घर के फलते-फूलते मनी प्लांट की कटिंग कभी किसी और को नहीं देनी चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से आप अपनी सुख-समृद्धि और 'वीनस' (शुक्र ग्रह) का प्रभाव दूसरे को सौंप देते हैं. मनी प्लांट में पानी देते समय उसमें दो बूंद कच्चा दूध मिला दें. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में धन की आवक बढ़ती है ,परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल बेहतर होता है.

गंगाजल रखने में कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती? प्लास्टिक की बोतल बन सकती है वास्तु दोष का कारण

 घरों में गंगाजल का होना आम बात है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से रखा गया गंगाजल वास्तु दोष  की वजह बन सकता है? वहीं, अगर इसका सही इस्तेमाल किया जाए, तो बंद किस्मत के ताले भी खुल सकते हैं. आइए जानते हैं वो सीक्रेट उपाय जो आपकी जिंदगी बदल देंगे. प्लास्टिक की बोतल में न रखें गंगाजल गंगाजल को कभी भी प्लास्टिक की बोतल में नहीं रखना चाहिए. यह न केवल इसकी शुद्धता को प्रभावित करता है, बल्कि वास्तु के अनुसार आर्थिक नुकसान का भी संकेत है.इसे हमेशा तांबे, चांदी या पीतल के पात्र में ही रखें. साथ ही, इसे कभी भी अंधेरे या गंदे स्थान पर न छोड़ें, वरना घर में नकारात्मकता बढ़ने लगती है. किस्मत चमकाने के 4  उपाय पैसों की तंगी: शनिवार को पूरे घर में गंगाजल छिड़कें. यह नेगेटिव एनर्जी को बाहर निकालता है. ऐसा करने से माता लक्ष्मी घर में आती हैं.   कर्ज से मुक्ति: एक पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर घर के उत्तर-पूर्वी कोने (ईशान कोण) में रखें. इससे मानसिक तनाव कम होता है , धन लाभ के योग भी बनते हैं. घर का क्लेश: यदि परिवार में अक्सर झगड़े होते हैं, तो हर सुबह मुख्य द्वार पर गंगाजल छिड़कें. यह बुरी नजर के लिए लक्ष्मण रेखा का काम करता है. तरक्की में बाधा: ऑफिस या दुकान में गंगाजल रखने से काम की एकाग्रता बढ़ती है , रुके हुए बिजनेस प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू हो जाते हैं. इन बातों का रखें विशेष ध्यान जिस तरह फ्रिज या अलमारी की सही दिशा आपकी वेल्थ बढ़ाती है, वैसे ही गंगाजल के लिए ईशान कोण सबसे उत्तम है. ध्यान रहे, जिस कमरे में गंगाजल हो, वहां कभी भी मांस या मदिरा का सेवन न करें. ऐसा करना भारी वास्तु दोष पैदा करता है . यह गरीबी की वजह भी बनता है.

वास्तु टिप्स,गलत दिशा में रखा कूड़ेदान बन सकता है कंगाली का कारण, जानें डस्टबिन रखने के सही नियम

 वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हर चीज़ की एक सही जगह होना बहुत ज़रूरी है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे. कूड़ेदान भले ही एक छोटी चीज़ लगे, लेकिन इसे नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. अगर इसे गलत दिशा या जगह पर रखा जाए, तो घर में तनाव बढ़ सकता है, पैसों की परेशानी आ सकती है और रिश्तों में भी खटास आने लगती है. इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि कूड़ेदान कहां नहीं रखना चाहिए और इसे रखने की सही जगह कौन-सी है. इन जगहों पर न रखें कूड़ेदान 1. उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) यह बहुत पवित्र दिशा मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान हो सकता है. 2. पूर्व दिशा यहां कूड़ेदान रखने से व्यक्ति को अकेलापन महसूस हो सकता है , रिश्ते कमजोर हो सकते हैं. 3. दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) यह रसोई की दिशा होती है. यहां कूड़ेदान रखने से खर्च बढ़ सकता है. 4. उत्तर दिशा यह दिशा धन से जुड़ी मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से करियर और बिजनेस में रुकावट आ सकती है. 5. दक्षिण-पश्चिम दिशा यहां कूड़ेदान रखने से घर में झगड़े और विवाद बढ़ सकते हैं. 6. पश्चिम दिशा इस दिशा में कूड़ेदान रखने से कामों में बाधा आ सकती है. 7. मुख्य दरवाज़ा (मेन गेट) दरवाज़े के पास या सामने कूड़ेदान रखने से नकारात्मक ऊर्जा घर में आती है. 8. बेडरूम, पूजा घर और रसोई इन जगहों पर कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है, वास्तु दोष होता है. कूड़ेदान रखने की सही जगह वास्तु के अनुसार कूड़ेदान को घर के दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम के बाहरी हिस्से (जैसे बालकनी या सर्विस एरिया) में रखें, या किसी ऐसे कोने में रखें जहां यह सीधे दिखाई न दे. कुछ आसान टिप्स     कूड़ेदान हमेशा ढक्कन वाला रखें.     रोज़ कचरा बाहर निकालें.     इसे कभी ओवरफ्लो न होने दें.     साफ-सफाई का ध्यान रखें.  

रसोई में इंडक्शन चूल्हा रखने की सही दिशा क्या है? वास्तु के इन नियमों का पालन करने से घर में आएगी सुख-समृद्धि

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच LPG गैस आपूर्ति से लोगों में चिंता बढ़ी है, जिससे इंडक्शन की मांग बढ़ रही है. लेकिन इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाते समय वास्तु शास्त्र के ये नियम जानना जरूरी है. इंडक्शन के लिए वास्तु नियम अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद पश्चिमी एशिया (Middle East War) में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हमले और जंग के बीच भारत में भी संकट मंडराने लगा है और यह संकट है LPG गैस सिलेंडर का. एलपीजी की आपूर्ति के पैनिक के बीच लोग अपने घरों में इंडक्शन चूल्हे का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं और बाजार में भी इंडक्शन की डिमांड बढ़ने लगी है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एलपीजी संकट के बीच लोग इंडक्शन चूल्हे को विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं. वहीं कुछ परिवार पहले से ही खाना पकाने के लिए रसोई में इंडक्शन का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इंडक्शन चूल्हे पर खाना बनाते समय आपको वास्तु शास्त्र से जुड़े कुछ नियम जरूर जान लेने चाहिए. वास्तु से जुड़ी इन नियमों की अनदेखी करने पर रसोई की सकारात्मक ऊर्जा बाधित हो सकती है. आइए जानते हैं Induction चूल्हा पर खाना पकाते समय किन बातों का रखें ध्यान और किन नियमों का करें पालन. सही दिशा में रखें इंडक्शन चूल्हा वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोईघर में आग से जुड़े (अग्नि तत्व) उपकरणों के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण को शुभ माना जाता है. इसलिए इंडक्शन चूल्हा भी इसी दिशा में रखना बेहतर होता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. सकारात्मक ऊर्जा के सर्वोत्तम प्रवाह के लिए आप आदर्श रूप से रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में इंडक्शन रख सकते हैं. लेकिन किसी कारण इस दिशा में स्थान न हो या इस दिशा में चूल्हा रखना संभव न हो तो विकल्प के तौर पर उत्तर-पश्चिम में भी रखा जा सकता है.     इस बात का खास ध्यान रखें कि, इंडक्शन पर खाना पकाने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए. इससे सेहत अच्छी रहती है और सकारात्मकता का संचार बढ़ता है.     साथ ही इंडक्शन को ठीक सिंक या पानी वाले स्थान (जल तत्व) के बगल में भी नहीं रखें. क्योंकि इससे आग और पानी का टकराव होता है.     इंडक्शन को उत्तर-पूर्व (शांत या पानी वाला जोन) या दक्षिण-पश्चिम (स्थिरता/पृथ्वी वाला जोन) में नहीं रखना चाहिए.     वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस स्थान पर इंडक्शन चूल्हा रखा गया हो, वहां साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें. इंडक्शन के आस-पास गंदनी न करें और जूठे बर्तन न रखें. ऐसा करने से रसोई की ऊर्जा खराब होती है.