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सही दिशा में आईना रखने से बदल सकती है आपकी किस्मत, वास्तु के अनुसार बढ़ेगा घर का सौभाग्य

Vastu Tips for Mirror: आजकल हर कोई चाहता है कि उसके घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहे, पैसा रुके नहीं और लाइफ में लगातार ग्रोथ होती रहे. लोग मेहनत तो खूब करते हैं, लेकिन कई बार घर की नेगेटिव एनर्जी या गलत प्लेसमेंट की वजह से प्रोग्रेस स्लो हो जाती है. खासकर वास्‍तु शास्त्र में आईने को बहुत महत्व दिया गया है. कहते हैं कि घर में रखा हुआ आईना सिर्फ आपका चेहरा नहीं दिखाता, बल्कि आपके घर की एनर्जी को भी रिफ्लेक्ट करता है. अगर आईना सही दिशा में लगाया जाए तो यह घर में धन, सुख और प्रगति लाता है, लेकिन गलत दिशा में रखा जाए तो यह परेशानी, कंगाली और लगातार चल रही दिक्कतों को और बढ़ा देता है. इसलिए आजकल हर कोई यह समझना चाहता है कि आखिर आईने को किस दिशा में लगाना चाहिए ताकि घर का लक चेंज हो, पैसों की आवक बढ़े और फैमिली लाइफ भी स्मूद चले. इसी वजह से आज हम आपको बता रहे हैं कि आईना किस दिशा में रखने से किस्मत चमकती है और किन गलतियों से हमेशा बचना चाहिए. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी. आईना किस दिशा में रखना शुभ माना गया है वास्‍तु के एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आईना हमेशा ऐसी दिशा में होना चाहिए जहां से पॉजिटिव एनर्जी बढ़े. सबसे अच्छा ऑप्शन माना गया है उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा. यह दोनों दिशाएं घर में प्रोग्रेस और पॉजिटिविटी को अट्रैक्ट करती हैं. कहा जाता है कि अगर आप आईना इन दिशाओं में लगाते हैं तो घर के अंदर एनेर्जी का फ्लो अच्छा रहता है और धन-भाग्य भी बढ़ता है. 1. उत्तर दिशा उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है. कुबेर को धन का देवता कहा गया है. इसलिए इस दिशा में आईना लगाने से पैसों की रुकावट कम होती है और फाइनेंस से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. घर में पैसा टिकने लगता है और खर्चे भी कंट्रोल में आते हैं. 2. पूर्व दिशा पूर्व दिशा सूरज की दिशा है. यह दिशा नई शुरुआत, पॉजिटिविटी और ग्रोथ को दर्शाती है. इस दिशा में लगाया गया आईना घर में ताजी और साफ एनर्जी लाता है. इससे घर के मेंबर्स का मूड हल्का रहता है, तनाव कम होता है और लाइफ में क्लैरिटी बढ़ती है. आईना लगाने से पहले ध्यान रखने वाली जरूरी बातें आईना घर की एनर्जी को दोगुना कर देता है. इसलिए इसे गलत जगह लगाने से नेगेटिविटी भी डबल हो जाती है. यहां कुछ बातें हैं जिन्हें हमेशा याद रखें. 1. टूटा या धुंधला आईना घर में न रखें अगर आपका आईना टूटा हुआ है, किनारों से खराब है या धुंधला हो गया है तो उसे तुरंत हटा दें. ऐसा आईना घर में नेगेटिव एनर्जी बढ़ाता है और कन्फ्यूजन, टेंशन और फाइनेंशियल लॉस लाता है. 2. आईने के सामने बेड या दरवाजा न दिखे आईना अगर बेड या बेडरूम दरवाजे को रिफ्लेक्ट कर रहा है तो यह रिश्तों में टेंशन, नींद में रुकावट और मन में बेचैनी ला सकता है. कोशिश करें कि बेड आईने में दिखाई न दे. 3. किचन के सामने आईना लगाने से बचें कई लोग किचन में डेकोरेशन के लिए आईना लगा देते हैं, जबकि वास्‍तु के हिसाब से यह ठीक नहीं माना जाता. इससे घर में अनावश्यक खर्च बढ़ता है और घर की एनर्जी डिस्टर्ब होती है. 4. मंदिर या पूजा घर के सामने आईना न लगाएं आईना अगर मंदिर के सामने होगा तो यह पॉजिटिव एनर्जी को काट देता है. इससे घर में शांति कम होती है और मन बेचैन रहता है. जिस चीज को आईना रिफ्लेक्ट करे, वह हमेशा पॉजिटिव होनी चाहिए यह वास्‍तु का सबसे इंपोर्टेंट रूल है. आईना जिस चीज को रिफ्लेक्ट करेगा, उसकी एनर्जी डबल हो जाएगी. इसलिए कोशिश करें कि आईना हमेशा साफ-सुथरे कॉर्नर, ताजे फूलों, लाइट, और पॉजिटिव चीजों को ही दिखाए.     आईना इन चीजों को दिखाए तो धन-भाग्य बढ़ता है:     लाइट्स या उजाला     साफ-सुथरा लिविंग रूम     पौधे     कोई सुंदर डेकोर     खिड़की से आती सनलाइट ये चीजें घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ाती हैं और घर में खुशहाली बनाए रखती हैं.     आईने के लिए बेस्ट लोकेशन क्या है     लिविंग रूम की उत्तर या पूर्व दीवार     डाइनिंग टेबल के पास लेकिन ऐसी पोजीशन में कि खाना रिफ्लेक्ट हो     घर के एंट्रेंस से थोड़ा हटकर, लेकिन सीधे दरवाजे का रिफ्लेक्शन न दिखे     एंट्रेंस के पास लगाया गया आईना नेगेटिव एनर्जी अंदर नहीं आने देता और घर की एनेर्जी को फ्रेश बनाए रखता है. आईना लगाने से कंगाली कैसे दूर होती है वास्‍तु शास्त्र के मुताबिक घर में फैली नेगेटिव एनर्जी ही कंगाली, पैसे की रुकावट और लगातार तनाव की वजह होती है. जब आईना सही दिशा में लगाया जाता है तो यह पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाता है, जिससे:     पैसों की आवक बढ़ती है     खर्चे कंट्रोल में आते हैं     घर में शांति बढ़ती है     रिश्ते मजबूत होते हैं     कामों में तेजी आती है लोग बताते हैं कि आईना सही दिशा में लगाने के बाद उनकी लाइफ में पॉजिटिव बदलाव आया, बिजनेस में ग्रोथ हुई और घर में पैसे का फ्लो बेहतर हुआ.

पर्स में लक्ष्मी नोट रखने का महत्व: वास्तु अनुसार धन की ऊर्जा होती है मजबूत

 भारतीय वास्तु शास्त्र में धन का विशेष महत्व बताया गया है। घर, तिजोरी और धन रखने की जगहों की तरह हमारा पर्स भी ऊर्जा का केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि यदि पर्स में सही वस्तुएं हों और उसे सही तरीके से रखा जाए, तो धन की कमी कभी नहीं होती। वहीं गलत वस्तुएं रखने से पैसा रुक जाता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं। वास्तु सिद्धांतों पर आधारित यहां कुछ हिदायतें दी जा रही हैं, जो आपके पर्स में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करेंगी। हमेशा साफ-सुथरा और नया पर्स इस्तेमाल करें वास्तु के अनुसार फटा, पुराना या रंग उड़ चुका पर्स नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। ऐसा पर्स धन को रोक देता है और लक्ष्मी कृपा कम होती है। पर्स हमेशा अच्छी स्थिति में रखें, यदि पर्स खराब हो जाए तो तुरंत बदलें। पर्स में पैसे हमेशा व्यवस्थित रखें धन को अस्त-व्यस्त रखना धन देवता का अपमान माना जाता है। नोटों को मोड़कर न रखें। नोट और सिक्कों को अलग-अलग कम्पार्टमेंट में रखें। पर्स की प्रत्येक जेब का अलग उद्देश्य रखें। पर्स में बेकार चीज़ें न रखें वास्तु शास्त्र कहता है कि पर्स किसी कचरे की तरह नहीं भरना चाहिए। पुराने बिल, बेकार पर्चियां, बहुत सारे विजिटिंग कार्ड, फटे कागज़, ATM स्लिप्स। इन सभी को पर्स से तुरंत बाहर निकाल दें। सबसे महत्वपूर्ण पर्स में कभी मृत व्यक्ति की फोटो न रखें, यह धन के मार्ग को रोकता है। पर्स में रखने के शुभ और धनवर्धक उपाय पीले कागज पर लाल स्याही से 'ॐ' या 'स्वस्तिक' रखें। यह पर्स में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। पीले कागज पर लाल रंग में ‘ॐ’ या ‘स्वस्तिक’ बनाएं। इसे पारदर्शी पाउच में रखकर पर्स में रखें। यह किसी भी तरफ से फटा या गंदा न हो। खराब होने पर उसे जल में प्रवाहित करें और नया रखें। लक्ष्मी पूजा के चावल पर्स में रखें धन वृद्धि का यह सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। लक्ष्मी पूजा में अर्पित किए गए कुछ अक्षत (चावल) उन्हें लाल कपड़े में बांधकर पर्स में रखें। कहा जाता है कि इससे धन की कमी कभी नहीं होती। पर्स में हमेशा थोड़ा स्थायी धन रखें पर्स कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए। एक ₹10 या ₹50 या ₹100 का नोट हमेशा स्थायी रूप से रखें। इसे 'लक्ष्मी नोट' मानकर खर्च न करें। इसके कारण पर्स में हमेशा धन का प्रवाह बना रहता है। चांदी का छोटा सिक्का या कछुआ रखें वास्तु के अनुसार चांदी शुद्धता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। चांदी का कछुआ, चांदी का लक्ष्मी-गणेश सिक्का पर्स में रखने से धन का आकर्षण बढ़ता है।

पैसा आता है पर रुकता नहीं? अपनाएँ ये वास्तु उपाय और बढ़ाएँ समृद्धि

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर की चारदीवारी, जिसके भीतर आप रहते हैं, आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है ? जब धन हाथ में नहीं टिकता, तो अक्सर हम अपनी मेहनत या किस्मत को दोष देते हैं। लेकिन भारतीय संस्कृति का प्राचीन विज्ञान वास्तु शास्त्र एक गहरा रहस्य बताता है, आपके घर की ऊर्जा का प्रवाह ही आपके धन के ठहराव का सबसे बड़ा कारण है। तिजोरी रखने की सही दिशा वास्तु के अनुसार, आपको अपनी तिजोरी या पैसे रखने वाली अलमारी को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए। यह कोना पृथ्वी तत्व को दर्शाता है, जो स्थिरता और जमाव को बढ़ावा देता है।  तिजोरी का दरवाज़ा हमेशा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए। उत्तर दिशा को धन के देवता, कुबे  का स्थान माना जाता है। इस दिशा में खुलने से धन आकर्षित होता है और बढ़ता है। तिजोरी का मुख गलती से भी दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर नहीं खुलना चाहिए, इससे धन का तेज बहाव होता है। उत्तर-पूर्व की शुद्धता घर का उत्तर-पूर्व सबसे पवित्र और पूजनीय स्थान माना जाता है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। यह दिशा जल तत्व से भी जुड़ी है और धन-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। इस कोने में शौचालय, भारी फर्नीचर या जूते-चप्पल की रैक कभी न रखें। मुख्य द्वार के उपाय अपने घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का शुभ चिह्न बनाना बहुत ही कल्याणकारी माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है और सकारात्मकता लाता है, जिससे धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। सुनिश्चित करें कि आपके घर के दरवाज़े खोलते या बंद करते समय किसी भी तरह की चरमराहट या कर्कश आवाज दरवाज़ों को चिकनाई देकर रखें। सकारात्मक वस्तुओं का उपयोग घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में तांबे का स्वस्तिक लगाना धन के प्रवाह से संबंधित सभी रुकावटों को दूर करता है। धन को आकर्षित करने के लिए कुछ क्रिस्टल बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं। पानी की बर्बादी रोकें अगर आपके घर में कोई नल टपक रहा है तो उसे तुरंत ठीक कराएं। वास्तु शास्त्र में पानी का टपकना धन की बर्बादी का प्रतीक माना जाता है।

नकारात्मक ऊर्जा हटाने का आसान उपाय: नमक के डिब्बे में रखें यह खास पीला तत्व

वास्तु शास्त्र में नमक को नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मकता तथा समृद्धि को आकर्षित करने का एक बहुत ही शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। जब घर की सुख-समृद्धि अचानक घटने लगती है, तो माना जाता है कि घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ गया है या किसी तरह का नजर दोष लग गया है। इसी नकारात्मकता को दूर करने और घर में खुशियां, धन-संपत्ति वापस लाने के लिए नमक के डिब्बे से जुड़ा एक बहुत ही प्रभावी और सरल उपाय बताया गया है, जिसमें एक पीली चीज का इस्तेमाल किया जाता है। पीली सरसों पीली सरसों के दानों को नमक के साथ मिलाकर रखने से घर में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है। नमक की तरह ही, पीली सरसों के दाने भी बुरी नज़र और नकारात्मक ऊर्जा को तुरंत खींच लेने की क्षमता रखते हैं। ये दोनों मिलकर इस प्रक्रिया को और भी शक्तिशाली बना देते हैं। ज्योतिष शास्त्र में पीली सरसों को देव गुरु बृहस्पति का प्रतिनिधि माना जाता है। बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, समृद्धि, भाग्य और विवाह का कारक माना जाता है। जब घर में बृहस्पति की कृपा होती है, तो धन आगमन के नए रास्ते खुलते हैं, आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और घर में बरकत बनी रहती है। यह उपाय घर में पैसे के अनावश्यक खर्च को रोकने और बचत को बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है। डिब्बा कैसा हो? नमक रखने के लिए हमेशा कांच या प्लास्टिक के डिब्बे का उपयोग करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, लोहे  के बर्तन में नमक कभी नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसे राहु का कारक माना जाता है और यह नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। डिब्बे को रसोई घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना सबसे शुभ माना जाता है। उपाय करने का तरीका सबसे पहले, नमक के डिब्बे में साबुत सेंधा नमक या खड़ा नमक डालें। पिसे हुए बारीक नमक की जगह सेंधा नमक या समुद्री खड़ा नमक का उपयोग अधिक प्रभावी माना जाता है, क्योंकि यह ऊर्जा को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है। आप इन दानों को या तो किसी साफ, पीले कपड़े की छोटी पोटली बनाकर नमक के बीच में दबाकर रख सकते हैं, या फिर उन्हें सीधे ही नमक के अंदर मिला सकते हैं। यह उपाय आप गुरुवार के दिन या शुक्रवार के दिन करना शुरू कर सकते हैं, जिसे धन और समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है। नमक के डिब्बे को हमेशा भरकर रखें। नमक का डिब्बा खाली होना अशुभ माना जाता है। कब बदलें ? हर 15 दिन या महीने में एक बार पुराने नमक और सरसों को किसी बहते हुए पानी में या घर से बाहर मिट्टी में विसर्जित कर दें। फिर से नया नमक और पीली सरसों के दाने डालकर डिब्बे को भरकर रखें।  

रिश्ते होंगे और गहरे! जानें कौन-सा रंग लाता है बेडरूम में सकारात्मक ऊर्जा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का हर कोना हमारी भावनाओं और जीवन के हर पहलू पर असर डालता है। खासतौर पर बेडरूम का माहौल हमारे मानसिक संतुलन और दांपत्य जीवन से गहराई से जुड़ा होता है। इसलिए वास्तु में बेडरूम की सजावट, दिशा और रंगों को लेकर खास ध्यान देने की सलाह दी जाती है। अगर आप चाहते हैं कि आपके और आपके जीवनसाथी के बीच प्यार और समझ और भी गहरी हो, तो बेडरूम में इस्तेमाल की जाने वाली चादर के रंगों का चयन बहुत ही सोच-समझकर करें। तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार, बेडरूम मे कौन से रंग की बेडशीट का इस्तेमाल करना चाहिए। कौन-सा रंग है शुभ? वास्तु के अनुसार गुलाबी या हल्का लाल रंग प्रेम, अपनापन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि चादर का रंग न सिर्फ कमरे की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि यह पार्टनर के बीच आपसी सामंजस्य और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। वास्तु के अनुसार, गुलाबी, हल्का लाल और क्रीम रंग की बेडशीट कपल्स के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। ये रंग प्रेम, सौम्यता और गर्मजोशी का प्रतीक होते हैं, जो रिश्ते में मधुरता बनाए रखते हैं। इन रंगों की चादर बिछाने से रिश्ते में मिठास बढ़ती है और आपसी मतभेद धीरे-धीरे कम होते हैं। ये रंग न केवल कमरे का वातावरण सुकून भरा बनाते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी शांति और आकर्षण का एहसास कराते हैं। किन रंगों से करें परहेज़? बहुत गहरे या उदास रंग जैसे काला, ग्रे या भूरा रंग बेडरूम में नेगेटिविटी ला सकते हैं। ये रंग मन को भारी बना देते हैं और कभी-कभी रिश्तों में दूरी बढ़ा सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि चादर और पर्दे हल्के व सौम्य रंगों के ही हों।

वास्तु से बदलें अपने घर का माहौल: तनाव कम, प्रेम बढ़े

आजकल की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण घर में शांति और सुकून की कमी होना एक आम समस्या बन गई है। तनाव और उलझनों से भरी जिंदगी में घर का वातावरण बहुत मायने रखता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के वातावरण में बदलाव लाकर न सिर्फ शांति की अनुभूति की जा सकती है, बल्कि रिश्तों में भी सुधार हो सकता है। यदि आपके घर में तनाव बढ़ रहा है या रिश्तों में खटास आ रही है, तो कुछ वास्तु उपायों से आप घर में शांति और प्रेम ला सकते हैं। मुख्य द्वार का ध्यान रखें वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को घर की आत्मा माना जाता है। यदि यह स्थान सही नहीं है, तो घर के वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है। घर का मुख्य द्वार हमेशा साफ और व्यवस्थित होना चाहिए क्योंकि यह आपके जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का प्रवेश द्वार है। मुख्य द्वार पर कोई भी रुकावट न हो। यह हमेशा खुला और साफ रखें। द्वार के आसपास अंधेरा या गंदगी न हो। मुख्य द्वार को सिंगल डोर रखें और यदि द्वार का रंग हल्का हो, जैसे सफेद, हल्का नीला या क्रीम रंग, तो यह और भी अच्छा रहेगा। रसोई घर का स्थान सही रखें घर का रसोई घर स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोईघर का स्थान भी घर की ऊर्जा पर गहरा प्रभाव डालता है। यदि रसोईघर सही दिशा में नहीं है, तो घर में तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। रसोई घर का स्थान घर के दक्षिण-पूर्व में होना चाहिए। यह दिशा अग्नि से संबंधित है और रसोई के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। सोने के कमरे का वास्तु ध्यान रखें सोने का कमरा घर में शांति और आराम का स्थान होता है। यदि यह कमरा वास्तु के अनुसार नहीं है, तो इसका असर आपकी नींद, मानसिक स्थिति और रिश्तों पर पड़ सकता है। बेड का सिरहाना दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। यह दिशा मानसिक शांति और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है।बेड के नीचे कोई भी अव्यवस्था न हो, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है। पानी का सही प्रबंधन वास्तु शास्त्र में पानी का महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि पानी का प्रवाह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। घर में पानी से संबंधित स्थानों पर ध्यान देने से शांति और प्रेम बढ़ सकता है। घर में पानी के स्रोत जैसे जल टंकी, बर्तन धोने का स्थान या पानी के बर्तन हमेशा साफ और व्यवस्थित रखने चाहिए। घर में कोई भी पानी की नलकी या पाइप लीक न हो। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कर सकता है। पानी का स्थान घर के उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। फूलों और पौधों का महत्व प्राकृतिक ऊर्जा के स्रोत जैसे फूल और पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। वास्तु के अनुसार, घर में पौधों और फूलों का होना शांति और खुशी को बढ़ाता है। घर में हरे पौधे रखें, विशेषकर तुलसी, बांस और मनी प्लांट जैसे पौधे। घर के अंदर मृत पौधे या मुरझाए फूल न रखें। कंटीली पौधों को घर के अंदर न रखें क्योंकि वे नकारात्मकता का प्रतीक होते हैं।

वास्तु के अनुसार सजाएं घर का हर कोना, दिवाली पर मिलेगी सुख-समृद्धि

दिवाली एक ऐसा त्योहार है जब लोग अपने घरों को सजाते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के विभिन्न कोनों को सजाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। दिवाली पर घर सजाने के लिए वास्तु के अनुसार प्रत्येक दिशा का महत्व है। सही दिशा में सजावट से न केवल घर की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी होता है। ध्यान रखें कि सजावट के साथ-साथ सफाई और व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हैं। इस दिवाली अपने घर को सकारात्मकता और खुशियों से भरपूर बनाएं और अपने परिवार के साथ खुशहाल समय बिताएं। आइए जानें कि दिवाली से पहले घर के किस कोने को सजाना चाहिए और इसके पीछे के वास्तु सिद्धांतों के बारे में। मुख्य प्रवेश द्वार मुख्य प्रवेश द्वार को सजाना सबसे महत्वपूर्ण है। इसे स्वच्छ और आकर्षक रखना चाहिए। आप यहां रंगोली बना सकते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। प्रवेश द्वार पर दीपक या मोमबत्तियां रखना भी शुभ माना जाता है। इससे घर में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होता है। उत्तर-पूर्व दिशा उत्तर-पूर्व दिशा को ‘ईशान कोण’ कहा जाता है और इसे आध्यात्मिकता और सकारात्मकता का केंद्र माना जाता है। यहां पर सफेद और हल्के रंगों का उपयोग करें। इस क्षेत्र में पौधों या फूलों के गुलदस्ते रखने से ऊर्जा का संचार बढ़ता है। आप इस दिशा में पूजा का स्थान भी स्थापित कर सकते हैं। दक्षिण-पूर्व दिशा दक्षिण-पूर्व दिशा को धन की दिशा माना जाता है। इसे सजाने के लिए आप यहां पर दीपक और सजावटी वस्त्र रख सकते हैं। इस दिशा में बर्तन या धातु की वस्तुएं रखने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। आप यहां पर ताजे फूल भी रख सकते हैं, जिससे सकारात्मकता बनी रहे। दक्षिण दिशा दक्षिण दिशा को शक्ति और स्थिरता का स्थान माना जाता है। इस दिशा में काले, भूरे और नीले रंग का उपयोग करें। यहाँ पर मजबूत और सुंदर सजावटी सामान रखें। यह दिशा घर में सुरक्षा और स्थिरता लाने में मदद करती है। पश्चिम दिशा पश्चिम दिशा को संतान सुख की दिशा माना जाता है। इस दिशा में तस्वीरें, स्मृति चिन्ह या सजावटी सामान रखकर सजाएं। यहां पर रंगीन कैंडल या मोमबत्तियां रखना भी शुभ है। यह दिशा घर के सदस्यों के बीच प्यार और सामंजस्य को बढ़ाती है। कमरे का केंद्र घर के केंद्र को ‘ब्रह्मस्थान’ कहा जाता है। इसे खाली और स्वच्छ रखना चाहिए। यहां पर सजावट करते समय हल्के रंगों का प्रयोग करें। इस स्थान को रोशनी से भरपूर रखें। इससे पूरे घर में सकारात्मकता और ऊर्जा बनी रहती है। बाथरूम और शौचालय दिवाली पर इन जगहों को भी सजाने का ध्यान रखें। यहां पर सफाई और सुव्यवस्था बनाए रखें। इन स्थानों को खुशबूदार तेल या अगरबत्ती से सुगंधित करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहेगा।

वास्तु के अनुसार डाइनिंग टेबल पर क्या न रखें: बचने के टिप्स

घर में यदि आपने डायनिंग टेबल को गलत दिशा में रखा है। या उस पर आप कुछ ऐसी चीजें रखते हैं, जो वहां नहीं रखनी चाहिए, तो इससे वास्तु दोषलगता है। इसकी वजह से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। आर्थिक परेशानी की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा करियर और वैवाहिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। तो देर किस बात की है। चलिए जानते हैं कि डायनिंग टेबल को किस दिशा में रखना चाहिए। उस पर क्या चीजें नहीं रखनी चाहिए। ऐसी जगह लगाएं डायनिंग टेबल     परिवार एकता और सुख-शांति के लिए डाइनिंग टेबल को घर के उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखें।     डाइनिंग टेबल को दीवार से सटाकर नहीं रखना चाहिए। उसके उसके चारों ओर पर्याप्त जगह हो।     खाना खाते समय इस तरह से बैठना चाहिए कि किसी भी सदस्य का मुंह दक्षिण दिशा में नहीं हो।     डाइनिंग टेबल पर हमेशा साफ-सुथरी और स्वच्छ हो और उसके आस-पास कोई भी नकारात्मक ऊर्जा नहीं हो। डाइनिंग टेबल ये चीजें नहीं रखें घर के डाइनिंग टेबल पर  दवाएं नहीं रखना चाहिए। बीमार व्यक्ति के साथ यह घर के अन्य सदस्यों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। इसके अलावा कटलरी सेट को खाने के बाद डायनिंग टेबल से हटा देना चाहिए। नुकीली चीजों जैसे कांटे, कैंची और चाकू को खाने के बाद वहां से हटा देना चाहिए। डाइनिंग टेबल पर चाबियां रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। लिहाजा, उन्हें सही जगह पर वॉरडोब के अंदर या चाभियां टांगने की जगह पर व्यवस्थित तरह से रखें। डाइनिंग टेबल पर बिना उपयोग की चीजें या गंदी चीजें नहीं रखनी चाहिए। इसके अलावा डाइनिंग टेबल पर बाहर से लाया गया सामान जैसे बैग, किताबें, आदि नहीं रखनी चाहिए। क्लीनिंग से जुड़े सामान जैसे डस्टर, पोंछा, आदि को भी डाइनिंग टेबल पर नहीं रखना चाहिए। यदि आप इन छोटी-छोटी लेकिन काम की बातों का ध्यान रखेंगे, तो घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी।  

घर में करें वास्तु अनुसार बदलाव, रुक जाएगी पैसों की बर्बादी

अगर आप अपने घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। कई बार बहुत ज्यादा मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार परिणाम नहीं मिल पाते, जिसका एक कारण वास्तु दोष का भी माना जाता है। दिशाओं का रखें ध्यान वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व माना गया है और इससे संबंधित कुछ नियम भी बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी से संबंधित चीजों को हमेशा घर की उत्तर दिशा में रखना चाहिए जैसे बोरिंग, फाउंटेन या फिर पानी की टंकी आदि। इसी के साथ उत्तर दिशा में धन या तिजोरी को रखने से भी आपको लाभ मिल सकता है। वहीं, वास्तु के मुताबिक घर की पूर्व दिशा को जितना हो सके हमेशा खाली रखना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को भी खाली और साफ-सुथरा रखना चाहिए। इसके साथ ही पृथ्वी तत्व को मजबूत करने के लिए आप इस जगह पर भारी लकड़ी का फर्नीचर रख सकते हैं। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से फिजूल खर्चों पर रोक लग सकती है। इन दिशाओं में ये छोटे-छोटे बदलाव करने पर आपको काफी फायदा देखने को मिल सकता है। इन गलतियों लग सकता है वास्तु दोष अगर आप कुछ वास्तु नियमों की अनदेखी करते हैं, तो इससे भी धन की बर्बादी का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन के ठीक सामने बाथरूम नहीं बनवाना चाहिए। इसी के साथ घर में कभी भी खराब घड़ी नहीं लगानी चाहिए। यह भी धन खर्च का कारण बन सकती है। इन सभी नियमों की अनदेखी करने पर भी व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। जिसकी वजह से व्यक्ति को पैसों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  

सीढ़ियों के नीचे रखने योग्य और न रखने योग्य चीजें: जानिए वास्तु टिप्स

हर घर में जगह का पूरा इस्तेमाल करने के लिए लोग अक्सर सीढ़ियों के नीचे की खाली जगह का इस्तेमाल करना चाहते हैं। खाली जगह है, तो जरूर उसका उपयोग होना चाहिए। मगर, साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों के नीचे की एनर्जी कुंठित होती है। दरअसल, सीढ़ियों को घुमावदार बनाया जाता है। इससे सीढ़ियों के नीचे की एनर्जी अस्त-व्यस्त और निगेटिविटी से भर जाती है। लिहाजा, कुछ चीजों को सीढ़ियों के नीचे नहीं रखना चाहिए। आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि आपको किन चीजों को वहां रखने से परहेज करना चाहिए और किन चीजों को रख सकते हैं वहां। पेट्स के बैठने की जगह सीढ़ियों के नीचे की जगह का इस्तेमाल पेट्स को रखने के लिए नहीं करना चाहिए। वहां की अस्त-व्यस्त एनर्जी की वजह से पेट का संतुलन बिगड़ सकता है। वह मानसिक तौर पर परेशान हो सकता है। उसका व्यवहार आक्रामक हो सकता है। या वह बीमार हो सकता है। लिहाजा, ऐसा नहीं करें। पढ़ने की जगह न बनाएं सीढ़ियों के नीचे स्टडी टेबल लगाकर उसे पढ़ने की जगह के रूप में इस्तेमाल नहीं करें। यदि आप ऐसा करते हैं, तो आप पाएंगे कि बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। साथ ही वह अपनी स्टडीज पर फोकस भी नहीं कर पाएगा। भगवान का मंदिर नहीं बनाएं सीढ़ियों पर पैर रखकर आप चलते हैं। उसके नीचे मंदिर होने का मतलब है कि आप भगवान के ऊपर पैर रखकर निकल रहे हैं। इसका निगेटिव असर आपके घर में होने लगता है और कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं। साथ ही वहां ऐसी कोई अलमारी न रखें, जिसमें आप पैसे रखते हैं। दरअसल, रुपए-पैसे मां लक्ष्मी और कुबेर से संबंधित हैं। सीढ़ियों के नीचे उन्हें रखने से आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। घर में घन की बचत कम हो सकती है। क्या रखें सीढ़ियों के नीचे सीढ़ियों के नीचे की जगह को खाली छोड़ देना बेहतर होगा। हालांकि, यदि आप उस जगह का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उसे स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा उस जगह का इस्तेमाल आप जूते रखने का रैक के रूप में भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप कभी-कभार उपयोग होने वाले बर्तन आदि रखने के लिए भी इस जगह का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस जगह पर आप गमले में लगाकर छोटे पौधे रख सकते हैं, जो आपके घर के इंटीरियर को चार चांद लगा सकता है।