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अगर रसोई में बार-बार गिर रहा है नमक या दूध, तो अनदेखा न करें! जानिए दोष निवारण के आसान उपाय

रसोई, घर का एक जरूरी हिस्सा है, जिसमें देवी अन्नपूर्णा का वास माना जाता है। वास्तु शास्त्र में रसोई से संबंधित कई नियम भी बताए गए हैं। रसोई में खाना बताने समय कुछ चीजों का गिरना आम बात लग सकती है, लेकिन अगर ये चीजें बार-बार गिर रही हैं, तो यह आपके लिए वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। बढ़ सकती हैं समस्याएं नमक, हमारे भोजन का एक जरूरी हिस्सा है, जिसके बिना भोजन का स्वाद अधूरा है। अगर किचन में आपसे बार-बार नमक गिर जाता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। इसका कारण वास्तु दोष हो सकता है। नमक को शुक्र और चंद्रमा ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में बार-बार नमक का गिरना, खासकर हाथ से गिरना आर्थिक तंगी, धन की हानि, नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने का संकेत हो सकता है। उपाय –  इस दोष से बचने के लिए आपको शुक्रवार के दिन सफेद चीजों का दान करना चाहिए। इसके साथ ही इस बात का ध्यान भी ध्यान रखें कि गिरे हुए नमक को पैर से छूने या हटाने से बचें। नमक को साफ करने के बाद नमक के पानी से पोछा लगाना चाहिए। हो सकती हैं ये समस्याएं अगर आपसे बार-बार रसोई में सरसों का तेल गिर जाता है, तो यह भी शुभ नहीं माना जाता। सरसों के तेल को शनि देव से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इसका बार-बार गिरने का अर्थ है कि आपको कार्यों में बाधाओं, शनि दोष, या धन की हानि का सामना करना पड़ सकता है। उपाय – गिरे हुए तेल पर आटा छिड़कें, थोड़ी देर बाद उस आटे को किसी जानवर को खिला दें। इसके साथ ही दोष से मुक्ति के लिए शनिवार के दिन शनि देव पर तेल चढ़ाएं और एक पात्र में सरसों का तेल का दान करें। बार-बार दूध गिरने का अर्थ कई बार दूध गर्म करने पर वह उबलकर बाहर आ जाता है, जो एक आम बात है, लेकिन अगर आपके साथ यह बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल भी न करें। दूध के बार-बार गिरने का अर्थ माना जाता है कि आपका चंद्रमा कमजोर है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि की कमी हो सकती है। साथ ही यह अन्नपूर्णा देवी की नाराजगी का भी संकेत हो सकता है। उपाय – इस दोष से बचने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं और चंद्र देव को जल अर्पित करें। इसके साथ ही गाय को भोजन कराना भी एक अच्छा उपाय है। इन चीजों का गिरना भी है अशुभ अगर रसोई में काम करते समय आपसे बार-बार चावल गिर जाते हैं, तो यह माना जाता है कि इससे घर में झगड़े और तनाव आदि बढ़ सकता है। वहीं अगर पका हुआ खाना बार-बार गिरना है, तो इसे मां अन्नपूर्णा के अपमान के रूप में देखा जाता है। उपाय – गिरे हुए सामान को तुरंत साफ करना चाहिए और उस स्थान को नमक-नींबू के पानी से पोंछें। साथ ही इस दोष से बचने के लिए आपको किसी मंदिर में जाकर गरीबों को भोजन करवाना चाहिए और प्रसाद बंटवाना चाहिए।  

घर में इन मूर्तियों को लगाना है शुभ, होती है धन की वर्षा! जानें कहां और कौन सी मूर्तियां रखें

घर खूबसूरत दिखे ये हर कोई चाहता है. कई बार घर को हम सजा तो लेते हैं लेकिन वास्तु के नियमों की अनदेखी कर देते हैं. जाने- अनजाने में की गई यह अनदेखी कई बार भारी पड़ जाती है. क्योंकि कुछ चीजें पॉजिटिव ऊर्जा वाली होती हैं तो कुछ चीजें निगेटिव ऊर्जा वाली होती हैं. इसलिए, घर की सजावट करते समय यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि कौन सी वस्तु कहां रखी जाए, ताकि घर में हमेशा सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बनी रहे.  सही मूर्तियों को घर में रखने से न सिर्फ सौंदर्य बढ़ता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन भी बना रहता है. साथ ही, मूर्तियों को रखने की दिशा और स्थान भी वास्तु शास्त्र के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं.  गणेश जी की मूर्ति गणेश जी को विद्या, बुद्धि और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है. इन्हें हमेशा घर के मुख्य द्वार के पास या पूजा स्थान में रखा जाता है.उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा गणेश जी की मूर्ति रखने के लिए सबसे शुभ मानी जाती है. लक्ष्मी माता की मूर्ति लक्ष्मी माता धन और समृद्धि की देवी हैं. इन्हें घर के धन स्थान (तिजोरी या कैश अलमारी) या पूजा स्थान में रखें. इन्हें उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है. व्यास या बुद्ध की मूर्ति बुद्ध की मूर्ति घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाती है. इसे हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में रखें और इसका सामना प्रवेश द्वार की ओर न हो. इससे घर में मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है.  सिंह या रक्षक देवता की मूर्ति सिंह या अन्य रक्षक देवता की मूर्ति घर में सुरक्षा और ताकत का प्रतीक हैं. इसे घर के मुख्य द्वार के पास या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें. यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करती है.  हंसों का जोड़ा वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में हंसों के जोड़े की मूर्ति लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और सामंजस्य बढ़ाने में मदद करता है. बेडरूम में हंसों की जोड़ी रखना विशेष रूप से लाभकारी होता है. वहीं, गेस्ट रूम में यह मूर्ति रखने से घर में धन-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है.

Vastu Tips: समझें, मां लक्ष्मी की नाराजगी के संकेत, सुख-समृद्धि के लिए क्या करें

हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को बहुत ही पूजनीय माना जाता है, इनको धन की देवी के नाम से भी जाना जाता है. कहते हैं कि जिसपर भी मां लक्ष्मी अपनी कृपादृष्टि बरसाती है, उस जातक का जीवन खुशियों और धन-दौलत से भर जाता है. मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति न केवल सुख-समृद्धि हासिल करता है बल्कि ऐश्वर्य भी करता है. लेकिन, अगर मां लक्ष्मी जातक से रुष्ट हो जाए तो उस व्यक्ति जीवन में कष्टों का सामना भी करना पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जब भी मां लक्ष्मी नाराज होती हैं तो जातक को कुछ अशुभ संकेत दिखने लगते हैं. आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में.  सोना-चांदी का खोना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर बार बार आपकी सोने-चांदी की वस्तुएं खो रही हैं तो इसे बिल्कुल भी शुभ संकेत नहीं माना जाता है. बल्कि, यह मां लक्ष्मी के नाराज होने का संकेत माना जाता है.  घर में अचानक खर्चो का बढ़ जाना अगर अचानक घर में बिना वजह खर्च बढ़ने लगें, पैसे आते ही खत्म हो जाएं या बचत न हो पाए, तो यह भी मां लक्ष्मी की नाराजगी का संकेत है. यह संकेत भविष्य में आने वाली समस्याओं की ओर भी इशारा देता है.   धन हानि से जुड़े स्वप्न आना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपको धन की हानि या नुकसान से जुड़े कोई स्वप्न आ रहे हैं तो यह भी बहुत ही अशुभ संकेत माना जाता है. इसका अर्थ यह है कि आने वाले समय में  को पैसों से जुड़ा कोई नुकसान होने वाला है. तुलसी का सूखना वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी या घर के अन्य शुभ पौधे बिना वजह सूखने लगें, पत्तियां पीली हो जाएं या पौधे बढ़ना बंद कर दें, तो यह मां लक्ष्मी की कृपा कम होने का संकेत माना जाता है.  घर में लगातार झगड़े या तनाव परिवार में छोटी-छोटी बातों पर बहस या झगड़े होने लग जाएं तो यह भी मां लक्ष्मी की अप्रसन्नता का संकेत माना गया है. जहां कलह होता है, वहां लक्ष्मी ठहरती नहीं हैं. यह मान्यता शास्त्रों में भी मिलती है.

घर की सुंदरता और भाग्य बढ़ाने के लिए अपनाएं ये सरल वास्तु उपाय

वास्तु शास्त्र में माना गया है कि कुछ शुभ चीजों को घर में रखने से पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ता है और नेगेटिविटी कम होती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन चीजों को घर में रखने से आपके सौभाग्य  में वृद्धि हो सकती है। ये मूर्ति है शुभ वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में कछुए की मूर्ति रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर बनी रहती है। ऐसे में आप इस मूर्ति को घर की उत्तर या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं। वास्तु शास्त्र में घर में धातु जैसे पीतल, सोना या फिर चांदी से बनी कछुए की मूर्ति या फिर क्रिस्टल का कछुआ रखना भी काफी शुभ माना गया है। जरूर रखें ये पौधे हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय दर्जा दिया गया है। लगभग हर हिंदू घर में यह पौधा जरूर पाया जाता है। वास्तु में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व बताया गया है। अगर आप घर के आंगन या बालकनी में लगाते हैं, तो इससे आपको काफी अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। इसके साथ ही वास्तु में यह माना गया है कि इसे घर की उत्तर या फिर उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से भी घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ता है। इसके साथ ही आप गुडलक बढ़ाने के लिए घर में बांस और मनी प्लांट का पौधा भी रख सकते हैं। लगा सकते हैं ये तस्वीरें वास्तु शास्त्र में कुछ तस्वीरों को काफी शुभ माना गया है। इन्हें घर में लगाने से आपके सुख-सौभाग्य में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में आप वास्तु के अनुसार घर में पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर, 7 भागते हुए घोड़ों वाली तस्वीर और प्राकृतिक दृश्य जैसे झरने, पहाड़ आदि की तस्वीर लगा सकते हैं। ये तस्वीरें परिवार के गुडलक को बढ़ाती हैं। घर से हटाएं ये चीजें कुछ चीजें आपके घर में नेगेटिविटी पैदा कर सकती हैं। ऐसे में अपने घर से पुरानी, बेकार पड़ी या टूटी हुई वस्तुओं को हटा देना चाहिए। इसके साथ ही वास्तु में यह भी माना गया है कि बंद घड़ी को भी घर में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ये सभी चीजें नकारात्मकता को बढ़ाती हैं। इसके साथ ही खराब हो चुके उपकरण या फिर बेकार पड़े सामान को भी घर में नहीं रखना चाहिए, वरना इससे नेगेटिविटी बढ़ती है और गुडलक घटता है।  

मनी प्लांट लगाने के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा? वजह बन सकती हैं ये आम गलतियां

जैसा कि नाम से ही जाहिर है, मनी प्लांट को धन आकर्षित करने वाला पौधा माना गया है। यदि आप वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए यदि घर में मनी प्लांट का पौधा लगाते हैं, तो इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ता है। लेकिन अगर आपको मनी प्लांट लगाने से शुभ परिणाम नहीं मिल रहे हैं, तो इसके पीछे आपकी कुछ गलतियां हो सकती हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में। इन दिशा में लगाएं पौधा वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट लगाने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को सबसे अच्छा माना गया है। इस दिशा में मनी प्लांट लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि मनी प्लांट को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आपको आर्थिक समस्याएं झेलनी पड़ सकती है।   रखें इन बातों का ध्यान मनी प्लांट का पौधा लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल को इस तरह लगाएं कि वह ऊपर की ओर बढ़ता हुआ हो। ऐसा करना शुभ माना जाता है। वहीं इस बात का भी ध्यान रखें कि बेल जमीन को न छुए। इसके साथ ही मनी प्लांट के पौधे को सूखने से भी बचाना चाहिए और इसके सूखी हुई और पीली पत्तियों को हटाते रहना चाहिए। अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं, तो आपको मनी प्लांट लगाने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। न करें ये गलतियां कई लोगों का मानना है कि मनी प्लांट को चोरी करके लगाना अच्छा होता है, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, मनी प्लांट को घर के बाहर नहीं बल्कि अंदर लगाना चाहिए। साथ ही इसे किसी अंधेरे वाले स्थान या बाथरूम के पास न रखें। आप इसे किसी कांच की बोतल या गमले में लगा सकते हैं। इन बातों का ध्यान रखने से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।  

करियर ग्रोथ क्यों थम जाती है? जानें कौन से डेस्क प्लांट्स रोकते हैं तरक्की

हमारा कार्यस्थल वह स्थान है जहां हम अपने दिन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बिताते हैं। इसलिए, यहां की ऊर्जा हमारे प्रदर्शन, मनोदशा और करियर की सफलता को सीधे प्रभावित करती है। प्राचीन भारतीय वास्तु शास्त्र और चीनी फेंग शुई दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि आसपास रखी गई वस्तुएं विशेषकर जीवित पौधे, एक विशेष प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। पौधों का चुनाव करते समय, हमें केवल उनके सौंदर्य को नहीं देखना चाहिए बल्कि उनके ऊर्जावान प्रतीकवाद को समझना चाहिए। गलत पौधे रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक सकता है, जिससे तनाव, टकराव और व्यवसायिक बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानते हैं, वे कौन से पौधे हैं जिनसे ऑफिस डेस्क पर बचना चाहिए और क्यों: कांटेदार या नुकीले पत्ते वाले पौधे वास्तु और फेंग शुई दोनों में माना जाता है कि नुकीले और कांटेदार पौधे तीक्ष्ण ऊर्जा पैदा करते हैं, जो रिश्तों में तनाव, टकराव और आक्रमण की भावना को बढ़ावा देती है। ये ऊर्जाएं अक्सर आपके आसपास के लोगों के साथ आपके संबंधों को बिगाड़ती हैं। ऑफिस डेस्क पर ये पौधे रखने से आपके सहकर्मियों और वरिष्ठों के साथ आपके संबंध खराब हो सकते हैं। काम का माहौल तनावपूर्ण हो जाता है, जिससे टीमवर्क और सकारात्मक समीक्षा की संभावनाएं कम हो जाती हैं। बोनसाई के पौधे बोनसाई एक छोटे से बर्तन में पौधे के प्राकृतिक विकास को जानबूझकर रोकता है। यह रुकावट और सीमित विकास की ऊर्जा का प्रतीक है। कार्यक्षेत्र में, यह प्रतीकवाद बताता है कि आपका करियर का विकास अवरुद्ध हो गया है या आपकी प्रगति धीमी हो गई है। यह अवचेतन रूप से आपकी महत्वाकांक्षाओं को दबाता है और आपकी करियर की वृद्धि को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्रमोशन मिलने में अप्रत्याशित देरी हो सकती है। मुरझाए हुए या मृत पौधे  मृत या मुरझाए हुए पौधे उदासी, अस्वस्थता और निराशा की ऊर्जा का स्पष्ट प्रतीक हैं। ये यिन ऊर्जा को दर्शाते हैं, जो निष्क्रिय और नकारात्मक होती है। वास्तु में इन्हें दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। यदि आपकी डेस्क पर जीवनरहित पौधे हैं, तो यह आपके कार्य में गति की कमी को दर्शा सकता है। यह न केवल आपकी मानसिक ऊर्जा को कम करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आप अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह हैं, जो प्रमोशन के लिए एक असुरक्षित संकेत है। गहरा रंग या अत्यधिक झाड़ीदार पौधे फेंगशुई में गहरे, घने पौधे बहुत अधिक यिन ऊर्जा पैदा करते हैं, जो कार्यक्षेत्र की तेज और सक्रिय यांग ऊर्जा के लिए उपयुक्त नहीं है। अत्यधिक घनापन ऊर्जा के प्रवाह को अवरुद्ध करता है और स्थान को अंधकारमय बनाता है। डेस्क पर ये पौधे रखने से काम में आलस्य, थकान और निर्णय लेने में अस्पष्टता आ सकती है। इससे आपकी कार्यक्षमता घटती है और आप अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं, जिसका सीधा असर आपके प्रमोशन पर पड़ता है। लटकने या बेल वाले पौधे वास्तु के अनुसार, बेल या लटकने वाले पौधे यदि जमीन की ओर बढ़ते हैं या नीचे की ओर लटकते हैं, तो यह करियर में गिरावट या रुकावट को दर्शाता है। इन्हें ऊपर की ओर सहारा देकर रखना चाहिए। यदि ये अनियंत्रित रूप से लटक रहे हैं, तो यह नियंत्रण की कमी को दर्शा सकता है, जो प्रमोशन के समय आपकी लीडरशिप क्षमताओं पर सवाल खड़े कर सकता है।

रसोई के नियमों को न करें नजरअंदाज, वरना भुगतने पड़ सकते हैं गंभीर परिणाम

घर का किचन केवल खाना पकाने की जगह नहीं है, बल्कि यह घर की ऊर्जा, समृद्धि और परिवार के स्वास्थ्य का मुख्य केंद्र माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में की गई कुछ गलतियां अशुभ फल देती हैं। जिससे आर्थिक नुकसान, बीमारी और घर की खुशियों में कमी आ सकती है। आइए जानते हैं वे किचन वास्तु नियम जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किचन में टूटे बर्तन रखना बन सकता है दरिद्रता का कारण वास्तु शास्त्र के अनुसार टूटे या चटक गए बर्तन किचन में नहीं रखने चाहिए। ये नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत होते हैं। इससे घर में समृद्धि रुक जाती है। अचानक आने वाली आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं। पारिवारिक कलह की संभावना भी बढ़ती है। वास्तु उपाय: टूटे बर्तनों को तुरंत बाहर कर दें, चाहे उनका भावनात्मक या आर्थिक मूल्य कुछ भी हो। रसोई में दवाइयां रखना बेहद अशुभ कई घरों में सुविधा के लिए दवाइयां किचन में रख दी जाती हैं लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे बड़ा दोष माना गया है। इससे परिवार के लोग बार-बार बीमार पड़ सकते हैं। लंबे समय तक चलने वाली स्वास्थ्य समस्याएं बनी रहती हैं। आर्थिक खर्च और टेंशन बढ़ती है। वास्तु उपाय: दवाइयां हमेशा बेडरूम, स्टडी या अलमारी में रखें लेकिन किचन में कभी नहीं रखें। जूठे बर्तन रात भर किचन में न छोड़ें वास्तु शास्त्र बताता है कि जूठे बर्तन किचन में छोड़ देना घर में दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है। माता लक्ष्मी इससे कुपित होती हैं। घर का वातावरण भारी और अशांत होता है। पैसे की तंगी और भाग्य का साथ न मिलना जैसी परेशानियां बढ़ती हैं। वास्तु उपाय: कोशिश करें कि सोने से पहले सिंक पूरी तरह साफ हो। किचन में कूड़ेदान और झाड़ू रखना भारी भूल कई बार जगह की कमी के कारण लोग किचन में कूड़ेदान या झाड़ू रख देते हैं लेकिन वास्तु में यह अत्यंत अशुभ माना जाता है। इससे कर्ज बढ़ने की संभावना होती है। परिवार पर लगातार आर्थिक दबाव रहता है। स्वास्थ्य और मानसिक शांति दोनों प्रभावित होती हैं। वास्तु उपाय: कूड़ेदान को किचन से बाहर रखें। झाड़ू को ऐसी जगह रखें जहां वह नजर न आए, खासकर किचन में नहीं।

सही दिशा में आईना रखने से बदल सकती है आपकी किस्मत, वास्तु के अनुसार बढ़ेगा घर का सौभाग्य

Vastu Tips for Mirror: आजकल हर कोई चाहता है कि उसके घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहे, पैसा रुके नहीं और लाइफ में लगातार ग्रोथ होती रहे. लोग मेहनत तो खूब करते हैं, लेकिन कई बार घर की नेगेटिव एनर्जी या गलत प्लेसमेंट की वजह से प्रोग्रेस स्लो हो जाती है. खासकर वास्‍तु शास्त्र में आईने को बहुत महत्व दिया गया है. कहते हैं कि घर में रखा हुआ आईना सिर्फ आपका चेहरा नहीं दिखाता, बल्कि आपके घर की एनर्जी को भी रिफ्लेक्ट करता है. अगर आईना सही दिशा में लगाया जाए तो यह घर में धन, सुख और प्रगति लाता है, लेकिन गलत दिशा में रखा जाए तो यह परेशानी, कंगाली और लगातार चल रही दिक्कतों को और बढ़ा देता है. इसलिए आजकल हर कोई यह समझना चाहता है कि आखिर आईने को किस दिशा में लगाना चाहिए ताकि घर का लक चेंज हो, पैसों की आवक बढ़े और फैमिली लाइफ भी स्मूद चले. इसी वजह से आज हम आपको बता रहे हैं कि आईना किस दिशा में रखने से किस्मत चमकती है और किन गलतियों से हमेशा बचना चाहिए. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी. आईना किस दिशा में रखना शुभ माना गया है वास्‍तु के एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आईना हमेशा ऐसी दिशा में होना चाहिए जहां से पॉजिटिव एनर्जी बढ़े. सबसे अच्छा ऑप्शन माना गया है उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा. यह दोनों दिशाएं घर में प्रोग्रेस और पॉजिटिविटी को अट्रैक्ट करती हैं. कहा जाता है कि अगर आप आईना इन दिशाओं में लगाते हैं तो घर के अंदर एनेर्जी का फ्लो अच्छा रहता है और धन-भाग्य भी बढ़ता है. 1. उत्तर दिशा उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है. कुबेर को धन का देवता कहा गया है. इसलिए इस दिशा में आईना लगाने से पैसों की रुकावट कम होती है और फाइनेंस से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. घर में पैसा टिकने लगता है और खर्चे भी कंट्रोल में आते हैं. 2. पूर्व दिशा पूर्व दिशा सूरज की दिशा है. यह दिशा नई शुरुआत, पॉजिटिविटी और ग्रोथ को दर्शाती है. इस दिशा में लगाया गया आईना घर में ताजी और साफ एनर्जी लाता है. इससे घर के मेंबर्स का मूड हल्का रहता है, तनाव कम होता है और लाइफ में क्लैरिटी बढ़ती है. आईना लगाने से पहले ध्यान रखने वाली जरूरी बातें आईना घर की एनर्जी को दोगुना कर देता है. इसलिए इसे गलत जगह लगाने से नेगेटिविटी भी डबल हो जाती है. यहां कुछ बातें हैं जिन्हें हमेशा याद रखें. 1. टूटा या धुंधला आईना घर में न रखें अगर आपका आईना टूटा हुआ है, किनारों से खराब है या धुंधला हो गया है तो उसे तुरंत हटा दें. ऐसा आईना घर में नेगेटिव एनर्जी बढ़ाता है और कन्फ्यूजन, टेंशन और फाइनेंशियल लॉस लाता है. 2. आईने के सामने बेड या दरवाजा न दिखे आईना अगर बेड या बेडरूम दरवाजे को रिफ्लेक्ट कर रहा है तो यह रिश्तों में टेंशन, नींद में रुकावट और मन में बेचैनी ला सकता है. कोशिश करें कि बेड आईने में दिखाई न दे. 3. किचन के सामने आईना लगाने से बचें कई लोग किचन में डेकोरेशन के लिए आईना लगा देते हैं, जबकि वास्‍तु के हिसाब से यह ठीक नहीं माना जाता. इससे घर में अनावश्यक खर्च बढ़ता है और घर की एनर्जी डिस्टर्ब होती है. 4. मंदिर या पूजा घर के सामने आईना न लगाएं आईना अगर मंदिर के सामने होगा तो यह पॉजिटिव एनर्जी को काट देता है. इससे घर में शांति कम होती है और मन बेचैन रहता है. जिस चीज को आईना रिफ्लेक्ट करे, वह हमेशा पॉजिटिव होनी चाहिए यह वास्‍तु का सबसे इंपोर्टेंट रूल है. आईना जिस चीज को रिफ्लेक्ट करेगा, उसकी एनर्जी डबल हो जाएगी. इसलिए कोशिश करें कि आईना हमेशा साफ-सुथरे कॉर्नर, ताजे फूलों, लाइट, और पॉजिटिव चीजों को ही दिखाए.     आईना इन चीजों को दिखाए तो धन-भाग्य बढ़ता है:     लाइट्स या उजाला     साफ-सुथरा लिविंग रूम     पौधे     कोई सुंदर डेकोर     खिड़की से आती सनलाइट ये चीजें घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ाती हैं और घर में खुशहाली बनाए रखती हैं.     आईने के लिए बेस्ट लोकेशन क्या है     लिविंग रूम की उत्तर या पूर्व दीवार     डाइनिंग टेबल के पास लेकिन ऐसी पोजीशन में कि खाना रिफ्लेक्ट हो     घर के एंट्रेंस से थोड़ा हटकर, लेकिन सीधे दरवाजे का रिफ्लेक्शन न दिखे     एंट्रेंस के पास लगाया गया आईना नेगेटिव एनर्जी अंदर नहीं आने देता और घर की एनेर्जी को फ्रेश बनाए रखता है. आईना लगाने से कंगाली कैसे दूर होती है वास्‍तु शास्त्र के मुताबिक घर में फैली नेगेटिव एनर्जी ही कंगाली, पैसे की रुकावट और लगातार तनाव की वजह होती है. जब आईना सही दिशा में लगाया जाता है तो यह पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाता है, जिससे:     पैसों की आवक बढ़ती है     खर्चे कंट्रोल में आते हैं     घर में शांति बढ़ती है     रिश्ते मजबूत होते हैं     कामों में तेजी आती है लोग बताते हैं कि आईना सही दिशा में लगाने के बाद उनकी लाइफ में पॉजिटिव बदलाव आया, बिजनेस में ग्रोथ हुई और घर में पैसे का फ्लो बेहतर हुआ.

पर्स में लक्ष्मी नोट रखने का महत्व: वास्तु अनुसार धन की ऊर्जा होती है मजबूत

 भारतीय वास्तु शास्त्र में धन का विशेष महत्व बताया गया है। घर, तिजोरी और धन रखने की जगहों की तरह हमारा पर्स भी ऊर्जा का केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि यदि पर्स में सही वस्तुएं हों और उसे सही तरीके से रखा जाए, तो धन की कमी कभी नहीं होती। वहीं गलत वस्तुएं रखने से पैसा रुक जाता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं। वास्तु सिद्धांतों पर आधारित यहां कुछ हिदायतें दी जा रही हैं, जो आपके पर्स में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करेंगी। हमेशा साफ-सुथरा और नया पर्स इस्तेमाल करें वास्तु के अनुसार फटा, पुराना या रंग उड़ चुका पर्स नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। ऐसा पर्स धन को रोक देता है और लक्ष्मी कृपा कम होती है। पर्स हमेशा अच्छी स्थिति में रखें, यदि पर्स खराब हो जाए तो तुरंत बदलें। पर्स में पैसे हमेशा व्यवस्थित रखें धन को अस्त-व्यस्त रखना धन देवता का अपमान माना जाता है। नोटों को मोड़कर न रखें। नोट और सिक्कों को अलग-अलग कम्पार्टमेंट में रखें। पर्स की प्रत्येक जेब का अलग उद्देश्य रखें। पर्स में बेकार चीज़ें न रखें वास्तु शास्त्र कहता है कि पर्स किसी कचरे की तरह नहीं भरना चाहिए। पुराने बिल, बेकार पर्चियां, बहुत सारे विजिटिंग कार्ड, फटे कागज़, ATM स्लिप्स। इन सभी को पर्स से तुरंत बाहर निकाल दें। सबसे महत्वपूर्ण पर्स में कभी मृत व्यक्ति की फोटो न रखें, यह धन के मार्ग को रोकता है। पर्स में रखने के शुभ और धनवर्धक उपाय पीले कागज पर लाल स्याही से 'ॐ' या 'स्वस्तिक' रखें। यह पर्स में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। पीले कागज पर लाल रंग में ‘ॐ’ या ‘स्वस्तिक’ बनाएं। इसे पारदर्शी पाउच में रखकर पर्स में रखें। यह किसी भी तरफ से फटा या गंदा न हो। खराब होने पर उसे जल में प्रवाहित करें और नया रखें। लक्ष्मी पूजा के चावल पर्स में रखें धन वृद्धि का यह सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। लक्ष्मी पूजा में अर्पित किए गए कुछ अक्षत (चावल) उन्हें लाल कपड़े में बांधकर पर्स में रखें। कहा जाता है कि इससे धन की कमी कभी नहीं होती। पर्स में हमेशा थोड़ा स्थायी धन रखें पर्स कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए। एक ₹10 या ₹50 या ₹100 का नोट हमेशा स्थायी रूप से रखें। इसे 'लक्ष्मी नोट' मानकर खर्च न करें। इसके कारण पर्स में हमेशा धन का प्रवाह बना रहता है। चांदी का छोटा सिक्का या कछुआ रखें वास्तु के अनुसार चांदी शुद्धता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। चांदी का कछुआ, चांदी का लक्ष्मी-गणेश सिक्का पर्स में रखने से धन का आकर्षण बढ़ता है।

पैसा आता है पर रुकता नहीं? अपनाएँ ये वास्तु उपाय और बढ़ाएँ समृद्धि

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर की चारदीवारी, जिसके भीतर आप रहते हैं, आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है ? जब धन हाथ में नहीं टिकता, तो अक्सर हम अपनी मेहनत या किस्मत को दोष देते हैं। लेकिन भारतीय संस्कृति का प्राचीन विज्ञान वास्तु शास्त्र एक गहरा रहस्य बताता है, आपके घर की ऊर्जा का प्रवाह ही आपके धन के ठहराव का सबसे बड़ा कारण है। तिजोरी रखने की सही दिशा वास्तु के अनुसार, आपको अपनी तिजोरी या पैसे रखने वाली अलमारी को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए। यह कोना पृथ्वी तत्व को दर्शाता है, जो स्थिरता और जमाव को बढ़ावा देता है।  तिजोरी का दरवाज़ा हमेशा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए। उत्तर दिशा को धन के देवता, कुबे  का स्थान माना जाता है। इस दिशा में खुलने से धन आकर्षित होता है और बढ़ता है। तिजोरी का मुख गलती से भी दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर नहीं खुलना चाहिए, इससे धन का तेज बहाव होता है। उत्तर-पूर्व की शुद्धता घर का उत्तर-पूर्व सबसे पवित्र और पूजनीय स्थान माना जाता है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। यह दिशा जल तत्व से भी जुड़ी है और धन-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। इस कोने में शौचालय, भारी फर्नीचर या जूते-चप्पल की रैक कभी न रखें। मुख्य द्वार के उपाय अपने घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का शुभ चिह्न बनाना बहुत ही कल्याणकारी माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है और सकारात्मकता लाता है, जिससे धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। सुनिश्चित करें कि आपके घर के दरवाज़े खोलते या बंद करते समय किसी भी तरह की चरमराहट या कर्कश आवाज दरवाज़ों को चिकनाई देकर रखें। सकारात्मक वस्तुओं का उपयोग घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में तांबे का स्वस्तिक लगाना धन के प्रवाह से संबंधित सभी रुकावटों को दूर करता है। धन को आकर्षित करने के लिए कुछ क्रिस्टल बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं। पानी की बर्बादी रोकें अगर आपके घर में कोई नल टपक रहा है तो उसे तुरंत ठीक कराएं। वास्तु शास्त्र में पानी का टपकना धन की बर्बादी का प्रतीक माना जाता है।