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सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 80% लाभुकों का वेरिफिकेशन पूरा

पटना  राज्य में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के 95 लाख 82 हजार पेंशनधारियों ने अब तक जीवन प्रमाणीकरण कराया है। समाज कल्याण मंत्री डाॅ.श्वेता गुप्ता के मुताबिक अब तक राज्य के करीब 80 प्रतिशत लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण करा लिया है। मंत्री ने शेष पेंशनधारियों से जल्द जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की उन्होंने राज्‍य के शेष पेंशनधारियों से पंचायत स्तरीय शिविर या नजदीकी काॅमन सर्विस सेंटर के माध्यम से निशुल्क जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की है, ताकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि उन्हें निर्बाध रूप से मिलती रहे। समाज कल्याण विभाग द्वारा सभी पात्र लाभुकों तक संबंध‍ित योजनाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं की प्रखंड व पंचायत स्तर तक निगरानी ककायी जा रही है, ताकि सही लाभुक को योजना लाभ मिल सके। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग जिन्हें पेंशन नहीं मिलती है, विभाग ने उनसे शीघ्र ही आवेदन करने की अपील की है। सबसे अधिक पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्वी चंपारण में लाभुक विभाग के आंकड़े के मुताबिक सबसे अधिक मधुबनी जिले में 4 लाख 78 हजार लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण कराया है। इसके बाद पूर्वी चंपारण में 4 लाख 47 हजार, पटना में 4 लाख 43 हजार, मुजफ्फरपुर में 4 लाख 24 हजार लाभुकों ने प्रमाणीकरण कराया है।   इसी तरह समस्तीपुर में 4 लाख 10 हजार और दरभंगा जिले में 3 लाख 80 हजार लाभुकों ने अपना जीवन प्रमाणीकरण कराया है। सबसे कम शेखपुरा जिले में 62 हजार लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण कराया है। इसके बाद शिवहर में 67 हजार, अरवल में 76 हजार और लखीसराय में 96 हजार लोगो ने जीवन प्रमाणीकरण कराया है।  

पंजाब में बिना वेरिफिकेशन किराएदार रखने वालों की अब खैर नहीं

लुधियाना. महानगर में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने अब अपना शिकंजा उन मकान मालिकों पर कसना शुरू कर दिया है जो चंद रुपयों के लालच में नियमों को ताक पर रखकर बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार रखते हैं। पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के अलग-अलग थानों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, जिसके तहत 16 एफआईआर दर्ज कर कुल 17 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस का यह एक्शन उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अनजान व्यक्तियों को अपने घरों में पनाह देते हैं और उनकी जानकारी संबंधित थानों में साझा नहीं करते। ​दरअसल, पुलिस द्वारा गैंगस्टरों और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ चलाई विशेष मुहिम के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधी पुलिस की नजरों से बचने के लिए शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में आसानी से किराए पर कमरा ले लेते हैं। बिना वेरिफिकेशन के कमरा मिलने के कारण अपराधियों की पहचान गुप्त रह जाती है और वे पुलिस की रडार पर आए बिना अपनी साजिशों को अंजाम देते रहते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि बड़े अपराधी पड़ोसी राज्यों से आकर यहां छिप जाते हैं और मकान मालिकों की लापरवाही के कारण पुलिस को इनकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगती। ​पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कमिश्नरेट पुलिस का मानना है कि किराएदार का वेरिफिकेशन न करवाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह चेकिंग अभियान और भी तेज किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराए पर कमरा देने से पहले उसके आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जांच करें और तुरंत नजदीकी थाने में उसकी वेरिफिकेशन करवाएं, अन्यथा जेल जाने की बारी उनकी भी हो सकती है।