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किसानों के उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर काम कर रही है: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार– उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने ग्राम बद्दो में किया भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का भूमिपूजन 11.49 करोड़ रुपए की नहर परियोजना से 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ 770 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों की आय में होगी वृद्धि रायपुर  चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नन्द श्रीवास, राम किंकर वर्मा, लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।      इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।      उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। योजना से बहुउद्देशीय लाभ        इस योजना से 635 हे. क्षेत्र में सिंचाई की कमी की पूर्ति सहित 770 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई होगी। असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर कृषि भूमि की दरों में उन्नयन होगा। नहरों के सर्विस बैंक निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, सिंचाई सुविधा मिलने से किसान अब एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना क्षेत्र के किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी साबित होगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।  योजना से लाभन्वित ग्राम परियोजना के पूर्ण होने पर बाघुटोला, लाटा, खिरसाली, बद्दो, रघ्घुपारा एवं छपरी सहित कुल 6 ग्रामों के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे इन गांवों के किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मुकेश मल्होत्रा रहेंगे विजयपुर विधायक, राज्यसभा चुनाव में नहीं होगा वोट

श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. इस सीट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को बरकरार रखते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने उपचुनाव में दूसरे नंबर पर रहे रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था. विधायक बने रहेंगे मल्होत्रा हाईकोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित कर रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था. इसके बाद मुकेश मल्होत्रा ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर अपील के लिए समय मांगा था. इसके बाद हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि मुकेश मल्होत्रा के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए 15 दिन का समय है. मुकेश मल्होत्रा को विधायकी बचाने के लिए 20 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट से स्टे लाना होगा. अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है तो मुकेश मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे.  सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने मल्होत्रा को राहत दी। सुप्रीम कोर्ट की दो प्रमुख शर्तें जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बेंच ने मुकेश मल्होत्रा को विधायक के रूप में जारी रखने की अनुमति तो दी है, लेकिन अंतिम फैसला आने तक ये पाबंदियां भी लगाई हैं… वोटिंग राइट नहीं: मुकेश मल्होत्रा फिलहाल राज्यसभा के लिए मतदान नहीं कर सकेंगे। ऐसे में अब मुकेश जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे। वेतन पर रोक: जब तक कोर्ट इस मामले में अपना अंतिम निर्णय नहीं सुना देता, तब तक उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ते नहीं दिए जाएंगे। हालांकि, उन्हें विधायक निधि मिलेगी या नहीं…यह अभी साफ नहीं हुआ है। वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने बताया कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। दरअसल, विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने आदिवासी वोटों को ध्यान में रखकर मुकेश को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था।

बीजेपी का थलापति विजय को बड़ा ऑफर: डिप्टी CM का पद और 80 सीटें

 चेन्नई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और BJP के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को गठबंधन में शामिल होने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को 80 सीटें देने की पेशकश की है. इसके साथ ही बीजेपी ने विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विजय मुख्यमंत्री पद चाहते हैं और इसकी वजह से बातचीत में पेंच फंसा रहा है। मध्यस्थता करवा रही बीजेपी! बीजेपी विजय को एनडीए के साथ जोड़ने के लिए कई रास्तों का इस्तेमाल कर रही है. बताया जा रहा है कि वो एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए इस बातचीत में मध्यस्थता करवा रही है. बीजेपी की विजय में दिलचस्पी का सबसे बड़ा कारण उनकी विशाल फैन फॉलोइंग है। क्यों विजय का साथ चाहती है बीजेपी? बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबलों में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत की दिशा बदल सकता है. राज्य के चुनावी इतिहास में कई बार बहुत कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला हुआ है, ऐसे में विजय का समर्थन बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। विजय की पार्टी के सलाहकार क्या कहते हैं? दूसरी ओर, बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की खबरों ने विजय के करीबी सलाहकारों के बीच चिंता बढ़ा दी है. उनके कुछ सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की 'स्वतंत्र छवि' को नुकसान पहुंच सकता है. विजय ने अपनी पार्टी को राज्य में एक 'तीसरे विकल्प' के रूप में पेश किया है। सलाहकारों को डर है कि एनडीए में शामिल होने से उनकी पार्टी की साख और वह नैरेटिव कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा है।

विजय शर्मा के मंत्रालयों का बजट मंजूर, पंचायत और ग्रामीण विकास से लेकर विज्ञान प्रौद्योगिकी तक

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हज़ार 560 करोड़ रुपए प्रावधानित रायपुर, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही हमने आवासहीन लोगों को प्रतिबद्घ होकर प्रथम बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गयी थी। 2 वर्षों में एसईसीसी 2011 एवं आवास प्लस-2018 की सूची के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट  विधानसभा में पारित किया गया l          विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत 33 हजार 255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी जा चुकी है एवं 19 हजार 199 आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत आवास लाभ प्रदान किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा 15 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।        मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है एवं 15 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके है। सरकार गठन उपरांत राशि  400 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया, यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि कोई भी परिवार आवासहीन न रहे।       भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय से पीएमजी एसवाई 4 के तहत 774 सड़कों द्वारा 781 बसाहटे लाभान्वित होंगी। जिसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2237.97 करोड़ रुपए एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के नागरिक सूचना पटल पर QR कोड आधरित सूचना स्वप्रकटीकरण बोर्ड लगाकर सड़कों की समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।     मंत्री  शर्मा ने बताया कि इस बजट में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 4000 करोड़ रुपए एवं  प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना हेतु 4265.00 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु बजट प्रावधान 850 करोड़ रुपए किया गया है। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान हेतु 8.75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।  ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के लिए 144 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।      गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए मुख्य बजट में राजस्व व्यय मद अंतर्गत 7130.48 करोड़ रुपए एवं पूंजीगत परिव्यय मद अंतर्गत 590.53 करोड़ रुपए कुल 7721.01 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुनर्वास करने वाले वामपंथी उग्रवादी नक्सली कैडर को केन्द्रीय पुनर्वास नीति के तहत् उनके प्रतिस्थापन एवं पुनर्वास के लिये फिक्स डिपाजिट एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिये राशि रूपये 38 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में वर्तमान में हो रहे आधुनिक किस्म के अपराध एवं साइबर अपराध के मामलों की गहन अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आधुनिक आई.टी. सेंटर खोले जाने हेतु 06 नवीन पद तथा जिला बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सक्ती, बलरामपुर में कुल 05 साइबर थाना के गठन हेतु 50 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। सरकार द्वारा जिला रायपुर के नगरीय क्षेत्रों में लागू किये गये पुलिस आयुक्त प्रणाली का सुचारू एवं कुशलतापूर्णक संचालन हेतु कुल 67 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक से नवीन पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण के रूप में संचालन हेतु कुल 251 नवीन पदों का प्रावधान किया गया हैं। इसी प्रकार राज्य के 06 नवगठित जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा एवं मुंगेली में पुलिस के महत्त्वपूर्ण कार्य हेतु डीसीबी, डीसीआरबी के 156 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।         प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों के लिए 15 नवीन पुलिस थाना की स्थापना हेतु कुल 975 नवीन पदों एवं 08 पुलिस चौकी को पुलिस थाना में उन्नयन किये जाने हेतु 337 नवीन पद, अत्यधिक कम बल स्वीकृत वाले 21 पुलिस थानों में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 870 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।         प्रदेश में पुलिस प्रशासन को सुदृढ़ किये जाने हेतु नवीन पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर एवं राजनांदगांव तथा पुलिस उप महानिरीक्षक रायगढ़ रेंज कार्यालय के लिए कुल 41 नवीन पद तथा प्रदेश के विभिन्न पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में अनुसचिवीय बल के कुल 110 अतिरिक्त नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। शासकीय रेल पुलिस रायपुर के थाना/चौकी एवं लाईन में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 150 अतिरिक्त नवीन पदों सहित, जगदलपुर हवाई पट्टी की सुरक्षा हेतु हेतु 40. न्यू स्टेट हैंगर माना रायपुर की सुरक्षा हेतु 40 नवीन पद का प्रावधान किया गया है। राजभवन की सुरक्षा, मुख्यमंत्री निवास सुरक्षा एवं मंत्रालय की सुरक्षा हेतु 250 अतिरिक्त नवीन पद, छसबल की वाहिनियों के अकुशल ट्रेडमेन संवर्ग के 400 नवीन पद, बस्तर फाईटर बल में अतिरिक्त बलवृद्धि (आरक्षक) हेतु 1500 नवीन पद, विशेष आसूचना शाखा मुख्यालय के लिए अनुसचिवीय संवर्ग के 24 नवीन पद, एटीएस विशेष शाखा में आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ता हेतु 325 नवीन पद, प्रदेश के विभिन्न छसबल वाहिनीयों में श्वान दल हेतु 83 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।      मंत्री   शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 440 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 01 नवीन भारत रक्षित वाहिनी के गठन हेतु 1007 नवीन पद, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का 01 बटालियन गठन किये जाने हेतु 500 नवीन पद. जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु 100 नवीन पद, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय अंतर्गत एस०ओ०जी० (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन हेतु 44 नवीन पद सहित थाना एवं चौकियों की संख्या में वृद्धि करते हुये कुल 5421 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। सरकार द्वारा विशेष पुलिस बल अंतर्गत … Read more

थलापति विजय का परिवार टूटने की कगार पर, पत्नी ने तलाक की अर्जी दी

मुंबई  साउथ के सुपरस्टार रहे विजय, जिन्हें थलपति विजय के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर चर्चा में हैं. खबर है कि तमिलागा वेट्री कजम नाम की पार्टी के मुखिया विजय की पत्नी संगीता ने उनसे तलाक लेने का फैसला लिया है. उन्होंने तलाक की अर्जी कोर्ट में डाल दी है. जानकारी के मुताबिक, संगीता सोरनलिंगम ने विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 27(1)(a) के तहत तलाक की अर्जी दायर की है. विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 27(1)(a) के अनुसार, पति या पत्नी में से कोई भी जिला न्यायालय में तलाक के लिए याचिका प्रस्तुत कर सकता है. इसका आधार प्रतिवादी के शादी के बाद अपनी पत्नी या पति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के साथ स्वेच्छा से सेक्शुअल रिश्ता रखना है. यह एडल्टरी पर आधारित तलाक का आधार है. यह प्रावधान दोनों पक्षों, पति या पत्नी के लिए समान रूप से लागू होता है और याचिका अधिनियम के अन्य प्रावधानों और नियमों के अधीन रहकर दायर की जाती है. कब और कहां मिले थे संगीता और विजय कथित तौर पर विजय अपने जीवन के प्यार और अपनी पत्नी संगीता से फिल्म 'पूवे उनक्कागा' की रिलीज के बाद मिले। वह विजय की बहुत बड़ी फैन थीं और ब्रिटेन से चेन्नई में उससे मिलने आई थीं। बिगिल स्टार बहुत इंप्रेस हुईं। वास्तव में, उन्होंने उन्हें अगले दिन अपने घर आने और उनके परिवार से मिलने के लिए भी कहा। जल्द ही, उनमें एक-दूसरे के लिए भावनाएं आईं और उनके माता-पिता भी सहमत हो गए। कपल 25 अगस्त 1999 को शादी के बंधन में बंधे। उन्होंने हिंदू और ईसाई दोनों परंपराओं में शादी की। विजय और संगीता ने अपनी शादी के एक साल बाद अपने पहले बच्चे जेसन संजय का स्वागत किया और सितंबर 2005 में उन्हें एक बेटी दिव्या साशा का आशीर्वाद मिला। विजय और संगीता की लव स्टोरी साल 1996 में चेन्नई में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान विजय की मुलाकात संगीता से हुए थी। संगीता सुपरस्टार विजय की बहुत बड़ी फैन थी। जो लंदन से सिर्फ विजय से मिलने के लिए चेन्नई आई थीं। संगीता श्रीलंकन तमिल हैं और उनके पिता एक बड़े बिजनेसमैन थे। ऐसे में जब दोनों सितारों की पहली मुलाकात हुई तो ये दोस्ती में बदल गई। बाद में साल 1999 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए थे। इस कपल के दो बच्चे हैं एक बेटा जेसन और बेटी दिव्या। ये जोड़ा अपनी लाइफ में खुश है ।

विजय-रश्मिका की शादी में 100 खास मेहमान, जापानी खाना और ‘नो फोन’ पॉलिसी का एलान

उदयपुर  आखिरकार फैंस का इंतजार खत्म हुआ! साउथ फिल्म इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा जोड़ी, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर में सात फेरे लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अपनी प्राइवेसी को लेकर यह कपल कितना सीरियस है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने शादी के वेन्यू पर तीन लेयर की सुरक्षा की व्यवस्था है. लोकल पुलिस और हैदराबाद से आई खास टीम के साथ-साथ एक इंटरनेशनल सिक्योरिटी एजेंसी को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. मकसद साफ है- शादी के हर पल को निजी रखा जाए और बिना किसी बाहरी दखल के सारे रस्मो-रिवाज शांति से पूरे हों. अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित ‘द मेमेंटोज’ (आईटीसी होटल्स) को इस खास मौके के लिए चुना गया है, जहां सुरक्षा का घेरा इतना सख्त है कि परिंदा भी पर न मार सके. शादी की खबरों पर खुद मुहर लगाते हुए रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम पर एक बहुत ही प्यारा और इमोशनल नोट शेयर किया है. उन्होंने अपने फैंस को शुक्रिया कहते हुए लिखा कि जब उन्होंने खुद के लिए कुछ तय नहीं किया था, तब भी फैंस ने उन्हें ‘विरोश’ नाम देकर ढेर सारा प्यार दिया. कपल ने अपनी इस नई शुरुआत को ‘विरोश की शादी’ का नाम दिया है. इस जोड़ी ने 3 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में सगाई की थी और अब 26 फरवरी को वे शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. समारोह को छोटा और पर्सनल रखा गया है, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे. दोनों चाहते हैं कि यह पल उनके लिए यादगार और शोर-शराबे से दूर हो.  दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में सात फेरे लेंगे और जिंदगी भर के लिए एक-दूजे का हाथ थामेंगे। जानकारी के अनुसार, शादी के जश्न को लेकर मेकर्स ने खास इंतजाम किए हैं, जिसमें मेहमानों के लिए जापानी खाना परोसा जाएगा। रश्मिका ने हाल ही में इंस्टाग्राम स्टोरी में पार्टी की झलक साझा की, जिसमें खूबसूरती से सजा हुआ टेबल और जापानी मेन्यू कार्ड साफ दिख रहा है। तस्वीर में लाइटिंग में सजा टेबल नजर आया। बीच में गुलाबी लिली और हल्के हरे हाइड्रेंजिया के फूलों की सजावट है, जिसे ताजे हरे सेब और अंगूरों के साथ सजाया गया है। यह सजावट ऑर्गेनिक और लग्जरी गार्डन लुक दे रही है। मेन्यू कार्ड पर जापानी डिशेज का जिक्र है, जो शादी से पहले के इस सेलिब्रेशन को ग्लोबल और रिफाइंड टच देता है। कपल सोमवार को उदयपुर पहुंच चुके हैं। शादी के मुख्य कार्यक्रम मेमेंटोस बाय आईटीसी होटल्स, एकाया उदयपुर में होगा। फिल्म ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर हुई थी मुलाकात भले ही शादी प्राइवेट हो रही है, लेकिन जश्न अभी बाकी है! उदयपुर में शादी के बाद यह कपल अपने दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री के साथियों के लिए दो बड़े रिसेप्शन होस्ट करने वाला है. पहला भव्य रिसेप्शन 4 मार्च 2026 को हैदराबाद के आलीशान ‘ताज कृष्णा’ होटल में होगा, जिसमें टॉलीवुड और बॉलीवुड के बड़े सितारों के साथ-साथ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी शामिल होने की उम्मीद है. इसके बाद, मुंबई में भी एक ग्रैंड पार्टी दी जाएगी. रश्मिका और विजय की पहली मुलाकात 2018 में फिल्म ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर हुई थी, जहां से शुरू हुई यह दोस्ती ‘डियर कॉमरेड’ तक पहुंचते-पहुंचते प्यार में बदल गई और अब यह खूबसूरत रिश्ता शादी के मुकाम तक पहुंच गया है.  साउथ इंडियन रीति-रिवाजों से होगी शादी, केले के पत्तों पर परोसा जाएगा भोजन! विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना के फैंस उनकी शादी की पहली तस्वीरें देखने को बेताब हैं. अब खबर आ रही है कि वे साउथ इंडियन परंपराओं के अनुसार शादी रचाएंगे. इस शादी में दक्षिण भारत के पारंपरिक रीति-रिवाजों का खास पालन किया जाएगा. मुमकिन है कि मेहमानों को केले के पत्तों पर भोजन परोसा जाए.  बड़े फिल्मी सितारे नहीं फिल्ममेकर्स होंगे शामिल?  रश्मिका-विजय देवरकोंडा की शादी में बड़े राजनेताओं के शामिल होने की खबर आ रही है, लेकिन कोई बड़े स्टार के शामिल होने की सुगबुगाहट नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी में किसी भी बड़े फिल्मी सितारे के शामिल होने की उम्मीद नहीं है. मेहमानों की लिस्ट में तेलंगाना के कुछ राजनेता और कुछ चुनिंदा फिल्म निर्देशकों के नाम शामिल हैं.  24 फरवरी को मेहंदी सेरेमनी, 25 को 'हल्दी'-'संगीत' का जश्न विजय और रश्मिका की शादी का जश्न आज से शुरू है. सेलिब्रेशन की शुरुआत आज 24 फरवरी को ‘मेहंदी’ सेरेमनी के साथ होगी. इसके बाद 25 फरवरी को ‘हल्दी’ और ‘संगीत’ के इवेंट का आयोजन किया जाएगा. इन निजी लेकिन रॉयल प्री-वेडिंग फंक्शन्स में परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्तों के शामिल होंगे. 'गीता गोविंदम' के सेट पर मिले, 'डियर कॉमरेड' में आए करीब, विजय-रश्मिका की क्यूट लव स्टोरी विजय और रश्मिका पहली बार ‘गीता गोविंदम’ के सेट पर मिले थे. कहते हैं कि फिल्म ‘डियर कॉमरेड’ की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए थे. तब से लेकर अब तक, दोनों ने अपने निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखने की पूरी कोशिश की. वे अक्सर पब्लिक प्लेस पर साथ दिखते और डेटिंग की तमाम अफवाहों के बावजूद कपल ने शादी से पहले तक अपने रिश्ते को पूरी तरह प्राइवेट रखा था. शादी को पूरी तरह प्राइवेट और इंटिमेट रखा जा रहा है। सिर्फ करीबी परिवार और दोस्त ही शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इवेंट को गोपनीय रखने के लिए सख्त नो-फोन पॉलिसी लागू है। मेहमानों से एनडीए (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) भी साइन करवाए जा रहे हैं ताकि कोई फोटो या वीडियो बाहर न लीक हो। विजय और रश्मिका की लव स्टोरी साल 2018 में शुरू हुई, जब दोनों ने ‘गीता गोविंदम’ में साथ काम किया। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों का खूब प्यार मिला। इसके बाद दोनों ‘डियर कॉमरेड’ में फिर साथ नजर आए। इसके अलावा, वे कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को सालों तक प्राइवेट रखा, लेकिन अब आखिरकार शादी का ऐलान हो चुका है। शादी के बाद रिसेप्शन भी प्लान किया गया है।

क्या सच में उदयपुर जा रहे हैं विजय और रश्मिका? शादी की अटकलों के बीच एयरपोर्ट पर हुए स्पॉट

 उदयपुर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की खबरें इन दिनों बी-टाउन का हॉट टॉपिक बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी करने वाले हैं। दोनों के इन्विटेशन कार्ड की एक फोटो भी सोशल मीडिया पर फैल रही है। हालांकि, अभी तक कपल की ओर से शादी को लेकर कोई कंफर्मेशन सामने नहीं आई है। इस बीच अब ये जोड़ा एयरपोर्ट पर नजर आया है। हालांकि, दोनों अलग-अलग दिखे, लेकिन इनके एयरपोर्ट पर नजर आते ही ये कयास लगाए जाने लगे कि दोनों उदयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं। कैजुअल लुक में एयरपोर्ट पर दिखा कपल आज सुबह यानी शनिवार 21 फरवरी को शादी की चर्चाओं के बीच रश्मिका और विजय देवरकोंडा को एयरपोर्ट पर देखा गया है। इसके बाद ये अटकलें लगाई गईं कि दोनों शादी के लिए उदयपुर रवाना हो रहे हैं। हालांकि, अभी तक ये कंफर्म नहीं है कि दोनों कहां के लिए रवाना हुए हैं। लेकिन दोनों सेलेब्स एयरपोर्ट पर कैजुअल अंदाज में नजर आए। इस दौरान विजय देवरकोंडा जहां ओपन ब्लैक शर्ट और ब्लैक पैंट में नजर आए। वहीं रश्मिका ग्रे स्लीवलेस टी-शर्ट और ब्लैक लोअर में नजर आईं।   इस दौरान रश्मिका के माथे पर छोटी सी बिंदी भी नजर आई। दोनों ही सेलेब्स इस दौरान चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। गाड़ी से उतरते समये रश्मिका फोन में व्यस्त दिखीं। हालांकि, पैपराजी को देखकर उन्होंने हाय किया। इस दौरान दोनों साथ में नहीं बल्कि अलग-अलग नजर आए।  सजे हुए विजय के घर का वीडियो और कार्ड की तस्वीरें वायरल बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें विजय देवरकोंडा का घर झालरों से सजा हुआ नजर आ रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों की शादी को लेकर चर्चाएं और भी तेज हो गईं। वहीं दोनों के इन्विटेशन कार्ड की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इनमें शादी की तारीख 26 फरवरी बताई जा रही है, जबकि 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कपल या उनके परिवार की ओर से शादी को लेकर को आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। शादी में होगी नो फोन पॉलिसी बीते दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रश्मिका और विजय ने शादी के कार्यक्रम में नो फोन पॉलिसी को लागू किया है। यानी कोई भी गेस्ट फोन लेकर फंक्शन में शामिल नहीं हो सकेगा। यहां तक कि शादी को शूट करने वाली टीम ने भी एनडीए (गैर-खुलासा समझौता) पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि दोनों ने शादी की सिक्योरिटी के लिए विदेशी कंपनी से डील की है।  

मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा

मद्रास   दक्षिण के अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय एक बार फिर विवादों में घिर चुके हैं। इस बार मद्रास उच्च न्यायालय ने अभिनेता को झटका देते हुए आयकर विभाग द्वारा 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना अदा करने के आदेश को बरकरार रखने का फैसला लिया है। अभिनेता ने मद्रास उच्च न्यायालय में आयकर विभाग द्वारा लगाए जुर्माने को गलत बताते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल साल 2016-17 में अभिनेता ने आयकर रिटर्न दाखिल किया था और अपनी संपत्ति का विवरण देते हुए 35,42,91,890 रुपए की संपत्ति घोषित की थी। अभिनेता पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है और असल संपत्ति छिपाने की कोशिश की। आयकर विभाग ने अभिनेता की संपत्ति की तुलना साल 2015 के दस्तावेजों से की, जिसमें पाया गया कि विजय ने कथित तौर पर फिल्म 'पुली' में अभिनय के लिए प्राप्त 15 करोड़ रुपए की आय को छुपाया था, जिसका खुलासा उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में नहीं किया था। जिसके बाद साल 2022 में अभिनेता पर आयकर विभाग ने 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। अभिनेता ने जुर्माना न भरने का फैसला करते हुए आयकर विभाग द्वारा लगाए गए जुर्माने को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी। आदेश को चुनौती देते हुए अभिनेता का दावा था कि आदेश 30 जून, 2019 से पहले पारित किया जाना चाहिए था, और चूंकि आदेश देरी से जारी किया गया था, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने जुर्माने की राशि के भुगतान पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन अब न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति के समक्ष अंतिम सुनवाई में जुर्माने के फैसले को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। अब अभिनेता को 1.50 करोड़ रुपए भरने पड़ेंगे। इसके अलावा अभिनेता करूर भगदड़ मामले में भी फंसे हैं। अभिनेता से लगातार सीबीआई घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। अभिनेता दो बार सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं। सीबीआई लगातार अभिनेता और उनकी पार्टी की करूर भगदड़ में भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि विजय के देरी से आने की वजह से भीड़ ज्यादा एकत्रित हो गई और उन्हें देखने के लिए जुटी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। हालांकि अभिनेता और पार्टी से जुड़े अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है।उच्च न्यायालय ने फैसले को किया बरकरार मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा अभिनेता विजय पर 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना, मद्रास उच्च न्यायालय ने रखा फैसला जस का तस

MP में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम विवाद, विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाने पर उठे सवाल

रतलाम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रतलाम में गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए मंत्री विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाए जाने के फैसले ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस निर्णय का तीखा विरोध करते हुए इसे सेना और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। कांग्रेस का कहना है कि जिस मंत्री पर देश की बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है, उसे गणतंत्र दिवस जैसे गरिमामय राष्ट्रीय पर्व पर मंच देना गलत संदेश देता है। कांग्रेस का तीखा हमला कांग्रेस प्रदेश विवेक त्रिपाठी ने कहा कि देश की बेटी और भारतीय सेना की बहादुर अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक शब्द बोलने वाले मंत्री को रतलाम में तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह न सिर्फ सेना का अपमान है, बल्कि संविधान और राष्ट्रीय मूल्यों के भी खिलाफ है। क्या था पूरा मामला दरअसल, मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक सार्वजनिक बयान दिया था, जिसे विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने अमर्यादित और अपमानजनक करार दिया। कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी हैं और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े प्रेस ब्रीफिंग में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। बयान सामने आने के बाद देशभर में नाराजगी देखने को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर संज्ञान लिया और मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति को लेकर मध्यप्रदेश सरकार से जवाब तलब किया। कोर्ट ने सरकार को तय समय-सीमा में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा ने किया बचाव वहीं, भाजपा ने सरकार के फैसले का बचाव किया है। प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने मंत्री के बयान को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि एसआईटी दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। 

SC का आदेश: कर्नल सोफिया अपमान मामले में MP सरकार को 2 हफ्ते में बताना होगा केस कब शुरू होगा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर फैसला लिया जाए। ऑपरेशन सिंदूर का ब्योरा देश को देने वाली कर्नल को मध्य प्रदेश के मंत्री ने 'आतंकियों की बहन' कह डाला था।सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से मुकदमा चलाए जाने की मांगी गई अनुमति पर देरी को लेकर सवाल उठाए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। सीजेआई कांत ने कहा, 'आप 19 अगस्त से एसआईटी रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। आज 19 जनवरी है।' अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'हमें बताया गया कि राज्य की ओर से कोई ऐक्शन हीं लिया गया है और मामला लंबित है। हम मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश देते हैं कि कानून के मुताबिक मंजूरी पर उचित कदम उठाए जाएं।' इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि उन्होंने एसआईटी की अपील पर फैसला नहीं लिया है क्योंकि मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। शाह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने जब यह बताया कि शाह ने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी तो अदालत ने कहा, 'माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।' प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा। सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। हमने पहले ही इस बात पर टिप्पणी की थी कि किस तरह की माफी मांगी जा रही है। इससे पहले, कोर्ट ने शाह की ओर से दी गई सार्वजनिक माफी को "कानूनी दायित्व से बचने के लिए महज मगरमच्छ के आंसू" बताकर खारिज कर दिया था। बाद की सुनवाई में, अदालत ने उनकी "ऑनलाइन माफी" पर असंतोष जताया। अदालत ने कहा था- धैर्य की परीक्षा ले रहे अदालत मंत्री कुंवर विजय शाह की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के आरोप में खुद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह ‘अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बयान पर घिरे मंत्री सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 मई को कर्नल कुरैशी के खिलाफ शाह की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एक वीडियो वायरल होने के बाद शाह आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे, जिसमें उन्हें कथित तौर पर कर्नल कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए देखा गया था। कुरैशी ने एक अन्य महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान देश भर में प्रसिद्धि हासिल की थी।