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WFI ने विनेश फोगाट को नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से किया OUT

नई दिल्ली  भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस भेजा है। डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर अनुशासनहीनता, डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। साथ ही संघ ने विनेश को 26 जून 2026 तक घरेल टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित किया है।  पहलवान विनेश फोगाट की मैट पर वापसी फिलहाल अधर में लटक गई है. भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने उन्हें 10 से 12 मई तक गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक दिया है।  यह वही टूर्नामेंट है, जिसके जरिए विनेश फोगाट कुश्ती के मैट पर कमबैक करने वाली थीं. लेकिन वापसी से पहले ही डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस थमा दिया।  डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट पर अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन,भारतीय कुश्ती की छवि खराब करने और महासंघ के नियमों का पालन न करने जैसे आरोप लगाए हैं. महासंघ ने साफ कहा है कि विनेश 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए पात्र नहीं होंगी।  डब्ल्यूएफआई ने ये फैसला इसलिए किया है क्योंकि विनेश ने रिटायरमेंट से वापस आने वाले खिलाड़ियों को छह महीने नोटिस पीरियड में गुजारने के यूडब्ल्यूडब्ल्यू डोपिंग रोधी नियम का पालन नहीं किया। इस नियम के तहत संन्यास से वापसी कर रहे खिलाड़ियों को छह महीने बिना किसी टूर्नामेंट में उतरे गुजराने होते हैं। डब्ल्यूएफआई ने थमाया 15 पेज का नोटिस डब्ल्यूएफआई ने विनेश को 15 पेजों का नोटिस थमाया है और कहा है कि उन्होंने ने जो आचरण किया है उससे राष्ट्रीय स्तर पर काफी बदनामी हुई है, साथ ही इससे भारतीय कुश्ती की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। नोटिस में विनेश पर डब्ल्यूएफआई के संविधान, यूडब्ल्यूडब्ल्यू इंटरनेशनल कुश्ती के नियम और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। महासंघ ने विनेश से चार आरोपों को लेकर जवाब मांगा है जिसमें पेरिस ओलंपिक-2024 में उनका डिस्क्वालिफाई होना भी शामिल है। विनेश का फाइनल मुकाबले से पहले वजन तय सीमा से ज्यादा था जिसके चलते वह अयोग्य घोषित कर दी गई थीं और पदक से चूक गई थीं। इसके अलावा विनेश से डोपिंग नियमों के तहत अपने ठिकानों की जानकारी न देने, मार्च 2024 में हुईं ट्रायल्स में दो वजन वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने को लेकर भी जवाब मांगा है। विनेश को लेकर क्यों सख्त हुआ WFI? डब्ल्यूएफआई के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को कम से कम 6 महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है. महासंघ का दावा है कि विनेश फोगाट ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की. इसी वजह से उन्हें फिलहाल किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।  नोटिस में पेरिस ओलंपिक 2024 के वजन विवाद, एंटी-डोपिंग नियमों से जुड़े मामलों और ट्रायल्स में दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में खेलने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया गया है. यह मामला सिर्फ एक नोटिस तक सीमित नहीं है।  पिछले कुछ समय से विनेश फोगाट और डब्ल्यूएफआई के बीच लगातार तनातनी चल रही है. हाल ही में विनेश ने आरोप लगाया था कि महासंघ जानबूझकर उनकी वापसी रोकने की कोशिश कर रहा है और उन्हें नेशनल रैंकिंग चैम्पियनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन तक नहीं करने दिया गया. हालांकि बाद में अंतिम दिन उनका रजिस्ट्रेशन स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन अब उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया है।  …तो एशियन गेम्स से भी होगी छुट्टी? डब्ल्यूएफआई ने हाल ही में चयन के लिए नए नियम लागू किए हैं. इन नियमों के मुताबिक केवल वही पहलवान एशिय गेम्स के लिए ट्रायल्स में हिस्सा ले पाएंगे, जिन्होंने 2025 या 2026 में आयोजित प्रतियोगिताओं में मेडल जीता हो. चूंकि विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद कोई प्रोफेशनल मुकाबला नहीं खेला है, इसलिए फिलहाल उनका एशियन गेम्स तक पहुंचने का रास्ता भी मुश्किल नजर आ रहा है।  विनेश फोगाट लंबे समय से भारतीय कुश्ती की सबसे चर्चित और सफल खिलाड़ियों में रही हैं. लेकिन अब उनकी वापसी से पहले ही डब्ल्यूएफआई के साथ बढ़ता विवाद भारतीय कुश्ती में एक नए बड़े विवाद का रूप लेता दिख रहा है. अब सबकी नजरें इस बात पर है कि क्या विनेश इस फैसले को चुनौती देंगी और क्या डब्ल्यूएफआई उनके जवाब के बाद अपना रुख बदलेगा या नहीं।  अभी हिस्सा नहीं ले सकतीं विनेश महासंघ ने खासतौर पर ये बताया है कि विनेश 26 जून से पहले किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकती हैं। इसमें नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट जो गोंडा में होना है वो भी शामिल है। 10 से 12 मई के बीच होने वाला ये टूर्नामेंट विनेश की वापसी के तौर पर देखा जा रहा था। नोटिस में लिखा है, "महासंघ अपने आप में इस बात से संतुष्ट होना चाहता है कि आपने किसी भी तरह के डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन नहीं किया जिससे आने वाले टूर्नामेंट में महासंघ की छवि पर असर पड़े।" विनेश के पास नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिनों का समय है।

6 महीने के नोटिस नियम पर अटकी विनेश की एंट्री, WFI कर रहा UWW के जवाब का इंतजार

नई दिल्ली पहलवान विनेश फोगाट की प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी की पात्रता पर गोंडा में होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से पहले संदेह के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के अनिवार्य छह महीने के नोटिस के नियम का पालन करने को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है। विनेश ने 2024 पेरिस ओलंपिक में मिली निराशा के बाद खेल से संन्यास की घोषणा कर दी थी लेकिन पिछले साल दिसंबर में उन्होंने फिर से प्रतिस्पर्धी कुश्ती में लौटने की इच्छा जताई थी। वाडा नियमों के बीच विनेश की वापसी पर संशय विनेश ने 10-12 मई तक होने वाले ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में 57 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेने के लिए प्रविष्टि दी है। हालांकि यह अब भी साफ नहीं है कि विश्व चैंपियनशिप की पूर्व पदक विजेता विनेश ने वाडा के नियम 5.6.1 के तहत तय की गई शर्तों को पूरा किया है या नहीं। यह नियम संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में वापसी को नियंत्रित करता है। इस नियम के अनुसार पंजीकृत परीक्षण पूल (आरटीपी) में शामिल कोई भी खिलाड़ी अगर संन्यास लेने के बाद फिर से सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहता है तो उसे संबंधित अंतरराष्ट्रीय महासंघ और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी को छह महीने पहले लिखित नोटिस देकर खुद को परीक्षण के लिए उपलब्ध कराना होगा। आरटीपी खास खिलाड़ियों का एक चुनिंदा समूह होता है जिन पर बिना किसी पूर्व सूचना के डोपिंग परीक्षण किए जा सकते हैं। नियम उल्लंघन पर अयोग्यता का प्रावधान इस नियम में आगे यह भी कहा गया है कि इस नियम का उल्लंघन करके हासिल किया गया कोई भी प्रतिस्पर्धी नतीजा ’अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा’ जब तक कि खिलाड़ी यह साबित नहीं कर दे कि उसे ’उचित रूप से यह पता नहीं चल सका’ था कि वह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता थी। इस छह महीने की अवधि का मकसद खिलाड़ियों को परीक्षण प्रणाली से लंबे समय तक बाहर रहने और फिर बिना उचित निगरानी के सीधे प्रतियोगिता में लौटने से रोकना है। हालांकि खिलाड़ी इस छह महीने के नोटिस से छूट का अनुरोध कर सकता है। विनेश की पात्रता पर यूडब्ल्यूडब्ल्यू से जवाब का इंतजार भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा,'आज की तारीख तक हमें यह नहीं पता है कि विनेश ने इस शर्त को पूरा किया है या नहीं। अगर वह पात्र है तभी प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकती हैं, वरना नहीं। हम यूडब्ल्यूडब्ल्यू से पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। अगर विनेश ने छूट का अनुरोध किया होता तो अधिकारियों द्वारा हमें इसकी सूचना दे दी गई होती।' एशियाई खेलों की राह अब भी कठिन विनेश अपने सक्रिय करियर के दौरान आरटीपी का हिस्सा रही थीं। ट्रेनिंग और प्रतियोगिता फिर से शुरू करने का फैसला करने के बाद उन्होंने दोबारा परीक्षण पूल में प्रवेश किया और इस दौरान उनका एक परीक्षण छूट भी गया था जिसे आईटीए ने उनकी रहने के स्थान की जानकारी देने की पहली विफलता के तौर पर दर्ज किया था। यह पता नहीं है कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता ढांचे के अंतर्गत आने वाली गोंडा प्रतियोगिता से पहले उन्होंने छह महीने का अनिवार्य नोटिस दिया था या नहीं। विनेश से इस पर टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया लेकिन उनके निजी सहायक ने कहा कि वह अभी व्यस्त हैं। भले ही विनेश यह टूर्नामेंट जीत जाएं लेकिन इस जीत से 2026 के एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की उनकी इच्छा पूरी होने की संभावना कम ही है। इस साल फरवरी में घोषित डब्ल्यूएफआई की चयन नीति के अनुसार राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन को एशियाई खेलों के ट्रायल्स के लिए नहीं माना जाएगा। नीति के मुताबिक केवल 2025 की सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप, 2026 के फेडरेशन कप और 2026 की अंडर-20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ी ही एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने के पात्र होंगे। ये ट्रायल 30 मई (महिलाओं के लिए) और 31 मई (पुरुषों के लिए) को आयोजित किए जाएंगे। इसका सीधा सा मतलब यह है कि विनेश को इसमें हिस्सा लेने का मौका नहीं मिलेगा।  

व‍िनेश फोगाट का डोप टेस्ट विवाद, स्टार रेसलर को नोट‍िस के जरिए करारा झटका

चंडीगढ़  भारतीय पहलवान व‍िनेश फोगाट (Vinesh Phogat) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इंटरनेशनल टेस्ट एजेंसी (ITA) ने उन्हें दिसंबर 2025 में डोप टेस्ट मिस करने के मामले में नोटिस जारी किया है. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब वह नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के जरिए वापसी की तैयारी कर रही हैं।  ITA के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को एक डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर (DCO) तय समय पर जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन व‍िनेश को लोकेट नहीं कर सके. इस पूरे मामले की समीक्षा के बाद 4 मई 2026 को उन्हें आधिकारिक नोटिस भेजा गया।  नियमों के मुताबिक, Registered Testing Pool (RTP) में शामिल खिलाड़ियों को रोजाना सुबह 6 बजे से रात 11 बजे के बीच एक घंटे का स्लॉट तय करना होता है, जिसमें वे बिना किसी पूर्व सूचना के टेस्ट के लिए उपलब्ध रहें. व‍िनेश इस नियम का पालन करने में नाकाम रहीं।  अपनी सफाई में व‍िनेश ने बताया कि वह उस दिन बेंगलुरु से चंडीगढ़ यात्रा कर रही थीं. इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ट मिस होने के बाद उन्होंने DCO के साथ सहयोग भी किया. उन्होंने यह भी कहा कि वह हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र से जुड़ी एक मीटिंग के लिए चंडीगढ़ में थीं।  हालांकि, ITA उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ. एजेंसी ने कहा कि व‍िनेश यह साबित नहीं कर पाईं कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई, खासकर तब जब उन्होंने टेस्ट से पहले या उसी दिन SMS, ईमेल या ऐप के जरिए अपनी लोकेशन अपडेट नहीं की।  व‍िनेश फोगाट अब क्या कर सकती हैं? अब व‍िनेश के पास 4 मई से एक हफ्ते का समय है, जिसमें वह इस फैसले के खिलाफ प्रशासनिक समीक्षा की मांग कर सकती हैं. अगर यह साबित होता है कि यह चूक लापरवाही के कारण हुई, तो ITA का फैसला अंतिम माना जाएगा।  फिलहाल राहत की बात यह है कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसल‍िंग (UWW) और वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी के नियमों के अनुसार एक बार टेस्ट मिस करने पर कोई सस्पेंशन नहीं होता. लेकिन अगर 12 महीनों के भीतर तीन बार ऐसा होता है, तो खिलाड़ी को दो साल तक के बैन का सामना करना पड़ सकता है।  दिलचस्प बात यह है कि यह नोटिस उन्हें उस समय मिला है, जब उन्होंने हाल ही में पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण स‍िंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. व‍िनेश ने दावा किया कि वह उन छह पीड़ितों में शामिल हैं. इसके अलावा, उन्होंने गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में पक्षपात को लेकर भी चिंता जताई थी. हालांकि WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने उन्हें निष्पक्ष मौका देने का भरोसा दिलाया है। 

विनेश फोगाट ने बृजभूषण सिंह पर लगाया शोषण का आरोप, डर का सामना करने की बात की

चंडीगढ़  सीनियर महिला पहलवान विनेश फोगाट ने रविवार को चेतावनी दी कि गोंडा में आगामी राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के सदस्यों के साथ कुछ भी अप्रिय घटना होने पर भारत सरकार जिम्मेदार होगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता में ''पक्षपातपूर्ण फैसलों'' की आशंका भी जताई। विनेश ने लगभग 18 महीनों के बाद वापसी करने से पहले एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े स्थल पर होने वाली प्रतियोगिता के परिणामों पर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख के करीबी व्यक्ति प्रभाव डाल सकते हैं। वहीं विनेश ने खुलासा किया है कि वह उन छह महिला पहलवानों में से एक हैं, जिन्होंने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। भारत सरकार जिम्मेदार होगी विनेश ने कहा, ''प्रतियोगिता के दौरान अगर मेरे, मेरी टीम या समर्थकों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी।'' उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया और खेल समुदाय से आयोजन स्थल पर उपस्थित रहने का आग्रह किया। विनेश ने कहा, ''यह टूर्नामेंट ऐसी जगह आयोजित किया जा रहा है जहां उनका (बृज का) काफी प्रभाव है। किसी मुकाबले में कौन रेफरी होगा, कितने अंक दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कौन होगा, सब कुछ उनके और उनके लोगों के नियंत्रण में है।'' पिछले कुछ महीनो से अभ्यास कर रही इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह ''ईमानदारी से'' कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं और देश के लिए फिर से पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''मुझे किसी तरह का विशेषाधिकार या विशेष व्यवहार नहीं चाहिए। मैं बस इतना चाहती हूं कि परिणाम प्रदर्शन के अनुकूल हों।'' गौरतलब है कि विनेश अब राजनीतिज्ञ भी हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2024 में कांग्रेस के टिकट पर जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव जीता था। छह महिला पहलवानों में से एक हूं विनेश ने एक ऐसे माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के मानसिक दबाव पर भी चिंता व्यक्त की जिसे उन्होंने शत्रुतापूर्ण करार दिया, क्योंकि वह सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में एक शिकायतकर्ता है। विनेश ने पीड़ितों की पहचान और गरिमा को लेकर उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि परिस्थितियों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा, ''मैं उन छह महिला पहलवानों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। मामला अभी अदालत में है और गवाहों से पूछताछ चल रही है। उससे जुड़े किसी स्थान पर प्रतिस्पर्धा करना, जहां अधिकतर लोग उससे संबंधित हो सकते हैं, मुझ पर अत्याधिक मानसिक दबाव बनाता है।'' विनेश ने कहा, ''मुझे संदेह है कि मैं उस माहौल में अपना शत प्रतिशत दे पाऊंगी।'' उन्होंने अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय ''तमाशबीन की तरह देख रहे थे'' और उन्होंने सिंह को ''पूरी छूट'' दे दी थी। विनेश गोंडा में महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। इससे पहले वह 50 किलोग्राम और 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं। विनेश ने 2024 में पेरिस ओलंपिक खेलों में अधिक वजन के कारण फाइनल से अयोग्य घोषित होने के बाद से किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। उससे पहले सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर प्रमुख पहलवानों और डब्ल्यूएफआई के बीच लंबे समय तक गतिरोध बना रहा था।

टूर्नामेंट खेलने का ऐलान, सुरक्षा पर सवाल: विनेश फोगाट ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार

चंडीगढ़. ओलिंपियन और भारतीय कुश्ती की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए विनेश ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ जो मामला अदालत में विचाराधीन है, उन 6 पीड़ितों में से एक मैं भी हूं। उन्होंने आगामी टूर्नामेंट के आयोजन स्थल पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया है।  पहलवान विनेश फोगाट ने यह बयान उस समय दिया जब देश में खिलाड़ियों की सुरक्षा और कुश्ती संघ से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, लेकिन उनके अनुभव इसके विपरीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। मैं और मेरी टीम कॉम्पिटीशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।  अगर मेरे साथ गलत हुआ तो जिम्मेदार भारत सरकार होगी उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित होने वाले 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' पर आपत्ति जताते हुए विनेश ने कहा कि वह स्थान बृजभूषण का गढ़ है। वहां उनका निजी कॉलेज है और पूरा इलाका उनके प्रभाव में है। विनेश ने आशंका जताई कि ऐसे माहौल में उनके लिए निष्पक्ष रूप से मुकाबला करना असंभव होगा। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने हमारा शोषण किया, उसके घर में जाकर कुश्ती लड़ना किसी भी महिला खिलाड़ी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से डरावना अनुभव है। वहां मेरे साथ कुछ भी गलत हुआ, तो इसकी सीधी जिम्मेदार भारत सरकार होगी।

विनेश फोगाट vs WFI: नेशनल ओपन रजिस्ट्रेशन विवाद पर गरमाई सियासत

नई दिल्ली रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने स्टार पहलवान विनेश फोगाट के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि WFI उन्हें अगले महीने होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में खेलने से रोक रहा है। संजय सिंह ने कहा कि विनेश का रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है और सवाल उठाया कि वह बेवजह मुद्दा क्यों बना रही हैं। Vinesh Phogat के आरोपों को WFI चीफ ने किया खारिज दरअसल, पेरिस ओलंपिक 2024 में 50 किग्रा कुश्ती वर्ग के गोल्ड पदक मैच से पहले विनोश फोगाट को अयोग्य घोषित किया गया था, क्योंकि फाइनल मैच की सुबह उनका वजह सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया था। एक दिन पहले वो वजन सीमा के भीतर थी, लेकिन दूसरे दिन 100 ग्राम वजन में बढ़ोत्तरी के चलते उन्हें अयोग्य घोषित किया गया। दिल तोड़ देने वाली इस घटना के बाद भारतीय पहलवान विनेश ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा की थी, लेकिन पिछले दिसंबर में उन्होंने अपने रिटायरमेंट से यू-टर्न लिया और कुश्ती में वापसी का एलान किया। इसके बाद विनेश ने ये खुलासा किया कि वह अगले महीने होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की प्लानिंग कर रही थीं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकीं। उन्होंने WFI अधिकारियों से इसको लेकर संपर्क किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाह नहीं मिला। उन्होंने संघ पर उनकी कुश्ती में वापसी जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है, जिसे WFI के चीफ संजय सिंह ने खारिज कर दिया।   इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए विनेश ने कहा, "मैं नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में वापसी करने की उम्मीद कर रही हूं। इसके लिए पंजीकरण 30 अप्रैल तक खुला था। हालाँकि, जब मैंने पंजीकरण करने की कोशिश की, तो पोर्टल पर लिखा आ रहा था कि ये अब बंद हो चुका है। मैं महासंघ के प्रशासनिक कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन उन्होंने मेरे कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया है।" विनेश ने कहा कि उन्हें फेडरेशन कप में भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था, उन्होंने आगे कहा कि चयन मानदंड आखिरी मिनट में बदल दिए गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि WFI जानबूझकर उन्हें वापसी करने से रोक रहा है।   विनेश के दावों पर WFI चीफ का बयान इस कड़ी में WFI के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बाकी पहलवानों ने भी इसी तरह की समस्याओं का सामना किया था और उनका समाधान तुरंत कर दिया गया था। सिंह ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत करते हुए कहा, "विनेश फोगट का रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है। वह बेवजह हंगामा क्यों कर रही है? हमने किसी भी पहलवान को भाग लेने से नहीं रोका है, उन सभी का स्वागत है। मीडिया से बात करने के बजाय, उसे कुश्ती पर ध्यान देना चाहिए। अब तक, 800 पहलवानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, और किसी ने भी किसी समस्या की रिपोर्ट नहीं की है।

वापसी की हुंकार: विनेश फोगाट दोबारा लड़ेंगी दंगल, लक्ष्य—ओलंपिक 2028

नई दिल्ली  दमदार रेस्लर विनेश फोगाट ओलंपिक गेम्स 2024 में मेडल जीतने से चूक गई थीं। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और विधायक बनीं, लेकिन अब एक बार फिर से उन्होंने रेस्लिंग मैट पर लौटने का फैसला किया है। उन्होंने रेस्लिंग की दुनिया में वापसी का ऐलान भी कर दिया है। ओलंपिक गेम्स 2028 के लिए उन्होंने हुंकार भरी है। विनेश ने बताया है कि वह मैट से दूर गई थीं, लेकिन उसे कभी उन्होंने छोड़ा नहीं है। दिग्गज पहलवान आगे बताती हैं कि इस बार उनके लिए मोटिवेशन उनका बेटा भी है।   विनेश फोगाट ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। बहुत समय तक, मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, प्रेशर से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपने सपनों से भी दूर जाने की जरूरत थी। सालों में पहली बार, मैंने खुद को सांस लेने दिया। मैंने अपने सफर के बोझ को समझने के लिए समय लिया – उतार-चढ़ाव, दिल टूटना, त्याग, मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा और कहीं उस सोच में, मुझे सच मिला, मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहती हूं।” तमाम मेडल जीत चुकीं विनेश आगे लिखती हैं, "उस खामोशी में, मुझे कुछ ऐसा मिला जिसे मैं भूल गई थी 'आग कभी खत्म नहीं होती'। यह सिर्फ थकान और शोर के नीचे दब गई थी। डिसिप्लिन, रूटीन, फाइट… यह सब मेरे सिस्टम में है। मैं कितना भी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा मैट पर बना रहा। तो हां, मैं यहां हूं, LA28 की ओर एक ऐसे दिल के साथ जो निडर है और एक ऐसी भावना जो झुकने से मना करती है और इस बार, मैं अकेली नहीं चल रही हूं, मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है, मेरा सबसे बड़ा मोटिवेशन, LA ओलंपिक्स के इस रास्ते पर मेरा छोटा चीयरलीडर।" क्या हुआ था ओलंपिक गेम्स 2024 में उनके साथ? पेरिस में हुए ओलंपिक गेम्स 2024 में विनेश फोगाट ने एक ही दिन में तीन कुश्ती जीती थीं और वह फाइनल में पहुंच गई थीं। अगले दिन फाइनल होना था, लेकिन इससे पहले खबर आती है कि विनेश फोगाट का वजन थोड़ा सा ज्यादा है। ओवरवेट होने की वजह से वह फाइनल में नहीं खेलेंगी और उनको कोई भी मेडल भी नहीं मिलेगा। भारत ने और विनेश फोगाट ने खूब कोशिश की, खेल पंचाट तक मामला गया, लेकिन ओवरवेट की वजह से वह खाली हाथ लौटीं। 

विनेश फोगाट पर फूटा सरपंच का गुस्सा: ‘अब दौरा सिर्फ दिखावा है’

जींद  हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक और पूर्व रेसलर विनेश फोगाट ने गुरुवार को क्षेत्र के गांवों का दौरा किया. इस दौरान खेतों में भरे बरसात के पानी का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत की. बुआना गांव में पहुंची विनेश फोगाट से बुआना के सरपंच प्रतिनिधि सुधीर ने कहा कि अब दौरा करने का क्या औचित्य है, जब 75 प्रतिशत पानी उतर चुका है. उन्होंने आगे कि जब हमें जरूरत थी, तो विनेश फोगाट के पास 100 से ज्यादा फोन किया गया लेकिन विधायक ने फोन नहीं उठाया. सरपंच प्रतिनिधि ने तो ये तक कह दिया कि जुलाना हलके के लोगों के साथ वोटों की ठगी हो गई है. सुधीर ने कहा, "हमने मिलकर विनेश फोगाट को जिताया था लेकिन आज जब उन पर मुसीबत आई, खेतों और गांव में जलभराव हुआ तो उनके फोन उठाने भी बंद कर दिए. जब पानी उतर गया तो हमें संभालने के लिए आ गईं.  बाढ़ प्रभावित लोगों से विनेश ने की मुलाकात विधायक विनेश फोगाट  दोपहर को हलके के बराड़ खेड़ा, बुआना, खरैंटी, गढ़वाली, झमौला, करेला, मालवी और देवरड़ गांवों में पहुंचीं और ग्रामीणों व बाढ़ से प्रभावित किसानों से बातचीत की. कांग्रेस विधायक ने किसानों की समस्याएं सुनी और उन्हें हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि खेतों से पानी की निकासी के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे किसानों की फसलें बचाई जा सकें. विनेश फोगाट ने कहा कि किसानों की परेशानी को दूर किया जाएगा और नुकसान का आकलन करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा. इसके बाद जब विनेश फोगाट बुआना गांव में पहुंचीं तो सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान और प्रदेश प्रवक्ता सुधीर बुआना ने कहा कि सरपंच एसोसिएशन और पंचायत समिति सदस्यों ने समर्थन देकर विनेश फोगाट को जिताया था, अब विधायक फोन उठाना भी उचित नहीं समझ रही हैं.  सुधीर बुआना ने यहां तक कहा कि सरकार और प्रशासन तो हमारा सहयोग कर रहा है लेकिन विधायक का हमें कोई सहयोग नहीं मिला. विधायक जलभराव का स्थाई समाधान करें. 

विधायक बनीं दो माह पहले, अब विनेश फोगाट ने बेटे की पेश की पहली झलक

जुलाना जुलाना से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व रेसलर विनेश फोगाट ने लगभग सवा दो माह बाद बेटे की फोटो को सोशल मीडिया पर डाला है। फोटो में बेटे के मुंह पर इमॉजी लगाई गई है। जन्म के बाद यह पहला फोटो शेयर हुआ है। इसमें बेटे के नाम की जानकारी भी दी गई है।  दो माह पहले बनी थी मां  एक जुलाई 2025 को रेसलर विनेश फोगाट ने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही परिवार के अलावा सोशल मीडिया पर बेटे के साथ विनेश का फोटो नहीं आया था। शनिवार देर शाम को विनेश फोगाट ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर बेटे के साथ फोटो शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने इसका नाम कृधव रखा है। विनेश ने ये भी लिखा कि उनके पिता ने कृष्ण भगवान को हमेशा अपने हृदय में, आस्था में, प्रार्थनाओं में, जीवन के हर पल में धारण किया है और आज वह भक्ति हमारे बेटे के नाम (कृष्ण + माधव) के नाम से कृधव में जीवित है।  पेरिस ओलिंपिक से हुई थीं डिस्क्वालिफाई इसके आगे विनेश ने लिखा है कि ईश्वर करे कि उसका जीवन उसके नाम की तरह दिव्य हो, और उसकी मुस्कान की तरह आनंदमय हो। पेरिस ओलिंपिक से डिस्क्वालिफाई होने के बाद विनेश खुलकर राजनीतिक मंच पर कांग्रेस के साथ आई थी। हालांकि दिल्ली में खिलाड़ियों के आंदोलन के दौरान भी कांग्रेस समेत अन्य  दलों ने खिलाड़ियों का समर्थन किया था। विनेश फोगाट ने साल 2024 में पेरिस ओलिंपिक में भाग लिया था। वहां विनेश ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 अगस्त 2024 को एक ही दिन में तीन मैच खेले थे। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक की चैंपियन यूई सुसाकी को हरा दिया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूक्रेन और सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर को पटखनी दी। विनेश ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनी थीं। इसके बाद वह डिस्क्वालिफाई हुई तो राजनीति में आई। पहली ही बार में वह कांग्रेस की टिकट पर जुलाना से विधायक बनीं।