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रायपुर: बाढ़ में गईं किताबें और टेबलेट खराब, फिर भी नहीं रुकी पूनम की पढ़ाई

रायपुर : बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी रायपुर: बाढ़ में गईं किताबें और टेबलेट खराब, फिर भी नहीं रुकी पूनम की पढ़ाई मुसीबतों के बीच जज्बा! बाढ़ में बह गईं पुस्तकें, पूनम फिर भी कर रही तैयारी मुख्यमंत्री की पहल पर पूनम को मिली पुस्तकें और नया टेबलेट रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बाढ़ से प्रभावित दंतेवाड़ा की पूनम पटेल की प्रशासनिक अधिकारी बनने की तैयारी आगे भी निर्बाध जारी रहेगी। पूनम पटेल, दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में रहकर पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में दंतेवाड़ा में आई बाढ़ से प्रभावित होने के कारण पूनम का पूरा परिवार राहत शिविर में है। आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूनम से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री की पहल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पूनम को आवश्यक पुस्तकें और एक नया टेबलेट उपलब्ध कराया गया है। अब पूनम की यूपीएससी तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरा पारा वार्ड की रहने वाली पूनम पटेल पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में आई बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और घर का सारा सामान बह गया। पूनम ने बताया कि बाढ़ के पानी में उनकी सभी पुस्तकें बह गईं और टेबलेट भी खराब हो गया। पूनम ने कहा कि उनके पिता संतोष पटेल किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्हीं की आमदनी से बड़ी मुश्किल से एक-एक पैसा जोड़कर यूपीएससी की पढ़ाई के लिए टेबलेट खरीदा था। बाढ़ के पानी में पुस्तकें और टेबलेट खराब हो जाने से पूनम आगे की तैयारी को लेकर बेहद चिंतित थीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पूनम को नया टेबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस सहायता से पूनम को बड़ी राहत मिली है। अब पूनम के प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह में बाढ़ भी बाधा नहीं डाल पाएगी।

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल : ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का होगा शुभारंभ ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल, ‘दीदी के गोठ’ से अब हर गांव तक पहुँचेगी सशक्तिकरण की आवाज ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई दिशा और पहचान 31 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे सभी आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित होगा कार्यक्रम बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी,आकाशवाणी के बिलासपुर केंद्र से इस प्रसारण को 103.2 मेगा हर्ट्ज सुना जा सकेगा साथ ही लाइव स्ट्रीमिंग www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-Bilaspur के जरिए भी लोग कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों का विशेष संदेश कार्यक्रम के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।      दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी। कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूती हासिल की बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी  बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि दूसरी महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।      इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया मदद का हाथ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM  CM विष्णु देव साय का बड़ा कदम: 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की मदद रायपुर जीवन में किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। इलाज के खर्चे जब लाखों में पहुँच जाते हैं तो आमजन के लिए यह बोझ असहनीय हो जाता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना बड़ी राहत देती है, जिसके तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है, लेकिन जब बीमारी का खर्च इस सीमा से भी अधिक हो जाता है, तब मरीज और परिवार चिंता में घिर जाते हैं। इसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदनशील पहल करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए 2 करोड़ 85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इस राशि से मरीजों को कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल व महंगे उपचार कराने में मदद मिली। समय पर सहायता पहुँचने से मरीजों का जीवन सुरक्षित हो सका और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत मिली। मरीजों और परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम के लिए आभार जताया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है। आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराया जाना है, वहां से जारी प्राकलन (स्टिमेट) रिपोर्ट देना जरूरी  है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का किया आभार

चिरमिरी नगर निगम में कचरा प्रबंधन हेतु 6.26 करोड़ की परियोजना मंजूर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का किया आभार चिरमिरी नगर निगम को मिला तोहफा, 6.26 करोड़ की कचरा प्रबंधन परियोजना स्वीकृत एमसीबी/चिरमिरी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रयासों से स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) की 8वीं बैठक में चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र में सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए आधुनिक संयंत्र स्थापित करने तथा संयंत्रों के उन्नयन एवं विकास की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर कुल 6 करोड़ 26 लाख 27 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वीकृत परियोजना के तहत सूखे कचरे के लिए उन्नयन एवं विकास हेतु 12 एमआरएफ प्लांट तथा गीले कचरे हेतु 12 नवीन विंड्रो कंपोस्ट प्लांट की स्थापना की जाएगी। संयंत्र निर्माण, उपकरण लागत और अतिरिक्त कार्यों को मिलाकर परियोजना की कुल लागत 4 करोड़ 51 लाख रुपए होगी, जबकि पांच साल के संचालन व संधारण पर 1 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बड़ी पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का क्षेत्र की जनता की तरफ से आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि इस परियोजना के जरिए चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में कचरा निस्तारण और रीसाइक्लिंग को नई दिशा मिलेगी। इससे शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।

CM साय: रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की असली पहचान

रायपुर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। रायगढ़ का चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला की पहचान है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय और माधुर्य से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध करता है। यह समारोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को गौरवान्वित करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कला-प्रेमियों को हार्दिक आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी की स्मृति में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक यात्रा को और समृद्ध करता है। रायगढ़ की पुण्यभूमि, हमारी सांस्कृतिक धरोहर और कलाओं से परिपूर्ण है। यह वही धरती है जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का हिस्सा बनें और भारतीय कला-संस्कृति के माधुर्य का अनुभव करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चक्रधर समारोह की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी और न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ की  सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ बनाएगी।

CM साय: बस्तर सरकार की नई नीतियों और सुरक्षा कदमों से शांति और विकास की ओर अग्रसर

सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर हो रहा अग्रसर – मुख्यमंत्री सायबीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण; पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना का परिणाम रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बीजापुर में 81 लाख रुपए के 20 इनामी समेत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आत्मसमर्पण हमारी सरकार की नवीन पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है, उसी का परिणाम है कि लगातार माओवादी संगठन कमजोर हो रहे हैं और बड़ी संख्या में वे हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। बस्तर अंचल में नक्सलवाद कमजोर हो रहा है और बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है। हमारी डबल इंजन की सरकार मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री

रायपुर : विष्णु के सुशासन में ग्रामीणों की समस्याओं का हो रहा त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री  रायपुर जिला प्रशासन द्वारा सुशासन को लेकर की जा रही अभिनव पहल रायपुर रायपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश में आम जनता को शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर के समीप पहुंचाने की दिशा में “सुशासन एक्सप्रेस” नाम से एक अभिनव और अनुकरणीय पहल शुरू की गई है, जो जनसमस्याओं के त्वरित निदान मॉडल के रूप में स्थापित हुई है। इसका शुभारंभ 29 मई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में किया था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस पहल के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को शासन की दो दर्जन से अधिक सेवाओं का लाभ सहजता से मिलने लगा है।  ग्रामीणों ने कहा अब घर के समीप ही मिल रही है सुविधा ग्राम पंचायत संकरी के युवा उत्तम साहू के लिए खुशी का क्षण था जब घर बैठे ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस मिल गई, जो उनके गांव में आए सुशासन रथ से मिली। उत्तम कहते हैं कि उनके घर में अन्य सदस्यों ने लाइसेंस बनाया तो गांव के बाहर जाना पड़ा था और समय भी लगा था, अब कुछ दिन पहले गांव में कोटवार ने हांका लगाया तो सुशासन रथ आने की जानकारी मिली। मैंने वहां जा कर आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी हुई और मुझे लाइसेंस मिल गया। सांकरा के रहने वाले राजेश कुमार यादव भी बड़े प्रफुल्लित हैं  कि उनका राशन कार्ड बन गया, इसके लिए बार-बार पंचायत कार्यालय में जाना नहीं पड़ा  उन्होंने सुशासन रथ में आवेदन दिया, प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड बन गया। उत्तम और राजेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि अब जिला प्रशासन रायपुर द्वारा उनके घर के समीप ही शासकीय सेवाएं मिल रही हैं जिसके लिए उन्हें अलग से समय निकाल कर जाना पड़ता था, कई बार कागजात अपूर्ण होने पर दुबारा भी जाना पड़ता था।  67 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 75,864 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,788 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित आवेदनों की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक जरूरतमंद 15,741 आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, 5741 को जाति प्रमाण पत्र, 4273 को निवास प्रमाण पत्र, 7536 को आयुष्मान भारत कार्ड, 6014 को राशन कार्ड, 8269 को ड्राइविंग लाइसेंस, 1306 को किसान क्रेडिट कार्ड, 2051 को नरेगा जॉब कार्ड, 577 को जन्म प्रमाण पत्र, 50 को मृत्यु प्रमाण पत्र, 4093 श्रमिकों को श्रम कार्ड, 5070 लोगों को आधार कार्ड, 883 को किसान किताब, 814 पात्र आवेदकों को पेंशन, 1346 एचएसआरपी का लाभ देेने के साथ ही महिला एवं बाल विकास, पुलिस, आवास सहित अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।  गांव में ही लग रहा ‘वन-स्टॉप कैंप किसी भी गांव में सुशासन एक्सप्रेस पहुंचने से तीन दिन पहले सूचना जारी की जाती है। मौके पर पटवारी, पंचायत सचिव, स्वास्थ्य टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आधार व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इस तरह गांव में ही छोटा ‘वन-स्टॉप शिविर’ तैयार हो जाता है। प्रथम चरण- पूर्ण, अब सुशासन एक्सप्रेस दूसरे चरण में  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार-2025 के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन रायपुर ने इसी तर्ज पर सुशासन एक्सप्रेस की शुरूआत की, जिसका उद्देश्य शासकीय अमले का एक साथ गांवों में पहुंचकर उनकी समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण करना है। सुशासन एक्सप्रेस के प्रथम चरण की शुरूआत अभनपुर, आरंग, धरसींवा और तिल्दा विकासखण्ड के गांवों से हुई। उक्त चारों विकासखण्डों की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा नगर पंचायत आरंग के 17 वार्डों में सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण किया गया। प्रथम चरण की सफलता के बाद अब जिला प्रशासन ने इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया है, जिसमें अभनपुर, धरसींवा एवं तिल्दा विकासखंड के ग्रामीण इलाके शामिल है, जहां सुशासन एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में पहुंच रही है। सुशासन एक्सप्रेस के साथ गांव-गांव में पहुंचकर विभिन्न विभागों का मैदानी अमला लोगों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण कर रहा है।  नाम मात्र खर्च में बड़ा बदलाव कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एक्सप्रेस संचालित करने के आइडिया को मूर्तरूप देने के लिए कंडम हो चुकी चार एंबुलेंस को जिला प्रशासन द्वारा मरम्मत कराकर इन्हें सुशासन एक्सप्रेस में परिवर्तित किया गया। नाम मात्र खर्च में तैयार किए गए इन मोबाइल सेवा वैन ने ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई राह प्रशस्त की है। रायपुर जिले की सुशासन एक्सप्रेस की सफलता वास्तव में शासन-प्रशासन की इच्छाशक्ति, नवाचार और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचाने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जापान यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-जापान संबंध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर कहा कि “हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।

CM साय करेंगे ‘बिहान’ की दीदियों से संवाद, 31 अगस्त से शुरू होगा नया रेडियो कार्यक्रम

रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सफलता की कहानियों को नए मंच पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक अनोखी पहल करने जा रही है। 'दीदी के गोठ' नाम से नया रेडियो कार्यक्रम 31 अगस्त 2025 से शुरू होगा। पहला प्रसारण दोपहर 12:15 बजे आकाशवाणी के सभी केंद्रों से किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री विजय शर्मा सीधे बिहान की दीदियों से संवाद करेंगे। 'दीदी के गोठ' में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से पाई हुई उपलब्धियों और प्रेरणादायी कहानियों को साझा करेंगी। इन कहानियों से न केवल अन्य समूहों को दिशा मिलेगी बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगी। बिहान के कार्यों का होगा प्रसार कार्यक्रम के जरिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत चल रहे कार्यों, महिलाओं की उपलब्धियों और आजीविका संवर्धन से जुड़े नवाचारों की जानकारी पूरे प्रदेश में प्रसारित होगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को नई ऊर्जा देगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह में और मजबूत बनाएगी। 

रायपुर: CM साय ने वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन का किया दौरा, प्रदेश की संस्कृति रही आकर्षण का केंद्र

वर्ल्ड एक्सपो 2025 में दिखी प्रदेश की संस्कृति और समृद्धि की अद्भुत झलक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे। यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ दुनिया के सामने उभर रहा है। “हमारी पहचान केवल धरोहर और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।” पवेलियन में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, बुनाई, हस्तनिर्मित उत्पाद, हर्बल आइटम्स और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जापान और अन्य देशों से आए आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के पैवेलियन की सराहना करते हुए विशेष रूप से हस्तशिल्प और बांस उत्पादों, बस्तर आर्ट और लोकसंगीत पर आधारित प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच प्रदेश की एक सकारात्मक छवि बनी। मुख्यमंत्री साय ने पवेलियन में मौजूद मेहमानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रदेश के साथ जुड़कर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर हमारी भागीदारी यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का भी एक मजबूत केंद्र बन सकता है।” इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। औद्योगिक विकास, पर्यटन संवर्द्धन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित इन मुलाकातों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोले। छत्तीसगढ़ पवेलियन की भव्यता और उसमें प्रदर्शित सामग्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश न केवल अतीत की सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, बल्कि आने वाले कल का भविष्य-रेडी हब भी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह प्रवास छत्तीसगढ़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।