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BLO करेंगे घर-घर सत्यापन, 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष अभियान

रांची भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है. झारखंड समेत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा. झारखंड में 20 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा है कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर विजिट कर मतदाताओं का सत्यापन 30 जून से 29 जुलाई तक किया जाना है. इस क्रम में बीएलओ की ओर से इन्यूमरेशन फॉर्म बांटे और मतदाताओं द्वारा सत्यापित किए जाने के उपरांत संग्रहित किए जाएंगें. सुबोध कुमार ने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु पहले से तैयारियां की जा रहीं हैं, इसके तहत राज्य में 73% मतदाताओं की मैपिंग विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से बीएलओ द्वारा की जा चुकी है. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वैसे मतदाता जिनकी अभी तक मैपिंग नहीं हो सकी है उनकी सूची सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई 2026 से लगाई जाएगी एवं उनके बीएलओ के नाम एवं फोन नंबर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क करते हुए मतदाता सूची में अपनी मैपिंग करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा मतदाताओं के मैपिंग के क्रम में घर घर  जाकर स्टीकर लगाने का भी कार्य किया गया है, जिसमें उनके बीएलओ का नाम नंबर दर्ज है. इसके साथ साथ ECINET पर उपलब्ध 'बुक ए कॉल' फीचर का इस्तेमाल करते हुए भी अपने बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है. वहीं झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एसआईआर कार्यक्रम का ऐलान करते हुए बताया कि अनमैप्ड मतदाताओं की सूची की एक प्रति बीएलओ को भी दी जाएगी, ताकि वे ASDD सूची (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) को अंतिम रूप दे सकें. साथ ही, शेष अनमैप्ड मतदाता गणना (Enumeration) फॉर्म के साथ संलग्न किए जाने वाले अपने दस्तावेजों को तैयार कर सकें, ताकि घोषणा पत्र के साथ उन्हें प्रस्तुत किया जा सके.

मतदाता सूची में तार्किक विसंगति वाले मतदाता 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन

दुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार और सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में आए हैं, वे 13 फरवरी 2026 तक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें. 10 दिनों के भीतर दर्ज करें आपत्ति: प्रभावित मतदाता सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां या दस्तावेज जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि (बीएलए सहित) के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है. इसके लिए निर्वाचक / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/ एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा. सुनवाई का अंतिम अवसर : उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रभावित मतदाताओं को न केवल दस्तावेज जमा करने, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया जा रहा है. अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर किए जा रहे इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है . अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें. यदि 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं कराया जाता है, तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (21 फरवरी 2026 ) में संबंधित नाम शामिल नहीं हो सकेंगे.

योग्य मतदाताओं की 100% कवरेज सुनिश्चित करें: के. रवि कुमार की सख्त हिदायत

रांची  झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि अन्य राज्य के वैसे मतदाता जिनका विगत मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में झारखंड के मतदाता सूची में नाम नहीं था, वे अपना नाम संबंधित राज्य के विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से ढूंढकर अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता विगत गहन पुनरीक्षण में अपना अथवा अपने परिजनों के नाम ढूंढने के लिए 1950 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिसियल वेबसाइट पर सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध है। कुमार ने शुक्रवार को निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक करते हुए कहा कि राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के पूर्व तैयारियों के क्रम में मतदाताओं का विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग बीएलओ ऐप में की जा रही है। इस दौरान अन्य राज्य से आए मतदाताओं की मैपिंग मैनुअल रजिस्टर मेंटेन कर करें जिससे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को आसानी हो सके। गहन पुनरीक्षण के दौरान एक भी योग्य मतदाता छूटे नहीं इस बात को ध्यान में रखकर कार्य करना है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पैरेंटल मैपिंग एवं ए.एस.डी सूची बनाते समय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बताए गए नियमों का अक्षरश: पालन करें। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हर स्तर पर कार्यों के निरीक्षण की प्रक्रिया बनाई गई है, पदाधिकारी इसका अनुपालन करते हुए कार्य करें। कुमार ने पीपीटी के माध्यम से पदाधिकारियों को विगत एसआईआर से वर्तमान मतदाता सूची के मैपिंग में विभिन्न स्तर पर निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं के बारे में विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, प्रियंका सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, एचडीएम, कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश भोपाल मध्यप्रदेश के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन ने शनिवार, 29 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मती सुरभि तिवारी,  राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान  जादौन ने अशोकनगर, बैतूल और नीमच जिलों में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण होने पर संबंधित टीमों को बधाई दी। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 44 जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण होने पर सभी अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन मतदाताओं का निवास परिवर्तन हुआ है या जिनके मतदाता परिचय-पत्र में संशोधन की आवश्यकता है, वे संबंधित बीएलओ से संपर्क कर एन्युमरेशन फॉर्म के साथ फॉर्म-8 भरकर जमा करें। मतदाता यह प्रक्रिया स्वयं भी ऑनलाइन Voters.eci.gov.in अथवा ceoelection.mp.gov.in पर पूरी कर सकते हैं। साथ ही नये मतदाता अपना फार्म 6 भरकर भी दे सकते हैं।  जादौन ने कहा कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान यदि किसी बीएलओ की मृत्यु हुई है, तो उनके दावे, पारिश्रमिक तथा परिजन की अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई शीघ्रता से पूरी की जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर और भोपाल जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्य की गति और बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे निर्धारित समय सीमा में प्रदेश में शत-प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा किया जा सके।