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महिला सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, जयपुर पुलिस में सर्जरी

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर इलाके में बीते दिनों एक गर्भवती महिला के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में अब पुलिस महकमे के भीतर बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाहर सर्किल थाना प्रभारी (CI) आशुतोष कुमार को तुरंत प्रभाव से पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है. इस मामले में पहले ही दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है, लेकिन अब मंगलवार (05 मई, 2026) को गाज थाना प्रभारी पर भी गिरी है. क्यों हुई यह कार्रवाई? यह पूरा मामला 16 अप्रैल को सामने आया था, जब राहुल गुर्जर नाम के आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह गलत हरकत की थी. इस घटना से पूरे शहर के लोगों में गुस्सा था. आरोप था कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और आरोपी को पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया था. मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने अब थाना स्तर पर यह बड़ी सर्जरी की है. आरोपी राहुल गुर्जर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है. जयपुर पुलिस में 5 CI के तबादले पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केवल जवाहर सर्किल ही नहीं, बल्कि कुल 5 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं. जवाहर सर्किल थाने की कमान अब महेश चंद गुर्जर को सौंपी गई है, जो इससे पहले जवाहर नगर थाना प्रभारी थे. उनकी जगह सरला यादव को जवाहर नगर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है. वहीं, जितेन्द्र कुमार वर्मा को बजाज नगर थाने की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बजाज नगर की थाना प्रभारी पूनम चौधरी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जहां आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें एमपी के बीहड़ों तक पहुंच गई थीं, वहीं थाने के भीतर हुई शुरुआती लापरवाही ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए थे. अब नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ लोगों ने उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली में सुधार होगा.

कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की बड़ी कार्रवाई, हजारों महिलाओं को किया गया जागरूक

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर में महिलाओं के साथ बढ़ती छेड़छाड़ और छींटाकशी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने शनिवार को अभियान चलाकर 23 मनचलों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की. इन सभी आरोपियों को शहर के अलग अलग थानों में गिरफ्तार करवाया गया. स्कूल और कॉलोनियों में चलाया जागरूकता अभियान केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि कालिका टीम ने शहर के स्कूल कॉलेज और कॉलोनियों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए. इस दौरान छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया. हजारों महिलाओं को किया जागरूक टीम ने सार्वजनिक परिवहन जैसे लो फ्लोर बस सिटी बस मिनी बस और अन्य वाहनों में यात्रा कर रही 4,118 महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया. साथ ही उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से कैसे संपर्क करें. गर्ल्स स्कूल और कॉलेज में 1,185 छात्र छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया. इससे छात्राएं खुद को सुरक्षित रखने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हो सकेंगी. राजकॉप ऐप से भी मिलेगी मदद लगभग 989 महिलाओं और बालिकाओं को राजकॉप सिटीजन ऐप के Need Help फीचर के बारे में जानकारी दी गई और मौके पर ही डाउनलोड भी करवाया गया. इससे महिलाएं जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस सहायता ले सकेंगी. ये 5 नंबर जरूर सेव करें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रानू शर्मा ने बताया कि महिलाएं अपने मोबाइल में निर्भया हेल्पलाइन के पांच नंबर जरूर सेव करें: 8764866090 8764866091 8764866092 8764866093 8764866094 इन नंबरों पर किसी भी परेशानी में कॉल या मैसेज के साथ ऑडियो वीडियो और रिकॉर्डिंग भेजकर तुरंत मदद ली जा सकती है. यह सेवा 24 घंटे सक्रिय रहती है.

महिलाओं की सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे आगे, देखें टॉप 10 शहरों की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली महिलाओं की सुरक्षा और करियर के बेहतर अवसरों के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे आगे निकलकर सामने आए हैं। यह जानकारी वर्कप्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है। ‘टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI)’ के चौथे संस्करण में देश के 125 शहरों की महिलाओं को शामिल किया गया। इस अध्ययन में महिलाओं से उनकी सुरक्षा, कार्यस्थल के माहौल और करियर में आगे बढ़ने के अवसरों को लेकर सवाल किए गए। इन्हीं मानकों के आधार पर शहरों को रैंकिंग दी गई। यह रिपोर्ट एक लॉन्गिट्यूडिनल इन्क्लूजन इंडेक्स के रूप में तैयार की गई है, जो यह आंकलन करती है कि कौन-से शहर महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और प्रोफेशनल ग्रोथ को लगातार बेहतर बना रहे हैं। बेंगलुरु फिर बना नंबर-1 रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु ने 53.29 CIS स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया है। यहां महिलाओं को करियर ग्रोथ के बेहतर मौके, मजबूत इंडस्ट्री सपोर्ट और अपेक्षाकृत सुरक्षित माहौल मिलता है। यही वजह है कि यह शहर लगातार दूसरे साल भी इस सूची में शीर्ष पर बना हुआ है। चेन्नई दूसरे स्थान पर कायम महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से चेन्नई ने दूसरा स्थान बरकरार रखा है। यह शहर साल 2024 में भी दूसरे नंबर पर था और 2025 में भी अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहा। टॉप 10 में ये शहर शामिल रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरे स्थान पर पुणे और चौथे पर हैदराबाद रहा। मुंबई, जो 2024 में तीसरे स्थान पर थी, 2025 में फिसलकर पांचवें नंबर पर पहुंच गई। टॉप 10 सुरक्षित शहरों की सूची में इसके बाद गुरुग्राम, कोलकाता, अहमदाबाद, त्रिवेंद्रम और कोयंबटूर शामिल है।