samacharsecretary.com

सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी

महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी कुछ जिलों की अप्रिय घटनाओं पर सीएम सख्त, पुलिस कप्तानों से ली कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री योगी ने शारदीय नवरात्र से मिशन शक्ति का नया चरण, जिलों को अभी से तैयारी के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उदासीनता या ढिलाई मिली तो कठोर कार्रवाई तय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाई जाएं। प्रत्येक संवेदनशील स्थल, बाजार, शिक्षण संस्थान और सार्वजनिक स्थान पर उनकी उपस्थिति और गश्त निरंतर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं छात्राओं को निर्भय वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है, इस पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ जिलों से प्राप्त अप्रिय घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस कप्तानों से मामले में अब तक हुई कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएँ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी शारदीय नवरात्र से ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देने के लिए अभी से सभी जिलों को तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता, सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को सुनिश्चित करना है।

ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी

शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र बनेगा शक्तिशाली- सीएम योगी ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी  रक्षा मंत्री और सीएम योगी ने गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई किया लोकार्पण  यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षा उपकरणों के लिए पहले हमे दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, अब ऐसा नहीं होगा- मुख्यमंत्री – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है- मुख्यमंत्री – लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक नहीं पहुंची- सीएम योगी गौतमबुद्ध नगर   रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र मजबूत होता है और यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह नोएडा को डिफेंस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की बढ़ती हुई चुनौतियों को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का सामना करने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन निर्माण के साथ एयरक्राफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी विकसित की गई है। पहले हमें दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, डाटा कैप्चर कर दुश्मन हमें पंगु बनाने की कोशिश करता था। अब ऐसा नहीं होगा।  ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी उन्होंने कहा कि 1947 से भारत विभिन्न युद्धों का सामना करता रहा है। प्रत्येक युद्ध का पैटर्न बदलता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने युद्ध के एक नए दौर में प्रवेश किया, जिसने भारत के सामर्थ्य का एहसास दुनिया को कराया। लेकिन इसने हमें भविष्य की चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा भी दी। हम सभी जानते हैं कि ताकत हो तो दुनिया नतमस्तक होती है। सीएम योगी ने गुरु द्रोणाचार्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनसे पूछा गया कि आप शस्त्र क्यों धारण कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा- 'अग्रत: चतुरो वेदा: पृष्‍ठत: सशरं धनु:'। शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे शास्त्र चिंता प्रवर्तते। शस्त्र और शास्त्र के बेहतर समन्वय से राष्ट्र शक्तिशाली होता है। शांति मांगने से नहीं, ऐसी स्थिति में अगला व्यक्ति शांति की अपील करता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने भी कहा था- वीर भोग्या वसुंधरा। रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा यूपी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले से समृद्ध रहा है। यहां 9 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री पहले से कार्यरत हैं, जो रक्षा उत्पादन में योगदान दे रही हैं। डिफेंस पीएसयूज़ उत्तर प्रदेश में पहले से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की चुनौतियों को देखते हुए दो नए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग केंद्र दिए, जिसमें एक यूपी को मिला। हम 6 नोड्स- अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में विकास कर रहे हैं। अब तक 12.5 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध कराई गई है। जितनी भी सुविधा चाहिए, यूपी सरकार उपलब्ध कराएगी। सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है। अब लखनऊ ब्रह्मोस मिसाइल के रूप में भी जाना जाता है। लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक न पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने अपनी क्षमता दिखाई। इसी तरह DDL का केंद्र झांसी में, AK 203 अमेठी में और एस्कॉर्ट हरदोई में कार्यरत हैं। रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का हुआ उद्घाटन  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया, जहां अत्याधुनिक ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण हुआ, जो रक्षा क्षेत्र में परीक्षण और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों ने ड्रोन प्रदर्शनी का दौरा किया, जहां विभिन्न प्रकार के ड्रोन के मॉडल और उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।  इस दौरन सीडीएस जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, सांसद महेश शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच

प्रदेश को 4 नए आटोमेटिक टेस्ट स्टेशन की सौगात प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन (एटीएस) के जरिये और पारदर्शी होगी प्रक्रिया योगी सरकार द्वारा किया जा रहा एटीएस का विस्तार , लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर व मीरजापुर में नए एटीएस लखनऊ  योगी सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 04 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है। वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह सिलसिला जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रहा है। नियमानुसार समस्त आरसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी/परिवहन आयुक्त द्वारा ही निर्गत किए गए हैं। आरसी प्राप्त 04 नए एटीएस (RC दिनांक 26-08-2025), प्रदेश में संख्या हुई 14  1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ 2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा 3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर 4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। नीति/प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु (SOP के अनुरूप) जनपद-वार सीमा: किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं। First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में एक तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 एटीएस अनुमन्य हैं। भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारंभिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए। वित्तीय/दस्तावेजी शर्तें: 50,000 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क। 5,00,000  रुपये की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह), वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि। ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य, CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण, AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत की जाती है।  पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन। जनहित में एटीएस के लाभ एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है तथा राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं। एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें। परिवहन विभाग एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें। ब्रजेश नारायण सिंह,  परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश 

सिर्फ व्यापार ही नहीं, कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है यूपीआईटीएस

सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 सिर्फ व्यापार ही नहीं, कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है यूपीआईटीएस  रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर होगी इस मेगा आयोजन की हर शाम  भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू जैसी लोक परंपराओं का होगा प्रदर्शन  ‘निरहुआ’से लेकर पद्मश्री मालिनी अवस्थी देंगी अपनी-अपनी प्रस्तुतियां देश और प्रदेश की चर्चित हस्तियां इस आयोजन को बनाएंगी यादगार UP International Trade Show 2025: सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम संगीत तक का देखने को मिलेगा संगम  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच देने के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 सिर्फ व्यापार का नहीं बल्कि कला-संस्कृति का भी संगम बनने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 सितंबर से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस मेगा आयोजन की हर शाम रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर होगी, जिसमें भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू जैसी लोक परंपराओं से लेकर सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम संगीत तक का संगम देखने को मिलेगा। शो में देश और प्रदेश के दिग्गज कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, सूफी गायिका प्रतिभा सिंह बघेल, कथक नृत्यांगना अनुराधा शर्मा, तथा बैंड प्रस्तुति देने वाली संस्कृति गाथा ग्रुप जैसी हस्तियां इस आयोजन को यादगार बनाएंगी।  पहला दिन: भोजपुरी और कथक का संगम 25 सितंबर की शाम का आरंभ भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ की गायकी से होगा, जो अपने लोकगीतों से दर्शकों का दिल जीतेंगे। इसी दिन वाराणसी की सोनी सेठ "राम रामेति रामायाः" शीर्षक कथक नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ ही संस्कृति गाथा गर्ल्स बैण्ड की मोहिनी, सोनल और अनन्या लोकधुनों की मधुरता बिखेरेंगी, जबकि मेरठ के पवन धानक अपनी शहनाई की धुन से वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देंगे। दूसरा दिन: सूफी और रसिया की जुगलबंदी 26 सितंबर को मंच होगा सूफी और ब्रज संस्कृति के नाम। रीवा की गायिका प्रतिभा सिंह बघेल अपने सूफी गायन से समां बांधेंगी, वहीं मथुरा के मुरारी लाल शर्मा चरकुला नृत्य के जरिए ब्रज की अनूठी परंपरा दिखाएंगे। गजेन्द्र सिंह रसिया गायन से श्रोताओं को बांधेंगे और नोएडा की नीलाक्षी राय सूफी नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। तीसरा दिन: अवधी लोकगायन और थारू नृत्य का आकर्षण 27 सितंबर की शाम लखनऊ की पद्मश्री मालिनी अवस्थी के अवधी लोकगायन से सराबोर होगी। साथ ही महाराजगंज के अमित अंजन लोकगायन प्रस्तुत करेंगे। अयोध्या की संगम लता बधावा नृत्य से दर्शकों को लुभाएंगी, जबकि पीलीभीत की रिंकू देवी थारू नृत्य के जरिए आदिवासी परंपरा का जादू बिखेरेंगी। चौथा दिन: बुंदेली और राई-सैरा की झलक 28 सितंबर को मंच पर आएंगे बुंदेलखंड और उसकी सांस्कृतिक धरोहर। बस्ती के ब्रजेश साण्डिल्य भजन गायन से भक्तिभाव का माहौल बनाएंगे। अंबेडकर नगर की मानसी सिंह रघुवंशी लोकगायन करेंगी। ललितपुर के जितेन्द्र कुमार बुंदेली गायन से मन मोह लेंगे और मोहिनी राई-सैरा लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगी। पांचवा दिन: सुगम संगीत और कबीर गायन का समापन 29 सितंबर की अंतिम शाम को आधुनिक और आध्यात्मिक संगीत का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ की लोकप्रिय जोड़ी सचेत-परम्परा सुगम संगीत से समां बांधेंगे। सोनभद्र के संतोष मादल सिंहा नृत्य से लोकजीवन की ऊर्जा दिखाएंगे। प्रयागराज के जलज श्रीवास्तव कबीर गायन से संत परंपरा को जीवंत करेंगे और नोएडा की अनुराधा शर्मा कथक नृत्य से कार्यक्रम का भव्य समापन करेंगी। सांस्कृतिक महाकुंभ का संदेश योगी सरकार ने इंटरनेशनल ट्रेड शो को सिर्फ व्यापारिक आदान-प्रदान का मंच ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोककलाओं और सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करने का भी अवसर बनाया है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दुनिया के सामने पेश करेगा। पांच दिनों का यह कार्यक्रम राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत दस्तावेज होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि व्यापार और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। योगी सरकार ने इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो को एक ऐसा मंच बनाने का प्रयास किया है, जहां उद्यमिता और निवेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला और संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार हो। थारू, बुंदेली, अवधी और भोजपुरी लोकधरोहरों की झलक दुनिया के सामने पेश होगी, जिससे न सिर्फ कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी।

प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच

प्रदेश को 4 नए आटोमेटिक टेस्ट स्टेशन की सौगात प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन (एटीएस) के जरिये और पारदर्शी होगी प्रक्रिया लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर व मीरजापुर में नए एटीएस योगी सरकार द्वारा किया जा रहा एटीएस का विस्तार  लखनऊ, योगी सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 04 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है। वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह सिलसिला जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रहा है। नियमानुसार समस्त आरसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी/परिवहन आयुक्त द्वारा ही निर्गत किए गए हैं। आरसी प्राप्त 04 नए एटीएस (RC दिनांक 26-08-2025), प्रदेश में संख्या हुई 14  1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ 2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा 3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर 4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। नीति/प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु (SOP के अनुरूप) जनपद-वार सीमा: किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं। First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में एक तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 एटीएस अनुमन्य हैं। भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारंभिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए। वित्तीय/दस्तावेजी शर्तें: 50,000 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क। 5,00,000  रुपये की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह), वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि। ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य, CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण, AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत की जाती है।  पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन। जनहित में एटीएस के लाभ एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है तथा राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं। एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें। परिवहन विभाग एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें। ब्रजेश नारायण सिंह,  परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश 

सीएम का निर्देश, बाढ़ प्रभावित लोगों को न होने पाए किसी भी प्रकार की असुविधा

गाजीपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी प्रवास के बाद गाजीपुर जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर से बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत जिला एवं मंडल स्तर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रशासनिक अमला सतत निगरानी में रहे, शरणालयों में रहने वाले लोगों को भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और आपदा की इस घड़ी में किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सीएम योगी ने मवेशियों के चारे, पीने के पानी की शुद्धता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही उन्होंने बाढ़ग्रस्त गांवों में दवाओं, एंटी स्नेक वैनम और एंटी रैबिज टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्यों को और तेज़ करने तथा बाढ़ पीड़ितों को तुरंत सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने काशी में किया 'जनता दर्शन', हर फरियादी की सुनीं समस्याएं  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में काशीवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  100 से अधिक लोगों की सुनीं फरियाद, अधिकारियों को तत्काल निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील  वाराणसी  काशीवासियों के लिए शनिवार की सुबह नई आशा और विश्वास की रही, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने यहां हर फरियादी की समस्याएं सुनीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुए 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में 100 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री सभी के पास गए, उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द निराकरण का  आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है।  हर पीड़ित के पास पहुंचे मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 'जनता दर्शन' किया। जानकारी होते ही फरियादी सुबह ही सर्किट हाउस पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने लगभग 100 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनी और प्रार्थना पत्र लिया। मुख्यमंत्री ने आयुक्त, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी समेत आलाधिकारियों को समस्या के त्वरित निस्तारण कराने और पीड़ितों से फ़ीडबैक लेने के लिए निर्देशित किया।  सीवर कनेक्शन, सड़क, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े मामले आए 'जनता दर्शन' में पहुंचे दिव्यांग फरियादी ने नेत्रहीनों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और एक कलाकार ने प्रदर्शनी लगाने के लिए उचित दर पर हॉल की मांग की। जनता दर्शन में सीवर कनेक्शन, कच्ची सड़कों के पक्का करने, जमीन और चक रोड से सम्बंधित मामले भी आए। राजस्व से संबंधित शिकायतें भी पहुंचीं। चंदौली से आए फरियादी ने मुआवजा न मिलने की शिकायत की। पुलिस से जुड़ीं शिकायतें भी लेकर लोग यहां पहुंचे। एक निजी स्कूल के मृतक शिक्षक की पत्नी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की।  सीएम ने दिया निर्देश- जनता का फीडबैक भी लें अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान ही सरकार का ध्येय है। प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समस्याओं पर कार्रवाई करते हुए त्वरित निस्तारण करने और फरियादियों का फीडबैक लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में सरकार के मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक-पुलिस के आलाधिकारी भी उपस्थित रहे।  बच्चों का भी पूछा हाल, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामना मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के साथ आए बच्चों से भी मिले। सीएम ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। सीएम ने पूछा कि स्कूल जाते हो या नहीं, पढ़ाई कैसी चल रही है। मन लगाकर पढ़ाई करना। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की भी शुभकामनाएं दीं।  

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन

दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग देगी प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचे सीएम योगी, तीसरी बार हुआ परिसर में आगमन वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच हुआ मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत सीएम योगी ने राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत संरक्षण कार्यों का किया निरीक्षण पांडुलिपियों के संरक्षण को और तीव्रता से आगे बढ़ाने का निर्देश वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में स्थित राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंतर्गत चल रहे संरक्षण कार्यों के निरीक्षण के लिए पहुंचे। यह उनका विश्वविद्यालय परिसर में तीसरा आगमन था। विश्वविद्यालय परिवार ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच किया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलसचिव राकेश कुमार और वित्त अधिकारी सहित आचार्यों ने उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री योगी ने दुर्लभ पांडुलिपियों एवं उनके संरक्षण कार्यों की प्रगति का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और कार्यों की गति और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की धरोहर इन पांडुलिपियों का संरक्षण एक सराहनीय कार्य है और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण दायित्व है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विस्तार भवन में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन द्वारा चल रहे संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक सरस्वती भवन पुस्तकालय और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का तीसरी बार विश्वविद्यालय आगमन होना संस्कृत भाषा, विश्वविद्यालय और देववाणी के लिए गौरव और हर्ष की बात है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पांडुलिपियों के संरक्षण के इस अभियान को गति देने में विश्वविद्यालय पूरी तरह से तत्पर है। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिवार से कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. राजनाथ, अभियंता रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी शशिंद्र मिश्र सहित कई आचार्य और अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य

दीपोत्सव 2025 रिकॉर्ड बनाने को 32 हजार वालंटियर बिछायेंगे 28 लाख दीप योगी सरकार का राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है लक्ष्य -एडीएम सिटी मुख्य व अन्य विभागों से 20 नोडल बनाए गए -सूचना विभाग साकेत महाविद्यालय से निकालेगा 11 झांकियां लेजर लाइट व ग्रीन आतिशबाजी से सजेगी 19 अक्टूबर की शाम अयोध्या  श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के भव्य आयोजन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस बार राम की पैड़ी पर नौवें आयोजन के दौरान 26.11 लाख दीप प्रज्वलन का लक्ष्य रखा है । इसके लिए 28 लाख दीप बिछाने की योजना बनाई गई है। इस महायज्ञ में 32 हजार वॉलंटियर्स की सेना उतरेगी, जो दीपों को सजाने और प्रज्वलित करने का कार्य संभालेगी। 19 अक्टूबर की शाम को होने वाला यह आयोजन लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी से और भी आकर्षक होगा। प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अयोध्या के एडीएम सिटी योगेंद्र पाण्डेय को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि विभिन्न विभागों से 20 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो आयोजन की हर बारीकी पर नजर रखेंगे। दीपोत्सव की तैयारियों में स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। राम की पैड़ी को दीपों से सजाने के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं, जो भगवान राम की लीलाओं को दर्शाएंगे। इन दीपों को जलाने के लिए सरसों तेल और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग होगा, ताकि पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे। रामकथा पार्क तक जाएंगी झांकियां सूचना विभाग की ओर से साकेत महाविद्यालय से 11 झांकियों का आयोजन किया जाएगा। ये झांकियां रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगी और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी। इन झांकियों में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा, जिससे दर्शकों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। झाकियां यहां से निकलकर रामकथा पार्क तक जाएंगी। मंत्रमुग्ध हो जाएंगे पर्यटक व श्रद्धालु 19 अक्टूबर की शाम को लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी का प्रदर्शन होगा, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगा। यह आतिशबाजी पर्यावरण के अनुकूल होगी, जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। दीपोत्सव के इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भी भारी भीड़ की उम्मीद है।रामलीलाओं का होगा मंचन।पिछले वर्ष सरयू में सामूहिक सरयू आरती का बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड। एक बार फिर सामूहिक वर्ल्ड रिकॉर्ड सरयू आरती का बनाने का किया जाएगा प्रयास। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए: डीएम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मेडिकल टीमें भी तैनात रहेंगी। स्वच्छता के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि राम की पैड़ी और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ और सुंदर बना रहे। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25 लाख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे

बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए-योगी आदित्यनाथ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे – विकास परियोजनाओं एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए – मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी तैयारियां समय से करें पूरी : सीएम योगी  – सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री  – प्रोफेशनल ब्लड डोनरों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही करें : सीएम योगी  – सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कार्यवाही करें – वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं वाराणसी में गतिमान, कीमत लगभग 15000 करोड़ वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने जिले में चल रही विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था और बाढ़ राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और उनकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से मुआवजा वितरण हो और राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि जिले में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने रिंग रोड फेज-2 को जनवरी 2026 तक तथा कज्जाकपुरा फ्लाईओवर को नवंबर 2025 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 66 बड़ी परियोजनाएं लगभग 15,000 करोड़ की लागत से जनपद में गतिमान हैं। कानून-व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए। थानों में नियमित जनसुनवाई हो और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए ऑटो-टैक्सी स्टैंड और वेंडिंग जोनों को व्यवस्थित करने का भी निर्देश दिया। सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में घूमने वाले दलालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रोफेशनल ब्लड डोनरों की पहचान कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। वाराणसी को शीघ्र टीबी मुक्त करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। गोवंश और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में बेहतर सुविधाएं, हरे चारे की उपलब्धता और बीमार पशुओं के त्वरित उपचार का प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश दिए। साथ ही नगर निगम, पंचायती राज और पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीडीए और यूपीसीडा द्वारा आवंटित भूमि पर समय से विकास कार्य न होने पर जुर्माना लगाकर वसूली की जाएगी। उन्होंने उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के भी निर्देश दिए। आगामी दिनों में वाराणसी दौरे पर प्रस्तावित मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था और स्वागत की तैयारियां समय से पूर्ण करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह अवसर काशी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर सहित मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, डीआईजी व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।