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सीएम योगी ने लोकभवन में किया नियुक्ति पत्र का वितरण

… तो महाभारत के बहुत रिश्ते बाकी का जीवन जेल में बिताने को मजबूर होंगेः मुख्यमंत्री  प्रदेश में नवचयनित 1112 कनिष्ठ सहायक व 22 एक्सरे टेक्नीशियन को वितरित किया गया नियुक्ति पत्र  सीएम योगी ने लोकभवन में किया नियुक्ति पत्र का वितरण एक परिवार के लोग पैसा लेकर भर्ती करते थे और जनता को लूटते थेः सीएम योगी  सीएम का तंजः उनके कारनामे यूपी को विकास की बुलंदियों को छूने के बजाय गर्त की ओर धकेल रहे थे सीएम ने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों को भी गिनाया, बोले-जब व्यक्ति ही स्वस्थ नहीं तो व्यवस्था कैसे स्वस्थ होगी नकारात्मकता फैलाने वालों पर बोले सीएम- वे कहीं की फोटो कहीं लगाकर नकारात्मकता फैलाएंगे और शासन, विभाग व आपकी छवि को खराब करेंगे लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2016  समेत पहले की भर्ती प्रक्रियाओं पर निशाना साधा। कहा कि हमें कई भर्तियों को सीबीआई को देना पड़ा था। एक व्यक्ति आठ-आठ जगह नाम लिखाकर पैसा लिए जा रहा था, जब जांच हुई तब पता चला। यह एक परिवार के वही लोग हैं, जो पैसा लेकर भर्ती करते थे और यूपी की जनता को लूटते थे। अभी भी जांच चल रही है। समय पर जांच हो जाएगी तो महाभारत के बहुत रिश्ते बाकी का जीवन जेल में बिताने को मजबूर होंगे। उनके कारनामे यूपी को विकास की बुलंदियों को छूने की बजाय गर्त की ओर धकेल रहे थे। इन लोगों ने यूपी को बीमारू बना दिया। इससे पहचान का संकट हो गया। नौजवान को नौकरी नहीं, बेटी असुरक्षित, व्यापारी असहाय, किसान आत्महत्या को मजबूर होता था। परंपरागत उद्यम बंदी के कगार पर जा रहे थे। अराजकता का वातावरण था। त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे, लेकिन 8 वर्ष से हर जनपद, समुदाय और व्यक्ति उत्साह व उमंग के साथ त्योहारों में सहभागी बनता है। आज सामाजिक सौहार्द भी है, जो राष्ट्रीय एकता को संबल देता है। लोगों का उत्साह व उमंग यूपी के विकास का जज्बा लेकर आगे बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर रहा है।  सोमवार को प्रदेश में 1112 कनिष्ठ सहायक व 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित मुख्य कार्यक्रम में नवचयनितों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।  स्वस्थ व्यक्ति ही सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में कर सकता भूमिका का निर्वहन सीएम योगी ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सकता है। स्वस्थ व्यक्ति ही सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में भूमिका का निर्वहन कर सकता है। जब व्यक्ति ही स्वस्थ नहीं तो व्यवस्था कैसे स्वस्थ होगी। जब व्यवस्था ही अस्वस्थ हो जाएगी तो उसके सारे पिलर ध्वस्त दिखाई देंगे। 2017 के पहले व्यवस्था में यही घुन लग चुका था, जो उसे खोखला किए जा रहा था, लेकिन पीएम मोदी के विजनरी लीडरशिप में यूपी ने समस्या के समाधान के साथ ही सभी मानकों को प्राप्त किया। उसी का परिणाम है कि पिछले 8 वर्ष में साढ़े 8 लाख युवाओं को अनेक सरकारी सेवा में लेने में हम सफल हुए हैं।  अब समय पर शुरू और संपन्न होती है प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पारदर्शी प्रक्रिया समय पर शुरू और संपन्न होती है। 8 वर्ष में 2. 19 लाख पुलिसकार्मिकों की भर्ती हुई है। हाल में ही 60,244  पुलिस कार्मिकों की भी भर्ती भी हुई। पहली बार जब हमारी सरकार ने पुलिस भर्ती प्रारंभ की थी तो ट्रेनिंग की समस्या खड़ी हुई। भर्ती 50 हजार की निकाली, लेकिन हमारे पास ट्रेनिंग सेंटर नहीं थे। जब रिव्यू किया तो पता चला कि केवल तीन हजार कार्मिकों की ही ट्रेनिंग एक साथ हो सकती है। तब मिलिट्री, पैरा मिलिट्री, अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेटर लेकर किसी प्रकार प्रशिक्षण पूरा कर पाए। इस बार 60,244 पुलिस कर्मियों को यूपी के अंदर ही ट्रेनिंग मिल रही है।  निष्पक्ष चयन प्रक्रिया नए यूपी की तस्वीर को करती है प्रस्तुत सीएम ने कहा कि निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से चयन की प्रक्रिया नए यूपी की तस्वीर को प्रस्तुत करती है। पिछले साढ़े 8 वर्ष में चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने लंबी छलांग लगाने में सफलता प्राप्त की है। हर क्षेत्र में कुछ न कुछ नया परिवर्तन करके दिखाया है। यह परिवर्तन पीएम मोदी के विकसित भारत के संकल्पना को आगे बढ़ाने का क्रम है। 70 वर्ष तक हम लोग केवल 13 लाख करोड़ तक पहुंचे थे, लेकिन इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यूपी की अर्थव्यवस्था 35 लाख करोड़ की बनने जा रही है। जो कार्य 70 वर्ष में नहीं हो पाया,  उससे भी ढाई गुना वृद्धि और बेहतर गति आठ-साढ़े वर्ष में दी है। यूपी के नौजवानों को प्रदेश में नौकरी की गारंटी मिली।  सीएम ने चिकित्सा शिक्षा व चिकित्सा स्वास्थ्य की नियुक्तियों को गिनाया  सीएम ने चिकित्सा शिक्षा व चिकित्सा स्वास्थ्य की नियुक्तियों का जिक्र करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की 1354 स्टाफ नर्स, 7182 एएनएम, 1102 विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिया गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के 278 एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई। यूपी के बड़े-बड़े चिकित्सा संस्थान के लिए 2142 स्टाफ नर्स की भर्ती की गई। यह सभी आज यूपी के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। सीएम ने कहा कि पहले यूपी में 17 मेडिकल कॉलेज थे। 40 मेडिकल कॉलेज बनने में 100 वर्ष से अधिक लगे। पिछले साढ़े 8 वर्ष में सरकारी व निजी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की संख्या 80 से ऊपर पहुंचाने में सफल हुए हैं। एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज यूपी की पहचान बन रही है। आज सिर्फ एडमिशन ही नहीं होते, बल्कि उसमें प्रोफेसर,  क्लर्कियल स्टाफ, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन आदि की भी भर्ती होती है। हर मेडिकल कॉलेज में बड़े पैमाने में भर्ती प्रक्रिया बढ़ाने का कार्य किया गया।  पहले डॉक्टर व दवा नहीं मिलती थी, अब सभी सुविधाएं मिल रहीं  सीएम ने कहा कि पहले हॉस्पिटल बंद मिलता था। डॉक्टर होते थे तो दवा नहीं, दवा है तो डॉक्टर नहीं। दवा और डॉक्टर है तो बिजली नहीं है, लेकिन अब जनपद में लोगों को हर सुविधाएं मिल रही हैं। यूपी मेडिकल कॉरपोरेशन के माध्यम से दवाइयां भी उपलब्ध हो रही हैं तो 5.34 करोड़ से अधिक परिवारों को यूपी में आयुष्मान कार्ड से लाभान्वित किया जा रहा … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को दिखाई हरी झंडी

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री मानवीय संवेदना की महत्वपूर्ण कड़ी- सीएम योगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को दिखाई हरी झंडी – योगी सरकार ने निभाई मानवीय जिम्मेदारी, उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब को 48 ट्रकों में भेजी राहत सामग्री – सीएम योगी ने हिमाचल और उत्तराखंड राज्य को दी 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि – संकट की घड़ी में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता तीनों राज्यों के अपने बहन-भाइयों के साथ खड़ी है- सीएम योगी – राहत सामग्री व सहायता राशि लेकर बाढ़ प्रभावित राज्यों में जाएंगे योगी सरकार के मंत्री व विधायक – समय पर किए गए प्रावधानों की वजह से बाढ़ की आपदा से बचा है यूपी- सीएम योगी – बरसात में दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा दे रही सरकार- मुख्यमंत्री  – सीएम योगी ने की जनता से अपील, आपदा के समय सतर्कता और बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है- सीएम योगी सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सहारनपुर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए राहत सामग्री से लदे 48 ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरोवर पोर्टिको, अंबाला रोड पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि राहत सामग्री मानवीय संवेदना की महत्वपूर्ण कड़ी है। संकट की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता इन तीनों राज्यों के अपने बहन-भाइयों के साथ खड़ी है। इस दौरान सीएम योगी ने इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को पांच-पांच करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से राहत सामग्री के रूप में उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब के नागरिकों के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रहे 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित हो रहे हैं, साथ ही आपदा से निपटने के लिए सरकार के प्रयास अत्यंत प्रभावी साबित हो रहे हैं। एनडीआरएफ, आपदा मित्र और स्थानीय पुलिस जैसी संस्थाएं सक्रिय होकर राहत कार्य में अपनी भूमिका निभाती हैं। सीएम योगी ने कहा कि जब समाज और स्वयंसेवी संगठन पीड़ितों के साथ खड़े हो जाते हैं, तो सरकार के प्रयासों को और मजबूती मिलती है। समय पर किए गए प्रावधानों की वजह से बाढ़ की आपदा से बचा है यूपी- सीएम योगी उत्तर प्रदेश में बाढ़ को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए योगी ने कहा कि इस वर्ष अभी तक राज्य इस आपदा से बचा हुआ है, हालांकि निचले स्तर पर जल-भराव हुआ है। व्यापक पैमाने पर बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए समय पर किए गए प्रावधानों का परिणाम है कि आज हम इस आपदा को नियंत्रण के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का जिक्र किया, जहां बाढ़ आई है, जैसे यमुना नदी का क्षेत्र—सहारनपुर, बागपत, गौतम बुद्ध नगर से लेकर प्रयागराज तक, जहां गंगा से मिलती है। साथ ही बिजनौर से बलिया तक गंगा के मुहाने, सरयू, घाघरा, रामगंगा और हिंडन नदी के इलाकों में पुख्ता व्यवस्था की गई है। इन नदियों में अगर जल ओवरफ्लो से जन-धन की हानि हुई, तो सरकार ने तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई है। दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा- मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में बरसात के समय अगर कोई जंगली जानवर, सांप या बिच्छू किसी व्यक्ति को काटता है और दुर्भाग्यपूर्ण मौत होती है, तो पीड़ित परिवार को सरकार चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध करवाती है। आपदा से अगर किसी गरीब का मकान गिर गया, तो नया आवास बनाने के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है। अगर जमीन और मकान नदी में विलीन हो गया या कटान की चपेट में आ गया, तो परिवार को जमीन का पट्टा और मकान बनाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। जहां गांव जल-प्लावित हुए, वहां सुरक्षित शिविरों में पहुंचाने के साथ ब्रेकफास्ट, दोपहर और शाम का भोजन, बच्चों के लिए दूध और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी ने हिमाचल और उत्तराखंड राज्य को दी 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता सीएम योगी ने कहा कि जो सामग्री उत्तर प्रदेश में वितरित की जाती है, उसी को आज इन 48 ट्रकों के माध्यम से उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब के बहनों-भाइयों के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि अगर कहीं आपदा आएगी, उत्तर प्रदेश सहायता के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल में बादल फटने और अतिवृष्टि से बड़ी तबाही हुई है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार और नागरिकों की ओर से पांच करोड़ रुपये की सहायता उत्तराखंड को और पांच करोड़ रुपये हिमाचल सरकार के राहत कोष के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। योगी सरकार के मंत्री व विधायक लेकर जाएंगे सहायता राशि इस सहायता को पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर बृजेश सिंह उत्तराखंड जाएंगे, जबकि मंत्री जसवंत सैनी हिमाचल प्रदेश की राहत सामग्री और धनराशि लेकर जाएंगे। पंजाब के लिए सहारनपुर के नगर विधायक राजीव गुम्बर राहत सामग्री लेकर जाएंगे। सीएम ने कहा कि ये प्रतिनिधि वहां जाकर उत्तर प्रदेश वासियों की संवेदना प्रेषित करेंगे और सामग्री सौंपेंगे। जब पूरा देश संकट में एकजुट होता है, तो संकट, संकट नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि  इन सभी के बावजूद, अगर अन्य सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी, तो उत्तर प्रदेश सरकार और 25 करोड़ की जनता हर पीड़ित के साथ खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तत्पर रहेगी। बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है- सीएम योगी सीएम ने जनता से अपील की कि आपदा के समय सतर्कता और सावधानी बरतें। जल ज्यादा आने पर डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए पानी उबालकर पिएं। घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें, ताकि डेंगू और मलेरिया के लार्वा न पनपें। साफ-सफाई और छिड़काव का ध्यान रखें। अगर सांप या जहरीला कीड़ा काटे, तो झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़कर तत्काल डॉक्टर के पास जाएं। … Read more

प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी ने दिए आदेश

प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की होगी सघन जांच प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी ने दिए आदेश  हर मंडल में होगा विशेष जांच टीम का गठन, शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच करेगी टीम 15 दिन में शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट, अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई शैक्षणिक संस्थानों की जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त रखेंगे प्रत्यक्ष निगरानी  सीएम योगी की अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच के आदेश दिए हैं।  हर मंडल में विशेष जांच टीम का होगा गठन मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब प्रत्येक मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डल के तहत आने वाले सभी जनपदों में विशेष जांच टीम गठित करेंगे। इन टीमों में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक पुलिस विभाग का अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल होगा। यह टीम जमीनी स्तर पर जांच कर संस्थानों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की हकीकत सामने लाएगी। शैक्षणिक संस्थाओं के शपथपत्र और मान्यता-पत्र होंगे अनिवार्य जांच के दौरान प्रत्येक शैक्षणिक संस्था से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि संस्थान केवल उन्हीं कोर्सों का संचालन कर रहा है, जिन्हें नियामक निकाय, विश्वविद्यालय या बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही, संचालित सभी कोर्स की सूची और उनके मान्यता-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र का दाखिला बिना मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में नहीं होना चाहिए। अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई अगर जांच में किसी संस्थान में अवैध प्रवेश या बिना मान्यता के कोर्स संचालित पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे संस्थानों को छात्रों से लिया गया संपूर्ण शुल्क ब्याज सहित वापस करना होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों का भविष्य किसी भी हाल में दांव पर नहीं लगाया जाएगा। 15 दिन में शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट जांच प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। प्रत्येक जनपद स्तर पर जांच पूरी कर 15 दिनों के भीतर शासन को समेकित रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यवाही सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त प्रत्यक्ष निगरानी रखेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

नवचयनितों ने निष्पक्ष ढंग से मिली नियुक्ति के अनुभव किए साझा

मिशन रोजगार  पहले की सरकारों में नियुक्ति के लिए देनी पड़ती थी रिश्वत, अब ये गुजरे जमाने की बात नवचयनितों ने निष्पक्ष ढंग से मिली नियुक्ति के अनुभव किए साझा   बोले- शुचिता व पारदर्शिता से मिली नौकरी, ईमानदारी से करेंगे जनसेवा  योगी सरकार युवाओं के प्रति है समर्पित, आज का कार्यक्रम इसका प्रत्यक्ष प्रमाण  लखनऊ  योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में चयनित 1,112 कनिष्ठ सहायकों एवं 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र दिया गया। इनमें से कई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन सभागार में नियुक्ति पत्र दिया। नवचयनितों ने एक सुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के प्रयासों से हम युवाओं को कड़ी मेहनत का फल प्राप्त हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए उनका आभार जताया। अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष व शुचितापूर्ण हुई भर्ती प्रक्रिया का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमें बिना भेदभाव, बिना कोई पैसे दिए और बिना किसी सिफारिश के सिर्फ  योग्यता के आधार पर नौकरी मिल रही है।  योगी सरकार की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शी नीति से युवाओं को मिल रही सरकारी नौकरी  उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त हुईं सीतापुर की पंखुड़ी गुप्ता मानती हैं कि ये सरकार की बहुत बड़ी सफलता है। आज युवा कड़ी मेहनत के दम पर पारदर्शी तरीके से चयनित होकर सरकारी नौकरी पा रहे हैं। इस वजह से मुझे भी सरकारी नौकरी मिल पाई है। मैं मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद देती हूं। युवाओं के उज्जवल भविष्य के प्रति संकल्पित हैं मुख्यमंत्री: वैभव  कनिष्ठ सहायक सीतापुर के वैभव मिश्रा ने अपने भाव साझा करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के प्रति समर्पित है। आज का कार्यक्रम इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि योगी सरकार तेज रफ्तार से युवाओं को नियुक्ति दे रही है।  मुख्यमंत्री जी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के प्रति कृत संकल्पित हैं। रिकॉर्ड युवाओं की निष्पक्ष नियुक्तियां इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।  अब सिर्फ काबिलियत के दम पर मिलती है नियुक्ति  श्रद्धा शुक्ला ने कहा कि पहले की सरकारों में नियुक्ति के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी, लेकिन आज नियुक्ति सिर्फ काबिलियत के दम पर मिलती है। सरकारी नौकरी के लिए रिश्वत गुजरे जमाने की बात हो गई। मुख्यमंत्री जी ने पारदर्शी प्रक्रिया से नियुक्ति देकर उत्तम प्रदेश का नया मार्ग बनाया है। इस नौकरी के लिए सिफारिश या एक रुपये रिश्वत भी नहीं देनी पड़ी। इसके लिए मुख्यमंत्री जी का दिल से आभार व्यक्त करती हूं। योगी सरकार नौकरी देने से लेकर सुरक्षा देने में हैं संवेदनशील अयोध्या के आदित्य पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की वजह से हम सभी निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन पा रहे हैं। सरकार सुरक्षा से लेकर रोजगार देने तक संवेदनशील है। आठ वर्ष में महिलाओं को भी बड़ी तादाद में नियुक्तियां दी गई हैं। सीएम योगी के नेतृत्व में महिलाएं खुद को सुरक्षित और मजबूत महसूस कर रहीं है। योगी जी हमारे लिए नंबर 1 हैं। 

शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीएम योगी का बड़ा विजन

विकसित यूपी @2047’ 'शिक्षित बचपन और स्वस्थ परिवार' की नींव पर यूपी बनेगा विकसित – शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीएम योगी का बड़ा विजन – 2047 तक यूपी में हर घर को मिलेगा मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज – 2 नए एम्स, 3 फार्मा पार्क और 2 मेडिकल डिवाइस पार्क बनेंगे यूपी में – डिजिटल क्लासरूम और एडटेक से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर – 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने को शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर – बीते आठ साल में 40 लाख बच्चों का बढ़ा नामांकन – आरटीई से 4.3 लाख बच्चों तक पहुंची शिक्षा की रोशनी – ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक स्कूलों में 19 मूलभूत सुविधाएं की गईं सुनिश्चित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित यूपी @2047’ का विजन सामने रखते हुए साफ कर दिया है कि आने वाले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश का भविष्य 'शिक्षित बचपन और स्वस्थ परिवार' की थीम पर गढ़ा जाएगा। इसका लक्ष्य है कि प्रदेश को न केवल 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से सशक्त किया जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र की रणनीतिक दिशा विजन 2030 और 2047 के लक्ष्यों के तहत प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से सुदृढ़ करने की योजना बनाई गई है। 2030 तक 50 प्रतिशत घरों और 2047 तक सभी घरों को मेडिकल इंश्योरेंस से कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को एसडीजी टारगेट के अनुरूप लाना प्राथमिकता में है। इसके साथ ही प्रदेश में 2 नए एम्स, 3 नए फार्मा पार्क और 2 नए मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना होगी। स्वास्थ्य कार्यबल की घनत्व को बढ़ाकर 40 प्रति हजार तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया गया है। मेडिकल टूरिज्म, बाल पोषण और हेल्थकेयर रिसर्च को रणनीतिक स्तंभ बनाकर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ज्ञान और कौशल के केंद्र के रूप में स्थापित होगा यूपी ‘ज्ञानदीप व युवा शक्ति’ के तहत 2047 तक उत्तर प्रदेश को वैश्विक कार्यबल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरसी (FLN) को मजबूत किया जाएगा और स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, ई-लर्निंग और एडटेक को बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण और रिसर्च-इनोवेशन को बढ़ावा देने पर विशेष बल रहेगा। साथ ही उद्योग 4.0 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को स्किलिंग और ड्यूल एजुकेशन सिस्टम के जरिए तैयार किया जाएगा। समावेशी शिक्षा और वैश्विक स्तर की वर्कफोर्स ट्रेनिंग को यूपी की नई पहचान बनाकर प्रदेश को ज्ञान और कौशल के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। 2017 से पहले चुनौतियों का था अंबार 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्रों की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की पहुंच सीमित थी और अधिकांश संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। शिक्षक अनुपस्थिति, किताबों और शिक्षण संसाधनों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई अधूरी रह जाती थी, जिसके चलते बड़े पैमाने पर छात्र ड्रॉपआउट दर बढ़ रही थी। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी कमजोर थी, जहां पर्याप्त मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण आमजन को बुनियादी इलाज तक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता था। 2017 से 2025 तक हुए व्यापक सुधार और उठाये गये ठोस कदम बीते साढ़े आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। स्कूल चलो अभियान और शारदा कार्यक्रम के तहत 40 लाख नए बच्चों का नामांकन हुआ, वहीं आरटीई विस्तार से शिक्षा का अधिकार पाने वाले बच्चों की संख्या 22 हजार से बढ़कर 4.3 लाख तक पहुंच गई और 638 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 19 मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया, जबकि अटल आवासीय विद्यालय प्रदेश के 18 मंडलों में संचालित होकर गरीब और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक स्कूलों में पुस्तकालय, लैब, हॉल, पेयजल, शौचालय और विद्युतिकरण जैसी सुविधाओं को जोड़ा गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यूपी ने उठाए ऐतिहासिक कदम बीते वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार किया गया, जबकि जन औषधि केंद्रों और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी पहलों ने गरीबों और जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई। अब विजन 2030 और 2047 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक मानकों तक ले जाने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है, जिससे हर नागरिक को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध हो सके। शिक्षा और स्वास्थ्य से प्रदेश बनेगा 6 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी प्रदेश की जीएसडीपी को 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए तैयार रोडमैप के अनुसार 2025 में 353 बिलियन डॉलर से शुरुआत कर 2030 तक इसे 1 ट्रिलियन डॉलर, 2036 तक 2 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 22 वर्षों तक औसतन 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) बनाए रखनी होगी। विजन के अनुसार 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक पहुंचाने और भारत की जीडीपी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।

योगी सरकार ने अक्षय ऊर्जा और वृक्षारोपण को बनाया जनआंदोलन

‘विकसित यूपी @2047’ सीएम योगी का संकल्प, 2047 तक यूपी के सभी बड़े नगर होंगे 'सोलर सिटी'   योगी सरकार ने अक्षय ऊर्जा और वृक्षारोपण को बनाया जनआंदोलन -2030 तक 15% वक्षाच्छादन और 50% नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य  ग्रीन हाइड्रोजन व अक्षय ऊर्जा में यूपी ने रखा वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य – 2047 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का सीएम योगी का संकल्प लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित यूपी@2047’ विजन के तहत उत्तर प्रदेश को ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में नई दिशा देने का खाका तैयार किया है। उनका सबसे बड़ा लक्ष्य आने वाले 22 वर्षों में प्रदेश के सभी प्रमुख नगरों को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करना है। इसके साथ ही यूपी को जलवायु सहिष्णु और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला राज्य बनाने का भी संकल्प लिया गया है। योगी सरकार ने अक्षय ऊर्जा को दिया है बढ़ावा  योगी सरकार ने 2017 के बाद इस स्थिति को बदलने की दिशा में बड़े कदम उठाए। अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, हरित परिवहन को प्रोत्साहित करने और वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप देने में सफलता मिली। इसी दौरान ‘सोलर सिटी’ की अवधारणा को भी आगे बढ़ाया गया, जिसके तहत अयोध्या से शुरुआत कर सभी बड़े नगरों को सौर ऊर्जा पर आधारित शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि 2017 से पहले प्रदेश का ऊर्जा उत्पादन लगभग पूरी तरह थर्मल आधारित था। प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कोई ठोस कार्ययोजना नहीं थी। वृक्षारोपण अभियान सीमित था और अक्षय ऊर्जा का योगदान बेहद कम था।  लघु अवधि (2030) के लक्ष्य योगी सरकार ने लघु अवधि (2030) के लक्ष्य तय कर दिए हैं। इनमें अयोध्या सहित सभी प्रमुख नगरों को ‘सोलर सिटी’ में बदलना, वक्षाच्छादन को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना, थर्मल ऊर्जा पर निर्भरता घटाकर 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा सुनिश्चित करना और सभी पर्यावरणीय एसडीजी लक्ष्यों को प्राप्त करना शामिल है। मध्यम और दीर्घ अवधि (2047) के लक्ष्य  मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सरकार ने मध्यम और दीर्घ अवधि (2047) में सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को जलवायु सहिष्णु राज्य के रूप में विकसित किया जाए। इस दौरान वक्षाच्छादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा और वन क्षेत्र का राष्ट्रीय योगदान 3 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों को ‘सोलर सिटी’ में तब्दील करने, शून्य कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करने और ग्रीन हाइड्रोजन व अक्षय ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मत है कि 'सोलर सिटी' की परिकल्पना न केवल ऊर्जा सुरक्षा का आधार बनेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि का भी मजबूत जरिया साबित होगी। ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और वृक्षारोपण जैसे अभियान प्रदेश को 2047 तक न सिर्फ ‘विकसित यूपी’ बल्कि ‘ग्रीन यूपी’ भी बनाएंगे।

IGRS रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के जिलों का जलवा, बलरामपुर और श्रावस्ती टॉप पर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की निगरानी के लिए एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) की अगस्त की रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट में बलरामपुर और श्रावस्ती ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया, दोनों जिलों ने 140 में से 137 अंक प्राप्त किए। शाहजहांपुर 134 अंकों के साथ दूसरे और हमीरपुर 132 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता और शिकायत निवारण में इन जिलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाती है। बलरामपुर के जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार, जिले में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाता है और संतुष्टिपूर्ण फीडबैक के बाद ही मामले को बंद माना जाता है। इस दृष्टिकोण ने बलरामपुर को IGRS रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता रहेगी। टॉप-10 सूची में कौन-कौन जिला श्रावस्ती के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि IGRS रिपोर्ट प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन के आधार पर जिलों का मूल्यांकन करती है। श्रावस्ती ने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के दम पर यह स्थान हासिल किया। जिला पिछले कई महीनों से IGRS और सीएम डैशबोर्ड की टॉप-5 सूची में बना हुआ है। टॉप-10 में पीलीभीत (चौथा), सोनभद्र (पांचवां), बरेली, अमेठी, हाथरस, औरैया और चंदौली भी शामिल हैं। कैसे तय होती है जिलों की रैंकिंग IGRS प्रणाली के तहत हर महीने 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की समीक्षा विभिन्न मानकों पर की जाती है, जिसके आधार पर जिलों की रैंकिंग तय होती है। यह प्रक्रिया प्रशासनिक पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है। बलरामपुर और श्रावस्ती की इस उपलब्धि ने अन्य जिलों के लिए एक मिसाल कायम की है। योगी सरकार की यह पहल जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

गोरखपुर  गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, आपकी समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएंगे। सरकार सबकी समस्या दूर करने को संकल्पित है।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने अफसरों से कहा कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए जिससे उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

योगी सरकार का तोहफा: यूपी के शिक्षकों को मिली राहत और नए आदेश का ऐलान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना में एक नोशनल वेतनवृद्धि (काल्पनिक वेतनवृद्धि) जोड़ी जाएगी। वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, जिन कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय होती थी, लेकिन वे उससे ठीक एक दिन पहले यानी 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हो जाते थे, उन्हें भी इस वेतनवृद्धि का लाभ पेंशन की गणना में मिलेगा। यह प्रावधान 1 जनवरी 2006 से लागू वेतन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। किन्हें तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा? इसका मतलब यह हुआ कि 1 जनवरी 2006 के बाद से लेकर शासनादेश जारी होने तक 30 जून को रिटायर हुए कर्मचारी भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे। हालांकि, उन्हें केवल तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा, पिछली अवधि का एरियर नहीं दिया जाएगा। यही नियम 1 जनवरी 2016 के बाद रिटायर हुए उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जिनकी रिटायरमेंट तिथि 30 जून या 31 दिसंबर रही और जिनकी वेतनवृद्धि क्रमशः 1 जुलाई या 1 जनवरी को तय थी। कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना शासनादेश के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस फैसले से उच्च शिक्षा में कार्यरत हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से जुड़े डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित ने इसे शिक्षकों के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को कई बार पत्र लिखकर यह मांग उठाई गई थी। उन्होंने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह सुविधा पहले से लागू थी, अब उच्च शिक्षा में लागू होने से लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।  

एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ पर होगा विशेष कार्यक्रम

पौधरोपण महाभियान-2025: शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे 'एक पेड़ गुरु के नाम' एकलव्य वन से प्रारंभ हुई थी विशिष्ट वन की श्रृंखला, 'एक पेड़ गुरु के नाम' पर होगा विशेष कार्यक्रम शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर गुरु के सम्मान में रोपे जाएंगे पौधे लखनऊ के कुकरैल, वाराणसी के आईआईटी (बीएचयू) में लगाए जाएंगे पौधे  योगी सरकार के प्रयास से निरंतर बढ़ रहा यूपी का फॉरेस्ट कवर लखनऊ  योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत एक दिन में 36.21 करोड़ से अधिक पौध रोप कर नया रिकॉर्ड बनाया तो दूसरी तरफ इस वर्ष भी विशिष्ट वनों की स्थापना की गई। विशिष्ट वनों का आगाज एकलव्य वन के साथ प्रारंभ हुआ तो 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत विशिष्ट आयोजन भी होगा। गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर सभी वन प्रभागों में यह आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में कुकरैल में वन विभाग के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे।  योगी सरकार ने रचा इतिहास, 2025 में बनाया सर्वाधिक पौधरोपण का कीर्तिमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया इतिहास रच दिया। 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2025 में पूरे प्रदेश में एक दिन (9 जुलाई, बुधवार) में 37,21,40,925 पौधरोपण हुए। यह सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्य 37 करोड़ से 21,40,925 अधिक रहा। सीएम योगी ने अयोध्या से अभियान का आगाज किया था। उन्होंने 9 जुलाई को ही आजमगढ़ और गोरखपुर में भी पौधरोपण किया था।  लखनऊ में कुकरैल, वाराणसी में बीएचयू में लगेगा 'एक पेड़ गुरु के नाम'  लखनऊ के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि विशिष्ट वनों की श्रृंखला में शिक्षक दिवस पर लखनऊ के कुकरैल में पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। यहां स्मृति वाटिका में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे। यहां अधिकारियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे भी भेंट किए जाएंगे। वहीं वाराणसी की प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) में 'एक पेड़ गुरु के नाम' के तहत पौधरोपण होगा।  पौधरोपण महाभियान-2025 में लगाए गए विशिष्ट वन  पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को प्रदेश के सभी वन प्रभागों में 'एक पेड़ गुरु के नाम' लगाया जाएगा। इसे लेकर सभी वन प्रभागों में तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी अनेक विशिष्ट वन स्थापित किए गए।  2025 में स्थापित किए गए विशिष्ट वन व अन्य कार्यक्रम 👉 एकलव्य वन                 👉 ऑक्सी वन                  👉 शक्ति वन                   👉 त्रिवेणी वन                   👉 अटल  वन                   👉 सहजन भंडारा              👉 गोपाल वन                 👉 एकता  वन                 👉 पवित्र धारा पौधरोपण      👉 औद्योगिक इकाइयों द्वारा पौधरोपण  (संकल्प गोष्ठी व पौधरोपण)   👉 भाई-बहन पौधरोपण       (रक्षाबंधन वाटिका) 👉 शौर्य/सिंदूर वन            👉 एक पेड़ गुरु के नाम