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सीएम योगी ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को नया मोड़ दिया

सीएम योगी ने दी प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा निवेश मित्र 3.0’ के साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ और ‘प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना’ का भी किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 85 से अधिक लेटर्स ऑफ कम्फर्ट, पात्रता प्रमाण पत्र और ₹2781 करोड़ की सब्सिडी का किया वितरण इन्वेस्ट यूपी ने एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल व कौशल कनेक्ट सेल की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए लखनऊ  उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में मंगलवार को ‘नेक्स्ट-जेन’ सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ और ‘प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना’ का भी अनावरण कर औद्योगिक विकास को नई दिशा दी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर मॉडल पर आधारित ये दोनों पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) योजनाएं निवेशकों को विश्वस्तरीय ‘रेडी-टू-ऑपरेट’ इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएंगी, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज और सरल होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 85 से अधिक लेटर्स ऑफ कम्फर्ट (LoCs), पात्रता प्रमाण पत्र (ECS) और ₹2781 करोड़ की सब्सिडी वितरित करते हुए इसे निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022, फूड प्रोसेसिंग नीति 2023, इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2020 और एफडीआई नीति 2023 के तहत इन निवेश प्रस्तावों से कुल मिलाकर लगभग ₹50,000 करोड़ निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावनाएं बनी हैं। निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत स्टील, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल और बेवरेज जैसे क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों को इंसेंटिव और LoCs प्रदान किए गए। गैलेंट इस्पात, जे.के. सीमेंट, वरुण बेवरेजेज, वंडर सीमेंट, यूनिलीवर इंडिया और हल्दीराम जैसी कंपनियों के साथ-साथ बलरामपुर चीनी मिल्स, ड्रीमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और एस्कॉर्ट्स कुबोटा को भी बड़े निवेश प्रस्तावों के साथ प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा हैवेल्स, मिंडा कॉर्पोरेशन, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स (सोनालिका) और फिजिक्स वाला जैसी कंपनियों की परियोजनाएं भी इस औद्योगिक विस्तार का हिस्सा बनीं हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बायोप्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, कृषि उपकरण, एडटेक और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विविध क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश एक बहुआयामी औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। इसके साथ ही उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी द्वारा एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल व कौशल कनेक्ट सेल की स्थापना हेतु समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इन पहलों से उद्योग और कौशल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर गो सेवा और संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास

जर्मन टेक्नोलॉजी से लैस होंगी प्रदेश की गोशालाएं उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था के बीच समझौता ज्ञापन पर किए गए हस्ताक्षर सीएम योगी के निर्देश पर गो सेवा और संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास गोशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की तैयारी प्रदेश की चयनित गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए दिया जाएगा तकनीकी प्रशिक्षण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की गोशालाओं को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके तहत अब गोशालाओं को जर्मन टेक्नोलॉजी से लैस करने की तैयारी है। गोशालाओं को नई तकनीक के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सशक्त किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की चयनित गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके तहत उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था GIZ GmbH के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। आयोग कार्यालय में हुए औपचारिक कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष और संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त रूप से इस पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत प्रदेश की चयनित गोशालाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके संचालन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। समझौते के अनुसार गोशालाओं के लिए क्षमता निर्माण और मानव संसाधन कौशल विकास पर विशेष जोर रहेगा।  गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर काम किया जाएगा। इसके लिए गोशालाओं का चयन गो सेवा आयोग द्वारा किया जाएगा। कौशल के आदान-प्रदान पर फोकस खास बात यह है कि यह समझौता पूरी तरह तकनीकी सहयोग पर आधारित है। इसमें किसी प्रकार की वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं रखा गया है, बल्कि ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान पर फोकस किया गया है। बढ़ेगी कार्यक्षमता गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का मानना है कि इस पहल से प्रदेश की गोशालाएं अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही, गो सेवा से जुड़े लोगों को नई तकनीकों की जानकारी मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। योगी सरकार की मंशा है कि गोशालाओं को केवल आश्रय स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें संगठित और उत्पादक इकाई के रूप में विकसित किया जाए। गो आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा प्रशिक्षण के माध्यम से गोबर, गोमूत्र एवं अन्य गो आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यह सहयोग सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप है।

शहीदों की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने वाली कंपनी पर एफआईआर, शुरू हुई जांच

शहीदों की मूर्तियां खंडित करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर  मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर की घटना का लिया संज्ञान कंपनी को तत्काल प्रभाव से किया गया ब्लैक लिस्ट सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को पुनर्स्थापित करने का दिया आदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहजहांपुर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शहीदों की मूर्तियां खंडित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई व मूर्तियों को ससम्मान पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया है। ब्लैक लिस्ट की गई कंपनी सड़क चौड़ीकरण में शहीदों की मूर्तियां खंडित करने वाली कंपनी के खिलाफ मुख्यमंत्री के आदेश पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अफसरों की जवाबदेही में काम हो रहा था, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। सीएम योगी के आदेश पर कंपनी को तत्काल प्रभाव से ब्लैक लिस्ट करते हुए उससे काम भी वापस ले लिया गया है।  सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को पुनर्स्थापित करने का दिया आदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का अपमान कतई स्वीकार्य नहीं है। ऐसी लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सीएम योगी ने शहीदों की मूर्तियों को तत्काल सम्मानजनक तरीके से सही जगह पुनर्स्थापित करने का भी आदेश दिया है।

अपराधी, माफिया ने दुस्साहस किया तो यमराज के पास जाने का अपना टिकट कटाया: योगी

वैश्विक अनिश्चितता के दौर में यूपी बना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश गंतव्य: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘निवेश मित्र 3.0’ का किया शुभारंभ, विभिन्न कंपनियों को वितरित किया ₹2781 करोड़ का इन्सेंटिव सीएम बोले- निवेशकों का भरोसा बना प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत, ‘निवेश मित्र 3.0’ से उद्योग लगाना होगा आसान और पारदर्शी स्ट्रेटेजिक लोकेशन, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी, और स्किल्ड वर्कफोर्स के साथ मजबूत इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम का एडवांटेज आज उत्तर प्रदेश के पास उद्यमी अर्थव्यवस्था की रीढ़, उनकी सुरक्षा व सम्मान सरकार की प्राथमिकता, उद्योगों में बाधा डालने वालों पर हो रही सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री अपराधी, माफिया ने दुस्साहस किया तो यमराज के पास जाने का अपना टिकट कटाया: योगी मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड यूपी के पास अब एनसीआर ही नहीं, पूरे यूपी में तेजी से फैल रहा निवेश, ‘टीम यूपी’ के प्रयासों से प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद लखनऊ  दुनिया के कई हिस्सों में जारी अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता और अव्यवस्था के बीच भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश आज निवेश व व्यापार के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण के रूप में उभरकर सामने आया है। इसी विश्वास को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘निवेश मित्र 3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में पारदर्शी नीतियों, सख्त कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अनुकूल माहौल के जरिए अपनी पहचान को पूरी तरह बदला है। आज उत्तर प्रदेश न केवल निवेशकों के लिए सुरक्षित गंतव्य बना है, बल्कि यहां उन्हें स्केलेबल बिजनेस के लिए अनुकूल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा मानव संसाधन और सीमलेस कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हो रही हैं। यही कारण है कि जो निवेशक पहले प्रदेश आने से हिचकते थे, आज वही यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। ₹50,000 करोड़ निवेश, 50 हजार रोजगार की संभावना मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के दौरान आयोजित कार्यक्रम में 45 कंपनियों को इंसेंटिव वितरण और 62 कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) प्रदान किए जाने को प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के माध्यम से लगभग ₹50,000 करोड़ निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार एमओयू के बाद तेजी से ग्राउंडब्रेकिंग, निवेश से जुड़े छोटे-छोटे मुद्दों के त्वरित समाधान और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्यमियों का विश्वास ही विकास की असली ताकत है और उस पर खरा उतरते हुए उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार और औद्योगिक प्रगति का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा। निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश में मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स उपलब्ध है, यहां बड़ी संख्या में कुशल और युवा मानव संसाधन मौजूद है। भारत का ही नहीं, दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड यूपी के पास है। साथ ही यहां विशाल एवं मजबूत कंज्यूमर बेस भी उपलब्ध है, जो निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे प्रदेश में खुलकर निवेश करें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं, क्योंकि यहां स्केलेबल बिजनेस के लिए आवश्यक सभी संभावनाएं और संसाधन उपलब्ध हैं।  निवेश मित्र 3.0 से आसान होगा उद्योग लगाना मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत लैंड यूज की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही लैंड यूज स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और अलग से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी। साथ ही ‘निवेश मित्र 3.0’ को लॉन्च कर 43 से अधिक विभागों की 530 सेवाओं को सरल बनाकर 200 से कम सेवाओं में समेकित किया गया है। इसमें पैन आधारित सिंगल यूजर आईडी, डायनेमिक सीएएफ, एआई चैटबॉट, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड अलर्ट और एंड-टू-एंड ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं। यह प्लेटफॉर्म एनएसडब्ल्यूएस, आईजीआरएस और जीआईएस लैंड बैंक से एकीकृत होकर निवेशकों को एक सीमलेस, ट्रांसपेरेंट और प्रिडिक्टेबल डिजिटल इकोसिस्टम प्रदान करता है, जिससे निवेश प्रक्रिया पूरी तरह आसान और हस्तक्षेप-मुक्त बन सके। निजी बिजनेस पार्क नीति और स्किल कनेक्ट से बढ़ेगा निवेश व रोजगार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। इसी क्रम में कैबिनेट द्वारा निजी बिजनेस पार्क नीति को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब कोई भी निवेशक बिजनेस पार्क विकसित कर प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर उद्योगों को आगे बढ़ा सकेगा। इस मॉडल में सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निवेशक अपना निवेश करेंगे और रेवेन्यू शेयर व्यवस्था के तहत पारदर्शी तरीके से लाभ का बंटवारा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होगा, जिससे निवेशकों को सुगम और सुरक्षित माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक बड़े हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से पीएमयू कौशल कनेक्ट सेल का गठन किया गया है, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। वहीं, एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल के जरिए नए उद्यमियों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाएगा। इन सभी पहलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ बढ़ावा देना है, ताकि उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में और सशक्त बन सके। 2012-17 के बीच मात्र 16 एलओसी, 9 वर्षों में 3367 जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में हुए इंसेंटिव वितरण कार्यक्रम से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक, आयरन एंड स्टील, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट … Read more

एआई, जीआईएस और सिंगल विंडो सिस्टम से निवेश प्रक्रिया होगी आसान, तेज व पारदर्शी

निवेश मित्र 3.0’ से बदलेगा निवेश का अनुभव, योगी सरकार का बड़ा डिजिटल कदम एआई, जीआईएस और सिंगल विंडो सिस्टम से निवेश प्रक्रिया होगी आसान, तेज व पारदर्शी कम दस्तावेज, कम प्रक्रियाएं और रियल-टाइम ट्रैकिंग से निवेशकों को मिलेगा बेहतर अनुभव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  लोकभवन में 'निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ किया। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘निवेश मित्र 3.0’ को विकसित किया गया है, जो निवेशकों के लिए एक तेज, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रणाली के रूप में सामने आया है। सरल और प्रभावी होगा अनुभव ‘निवेश मित्र 3.0’ को खास तौर पर निवेशकों के अनुभव को सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसमें एआई आधारित चैटबॉट की सुविधा दी गई है, जिससे निवेशकों को तुरंत सहायता मिल सकेगी। साथ ही, आवेदन की स्थिति पर रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेशकों को हर चरण की जानकारी तुरंत मिलती रहेगी। एक प्लेटफॉर्म पर सभी मंजूरियां इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता डायनामिक कम्बाइंड एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों की अनुमतियां एक ही स्थान से प्राप्त की जा सकती हैं। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय की बचत होगी। जीआईएस लैंड बैंक से आसान होगी जमीन की पहचान निवेशकों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जीआईएस आधारित लैंड बैंक को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार प्रदेश में उपयुक्त भूमि की पहचान आसानी से कर सकेंगे। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय ‘निवेश मित्र 3.0’ को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (एनएसडब्ल्यूएस) से जोड़ा गया है, जिससे केंद्र और राज्य स्तर की मंजूरियों में बेहतर समन्वय और तेजी आएगी। यह सुविधा बड़ी परियोजनाओं वाले निवेशकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। प्रक्रियाओं में बड़ा सरलीकरण योगी सरकार ने निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इसके तहत आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विभागीय कार्यवाही में 25%, दस्तावेजों में 15% तथा अन्य प्रक्रियात्मक चरणों में करीब 20% की और कमी की गई है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अनुमोदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। सफलता की मजबूत नींव वर्ष 2018 में शुरू हुए ‘निवेश मित्र’ प्लेटफॉर्म ने पहले ही अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। अब तक इस पोर्टल पर 21 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 97% का सफल निस्तारण किया जा चुका है। निवेश के लिए बन रहा पसंदीदा गंतव्य योगी आदित्यनाथ सरकार की डिजिटल पहल, पारदर्शी नीतियां और निवेशक-हितैषी माहौल उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य में बदल रहे हैं। ‘निवेश मित्र 3.0’ इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को और गति देगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को किया सम्मानित

यूपी का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सौंपे गए नियुक्ति पत्र पांच खिलाड़ियों को दिया गया लक्ष्मण अवार्ड, चार खिलाड़ियों को मिला रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड 14 खिलाड़ियों को दी गई 1.64 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को मंगलवार को लोकभवन में आयोजित समारोह में सम्मानित किया। इस अवसर पर छह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र, पांच खिलाड़ियों को लक्ष्मण अवॉर्ड व चार खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड प्रदान किए गए और 14 अन्य खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि भी दी गई। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर एकलव्य क्रीड़ा कोष से खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता का अंतरण भी किया। इन छह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मिला नियुक्ति पत्र 1. राजकुमार पाल- हॉकी खिलाड़ी- डीएसपी  2. प्रवीण कुमार- पैरालंपिक खिलाड़ी (ऊंची कूद)- डीएसपी 3. अजीत सिंह- पैरालंपिक खिलाड़ी (भाला फेंक)- जिला पंचायत राज अधिकारी  4. सिमरन- पैरालंपिक खिलाड़ी (एथलेटिक्स)- जिला पंचायत राज अधिकारी  5. प्रीतिपाल- पैरालंपिक खिलाड़ी (एथलेटिक्स)- खंड विकास अधिकारी  6. रिंकू सिंह- क्रिकेट खिलाड़ी- क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी हालांकि रिंकू सिंह अपरिहार्य कारणों से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। निम्नलिखित खिलाड़ियों को लक्ष्मण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसके तहत खिलाड़ियों को 3.11 लाख रुपये, कांस्य प्रतिमा व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।  1. उत्तम सिंह- गाजीपुर- हॉकी  2. अभिजीत कुमार- प्रयागराज- जिम्नास्टिक  3. जोंटी कुमार- नोएडा- कुश्ती  4. यश कुमार- आगरा- पैरा केनौइंग  5. प्रवीण कुमार- नोएडा- पैरा एथलेटिक्स इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड भी प्रदान किए गए, जिसके तहत खिलाड़ियों को 3.11 लाख रुपये, कांस्य प्रतिमा व प्रशस्ति पत्र दिए गए। यह अवार्ड पाने वाले खिलाड़ी इस प्रकार हैं- 1. प्राची- सहारनपुर- एथलेटिक्स  2. तान्या चौधरी- बागपत- एथलेटिक्स  3. प्रगति केसरवानी- लखनऊ- पैरा टेबल टेनिस  4. वंतिका अग्रवाल- नोएडा- शतरंज इस अवसर पर निम्नलिखित पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि प्रदान की गई – 1. विनय- गोरखपुर- पैरा पावरलिफ्टिंग- 40 लाख  2. विक्रांत बालियान- मेरठ- वुशु- 15 लाख  3. सागर दांगी- बागपत- शूटिंग- 15 लाख  4. दीपक कुमार- गाजियाबाद- पर्वतारोही- 15 लाख  5. ले.कर्नल भानु पाठक- गोरखपुर- पर्वतारोही- 15 लाख 6. तनुश्री पांडेय- लखनऊ- सॉफ्ट टेनिस- 14 लाख  7. ओम यादव- लखनऊ- सॉफ्ट टेनिस- 12 लाख 8. राजकुमार पाल- गाजीपुर- हॉकी- 10 लाख  9. यश कुमार- आगरा- पैरा कैनोइंग- 10 लाख  10. मुस्कान यादव- प्रयागराज- सॉफ्ट टेनिस- 06 लाख  11. अभय़ सिंह- वाराणसी- कयाकिंग व कैनोइंग- 5 लाख  12. श्रवण कुमार- बागपत- शूटिंग- 3 लाख 13. यश तोमर- बागपत- शूटिंग- 2 लाख 14. ईशान खान- बागपत- शूटिंग- 2 लाख कार्यक्रम में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित सिमरन शर्मा व हॉकी खिलाड़ी उत्तम सिंह ने अपने विचार भी व्यक्त किए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में खेल एवं खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के लिए योगी सरकार की सराहना की।

मुख्यमंत्री का संदेश: पसीना बहाने से ही पास आएगी जीत

जितना पसीना बहेगा, जीत उतना ही निकट आएगी: मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में खेल प्रतिभाओं का किया सम्मान अगले वर्ष से लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई की पुरस्कार राशि 10-10 लाख रुपये करने की आवश्यकताः मुख्यमंत्री मई-जून में होगा मेरठ के मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का लोकार्पण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मार्गदर्शक की भूमिका में रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हर मेडल के पीछे एक कहानी होती है। केवल भाग्य ही नहीं, बल्कि उसके पीछे संघर्ष, अनुशासन व हार न मानने का दृढ़ संकल्प भी होता है। टैलेंट शुरुआत देता है, लेकिन मेहनत लक्ष्य तक पहुंचाती है। जितना पसीना बहेगा, जीत उतना ही निकट आएगी। खेल गिरना, उठना और जीतना सिखाता है। जो गिरेगा, वही उठेगा और जो उठेगा, वही जीतेगा। जो गिरने से कांप जाएगा, वह उठ नहीं पाएगा। जो उठने में लापरवाही करेगा, जीत के नजदीक नहीं पहुंच पाएगा। सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र, लक्ष्मण व लक्ष्मीबाई पुरस्कार पाने वाले व पदक विजेता सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार राशि को बढ़ाने का समय आ गया है। अगले वर्ष से इसे 3.11 लाख रुपये के बजाय 10-10 लाख रुपये करने की आवश्यकता है। सीएम ने खेल विभाग को यह प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया। सीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल को अनुशासित दिनचर्या का हिस्सा बनाइए, परिश्रम की पराकाष्ठा पर चढ़कर देश के लिए मेडल जीतिए, राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग व समर्थन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वीरवर लक्ष्मण समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा व अनुशासन के प्रतीक हैं। रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार नारी गरिमा, स्वावलंबन और तेज का प्रतीक है। यह सम्मान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है। जो भी समाज नारी शक्ति के प्रति सम्मान को बनाए रखेगा, वह लंबे समय तक अपने वजूद को बनाए रखने में सफल होगा  सीएम योगी ने कहा कि चैत्र व शारदीय नवरात्रि मातृशक्ति के प्रति भारत की सनातन परंपरा के समर्पण व श्रद्धा के प्रतीक पर्व हैं। इन 9 दिनों में जगतजननी मां का अनुष्ठान और उनके अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। यह उपासना इस बात का प्रतीक है कि जो भी समाज नारी शक्ति के प्रति सम्मान को बनाए रखेगा, वह सतत विकास के अभियान को बढ़ाने के साथ ही लंबे समय तक अपने वजूद को बनाए रखने में सफल होगा। जहां नारी की पूजा-सम्मान होता है वहां दैवीय शक्तियों की कृपा बरसती है। नारी सम्मान, गरिमा की रक्षा और स्वावलंबन के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाना समृद्धि की नई कड़ी को बढ़ाने जैसा होता है।  25 करोड़ की आबादी का उत्तर प्रदेश युवा शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्रबिंदु सीएम योगी ने कहा कि युवा शक्ति अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की भी महत्वपूर्ण कड़ी है। उप्र सरकार 9 वर्ष के नवनिर्माण कार्यक्रम के साथ बढ़ रही है, ऐसी स्थितियों में सरकार खेल की विभिन्न विधाओं के खिलाड़ियों के माध्यम से युवा व नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है। 9 वर्ष में हमारी सरकार ने पुरस्कार, इंसेंटिव के रूप में 200 करोड़ रुपये खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए हैं। सरकार ने भारत की समृद्ध परंपरा के रूप में कबड्डी, कुश्ती, खो-खो समेत अनेक खेल को बढ़ाया है। 25 करोड़ की आबादी का उत्तर प्रदेश युवा शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्रबिंदु है। यूपी की 56 फीसदी युवा शक्ति प्रदेश की ताकत है। यह कामकाजी वर्ग है। जब यह परिश्रम करता है तो उत्तर प्रदेश अपने खाद्यान्न लक्ष्य व विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाता है। युवा शक्ति यूपी जैसे बीमारू राज्य को अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनाकर रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित कर भारत का ग्रोथ इंजन बनाने का कार्य करती है। युवा को उचित प्लेटफॉर्म प्राप्त होता है तो वह भारत के लिए मेडल प्राप्त करता है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई खेल संस्कृति को दिया बढ़ावा  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में शपथ लेने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। सीएम ने खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट व सांसद खेलकूद स्पर्धा का भी जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के बाद राज्य सरकार ने विधायक खेलकूद स्पर्धा का शुरुआत की। हर ब्लॉक स्तर पर खेलो इंडिया के केंद्र स्थापित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने ग्रामीण लीग की खेल की नई परंपरा को आगे बढ़ाया। सीएम ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सिमरन की बातों का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों में खेल मैदान है। वहां हर आयु का व्यक्ति जाकर मॉर्निंग वॉक, खेलकूद का हिस्सा बन सकता है। सांसद-विधायक अपनी निधि का प्रयोग खेल के विकास पर भी करते हैं  सीएम ने कहा कि गांव व पंचायत के लिए जो धनराशि सरकार उपलब्ध कराती है, उसकी प्राथमिकता में खेल मैदान व ओपन जिम रहता है। बजट में व्यवस्था की गई कि हर विकास खंड स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण होना चाहिए। विधायकों व सांसदों से कहा गया कि अपनी निधि का उपयोग खेल व संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर कर सकते हैं। मैंने अपनी निधि का पैसा गोरखपुर में इनडोर गेम स्टेडियम बनाने के लिए उपलब्ध कराया। वहां नौजवान, बच्चों के लिए हमेशा एक्टिविटी चलती है। यह नहीं होता तो ये बच्चे स्मार्ट फोन प्रयोग करते या सड़कों पर घूमते, लेकिन आज वे स्टेडियम में जाकर खेल गतिविधियों से जुड़ते हैं।  मई-जून में होगा मेरठ में खेल विश्वविद्यालय का लोकार्पण  सीएम योगी ने कहा कि मेरठ में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण हो चुका है। मई-जून में उसका लोकार्पण होगा, पाठ्यक्रम गत वर्ष प्रारंभ हो चुका है। हर मंडल स्तर पर स्पोट्रस कॉलेज का निर्माण करेंगे और इसे किसी एक खेल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करेंगे। खिलाड़ियों के इंसेंटिव, सुविधा बढ़ाने के साथ ही पहले से खेल हॉस्टल, स्पोट्रस कॉलेज में रह रहे खिलाड़ियों की लॉजिंग-फूडिंग सुविधा बढ़ाने व बेहतरी के लिए सरकार ने अच्छा कार्य किया है। सीएम ने जापान के काईजेन व मोनो जुकरी का किया जिक्र  वॉलीबॉल-बैडमिंटन आदि खेल का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि कोशिश होती है कि बॉल … Read more

योगी सरकार ने 9 साल में श्रमिकों के विकास की दिशा बदली, करोड़ों श्रमिकों को मिली ताकत

योगी सरकार ने 9 वर्षों में श्रमिकों के उत्थान की लिखी नई इबारत, प्रदेश के करोड़ों श्रमिकों को मिला संबल योगी सरकार ने “श्रमेव जयते” की भावना को किया साकार, पिछले 9 वर्षों में प्रदेश के श्रमिक हुए सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त ई-श्रम पोर्टल पर 8.42 करोड़ पंजीकरण कर यूपी बना देश में प्रथम, योगी सरकार के 9 वर्षों में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के हुए बहुआयामी प्रयास योगी सरकार के 9 वर्षों में 13,148 रोजगार मेलों का आयोजन, 15.96 लाख से अधिक युवाओं को मिले नौकरी के अवसर  पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत 7,04,865 श्रमिकों का हुआ पंजीकरण, अटल पेंशन योजना के माध्यम से 93 लाख से अधिक लोग लाभान्वित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते 9 वर्षों में श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में व्यापक एवं बहुआयामी प्रयास किए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “श्रमेव जयते” की भावना को केंद्र में रखते हुए संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं, जिनके सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक संबल प्राप्त हुआ। यही नहीं, वर्तमान में प्रदेश के नव निर्माण के आधार श्रमिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करने की दिशा में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व के 9 वर्षों में प्रदेश में श्रमिकों के सशक्तीकरण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के मामले में यूपी का देश में प्रथम स्थान पर पहुंचना रहा। इसके तहत यूपी में ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 8.42 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। ई-श्रम पोर्टल न केवल श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित करता है, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी आधार बनता है। इसके साथ ही प्रदेश में 9.52 करोड़ से अधिक श्रमिकों के जनधन खाते खोले गए हैं, जिससे उन्हें सीधे आर्थिक सहायता प्रदान करना संभव हुआ है। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने “उ.प्र. रोजगार मिशन” का गठन किया, जिसके तहत युवाओं को देश और विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि रोजगार मिशन के तहत प्रदेश के 5,978 से अधिक निर्माण श्रमिकों को विदेश (इज़राइल) में रोजगार दिलाया गया है। वहीं, सेवामित्र पोर्टल पर 59,602 कुशल श्रमिकों का पंजीकरण कर उन्हें सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी किया गया है। इसी क्रम में निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए आयोजित 13,148 रोजगार मेलों के माध्यम से 15.96 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी के अवसर मिले हैं। इसके अतिरिक्त 28,621 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों के जरिए 32 लाख से अधिक युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया गया है। सरकार का उद्देश्य न केवल रोजगार देना है, बल्कि युवाओं को कौशल प्रशिक्षण व अन्य सहयोग प्रदान कर स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनाना है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में श्रमिकों को सामाजिक एवं जीवन सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। इस क्रम में पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने की स्थिति में ₹5 लाख, सामान्य मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख की सहायता दी जा रही है। यही नहीं, अपंजीकृत असंगठित श्रमिकों के लिए भी सरकार ने सुरक्षा का दायरा बढ़ाया है। दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता की स्थिति में ₹2 लाख, जबकि आंशिक विकलांगता की स्थिति में ₹1 लाख की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा विकलांगता की स्थिति में ₹2 लाख से ₹4 लाख तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। वहीं कार्यस्थल पर मृत्यु हो जाने की स्थिति में ₹5 लाख की सहायता और अंतिम संस्कार हेतु ₹25,000 रुपये देने का प्रावधान किया गया है। योगी सरकार की ओर से श्रमिक परिवार के सदस्यों के सामाजिक कल्याण की दिशा में भी कई योजनाएं लागू की गई हैं। इनके तहत पंजीकृत श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह हेतु ₹55,000 तक की सहायता, अंतरजातीय विवाह पर ₹61,000 की सहायता देने का प्रावधान है। वहीं मातृत्व, शिशु एवं बालिका सहायता योजना के अंतर्गत 6 लाख से अधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। वहीं, बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत निराश्रित और गंभीर रूप से बीमार कामकाजी बच्चों को प्रति माह ₹1,000 (बालक) और ₹1,200 (बालिका) की सहायता दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और उद्देश्यपरक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम श्रमिक तकनीकी शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से उन्हें तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश के श्रमिकों को आवासीय सुविधा और जीवन स्तर में सुधार के लिए भी पिछले 9 वर्षों में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके तहत सफाई कर्मियों को निःशुल्क आवास देने की प्रक्रिया जारी है, जबकि निर्माण श्रमिकों के लिए आवास सहायता योजना के तहत बैंकों और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही श्रमिकों के लिए श्रम अड्डों के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है। वहीं पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 7,04,865  श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत 16,457 छोटे व्यापारियों को जोड़ा गया है। अटल पेंशन योजना के माध्यम से प्रदेश में अब तक 93 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 7 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों को राशन कार्ड और फैमिली आईडी प्रदान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है। यही नहीं, योगी सरकार के 9 वर्षों में श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने, उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों ने न केवल श्रमिकों को सशक्त बनाया है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

योगी सरकार के सहयोग से ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ का संकल्प साकार कर रहे युवा उद्यमी

सरकारी योजना से गांव की बेटी बनी सफल उद्यमी, सोमा ने गुड़ उद्योग से बदली तकदीर योगी सरकार के सहयोग से ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ का संकल्प साकार कर रहे युवा उद्यमी   25 लाख के ऋण से सोमा ने खड़ा किया उद्यम, हर महीने हो रही 80 से 90 हजार रुपए की कमाई यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से मिल रहे मिल रहे ऑर्डर लखनऊ  योगी सरकार में महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नारी स्वावलंबन का सपना अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत बनता जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला’ बनाना है। सोमा गुप्ता की कहानी सरकार के इसी विजन को साकार करती है। सरकारी योजना का लाभ लेकर लखीमपुर-खीरी जिले के ग्राम सिंगहाखुर्द की रहने वाली सोमा आज दूसरों को रोजगार दे रहीं हैं। सोमा गुप्ता ने उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ के तहत वर्ष 2022 में 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर गुड़ कोल्हू उद्योग की शुरुआत की। आज उनका यह उद्योग न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार भी दे रहा है। सीजन के दौरान एक दिन में इसमें लगभग 18 क्विंटल गुड़ का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए 6 एकड़ में स्वयं गन्ने की खेती करतीं हैं और अन्य किसानों से भी गन्ना खरीदतीं हैं। उनका उत्पाद उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार,  झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी सप्लाई हो रहा है। यह न केवल उनके व्यवसाय की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर बने उत्पादों की बढ़ती मांग को भी साबित करता है। हर महीने 80 से 90 हजार रुपये की आय अर्जित कर सोमा आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ महत्वपूर्ण स्वरोजगार की योजना है। उत्तर प्रदेश में इसका संचालन तीन एजेन्सियों क्रमशः जिला उद्योग केन्द्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग एवं उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके रोजगार पैदा करती है। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार सब्सिडी भी प्रदान करती है।

यूपी में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का ब्लॉक स्तर तक होगा व्यापक कायाकल्प

योगी सरकार 142 बीपीएचयू के जरिए उपलब्ध कराएगी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं यूपी में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का ब्लॉक स्तर तक होगा व्यापक कायाकल्प हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपए से बनाया जाएगा हाईटेक-योगी  इंचार्ज, रजिस्ट्रेशन रूम से लेकर वेटिंग रूम और सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब बनाई जाएंगी पीएचसी और सीएचसी के अंदर कराया जाएगा निर्माण लखनऊ  प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को ब्लॉक स्तर तक मजबूत और आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। योगी सरकार राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 142 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) स्थापित करने जा रही है। इन यूनिटों के जरिये ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जांच, पंजीकरण और प्राथमिक उपचार की बेहतर सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। हर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट को करीब 50 लाख रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। इनमें इंचार्ज कक्ष, रजिस्ट्रेशन रूम, वेटिंग रूम, सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब समेत कई आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इनका निर्माण मौजूदा पीएचसी और सीएचसी के भीतर ही कराया जाएगा, ताकि पहले से उपलब्ध स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सक्षम बनाया जा सके। ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार की योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन इकाइयों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इससे ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी और मरीजों को जिला अस्पतालों पर निर्भरता कम रहेगी। सुविधाएं बढ़ने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों को अब छोटी-बड़ी जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ब्लॉक स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में भी सुधार आएगा। गांव के करीब मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि बीपीएचयू मॉडल के लागू होने के बाद ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा। इससे मरीजों को पंजीकरण से जांच तक की कई सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हो सकेंगी। जिलाधिकारी की समग्र देख-रेख में होगा काम जनपद स्तर पर जिला पंचायतों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर निर्माण के लिए समस्त कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप जिलाधिकारी की समग्र देख-रेख में किए जाएंगे। ब्लॉक और ग्राम पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार में आने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की इन घटकों की योजना बनाने एवं निगरानी में शामिल किया जाएगा।