वैश्विक अनिश्चितता के दौर में यूपी बना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश गंतव्य: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘निवेश मित्र 3.0’ का किया शुभारंभ, विभिन्न कंपनियों को वितरित किया ₹2781 करोड़ का इन्सेंटिव सीएम बोले- निवेशकों का भरोसा बना प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत, ‘निवेश मित्र 3.0’ से उद्योग लगाना होगा आसान और पारदर्शी स्ट्रेटेजिक लोकेशन, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी, और स्किल्ड वर्कफोर्स के साथ मजबूत इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम का एडवांटेज आज उत्तर प्रदेश के पास उद्यमी अर्थव्यवस्था की रीढ़, उनकी सुरक्षा व सम्मान सरकार की प्राथमिकता, उद्योगों में बाधा डालने वालों पर हो रही सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री अपराधी, माफिया ने दुस्साहस किया तो यमराज के पास जाने का अपना टिकट कटाया: योगी मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड यूपी के पास अब एनसीआर ही नहीं, पूरे यूपी में तेजी से फैल रहा निवेश, ‘टीम यूपी’ के प्रयासों से प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद लखनऊ दुनिया के कई हिस्सों में जारी अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता और अव्यवस्था के बीच भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश आज निवेश व व्यापार के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण के रूप में उभरकर सामने आया है। इसी विश्वास को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘निवेश मित्र 3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में पारदर्शी नीतियों, सख्त कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अनुकूल माहौल के जरिए अपनी पहचान को पूरी तरह बदला है। आज उत्तर प्रदेश न केवल निवेशकों के लिए सुरक्षित गंतव्य बना है, बल्कि यहां उन्हें स्केलेबल बिजनेस के लिए अनुकूल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा मानव संसाधन और सीमलेस कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हो रही हैं। यही कारण है कि जो निवेशक पहले प्रदेश आने से हिचकते थे, आज वही यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। ₹50,000 करोड़ निवेश, 50 हजार रोजगार की संभावना मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के दौरान आयोजित कार्यक्रम में 45 कंपनियों को इंसेंटिव वितरण और 62 कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) प्रदान किए जाने को प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के माध्यम से लगभग ₹50,000 करोड़ निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार एमओयू के बाद तेजी से ग्राउंडब्रेकिंग, निवेश से जुड़े छोटे-छोटे मुद्दों के त्वरित समाधान और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्यमियों का विश्वास ही विकास की असली ताकत है और उस पर खरा उतरते हुए उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार और औद्योगिक प्रगति का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा। निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश में मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स उपलब्ध है, यहां बड़ी संख्या में कुशल और युवा मानव संसाधन मौजूद है। भारत का ही नहीं, दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड यूपी के पास है। साथ ही यहां विशाल एवं मजबूत कंज्यूमर बेस भी उपलब्ध है, जो निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे प्रदेश में खुलकर निवेश करें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं, क्योंकि यहां स्केलेबल बिजनेस के लिए आवश्यक सभी संभावनाएं और संसाधन उपलब्ध हैं। निवेश मित्र 3.0 से आसान होगा उद्योग लगाना मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत लैंड यूज की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही लैंड यूज स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और अलग से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी। साथ ही ‘निवेश मित्र 3.0’ को लॉन्च कर 43 से अधिक विभागों की 530 सेवाओं को सरल बनाकर 200 से कम सेवाओं में समेकित किया गया है। इसमें पैन आधारित सिंगल यूजर आईडी, डायनेमिक सीएएफ, एआई चैटबॉट, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड अलर्ट और एंड-टू-एंड ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं। यह प्लेटफॉर्म एनएसडब्ल्यूएस, आईजीआरएस और जीआईएस लैंड बैंक से एकीकृत होकर निवेशकों को एक सीमलेस, ट्रांसपेरेंट और प्रिडिक्टेबल डिजिटल इकोसिस्टम प्रदान करता है, जिससे निवेश प्रक्रिया पूरी तरह आसान और हस्तक्षेप-मुक्त बन सके। निजी बिजनेस पार्क नीति और स्किल कनेक्ट से बढ़ेगा निवेश व रोजगार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। इसी क्रम में कैबिनेट द्वारा निजी बिजनेस पार्क नीति को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब कोई भी निवेशक बिजनेस पार्क विकसित कर प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर उद्योगों को आगे बढ़ा सकेगा। इस मॉडल में सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निवेशक अपना निवेश करेंगे और रेवेन्यू शेयर व्यवस्था के तहत पारदर्शी तरीके से लाभ का बंटवारा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होगा, जिससे निवेशकों को सुगम और सुरक्षित माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक बड़े हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से पीएमयू कौशल कनेक्ट सेल का गठन किया गया है, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। वहीं, एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल के जरिए नए उद्यमियों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाएगा। इन सभी पहलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ बढ़ावा देना है, ताकि उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में और सशक्त बन सके। 2012-17 के बीच मात्र 16 एलओसी, 9 वर्षों में 3367 जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में हुए इंसेंटिव वितरण कार्यक्रम से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक, आयरन एंड स्टील, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट … Read more