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तीन जनपदों में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर की व्यापक चर्चा

आजमगढ़, वाराणसी व बरेली में मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने जनप्रतिनिधियों से किया सीधा संवाद तीन जनपदों में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर की व्यापक चर्चा जागरूकता प्रसार तथा जनता के सहयोग व सुझावों को आत्मसात करने का किया आह्वान लखनऊ  मतदाता पुनरीक्षण अभियान के प्रति जनता को जागरूक करने और अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़, वाराणसी व बरेली में जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने इन बैठकों में सहयोग, सुझाव तथा सतत संवाद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जागरूकता और सहभागिता पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपात्र नामों का समय पर परीक्षण और आवश्यक सुधार लोकतंत्र की पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण के महत्व को जनता तक सहज भाषा में पहुंचाएं और प्रत्येक बूथ स्तर पर गहन संपर्क बनाए रखें। फीडबैक व सतत संवाद की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक को बेहद मूल्यवान बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का धरातल से जुड़ा अनुभव मतदाता पुनरीक्षण अभियान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर संवाद से बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे अभियान का प्रभाव और बढ़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों जनपदों में हुई बैठकों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि जनता के बीच निरंतर उपस्थिति और सक्रियता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक शक्ति है।

कौन बनेगा यूपी का नया प्रदेश अध्यक्ष? तारीख तय, इस चेहरे की सबसे ज्यादा चर्चा

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तर प्रदेश इकाई में संगठनात्मक बदलाव की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल आज शाम तक लखनऊ पहुंचेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करेंगे। उनकी यह यात्रा प्रदेश में नए संगठनात्मक नेतृत्व के चयन से जोड़कर देखी जा रही है। सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि पार्टी इस बार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के नेता पर भरोसा जता सकती है। इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।  कब होगा ऐलान?  माना जा रहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान अगले दो से तीन दिनों के भीतर निर्वाचन प्रक्रिया के तहत हो सकता है। पीयूष गोयल को यूपी चुनाव प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। उनके नेतृत्व में चुनाव प्रबंधन, संगठन विस्तार, उम्मीदवार चयन और जनसंपर्क अभियानों को गति देने की योजना है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, गोयल प्रदेश के सभी संगठनात्मक स्तरों पर जाकर तैयारियों का जायजा लेंगे और नए अध्यक्ष के औपचारिक एलान को अंतिम रूप देंगे। BJP की पुरानी राजनीति का हिस्सा है अध्यक्ष बदलना  भाजपा ने हाल ही में प्रांतीय परिषद के सदस्यों की घोषणा की है, जिसे व्यापक संगठनात्मक फेरबदल का संकेत माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि नई टीम के साथ चुनावी तैयारियों को मजबूती मिलेगी और प्रदेश भर में संगठन अधिक सक्रिय होगा। वहीं, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष बदलना भाजपा की पुरानी रणनीति का हिस्सा रहा है, जिससे संगठनात्मक ढांचे में ताजगी बनी रहती है। इस बार भी यह फैसला चुनावी रणनीति को धार देने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि, 'पीयूष गोयल का लखनऊ आना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जा सकता है।  रेस में कौन है सबसे आगे? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। लोध समुदाय से ताल्लुक रखने वाले वर्मा को पार्टी का प्रमुख ओबीसी चेहरा माना जाता है। वहीं, स्वतंत्र देव सिंह (जल शक्ति मंत्री), अमरपाल मौर्य (राज्यसभा सांसद) और धर्मपाल सिंह जैसे ओबीसी नेताओं का भी नाम सामने आ रहा है। 

लखनऊ में योगी सरकार के तहत स्थापित हुआ सर्वाधिक रूफटॉप सोलर, हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अहम कदम

योगी सरकार के नेतृत्व में लखनऊ में सर्वाधिक रूफटॉप सोलर किया गया स्थापित लखनऊ में 62 हजार से ज्यादा इंस्टॉलेशन लखनऊ के बाद वाराणसी और कानपुर नगर शीर्ष 3 में शामिल 43 दिनों में 50 हजार इंस्टॉलेशन से समृद्ध हो रहा सीएम योगी के हरित यूपी का विजन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PMSGY) के तहत लखनऊ में अब तक 62,271 रूफटॉप सोलर (RTS) इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। यह राज्य के किसी भी जिले से सबसे अधिक है। लखनऊ की इस अगुवाई ने पूरे उत्तर प्रदेश को 3 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन का मुकाम छू लिया है, जो योगी सरकार की कुशल मॉनिटरिंग और जनकेंद्रित नीतियों का जीता-जागता प्रमाण है। राजधानी बनी टॉपर योगी सरकार के निर्देश पर लखनऊ जिला प्रशासन, यूपीनेडा और डिस्कॉम की टीम ने दिन-रात मेहनत कर 62,271 इंस्टॉलेशन पूरे किए। लखनऊ की यह सफलता अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन रही है और सौर ऊर्जा को घर-घर पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। अन्य प्रमुख जिलों ने भी दिखाई ताकत लखनऊ के बाद वाराणसी ने 26,208, कानपुर नगर ने 18,562, बरेली ने 12,952 और आगरा ने 11,033 इंस्टॉलेशन कर शानदार प्रदर्शन किया। प्रयागराज (9,719), रायबरेली (8,616), झांसी (7,674), बाराबंकी (6,477) और गोरखपुर (6,262) जैसे जिलों ने भी योगी सरकार की योजना को मजबूती प्रदान की। सभी 75 जिलों में PO नियुक्त कर और 23 जिलों की मासिक दर दोगुनी करने से समावेशी विकास सुनिश्चित हुआ। 43 दिनों में 50,000 इंस्टॉलेशन योगी सरकार के मार्गदर्शन में इंस्टॉलेशन की गति छह गुना बढ़ी है। प्रदेश भर में पहले ढ़ाई लाख इंस्टॉलेशन में 270 दिन लगे जबकि आखिरी 50,000 मात्र 43 दिन में पूरे हुए। यह तेजी लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली, कम बिल और अतिरिक्त आय का लाभ दे रही है। उत्तर प्रदेश अब सौर ऊर्जा में टॉप-3 राज्यों में शामिल है। यह सीएम योगी के हरित विकास मॉडल के संकल्प को साकार कर रहा है।

महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

एमपीएसपी के शताब्दी वर्ष तक हो सौ संस्थाओं का संचालन : योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 को लेकर तय किए लक्ष्य, दिए दिशानिर्देश शताब्दी वर्ष में सालभर होगा विविध कार्यक्रमों का आयोजन, अभी से तैयारियों में जुटने के निर्देश गोरखपुर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) के लिए इसके शताब्दी वर्ष 2032 तक सौ संस्थाओं के संचालन और इनमें एक लाख विद्यार्थियों को शिक्षा और कौशल से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने शताब्दी वर्ष में पूरे एक साल विविध कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए अभी से रूपरेखा बनाकर तैयारियों में जुट जाने के भी निर्देश दिए हैं। बुधवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का 93वां संस्थापक सप्ताह भव्यता से मनाया गया था। दिन में हुए मुख्य महोत्सव के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री ने देर शाम परिषद की सभी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर शताब्दी वर्ष 2032 तक संस्थापक युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्रसंत लीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के सपनों और इच्छाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में श्री योगी ने कहा कि सभी संस्थाओं को अभी से शिक्षा परिषद के शताब्दी महोत्सव की तैयारियों में जुटना होगा। शताब्दी वर्ष 10 दिसंबर 2031 से 10 दिसंबर 2032 तक, पूरे एक साल मनाया जाएगा। सालभर में क्या क्या आयोजन होंगे, इसकी रुपरेखा अभी से तैयार करनी शुरू कर दी जाए। शताब्दी महोत्सव का पूरा साल यादगार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष तक शिक्षा, चिकित्सा, योग, सेवा और अन्य प्रकल्पों को मिलाकर परिषद के अंतर्गत सौ संस्थाओं का संचालन करने का लक्ष्य तय कर उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। शताब्दी वर्ष तक सौ बस्तियों को ‘मॉडल बस्ती’ बनाएं संस्थाएं गोरक्षपीठाधीश्वर ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं के प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे शताब्दी वर्ष तक सौ बस्तियों को ‘मॉडल बस्ती’ बनाने का कार्य करें। इसके लिए बस्तियों को गोद लेकर वहां शिक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, सेवा, जागरूकता, रोजगार एवं स्वरोजगार आदि के कार्य किए जाएं। सभी तक जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि थारू और वनटांगिया बस्तियों में परिषद की संस्थाएं पहले से कार्य करती रही हैं। इन बस्तियों के उत्थान के मानक संतृप्ति के स्तर पर होने चाहिए। वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़ें, हर संस्था किसी विशिष्टता से जानी जाए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय इस दिशा में काफी बेहतर कर कर सकता है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष तक परिषद की सभी संस्थाओं की पहचान उनकी किसी न किसी विशिष्टता से बने, इसके लिए उन्हें किसी विशिष्ट कार्य से जुड़कर आगे बढ़ना होगा। शताब्दी वर्ष तक हों एक लाख विद्यार्थी, सबके पास हो स्किल गोरक्षपीठाधीश्वर ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शताब्दी वर्ष तक संस्थाओं में एक लाख विद्यार्थियों के अध्ययनरत होने का भी लक्ष्य दिया। साथ ही कहा कि उस समय तक हर विद्यार्थी को किसी न किसी एक स्किल से जोड़ा जाए। हर संस्था एक-एक विद्यार्थी को अपने स्तर से स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास करे। खुद मानक बनें संस्थाओं के प्रमुख बैठक में श्री योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सभी शिक्षक और कर्मचारी परिश्रम और ईमानदारी के मानक बनें। इसके लिए संस्थाओं के प्रमुखों को खुद मानक बनकर शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए रोल मॉडल बनना होगा। आधुनिकता, प्राचीनता, परंपरा व प्रगति की संस्कृति दिखे परिसर में गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि अनुशासित परिसर संस्कृति शिक्षा परिषद की संस्थाओं की पहचान है। संस्थाओं में आधुनिक युगानुकूल विचारों के साथ पारंपरिक राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मूल्यों का भी संरक्षण होता रहेगा। इन संस्थाओं ने भारत की परंपरा और प्रगति को दर्शाने के साथ लोक कल्याण का भी मॉडल दिया है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं के परिसर में आधुनिकता, प्राचीनता, परंपरा व प्रगति की संस्कृति दिखनी चाहिए। संस्थाओं की कार्यपद्धति में आध्यात्मिकता का पुट होना चाहिए। नशा मुक्त परिसर बनाना सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं के प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे अपनी अपनी संस्थाओं के परिसर को हर प्रकार के नशा से मुक्त परिसर बनाना सुनिश्चित करें। नशा चाहे ड्रग का हो या फिर स्मार्टफोन के अत्यधिक प्रभाव का, ये कुप्रवृत्तियां हैं और विद्यार्थियों को इनसे बचाना ही होगा। विकसित भारत के लक्ष्य से खुद को जोड़ें संस्थाएं गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा वे खुद और विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ें। प्रदेश सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्र और राज्य सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप संस्थाएं भी अपने स्तर पर लक्ष्य तय करें जिससे 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की संकल्पना को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीकी, मेडिकल, पैरामेडिकल, फार्मेसी, कृषि के विद्यार्थियों का ‘विकसित भारत 2047’ में क्या योगदान होगा, इस पर कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए। लोक कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर हो फोकस श्री योगी ने कहा कि शिक्षा परिषद की संस्थाओं का फोकस लोक कल्याण पर भी हो। संस्थाओं को अपना सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभाना होगा। सांस्कृतिक पुर्नजागरण के साथ देश को विश्वगुरु बनाने में अपना योगदान देना होगा। समाज के एक-एक पैसे का हो सदुपयोग बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी संस्थाओं को वित्तीय अनुशासन, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ते रहना है। शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ हमें समाज के एक-एक पैसे का सदुपयोग सुनिश्चित करना होगा। बैठक में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सभी पदाधिकारी, सदस्य और परिषद की सभी संस्थाओं के प्रमुख उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, हजारों नौकरियों का रास्ता खुला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति PPP मॉडल के तहत चल रही परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का श्रेष्ठ उदाहरण बनने जा रहा है। यह विश्वस्तरीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा करते हुए इसके समयबद्ध निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, ताकि जिन किसानों और परिवारों ने अपनी भूमि देकर इस सपने को साकार किया है, उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।  पीएएफ परिवारों के हित रखे गए सर्वोपरि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर परियोजना प्रभावित परिवारों (PAF) को लाभ पहुंचाने के लिए विशेष कार्यक्रम लागू किए गए हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) के नेतृत्व में PPP मॉडल के तहत चल रही इस परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता है। लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल हैं। रोजगार और कौशल विकास का किया गया प्रबंध PAF युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण किया जा चुका है। तीन विशेष भर्ती शिविरों में 300 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 24 युवाओं को ऑफर लेटर जारी हुए हैं। यही नहीं, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ITI जेवर को आधुनिकीकृत किया गया है, जहां पैसेंजर हैंडलिंग और रैंप ऑपरेशंस जैसे कोर्स संचालित किए गए। 28 प्रशिक्षुओं में से 24 को सफलतापूर्वक रोजगार मिला है। इसके अलावा, लगभग 100 PAF युवाओं को इंग्लिश और सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इन सभी पहलों की निगरानी NIAL, जिला प्रशासन और YIAPL की संयुक्त समिति द्वारा की जा रही है। नेट-जीरो उत्सर्जन वाला विश्वस्तरीय एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य पर काम करने वाला अत्याधुनिक हवाईअड्डा होगा, जिसमें स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रारंभिक चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक आर्थिक हब का काम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनने वाला यह एयरपोर्ट न केवल बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलेगा।

गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात

जरूरतमंद के आवास, बीमार के उपचार की करेंगे व्यवस्था : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात करीब 300 लोगों की समस्याएं सुनी सीएम योगी ने, बोले – हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।  गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।  जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद के पास पक्का आवास हो। जनता दर्शन में एक महिला ने अपने पति की बीमारी में इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला को आश्वस्त किया कि वह अपने पति का अच्छे से इलाज कराएं, पैसे की व्यवस्था विवेकाधीन कोष से करा दी जाएगी। इलाज में आर्थिक मदद मांगने कई अन्य लोग भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। एक महिला ने अपनी ही जमीन पर काबिज होने के संबंध में कुछ लोगों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने की समस्या पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिला को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। जनता दर्शन में सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी पात्र को योजनाओं का लाभ मिलने में अड़चन आ रही हो तो इसकी जांच जरूर करें कि किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं।

संभल को ‘संभाल’, तस्वीर बदल रही योगी सरकार

संभल के विकास के लिए पांच आयाम बनाकर कार्य कर रही योगी सरकार  संभल को ‘संभाल’, तस्वीर बदल रही योगी सरकार  सुरक्षा, शिक्षा, उद्योग, बुनियादी ढांचे में प्रगति कर रहा संभल  सार्वजनिक रूप से संवाद स्थापित कर संभल में शांति व सौहार्द बना रही पुलिस अब संभल में पलायन नहीं, विकास और कानून का राज हो चुका स्थापित  39 पुलिस चौकियों के साथ ही 1300 सीसीटीवी कैमरों के जरिये पुख्ता हो रही सुरक्षा व्यवस्था संभल में फरियादियों के लिए कारगर साबित हो रही ‘भरोसे की पर्ची’ लखनऊ सनातन आस्था के प्रमुख तीर्थ संभल को ‘संभाल’ कर योगी सरकार यहां की तस्वीर बदल रही है। पूर्ववर्ती सरकारों की अनदेखी के कारण दंगे, तनाव का दंश झेल रहा संभल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब सुरक्षा, शिक्षा, उद्योग व बुनियादी ढांचे के साथ ही हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। एक तरफ सार्वजनिक रूप से आमजन से संवाद स्थापित कर पुलिस संभल में शांति व सौहार्द बना रही है तो दूसरी तरफ पर्यटन, संस्कृति से समृद्ध संभल अपने गौरवशाली अतीत के साथ ही खुशहाल भविष्य की तरफ बढ़ रहा है। योगी सरकार संभल के विकास के लिए पांच आयाम बनाकर कार्य कर रही है। संभल आर्थिक दृष्टि से भी तेजी से बढ़ रहा है। अब संभल में पलायन नहीं होता है, क्योंकि यहां कानून का राज स्थापित हो चुका है।  हेरिटेज कंज़र्वेशन: संभल की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक महत्व को मिल रही नई पहचान  योगी सरकार संभल की समृद्ध विरासत और ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान दे रही है। कभी कूड़ेघर में तब्दील हो चुके और कब्जे के कारण अस्तित्व खो चुके ब्रह्मकूप को पुनर्जीवित कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर के दूसरे पखवाड़े में शासन व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर संभल के विकास की जानकारी ली थी। संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। योगी सरकार इनके जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने विकास कार्यों के तहत पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों के पुनरुद्धार पर जोर दिया था। दूसरे चरण में उन्होंने म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस का निर्देश दिया था। 12 तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी भूमि क्रय प्रक्रिया चल रही है। इसमें से प्रमुख रूप से (कुरुक्षेत्र, नैमिषारण्य व मनोकामना तीर्थ) भी शामिल है। 12.94 करोड़ रुपये धनराशि अवमुक्त किए जाने का भी अनुरोध शासन से किया गया है।  इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: अब संभल में पलायन नहीं होता, कानून का राज स्थापित होने से आ रही खुशहाली योगी सरकार ने जनसुविधाओं के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर संभल में भी एकीकृत कलेक्ट्रेट भवन की स्थापना करने जा रही है। पिछले दिनों सीएम योगी ने बैठक कर राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति विभाग, नगर विकास, नमामि गंगे योजना, अतिरिक्त ऊर्जा विभाग आदि की समीक्षा की थी। यहां जिला न्यायालय, जिला कारागार व 24वीं वाहिनी पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से हो रही है। सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, टू लेन, फोर लेन निर्माण को लेकर संबंधित विभाग अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहना रहे हैं। नगर विकास विभाग द्वारा यहां के सभी नगर निकाय में वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, झील, पोखरा, तालाब योजना, नगरीय जल निकास योजना के साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत भी अनेक कार्य कराकर संभल को नया आयाम दे रही हैं। अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग द्वारा 11.328 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर सीबीजी प्लांट स्थापित करने की भी तैयारी हो रही है।  एजुकेशनल ग्रोथ: निजी स्कूलों को मात दे रहे सरकारी विद्यालय  संभल और बहजोई में 16 पीएमश्री विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों की सुविधाएं निजी स्कूलों को टक्कर दे रही हैं। यहां के स्कलों में हर विद्यार्थी समुचित गणवेश (प्रॉपर ड्रेस) में आते हैं। यहां हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन विद्यालयों में एजुकेशन पार्क, साइंस की आधुनिक लैब, भोजनालय, औषधीय वाटिका के साथ ही हरिश्चंद्र सभागार भी आकर्षण का केंद्र हैं। इन विद्यालयों में बच्चों का तेजी से दाखिला हो रहा है। यहां की दिन दिव्यांगों के लिए की गई प्रेरक व्यवस्था के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सम्मानित भी किया है।  टूरिज़्म प्रमोशन: सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करते हुए पर्यटन को दिया जा रहा बढ़ावा  योगी आदित्यनाथ सरकार सांस्कृतिक रूप से संभल को समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अयोध्या की तर्ज पर यहां भी 24 कोसी परिक्रमा मार्ग बनाने की तैयारी की जा रही है। यह मार्ग ही संभल की पहचान बनेगी। इसके जरिए श्रद्धालु 68 तीर्थों का भ्रमण कर सकेंगे। इस परिक्रमा मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग कराएगा। परिक्रमा मार्ग के बीच के अवरोध व अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। यहां सिसोना डांडा मेला में प्रतिवर्ष पांच लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। इसे भी प्रांतीय मेला का दर्जा देने की औपचारिकता को पूरा किया जा रहा है। महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर भी सरकार का फोकस है। दतावली गांव में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 5.565 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इस पर 16.15 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार संभल कल्कि तीर्थ विकास परिषद के गठन को लेकर भी सकारात्मक कदम उठा रही है।   कम्युनिटी इन्वॉल्वमेंट: विकास प्रक्रिया से जोड़े जा रहे संभलवासी  संभलवासियों को विकास प्रक्रिया से भी जोड़ा जा रहा है। योगी सरकार के कारण संभल के हालात भी बदल गए हैं। घर छोड़कर जा चुके परिवार अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं। दस्तावेज देने पर प्रशासन ने 15 से अधिक परिवारों की संपत्ति को पुनर्स्थापित कराया है। यह सभी लोग वापस भी आ चुके हैं। संवेदनशील इलाकों में जनता की सहूलियत के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। पुरानी बस्ती स्थित जामा मस्जिद व आसपास के इलाके संवेदनशील माने जाते हैं। यहां भी अवैध कब्जे हटाकर 39 चौकियां बनवाई गईं और 1300 से अधिक सीसीटीवी लगाए गए।   आर्थिक दृष्टि से तेजी से बढ़ रहा संभल संभल आर्थिक दृष्टि से भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2024-25 में संभल में 2405 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। … Read more

अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है दीपावली का त्योहार : मुख्यमंत्री

दीपावली का यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना गर्व की बात : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है दीपावली का त्योहार : मुख्यमंत्री दीपावली की वैश्विक मान्यता अयोध्या की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाणः सीएम योगी यूनेस्को सूची में शामिल होने से उत्तर प्रदेश की परंपरा को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचानः सीएम लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में सम्मिलित किए जाने को गर्व का पल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उस उत्सव की वैश्विक पहचान है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और नए आरंभ के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक शक्ति व परंपरा की महत्ता को विश्वपटल पर और अधिक मजबूती प्रदान करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' के माध्यम से विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के दृष्टिकोण से इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन भूमि है। यहीं पर दीपावली की पहली ऐतिहासिक उत्सव परंपरा की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहाकि अयोध्या केवल सांस्कृतिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं की आत्मा है। ऐसे में इस पर्व की वैश्विक मान्यता अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व को और भी प्रखर बनाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की बढ़ती सांस्कृतिक प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं और उत्सवों को विश्व समुदाय द्वारा अपनाया जाना सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा व्यक्त की कि अयोध्या का शाश्वत प्रकाश मानवता को सत्य और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उनके अनुसार यह पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि जीवन दर्शन है, जो समाज को एकता और संस्कारों की दिशा में अग्रसर करता है।

मुजफ्फरनगर के यहियापुर गांव में बुधवार को लगी ‘कृषि चौपाल’

उत्तर प्रदेश की शान बने ‘खुशहाल किसान’ मुजफ्फरनगर के यहियापुर गांव में बुधवार को लगी ‘कृषि चौपाल’ चौपाल में शामिल हुए 500 से अधिक किसान, कहा- हमें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने उठाया अभूतपूर्व कदम  सभी जनपदों को समान रूप से बिजली-पानी उपलब्ध करा रही योगी सरकार  अन्नदाताओं ने योजनाओं के क्रियान्वयन, एमएसपी, समय से भुगतान और गन्ना मूल्य में वृद्धि के लिए योगी सरकार के प्रति जताया आभार   मुजफ्फरनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अन्नदाता किसानों के जीवन में खुशहाली लाई। किसान अब आत्महत्या नहीं करते, बल्कि खुशहाली का जीवन व्यतीत कर परिवार की तरक्की और उत्तर प्रदेश की समृद्धि में योगदान दे रहे हैं। किसानों को फसल का उचित दाम मिल रहा, उन्हें किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना, एमएसपी के साथ ही समान रूप से हर जनपद को बिजली, सड़क, पानी की सुविधाएं मिल रही हैं। इससे खेती करने और फसल को बाजार तक पहुंचाने में आसानी हो रही है। यहियापुर गांव में बुधवार को लगी कृषि चौपाल में उपस्थित 500 से अधिक किसानों ने यह विचार रखे। सभी ने साढ़े आठ वर्ष में सरकार के सकारात्मक कदम के कारण किसानों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का भी जिक्र किया।  विकसित कृषि संकल्प अभियान बना कारगर, सरकार ने सीधे किसानों से किया संवाद  विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए मुख्यमंत्री, केंद्र-राज्य सरकार के मंत्रियों समेत जनप्रतिनिधियों ने किसानों से संवाद किया। 15 दिन में प्रदेश के 14,170 गांवों में हुए कार्यक्रमों में 23 लाख से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया। किसान बिराम सिंह ने कहा कि मेरे सहित कई किसान इस अभियान में शामिल हुए। यहां हमने स्वायल कॉर्ड, भूमि सुधार, सिंचन क्षमता आदि से लेकर खेतीबाड़ी में सुधार को लेकर नई-नई जानकारी ली। इसके बाद विशेषज्ञों/अधिकारियों से संपर्क कर अपनी खेती में और सुधार किया।  तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए निःशुल्क मिनीकिट का वितरण  किसान अमरीश वालिया ने कहा कि सरकार कृषि विभाग के माध्यम से तिलहन-दहलन के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निःशुल्क मिनीकिट भी वितरित कर रही है। गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया, राई-सरसो, अलसी फसलों के लिए अनुदान पर बीज भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे एक तरफ हमें आसानी से बीज भी मिलते हैं तो दूसरी तरफ खेती में इसका प्रयोग कर उत्पादकता बढ़ाने और विषमुक्त खेती की तरफ भी किसान कदम बढ़ाते हैं।  खेती में सहायक हो रहे अनुदान पर मिल रहे कृषि यंत्र किसान गंगाशरण कहते हैं कि खेती में सहायता के लिए किसानों को कृषि यंत्र की आवश्यकता पड़ती है। कृषि विभाग अनुदान पर किसानों को विभिन्न कृषि यंत्र उपलब्ध भी कराता है। कृषि यंत्र खेती में सहायक हो रहे हैं। योगी सरकार की मंशा से 5000 से अधिक कृषि यंत्र बैंक भी स्थापित किए गए हैं, जिससे मेरे जैसे हजारों-लाखों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जनपदों में निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए ई-लॉटरी निकलती है और किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र मिलता है।  किसान पाठशाला के जरिए नवीन जानकारियों से किया जा रहा अपडेट  किसान वेदपाल ने किसान पाठशाला की सकारात्मकता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके जरिए खेती से अलग किसानों में तकनीकी क्षमता भी विकसित की जा रही है। किसान फसलों के उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि के लिए नवीनतम तकनीकों को जान रहे हैं। हम कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर कई समाधान भी पा जाते हैं। उन्नत कृषि से संबंधित व्यावहारिक व व्यापारिक समझ का विकास कर रहे हैं। कृषि विभाग की संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी मिलती है।     गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी किसानों के लिए वरदान  किसान कंवर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि कर गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा दिया था। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 360 रुपये से 390 रुपये प्रति क्विंटल किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी हो रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में यह वृद्धि किसानों को मिला सम्मान है।  कृषि चौपाल में सुनील प्रधान, कंवरपाल सिंह, मो. फसी, निर्दोष त्यागी, मनोज चौधरी, नूर मोहम्मद, शिवेश कुमार, कंवर सिंह, सुभाष राठी, शेर सिंह, जगमेर सैनी, पद्म सिंह, देवेंद्र कुमार, हरपाल, जयप्रकाश, नरेश पाल आदि किसान मौजूद रहे।  बृहस्पतिवार को दाहोद गांव में लगेगी ‘कृषि चौपाल’  1 से 11 दिसंबर तक पश्चिम उत्तर प्रदेश के चार जनपदों में ‘कृषि चौपाल’ का आयोजन हो रहा है। बागपत, हापुड़ और शामली में ‘कृषि चौपाल’ हो चुकी है। बुधवार को मुजफ्फरनगर के यहियापुर गांव में किसानों ने संवाद किया। 11 दिसंबर (गुरुवार) को दाहोद गांव में ‘कृषि चौपाल’ लगाई जाएगी।

तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

देश को विभाजित करने वाले जयचंद व मीरजाफर जैसे पापी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता में मौका मिलने पर सिर्फ परिवार के बारे में ही सोचते हैं देश तोड़क तत्व : सीएम योगी सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन जनरल रावत की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन, प्रदर्शनी का किया अवलोकन पीएम मोदी के पंच प्रण को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाएं नागरिक : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज और देश को विभाजित करने वालों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे लोग जयचंद और मीरजाफर जैसा पाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि की तोड़ने के लिए बहुत से लोग हैं। कोई जाति के नाम पर, कोई क्षेत्र और कोई भाषा के नाम पर बांट रहा है। समाज और देश तोड़क इन तत्वों को जब सत्ता में आने मौका मिलता है तो वे सिर्फ अपने और परिवार के बारे में सोचते हैं। परिवार के लिए प्रॉपर्टी, विदेश में होटल और द्वीप खरीदते हैं। ऐसे लोग देश को दरिद्र करने का षड्यंत्र करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जाति, क्षेत्र आदि के नाम के तात्कालिक लॉलीपॉप से समाज और देश का कल्याण नहीं हो सकता। देश का कल्याण तभी होगा जब भेदभाव नहीं होगा, सबमें एकता होगी।  सीएम योगी मंगलवार को सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने एक हजार से अधिक की क्षमता के ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का भी अनावरण किया और महान सैन्य नायक को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की तरफ से कराई गई है। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को याद किया तथा देश के समसामयिक हालात पर भी चर्चा करते हुए विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिलाए गए पंच प्रणों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत को पंच प्रण के प्रति समर्पित योद्धा बताते हुए कहा कि हम सभी को पंच प्रणों को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाना होगा।  सीएम योगी ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया था कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक हमें कैसा भारत चाहिए, इसके लिए एक कार्ययोजना  बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई सच्चा भारतीय गरीब, असुरक्षित या कमजोर भारत चाहता होगा? इसका जवाब भी उन्होंने खुद दिया और कहा कि एक सच्चा भारतीय मजबूत, विकसित और आत्मनिर्भर भारत ही चाहेगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है तो वह सच्चा भारतीय हो ही नहीं सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अगर विकसित और सुरक्षित बनाना है तो पीएम मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।  विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके प्रगति नहीं कर सकता समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के पहले प्रण ‘विरासत पर गौरव की अनुभूति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों, महापुरुषों को का सम्मान करना होगा। श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति वीर शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई की विरासत और परंपरा पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके समाज प्रगति नहीं कर सकता। इसमें किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए। विदेशी आक्रांता नहीं हो सकता महान सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के दूसरे प्रण ‘गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करना’ का जिक्र करते हुए कहा कि हमें गुलामी की मानसिकता को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। देश में बनी चीज खराब और विदेशी विदेशी ही अच्छा है, इस सोच को तिलांजलि देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने बल पर सबकुछ देश में ही खड़ा करके दिखाएंगे, हमें इस मानसिकता के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़े हैं। पीएम मोदी के दूसरे प्रण को और विस्तार से समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिकंदर को महान क्यों कहें? हमारे लिए महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, जनरल बिपिन रावत और परमवीर चक्र विजेता सैनिक महान हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए विदेशी आक्रांता महान नहीं हो सकता।  सेना के जवानों की वजह से मिलती है चैन की नींद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के तीसरे प्रण ‘सैन्यबलों के प्रति सम्मान भाव’ की चर्चा करते हुए कहा कि हम अपने घरों में चैन से इसलिए सो पाते हैं कि सेना के जवान देश की सीमा पर रखवाली करते हैं। अर्धसैनिक बल पैट्रोलिंग करते हैं और पुलिस के जवान मेहनत करते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि एक व्यक्ति की गलती से पूरी फोर्स खराब नहीं हो जाती। हमें जवानों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना होगा।  हर नागरिक के मन में हो भारतीयता का भाव चौथे प्रण ‘सामाजिक एकता’ के सूत्र को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति तभी होगी, कल्याण तभी होगा जब समरस समाज की स्थापना होगी। हर नागरिक के मन में भारतीयता का भाव होगा। जिसके मन में भारतीयता का भाव नहीं है वह देश का नहीं बल्कि पराया है। सीएम ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के एक वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि सबसे पहले और सबसे अंत में भी मेरी पहचान एक भारतीय की है। वही देश महान जहां नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग पांचवें प्रण ‘नागरिक कर्तव्य’ की विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद अधिकारों के संरक्षण की बात तो खूब हुई लेकिन उसकी तुलना में नागरिक कर्तव्यों की चर्चा नहीं हुई। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों की सजगता को लेकर देश के … Read more