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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में टेका माथा, हनुमानगढ़ी में भी किए दर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में भी लगाई हाजिरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में टेका माथा, हनुमानगढ़ी में भी किए दर्शन अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रामलला और हनुमानगढ़ी में की पूजा-अर्चना योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में भी लगाई हाजिरी पूजन-अर्चन के साथ ही आमजन का किया अभिवादन, जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। अयोध्या आगमन पर महापौर, जनप्रतिनिधियों सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री सुबह सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। जहाँ से वह सीधे हनुमानगढ़ी गए और संकटमोचन हनुमान के दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। दर्शन-पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने उपस्थित आमजन का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला के श्रीचरणों में शीश झुकाकर श्रद्धा व्यक्त की और विधिवत पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर अयोध्या में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अयोध्या के समग्र विकास और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की बात कही।

उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के साथ बहुआयामी सहयोग, ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री योगी से मिले टाटा संस के चेयरमैन, यूपी में एआई सिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और हाई-टेक निवेश पर बनी सहमति उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के साथ बहुआयामी सहयोग, ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को मिलेगी गति लखनऊ में एआई सिटी, गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, युवाओं के लिए तकनीक व रोजगार के नए द्वार टीसीएस की इकाईयों का होगा विस्तार,30 हजार तक बढ़ेगा आईटी कार्यबल, यूपी में जीसीसी की स्थापना पर भी हुई चर्चा इलेक्ट्रॉनिक्स व डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह बढ़ाएगा निवेश, यूपी बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सोमवार को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में टाटा समूह द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति, विस्तार तथा नए निवेश प्रस्तावों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई। बैठक में एआई, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, ईवी, पर्यटन, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को लेकर सहमति बनी। बैठक के दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने राजधानी लखनऊ में ‘एआई सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एआई सिटी के माध्यम से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की तकनीकों पर आधारित हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही गोरखपुर में 48 करोड़ रुपये से तैयार हो रहे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई, जिससे विशेष रूप से पूर्वांचल के युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त होंगे। टाटा समूह ने अवगत कराया कि आईआईटी कानपुर के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने में सहायक होगी। बैठक में टाटा संस के मुखिया की ओर से प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की स्थापना को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ, साथ ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी इकाइयों के विस्तार पर भी सहमति बनी। टीसीएस की लखनऊ और नोएडा यूनिट में कार्यबल को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किए जाने का प्रस्ताव राज्य के डिजिटल टैलेंट पूल को नई मजबूती प्रदान करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की तेजी से विकसित होती क्षमता को देखते हुए टाटा समूह ने मोबाइल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और अन्य हाई-टेक उत्पादों के निर्माण में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। इस संदर्भ में टाटा समूह द्वारा इंटेल के साथ किए गए एमओयू का उल्लेख करते हुए प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों, ईवी और अन्य वाहनों के नए मॉडलों के निर्माण में भी सहयोग और निवेश विस्तार पर सहमति बनी। बैठक में उत्तर प्रदेश के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। टाटा समूह ने झांसी सहित प्रदेश के विभिन्न रक्षा औद्योगिक नोड्स में ड्रोन, मिसाइल और रक्षा वाहनों के निर्माण के लिए निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। झांसी में बीडा के अंतर्गत परियोजना विस्तार की जानकारी साझा करते हुए टाटा समूह ने मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को स्थिर नीति, पारदर्शी व्यवस्था और अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टाटा समूह के साथ यह बहुआयामी सहयोग राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन के बीच हुई यह बैठक उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट में टाटा संस के चेयरमैन ने यूपी में होटल श्रृंखला विस्तार का प्रस्ताव रखा

उत्तर प्रदेश में टूरिज्म बूम: टाटा समूह के ताज, विवांता और सिलेक्शन्स ब्रांड के होटल्स के बड़े विस्तार की तैयारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट में टाटा संस के चेयरमैन ने यूपी में होटल श्रृंखला विस्तार का प्रस्ताव रखा टाटा समूह के 30 होटल का निर्माण कार्य जारी, 30 नए पर भी हो रहा विचार नोएडा में खुलेगा टाटा समूह का 'स्टेट ऑफ आर्ट' सिग्नेचर होटल 2027 तक पूरा हो जाएगा अयोध्या में 'म्यूजियम ऑफ टेम्पल' के पहले चरण का निर्माण मथुरा-वृंदावन में विभिन्न प्राचीन कुंडों के जीर्णोद्धार में भी सहयोग करेगा टाटा समूह लखनऊ उत्तर प्रदेश में वैश्विक एवं घरेलू पर्यटन के तीव्र विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की मजबूत तस्वीर उभर रही है। इसी क्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में समूह की संचालित एवं प्रस्तावित होटल श्रृंखला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह विस्तार प्रदेश में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि तथा कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है। बैठक के दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि ताज, सिलेक्शन्स और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलों का निर्माण कार्य प्रदेश में वर्तमान में प्रगति पर है। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को इन परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 1900 लक्ज़री होटल रूम्स बढ़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 2026 तक 30 नए होटल निर्माण की योजना पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री से हुई बैठक में एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि नोएडा में टाटा समूह का एक स्टेट ऑफ आर्ट सिग्नेचर होटल भी प्रस्तावित है। जिससे उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेज गति से विकास करने वाले हॉस्पिटैलिटी मार्केट के रूप में उभर कर आएगा।  इसके अतिरिक्त, टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित ‘म्यूज़ियम ऑफ टेम्पल’ परियोजना के निर्माण कार्य के पहले चरण को जनवरी 2027 तक पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। इस संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक आधारित डिस्प्ले विकसित किए जा रहे हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट आकर्षण केंद्र होंगे। यह भी तय हुआ कि मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरी कुंड, गरुड़ गोविंद कुंड, कृष्ण कुंड सहित आठ प्रमुख कुंडों के जीर्णोद्धार तथा प्रदेश के प्रमुख गंगा घाटों की स्वच्छता एवं संरक्षण के कार्यों में भी टाटा समूह द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। टाटा समूह की यह सहभागिता उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम सिद्ध होगी।

भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देश के प्रति सरदार पटेल की सेवाएं व योगदान बना चिरस्मरणीय अध्यायः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहाः सीएम योगी  वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देशः सीएम   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देश  सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा।  सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप भारत का हिस्सा बनीं जूनागढ़ व हैदराबाद रियासत  सीएम योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रिसायतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा। पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहा सीएम योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। पं. नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने किए अनेक उल्लेखनीय कार्य  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, पवन सिंह चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, उमेश द्विवेदी, विधायक ओपी श्रीवास्तव, आशीष सिंह ‘आशु’, भाजपा के महानगर अध्यक्ष  आनंद द्विवेदी, सरदार पटेल स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष राजेश्वरी देवी पटेल, महासचिव शशांक वर्मा आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन : प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्यः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’ प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं। सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  अन्नदाता किसान की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही सरकार ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री जी ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं।  प्रदेशवासियों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे।  बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में भी पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

वोट बैंक की राजनीति बनाम विकास का मॉडल : साढ़े आठ साल में योगी सरकार ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन कांग्रेस-सपा ने जहां जनता को सिर्फ वोट बैंक माना, वहीं योगी सरकार ने निवेश, कानून व्यवस्था और मानव संसाधन को विकास का केंद्र बनाया बाहर के निवेशक आए, नई फैक्ट्रियां लगीं, युवाओं को मिला प्रशिक्षण और रोजगार लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में दशकों तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की पहचान वोट बैंक आधारित सत्ता प्रबंधन तक सीमित रही। जाति, तुष्टिकरण और प्रतीकात्मक योजनाओं से आगे बढ़ने का प्रयास नहीं हुआ। इसके उलट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने नीतिगत, संरचनात्मक और आर्थिक स्तर पर ऐसे बदलाव देखे हैं, जिनकी पुष्टि सरकारी और स्वतंत्र आंकड़े करते हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखता है। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उद्यमियों के लिहाज से काफी बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। यहां बाहर के निवेशक लगातार आए और अपने उद्यम स्थापित किए। उन्होंने यहां नई फैक्ट्रियां लगाईं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर विकल्प मिले। इसी के साथ उत्तर प्रदेश से पलायन की समस्या भी खत्म हो रही है। और अपने प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। सीएम योगी के प्रयास से उत्तर प्रदेश का युवा अपने पैरों पर खड़ा हो रहा सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अन्तर्गत विभिन्न आयोगों एवं भर्ती बोर्ड की ओर से साढ़े आठ वर्षों में 8.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।  इसके अलावा महिला सशक्तिकरण का पूरा ध्यान रखा गया। इसके अंतर्गत 1.75 लाख से अधिक महिलाओं को सरकारी नौकरी मिली। प्रदेश के युवाओं को देश एवं विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का भी गठन किया गया है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में 01 लाख से अधिक युवाओं को उद्योगों एवं अधिष्ठानों में पंजीकरण एवं प्रशिक्षण दिया गया। जिससे उत्तर प्रदेश का युवा अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है। नए उभरते क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की तरफ मोड़ा गया आई.टी.आई व कौशल विकास मिशन में 25 लाख से अधिक युवा विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षित किए गए और इसके अंतर्गत 10.20 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। यही नहीं इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप नए उभरते क्षेत्रों जैसे आर्टीफिशियल इन्टेलीजेंस, एडवांस्ड कम्प्यूटिंग (रोबोटिक्स) में छात्रों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की तरफ मोड़ा गया। राजनीतिक आरोप बनाम नीतिगत बदलाव राजधानी के इंडस्ट्रियल एरिया में अपना उद्यम चला रहे अनुराग पांडे कहते हैं कि जहां पहले की सरकारों ने जनता को केवल चुनावी गणित तक सीमित रखा, वहीं मौजूदा योगी सरकार ने स्थायी रोजगार, निवेश और कौशल विकास के साथ ही विकास को प्राथमिकता दी है। बाहर से आए उद्योगों और स्थानीय युवाओं को मिले प्रशिक्षण ने यह संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश अब केवल रोजगार की तलाश में पलायन करने वाला राज्य नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिल रहा त्वरित न्याय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल में सेवानिवृत्त कार्मिकों को मिल रहा त्वरित न्याय पेंशनरों की समस्याओं के निस्तारण के लिए शक्ति भवन में शनिवार को लगी पेंशन अदालत अदालत में कुल 14 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश में सेवानिवृत्त कार्मिकों के कल्याण और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर त्रैमासिक पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। यह पहल प्रदेश सरकार की उस संवेदनशील सोच को दर्शाती है, जिसमें सेवा निवृत्ति के बाद भी कार्मिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। पेंशन अदालत में कुल 14 प्रकरणसुनवाई के लिए रखे गए। पेंशन अदालत का आयोजन उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर किया गया। शक्ति भवन में आयोजित इस पेंशन अदालत की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के अपर सचिव (प्रथम) विनोद कुमार मिश्र ने की, जिसमें पावर कॉरपोरेशन और पारेषण निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पेंशन अदालत में कुल 14 प्रकरण रखे गए। इनमे से पांच प्रकरणों का त्वरित निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष का जल्द से जल्द करने के स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिए गए। यह त्रैमासिक पेंशन अदालत मार्च, जून, सितम्बर और दिसम्बर में नियमित रूप से आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य किसी भी पेंशनर को अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए है। यही मॉडल प्रदेश के सभी डिस्कॉम और केस्को में भी प्रभावी रूप से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि शासन केवल कार्यरत कर्मियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है। पेंशन अदालत जैसी व्यवस्थाएं उत्तर प्रदेश को संवेदनशील और जवाबदेह शासन की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। पेंशन अदालत में अपर सचिव-तृतीय  कैलाश चन्द्र जोशी, संयुक्त सचिव दिनेश प्रताप गुप्ता, संयुक्त सचिव अनिल कुमार, अधीक्षण अभियन्ता रजनीकान्त मिश्रा, उप सचिव राम सूरत सहित अन्य अधिकारीगण इस मौके पर मौजूद रहे।

वायु प्रदूषण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम

जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लॉन्च करेंगे उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना वायु प्रदूषण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम मुख्य सचिव होंगे परियोजना के अध्यक्ष, प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव सदस्य लखनऊ उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। वायु प्रदूषण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी माह जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना (यूपीसीएएमपी) का शुभारंभ करेंगे। इस परियोजना के शासी निकाय की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव करेंगे, जबकि प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव सदस्य के रूप में नामित होंगे। वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के उद्देश्य से योगी सरकार विश्व बैंक के सहयोग से यूपीसीएएमपी परियोजना का कार्यान्वयन कर रही है। इसी क्रम में हाल ही में यूपीसीएएमपी प्राधिकरण के शासी निकाय की दूसरी बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना के कार्यान्वयन से जुड़े सभी आवश्यक कदमों की समयबद्ध प्रगति की अद्यतन जानकारी आगामी बैठक में प्रस्तुत की जाए। इस परियोजना को लेकर बीते 3 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए), विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच परियोजना वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई थी। इसके पश्चात 10 दिसंबर 2025 को विश्व बैंक के निदेशक मंडल द्वारा परियोजना को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। शासी निकाय को परियोजना की संरचना, वित्तपोषण व्यवस्था और विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में गठित यूपीसीएएमपी प्राधिकरण के माध्यम से कार्यान्वयन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। यूपीसीएएमपी भारत की अपनी तरह की पहली वायुक्षेत्र-आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन परियोजना है, जिसे इंडो-गंगा के मैदानों में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को लक्षित करते हुए एक बहु-क्षेत्रीय कार्यक्रम के रूप में विकसित किया गया है। यह परियोजना विश्व बैंक द्वारा IIT कानपुर, IIT दिल्ली और नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट फॉर एयर रिसर्च (NILU) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से किए गए व्यापक वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है। इसमें ऑस्ट्रिया के IIASA द्वारा विकसित GAINS मॉडल का उपयोग किया गया है। यूपीसीएएमपी का कुल परिव्यय 304.66 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसमें 299.66 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण (लगभग 46,188 करोड़ येन के बराबर) और 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल है। इस परियोजना को वर्ष 2025 से 2031 तक छह वर्षों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। परियोजना उद्योग, परिवहन, कृषि, सड़क की धूल, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ खाना पकाने जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिससे उत्सर्जन में कमी के लिए एक समन्वित और प्रभावी रणनीति अपनाई जा सके। इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य वायुक्षेत्र आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन को सुदृढ़ करना और विभिन्न क्षेत्रों में उत्सर्जन को कम करना है। इसके तहत लगभग 39 लाख परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने के समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में 15,000 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि 13,500 प्रदूषणकारी भारी वाहनों के प्रतिस्थापन के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। कृषि और पशुधन प्रबंधन के क्षेत्र में परियोजना के अंतर्गत पोषक तत्व उपयोग दक्षता प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए खेतों में नाइट्रोजन निगरानी प्रणालियों की तैनाती, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करना, तथा खाद आधारित उर्वरकों और बायोगैस स्लरी के मानकीकृत उपयोग के माध्यम से पशुधन अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र में यूपीसीएएमपी संसाधन-कुशल ईंट निर्माण और टनल भट्टों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्लस्टरों के लिए स्वच्छ वायु प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाएंगी तथा मिनी बॉयलर से सामान्य बॉयलर सुविधाओं में परिवर्तन के लिए नीति निर्माण और व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। वायु प्रदूषण में प्रभावी कमी लाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सहयोग बढ़ाकर सीमा-पार उत्सर्जन से निपटने की रणनीति भी अपनाएगी, जिससे कम लागत में अधिक प्रभावी परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर

सीएम योगी की प्रेरणा से कस्टम ज्वेलरी उद्यम ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी मीरजापुर जिले की महिलाओं ने सीखी मार्केटिंग और नई टेक्नोलॉजी की बारीकियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर हो रहा ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर अपनी कमाई से बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च उठा रहीं ग्रामीण महिलाएं लखनऊ मीरजापुर जिले के पिपरवा गांव की 28 वर्षीय सुशीला देवी का जीवन कुछ साल पहले तक घरेलू जिम्मेदारियों और तंगी के बीच उलझा था। किसान परिवार में जन्मी सुशीला ने मुश्किलों के बावजूद इंटर तक पढ़ाई तो कर ली थी, लेकिन आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दिखता था। पति की निजी नौकरी से मिलने वाली सीमित कमाई में घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य, सब कुछ एक ही आय पर टिका था। लेकिन हालात तब बदले, जब सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी सुशीला तक पहुंची। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स संस्था की टीम उनके गांव तक पहुंची और महिलाओं को बताया कि वे भी अपना व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं। उनके भीतर क्षमता है। बस जरूरत है सही मार्गदर्शन की। धीरे-धीरे हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी एक सामूहिक बैठक में जब ज्वेलरी बनाने के प्रशिक्षण की बात चली, तो सुशीला ने झिझकते हुए शुरुआत की। परिवार की जिम्मेदारियों, कम संसाधनों और गांव में उनके भीतर कुछ नया सीखने की चाह हमेशा से थी। उन्होंने कस्टम ज्वेलरी बनाने का प्रशिक्षण लिया। फिर स्वयं सहायता समूह से 15,000 का ऋण लेकर छोटा सा उद्यम शुरू किया। धीरे-धीरे उनके हाथों की बनाई ज्वेलरी आसपास के बाजार में पसंद की जाने लगी। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और संस्था की टीम ने उन्हें खरीदारों से जोड़कर मार्केट लिंकिंग की कमी भी दूर कर दी। घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बनीं, बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के सहयोग से अब सुशीला की आय बढ़कर 15,000 रुपए हो गई। उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया। कुछ ही महीनों में सुशीला का आत्मविश्वास बढ़ता गया। पहले जहां उनकी स्वयं की कोई आय नहीं थी, वहीं अब उनकी मासिक आमदनी 15,000 तक पहुंच चुकी है। आज गांव की अन्य महिलाएं उनके साथ काम कर रही हैं, जिससे उनके भी घरों का खर्च आसानी से चल रहा है। अपनी बढ़ती कमाई से ही सुशीला ने अपने बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला करवाया। अब वे घर का खर्च संभालने में पति की बराबर की सहभागी बन गई हैं। सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं : सुशीला सुशीला कहती हैं, “पहले लगता था कि गांव की महिलाएं बस घर तक सीमित रहती हैं, लेकिन आज समझ आया कि सही मार्गदर्शन मिले तो हम भी अपना भविष्य खुद गढ़ सकते हैं।” उनकी यह मुस्कान और हौसला गांव की कई और महिलाओं के सपनों को नया आकार दे रहा है। छोटे छोटे गांवों से स्वाभिमान और सफलता की कहानी गढ़ रहीं महिलाएं : दीपा रंजन ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि सुशीला और अन्य महिलाओं की कहानी उस बदलाव की गवाही है, जो सीएम योगी की महिला-केंद्रित विकास नीतियों ने ग्रामीण जीवन में लाया है।सुशीला आज गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी हैं। ग्रामीण महिलाओं ने साबित कर दिया है कि एक छोटे से गांव से भी स्वाभिमान और सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है।

बाराबंकी के दौलतपुर में मुख्यमंत्री योगी ने खेत पर किसानों से किया सीधा संवाद

धरती का स्वास्थ्य सही रहेगा तभी बची रहेगी सृष्टिः योगी आदित्यनाथ प्रगतिशील किसान सम्मेलन में खेत पर गूंजी खेती की बात, रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ बाराबंकी के दौलतपुर में मुख्यमंत्री योगी ने खेत पर किसानों से किया सीधा संवाद नवाचार, तकनीक और बहु-फसली खेती को मुख्यमंत्री योगी ने बताया समृद्धि का मार्ग प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित, लाभार्थियों को चेक व प्रशस्ति पत्र किया वितरित बाराबंकी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धरती माता हमारा पेट भरने के लिए अन्न उत्पन्न करती है लेकिन इसका स्वास्थ्य भी ठीक रहना चाहिए और स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो मानव ही नहीं बल्कि सारी सृष्टि बची रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनेक कार्यक्रम वर्तमान में चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने नेशनल विजन ऑफ नेचुरल फार्मिंग के जिस अभियान को आगे बढ़ाया है ये उसी कड़ी का हिस्सा है। वे हमेशा कहते हैं कि किसान की आमदनी को बढ़ाने का पहला मंत्र है लागत कम हो तथा उत्पादन ज्यादा हो। अन्नदाता किसान को समय पर बीज, खाद, सिंचाई की सुविधाएं तथा वैज्ञानिक पद्धतियों का सहयोग मिले तो ये संभव है। शुक्रवार को बाराबंकी के दौलतपुर ग्राम में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन तथा खेती की बात खेत पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ किया। खेत पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की कृषि प्रगति, बहु,फसली खेती, तकनीकी नवाचार, एमएसपी व्यवस्था की पारदर्शिता और किसानों की आय वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया गया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी किसानों को चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रदर्शनी में उन्नत किस्मों की फसलों, सब्जियों, कृषि यंत्रों और एफपीओ आधारित नवाचारों का अवलोकन भी किया गया, जबकि दौलतपुर की उन्नत खेती के मॉडल को प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए प्रेरणा बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रदेश का समग्र विकास हुआ सुनिश्चित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ लोग निवास करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में प्रदेश ने समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उर्वर भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण राज्य कृषि और अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी बना है। कृषि उत्पादन व राष्ट्रीय योगदान का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी के अनुसार देश की कुल कृषि योग्य भूमि में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 11 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय खाद्यान्न आपूर्ति में प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है। सरकार ने किसानों को बीज से लेकर बाजार तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी सुनिश्चित की है। स्वॉइल हेल्थ कार्ड, फसल बीमा, गन्ना भुगतान, कृषि मंडियों के विस्तार तथा स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं ने किसानों को लाभ पहुंचाया है। पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी प्रगति का मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को मिल रहा है जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। सिंचाई के क्षेत्र में हर खेत को पानी उपलब्ध कराने, माइक्रो इरीगेशन, नहरों के नेटवर्क, सौर पंप और जल संरक्षण के अभियानों को गति दी गई है। ड्रोन डोजिंग, खरपतवार नियंत्रण, स्वॉइल टेस्टिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल मंडी और ई नाम जैसे प्रयासों ने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स पार्कों के माध्यम से किसानों की उपज अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंच रही है। विश्व बैंक के सहयोग से 4 हजार करोड़ रुपये की लागत से छह वर्षों में यूपी-एग्रीज परियोजना के अंतर्गत कम उत्पादन वाले 28 जनपदों, विशेषकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड, में कृषि सुधारों को गति दी गई है। विविध जलवायु क्षेत्रों में कृषि नवाचार जरूरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ भौगोलिक जलवायु क्षेत्र हैं और इनके अनुरूप उन्नत बीज तथा तकनीक उपलब्ध कराने पर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले की तुलना में आज रिकॉर्ड उत्पादन और पारदर्शी व्यवस्था ने प्रदेश की प्रगति को नई दिशा दी है। कृषि विकास दर को 8.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.7 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। प्रगतिशील किसानों की सफलता व सहकारी मॉडल का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, एक एकड़ में ढाई सौ क्विंटल आलू और दो लाख रुपये मूल्य का केला उत्पादन लागत कम और उत्पादन अधिक का सफल उदाहरण है। एफपीओ के माध्यम से सहकारी खेती को बढ़ावा मिल रहा है। पद्मश्री रामशरण वर्मा और सम्मानित प्रगतिशील किसान इस परिवर्तन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं जिनकी सफलता से प्रदेश के अन्य किसानों को प्रेरणा मिल रही है। प्रगतिशील किसानों का जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेती की वास्तविक चुनौतियों को समझने के लिए किसान पाठशाला का आयोजन प्रगतिशील किसान रामशरण वर्मा के फार्म में किया गया है। खेत में जाकर खेती को समझना, उसकी समस्याओं को नजदीक से देखना और कम लागत में अधिक उत्पादन के माध्यम से किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और नवाचार ने उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई पहचान दी है। उन्होंने सभी अन्नदाता किसानों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभिनव प्रयास करते रहें ताकि खेती का स्तर और बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि सेक्टर में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं और किसानों द्वारा समय पर खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग और समुचित देखभाल से कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया जा सकता है। प्रदेश की भूमि अत्यंत उर्वर है और इसका बेहतर उपयोग किसान अपनी तकनीक व प्रबंधन क्षमता से कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विकसित भारत के निर्माण में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। किसान पाठशाला … Read more