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महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत, राजधानी में एक साथ जुटेंगी हर जिले की उद्यमी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन : इंटरनेशनल एक्सपर्ट ग्रामीण महिलाओं को बनाएंगे बिजनेस वूमन महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत, राजधानी में एक साथ जुटेंगी हर जिले की उद्यमी अब ग्रामीण महिलाएं सीखेंगी बिजनेस स्किल, टेक्नोलॉजी और मार्केट के बीच तालमेल जीविकोपार्जन-केंद्रित प्रौद्योगिकियों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आधुनिक उद्यमी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। महिला नेतृत्व वाली उद्यमिता को मजबूती देने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में प्रदेश के हर जिले से महिला उद्यमी एक मंच पर जुटेंगी और देश-विदेश के विशेषज्ञों से सीखेंगी। महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 18 दिसंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य-स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के हर जिले से महिला उद्यमी भाग लेंगी। कार्यक्रम में बाजार-तैयार तकनीकों, संस्थागत सहयोग और फाइनेंस तक आसान पहुंच पर विशेष सत्र आयोजित होंगे। योगी सरकार के इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मविश्वास के साथ उद्यमिता की दुनिया में कदम रखेंगी और गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की एक मजबूत मिसाल बनने जा रही है। योगी सरकार के विजन के अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़ाकर आधुनिक बिजनेस मॉडल से जोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। महिलाओं को तकनीक, बाजार और फाइनेंस के बीच तालमेल बैठाने की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने उत्पादों को स्थानीय सीमाओं से निकालकर बड़े बाजार तक पहुंचा सकें। ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की महिला उद्यमी अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रही हैं। आने वाले समय में ग्रामीण महिलाएं केवल कामगार नहीं, बल्कि सफल बिजनेस वूमन के रूप में उभरेंगी। जीविकोपार्जन-केंद्रित प्रौद्योगिकियों पर फोकस योगी सरकार ऐसी तकनीकों और नवाचारों को प्राथमिकता दे रही है, जो सीधे महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में सहायक हों। सरकार, तकनीकी संस्थानों, वित्तीय एजेंसियों और समुदाय-आधारित संगठनों के समन्वय से महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है 

काशी ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है  योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी  पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रहा  वर्ष 2014 से 2025 (सितम्बर तक) तक 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण  केवल वर्ष 2025 में 14 करोड़ 69 लाख 75 हजार 155  के सैलानी पहुंचे वाराणसी  वाराणसी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास को समेटे हुए पौराणिक नगरी काशी ने बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। वाराणसी देश के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां तेजी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी है। अपनी मौलिक पहचान को बरकरार रखते हुए आधुनिक होती काशी की बदलती हुई हुई छवि ने दुनिया भर के सैलानियों को बनारस की ओर खींचा है। पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रही है। वर्ष 2014 से वर्ष 2025 (सितम्बर तक) तक 12 सालो में 45,44,82,662  (पैंतालीस करोड़ चौवालीस लाख बयासी हजार छ: सौ बासठ ) भारतीय और विदेशी काशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया है।  वर्ष 2014 से 2025 (सितम्बर तक) तक 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण  पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 में पर्यटकों की संख्या 54,89,997 ( चौवन लाख नवासी हजार नौ सौ सतानबे ) थी, जो 2025 ( सितंबर तक) तक बढ़कर 146975155( चौदह करोड़ उन्हत्तर लाख पचहत्तर हजार एक सौ पचपन ) के पार पहुँच गई। आंकड़ों के अनुसार 2014 के मुकाबले 2025 में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 14,64,26,158 ( चौदह करोड़ चौंसठ लाख छब्बीस हजार एक सौ अट्ठावन ) से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 2014 से 2025 तक 12 वर्षो में भारतीय पर्यटकों की संख्या 45,16,09,026 और विदेशी पर्यटकों की संख्या 28,73,636 है।  डबल इंजन सरकार में धरातल पर उतरा विकास दशकों तक विकास कार्य केवल कागज़ी योजनाओं तक सिमटा रहा । अब काशी में विकास कार्य तेजी से धरातल पर उतर रहा है, वाराणसी का सांसद बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में केंद्र की बागडोर संभाली और 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली तब से डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ वाराणसी के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया। मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी (सड़क, रेल और हवाई मार्ग), बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार और विश्वस्तरीय सुविधाओं एवं  व्यवस्थाओं ने काशी को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। *विश्वनाथ कॉरिडोर सेबुद्ध की तपोस्थली सारनाथ  तक बदली काशी की तस्वीर*नव्य-भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वहीं, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था, बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ के विकास, गंगा में क्रूज़ का संचालन और आधुनिक सुविधाओं की निरंतर बढ़ती श्रृंखला ने देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है। कोरोना काल के बाद रिकॉर्ड उछालकोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में पर्यटन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बाद काशी में पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक हर साल रिकॉर्ड संख्या में सैलानी वाराणसी पहुँचे, जिससे पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिली। 12 वर्षों में वाराणसी में आये पर्यटकों की वर्षवार संख्या  वर्ष –भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या   1. 2014- 5489997   2. 2015 -5716297   3. 2016 – 5912665  4. 2017 – 6282215  5. 2018- 6445160   6. 2019 – 6797775   7. 2020 – 982492   8. 2021 – 3078479  9. 2022 -71231051  10. 2023 – 85473633   11. 2024 1-110097743   12. 2025- 146975155    वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन उद्योग से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिला है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। वाराणसी आज एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन, उप्र किसी शहर के विकसित होने से औद्योगिक विकास के साथ ही पर्यटन उद्योग को भी रफ़्तार मिलती है। पर्यटन उद्योग से न सिर्फ आर्थिक मजबूती मिलती है ,बल्कि शहर की पहचान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती हैं। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक शहर में  विकास के साथ पर्यटन, होटल और रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। *खालिद अंसारी एम.डी.,कोरल होटल्स एंड रिसोर्ट*  काशी में पर्यटन का सुनहरा समय चल रहा है ,मौज़ूदा सरकार ने पर्यटन उद्योग को बढ़ाने के लिए पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधायुक्त बनाया है। जिसका परिणाम आज पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या में दिख रहा है। “गंगा आरती और घाटों की सुंदरता देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यट रिवर राइड  करते है  विकास मालवीय डायरेक्टर अलकनंदा क्रूज़ लाइन

ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज के जरिए तैयार किए जाएंगे यूपी के युवा

योगी सरकार की डिजिटल क्रांति : गांव में होगी सिविल सर्विसेज की तैयारी, 35 जिलों में किया गया पुस्तकों का चयन ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज के जरिए तैयार किए जाएंगे यूपी के युवा हर लाइब्रेरी को हाइटेक बनाने के लिए 1.30 लाख रुपए के आईटी इक्यूपमेंट और 70 हजार के फर्नीचर लिए जाएंगे पहले चरण में 11350 पंचायतों में चार लाख रुपए प्रति लाइब्रेरी के हिसाब से होगा खर्च दो लाख रुपए की किताबें रहेंगी, जिसमें छात्रों के लिए रहेंगे 20 हजार डिजिटल कंटेंट प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से खोली जाएगी डिजिटल लाइब्रेरी ग्राम प्रधान और सचिव लाइब्रेरी का प्रबंधन करेंगे, सहायक अधिकारी करेंगे देखरेख लखनऊ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले चरण में प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है, जिससे गांव के छात्र अब शहरों पर निर्भर हुए बिना सिविल सर्विसेज सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। हर डिजिटल लाइब्रेरी पर 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 2 लाख रुपये की पुस्तकों की व्यवस्था होगी, जबकि 1.30 लाख रुपये के आईटी इक्यूपमेंट और 70 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर लिए जाएंगे। लाइब्रेरी में ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, क्विज और करीब 20 हजार डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध रहेगी। सभी जिलों की पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और युवा रोजगार के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे। डिजिटल लाइब्रेरी का प्रबंधन ग्राम प्रधान और सचिव करेंगे, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित देखरेख करेंगे। ग्रामीण प्रतिभाओं को डिजिटली मजबूत बनाया जाएगा योगी आदित्यनाथ सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 35 जिलों में पुस्तकों का चयन पूरा कर लिया गया है। राजधानी लखनऊ समेत इन जिलों की ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होंगी। योगी सरकार की यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण प्रतिभाओं को डिजिटल शक्ति देने का मजबूत कदम मानी जा रही है। पुस्तकों का चयन करने वाले 35 जिले अमरोहा, आजमगढ़, बांदा, बलिया, बागपत, बदायूं, बरेली, बिजनौर, चित्रकूट, एटा, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गाजीपुर, हरदोई, हापुड़, जालौन, कानपुर देहात, कन्नौज, कौशाम्बी, कासगंज, लखनऊ, मऊ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, सम्भल, शामली, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, सीतापुर

मुख्यमंत्री ने यूपीपीएसी के स्थापना दिवस समारोह-2025 का किया शुभारंभ, पीएसी के अदम्य साहस की भी चर्चा की

साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता व कठिन प्रशिक्षण ही जवानों की पहचान बननी चाहिएः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने यूपीपीएसी के स्थापना दिवस समारोह-2025 का किया शुभारंभ, पीएसी के अदम्य साहस की भी चर्चा की मुख्यमंत्री ने यूपी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को भी गिनाया, बोले- हमारी सरकार ने पीएसी में 41,893 आरक्षियों व 698 प्लाटून कमांडर की भर्ती की जवानों को किया आश्वस्त- आपके सम्मान व सरकार के स्तर पर मिलने वाली सुविधा-संसाधन में होती रहेगी निरंतर वृद्धि लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 78 वर्ष से पीएसी बल का इतिहास अनुशासन, शौर्य, त्याग व समर्पण का रहा है। उन्होंने जवानों से अपील की कि साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता व कठिन प्रशिक्षण ही आपकी पहचान बननी चाहिए। सरकार आश्वस्त करती है कि आपके सम्मान व सरकार के स्तर पर मिलने वाली सुविधा-संसाधन में निरंतर वृद्धि होती रहेगी। यूपी के अंदर आत्मविश्वास का प्रमुख कारण कानून का राज है। कानून का राज सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही सुशासन की गारंटी दे सकता है। सुशासन में ही निवेश सुरक्षित हो सकता है और सुरक्षित निवेश ही युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम बन सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीपीएसी के स्थापना दिवस समारोह-2025 का शुभारंभ किया। सीएम ने पीएसी द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन किया। सीएम ने 78वर्ष के गौरवशाली इतिहास के लिए पीएसी बल को बधाई दी। संवेदनशील परिस्थितियों में अग्रिम मोर्च पर कार्य करता है पीएसी बल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में पीएसी बल आंतरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, प्रदेश में महत्वपूर्ण त्योहारों, अतिविशिष्ट महानुभावों के आगमन, लोकतंत्र के महापर्व ‘चुनाव’ को शांतिपूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के साथ ही संवेदनशील परिस्थितियों में अग्रिम मोर्च पर कार्य करता है। पीएसी के अधिकारी व कार्मिक विभिन्न आयामों के माध्यम से न सिर्फ यूपी, बल्कि देश के अंदर यूपी पीएसी बल, एसएसएफ, यातायात पुलिस, प्रतिसार निरीक्षक ड्यूटी, प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षक, एटीएस व एसटीएफ कमांडो के रूप में सेवाएं प्रदान कर कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। सीएम योगी ने पीएसी के अदम्य साहस को भी गिनाया सीएम योगी ने पीएसी बल के अदम्य साहस की चर्चा की। बताया कि 30वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले का जवाब दिया और पांचों आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। जुलाई 2005 में श्रीराम जन्मभूमि परिसर अयोध्या में आतंकी हमले के दौरान सीआरपीएफ, पीएसी और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी आतंकियों को मार गिराया गया था। यूपी की बेहतर छवि को देश के सामने रखने मे मिली सफलता सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने पीएसी की 46 कंपनियों को पुनर्जीवित करते हुए यूपी के अंदर बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखा और आंतरिक सुरक्षा के माध्यम से यूपी की बेहतर छवि को देश के सामने प्रस्तुत करने में सफलता हासिल की। संख्या, क्षमता, प्रशिक्षण, तकनीक के स्तर पर पीएसी की सशक्त बनाने का कार्य निरंतर जारी है। अत्याधुनिक हथियारों व दंगा नियंत्रण उपकरणों से सुसज्जित करते हुए पीएसी को एसएलआर, इंसास राइफल, मल्टीसेल लांचर, एंटी राइड गन, टियर गैस गन समेत अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण भी प्रदान किए गए। हमारी सरकार ने पीएसी में 41,893 आरक्षियों व 698 प्लाटून कमांडर की भर्ती की सीएम योगी ने कहा कि पीएसी कार्मिकों की व्यावसायिक दक्षता में सुधार के लिए पूर्व में प्रशिक्षित पाठ्यक्रम को अपडेट करते हुए एबीसी आदि ग्रेड सुनिश्चित कर उन्हें बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार ने पीएसी में 41,893 आरक्षियों व 698 प्लाटून कमांडर की भर्ती की। सीधी भर्ती के अंतर्गत प्लाटून कमांडर के पद पर 1648 तथा आरक्षी के पद पर 15131 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में प्रचलित है। इसमें 135 प्लाटून कमांडर की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है। शीघ्र ही यह भर्ती भी संपन्न होगी। सेवा के दौरान दिवंगत जवानों के 396 आश्रितों को आरक्षी व 58 आश्रितों को प्लाटून कमांडर के पद पर सेवायोजन प्रदान किया गया। आरक्षी पद हेतु 28 अभ्यर्थियों व प्लाटून कमांडर पर 7 अभ्यर्थियों के सेवायोजन की कार्रवाई वर्तमान में प्रचलित है। पीएसी में पदोन्नति के और अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सशस्त्र पुलिस में 184 निरीक्षकों, 3772 उपनिरीक्षकों के पदों में वृद्धि की गई है। विभागीय प्रोन्नति के अंतर्गत 426 उप निरीक्षक, 4042 मुख्य आरक्षी तथा 13313 आरक्षियों को पदोन्नति दी गई। 352 मुख्य आरक्षी, 1015 आरक्षियों की पदोन्नति सीएम ने पीएसी जवानों के लिए किए गए कार्यों की चर्चा की सीएम योगी ने कहा कि पुलिस कल्याण योजना के अंतर्गत 31 पुलिस मॉडर्न स्कूल संचालित हैं। पीएसी स्थापना दिवस के अवसर पर पहली बार पुलिस मॉडर्न स्कूलों में भी बेस्ट परफॉर्मेंस (पीएमएस) का चयन किया गया है। पीएसी के जवानों को बाजार से कम दाम पर सामान्य आवश्यकता की वस्तुएं प्राप्त हो सकें, इसके लिए 13 मास्टर कैंटीन व 103 सब्सिडियरी कैंटीन संचलित हैं। पीएसी की 31 वाहिनी में 202 जवानों की आवासीय व्यवस्था के लिए जी प्लस 11, बहुमंजिला बैरकों के निर्माण का कार्य तेजी से बढ़ाया गया है। इसमें से 18 वाहिनियों में कार्य पूर्ण हो चुका है और 13 में निर्माण कार्य प्रगति पर है। पीएसी वाहिनियों में पूर्व निर्मित आवासों की वार्षिक व विशेष मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत की गई है। खेल के बजट को 70 लाख से बढ़ाकर किया गया 10 करोड़ रुपये सीएम योगी ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए यूपी में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की छह कंपनियों में 18 टीमें प्रदेश को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश पुलिस को बढ़ावा देने के लिए दो प्रतिशत पद कुशल खिलाड़ियों की भर्ती के लिए आरक्षित किए गए हैं। पहली बार 480 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती हमारी सरकार द्वारा संपन्न की जा चुकी है। 768 पदों पर अधियाचन व भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस 2024 पर खेल के बजट को 70 लाख से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। 2025 में प्रदेश पुलिस की टीम की ओर से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हुए खिलाड़ियों द्वारा 14 स्वर्ण पदक, दो रजत व तीन कांस्य पदक अर्जित किए गए। विभिन्न राष्ट्रीय व अखिल भारतीय पुलिस … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी में उच्चस्तरीय बैठक में की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों और वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन व व्यय प्रगति की समीक्षा

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनेक्सी में उच्चस्तरीय बैठक में की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों और वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन व व्यय प्रगति की समीक्षा 2016 में देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में 9 प्रतिशत से अधिक हो गई है 2016-17 में ₹12.5 लाख करोड़ थी प्रदेश की जीएसडीपी, 2024-25 में ₹29.78 लाख करोड़ हो गई और अब 2025-26 में ₹36 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान कृषि, ऊर्जा और उद्योग प्रदेश की आर्थिक वृद्धि के मुख्य स्तंभ बने पीएम कुसुम-सी और पीएमजेएवाई से ऊर्जा व स्वास्थ्य क्षेत्र को सीधा लाभ मासिक, पाक्षिक, साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था करें लागू, कार्यों में देरी पर सख्ती के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एनेक्सी में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर हैं तथा इनमें और अधिक प्रगति की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 29.78 लाख करोड़ रुपये है। वर्ष 2024-25 के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत हो गया है, जबकि वर्ष 2022-23 में यह 8.6 प्रतिशत था। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में GSDP लक्ष्य का 93 प्रतिशत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। अब लगभग 42 लाख करोड़ रुपये के GSDP लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंत्रिगण वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में निर्धारित बिंदुओं की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों। साथ ही, सभी सक्षम अधिकारी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें, ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से व्यय सुनिश्चित किया जाए। नियोजन विभाग को सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस क्रम में सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी है। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक तथा खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ी है। साथ ही, उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन—दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोहरे आदि के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग को इस संबंध में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कॉमर्शियल वाहनों की पंजीकरण फीस को व्यावहारिक बनाने तथा आमजन की सुलभ यात्रा के लिए गुणवत्तापूर्ण बस सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन हुआ है। इस वर्ष जून माह तक लगभग 125 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए हैं। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही, होम-स्टे पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने और होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि का एक हिस्सा खरीदारी के लिए पूर्व में उपलब्ध कराया जाए, जबकि शेष राशि का उपयोग विवाह आयोजन के समय किया जाए। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना में तेजी लाने तथा उपलब्ध कराए जाने वाले कंप्यूटर वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप एवं उच्च गुणवत्ता के हों, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है, क्योंकि ये प्राथमिक शिक्षा की मजबूत नींव हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, बेसिक शिक्षा के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा निर्मित किए जा रहे विद्यालयों का गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता के दृष्टिगत संबंधित जनपदों से समन्वय कर कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री को ऊर्जा क्षेत्र के संबंध में अवगत कराया गया कि बिजली चोरी एवं तकनीकी हानियों में कमी से राज्य के विद्युत निगमों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। साथ ही, पीएम कुसुम-सी योजना के अंतर्गत बड़े सोलर प्रोजेक्ट एवं सोलर पार्कों की स्थापना से बिजली उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे केंद्र … Read more

‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ पुस्तक हा हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा, विकास और सुशासन की यात्रा को मिली नई पहचान ‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ पुस्तक हा हुआ लोकार्पण कानून-व्यवस्था से निवेश तक मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश की प्रमुख उपलब्धियों का हुआ उल्लेख लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के समग्र परिवर्तन और विकास यात्रा को रेखांकित करने वाली पुस्तक ‘गतिमान उत्तर प्रदेश : योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ के लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि तथा महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और साहित्य जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक की समीक्षा भी की गई। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को है नई पहचान का गौरव मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि आजादी के बाद हमारे देश के वीर सपूतों ने जिस भारत की कल्पना की थी, उसे साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास और गौरव को नई पहचान मिली है, जिस पर आज प्रदेश का प्रत्येक नागरिक गर्व कर सकता है। सतीश महाना ने कहा कि इतिहास में ऐसे संत हुए हैं जो राजा बने, और वर्तमान में उत्तर प्रदेश को एक संत-राजा के नेतृत्व में सुशासन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व में दया, संस्कृति और संस्कारों के समन्वय का उल्लेख करते हुए उनके नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में हुए विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई गति पकड़ी है। आज प्रदेश निवेश, रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरा है। यह पुस्तक शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है। योगी सरकार ने दी सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं, बच्चों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए ठोस नीतियों और योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान की है। पुस्तक में इन प्रयासों का संतुलित और तथ्यपरक चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने पिछले आठ वर्षों में जो अभूतपूर्व प्रगति की है, उसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। निवेश और औद्योगिक विकास को नई दिशा और गति मिली है। वहीं, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पुस्तक में कानून-व्यवस्था, ई-गवर्नेंस, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों को आंकड़ों के साथ प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने पुस्तक के लेखक के शोधपरक प्रयासों की सराहना की। वास्तविक तस्वीर को जनमानस तक पहुंचाना है उद्देश्य पुस्तक के लेखक डॉ. शीलवंत सिंह ने कहा कि इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य पिछले आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गतिमान उत्तर प्रदेश की वास्तविक तस्वीर को सरल और सहज रूप में आम जनमानस तक पहुंचाना है। पुस्तक में कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, अवस्थापना विकास, उद्यमशीलता और रोजगार के क्षेत्र में किए गए नवाचारी प्रयासों के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और किसानों की बदली हुई दिशा और दशा को प्रस्तुत किया गया है। पांच खंडों में विभाजित है पुस्तक पुस्तक पांच खंडों में विभाजित है, जिसमें कुल 22 विषयों को शामिल किया गया है। महाकुंभ 2025, ओडीओपी योजना, फिल्म सिटी परियोजना, ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तथा अयोध्या और काशी के सांस्कृतिक उत्थान जैसे विषय इसके प्रमुख आकर्षण हैं। कार्यक्रम के दौरान विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे, प्रभात प्रकाशन के पीयूष कुमार, मणिकांत शुक्ल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उ0प्र0 को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर, कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की   उ0प्र0 को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर, कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए : मुख्यमंत्री   प्रदेश का जी0एस0डी0पी0 वर्ष 2016-17 में 12.5 लाख करोड़ रु0, वर्ष 2024-25 में 29.78 लाख करोड़ रु0 तथा वर्ष 2025-26 में जी0एस0डी0पी0 36 लाख करोड़ रु0 से अधिक होने का अनुमान   वर्ष 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में उ0प्र0 का योगदान 09 प्रतिशत से अधिक   वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से सम्बन्धित विभागीय कार्यों की समीक्षा मंत्रिगण मासिक, मुख्य सचिव पाक्षिक तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाए   विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए आवंटित बजट को समय से व्यय करने के निर्देश, मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाएं ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके नियोजन विभाग सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करे प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक, सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास हों, परिवहन विभाग इस सम्बन्ध में व्यापक समीक्षा करे गढ़मुक्तेश्वर पश्चिमी उ0प्र0 का एक प्रमुख तीर्थ स्थल, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश, प्रदेश में टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण समय से पूर्ण करने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहाँ लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर हैं तथा इनमें और अधिक प्रगति की व्यापक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी0एस0डी0पी0) वर्ष 2016-17 में 12.5 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में 29.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2025-26 में जी0एस0डी0पी0 36 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। वर्ष 2024-25 में देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 09 प्रतिशत से अधिक है, जबकि वर्ष 2022-23 में यह 8.6 प्रतिशत था। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जी0एस0डी0पी0 लक्ष्य का 93 प्रतिशत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। अब लगभग 42 लाख करोड़ रुपये के जी0एस0डी0पी0 लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि मंत्रिगण वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में निर्धारित बिंदुओं की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों। साथ ही, सभी सक्षम अधिकारी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें, ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से व्यय सुनिश्चित किया जाए। नियोजन विभाग को सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस क्रम में सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी है। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक तथा खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ी है। साथ ही, उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन सम्भव हो सका है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोहरे आदि के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग को इस संबंध में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कॉमर्शियल वाहनों की पंजीकरण फीस को व्यावहारिक बनाने तथा आमजन की सुलभ यात्रा के लिए गुणवत्तापूर्ण बस सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन हुआ है। इस वर्ष जून माह तक लगभग 125 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए हैं। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही, होम-स्टे पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने और होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने … Read more

अन्नदाता किसान को कोई समस्या हुई तो कोई भी बचेगा नहीं: मुख्यमंत्री

मिलावटी, नकली खाद बेचने वाले और खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री अन्नदाता किसान को कोई समस्या हुई तो कोई भी बचेगा नहीं: मुख्यमंत्री फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों भी की होगी निगरानी, गड़बड़ी मिली तो खुली विजिलेंस जांच होगी मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर होगी सीधी निगरानी, खाद वितरण में गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री डीएम, एडीएम, एसडीएम उतरेंगे मैदान में, खाद दुकानों पर औचक निरीक्षण अनिवार्य तय दर पर ही डीएपी, यूरिया और पोटाश, किसान को नुकसान हुआ तो तय होगी जवाबदेही: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मिलावटी अथवा नकली खाद बेचने वालों और खाद की कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान को यदि खाद को लेकर कोई भी समस्या हुई तो जवाबदेही तय होगी और दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, कार्रवाई से नहीं बचेगा। मंगलवार को कृषि मंत्री और सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और सुचारू वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता और कृषि मंत्री प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर सीधी निगरानी रखी जाएगी और खाद वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी स्वयं खाद की दुकानों और समितियों पर औचक निरीक्षण करें। ओवर रेटिंग किसी भी दशा में न हो और खाद समितियां निर्धारित अवधि के अनुसार अनिवार्य रूप से खुली रहें। डीएपी, यूरिया और पोटाश किसानों को केवल तय सरकारी दरों पर ही उपलब्ध कराई जाए। जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां तत्काल जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाएगी। यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो खुली विजिलेंस जांच कराई जाएगी। उनका स्पष्ट संदेश था कि खाद संकट पैदा करने या कृत्रिम अभाव दिखाने की कोशिश करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 16 दिसंबर 2025 तक कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र में 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.30 लाख मीट्रिक टन तथा एनपीके में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्धता बताई गई। मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है और गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है। गत वर्ष की तुलना में इस अवधि में यूरिया की बिक्री अधिक रही है और वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्धता के बावजूद किसी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए

डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का संपूर्ण जीवन रामकाज को समर्पित रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने वेदांती जी महाराज के शिष्यों व अनुयायियों से की निरंतर रामकाज से जुड़े रहने की कामना अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर वशिष्ठ भवन के ब्रह्मलीन महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के वरिष्ठ सदस्य तथा वशिष्ठ भवन, अयोध्या के महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज भौतिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संपूर्ण जीवन अयोध्या धाम के विकास और रामलला के भव्य मंदिर निर्माण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेदांती जी महाराज का पूरा जीवन ही रामकाज को समर्पित था। यह भी एक संयोग है कि प्रभु श्रीराम की पावन कथा का वाचन करते हुए उन्होंने नश्वर देह का त्यागकर साकेतवास किया।  प्रभु श्रीराम से जुड़े हर कार्य में रही वेदांती जी महाराज की सक्रिय सहभागिता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के प्रारंभिक दौर से लेकर उसके मूर्त रूप लेने और आंदोलन के सफल परिणाम को देखने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को श्रीरामजन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण के समारोह में भी वेदांती जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह उनके समर्पण और निरंतर सहभागिता का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1983 में श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के आरंभ से लेकर अब तक आयोजित प्रत्येक आंदोलन और कार्यक्रम में वेदांती जी महाराज की सक्रिय भूमिका रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज को याद करते हुए कहा कि आज भले ही वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साकेतवासी होने पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके शिष्यों व आश्रमवासियों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मैं अयोध्या आया हूं । गोरक्षपीठ से रहा गहरा जुड़ाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ से वेदांती जी महाराज का अत्यंत निकट और आत्मीय संबंध रहा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1949 में अयोध्या धाम में श्रीरामजन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के विग्रह के प्रकटीकरण के समय गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री दिग्विजयनाथ जी महाराज तथा वेदांती जी महाराज के पूज्य गुरु बाबा अभिराम दास जी उस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा थे। मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि वर्ष 1983 में जब श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ और उनके पूज्य गुरुदेव, गोरक्षपीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री अवेद्यनाथ जी महाराज उस समिति के अध्यक्ष बने, तब से डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज वरिष्ठ सदस्य के रूप में निरंतर इस आंदोलन से जुड़े रहे। प्रभु श्रीराम से की श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के पवित्र मंदिर से जुड़े सभी ऐतिहासिक कार्यक्रमों, 5 अगस्त 2020 को मंदिर के शिलान्यास, 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा तथा 25 नवंबर 2025 को धर्मध्वजा आरोहण के वेदांती जी महाराज साक्षी रहे। यह उनके जीवन की साधना और संकल्प का ही परिणाम था कि वे रामलला को विराजमान होते, भव्य मंदिर का निर्माण होते और दिव्य-भव्य अयोध्या को साकार रूप में देखते हुए तथा रामकथा का गायन करते हुए इस लोक से विदा हुए। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि वे वेदांती जी महाराज को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वे विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी स्मृतियों को नमन करते हैं और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वेदांती जी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करते हुए उनके आश्रम के शिष्य और अनुयायी निरंतर रामकाज के अभियान से जुड़े रहेंगे। उल्लेखनीय है कि डॉ. रामविलास वेदांती जी मध्य प्रदेश के लालगांव के समीप स्थित भठवा गांव में रामकथा का वाचन कर रहे थे। कथा का आयोजन 17 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन शनिवार की रात सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद उन्हें उपचार के लिए रीवा लाया गया। वहां एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनका साकेतवास हो गया।

योगी आदित्यनाथ सरकार शहरों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी प्रदान करने को लेकर बना रही है रोडमैप

क्षेत्रीय आवागमन संपर्क को बढ़ाने के साथ ही प्रदेश में ‘अंतिम मील कनेक्टिविटी’ होगी सुनिश्चित: CM  योगी आदित्यनाथ सरकार शहरों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी प्रदान करने को लेकर बना रही है रोडमैप विभिन्न कॉरिडोर के निर्माण से व्यापार, रोजगार व शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की कार्ययोजना को मिलेगा बल ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के तहत प्रदेश में रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ाने पर किया जा रहा है फोकस हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के जरिए शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन तेज व सुगम बनाने का खाका हो रहा तैयार लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार विजन-2047 के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में प्रदेश की परिवहन संरचना को सशक्त और आधुनिक बनाने पर निरंतर कार्य कर रही है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना के तहत सरकार का प्रमुख फोकस क्षेत्रीय आवागमन संपर्क की अवसंरचनाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर है, ताकि प्रदेश के शहरों, कस्बों तथा औद्योगिक क्षेत्रों को तेज, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। रीजनल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई गति प्रदेश सरकार हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने का व्यापक खाका तैयार कर रही है। इसके अंतर्गत प्रमुख शहरों तथा आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इसे प्रदेश में एक हजार किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में किस प्रकार व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाए, इसे लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस नेटवर्क के साकार होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क के विस्तार व कॉरीडोर निर्माण पर जोर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के विस्तार तथा व्यापक कायाकल्प को लेकर जो खाका तैयार किया जा रहा है, उसमें रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुदृढ़ करना भी शामिल है। योजना के अनुसार, प्रदेश में रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने के लिए लगभग 1500 किलोमीटर क्षेत्र में विस्तारित परिवहन नेटवर्क के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना निर्माण पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न ऑर्बिटल कॉरिडोर्स के निर्माण को लेकर भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने और नगरीय क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। ये कॉरिडोर औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स हब तथा नगरीय केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। इसी कड़ी में इंटरसिटी हाइपरलूप, प्रदेश के प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं का संचालन और विस्तार तथा वॉटर मेट्रो नेटवर्क को बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा है। व्यापार, रोजगार तथा निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन बेहतर रीजनल कनेक्टिविटी से प्रदेश में व्यापार व उद्योग को नई दिशा मिलेगी। विभिन्न कॉरिडोर तथा परिवहन नेटवर्क के विकास से उद्योगों को कच्चे माल, बाजार तथा श्रम शक्ति तक सुगमता से पहुंच प्राप्त होगी। इससे न केवल प्रदेश में निवेश को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार का मानना है कि सशक्त परिवहन अवसंरचना आर्थिक विकास की रीढ़ होती है। ऐसे में इन योजनाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस दिशा में व्यापक कार्ययोजना निर्माण पर कार्य किया जा रहा है। अंतिम मील कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान प्रदेश सरकार की रणनीति केवल बड़े परिवहन नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतिम मील कनेक्टिविटी को प्रमुख प्राथमिकता दी जा रही है। रीजनल परिवहन प्रणालियों को शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों से जोड़ने के लिए परिवहन साधनों के विकास पर जोर दिया जा रहा है, जिससे लोगों को घर से कार्यस्थल, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच मिल सके। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के बिना प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। विजन-2047 को केंद्र में रखते हुए रीजनल कनेक्टिविटी के साथ ही अंतिम मील कनेक्टिविटी को एकीकृत रूप से विकसित करने को लेकर कार्य जारी है। इन प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक मानचित्र पर भी एक सशक्त तथा विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा रहे हैं।