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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश

जनता दर्शन : ठंड में आने वाले फरियादियों के लिए रैनबसेरे में रुकने की कराएं व्यवस्था   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री बोले- सभी जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान प्रतिदिन जनपदों में सुनें जनता की शिकायत  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से आए फरियादियों से मुलाकात की। सीएम ने उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में भी ‘जनता दर्शन’ में फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचते हैं, लेकिन लखनऊ में होने वाले ‘जनता दर्शन’ में भी बड़ी संख्या में फरियादी आते हैं। ‘जनता दर्शन’ में शामिल होने के लिए एक दिन पहले रात में ही वे राजधानी पहुंच जाते हैं। यहां आने वाले फरियादी रैन बसेरों में रूकें, सरकार ने रैन बसेरों में समुचित व्यवस्था की है। सीएम ने लखनऊ प्रशासन को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहें और यह सुनिश्चित करें कि रैन बसेरों में रहने वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।  प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय ठंड काफी पड़ रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि पहले जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान के पास पहुंचें और अपनी समस्याओं से अवगत कराएं। प्रशासन स्तर पर हर समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है। सीएम ने सभी जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान को निर्देश दिया कि प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण कराएं, जिससे उन्हें ठंड के मौसम में लखनऊ न आना पड़े।  आप एस्टिमेट बनवाइए, सरकार इलाज में मदद करेगी ‘जनता दर्शन’ में कुछ फरियादी इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर भी पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनका प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आप अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर दीजिए। सरकार पहले दिन से ही इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। सरकार का संकल्प है कि इलाज के अभाव में किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।  जमीन कब्जे की शिकायत पर सीएम सख्त  ‘जनता दर्शन’ में कुछ मामले जमीन कब्जे के भी आए। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रूख अपनाते हुए इसकी जांच कराते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धान खरीद के मामलों को लेकर पहुंचे किसानों की शिकायत सुनकर सीएम ने तत्काल संबंधित प्रशासन को समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान ही सरकार की प्राथमिकता है।  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  "जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ बच्चे भी पहुंचे। सीएम ने बच्चों से संवाद किया, उन्हें दुलारा-पुचकारा और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के प्रश्नों का जवाब दिया, फिर सीएम ने सभी बच्चों को चॉकलेट दी और अभिभावकों से कहा कि ठंड अधिक पड़ रही है। बच्चों को ठंड में बचाकर रखें। मुख्यमंत्री का यह प्रेम देख अभिभावक भी अभिभूत हो गए।

मुख्यमंत्री योगी ने सहकारिता विभाग की उपलब्धियों व नवाचारों पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों व नवाचारों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने वाराणसी व महराजगंज के वर्तमान जिलाधिकारी समेत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लिए ऋण का चेक भी प्रदान किया।  मुख्यमंत्री के हाथों किए गए सम्मानित   सत्येंद्र कुमार (वर्तमान जिलाधिकारी, वाराणसी)- महराजगंज, बाराबंकी व वाराणसी में सहकारिता में सर्वांगीण विकास व मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए मिला सम्मान संतोष कुमार शर्मा (वर्तमान जिलाधिकारी महराजगंज)- एम पैक्स सदस्यता महाभियान-2025 में प्रदेश में सर्वाधिक 1.22 लाख सदस्य बनाने और सर्वाधिक 28 हजार ऑनलाइन सदस्य जोड़ने के लिए हुए सम्मानित  यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अजय प्रताप सिंह को दनिश्ता फातिमा को पांच-पांच लाख ऋण का चेक दिया गया   मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सोनम वर्मा न मनीष कुमार भदौरिया को 25-25 लाख रुपये व आकांक्षा सिंह को 10 लाख रुपये के ऋण का चेक दिया गया  नमो ड्रोन दीदी के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वंदना तिवारी व ललिता देवी को सम्मानित किया गया  एम पैक्स सदस्यता महाभियान के अंतर्गत सर्वाधिक सदस्य बनाने वाले तीन जनपद को सम्मानित किया गया महराजगंज- जितेंद्र बहादुर सिंह, यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड व सुनील कुमार गुप्ता एआर, को-ऑपरेटिव (1.22 लाख सदस्य बनाए)  शाहजहांपुरः जिला को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रताप सिंह राठौर व सहायक आयुक्त अखिलेश प्रताप सिंह (1.08 लाख सदस्य बनाए) उन्नाव- डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष अरुण सिंह व सहायक आयुक्त रविंद्र कुमार सिंह (1.02 लाख से अधिक सदस्य बनाए)  एम-पैक्स सदस्यता महाभियान-2025 में सर्वाधिक डिपॉजिट एकत्र करने वाले तीन जिला सहकारी बैंक  मेरठ (125 करोड़ रुपये से अधिक)- विमल कुमार शर्मा बैंक अध्यक्ष व विनय सिंह सचिव  गाजियाबाद (65.48 करोड़ से अधिक)- कृष्णवीर सिंह बैंक अध्यक्ष व संदीप सिंह बैंक सचिव  लखीमपुर खीरी- विनीत मनार पटेल बैंक अध्यक्ष व सचिव सुधांशु चौधरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की खिचड़ी मेला, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों तथा जिले में जारी विकास कार्यों की समीक्षा की। खिचड़ी मेले की तैयारियों को लगभग पूर्ण जानकर उन्होंने संतोष जताया। साथ ही कहा कि नववर्ष के पहले दिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ प्रशासन के लिए खिचड़ी मेला के प्रबंध के रिहर्सल के रूप में होगी। इस दिन के प्रबंध से खिचड़ी मेला की तैयारियों को भी भौतिक रूप से परखने का अवसर मिल जाएगा।  समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने खिचड़ी मेला के प्रबंध को लेकर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनकी तैयारी की जानकारी ली। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में तय की गई समय सीमा 20 दिसंबर के पूर्व ही सभी तैयारियां संतोषजनक मिलीं। उन्होंने तैयारियों पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि खिचड़ी मेला से पहले नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी को भी मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन को भारी भीड़ उमड़ेगी। यह मेला की तैयारियों के रिहर्सल का अच्छा मौका होगा। खिचड़ी मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। गोरखपुर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को मिले भरपूर मौका 11 से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, प्रतिभाओं को भरपूर मौका दिया जाए। पारंपरिक वाद्य, गायन व नृत्य कलाओं को महोत्सव के जरिये प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जाएं। कहा कि महोत्सव को लेकर जो भी कार्य शेष रह गए हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर महोत्सव में हरेक सेक्टर के विकास, योजनाओं और उपलब्धियों पर गोष्ठी कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।  नववर्ष के पहले दिन रामगढ़ताल क्षेत्र में हों सुरक्षा और सुविधा के पर्याप्त इंतजाम मुख्यमंत्री ने नववर्ष के पहले दिन शहर के खास पर्यटन केंद्र रामगढ़ताल क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद को देखते हुए लोगों की सुविधा और सहूलियत के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर आए नववर्ष के पहले दिन इस क्षेत्र में सीसी कैमरों से निगरानी की जाए ताकि कोई अराजकता न फैलाने पाए। उन्होंने इस अवसर विशेष पर रामगढ़ताल क्षेत्र में पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था करने और इसका समय रहते प्रचार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कहीं भी सड़क पर वाहन न खड़े होने पाएं।  सड़क निर्माण की परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराएं जनपद में जारी विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि सड़क निर्माण की जितनी भी परियोजनाएं जारी हैं, उनको गुणवत्तापूर्ण तरीके से तेजी से पूर्ण कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा सुगम यातयात व्यवस्था देना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विरासत गलियारा की भी समीक्षा की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि विरासत गलियारा के दायरे में आने से जो दुकान पूरी तरह प्रभावित हुईं हों, उनके स्वामियों को दुकान उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम और जीडीए की तरफ से पहल की जाए। प्रभावित दुकानदारों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने शीतलहर में आमजन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाने के भी निर्देश दिए। बैठक में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह सहित प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपा पर करारा प्रहार, सपा से जुड़े लोगों की तस्वीर है आरोपी के साथ

जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा: योगी आदित्यनाथ कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपा पर करारा प्रहार, सपा से जुड़े लोगों की तस्वीर है आरोपी के साथ शीतकालीन सत्र के प्रारंभ से पहले मुख्यमंत्री योगी ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर कसा तंज कहा: सपा प्रमुख की स्थिति ऐसी है कि “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा” लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के प्रारंभ से पहले शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बात हर व्यक्ति जानता है कि प्रदेश के लगभग हर माफिया के संबंध समाजवादी पार्टी से रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि एसटीएफ या उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए कुछ अभियुक्तों के संबंध समाजवादी पार्टी से रहे हैं। समाजवादी पार्टी, जो अपनी कार्यप्रणाली के लिए पहले से ही बदनाम और कुख्यात रही है, इस पूरे मामले में भी अपनी संलिप्तता उजागर होते हुए देखेगी।                    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस विषय में पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है, लेकिन इतना अवश्य कहा जा सकता है कि सपा प्रमुख द्वारा जो बातें कही जा रही हैं, उनकी स्थिति वही है, जैसा कि इस पंक्ति में कहा गया है: “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा।” यानी, जिन माफियाओं के साथ उनकी तस्वीरें सामने आ रही हैं, स्वाभाविक रूप से अवैध लेन-देन में उनकी संलिप्तता कहीं न कहीं सामने आएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।  कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रखा पक्ष कोडीन मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोडीन फॉस्फेट एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत आने वाली एक औषधि है। इसका उपयोग कोडीन-युक्त कफ सिरप के निर्माण में किया जाता है, जो गंभीर खांसी के उपचार में प्रयुक्त होता है। इसका कोटा और आवंटन सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा केवल अधिकृत औषधि निर्माण के लिए ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह कफ सिरप कई स्थानों पर नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग किया जा रहा था। अवैध तस्करी की शिकायतें मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कार्रवाई की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के नेतृत्व में इसे एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मानते हुए कार्रवाई प्रारंभ की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्रवाई एफएसडीए, यूपी पुलिस और एसटीएफ द्वारा की जा रही है, जिसमें अब तक बड़े पैमाने पर अवैध तस्करी के मामलों का खुलासा हुआ है और व्यापक गिरफ्तारियां भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निगरानी एक राज्य-स्तरीय एसआईटी कर रही है, जिसमें यूपी पुलिस और एफएसडीए के अधिकारी शामिल हैं। अवैध तस्करी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे धन कहां-कहां गया, इन सभी तथ्यों का भी खुलासा होगा। 24 दिसंबर तक चलेगा शीतकालीन सत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि शीतकालीन सत्र आज से प्रारंभ होकर 24 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि सत्र में भाग लेने के लिए आ रहे सभी माननीय सदस्यों का स्वागत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सत्र के दौरान माननीय सदस्य जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे, उत्तर प्रदेश के विकास से संबंधित विधायी कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा तथा विभिन्न विभागों की अनुपूरक मांगों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की जाएगी तथा इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की स्थापना-तिथि और ‘वंदे मातरम्’ को संविधान के अनुसार मान्यता दिए जाने की अधिसूचना की तिथि एक ही है, ऐसे में इस विषय पर विधानमंडल में चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में आज संभवतः कोई कार्रवाई नहीं हो पाएगी, क्योंकि विधानसभा के एक वर्तमान सदस्य के आकस्मिक निधन के कारण शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। हालांकि, यदि विधान परिषद में कोई मुद्दा उठता है तो नेता सदन इस पर सरकार का पक्ष रखेंगे। इसके अतिरिक्त, यदि बाहर भी कोई इस विषय पर प्रश्न उठाएगा तो सरकार की ओर से समुचित उत्तर दिया जाएगा। सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को पूरी तरह तैयार है। सरकार विकास से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है और विधानसभा सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों के सहयोग की अपेक्षा करती है। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा विधानमंडल लगातार सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। जब लोकतंत्र से जुड़े पवित्र स्थल चर्चा और परिचर्चा के केंद्र बनते हैं, तब जनप्रतिनिधि जनविश्वास पर खरा उतरता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार की इच्छा थी कि सत्र अधिक दिनों तक चले, लेकिन वर्तमान में अधिकांश जनप्रतिनिधि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े कार्यों में व्यस्त हैं, जो लोकतंत्र की शुचिता और पारदर्शिता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी कारण आवश्यक विधायी कार्यों, अनुपूरक मांगों और ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा के लिए सत्र अवधि आज से 24 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह सत्र उत्तर प्रदेश विधानमंडल और राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को दिए मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े ₹6500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 25 कंपनियों के 45 शीर्ष प्रोफेशनल्स की महत्वपूर्ण भेंट उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को दिए मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े ₹6500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव 2017 के पहले के दुःस्वप्न को भूल नए भारत के नए यूपी को का करें अनुभव: मुख्यमंत्री हर निवेशक की पाई-पाई सुरक्षित, विकास और ग्रोथ की गारंटी वाला नया उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री बोले उद्यमी, यूपी के साथ मिलकर काम करने की है इच्छा, अब सब खच है अनुकूल नए उत्तर प्रदेश को समझने और निवेश की संभावनाएं जानने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने के लिए निवेशकों को मुख्यमंत्री का आमंत्रण कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार से उत्तर प्रदेश बना सुरक्षित निवेश गंतव्य इन्वेस्टर समिट से बदली प्रदेश की छवि, 40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचे निवेश प्रस्ताव एमएसएमई, ओडीओपी और डिफेंस कॉरिडोर से औद्योगिक विकास को नई गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सेएक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में देश और विदेश की 25 प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़े 45 प्रोफेशनल्स ने भेंट की। डब्ल्यूएमजी ग्रुप के तत्वावधान में आए इस प्रतिनिधिमंडल में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, फाइनेंस, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, बेवरेज, फार्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सीईओ, सीएफओ, डायरेक्टर्स और शीर्ष प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक वातावरण और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तृत संवाद करना था। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश में स्थिर, सुरक्षित एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण से प्रभावित होकर बैठक में उपस्थित उद्यमियों और निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरा विश्वास व्यक्त किया। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े इन उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए कुल लगभग 6,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए। इन प्रस्तावों में मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, बायो रिफाइनरी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ प्रदेश की आर्थिक गति को और मजबूती मिलने की संभावना है। निवेशकों ने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश की मजबूत कानून व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार की प्रो-एक्टिव अप्रोच उनके दीर्घकालिक निवेश के लिए सबसे उपयुक्त आधार प्रदान करती है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सभी उद्योग प्रतिनिधियों का उत्तर प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि बीते कई दशकों तक राजनीतिक अस्थिरता और गलत धारणाओं के कारण प्रदेश की छवि पूरे देश में नकारात्मक बनी रही। उन्होंने कहा कि अब उन पुरानी धारणाओं को पीछे छोड़कर नए उत्तर प्रदेश को जानने और समझने की आवश्यकता है। अतीत पीड़ादायक और अव्यवस्थित रहा, किंतु वर्तमान सुरक्षित, स्थिर और अवसरों से भरा है तथा भविष्य उज्ज्वल है। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य रखते हुए बताया कि स्वतंत्रता के समय देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान लगभग 14 से 15 प्रतिशत था, जो समय के साथ घटकर 7.5 से 8 प्रतिशत के आसपास रह गया और प्रदेश को बीमारू राज्य के रूप में देखा जाने लगा। बीते साढ़े आठ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किए गए व्यापक सुधारों और नीतिगत बदलावों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश आत्मविश्वास के साथ अपने आर्थिक पुनरुत्थान की बात कर सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूंजी तभी सुरक्षित रह सकती है जब समाज और राज्य सुरक्षित हों। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की स्थिति यह थी कि हर तीसरे दिन दंगे होते थे, महीनों तक कर्फ्यू लगता था और लगभग 50 ऐसे जिले थे जहां सूर्यास्त के बाद बेटियों का सुरक्षित घर लौटना मुश्किल था। रंगदारी और गुंडा टैक्स जैसी अव्यवस्थाएं अघोषित प्रणाली का हिस्सा बन चुकी थीं। सरकार बनने के पहले दिन ही यह संकल्प लिया गया कि इस अराजकता को समाप्त करना है। परिणामस्वरूप आज लगभग नौ वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ, एक दिन का भी कर्फ्यू नहीं लगा और प्रदेश माफिया मुक्त हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर में आए व्यापक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश के पास है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, इनलैंड वॉटरवे, रैपिड रेल परियोजनाएं और शहरी परिवहन में रोपवे जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं प्रदेश में विकसित की जा रही हैं। यह परिवर्तन योजनाबद्ध और दूरदर्शी निवेश का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने निवेश यात्रा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2018 में जब पहली इन्वेस्टर समिट आयोजित की गई थी, तब अधिकारियों को भी केवल 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद थी। सरकार ने देशभर में रोड शो किए, उद्योग जगत से सीधा संवाद किया और स्वयं मुख्यमंत्री ने प्रमुख औद्योगिक केंद्रों का दौरा कर उत्तर प्रदेश की नई पहचान प्रस्तुत की। इसका परिणाम यह रहा कि 2018 की समिट में 4.67 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जो उत्तर प्रदेश के परिवर्तन की सशक्त कहानी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग अनुकूल वातावरण, भूमि और बिजली की उपलब्धता तथा कुशल मानव संसाधन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी, इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान मौजूद हैं। 96 लाख से अधिक इकाइयों के साथ यह देश का सबसे बड़ा एमएसएमई बेस है। ओडीओपी योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण इसका सशक्त उदाहरण है। बुंदेलखंड क्षेत्र में झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को विकसित किया जा रहा है, जहां निवेश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि नए उत्तर प्रदेश में प्रत्येक निवेशक की पूंजी पूरी तरह सुरक्षित है और यहां विकास की स्पष्ट गारंटी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करना है, जिसके लिए विकसित उत्तर प्रदेश आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर जिले, हर नगरीय निकाय, … Read more

मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह

क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से संभव- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस की बीमारी को हमने खत्म करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया- मुख्यमंत्री  एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री      लखनऊ:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में बोलते हुए कहा कि क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से कर सकते हैं। छोटे बच्चे भी क्रोनिक किडनी डिजीज की चपेट में हैं, जिनको बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह मुख्यमंत्री ने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस बीमारी के खत्म करके एक उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है।  प्रदेश के अस्पतालों में धन की कमी नहीं, विश्वस्तरीय सुविधाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई अपनी स्थापना के समय से ही मानवता की सेवा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षित था। अस्पतालों को धन की कमी से जूझना पड़ता था। हॉस्पिटल गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बन गए थे। 2017 के बाद हमने एसजीपीजीआई समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल को धन की कमी नहीं होने दी है। उत्तर प्रदेश में 1947 से लेकर 2017 तक केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब प्रदेश में 80 मेडिकल 25 करोड़ नागरिकों की सेवा कर रहे हैं।  कोरोना काल अस्पतालों ने करोड़ों मरीजों को बचाया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में एसजीपीजीआई समेत सरकारी अस्पतालों की उत्कृष्ट सेवा को याद करते हुए कहा कि हमने संकट की घड़ी में कुशलता से काम किया था। उस समय तकनीक को चिकित्सा सेवा से जोड़ते हुए टेलीमेडिसिन का सहारा लेकर कोराना मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अकेले एक वर्ष में प्रदेश के नागरिकों के इलाज के लिए 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया। आज आयुष्मान भारत के अंतर्गत साढ़े 5 करोड़ गोल्डेन कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।  नागरिकों की सेहत के लिए सरकार गंभीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। हमारे पास अस्पतालों को वित्तीय सहायता करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है। हमने हर जिले के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था की है। हम नागरिकों की सेहत से समझौता नहीं करने वाले हैं। हमारी सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाती रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 34 जनपदों में नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है। हम खेती में उर्वरक के प्रयोग को कम करने की दिशा में काम कर रह हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल में 2017 से पहले इंसेप्लाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी लेकिन हमने 2017 में सरकार बनने के बाद 2 साल में इस बीमारी को खत्म कर दिया।  चार दिवसीय कार्यशाला में किडनी रोग के इलाज पर चर्चा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान 18 से 21 दिसंबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ISNCON-2025 में किडनी रोगों के आधुनिक उपचार, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर व्यापक विमर्श किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा एसजीपीजीआई के निदेशक प्रोफेसर राधाकृष्ण धीमन भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यशाला के आयोजक सचिव प्रोफेसर नारायण प्रसाद ने बताया कि इस कार्यशाला में यूरोप, अमेरिका, नेपाल, बांग्लादेश, से भी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

योगी सरकार की सौगात 300 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अमेठी का स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय

2026 में अमेठी को मिलेगा 550 बेड वाला आधुनिक मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा विस्तार योगी सरकार की सौगात 300 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अमेठी का स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय अब महानगरों का सफर खत्म, अमेठी में ही मिलेगा गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज 31 जनवरी 2026 तक 300 बेड का अस्पताल व क्रिटिकल केयर ब्लॉक होंगे हैंडओवर एमबीबीएस से लेकर डीएनबी तक, अमेठी मेडिकल कॉलेज बनेगा चिकित्सा शिक्षा का नया केंद्र नए साल में नर्सिंग कॉलेज समेत चिकित्सा सुविधाओं का होगा व्यापक विस्तार योगी सरकार की पहल से अमेठी बना उन्नत स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का हब अमेठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। अमेठी की तिलोई तहसील में स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा इस महाविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में महाविद्यालय से संबद्ध 200 बेड वाले अस्पताल में सेवाएं संचालित हैं, जबकि 31 जनवरी 2026 तक 300 बेड का नया अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक हैंडओवर किया जाएगा। इससे कुल बेड की संख्या 550 हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी इसी तिथि तक पूरा होने की उम्मीद है। योगी सरकार की यह पहल अमेठी सहित आसपास के जिलों के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। क्षेत्रवासियों का लंबे समय से चला आ रहा मेडिकल कॉलेज का सपना अब साकार हो रहा है और 2026 तक यह संस्थान पूर्ण रूप से 500 प्लस बेड वाले आधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित हो जाएगा। शैक्षणिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार राज्य स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। एमबीबीएस कोर्स में 100 सीटें स्वीकृत हैं। पैरामेडिकल क्षेत्र में 11 डिप्लोमा कोर्स चलाए जा रहे हैं, जिनमें कुल 230 सीटें हैं। इनमें एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा केयर, लैब टेक्नीशियन, ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन जैसे महत्वपूर्ण कोर्स शामिल हैं। कई विभागों को मिल सकती है डीएनबी की सीटें आगामी सत्र 2026-27 से बीएससी नर्सिंग कोर्स में 60 सीटें शुरू होने की तैयारी है। पोस्टग्रेजुएट स्तर पर डीएनबी कोर्स में प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थीसिया में डिप्लोमा और मेडिसिन में डिग्री कोर्स स्वीकृत हैं। कुछ अन्य कोर्सों का निरीक्षण पूरा हो चुका है और परिणाम का इंतजार है। जानिए, अस्पताल में क्या क्या मिल रहीं चिकित्सा सुविधाएं महाविद्यालय से जुड़े अस्पताल में ओपीडी और इनडोर सेवाएं नियमित चल रही हैं। मेडिसिन, सर्जरी, गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी, डर्मेटोलॉजी समेत कई विभागों में रोजाना 1000 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो रहा हैं।आपातकालीन सेवाएं वर्तमान में 10 बेड पर चल रही हैं, जो नए अस्पताल के शुरू होने पर 30 बेड तक बढ़ जाएंगी। अस्पताल में 7 मेजर और 5 माइनर ऑपरेशन थियेटर, 20 बेड का आईसीयू और एनआईसीयू की सुविधा उपलब्ध है। 24×7 डायग्नोस्टिक सेवाएं जैसे सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, ब्लड स्टोरेज, फार्मेसी, ईकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी भी मरीजों को मिल रही हैं। नए वर्ष पर चिकित्सा सुविधाओं में होगा विस्तार मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ रीना शर्मा ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार न सिर्फ योजनाओं को लागू किया जा रहा है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी वृद्धि की जा रही है। कार्यदाई संस्था लोक निर्माण विभाग कार्य करा रहा है। उम्मीद है कि हम नए वर्ष में नई किरणों के साथ चिकित्सकीय सुविधाओं में विस्तार करेंगे। निर्माण पूरा अब फिनिशिंग का कार्य चल रहा लोक निर्माण विभाग सीडी टू के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि मेडिकल कालेज का भवन अब जी प्लस सिक्स हो गया है। अब सिर्फ फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इसके अलावा महाविद्यालय में डायरेक्टर रूम, नर्सिंग, हॉस्टल आदि का भी कार्य चल रहा है, जिसे सिडको करा रहा है। कुल मिलाकर लगभग 300 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है।

भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कही बड़ी बात

संस्कृति में होती है राष्ट्र की आत्माः योगी आदित्यनाथ भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कही बड़ी बात राष्ट्र से अगर उसकी संस्कृति को अलग कर दिया जाए तो वह हो जाता है निस्तेजः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी बोलेः भारत की कला, स्वर व लय ने अपनी इस पहचान को विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भी दी निरंतरता एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में देता है योगदानः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, कलाकार की कला है एक ईश्वरीय गुण जिसकी नहीं होनी चाहिए अवमानना लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्र की आत्मा उसकी संस्कृति में होती है। उन्होंने कहा कि जैसे किसी मनुष्य की आत्मा उसके शरीर से संबंध तोड़ देती है तो शरीर निस्तेज हो जाता है, उसी प्रकार राष्ट्र के जीवन में भी होता है। किसी भी राष्ट्र की संस्कृति को उससे अलग कर दिया जाए तो राष्ट्र निस्तेज हो जाता है। वह खंडहर में परिवर्तित हो जाता है और अपनी पहचान को खो देता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि यह अवसर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, भारत की कला, स्वर व लय ने अपनी पहचान को विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए जो निरंतरता दी उसी के बदौलत हमारी सनातन संस्कृति विश्व में खुद को स्थापित करने और आगे बढ़ाने में सफल हुई है। उन्होंने कहा कि कलाकार की कला एक ईश्वरीय गुण है जिसकी हमें अवमानना नहीं करनी चाहिए। कलाकार किसी भी विधा से जुड़ा हो, उसे प्रोत्साहित करना चाहिए। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का सम्बोधन    "आज मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां से सांसद के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी जी स्वयं देश की संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं।  यहां पर अभी हमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सोनल मान सिंह ने कहा कि यहां जब नृत्य करते हैं तो नटराज के रूप में भगवान शिव हमारे सामने दिखाई देते हैं। जब हम वीणा में अपने स्वर को लय दे रहे होते हैं तो साक्षात सरस्वती माता सरस्वती हमारे सामने होती है।  हम जब कोई संवाद किसी नाटक में कर रहे होते हैं तो राम की मर्यादा हमारे सामने उस समय देखने को मिलती है और जब हम किसी रस में डूबे होते हैं तो कृष्ण की रस धारा भी हमारे साथ जुड़ती हुई दिखाई देती है। ये कहां मिलेगा सब कुछ तो उत्तर प्रदेश के अंदर मौजूद है" एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में देता है योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी भारत की सांस्कृतिक चेतना, स्वर, लय और संस्कार को इस संस्थान ने एक नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने पिछले 100 वर्षों में भारतीय संगीत, नृत्य, नाट्य और ललित कलाओं को न केवल संरक्षित किया है, बल्कि उन्हें आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़कर प्रतिष्ठित भी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दिशा में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय से जुड़े सभी महानुभावों के योगदान के लिए उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर की चिट्ठी का उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1940 में गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर ने एक पत्र जारी कर इस संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की भावनाओं के अनुरूप इस संस्थान को विश्वविद्यालय का स्वरूप प्रदान किया जा सका। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में देश आज़ाद हुआ और वर्ष 1950 में संविधान लागू हुआ। इसके बाद वर्ष 2017 तक अनेक सरकारें आईं और गईं, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने भातखण्डे संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के विषय में उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रस्ताव आने में देर हुई, विभाग से निरंतर संवाद हुआ और अंततः वर्ष 2022 में सरकार ने इसे विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी। यह उत्तर प्रदेश का पहला संस्कृति विश्वविद्यालय है। उन्होंने कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा विश्वविद्यालय का कुलगीत और लोगो ‘नादाधीनं जगत्’ थीम पर आधारित किया गया, जिसका अर्थ है-पूरा जगत नाद के अधीन है। यह जीवन की सच्चाई को दर्शाता है। ओंकार है सृष्टि का पहला स्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस सृष्टि का पहला स्वर ओंकार है। उन्होंने नाद योग का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति तीनों ही इसकी पुष्टि करते हैं। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय का विजन भी यही है कि नाद के अधीन पूरा जगत है। उन्होंने कहा कि संगीत की विभिन्न विधाओं के माध्यम से इसी नाद की पहचान करना साधना का विषय है। विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व कलाकारों को सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि ये कलाकार न केवल भातखण्डे की परंपरा, बल्कि उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित कर रहे हैं। कॉफी टेबल बुक के विमोचन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाले समय में यह पुस्तक प्रेरणा का कार्य करेगी। देश की आज़ादी के शताब्दी महोत्सव के साथ जब विश्वविद्यालय जुड़ रहा होगा, तब यह कॉफी टेबल बुक अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध होगी। पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे के योगदान को किया याद मुख्यमंत्री योगी ने पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 1926 में देश औपनिवेशिक शासन के अधीन था। उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित थी और संगीत तथा कला के लिए मंच उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पंडित भातखण्डे ने भारतीय संगीत को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया। शास्त्रीय अनुशासन, सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, राग-ताल का वर्गीकरण, क्रमिक पद्धति और गुरु-शिष्य परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना उनका ऐतिहासिक योगदान था। यह कार्य केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति को आत्मसम्मान, आत्मगौरव और स्थायित्व देने का प्रयास था। कुम्भ 2019 … Read more

राष्ट्र नायकों को समर्पित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का 25 दिसंबर को उद्घाटन, सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रेरणा के प्रतीक राष्ट्र नायकों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करेंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दौरा कर उद्घाटन समारोह की तैयारियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उद्घाटन समारोह के लिए हो रही तैयारियों, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में संज्ञान लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी प्रथमेश‌ कुमार, लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और सुरक्षा व्यवस्था देख रहे पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर उपस्थित रहे। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने और दीवारों पर फेंसिंग को और ऊंचा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्घाटन समारोह में किसी तरह की आवाजाही और ट्रैफिक की समस्या पैदा न हो इसके लिए चाक-चौबंद पार्किंग व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग की संख्या और लोगों के आने-जाने के मार्गों पर डायवर्जन और साइनेज की व्यवस्था को जल्द ही पूरा करने को कहा। म्यूजियम परिसर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्यूरेशन और फिनिशिंग के कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर हो रहे पेंटिंग के कार्य के बारे में भी संज्ञान लिया। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि पेंटिंग का कार्य दो दिन में पूरा हो जाएगा, और क्यूरेशन का कार्य उद्घाटन समारोह के दो दिन पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ नगर निगम उद्घाटन समारोह के दिन साफ-सफाई, अस्थायी टायलेट और पेयजल की व्यवस्था कर रहा है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी ने उद्घाटन समारोह की सभी गतिविधियों से भी अवगत करवाया।  उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह के दिन प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगे गुब्बारे छोड़े जाएंगे। प्रतिमा अनावरण के बाद प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों को समर्पित म्युजियम का उद्घाटन करेंगे। यहां वो डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों और कोर्टयार्ड का अवलोकन करेंगे। पहली गैलरी के ओरियेंटेशन रूम में वीडियो और एवी के माध्यम से राष्ट्र नायकों के संक्षिप्त जीवन परिचय को दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बने भारत माता कोर्टयार्ड, जन संघ के प्रतीक चिह्न दीपक कोर्टयार्ड, और सुदर्शन चक्र कोर्टयार्ड जाएंगे और राष्ट्र नायकों से जुड़ी हुई वस्तुओं का अवलोकन करने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से गणमान्य अतिथियों और उद्घाटन समारोह के साक्षी बनने वाले लाखों की संख्या में प्रत्यक्षदर्शियों को संबोधित करेंगे।

जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही: सीएम

कोहरे और ठंड को लेकर सीएम योगी का सख्त निर्देश, बोले-फील्ड में अलर्ट रहें अफसर मंडलायुक्त, आईजी, डीएम, पुलिस, ट्रैफिक बल, नगर निकाय को बेहतर प्रबंधन की जिम्मेदारी सड़कों, गलियों, हाईवे से लेकर एक्सप्रेस-वे तक सुरक्षा इंतजाम रहें चाक-चौबंद जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही: सीएम टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर से दी जाएगी चेतावनी और ओवरस्पीडिंग पर होगी सख्त कार्रवाई लखनऊ  घने कोहरे और कड़ाके की ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रदेशभर में अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त, आईजी, जिलाधिकारी, पुलिस, ट्रैफिक और नगर निकायों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनजीवन, यातायात और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि सड़कों, गलियों, हाईवे से लेकर एक्सप्रेस-वे तक सुरक्षा इंतजाम चाक-चौबंद रखे जाएं। इसके साथ ही, एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने, ब्लैक स्पॉट पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने, टीमें तैनात करने, क्रेन और एम्बुलेंस को 24×7 उपलब्ध रखने तथा टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर से चालकों को कोहरे की चेतावनी देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खराब विजिबिलिटी में यातायात प्रबंधन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर, पेट्रोलिंग और आपात सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां तत्काल बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएआई और स्टेट हाईवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है। कोई भी व्यक्ति खुले में सोता न मिले : सीएम ठंड और शीतलहर के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी ने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति खुले में सोता न मिले। निराश्रितों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए, जहां हीटर, अलाव और कंबल की समुचित व्यवस्था हो। गोशालाओं में भी गोवंश को ठंड से बचाने के लिए अलाव और अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।   प्रशासन ने जारी की धुंध और कोहरे के दौरान सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 'ट्रैवल गाइडलाइन' – धुंध के दौरान वाहन की गति निर्धारित सीमा से कम रखें। – वाहन की फॉग लाइट का प्रयोग करें और लो-बीम पर हेडलाइट रखें।  – इमरजेंसी इंडिकेटर्स को चालू रखें  – आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें  – एक्सप्रेस-वे पर बार-बार लेन बदलने से बचें – ओवरटेकिंग बिल्कुल न करें – यदि कोहरा बहुत घना हो, तो रिस्क न लें – अपने वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाएं