लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :- जनपद अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण एवं संचालन कराये जाने के सम्बन्ध में मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदत्त अनुमोदन के अनुपालन में जनपद अयोध्या स्थित तहसील सदर के ग्राम मांझा जमथरा की नजूल भूमि गाटा-57 मि0 क्षेत्रफल 25 एकड़ में टाटा ग्रुप के सहयोग से सी0एस0आर0 फण्ड के माध्यम से विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण एवं संचालन हेतु 01 रुपये वार्षिक धनराशि की दर पर भूमि 90 वर्ष के लिये दिये जाने हेतु संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश शासन एवं टाटा संस प्रा0लि0 के मध्य त्रिपक्षीय एम0ओ0यू0 दिनांक 03 सितम्बर, 2024 को हस्ताक्षरित किया गया है। तदनुक्रम में ग्राम मांझा जमथरा, परगना हवेली अवध, तहसील सदर, जनपद अयोध्या की राजकीय नजूल भूमि गाटा संख्या गाटा-57 मि0 व 1 मि0 क्षेत्रफल 25 एकड़ के अतिरिक्त 27.102 एकड़, कुल 52.102 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उ0प्र0 से पर्यटन विभाग के पक्ष में किये जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है। साथ ही, प्रकरण में आवश्यकतानुसार अग्रेतर निर्णय लिये जाने हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किये जाने का भी निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत में घरेलू पर्यटकों एवं विदेशी पर्यटकों के आगमन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान है। अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासतों तथा समृद्ध प्राकृतिक वनसम्पदा की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम सम्भावनाएं विद्यमान हैं। भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या वर्तमान में एक विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन गन्तव्य के रूप में विकसित हो रही है। दिनांक 22 जनवरी 2024 को श्रीराम जन्मभूमि प्रांगण में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के उपरान्त अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व गुणात्मक वृद्धि हुई है, अब प्रतिदिन लगभग 2 से 4 लाख पर्यटक अयोध्या धाम आ रहे हैं। नई पीढ़ी के युवाओं, विदेशी पर्यटकों, भारतीय सभ्यता और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को अयोध्या के प्रति आकर्षित करने हेतु आवश्यक पर्यटक उपादानों का अभी अभाव है। टाटा सन्स प्रा0लि0 द्वारा भारतीय मंदिर स्थापत्य कला तथा भारतीय मंदिरों से सम्बन्धित सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से लोगों को परिचित कराने एवं प्राचीन काल से चली आ रही मंदिरों की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा व दर्शन के संरक्षण हेतु अपने सी0एस0आर0 फण्ड से एक विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण एवं इसका सुचारु रूप से प्रबन्धन/संचालन करने हेतु इच्छा व्यक्त की गयी है। जिसमें यह प्रस्तावित किया गया कि इस कार्य हेतु एक गैर लाभकारी एस0पी0वी0 का गठन कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 08 के अधीन किया जायेगा। इस संस्था में भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी सम्मिलित होंगे। इस संग्रहालय की स्थापना से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा व सरकार को राजस्व में प्राप्ति होगी। सेवायोजित अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविर आदि में प्रतिभाग करने की अवधि एवं आवागमन में लगने वाले समय को ड्यूटी मानने का प्रस्ताव स्वीकृत मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविर आदि में प्रतिभाग किये जाने की अवधि एवं आवागमन में लगने वाला समय कर्तव्यार्थ व्यतीत अवधि (ड्यूटी) माने जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण या खेल शिविरों में प्रतिभाग किये जाने को स्वीकृति देने तथा संगत अवधि को सेवाकाल माने जाने के सम्बन्ध में कोई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि भर्ती/सेवा नियमावली में अवकाश सम्बन्धी व्यवस्था नहीं रखी जाती है। इससे सम्बन्धित खिलाड़ियों को अनुमति प्राप्त करने में समस्या होती है। ऐसे खिलाड़ियों के नियोक्ता/प्रशासकीय विभागों को स्वीकृति प्रदान करने में कोई दुविधा न रहे, इसके दृष्टिगत सेवायोजित अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को केन्द्र सरकार की भांति समुचित व्यवस्था कार्यालय ज्ञाप के माध्यम से किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण, शिविर आदि में प्रतिभाग किये जाने की अवधि एवं आवागमन में लगने वाले समय सहित कर्तव्यार्थ व्यतीत अवधि (ड्यूटी) माने जाने के सम्बन्ध में कार्यालय ज्ञाप के माध्यम से व्यवस्था प्रस्तावित है। इस व्यवस्था के लागू हो जाने पर नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण, खेल शिविरों में प्रतिभाग किये जाने की अनुमति प्राप्त करने में सुगमता होगी। डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी के संचालन, प्रबन्धन तथा रख-रखाव एवं तत्सम्बन्धी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र हेतु भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये एम0ओ0यू0 का आलेख्य स्वीकृत मंत्रिपरिषद ने डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी के संचालन, प्रबन्धन तथा रख-रखाव एवं तत्सम्बन्धी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र हेतु भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये एम0ओ0यू0 के आलेख्य सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के खेल विभाग के स्वामित्व में स्थित डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी में खेल अवसंरचनाओं (भवन, ढ़ांचा, खेल मैदान और अन्य सुविधाएं) का निर्माण खेलो इण्डिया योजना के अन्तर्गत किया गया है। वहां पर राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना एवं संचालन का कार्य भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा कराये जाने हेतु एम0ओ0यू0 का आलेख्य शासन के स्वीकृतार्थ उपलब्ध कराया गया है। डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना के उद्देश्य से स्टेडियम की कतिपय खेल अवस्थापनाओं को, एम0ओ0यू0 में निहित शर्तां एवं प्रतिबन्धों के आधार पर, भारतीय खेल प्राधिकरण को दिये जाने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के माध्यम से विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान होगी और उन्हें राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु तैयार किया जा सकेगा। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना होने से राष्ट्र के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। जनपद बागपत में पी0पी0पी0 मोड पर अन्तरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केन्द्र विकसित, संचालित तथा अनुरक्षित करने का प्रस्ताव अनुमोदित मंत्रिपरिषद ने जनपद बागपत की तहसील व परगना बागपत के ग्राम हरिया खेड़ा में पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जा रही कुल 70.885 हेक्टेयर भूमि पर गैर लाभकारी संगठन … Read more