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योगी सरकार का कदम: नई पर्यटन सेवा नियमावली 2025 से व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार

पर्यटन सेवा नियमावली 2025 प्रख्यापित, योगी सरकार ने किए बड़े सुधार पर्यटन सम्वर्ग में नई नियमावली लागू, सीधी भर्ती व पदोन्नति दोनों माध्यमों से भरे जाएंगे पद लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग में संरचनात्मक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप, पर्यटन विभाग में व्यापक संरचनात्मक सुधार करते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली-2025 का प्रख्यापन किया गया है। नई नियमावली के लागू होने से पूर्व के सभी नियम, आदेश तथा दिशा-निर्देश अवक्रमित हो गए हैं। नई नियमावली से भर्ती प्रक्रिया हुई सुदृढ़ नई प्रख्यापित नियमावली के तहत पर्यटन अधीनस्थ सेवा सम्वर्ग में प्रकाशन अधिकारी, अपर जिला पर्यटन अधिकारी तथा पर्यटन सूचना अधिकारी के पद अब सीधी भर्ती तथा पदोन्नति दोनों माध्यमों से भरे जाएंगे। विभाग के अनुसार, प्रकाशन अधिकारी के पदों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा, जबकि पर्यटन सूचना अधिकारी के पदों की भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के द्वारा की जाएगी। नई व्यवस्था से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व प्रतिस्पर्धात्मक होने की उम्मीद है। सेवा संरचना में व्यापक प्रावधान नई नियमावली में नियुक्ति, सेवा शर्तों, पदोन्नति, अर्हता तथा वरिष्ठता सहित अन्य प्रशासनिक प्रावधानों का भी समावेश किया गया है। प्रमुख सचिव पर्यटन, अमृत अभिजात ने कहा कि यह नियमावली पर्यटन विभाग में एक समन्वित, सक्षम व आधुनिक सेवा संरचना सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि इन सुधारों से प्रदेश में पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी।

अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन

कैबिनेट का फैसला : हर मंडल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, योगी सरकार का बड़ा फैसला कैबिनेट का फैसला :अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन कैबिनेट का फैसला : राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया   कैबिनेट का फैसला :अमृत 2.0 के तहत बरेली और कानपुर में 580 करोड़ से ज्यादा की दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिव्यांगजनों के लिए एक अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने राज्य के सभी 18 मंडलों में नए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) खोलने को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में प्रदेश के 38 जिलों में ऐसे केंद्र चल रहे हैं, लेकिन कतिपय समस्याओं के कारण कई जगह संचालन प्रभावित हो रहा था। अब सरकार पूरे ढांचे को नए सिरे से संसाधनों से लैस करते हुए संचालित करने जा रही है, ताकि दिव्यांगजनों को मिलने वाली सेवाओं में कोई बाधा न आए। कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नए डीडीआरसी खुलने से प्रदेश में दिव्यांगजनों को एक ही जगह पर सर्वे, पहचान, शिविर, सहायक उपकरण, कृत्रिम अंग फिटमेंट और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी जैसी नैदानिक सेवाएं भी इन केंद्रों पर दी जाएंगी। यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांग प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में भी अब लोगों को ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ समय पर और सुगमता से मिल सकेगा तथा उनके पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया मजबूत होगी। अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन योगी सरकार ने अयोध्या को विश्व स्तर पर एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने टाटा सन्स के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित विश्व स्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ का दायरा और बड़ा कर दिया है।  कैबिनेट में हुई चर्चा और उसके आधार पर लिए गये निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स ने अपने सीएसआर फंड से एक अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय विकसित करने और उसका संचालन करने की इच्छा व्यक्त की है। इसके लिए कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा, जिसमें भारत सरकार और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। परियोजना हेतु भूमि आवंटन के लिए भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एम्ओयू बीते 3 सितंबर 2024 को हस्ताक्षरित हो चुका है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पूर्व में प्रदेश सरकार ने अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि टाटा सन्स को 90 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी, लेकिन टाटा संस ने संग्रहालय की भव्यता के दृष्टिगत अधिक भूमि की अपेक्षा की थी। ऐसे में अब इस भूमि के अतिरिक्त 27.102 एकड़ और मिलाकर कुल 52.102 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में किया जाएगा, ताकि परियोजना का दायरा और बड़ा किया जा सके। वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय तैयार होने के बाद अयोध्या को न सिर्फ एक नया सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे। साथ ही, बढ़ते पर्यटन से सरकार को राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी होगी। बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और अब ध्वजारोहण समारोह के बाद अयोध्या में पर्यटकों का प्रवाह कई गुना बढ़ चुका हैअब रोजाना लगभग 2 से 4 लाख पर्यटक अयोध्याधाम पहुंच रहे हैं। युवा पीढ़ी, विदेशी सैलानियों और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले आगंतुकों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में सांस्कृतिक आकर्षणों को बढाने की दिशा में यह संग्रहालय महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंपों और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने की पूरी अवधि, आवागमन के समय सहित ‘ड्यूटी’ मानी जाएगी। योगी कैबिनेट के इस फैसले से खिलाड़ियों को अनुमति लेने में होने वाली मुश्किलें खत्म होंगी। कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब तक ‘अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022’ में ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। सेवा नियमावली में अवकाश संबंधी प्रावधान न होने के कारण खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने के लिए अनुमति प्रक्रिया में दिक्कतें आती थीं।  उन्होंने कहा कि अब सरकार नई प्रणाली लागू कर रही है, जिसमें साफ व्यवस्था होगी कि नियुक्त खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, कैंप या प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें, वह अवधि सेवा अवधि (ड्यूटी) मानी जाएगी। इसमें आने-जाने का पूरा समय भी शामिल होगा। इससे न केवल खिलाड़ियों को अपने खेल करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि राज्य का प्रतिनिधित्व भी और मजबूत होगा, क्योंकि अब उन्हें अनुमति लेने में कोई बाधा नहीं आएगी। वाराणसी के सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का संचालन अब साई को, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी बनेगा योगी कैबिनेट ने वाराणसी में निर्माणाधीन डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव तथा राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए ‘भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के साथ हुए एमओयू को मंजूरी दे दी है। यह वही स्टेडियम है, जहां ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। एमओयू के तहत स्टेडियम परिसर में मौजूद खेल सुविधाओं; जैसे, भवन, ढांचे, मैदान और अन्य अवसंरचनाओं को साई को सौंपा जाएगा, ताकि यहां नेशनल सेंटर ऑfफ  एक्सीलेंस की स्थापना और संचालन सुचारु रूप से हो सके।  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनने के बाद प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा। विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आधुनिक, समावेशी व सक्षम उत्तर प्रदेश बनाने के रोडमैप पर कर रही काम

लखनऊ उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ ही प्रदेश में 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ाने पर विशेष रूप से फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना विजन जनता के सामने रखा था और कहा था "उत्तर प्रदेश 'ईज ऑफ लिविंग' का मानक प्रदेश बन रहा है।" मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर लाने के लिए और राज्य को निकट भविष्य में वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के लिए 'विकसित उत्तर प्रदेश' मुहिम के अंतर्गत तेजी से पर्यावरण समावेशी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा अवसंरचनात्मक विकास पर जोर दिया जा रहा है। इन मानकों के आधार पर ही प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों का कायाकल्प सुनिश्चित होगा, और इसी के मद्देनगर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के समेकित विकास का खाका खींचने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन व स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को अंगीकार कर व्यापक रोडमैप बनाया जा रहा है। वैश्विक मानकों के अनुरूप जीवन गुणवत्ता में सुधार पर होगा कार्य उत्तर प्रदेश में 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार वैश्विक मानकों को अपनाते हुए एक आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी और सक्षम उत्तर प्रदेश का निर्माण करना है। इसके लिए शहरी परिवहन को कुशल बनाने, पर्यावरण अनुकूल अवसंरचना बढ़ाने और सेवाओं को प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में अनेक योजनाओं को गति दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ किसी भी व्यक्ति तक पहुंचने से न छूटे। वहीं, यह भी तथ्य है कि किसी भी विकसित क्षेत्र का नगरी क्षेत्र  उसकी अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा स्तंभ होता है। ऐसे में, प्रदेश का हर नगरी क्षेत्र वैश्विक मानकों के अनुरूप आधुनिक नगरी नियोजन की अवधारणाओं को अपनाते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपनी अहम भूमिका को सार्थक करे, इस दिशा में व्यापक स्तर पर मंथन व कार्य जारी है। आधुनिक तथा समावेशी नगरों की अवधारणा को सच करेगा रोडमैप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार नगरीय विकास को प्राथमिकता देते हुए शहरों में रहने वाले लोगों की जीवन गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर कार्य कर रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के नगर  भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित हों, जहां बेहतर आवास, स्वच्छ जल, सुचारु यातायात, सुरक्षित सार्वजनिक स्थान तथा तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध हों। इन विकास परियोजनाओं में स्मार्ट सिटी मिशन का विस्तार, नगर निकायों की क्षमता वृद्धि, ठोस कचरा प्रबंधन में सुधार, उत्तम प्रकाश, पार्क, स्वास्थ्य तथा आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नगर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप न केवल बढ़ती आबादी का दबाव संभालने में सक्षम बनें बल्कि आर्थिक विकास, निवेश तथा गुणवत्तापूर्ण जीवन मानकों में वृद्धि के प्रयास को भी धरातल पर उतारने का माध्यम बनें। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखकर ही विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए रोडमैप का निर्माण हो रहा है।  कुशल परिवहन व पर्यावरण अनुकूल अवसंरचना से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का विशेष जोर कुशल व सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन के विकास पर है। मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार, बस सेवाओं का आधुनिकीकरण, ई-वाहनों को बढ़ावा देने और सड़कों को जाम मुक्त बनाने के प्रयासों को गति दी जा रही है। वहीं रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम व रोप-वे को भी प्रदेश में सुचारू रूप से क्रियान्वित कर आगे बढ़ाने का कार्य जारी है। प्रदेश सरकार का मानना है कि सुचारु परिवहन न केवल नागरिकों की दिनचर्या को सरल बनाता है, बल्कि उद्योग तथा व्यापार को भी नई ऊर्जा देता है। इसके साथ ही, एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग्स, ग्रीन कॉरीडोर, जल संरक्षण संरचनाएं तथा प्रदूषण नियंत्रण उपायों को बढ़ावा देकर पर्यावरण समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के नगर पर्यावरणीय संतुलन, उच्च जीवन स्तर तथा सुदृढ़ आर्थिक गतिविधियों के आदर्श मॉडल के रूप में उभरें और इसी दिशा में विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप उत्तर प्रदेश के कायाकल्प की रूपरेखा तय की जा रही है।

11 दिसंबर तक चार जनपदों (बागपत, हापुड़, शामली व मुजफ्फरनगर) में लगेगी ‘कृषि चौपाल’

किसानों की समृद्धि के लिए पश्चिम यूपी के गांवों में पहुंच रही योगी सरकार 11 दिसंबर तक चार जनपदों (बागपत, हापुड़, शामली व मुजफ्फरनगर) में लगेगी ‘कृषि चौपाल’ किसान ही संभालेंगे चौपाल का जिम्मा, आयोजन में सिर्फ किसानों की ही रहेगी भागीदारी   किसानों की खुशहाली पर योगी सरकार का जोर, योगी सरकार तक पहुंचेंगे गन्ना किसानों से मिले फीडबैक योगी सरकार की संवेदनशीलता से किसानों को मिल रहा फसल का उचित दाम और जल्द भुगतान  बागपत योगी सरकार के नेतृत्व में किसानों को गन्ना का उचित दाम मिल रहा है। गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान होने से किसान खुशहाल भी हो रहे हैं। योगी सरकार द्वारा गन्ना किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की बदौलत किसान अब स्वयं ‘कृषि चौपाल’ लगा रहे हैं। पहली से 11 दिसंबर तक यह चौपाल पश्चिमी यूपी के चार जनपदों में लगेगी। किसानों से मिले फीडबैक योगी सरकार तक पहुंचेंगे, जिसके जरिए सरकार गन्ना किसानों के संरक्षण व संवर्धन के लिए और बड़े कदम उठाएगी।  11 दिसंबर तक चार जनपदों में होगी दो-दो चौपाल  किसानों द्वारा 11 दिसंबर तक पश्चिमी यूपी के चार जनपदों में ‘कृषि चौपाल’ लगेगी। यह चौपाल बागपत, हापुड़, शामली व मुजफ्फरनगर में होगी। चारों जनपदों में दो-दो कृषि चौपाल लगेगी। तीन दिसंबर को बागपत के हिसावदा गांव में चौपाल लगेगी। पांच व छह दिसंबर को हापुड़, 7 व 8 को शामली में कृषि चौपाल लगेगी। 10-11 दिसंबर को मुजफ्फरनगर के यहियापुर व दाहोद गांव में कृषि चौपाल लगाई जाएगी। कृषि चौपाल की कमान भी किसान ही संभालेंगे। किसानों से मिले फीडबैक योगी सरकार तक पहुंचाए जाएंगे। इसके आधार पर योगी सरकार किसानों की बेहतरी के लिए और भी नए कार्य व प्रयास करेगी।  बागपत के मीतली गांव में लगी पहली चौपाल, सिर्फ किसानों की ही रही भागीदारी  पहली कृषि चौपाल सोमवार को लगी। इसका आयोजन बागपत के मीतली गांव में किया गया। किसानों द्वारा लगाए गए चौपाल में सिर्फ किसानों ने ही हिस्सा लिया। किसानों ने बढ़ाए गए गन्ना मूल्य के लिए योगी सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हित में मूल्य वृद्धि की। पिछली सरकारें गन्ना किसानों का सुध नहीं लेती थी, लेकिन अब इसमें निरंतर वृद्धि हो रही है। किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले भी योगी सरकार के किसान हित में किए गए फैसले से मौन हो गए हैं।  देश की उन्नति के पांच आधार पर किया गया कार्य  किसानों ने कहा कि एक तरफ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में जहां किसान, युवा, महिला, नौजवान का ध्यान रखा, वहीं उन्नति के मुख्य पांच आधार पर भी कार्य किया। किसानों ने कहा कि 2014 में जब हाईवे पर चलते थे तो क्या हालात थे, यह किसी से छिपा नहीं है। किसी भी देश की उन्नति के पांच आधार होते हैं स्वास्थ्, शिक्षा, सड़क, बिजली-पानी। 2014 के बाद मोदी और 2017 से योगी सरकार की बदौलत क्षेत्र का कायाकल्प हुआ। अब हर वर्ग का समुचित विकास भी हो रहा है।  योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में की 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि  योगी सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 360 रुपये से 390 रुपये प्रति क्विंटल किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हो रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है।

आय में वृद्धि और बढ़ते अवसर से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा

योगी सरकार के “मिशन शक्ति” से महिलाओं का हो रहा है सशक्तिकरण   आय में वृद्धि और बढ़ते अवसर से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा सुरक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता से यूपी में महिला-नेतृत्व को बल  लखनऊ 1 दिसंबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।  मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं राज्य में आर्थिक विकास, सामाजिक स्थिरता और सामुदायिक नेतृत्व की स्तंभ बनकर उभरी हैं।  महिलाओं को सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता मिशन शक्ति महिलाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित कर रहा है। सरकार की नीतियां महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने भविष्य को स्वयं आकार देने में सक्षम बना रही हैं। मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाएं सफलता की कहानी लिख रही हैं। मिशन शक्ति से महिलाएं अपराधों के प्रति सजग हो रही हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही हैं।  मिशन शक्ति से महिलाओं को मिली ताकत उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा रहा है। 2017 के बाद मुख्यमंत्री ने अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। इसका नतीजा ये रहा है कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। गुंडे और माफिया प्रदेश छोड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 2020 में मिशन शक्ति लॉन्च हुआ। इसके बाद से महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आए। सीएम योगी की नीतियों से महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित किया गया है। बेहतर पुलिसिंग, समर्पित हेल्पलाइन और त्वरित कार्रवाई तंत्र ने सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों और यहां तक कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं के बीच सुरक्षा की भावना पैदा की है। यह सुरक्षा का एहसास अब उनकी नई आकांक्षाओं, शिक्षा, उद्यमिता या सामुदायिक नेतृत्व की मजबूत नींव बनता जा रहा है। आर्थिक सशक्तिकरण में मिशन शक्ति की अहम भूमिका योगी सरकार ने सुशासन और सुरक्षा का जो माहौल बनाया है उससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण भी हुआ है। महिला स्वयं सहायता समूहों की आय कई गुना बढ़ी है, जो अधिक अवसरों और आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी को दर्शाती है। जो महिला स्वयं सहायता समूह पहले छोटे बचत समूह या स्थानीय व्यापार तक सीमित थे, वे अब मजबूत वित्तीय इकाइयों में बदल रहे हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को विशेष लाभ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए मिशन शक्ति वरदान साबित हुआ है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनेकों योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीसी सखी योजना ने महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार दिया है। हजारों बीसी सखियां गांवों में घर-घर जाकर बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। इससे हजारों ग्रामीण परिवारों को समय पर लेनदेन, सरकारी लाभ और वित्तीय साक्षरता की सुविधा मिल रही है। ये महिलाएं अब वित्तीय सहयोगी ही नहीं, बल्कि अपने समुदायों में रोल मॉडल बन चुकी हैं। श्रम क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी में इजाफा योगी सरकार की नीतियों की वजह से उत्तर प्रदेश में महिलाओं की श्रम भागीदारी 2017 के 14% से बढ़कर 2023-24 में 36% हो गई है। वुमन इकोनॉमिक एम्पावरमेंट (WEE) इंडेक्स रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि महिलाएं पहले से बेहतर माहौल में काम कर रही हैं।  ODOP योजना से महिलाओं का स्वावलंबन योगी सरकार की ODOP योजना ने भी महिलाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर खोले हैं। इससे हस्तशिल्प, हैंडलूम, फूड प्रोसेसिंग और पारंपरिक कलाओं की ब्रांडिंग के साथ मार्केटिंग भी हो रही है। महिला कारीगरों और उद्यमियों को अब नए बाजार, बेहतर ब्रांडिंग और आय  के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। ओडीओपी हर पारंपरिक कौशल को आधुनिक मंच से जोड़ता है। चाहे वह चिकनकारी का बारीक काम हो या मिट्टी के बर्तनों की कला, ताकि महिलाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सके। महिलाओं के लिए मिशन शक्ति ने लिखा नया अध्याय  कुल मिलाकर मिशन शक्ति महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। महिलाएं अब  शक्तिशाली होकर निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं अब आश्रित नहीं बल्कि निर्णायक हैं। उपेक्षित नहीं बल्कि परिवर्तन की अगुवाई करती हैं। योगी सरकार का सशक्तिकरण मॉडल केवल कल्याण नहीं, बल्कि दीर्घकालिक क्षमता निर्माण, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में सार्थक भागीदारी पर केंद्रित है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं प्रभावी शासन, समावेशी नीतियां और सुरक्षा प्रतिबद्धता से क्रांतिकारी भूमिका में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति महिलाओं के सशक्तिकरण में महती भूमिका निभा रहा है।

यूपी को टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर स्टेकहोल्डर के साथ मंथन

विजन 2047 : विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की होगी बड़ी भूमिका : प्रमुख सचिव आईटी एंड इलेक्ट्रोनिक्स यूपी को टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर स्टेकहोल्डर के साथ मंथन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से किसान से लेकर शहरी स्टार्टअप और सरकारी कार्यप्रणाली तक में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मिली गति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की मजबूत डिजिटल बुनियाद तैयार की जा रही है। सोमवार को लखनऊ स्थित होटल द सेंट्रम में स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन बैठक में प्रदेश सरकार और निजी क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों के बीच भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा हुई। इस मौके पर आईटी एंड इलेक्ट्रोनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने कहा कि 2047 के विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस बैठक में प्राप्त मुख्य सुझावों के आधार पर सरकार अपनी प्राथमिकताओं को तय करेगी। उत्तर प्रदेश अब डिजिटल आधारित शासन व्यवस्था और टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। बैठक में सबसे पहले डिजिटल कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण पर जोर देते हुए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि किसानों के लिए एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जाए। जिससे उन्हें बाजार की जानकारी, वित्तीय सहायता और कृषि परामर्श आसानी से उपलब्ध हो सके। टेक आधारित लॉजिस्टिक और ट्रेसिंग सिस्टम से कृषि आपूर्ति श्रृंखला में होने वाली बर्बादी कम होगी और इससे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही ग्रामीण इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करते हुए कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। योगी सरकार की ग्रामीण विकास और डिजिटल इंडिया के सिद्धांतों को जोड़ने की यह मंशा प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगी। एमएसएमई के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को प्रदेश की आर्थिक रीढ़ मानते हुए इसे राज्यव्यापी स्तर पर बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। प्रदेश सरकार ने पहले ही कई अवसर प्रदान किए हैं और अब इसे और सशक्त बनाने के लिए डिजिटल टूल्स प्रशिक्षण और सरल डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की दिशा में तेज कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में राज्य स्तरीय मार्केट लिंकेज प्लेटफॉर्म बनाने का सुझाव दिया गया जिससे यूपी के उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकें। साथ ही औद्योगिक क्लस्टर के लिए मांग पूर्वानुमान प्रणाली स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया जिससे उत्पादन की योजना अधिक वैज्ञानिक और सटीक हो सके। नीतिगत स्तर पर प्रदेश सरकार की सशक्त योजनाओं क्रियान्वयन की गति और तेज करने पर भी चर्चा हुई । डाटा सेंटर्स, आईटी सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में हाल ही में आए लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का स्वागत करते हुए बैठक में वैश्विक स्तर के टेक एंकरों को आकर्षित करने के लिए शहरी सुविधाओं और जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। पर्यावरण हितैषी ढांचे के विकास पर बल देते हुए यह सुनिश्चित करने की बात हुई कि विकास के साथ हरित तकनीकों का उपयोग भी अग्रणी भूमिका में हो। युवा शक्ति और प्रतिभा निर्माण पर सरकार का विशेष ध्यान रहा है और इसी दिशा में डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर स्कूल में अनिवार्य बनाने की सिफारिश सामने आई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों से संबंधित कौशल विकास केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। आईआईटी बीएचयू और विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों को डीप टेक प्रतिभा निर्माण के केंद्र के रूप में सशक्त बनाने का सुझाव भी दिया गया। स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई उड़ान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में स्टार्टअप उत्पादों के लिए बाजार सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी खरीद में इनोवेटिव कंपनियों को विशेष प्रावधान देने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। साथ ही नवाचार और शोध प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग करते हुए पेटेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर जोर दिया गया। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के संबंध में भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। बैठक में शामिल विशेषज्ञों ने योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रौद्योगिकी केंद्रित सोच की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विकसित भारत के पथ पर डिजिटल नेतृत्व प्रदान करने के लिए तैयार है। तीन शक्तियों पर केंद्रित है डिजिटल प्रदेश की परिकल्पना उत्तर प्रदेश को डिजिटल प्रदेश बनाने की परिकल्पना तीन मुख्य शक्तियों पर केंद्रित है। पहली अर्थ शक्ति है। इसके अंतर्गत कृषि, निर्माण, पर्यटन और अन्य मुख्य क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरी सृजन शक्ति है, इसके माध्यम से भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए नगरीय विकास, लॉजिस्टिक्स, उपयोगिताओं और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सतत उच्च विकास की नींव तैयार की जा रही है। वहीं जीवन शक्ति का केंद्र राज्य की जनता है जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, लैंगिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विजन 2047 इस बात पर स्पष्ट जोर देता है कि तकनीक और डिजिटल इनोवेशन के बल पर शासन व्यवस्था और आर्थिक ढांचे में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। जिससे उत्तर प्रदेश नए भारत के विकास मॉडल में अग्रणी भूमिका निभा सके। विजन 2047 पर विशेषज्ञों से मागें परामर्श विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047 की स्टेकहोल्डर बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने उपस्थित प्रतिभागियों से अपील किया कि वह सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश सरकार और अधिक प्रभावी कदम उठा सके इससे संबंधित अपने सुझाव और फीडबैक साझा करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव और नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार भी शामिल रहे। बैठक के दौरान इन वरिष्ठ अधिकारियों ने आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया और उनकी ओर से आए विभिन्न सुझावों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे अपने सुझावों को विस्तृत रूप में लिखित ड्राफ्ट के रूप में प्रस्तुत करें ताकि उन पर विधिवत विचार कर प्रदेश सरकार उन्हें क्रियान्वित करने के लिए सर्वोत्तम निर्णय ले सके। इस अवसर पर नीति आयोग से रमा सहित कई अन्य विशिष्ट लोग उपस्थित रहे। 1 ट्रिलियन की … Read more

कृषि के डिजिटल इकोसिस्टम के विकास से विदेशी बाजारों तक अन्नदाता के उत्पादों की पहुंच- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आर्थिक क्रांति के ध्वजवाहक बन रहे किसान-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  कृषि के डिजिटल इकोसिस्टम के विकास से विदेशी बाजारों तक अन्नदाता के उत्पादों की पहुंच-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से अन्नदाता की आय में वृद्धि, एकीकृत प्लेटफॉर्म से किसानों को मिल रही सटीक जानकारी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कोल्ड स्टोरेज, गांवों में भी हो रहा है प्रोसेसिंग पार्क का निर्माण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अन्नदाताओं की सहूलियत और उनकी समृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं और समय समय पर कार्यों और योजनाओं की समीक्षा करते रहते हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में किसान अब पहले की तुलना में लगातार समृद्धि के वाहक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के मिशन से किसानों को भी जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश से डिजिटल कृषि नीति पर जोरों से काम हो रहा है। अन्नदाता किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। वो न केवल नागरिकों का पेट पालते हैं बल्कि अर्थव्यवस्था में भी योगदान करते हैं। वर्तमान डिजिटल क्रांति के युग में किसान पीछे न छूट जाएं इसके लिए डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है।  अन्नदाता की आय में डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम से वृद्धि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अन्नादाता को कृषि संबंधित डाटा एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा रही है। किसान अब बीज, उर्वरक, मौसम, सिंचाई, बीमा, बाजार, लॉजिस्टिक और फसल से संबंधित डाटा आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल कृषि नीति को अतंराष्ट्रीय तकनीक से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश में डिजिटलीकरण, ई-मार्केट लिंकिंग, वेयरहाउसिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट उन्मुख नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान दे रही हैं। डिजिटल कृषि के विकास पर योगी सरकार द्वारा 4000 करोड़ की परियोजना को तेज गति से लागू करने के निर्देश दिए गए है।  कृषि मंडियों को तकनीक से जोड़ने पर किसानों को लाभ  उत्तर प्रदेश में पहले कृषक मंडियां पुराने ढर्रे पर चलती थीं जिसमें तकनीक का कोई विशेष योगदान नहीं था। इसकी वजह से अन्नदाता और खरीदारों के बीच पारदर्शी प्लेटफॉर्म की कमी थी। पुरानी व्यवस्था में बिचौलिये सारा फायदा उठा ले जाते थे और किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों का परिणाम है कि मंडियों का अब डिजिटलीकरण कर दिया गया है कि जिससे अन्नदाता को फसल और मौसम की सटीक जानकारी मिल रही है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।   ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सुविधाओं का विकास उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की पहुंच कोल्ड स्टोरेज तक सीमित थी। 2017 में यूपी की बागडोर संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस को बढ़ाने पर जोर दिया। देश के कुल स्टोरेज में से 40% कोल्ड स्टोरेज उत्तर प्रदेश में हैं। इस समय प्रदेश में लगभग 2500 कोल्ड स्टोर हैं। इसकी कुल भंडारण क्षमता 1.55 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। वर्तमान सरकार कोल्ड स्टोरेज के आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है और इसे किसानों की आय से भी जोड़ा गया है। प्रदेश में पीपीपी मॉडल से बड़ी संख्या में नए कोल्डस्टोरेज बन रहे हैं।  प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों से वैल्यू एडिशन और नई मार्केटिंग संभावनाएं बढ़ी उत्तर प्रदेश में कृषि प्रसंस्करण कृषि सेक्टर की नई संभावना बनकर उभर रही है। योगी सरकार का अन्नदाता की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान है। किसानों का उत्पादन अब खेतों से सीधे विदेश तक पहुंच रहा है। छोटे-छोटे गांवों में भी एग्रो प्रोसेस यूनिट, फूड पार्क और ODOP आधारित कृषि उत्पादों पर विशेष ध्यान है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार प्रदेश में लगभग 75 हजार खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित हैं। वहीं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत 428 इकाइयां लगाई जा चुकी हैं। सरकार ने हर जिले में एक हजार से अधिक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लक्ष्य के साथ खाद्य प्रसंस्करण विभाग हर गांव में कम से कम इकाई की स्थापना की योजना बना रहा है। इससे अन्नदाता को अपने कृषि उत्पादों का उचित दाम मिलेगा साथ ही किसानों-ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिल सकेगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम

जीवन के हर चरण में महिलाओं की मददगार बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जन्म से वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा करायी जा रही उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में व्यापक नीति-सुधार लागू किया है। राज्य सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों का एक समग्र ढांचा विकसित किया है, जो बच्ची के जन्म से लेकर पोषण, आर्थिक स्वावलंबन, संपत्ति के स्वामित्व तथा वृद्धावस्था तक सुरक्षा और सहारा प्रदान करता है। वर्ष 2025 के बजट में बालिका कल्याण योजनाओं, विवाह सहायता तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटन किया गया है, जिससे महिला कल्याण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास और प्राथमिकता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है। शिक्षा, पालन-पोषण तथा वित्तीय सहायता ने दी राहत उत्तर प्रदेश में समाज के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी का समग्र विकास हो सके। इस दृष्टि से, विशेष तौर पर बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेहद प्रभावी रही है, जिसने बालिकाओं की शिक्षा तथा पालन-पोषण में वित्तीय सहारा प्रदान कर लाखों परिवारों को राहत दी है। यह योजना जन्म से ही लड़कियों को अवसर प्रदान करने की नींव मजबूत करती है, जबकि सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान उपलब्ध कराती है। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को बेटी के जन्म या विवाह को लेकर आर्थिक बोझ महसूस न हो। ऐसे में, इस कड़ी में प्रदेश सरकार की लोककल्याणकारी योजनाएं बड़ा सहारा बनकर उभर रही हैं। संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं को छूट का प्रावधान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संपत्ति स्वामित्व को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण पर एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट प्रदान की जा रही है, जिससे एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर लेन-देन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। यह प्रावधान न केवल महिलाओं को संपत्ति की मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी प्रदान कर रहा है। योगी सरकार का मानना है कि महिलाएं जब आर्थिक रूप से स्वावलंबी होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। इसी उद्देश्य से आर्थिक नीतियों तथा भूमि-संपत्ति से जुड़े नियमों में महिलाओं के हित में सुधार किए गए हैं। पेंशन योजनाओं से वृद्धावस्था और दिव्यांग महिलाओं को सहारा जीवन चक्र के अंतिम चरण को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं से लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहारा मिलता है, जिससे जीवनयापन अधिक सम्मानजनक और सुरक्षित होता है। प्रदेश सरकार का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि जीवन के किसी भी चरण में महिलाएं असुरक्षित या उपेक्षित न महसूस करें। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के ये प्रयास महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त नीतिगत ढांचा प्रस्तुत करते हैं। यह पूर्ण-चक्र समर्थन मॉडल उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के नए मानक स्थापित करने वाले राज्यों में अग्रणी बना रहा है।

मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी

क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं धान खरीद में अब तक 1.51 लाख किसानों से 9.02 लाख एमटी की खरीद अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं मिड-डे मील व आंगनबाड़ी में फोर्टिफाइड चावल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश खरीद केंद्रों पर मैनपावर बढ़ेगा, धान उठान व मिल-मैपिंग की प्रक्रिया और सरल होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि धान क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे उनके खाते में पहुंच जाए। सोमवार को धान खरीद की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि धान खरीद की गति तेज हो और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का एमएसपी ₹2369 और ग्रेड-A का ₹2389 प्रति क्विंटल तय हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। अब तक 4,227 खरीद केंद्र संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाए, ताकि किसानों को अपने गांव-कस्बे के निकट ही सुविधा उपलब्ध हो सके। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 30 नवंबर तक 1,51,030 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एफआरके सप्लाई सुचारु रखने हेतु वेंडरों की संख्या बढ़ाई जाए और तकनीकी अड़चनों का तत्काल समाधान किया जाए। बैठक में बताया गया कि अब तक लगभग 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में उत्तीर्ण हुआ है। मुख्यमंत्री ने खरीद केंद्रों पर आवश्यकता के अनुसार मैनपावर बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र पर भीड़ न लगे और किसानों को वापस न जाना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने धान उठान, मिल-मैपिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि खरीद सुचारु और निरंतर गति में बनी रहे। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए और किसानों को दोनों वस्तु आसानी से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग स्टॉक और आपूर्ति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।

प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आमजन की समस्याओं के समाधान पर निगरानी रखें जनपदों में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो पीड़ितों ने अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग की, मुख्यमंत्री ने जल्द सहायता उपलब्ध कराने का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को किया दुलार, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने को कहा  लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से स्वयं मुलाकात की, उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याओं के निदान का आश्वासन किया। मुख्यमंत्री ने जनपद में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ितों की समस्याओं के स्थानीय स्तर पर समाधान पर विशेष जोर रहे। पुलिस से जुड़े मामलों में निष्पक्षता व पारदर्शिता पूर्वक कार्रवाई पर अधिकारी विशेष ध्यान दें।  42 से अधिक फरियादियों ने सीएम के समक्ष रखी अपनी फरियाद  ‘जनता दर्शन’ में 42 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक से मिलकर उनकी समस्याएं जानीं और उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। ‘जनता दर्शन’ में जमीनी विवाद, राजस्व व पुलिस से संबंधित भी कई मामले आए। इस पर सीएम ने निर्देश दिया कि पुलिस कार्रवाई निष्पक्षता व पारदर्शिता से सुनिश्चित की जाए। पुलिस आयुक्त, एडीजी, एसएसपी व एसपी जनता की समस्याओं की निगरानी रखें और प्रमुखता से उसके निस्तारण पर ध्यान दें।   हर पीड़ित की मदद के लिए खड़ी है हमारी सरकार  दो पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री ने दोनों फरियादियों को मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित की मदद के लिए खड़ी है। चिकित्सा के लिए नियमित रूप से पीड़ितों को आर्थिक मदद की जा रही है। आप भी एस्टिमेट बनवाकर उपलब्ध कराएं, सरकार मदद करेगी।  बच्चों को किया अपनत्व भरा दुलार  ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए। मुख्यमंत्री ने उन बच्चों को अपनत्व से दुलारा-पुचकारा, फिर उन्हें चॉकलेट दी। सीएम योगी आदित्यनाथ जी ने कुछ बच्चों का हालचाल भी जाना। सीएम ने उन्हें मन लगाकर पढ़ने और खूब नाम करने का आशीर्वाद दिया।